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जीतु पटवारी पर फिर हमला, 24 घंटे में दूसरी बार हुई हिंसा

नीमच सोमवार की दोपहर में नीमच दौरे पर पहुंचे मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पर आज एक बार फिर भीड़ में शामिल अज्ञात शख्स द्वारा हमला किया गया है। एक दिन पहले रतलाम दौरे के दौरान रास्ते में प्रदर्शन कर रहे धाकड़ समाज के लोगों के बीच से किसी अज्ञात हमलावर द्वारा पत्थर से हमला किया गया था, जिससे पटवारी के वाहन का कांच फूट गया। अभी इस मामले में गरमाई प्रदेश की सियासत शांत भी नहीं हुई है कि, आज नीमच दौरे के दौरान एक बार फिर जीतू पटवारी पर भीड़ में मौजूद अज्ञात शख्स ने हमला कर दिया। इस बार हमलावर ने पटवारी की ओर बोतल, कंकड़ और स्याही फेंकी है। शहर में आयोजित 'वोट चोर गद्दी छोड़' यात्रा के दौरान अचानक से तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। यात्रा जब शहर के 40 सर्किल पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीतू पटवारी के काफिले पर काली स्याही फेंकने की कोशिश की है। साथ ही, पीसीसी चीफ को काले झंडे दिखाते हुए उनके पोस्टर भी फाड़े गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने तो यहां तक दावा किया कि, रैली पर भीड़ से कंकर तक फैंके गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के कुछ वीडियोज भी सामने आए हैं, जिसमें यात्रा गुजरने के बाद मौके से बोतल, स्याही और कंकड़ पड़े दिख रहे हैं। घटना के बाद कुछ देर के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए थे। जीतू पटवारी पर हुए हमले के बाद भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पध एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के काफिले को सुरक्षित आगे बढ़ाया।

मंत्री सिंह ने कहा- बच्चों में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करें

भोपाल   स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि देश में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिये बच्चों में "एक भारत-श्रेष्ठ भारत'' की भावना को मजबूत किया जाना जरूरी है। हमारी विविधता भरी सांस्कृतिक विरासत पूरी दुनिया में भारत को अलग पहचान दिलाती है। मंत्री श्री सिंह सोमवार को भोपाल में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोविंदपुरा, भेल की वार्षिक पत्रिका "वीथिका'' का विमोचन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में संचालित हो रहे सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को तराशने का कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। सांदीपनि विद्यालय में बच्चों की सुविधा के लिये नि:शुल्क बस सेवा भी उपलब्ध करायी जा रही है। वार्षिक पत्रिका वीथिका विद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती पूनम अवस्थी ने बताया कि वार्षिक पत्रिका वीथिका में संविधान के 75वें वर्ष के मौके पर संविधान से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियों का समावेश किया गया है। उन्होंने बताया कि भेल सांदीपनि विद्यालय का स्वयं का भवन लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से जल्द बनकर तैयार हो जायेगा। विद्यालय में के.जी. से 12वीं तक करीब 1080 बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को हिन्दी और इंगलिश मीडियम में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। विद्यालय में पिछले वर्ष विभिन्न राज्यों की संस्कृति के आदान-प्रदान के लिये नागालैण्ड राज्य के बच्चों ने दौरा किया था। भेल विद्यालय के बच्चों ने मंत्री श्री सिंह को ट्रायबल पेंटिंग भी भेंट की।  

होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय में थायराइड विकार एवं मोटापे की विशेषज्ञ इकाई शुरू

भोपाल  भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हाइपोथायरायडिज्म एवं ओबेसिटी के लिए विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है। इस इकाई की स्थापना का उद्देश्य, थायराइड ग्रंथि की अनियमितताएं और उससे होने वाले मोटापे में होम्योपैथी की कारगर दवाओं के माध्यम से अनुसंधान एवं उपचार किया जाना है। इस इकाई के लिए भारत सरकार के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के अतिरिक्त सहायक चिकित्सकों एवं लैब विशेषज्ञों की एक टीम, स्थानीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में उक्त कार्यों के लिए उपलब्ध है। यह इकाई थायराइड ग्रंथि की अनियमिताओं से उत्पन्न होने वाले रोगों के त्वरित उपचार एवं इन रोगों के कारण आने वाले दीर्घकालिक प्रभाव पर केंद्रित कार्य करेगी। यह इकाई प्रतिदिन प्रातः 10 से दोपहर एक बजे तक उक्त रोगियों के पंजीयन एवं उपचार की सेवाएं प्रदान करेगी। इसके लिए दूरभाष क्रमांक 0755 299 2972 पर समस्त जानकारी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इच्छुक लाभार्थियों द्वारा अपना दूरभाष दिए जाने पर विशेषज्ञों द्वारा संपर्क किया जाएगा। समस्त उपचार शासकीय स्तर पर किया जाएगा। उपचार में होम्योपैथिक दवाओं के अतिरिक्त व्यायाम एवं आहार विशेषज्ञों द्वारा भी संपूर्ण स्वास्थ्य के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाएगा। प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इस प्रकार की हाइपोथायरायडिज्म से जनित मोटापे की यह प्रथम विशेषज्ञ इकाई है, जो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के माध्यम से स्थापित मापदंडों पर कार्य करेगी। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति प्रकृति के सिद्धांतों के अनुरूप शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमताओं को विकसित करके मनुष्य को दीर्घकालीन स्वास्थ्य एवं उच्च गुणवत्ता का जीवन प्रदान करती है। प्रायः रासायनिक दवाओं के उपयोग के पश्चात भी हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों का वजन बढ़ता चला जाता है, जो भविष्य में हड्डियों एवं जोड़ों की गंभीर समस्याओं को जन्म देता है। होम्योपैथी चिकित्सा के माध्यम से हाइपोथाइरॉएडिज्म के मरीजों को उपचारित करके, इस प्रकार की जटिलताओं से बचाया जा सकता है और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह समस्या विशेषकर महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है और समय रहते उपचार प्राप्त न करने के कारण 50 वर्ष के उपरांत महिलाएं हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं से बहुत बड़ी संख्या में प्रभावित होती हैं। यदि समय रहते प्राकृतिक एवं होम्योपैथी उपचारों से इसका नियंत्रण किया जाए तो व्यक्ति दीर्घायु होने के साथ-साथ रासायनिक पदार्थ से दूर रहकर भी स्वस्थ रह सकता है। वास्तविकता यह है कि वर्तमान परिवेश में जीवन के सामान्य परिवर्तन जैसे गर्भावस्था में होने वाले सूक्ष्म हार्मोनल परिवर्तन को भी रोग मानकर उनके लिए रासायनिक उपचार प्रदान किए जाते हैं, जिसके कारण वह महिला पूरे जीवन रसायनों पर आश्रित हो जाती है और एक कुचक्र में फंस जाती है जिससे निकलना असंभव हो जाता है। इस कार्य का उद्देश्य है कि जिन लोगों में सामान्य परिवर्तन एवं होम्योपैथी दवा के साथ उपचार किया जा सकता है, उनके लिए एक विशेषज्ञ इकाई के माध्यम से, उन्हें जीवन यापन के लिए संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाए। शासकीय होम्योपैथी चिकित्सालय के अतिरिक्त आयुष मंत्रालय भारत सरकार की संस्था द्वारा देश के पांच अन्य शहरों में इस प्रकार की विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है और इन संयुक्त प्रयासों से हाइपोथायरायडिज्म एवं उससे संबंधित मोटापे का कारगर उपाय एवं उपचार प्रदान करने की अद्वितीय पहल की गई है।

जनजातीय विकास की योजनाओं का लाभ उठाए राज्य, केंद्र देगा पूरा सहयोग

दो अक्टूबर की ग्राम सभा जनजाति विकास पर केंद्रित होगी केंद्रीय सचिव श्री नायर ने की समीक्षा भोपाल केन्द्रीय सचिव जनजाति कार्य मंत्रालय श्री विभु नायर ने कहा कि राज्य जनजातीय विकास की केंद्रीय योजनाओं का राज्य को भरपूर लाभ ले। भारत सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रधानमंत्री जनमन योजना और आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। सचिव श्री नायर सोमवार को मंत्रालय में जनजातीय कार्य विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। सचिव भारत सरकार श्री नायर ने कहा कि निचले स्तर पर जनजाति विकास का जो विजन तैयार होगा उसी के आधार पर भारत सरकार से धनराशि उपलब्ध होगी। उन्होंने सेवाओं के प्रदाय में सुधार के लिए ठोस प्लानिंग की बात कही। श्री नायर ने कहा कि गांव में मानव संसाधनों का उपयोग करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि जिन अशासकीय संगठनों की सेवाएं ली जाए उनकी ग्राम और विकासखंड स्तर पर अच्छी उपस्थिति हो। बहुउद्देशीय केन्द्रों में सूचना और शिक्षा सामग्री उपलब्ध रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास का कार्य केवल एक मंत्रालय या विभाग का कार्य नहीं है। यह सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए फीडबैक सिस्टम बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जनजाति बहुल गांवों में नई जिम्मेदारी के साथ विशेष विकास गतिविधियां लागू करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट के फेरे बढ़ाए जा सकते हैं। वन धन विकास केंद्र द्वारा तैयार बिजनेस प्लान पर चर्चा करते हुए श्री नायर ने कहा इसके लिए राशि बढ़ाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जाये। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत पर्यटन की गतिविधि की समीक्षा करते हुए श्री नायर ने कहा कि "स्वदेश दर्शन" की अवधारणा को देश में मध्य प्रदेश की पहल के आधार पर लागू किया गया। ट्राइबल स्किल सेंटर ब्लॉक और स्तर पर भी बन सकते हैं। पीएम जनमन योजना की कई उप योजनाओं में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अच्छा है। सभी लक्ष्यों को दिसंबर तक पूरा कर लें। भारत सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है। प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा ने जनजातीय विकास के कार्यों और भविष्य की कार्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आगामी दो अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा की अनिवार्य बैठक जनजातीय विकास कार्यों पर केंद्रित होगी। बैठक में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त जनजाति कार्य श्री श्रीमन शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।  

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने की मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की समीक्षा

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को अपेक्स बैंक, भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नियुक्तियों, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की वित्तीय स्थिति, खरीफ 2025-26 में अल्पावधि फसल ऋण वितरण, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना सहित कई विषयों पर विस्तृत चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ 2025-26 के लिए समय पर अल्पावधि फसल ऋण वितरण सुनिश्चित हो तथा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की सुविधा समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पैक्स समितियों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और पैक्स कंप्यूटरीकरण की प्रक्रिया को गति देने पर विशेष बल दिया। बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड संचालन को और सरल एवं सुलभ बनाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि किसान हितैषी नीतियों का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब जिला सहकारी बैंक मजबूत स्थिति में कार्य करें। इसलिए कमजोर जिला बैंकों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसे जल्द लागू किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, नाबार्ड की सीजीएम श्रीमती सी. सरस्वती, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक) श्री मनोज गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

प्रदेश में रीवाइल्डिंग से संतुलित होगी वाइल्डलाइफ इकोलॉजी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल बनेगी अन्य राज्यों के लिये वन संरक्षण का मॉडल भोपाल मध्यप्रदेश में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) सहित कई प्रजातियों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए पुनर्वास एवं पुनर्प्रवेश कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वैज्ञानिक पद्धति से इन प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने का प्रयास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिये 'रीवाइल्डिंग'की अभिनव पहल की गई है। रीवाइल्डिंग का उद्देश्य वाइल्डलाइफ इकोलॉजी को संतुलित कर लुप्त होती प्रजातियों को पुनर्जीवित करना, संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है। प्रदेश में की गई यह पहल अन्य राज्यों के लिए वन संरक्षण का मॉडल बनेगी। रीवाइल्डिंग का अर्थ है प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाना। इसके लिये जंगलों में उन प्रजातियों को पुनः बसाया जाता है, जिनके बिना पारिस्थितिकी तंत्र अधूरा है। इसमें शिकारी प्रजातियों और शिकार प्रजातियों को शामिल किया जाता है। माना जाता है कि इन प्रजातियों के बिना जंगल का आहार-संतुलन बिगड़ता है और नेचुरल लाइफ साइकिल टूट जाती है। ‘टाइगर स्टेट’ कहलाने वाला मध्यप्रदेश जैव विविधता से समृद्ध है। इसके बावजूद कई प्रजातियाँ विलुप्ति की कगार पर हैं। प्रदेश के वनों में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) की संख्या लगातार घट रही है। साथ ही बाघ और तेंदुए का संतुलन भी प्रभावित हुआ है। विलुप्त होती प्रजातियों को समय रहते पुनर्स्थापित कर जंगलों के साथ प्राकृतिक संतुलन को बनाये रखा जा सकता है। वन विभाग ने रीवाइल्डिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। स्वैम्प डियर और अन्य प्रजातियों को पुनः प्राकृतिक आवास में बसाया जाएगा। केवल किसी एक जानवर पर नहीं, बल्कि पूरे जंगल में घास-भूमि और नदी के परिदृश्य पर ध्यान देकर जानवरों को बसाया जाएगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), वन अनुसंधान संस्थान और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भी रीवाइल्डिंग के इस मिशन में सहयोग कर रहे हैं। जनजातीय और ग्रामीण समुदायों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें वन्यजीव पर्यटन के साथ ही आजीविका के नए अवसर मिल सकें। वन्यजीव वैज्ञानिकों का कहना है कि रीवाइल्डिंग केवल जानवरों को बचाने का कार्यक्रम नहीं है। यह जलवायु परिवर्तन से निपटने का सशक्त उपाय भीहै, क्योंकि जंगल कार्बन भंडारण बढ़ाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद करते हैं। इससे जंगलों के साथ ही जल एवं मृदा संरक्षणभी होता है, क्योंकि इकोलॉजी के संतुलन से प्राकृतिक संसाधन भी सुरक्षित रहते हैं। रीवाइल्डिंग वन्य पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाको सशक्त बनाने का भी माध्यम है। इससे जंगल में बिना मानवीय हस्तक्षेप के प्राकृतिक चक्र सक्रिय बना रहेगा। राज्य सरकार की यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब तक वन संरक्षण की नीतियाँ एक प्रजाति तक सीमित रहती थीं, किंतु रीवाइल्डिंग का फोकस पूरी तरह वाइल्डलाइफ इकोलॉजी पर है। यह प्रक्रिया देश के अन्य राज्यों में भी इकोलॉजी संतुलन के लिए मॉडल बन सकती है। प्रदेश में रीवाइल्डिंग का प्रयास इस बात का संकेत है कि सरकार और समाज के प्रयास अब वन और वन्यजीव संरक्षण से आगे जा कर प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाने की ओर अग्रसर हैं। इस पहल से मध्यप्रदेश वन्य जीवन संरक्षण में अग्रणी राज्य बनेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी प्रभुपाद की जयंती पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन भक्तों के वैश्विक संघ इस्कॉन के संस्थापकाचार्य, अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की जयंती पर पुण्य स्मरण कर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धा, भक्ति एवं ज्ञान के पवित्र ध्येय से स्थापित इस संघ को लोक कल्याण के लक्ष्य को प्राप्त करने की शुभकामनाएं दी।  

प्रकृति और‍विज्ञान के संतुलन पर केन्द्रित भारतीय परम्पराओं का गौरवपूर्ण प्रतीक है वैदिक घड़ी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित करेगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकृति और‍विज्ञान के संतुलन पर केन्द्रित भारतीय परम्पराओं का गौरवपूर्ण प्रतीक है वैदिक घड़ी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और ऐप का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के मोबाइल में डाउनलोड करवाया विक्रमादित्य वैदिक क्लॉक ऐप मुख्यमंत्री निवास पहुंची शौर्य स्मारक से आरंभ हुई भारत का समय-पृथ्वी का समय रैली मुख्यमंत्री निवास में स्थापित की गई विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतवर्ष ने अपने ज्ञान से सम्पूर्ण ब्रह्मांड को अलौकिक किया है। कालगणना की पद्धति 300 साल पहले तक हमारे देश से दुनिया तक जाती थी। भारतीय संस्कृति का प्रत्येक पहलु प्रकृति और विज्ञान का ऐसा विलक्षण उदाहरण है, जो विश्व कल्याण का पोषक है। इन्हीं धरोहरों के आधार पर निर्मित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परम्परा का गौरवपूर्ण प्रतीक है। इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित किया जा रहा है। विरासत-विकास-प्रकृति और तकनीक के संतुलन का प्रकटीकरण विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण और उसके ऐप लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राजा भोज पर यूट्यूब सीरीज के फोल्डर और खगोल विज्ञान पर फिल्म सीडी का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास के नवनिर्मित द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मंत्रोच्चार के बीच अनावरण किया। इस अवसर पर शौर्य स्मारक से आरंभ हुई 'भारत का समय-पृथ्वी का समय' रैली मुख्यमंत्री निवास पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैली में शामिल युवाओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप का लोकार्पण, राजा भोज पर निर्मित यू-ट्यूब सीरीज के फोल्डर का विमोचन और खगोल विज्ञान पर केन्द्रित फिल्म की सीडी का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक घड़ी के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आहवान किया और उपस्थित युवाओं से मोबाइल में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप भी डाउनलोड करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर वैदिक घड़ी भेंट की गई। भारतीय कालगणना में ऋतुओं के प्रभाव का विशेष महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सनातन संस्कृति के व्रत, त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर नहीं आते, उनकी गणना में ऋतुओं का प्रभाव शामिल है। सावन-भादो-कार्तिक माह का प्रभाव हम सब अपने जीवन में अनुभव कर रहे हैं। पूर्णिमा और अमावस्या का समुद्र पर प्रभाव ज्वार-भाटा से आंका जा सकता है, इससे हमारी तिथियों की सत्यता भी प्रमाणित होती है। मानसिक रोगियों पर अमावस्या और पूर्णिमा का प्रभाव चिकित्सा शास्त्र भी स्वीकार करता है। मानव शरीर संरचना में 70 प्रतिशत जल का अंश है, जो अमावस्या और पूर्णिमा पर प्रभावित होता है। इसी का परिणाम है कि मानसिक चिकित्सालयों को अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष सतर्कता बरतने के स्थाई निर्देश हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में समय की गणना सूक्ष्मतम स्तर तक की गई है। सनातन संस्कृति में सूर्योदय से सूर्योदय तक की गणना का विधान है। इस प्राचीन गणना में 30 मुहूर्त हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में विभिन्न सिद्धांतों पर विचार-विमर्श के लिए कोई बंधन या दंड नहीं है, जबकि कालगणना पर वैचारिक मतभेद के कारण मृत्युदंड देने का उद्धरण पश्चिम के इतिहास में मिलता है। पंचांग भारतीय कालगणना की शुद्धता और सटीकता का हैं जीवंत उदाहरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खगोलीय अध्ययन के लिए सूर्य से बनने वाली छाया के आधार पर सूर्य की गति की गणना की गई। उन्होंने बताया कि भारत का केन्द्र उज्जैन है और उज्जैन का केन्द्र वर्तमान में डोंगला में स्थित है। डोंगला का प्रसंग भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा से जुड़ता है। संभवत: डोंगला के इस महत्व से ही भगवान श्रीकृष्ण का आगमन हुआ था। पंचांग भारतीय कालगणना की शुद्धता और सटीकता का जीवंत उदाहरण हैं। पंचांग के विद्वान चंद्रग्रहण, सूर्यग्रहण, तिथि, नक्षत्र, वार, व्रत, त्यौहार और मुहूर्तों की जानकारी वर्तमान में भी त्वरित रूप से उपलब्ध कराते हैं। प्रदेशवासियों द्वारा दिया गया अधिकार और लोगों का भरोसा ही हमारी सरकार का आधार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास के द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री निवास केवल मुख्यमंत्री का नहीं, अपितु सभी प्रदेशवासियों की धरोहर है। प्रदेशवासियों द्वारा दिया गया अधिकार और लोगों का भरोसा ही हमारी सरकार का आधार है। भारतीय संस्कृति के अतीत के गौरवशाली पृष्ठों का प्रकटीकरण हमारा दायित्व है। इसी का परिणाम है कि हमारी कालगणना का केन्द्र उज्जैन है, परंतु कालगणना की पद्धति की जानकारी प्रदेश की राजधानी में हो, इसके लिए प्रयास करते हुए विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना भोपाल में की गई। भारतीय कालगणना की पद्धति की जानकारी का वैश्विक रूप से भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिक घड़ी के ऐप के माध्यम से हम अपने मोबाइल में वैदिक घड़ी का संचालन कर सकते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा और संस्कृति विभाग के इस आयोजन में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम आजादी के अमृतकाल में चल रहे हैं। पूरी दुनिया का समय बदल रहा है, पश्चिम के बाद अब पूर्व का समय आया है। प्रधानमंत्री मोदी विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए हैं प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दृष्टिकोण को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्हीं के प्रयासों से वर्ष 2014 में दुनिया के अंदर यूनेस्को के माध्यम से योग को पुनर्स्थापित किया गया। भारत का ज्ञान, कौशल और विशेषता केवल भारत के लिए नहीं है, यह समूची मानवता के लिए है। भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए इस भाव से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम निरंतर सक्रिय और अग्रसर हैं। सुशासन के उच्चतम मापदंडों के आधार पर वर्तमान व्यवस्थाओं का हो रहा है संचालन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन के आधार पर ही विक्रमादित्य काल वर्तमान समय तक याद किया जाता है। सुशासन के इन्हीं उच्चतम मापदंडों के आधार पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्तमान में व्यवस्थाओं का संचालन हो रहा है। उनके प्रत्येक निर्णय से देश … Read more

बैंक डकैती का मास्टरमाइंड पकड़ा गया! जबलपुर इसाफ बैंक लूट की गुत्थी सुलझी

जबलपुर  खितौला थानान्तर्गत हुई बैंक डकैती के मास्टरमाइंड को पुलिस ने साथी के साथ बिहार से गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड बैंक डकैती के आरोप में दो माह पूर्व ही रायगढ़ जेल से छूटा था। उसने देश के विभिन्न जिलों में एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड के पास से तीन किलो सोना बरामद किया है। बैंक डकैती में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गया का रहने वाला है आकाश दास जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि खितौला स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक डकैती के मास्टरमाइंड राजेश दास उर्फ आकाश दास को गया, बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन किलो सोना बरामद किया। बाकी का सोना अन्य सदस्यों को बांटना बताया है। यह जगहों पर की है बैंक डकैती वह बैंक डकैती का शातिर मास्टरमाइंड है। उसने साल 2011 से 2025 तक सासाराम, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ सहित अन्य स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती को वारदात को अंजाम दिया है। वह विगत 18 जून को जमानत पर रायगढ़ जेल से रिहा हुआ था। इसके दो माह बाद ही अपने साथियों के साथ खितौला बैंक डकैती को अंजाम दिया। 3 राज्यों की पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा  मामले में जबलपुर पुलिस आरोपी रईस लोधी को पहले ही पकड़ चुकी है। इसी की निशानदेही पर राजेश दास की तलाश की जा रही थी। इसके लिए बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया गया था। बिहार पुलिस को दो दिन पहले पता चला कि आरोपी गया में है। उसकी निगरानी करते हुए जबलपुर पुलिस को सूचना दी गई। वहां पहुंचने के बाद जबलपुर, झारखंड और बिहार पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। जबलपुर पुलिस दोनों आरोपियों को गया से लेकर सोमवार सुबह 11 बजे जबलपुर पहुंची। इन आरोपियों से अब बाकी के 11 किलो 800 ग्राम गोल्ड और 5 लाख रुपए कैश के बारे में पूछताछ की जा रही है। बिहार पुलिस की मदद से गिरफ्तार जबलपुर एसपी ने बताया कि गैंग के सहयोगी इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास को बिहार पुलिस की मदद से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की थी। उसी से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि उसके रुकने के लिए डोभी में व्यवस्था की गई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दबिश देकर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 11 अगस्त को हुई थी लूट गौरतलब है कि खितौला थानान्तर्गत स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा में सोमवार 11 अगस्त की सुबह 8.50 बजे हेलमेट पहनकर पहुंचे तीन युवकों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। लॉकर में रखे लगभग 15 किलो सोना और 5 लाख रुपए लेकर फरार हो गए थे। घटना के समय फाइनेंस बैंक में सिर्फ चार कर्मचारी ही मौजूद थे। आरोपी युवकों ने 20 मिनट में वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने जांच के बाद बैंक डकैती में शामिल तीन स्थानीय और एक दमोह निवासी युवक को गिरफ्तार किया था। जेल में हुई थी प्लानिंग दरअसल, पाटन निवासी रईस मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में छत्तीसगढ रायगढ़ जेल में बंद था। इस दौरान उसकी दोस्ती डकैती के आरोप में जेल में बंद बिहार गैंग से हुई थी। जेल में ही रईस और बिहार गैंग के सदस्यों ने बैंक डकैती की योजना तैयार की थी। दोस्त के नाम पर बाइक फायनेंस करवाई रईस ने अपने साथी हेमराज के नाम पर नई मोटरसाइकिल फाइनेंस करवाई थी। जिनका उपयोग घटना में किया गया। बैंक डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद बिहार गैंग के पांचों आरोपी इंद्राना स्थित मकान में पहुंचे थे। रईस और हेमराज ने उन्हें सुरक्षित दमोह तक पहुंचाया था। दमोह में रईस के साथी विकास चक्रवर्ती ने उनके खाने की व्यवस्था ढाबे में करवाई और कोलकाता एक्सप्रेस से झारखंड जाने के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था की। राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना  राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना है। उसकी गिरफ्तारी के बाद भी लूटा गया पूरा सोना बरामद नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ साथी बाकी सोना लेकर फरार हो गए हैं। वारदात के बाद से ही जबलपुर क्राइम ब्रांच और जिला बल की कई टीमें आरोपियों के पीछे लगी थीं। आईजी प्रमोद वर्मा ने गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। इंद्रजीत ने बताया राजेश दास का ठिकाना एमपी पुलिस को सफलता उस समय मिली जब बिहार और झारखंड की पुलिस ने दास गिरोह के सदस्य इंद्रजीत दास को गया जिले के गुरुवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में इंद्रजीत ने बताया कि गिरोह का सरगना राजेश रवि दास है और वह गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र में छिपा है। एमपी पुलिस ने बिहार और झारखंड पुलिस के साथ मिलकर गया में घेराबंदी की और मुख्य सरगना राजेश दास को पकड़ा। पूछताछ में उसने जबलपुर में डकैती करना स्वीकार किया। आपस में बांटा सोना-पैसा, खेत में छिपाया  आरोपी ने बताया कि लूटे गए रुपए और गोल्ड आपस में बांट लिए थे। राजेश को 3 किलो सोना और 50 हजार कैश मिले थे। जबकि लूट का बाकी सामान अन्य सदस्यों ने बांट लिए। आरोपी ने एक खेत में जेवर छिपाए थे, जिसे जब्त कर लिया गया है। बिहार का हार्डकोर डकैत, 12 शहरों में केस आरोपी राजेश दास मूल रूप से गया का रहने वाला है। वह बिहार का हार्डकोर डकैत है। उस पर 2011 से 2025 के बीच सासाराम, गया, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ (छत्तीसगढ़) सहित 12 शहरों में बैंक डकैती और डकैती के मामले दर्ज हैं। वह डकैती के मामले में रायगढ़ जेल में बंद था और 18 जून को ही छूटा था। इसी जेल में चोरी के आरोप में बंद रहे जबलपुर के रईस लोधी से उसकी मुलाकात हुई थी और वहीं खितौला बैंक डकैती की योजना बनी थी। हथियारबंद बदमाशों ने की थी बैंक में वारदात  11 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे हथियारबंद डकैत हेलमेट पहनकर बैंक में घुसे थे और कट्‌टा दिखाकर धमकाते हुए 15 मिनट में 14 किलो 800 ग्राम सोना, 5 लाख 70 हजार रुपए नकद लेकर भाग गए थे। मामले में पाटन उडना … Read more

यात्रियों की सहूलियत के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, इन 15 ट्रेनों में बढ़े फेरे

भोपाल   त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे 21 सितंबर से 30 नवंबर तक 150 पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। इससे उत्तर प्रदेश और बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। बिहार के यात्रियों के लिए 12000 से अधिक ट्रेनें चलाने की योजना है। इन ट्रेनों के चलने से यूपी-बिहार आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। इन सबके बीच रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के लिए नया ट्रेन शेड्यूल जारी किया गया है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नियमित ट्रेनों को अतिरिक्त फेरों में चलाकर वेटिंग और नो रूम जैसे हालात से निपटने का प्रयास किया जा रहा है। इन ट्रेनों के चलेंगी अतिरिक्तत फेरे ट्रेन संख्या 09025 वलसाड-दानापुर स्पेशल 29 दिसंबर ट्रेन संख्या 09026 दानापुर- वलसाड स्पेशल 30 दिसंबर ट्रेन संख्या 09031 उधना-जयनगर स्पेशल 28 दिसंबर ट्रेन संख्या 09032 जयनगर-उधना स्पेशल 29 दिसंबर ट्रेन संख्या 09039 उधना-धनबाद स्पेशल 26 दिसंबर ट्रेन संख्या 09040 धनबाद-उधना स्पेशल 28 दिसंबर ट्रेन संख्या 09045 उधना-पटना स्पेशल 26 दिसंबर ट्रेन संख्या 09046 पटना-उधना स्पेशल 27 दिसंबर ट्रेन संख्या 09343 डॉ. अंबेडकर नगर – पटना स्पेशल 25 दिसंबर ट्रेन संख्या 09344 पटना – डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल 26 दिसंबर ट्रेन संख्या 04156 उधना – सूबेदारगंज स्पेशल 30 दिसंबर ट्रेन संख्या 04155 सूबेदारगंज – उधना स्पेशल 29 दिसंबर ट्रेन संख्या 09044 बढ़नी-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल 29 दिसंबर ट्रेन संख्या 09117 उधना – सूबेदारगंज स्पेशल 26 दिसंबर ट्रेन संख्या 09118 सूबेदारगंज-उधना स्पेशल 27 दिसंबर