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NCTE पाठ्यक्रमों में तीसरे अतिरिक्त चरण का प्रवेश: 27 से 29 अगस्त तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

NCTE पाठ्यक्रम प्रवेश प्रक्रिया में तीसरा अतिरिक्त चरण, ऑनलाइन पंजीयन की तारीखें घोषित भोपाल उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये एनसीटीई पाठयक्रम संचालित करने वाले शासकीय/अनुदान प्राप्त अशासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए तृतीय अतिरिक्त चरण की समय सारणी जारी की है। जारी समय सारणी के अनुसार, एनसीटीई पाठयक्रमों में प्रवेश में लिए विद्यार्थी 27 से 29 अगस्त तक ऑनलाइन पंजीयन/आवेदन कर सकेंगे। पंजीकृत आवेदनों के दस्तावेजों का सत्यापन 27 से 30 अगस्त तक होगा। प्रवेश के लिये मेरिट सूची का प्रकाशन 1 सितंबर को होगा। विद्यार्थियों के लिए 2 सितंबर को सीट आवंटन जारी किया जाएगा। आवंटित हेल्प सेंटर पर मूल दस्तावेजों (टीसी, माइग्रेशन) के साथ भौतिक सत्यापन के लिए विद्यार्थियों को उपस्थित होकर 2 से 4 सितंबर तक लिंक इनिशिएट कराना होगा। विद्यार्थियों को आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क का भुगतान 2 से 6 सितंबर तक करना होगा। आवंटित महाविद्यालय में शुल्क के भुगतान की अंतिम तिथि 6 सितंबर है। प्रवेश शुल्क का भुगतान कर चुके आवेदकों का ही प्रवेश मान्य होगा। विद्यार्थियों का प्रवेश के लिए यह अन्तिम चरण होगा।  

उज्जैन में दूसरा ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव, सिंहस्थ 2028 और निवेश के मुद्दे पर विचार-विमर्श

उज्जैन  महाकाल की नगरी उज्जैन में आज 27 अगस्त को दूसरी ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव आयोजित होगी। होटल अंजुश्री में होने वाली इस कॉन्क्लेव में देशभर में मंदिरों के प्रमुखजन, बड़ी होटल चेन के मुखिया शामिल होंगे। इसमें स्पिरिचुअल क्षेत्र में होने वाले नवाचारों पर चर्चा होगी। मध्यप्रदेश सरकार का फोकस उज्जैन में निवेश लाना है। ऐसे में स्पिरिचुअल क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं के प्रमुखों को भी बुलाया गया है। होटल अंजुश्री में होने वाली इस कॉन्क्लेव में काशी विश्वनाथ और महाकाल जैसे मंदिरों में भीड़ प्रबंधन पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत निवेशकों से चर्चा करेंगे। उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को लेकर बड़े होटल समूह, एयरलाइंस और मंदिरों के लिए काम करने वाली टेक कंपनियां भी शामिल होंगी। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और पर्यटन विभाग मिलकर यह आयोजन कर रहे हैं। पीएचडी चैंबर द्वारा पहला ऐसा आयोजन पिछले साल अयोध्या में किया गया था। श्रीराम मंदिर अयोध्या, महाकाल और काशी विश्वनाथ जैसे मंदिरों में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के चलते भीड़ प्रबंधन पर सरकारी अधिकारी, विशेषज्ञ और धर्मगुरु चर्चा करेंगे। स्पिरिचुअल टूरिज्म सेक्टर में एआई, वर्चुअल रियलिटी जैसी तकनीकों के प्रभाव पर भी बात होगी। आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय पर्यटन संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इस आयोजन रूह-मान्टिक में शामिल होंगे। धर्मगुरु गौरांग दास प्रभु के अलावा केंद्र-राज्य के वरिष्ठ अफसर भी आयोजन में हिस्सा लेंगे। उज्जैन की आध्यात्मिक शक्ति और शहरी विकास पर चर्चा पीएचडी चैम्बर और केपीएमजी द्वारा धर्मस्थलों पर भीड़ प्रबंधन को लेकर बनी रिपोर्ट भी जारी होगी। महाकाल परिसर के आसपास की अर्थव्यवस्था, उज्जैन की आध्यात्मिक शक्ति और शहरी विकास पर भी बात होगी। कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बताया कि कॉन्क्लेव निवेश एवं भीड़ प्रबंधन के मकसद से आयोजित की जा रही है। इसमें सीएम और केंद्रीय मंत्री स्पिरिचुअल क्षेत्र में काम रही संस्थाओं के प्रमुखों के साथ सीधी बात करेंगे। इसके अलावा होटल चेन, एयरलाइंस एवं अन्य कंपनियों के लोगों से भी बातचीत होगी। समिट एक ही दिन की है और इसमें देशभर के ख्यात मंदिरों का संचालन कर रहे लोग आएंगे। वह लोग अपने यहां हो रहे प्रयोगों की जानकारी कॉन्क्लेव में देंगे। इसके मुताबिक उज्जैन में व्यवस्था जुटाई जाएगी। उज्जैन का प्रशासनिक दल लखनऊ पहुंचा उज्जैन सिंहस्थ के लिए चल रही तैयारियों को लेकर निजी समूह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा करेंगे। इनमें रेडीसन होटल समूह, इंडिगो, अकासा एयरलाइंस, ऑनलाइन ट्रेवल एजेंसियां आदि शामिल होंगी। आयोजन सिंहस्थ को लेकर कई निवेश समझौते भी हो सकते हैं। प्रयागराज कुंभ की व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाने के लिए उज्जैन का प्रशासनिक दल लखनऊ पहुंचा। इसमें सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीषसिंह, कलेक्टर रौशनकुमार सिंह, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और यूडीएम सीईओ संदीप सोनी शामिल हैं। कलेक्टर ने बताया कि प्रयागराज कुंभ में तैनात रहे अफसरों से वन टू वन चर्चा की जा रही है। उनके अनुभव के आधार पर उज्जैन सिंहस्थ में भी व्यवस्था जुटाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे द्वितीय वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन रूह mantic का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 27 अगस्त को उज्जैन में प्रदेश के द्वितीय वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन रूह mantic का शुभारंभ करेंगे। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मेलन में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम इंदौर रोड स्थित अंजुश्री होटल में प्रात: 10:30 बजे से पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा पर्यटन मंत्रालय और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास प्रभु मुख्य भाषण देंगे और सम्मेलन का आध्यात्मिक वातावरण तैयार करेंगे। पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला (आईएएस) और मध्य प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (पर्यटन) शिव शेखर शुक्ला (आईएएस) सहित वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में आध्यात्मिक पर्यटन पर पीएचडीसीसीआई-केपीएमजी की रिपोर्ट 'आस्था और प्रवाह: भारत के पवित्र स्थलों में जनसमहू का मार्गदर्शन' का विमोचन भी किया जाएगा।  

Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों को सितंबर में मिलेगा बड़ा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। एमपी की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त का महिलाओं को बेसब्री से इंतजार है। जानकारी के लिए बता दें कि लाड़ली बहना योजना के तहत आने वाली महिलाओं को हर महीने 1250 रुपये की राशि दी जाती है। ये राशि जल्द ही 1500 रुपये होने वाली है। सीएम मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में ऐलान किया था कि दीवाली के दो दिन बाद यानी भाईदूज से लाडली बहनों को 1500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे। कब आएगी 28वीं किस्त लाड़ली बहनों को योजना की 27वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले 7 अगस्त को जारी की गई थी। जिसके तहत 1.27 करोड़ हितग्राही महिलाओं के खाते में 1500 रुपये जारी किए गए थे। जिसमें रक्षाबंधन का शगुन भी शामिल था। वहीं 28वीं किस्त के लिए इतंजार कर रही महिलाओं को बता दें कि हर महीने योजना की राशि 10 से 15 तारीख के बीच जारी होती है। इस बार भी इन्हीं तारीखों के बीच राशि जारी की जाएगी। इस महीने से मिलेंगे 1500 रूपये मध्यप्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑफिसियल एक्स अकाउंट पर भी सीएम के ऐलान का वीडियो शेयर करते हुए इस बात की जानकारी दी गई है। इस बार दीपावली 18 अक्टूबर को है यानी की दो महीने बाद लाड़ली बहना योजना की किस्त में 250 रूपये की बढ़ोत्तरी कर दी जाएगी। भाई दूज से हर महीने मिलेंगे 1500 हालांकि अब वो दिन दूर नहीं है, जब खाते में हर महीने 1500 रुपये आना शुरू हो जाएंगे। अगले महीने सितंबर में आने वाली लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त के रूप में 1250 रुपये मिलेंगे। हालांकि अक्टूबर यानी महज सिर्फ एक महीने के बाद से ही हर महीने खाते में 1500 रुपये आने शुरू हो जाएंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि हर साल लाडली बहनों को मिलने वाली राशि को बढ़ाया जाएगा और साल 2028 तक लाभार्थियों के खाते में 3000 रुपये आने शुरू हो जाएंगे

भोपाल में ‘मछली’ परिवार पर शिकंजा, 12 पटवारी करेंगे नप्‍ती, 99 एकड़ जमीन विवादित

भोपाल  राजधानी भोपाल में 23 दिन में 7 प्रॉपर्टी जमींदोज करने व करीब 125 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के बाद जिला प्रशासन मछली परिवार पर फिर से शिकंजा कंसने वाला है। भोपाल के अनंतपुरा कोकता बायपास क्षेत्र में ही पशुपालन विभाग की 99 एकड़ जमीन का सीमांकन होगा। 27 अगस्त से जमीन की नप्ती का प्लान तैयार किया है। इसमें 2 राजस्व निरीक्षक और 12 से ज्यादा पटवारी जुटेंगे।  खबर है कि 99 एकड़ में से काफी हिस्से में मछली परिवार का दखल सामने आया है। एक कॉलोनी का कुछ हिस्सा भी शामिल हैं। इसलिए इसकी पड़ताल की जा रही है। मछली परिवार सहित 20 लोगों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं। कार्यवाही से पहले प्लान का प्रजेंटेशन भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को दिखाया गया। यह कार्रवाई गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव और तहसीलदार सौरभ वर्मा करेंगे।  99 एकड़ जमीन का सीमांकन करने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। यह जमीन 12 से 13 रकबे में है। एडीएम अंकुर मेश्राम ने बताया कि कार्यवाही को लेकर प्लान तैयार किया है। 27 अगस्त से सीमांकन की शुरुआत की जाएगी। कार्रवाई से पहले सोमवार को प्लान का प्रजेंटेशन भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को दिखाया गया। यह कार्रवाई गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव और तहसीलदार सौरभ वर्मा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, 99 एकड़ में से काफी हिस्से में मछली परिवार का दखल सामने आया है। एक कॉलोनी का कुछ हिस्सा भी शामिल हैं। इसलिए इसकी पड़ताल की जा रही है। मछली परिवार समेत 20 लोगों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं।  गोविंदपुरा अनुभाग की टीम सीमांकन में रहेंगी। यदि इसमें किसी का अवैध कब्जा सामने आता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जिला प्रशासन मछली परिवार की अन्य संपत्तियों की जांच में जुटा। इसी बीच पशुपालन विभाग ने कोकता बायपास स्थित 99 एकड़ जमीन का सीमांकन कराने के लिए आवेदन दिया था। अधिकारियों का दावा है कि इस जमीन पर भी मछली परिवार सहित 20 लोगों ने कब्जा किया है। इसके आधार पर प्रशासन ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। वही सभी 20 लोगों को नोटिस जारी किए।  23 दिन में ऐसे हुई कार्रवाई- ड्रग्स तस्करी और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार शाहवर मछली व उसके भतीजे यासीन के परिवार की अवैध कोठी को 21 अगस्त को गिरा दिया गया था। करीब 15 हजार स्क्वायर फीट एरिये में बनी कोठी, पोर्च, गैराज, पार्क था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपए आंकी गई है। इससे पहले 30 जुलाई को कार्रवाई की गई थी। जिसमें 6 संपत्तियों को जमींदोज कर 100 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई गई थी। 12 से 13 रकबा में पूरी जमीन जानकारी के अनुसार, 99 एकड़ जमीन का सीमांकन करने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। यह जमीन 12 से 13 रकबे में है। एडीएम अंकुर मेश्राम ने बताया कि कार्रवाई को लेकर प्लान तैयार किया है। बुधवार से सीमांकन की शुरुआत कर दी जाएगी। गोविंदपुरा अनुभाग की टीम सीमांकन में रहेंगी। यदि इसमें किसी का अवैध कब्जा सामने आता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। ताले खुले मिले, थाना प्रभारी को लिखा लेटर इधर, हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया ने बिलखिरिया कलां थाना प्रभारी को एक पत्र लिखा है। जिसमें बताया कि 30 जुलाई को कार्रवाई के दौरान तीन मंजिला बिल्डिंग को सील किया गया था। इस बिल्डिंग की ऊंचाई अधिक होने, पर्याप्त मशीन नहीं होने और महिलाओं के विरोध के चलते यह कार्रवाई की गई थी। 21 अगस्त को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान सील किए गए घर के ताले खोले गए थे। इसमें से एक ताला बदला पाया गया और एक ताला खुला मिला था। ऐसे में गड़बड़ी की आशंका है। इसलिए सील किए गए तालों के खोले एवं बदले जाने से संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। 23 दिन में ऐसे हुई कार्रवाई… ड्रग्स तस्करी और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन के परिवार की अवैध कोठी को 21 अगस्त को गिरा दिया गया था। करीब 15 हजार स्क्वायर फीट एरिये में बनी कोठी, पोर्च, गैराज, पार्क था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपए आंकी गई है। इससे पहले 30 जुलाई को कार्रवाई की गई थी। जिसमें 6 संपत्तियों को जमींदोज कर 100 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई गई थी। घेराबंदी कर गिरफ्तार किए गए थे शाहवर और यासीन- शाहवर मछली व उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी। यासीन के मोबाइल में ऐसे वीडियो भी मिले थे, जिनमें वह युवकों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटता दिख रहा था। मोबाइल में युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे। सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब व लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी। 21 अगस्त को कोठी को तोड़ने की कार्रवाई की गई थी। इन दोनों कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन मछली परिवार की अन्य संपत्तियों की जांच में जुटा। इसी बीच पशुपालन विभाग ने कोकता बायपास स्थित 99 एकड़ जमीन का सीमांकन कराने के लिए आवेदन दिया। अफसरों का दावा है कि इस जमीन पर भी मछली परिवार सहित 20 लोगों ने कब्जा किया है। इसके आधार पर प्रशासन ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया और सभी 20 लोगों को नोटिस जारी किए। बता दें कि कोकता बायपास पर मछली परिवार के नाम पर 26 एकड़ जमीन दर्ज है। इसमें 12 एकड़ पर कोर्टयार्ड प्राइम नामक कॉलोनी में 250 प्लॉट काटे गए, जबकि 14 एकड़ देवेंद्र लोधी (लोधी बिल्डर्स) को बेचकर कोर्टयार्ड कस्तूरी कॉलोनी बनाई गई है। दोनों कॉलोनियां टीएंडसीपी से अप्रूव हैं। घेराबंदी कर गिरफ्तार किए गए थे शाहवर और यासीन शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से … Read more

मध्यप्रदेश बना देश का सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक, सब्जी उत्पादन में तीसरे नंबर पर

उद्यानिकी स्टोरी भोपाल  मध्यप्रदेश देश में सब्जी उत्पादन की दृष्टि से तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश में किसानों द्वारा 12 लाख 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। इनमें सर्वाधिक उत्पादन टमाटर का है, उल्लेखनीय मध्यप्रदेश टमाटर के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में 2024-25 में एक लाख 27 हजार 740 हैक्टर में टमाटर की खेती की गई है इसमे 36 लाख 94 हजार 702 मीट्रिक टन का उत्पादन संभावित है। विगत 4 वर्षों में प्रदेश में टमाटर के रकबे में 16,776 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। वर्ष 21-22 में प्रदेश में 1,10,964 हेक्टेयर में किसानों द्वारा टमाटर की खेती की गई थी जो वर्ष 24-25 में बढ़कर 1 लाख 27 हजार 740 हेक्टेयर हो गया है, जो बाजार में टमाटर की मांग और प्रदेश के टमाटर की पहचान का ही परिणाम है। मध्यप्रदेश के टमाटर की महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में बहुत माँग है। किसानों की मेहनत और सरकार की योजनाओं का परिणाम है कि टमाटर का उत्पादन सब्जियों में सर्वाधिक 28.92 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। प्रदेश में उद्यानिकी फसलों की औसत उत्पादकता 15.02 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का कुल रकबा 26 लाख 91 हजार हेक्टर में से प्रदेश में किसानों द्वारा 12 लाख 40 हजार  हेक्टेयर में  245 लाख 98 मीट्रिक टन सब्जी का उत्पादन कर देश में तीसरे स्थान पर बना हुआ है। सब्जियों फसलों में टमाटर, धनिया और लहसुन के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। कुछ वर्षों से किसानों में टमाटर उत्पादन के प्रति आकर्षण बढ़ा है। राज्य सरकार भी टमाटर के बीज 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। टमाटर पर आधारित लघु उद्योगों की संख्या भी बड़ी है। PMFME योजना से किसानों को फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगना आसान हुआ है।  अनूपपुर जिले के किसानों ने टमाटर उत्पादन में रचा नया इतिहास अनूपपुर जिले के 15 हजार किसानों ने टमाटर की खेती कर एक लाख 40 हजार मीट्रिक टन टमाटर की रिकॉर्ड पैदावार की है। जिले के तीन प्रमुख क्लस्टर जैतहरी, अनूपपुर और पुष्पराजगढ़ में टमाटर की खेती व्यापक रूप से की जा रही है। इससे लगभग 15,500 किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। जिले में हाइब्रिड एवं स्थानीय किस्मों के टमाटर की खेती की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा बीज ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति पर 50-50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इससे किसानों की लागत कम और उत्पादन के साथ आय बेहतर हुई है। अनूपपुर जिले का टमाटर मध्यप्रदेश के शहडोल, रीवा और सतना सहित छत्तीसगढ़ के रायपुर, अंबिकापुर, बिलासपुर और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों तक भेजा जा रहा है। इससे किसानों को बाजार की उपलब्धता के साथ-साथ बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। किसानों की आय वृद्धि के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर विपणन सुविधा भी उद्यानिकी विभाग द्वारा विकसित की गई है। टमाटर की खेती में प्रति हेक्टेयर 50 से 60 हजार रुपए की लागत आती है। इससे किसानों को डेढ़ से 2 लाख रुपए तक का मुनाफा प्राप्त हो रहा है। प्रति एकड़ के हिसाब से यह मुनाफा एक लाख रुपए तक पहुंच रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।  

भूपेंद्र रघुवंशी की मौत से शोक, इंदौर में कारोबारी ने खाई जान

इंदौर मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में मंगलवार को शराब कारोबारी और पब संचालक भूपेंद्र रघुवंशी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। साथ ही मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की भवानी काॅलोनी में रहने वाले भूपेंद्र रघुवंशी नामक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। एसीपी शिवेंद्र जोशी ने बताया है कि पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जो पांच पन्नों का है। इसमें जिन बातों का जिक्र है, पुलिस उनकी जांच कर रही है। भूपेंद्र पब और क्लब चलाते थे। पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें पैसों की मांग और किसी प्रकरण में फंसाए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस सुसाइड नोट में दर्ज बातों की जांच कर रही है। इसमें एक महिला का भी जिक्र किया गया है, लेकिन पुलिस अभी उसकी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि भूपेंद्र ने ब्लैकमेलिंग और मानसिक तनाव से परेशान होकर यह कदम उठाया है। पांच पन्नों के सुसाइड नोट में मृतक ने आत्महत्या के पीछे के कारणों का विस्तार से उल्लेख किया है। सुसाइड नोट में एक महिला सहित कई अन्य लोगों पर उसे लगातार परेशान और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है। मृतक ने अपने नोट में यह भी लिखा है कि वह इन परिस्थितियों से तंग आ चुका था और अब संघर्ष करने की स्थिति में नहीं है। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट के आधार पर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो संबंधितों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। भूपेंद्र की आत्महत्या से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि मृतक को लंबे समय से कुछ लोग ब्लैकमेल और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उसी से तंग आकर भूपेंद्र ने यह कदम उठाया है।

श्रमिकों के कल्याण के लिये संकल्पित है मध्‍यप्रदेश श्रम कल्‍याण मंडल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिये संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। श्रमिकों के कल्याण के लिये म.प्र. श्रम कल्याण मंडल कार्यरत है। विधानसभा के मानसून सत्र में श्रमिकों के हितार्थ नियमों में संशोधन विधेयक पारित किये गये हैं। म.प्र. श्रम कल्याण मंडल का प्रथम बार गठन राज्‍य शासन द्वारा म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 की धारा 4 एवं सहपठित नियम 5 के अन्तर्गत 14 नवम्बर 1987 को किया गया। वर्तमान में मंडल का पुन:गठन राज्य शासन द्वारा 5 जुलाई 2023 को किया गया। संचालक मंडल का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। मंडल के गठन का मुख्य उद्देश्‍य संगठित क्षेत्र में प्रदेश में स्‍थापित औद्योगिक इकाइयों एवं स्‍थापनाओं में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों के समग्र कल्याण के लिये सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता, शैक्षणिक विकास तथा खेलकूद संबंधी गतिविधियों का संचालन करना है। म.प्र. श्रम कल्‍याण निधि अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत औद्योगिक इकाईयों एवं स्‍थापनाओं द्वारा मंडल को 40 रूपये प्रति छह प्रति श्रमिक अभिदाय देय होता है। नियो‍जक का न्‍यूनतम अभिदाय रूपये 1500/- प्रति छह के लिये निर्धारित है। मंडल की योजनाऐं एवं गतिविधियाँ मंडल द्वारा वर्तमान में शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना, शिक्षा प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार योजना, विवाह सहायता योजना, अंतिम संस्‍कार सहायता योजना, कल्‍याणी सहायता योजना, उत्‍तम श्रमिक पुरस्‍कार योजना, श्रमिक साहित्‍य पुरस्‍कार योजना एवं अनुग्रह सहायता योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्‍त मंडल द्वारा संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं राज्‍य स्‍तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है। मंडल प्रदेश के 27 स्‍थानों पर श्रम कल्‍याण एवं कौशल उन्‍नयन केन्‍द्रों का संचालन किया जाता है, जिसमें से 17 स्‍थानों पर श्रमिक परिवार की महिलाओं को सिलाई का नि:शुल्‍क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंडल ने विभिन्‍न योजनाओं के अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2001-02 से वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में 15 अगस्त 2025 तक कुल 7 लाख 45 हजार 979 हितग्राहियों को हितलाभ राशि रूपये 52 करोड़ 51 लाख 81 हजार 179 का वितरण किया गया है। 

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने दी श्री गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने श्री गणेश चतुर्थी और गणेश उत्सव के शुभारंभ पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। श्री देवड़ा ने विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि भगवान श्री गणेश की कृपा और आशीर्वाद से सभी प्रदेशवासी सुखी और समृद्ध हों। श्री देवड़ा ने श्री गणेश चतुर्थी पर लोगों से शांति और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर श्री गणेश उत्सव को खुशी और उत्साह के साथ मनाने की कामना की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वदेशी का उपयोग कर प्रोत्साहित करने का आहवान किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है

पिछले 11 वर्षों में 30% बढ़ी सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्युत कार्मिकों को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया अभिनन्दन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है। गर्व का विषय है कि हम उद्योगों और किसानों सहित सभी प्रदेशवासियों की बिजली की मांग के साथ देश की बिजली की जरूरत को भी पूरा कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। अब इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि वर्ष 2047 तक बिजली की कोई कमी नहीं होगी, प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में सरप्लस रहेगा। प्रदेश में विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। देश में क्लीन एनर्जी के लिए गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा 30 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरण और अभिनंदन समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को औषधीय पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। इससे बिजली कम्पनियों की स्थिति सुदृढ़ होगी। किसान भाइयों को लगभग 20 हजार 267 करोड़ रुपए की सब्सिडी इस वर्ष दी जा रही है। प्रदेश के एक करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली विभाग ने 6445 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश में बिजली तैयार करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है। राज्य के 32 लाख किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में उत्पादित क्लीन एनर्जी से बिजली, उद्योग का रूप ले रही है। प्रदेश के अन्य विभागों द्वारा अपनी स्वयं की बिजली बनाने की पहल लोक स्वास्थ्य विभाग ने आरंभ की है। इससे ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ेगी तथा प्रबंधन के लिए दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए संकल्पित है। बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्य़त कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत सभी बिजली कंपनियों के लिये 51 हजार से अधिक नियमित पद स्वीकृत करने पर ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी पहना कर तथा अंग वस्त्रम और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र का वाचन भी किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त कर्मिकों के अभिभावक भी उपस्थित थे। बिजली कंपनियों को मिला जीवनदान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ी संख्या में नियुक्ति देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली कंपनियों को जीवनदान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित पद स्वीकृत किये गये हैं। इसीलिये आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग लगातार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के हित में कार्य कर रहा है। किसानों को अब कड़कड़ाती ठंडी रातों में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। अब इन्हें सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने अधोसंरचना सुधार के लिये राशि की जरूरत पर भी बल दिया। प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि 1000 से अधिक युवा आज ऊर्जा विभाग से नियुक्ति-पत्र लेकर जाएंगे। उनका और उनके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन है। प्रदेश की 6 ऊर्जा कंपनियों में 51 हजार 700 नए स्थाई पद स्वीकृत किए गए हैं। यह प्रयास प्रदेश को भारत में ऊर्जा क्षेत्र में नए मानकों के साथ स्थापित करेगा। ऊर्जा विभाग ने हमेशा प्रदेश और देश की ऊर्जा मांग को पूरा किया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग सौर ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में आने वाले नए उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों का उनके सहयोग के लिये आभार माना। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री, एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री अविनाश लवानिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

सरकार ने जारी किया आदेश: होटल और पेट्रोल पंप के टॉयलेट अब आम लोगों के लिए खुलेंगे

भिंड जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) की पहल पर अब नगर निकाय क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंपों में स्थित शौचालय आम नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस संबंध में डूडा कार्यालय द्वारा नगरीय निकाय को आदेशित किया गया है। अगर इनका उपयोग करने से कोई रोकता है तो संबंधित पर चालानी कार्रवाई भी की जा सकती है। नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान बता दें कि डूडा कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी नगरीय निकायों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीनस्थ वार्डों में संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप आदि पर बने सार्वजनिक शौचालयों को नागरिकों के लिए उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, इन संस्थानों पर स्थित शौचालयों की नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। नपा अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था स्वच्छता मिशन एवं जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ और सुलभ शौचालय उपलब्ध होने से लोगों को सुविधा मिलेगी और खुले में शौच की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। साफ-सफाई न रखने पर भी कार्रवाई करने का नियम स्थानीय निकायों को साफ-सफाई की नियमित जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश से यात्रियों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें शहरी सीमा क्षेत्रों में स्वच्छ शौचालयों की सुविधा आसानी से मिल सकेगी। नपा टीम कर रही निरीक्षण शहर में इन दिनों प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया, नरेंद्र गुप्ता के द्वारा शहर में रेस्टोरेंट, होटल व पेट्रोल पंप का सर्वे किया जा रहा है। मंगलवार को नपा टीम के द्वारा शहर के इटावा रोड स्थित पेट्रोल पंप, 17वीं बटालियन सहित अन्य पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया गया। प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जिन पेट्रोल पंप पर टॉयलेट नहीं बने हुए हैं या फिर उपयोग करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे टॉयलेट को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित संचालकों को निर्देशित किया जा रहा है। जिन पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट में टॉयलेट नहीं हैं, उनमें टॉयलेट का निर्माण कराए जाने को लेकर निर्देश दिए जा रहे हैं। टॉयलेट में ताला डालकर नहीं कर सकते बंद बाजार व अन्य स्थानों पर संचालित होटल, रेस्टोरंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट के गेट पर ताला डालकर बंद नहीं किया जा सकता। इस टॉयलेट का उपयोग आम नागरिक कभी भी कर सकते हैं। साथ ही टॉयलेट में नियमित साफ-सफाई कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित प्रतिष्ठान की होगी। अगर किसी टॉयलेट में गंदगी मिलती है या ताला डला मिलता है तो उस पर दो हजार या इससे अधिक तक का चालान भी किया जा सकता है। राजीव जैन, स्वास्थ्य अधिकारी, नपा – भिंड  ने बताया- होटल, रेस्टोरेंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट उपयोग करने लायक हैं या नहीं इसके निरीक्षण को लेकर स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है। इनमें से अगर कोई आम लोगों को टॉयलेट का उपयोग करने से रोकता है तो संबंधित के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।