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लू से जनजीवन प्रभावित, जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात, अगले दिनों में 48 डिग्री तक तापमान की आशंका

जैसलमेर देशभर में सबसे गर्म राजस्थान का रेगिस्तान बुरी तरह तप रहा है. जैसलमेर भी भीषण गर्मी की चपेट में है. सूरज की तेज तपिश और गर्म हवाओं ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है. तापमान 46 डिग्री के पार होने के साथ ही मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. गर्मी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है कि मोबाइल फोन भी गर्मी के चलते ओवरहीट होकर बंद हो रहे है. शहर के चौराहों पर जब हमारी टीम कवरेज कर रही थी तो मोबाइल तक बंद होते नजर आए. मुश्किल यही खत्म नहीं होगी, बल्कि अगले 4 दिनों के भीतर पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है. लगातार बढ़ता तापमान लोगों को परेशान कर रहा है.   50 डिग्री जैसी गर्मी का अहसास…! भीषण गर्मी के बीच दोपहर में जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात नजर आते है. लोगों का कहना है कि तापमान 46 से 47 डिग्री तापमान पहुंच गया है, लेकिन एहसास 50 डिग्री जैसा हो रहा है. गर्मी से बचने के जतन विफल हो गए है. अगले 96 घंटे जैसलमेर में लू की चेतावनी के साथ ही स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं. बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा सुबह 10 बजे के बाद से गर्म हवाएं चलना शुरू हो जाती हैं, जिसका शाम 7-8 बजे तक रहता है. लगातार बढ़ती गर्मी और तीखी धूप से बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है. दोपहर के समय लोग घरों में रहने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य विभाग की अपील जान लीजिए लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. पशुपालन विभाग ने भी पशुपालकों को अलर्ट जारी करते हुए पशुओं को छांव में रखने, पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और दोपहर में चराई से बचाने की अपील की है.

कड़ेल गांव में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खाया खाना, सब्जियों की की तारीफ

 अजमेर जस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को अजमेर जिले के दौरे पर रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री का यह दौरा उस समय खास बन गया, जब अजमेर के कड़ेल गांव के एक घर में सीएम भजनलाल ने भोजन किया. मुख्यमंत्री ने कड़ेल गांव निवासी 59 वर्षीय लादूराम मेघवाल के घर पहुंचकर बेहद आत्मीय माहौल में खाना खाया. लादूराम मेघवाल गांव में मजदूरी और मकान निर्माण का कार्य करते हैं. उनके परिवार में चार बेटे, बहुएं और पोते-पोतियां शामिल हैं. इस दौरान सीएम भजनलाल घर की खाट पर परिवार के बीच बैठे और ग्रामीण परिवेश का आनंद लेते हुए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री ने की सब्जी की तारीफ भोजन करने के दौरान मुख्यमंत्री ने खास तौर पर काचरी और ग्वार फली की सब्जी की जमकर तारीफ की. लादूराम मेघवाल के घर में बने भोजन के स्वाद से प्रभावित होकर उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा कि यह स्वादिष्ट सब्जी किसने बनाई है. इस पर लादूराम की पत्नी गीता ने बताया कि भोजन उन्होंने स्वयं तैयार किया है. तभी मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनकी पत्नी का नाम भी गीता है. मुख्यमंत्री की इस बात पर घर में मौजूद सभी लोग हंस पड़े और माहौल ठहाकों से गूंज उठा. ग्रामीण परिवार और मुख्यमंत्री के बीच बना यह आत्मीय संवाद पूरे कार्यक्रम का सबसे यादगार पल बन गया. 3 दिन से सीएम के स्वागत चल रही थी तैयारी लादूराम मेघवाल की पत्नी गीता ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत और भोजन की तैयारी पिछले तीन दिनों से लगातार की जा रही थी. परिवार ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन तैयार किए. भोजन में काचरी की सब्जी, पनीर की सब्जी, ग्वार फली की सब्जी, ताजा रोटियां और चावल मुख्यमंत्री को परोसे गए. मुख्यमंत्री ने भोजन की सादगी और स्वाद की सराहना करते हुए परिवार की मेहनत की तारीफ की. गांव के एक सामान्य मजदूर परिवार के घर मुख्यमंत्री का इस तरह बैठकर भोजन करना ग्रामीणों के लिए भी चर्चा का विषय बना रहा और पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद इससे पहले कड़ेल ग्राम पंचायत में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल' के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के साथ बातचीत की, जिसमें महिलाओं ने गृहणी से लखपति दीदी बनने के अपने सफर के अनुभव को साझा किया. महिलाओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना में महिलाओं को मिलने वाले ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है. वहीं, ब्याज को 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत किया है.

राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने साझा किए अनुभव, सरकार की योजनाओं से बदली आर्थिक स्थिति

पुष्कर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को पुष्कर के कड़ैल में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया, जिसमें लखपति दीदियों ने अपने-अपने अनुभव साझा. सीएम भजनलाल ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से समक्ष बनाने के लिए काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण के विभिन्न कार्य हो रहे हैं. जिसमें घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाकर योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना शामिल है. महिलाओं के लिए मां वाउचर योजना शुरू सीएम भजनलाल ने कहा कि हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए मा वाउचर योजना शुरू की है. बालिकाओं को साइकिल व स्कूटी वितरण किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी योजना प्रारंभ की. जिसमें महिलाएं कृषि सखी, बैंक सखी, पशु सखी, ड्रोन दीदी जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. राजीविका के माध्यम से प्रदेश में 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं. हमारी सरकार महिलाओं को टेबलेट वितरण भी कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की मजबूत पहल की. इससे पहले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास रथ एवं कला जत्थों का अवलोकन किया. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान डाटा सखी प्रियंका गोस्वामी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर विभिन्न भूमिकाएं निभाई, जिससे मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी. राजीविका के तहत मुझे लोन मिला, जिससे मैंने पशुपालन करके अपनी आजीविका बढ़ाई. 2020 से मैं डाटा सखी का काम कर रही हूं. इससे भी मेरी आमदनी बढ़ी है. राज्य सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये का लोन 1.5 प्रतिशत ब्याज पर हमे मिल रहा है. वहीं, पशु सखी लक्ष्मी कंवर ने बताया कि मैं पहले साधारण गृहणी थी, लेकिन राजीविका की वजह से आज लखपति दीदी हूं. परिवार की ओर से सहयोग मिला, जिससे मैं घर के बाहर जाकर काम कर पाई. पशु सखी के रूप में काम कर रही हूं. मुझे जो लोन मिला उससे मैंने पशुपालन करना शुरू किया. इससे आज मेरी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है. महिलाओं को आगे बढ़ने के अच्छे अवसर मिल रहे हैं.

बीजेपी में बड़ी तैयारी: राजस्थान में बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों की पहली सूची जल्द संभव

जयपुर राजस्थान में जल्द राजनीतिक नियुक्तियों की पहली सूची आ सकती है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे के बाद सत्ता और संगठन में हलचल तेज हो गई है. सीएम ने दिल्ली में बीजेपी संगठन महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की. इन बैठकों को राजस्थान में सत्ता-संगठन से जुड़े बड़े फैसलों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक बैठकों में सबसे ज्यादा चर्चा लंबे समय से अटकी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर हुई. नियुक्तियों पर होमवर्क पूरा बताया जा रहा है कि भाजपा संगठन और राज्य सरकार ने बोर्ड, निगम, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर पूरा होमवर्क कर लिया है. अब सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मंजूरी बाकी है. चर्चा है कि चुनाव हारने के बाद हाशिए पर गए करीब एक दर्जन वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. इसके साथ ही लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को भी एडजस्ट करने की तैयारी है. इन नेताओं का नाम दौड़ में सबसे आगे राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, राजपाल सिंह शेखावत, डॉ. रामप्रताप, अभिषेक मटोरिया, कनकमल कटारा, मोहनलाल गुप्ता, निर्मल कुमावत, नारायण पंचारिया, अजयपाल सिंह, चंद्रकांता मेघवाल, संतोष अहलावत जैसे नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष से संगठन को मजबूत करने पर चर्चा मुख्यमंत्री ने आज (10 मई) दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई दी. इस अवसर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई. किसी भी वक्त मिल सकती है हरी झंडी भाजपा इन नियुक्तियों के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और संगठनात्मक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है. साथ ही चुनाव हार चुके नेताओं को नई भूमिका देकर कार्यकर्ताओं में राजनीतिक संदेश देने की भी तैयारी मानी जा रही है. सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद शुरू हो सकती है.

यूडी टैक्स बकाया पर नगर परिषद की सख्ती, गर्ग पैलेस सीज

करौली शादी के सीजन में करौली के मैरिज होम संचालकों के सामने परेशानी पैदा हो गई है. मैरिज होम सील होने की कार्रवाई शुरू होने के साथ ही हड़कंप मच गया है. नगर परिषद ने नगरीय विकास शुल्क (यूडी टैक्स) की बकाया राशि को लेकर सख्त कार्रवाई की है. हिंडौन दरवाजा स्थित गर्ग पैलेस उर्फ आशा पैलेस को सीज कर दिया गया है. सिर्फ यही एक मैरिज होम नहीं है, बल्कि 14 मैरिज गार्डन संचालकों को पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं. 11 लाख रुपए बकाया होने के चलते एक्शन रविवार को कार्यवाहक नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा समेत परिषद की टीम हिंडौन दरवाजा स्थित गर्ग पैलेस पहुंची. टीम ने मैरिज हॉल के मुख्य द्वार पर सील लगाते हुए बकाया राशि जल्द जमा कराने के निर्देश दिए. मैरिज हॉल पर करीब 11 लाख रुपये से अधिक का विकास शुल्क बकाया था. कार्रवाई के बाद शहर के अन्य मैरिज गार्डन संचालक भी हरकत में आ गए हैं. निगम की चेतावनी के बाद भी माने संचालक पिछले माह शहर के बड़े मैरिज गार्डन और पैलेस संचालकों को करीब 1.25 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है. इसके भुगताने के लिए निगम ने नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. कई संचालकों ने बकाया राशि जमा करवाई, जबकि कुछ ने अतिरिक्त समय मांगा. लेकिन गर्ग पैलेस संचालक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नगर निकाय अधिनियम के तहत सीज की कार्रवाई की गई. 10-10 लाख से भी ज्यादा का बकाया नगर परिषद द्वारा जारी नोटिस में कई बड़े मैरिज गार्डनों पर लाखों रुपये का यूडी टैक्स बकाया बताया गया था. इनमें भंवर विलास पैलेस पर 19.10 लाख, बाबूभाई पैराडाइज पर 14.07 लाख, आशीर्वाद मैरिज होम पर 11.87 लाख, लक्ष्मी मैरिज गार्डन पर 11.60 लाख, गर्ग पैलेस पर 11.01 लाख और करौली इन मैरिज गार्डन पर 10.76 लाख रुपये बकाया शामिल हैं. इसके अलावा वृन्दावन गार्डन, जिंदल मैरिज गार्डन, गोवर्धन पैलेस, लाडली पैलेस, द्वारिकाधीश, शिवशक्ति, गणेश बैंक्वेट हॉल और शिवलॉज को भी नोटिस जारी किए गए हैं.

कोटा के गणेशपुरा में सालों पुरानी पानी की समस्या का समाधान शुरू

कोटा कोटा शहर से सटे गणेशपुरा गांव में अब सालों पुरानी पेयजल समस्या खत्म होने जा रही है. गांव में चंबल का शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है. लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी, हैंडपंप और बोरिंग के सहारे जिंदगी गुजारने वाले ग्रामीणों में अब नई उम्मीद जगी है. ग्रामीणों ने इस पहल के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और स्थानीय विधायक कल्पना देवी का आभार जताया है. सालो बाद गांव की मांग पूरी होने पर कैसे है माहौल गांव का.. पढ़ें र‍िपोर्ट   फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर थे लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के गणेशपुरा गांव के लोग सालों से लोग पेयजल संकट से जूझ रहे थे. गांव साल 2008 में नगर निगम वार्ड में शामिल तो हो गया, इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं. सबसे बड़ी समस्या थी, शुद्ध पेयजल की. ग्रामीणों को फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ता था. महिलाएं दूर-दूर से पानी भरकर लाती थीं. कई घरों में हैंडपंप और बोरिंग ही एकमात्र सहारा था.  दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों की शिकायतें भी आम थीं. अब गांव में चंबल का पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ है. काम शुरू होते ही गांव में उत्साह का माहौल है. वर्षों तक पानी की समस्या झेलनी पड़ी गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने वर्षों तक पानी की समस्या झेली है. कई बार मांग उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ. अब जब पाइपलाइन बिछने लगी है तो लोगों को भरोसा हो गया है कि जल्द ही घर-घर शुद्ध पानी पहुंचेगा. युवाओं का कहना है कि पानी की समस्या खत्म होने से गांव की जिंदगी बदल जाएगी. ग्रामीण युवक ने बताया क‍ि सालों से यहां पानी की बहुत दिक्कत थी. फ्लोराइड वाला पानी पीना मजबूरी थी. अब सरकार और जनप्रतिनिधियों के प्रयास से चंबल का पानी मिलेगा तो बड़ी राहत होगी. ग्रामीणों ने ओम बिरला का आभार जताया ग्रामीणों ने इस काम के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार जताया. उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी होती दिखाई दे रही है. स्थानीय विधायक कल्पना देवी ने भी गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए. गणेशपुरा के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि बाकी शहरी सुविधाएं भी गांव तक जरूर पहुंचेगी. सालों तक फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर रहे गणेशपुरा के लोगों के लिए चंबल का पानी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि बेहतर जिंदगी की नई शुरुआत माना जा रहा है.

राजस्थान में साइबर सुरक्षा पर बड़ा कदम, AI आधारित कंट्रोल सेंटर और हेल्पलाइन कॉल सेंटर की होगी शुरुआत

जयपुर राजस्थान के सभी जिलों में साल 2030 तक साइबर पुलिस स्‍टेशन स्थापित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में लोक अभियोजकों और विशेष लोक अभियोजकों के लिए आयोजित कार्यशाला के दौरान इसका ऐलान किया है. इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है. उन्होंने बताया कि सरकार साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना करने जा रही है. बनेगा साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर इसके साथ ही, अब साइबर अपराधों का विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित व्यवस्था और एक समर्पित साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तीनों नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है. पुलिस और अभियोजन को इन कानूनों की पूरी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. साथ ही, हमारी सरकार ने 42 न्यायालय स्थापित किए हैं. हमने फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ एवं सलूंबर में जिला एवं सेशन न्यायालय और बड़ी सादड़ी एवं केशोरायपाटन में नियमित अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय स्थापित किए हैं. साइबर सुरक्षा सिमुलेशन लैब की हुई स्थापना मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी अत्यधिक सजग है. हमारी सरकार ने साइबर खतरों से बचाव के लिए साइबर सुरक्षा सिमुलेशन लैब की स्थापना की है. ऑपरेशन साइबर शील्ड चलाकर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने का काम किया है. इसके अलावा लगभग 10 हजार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 12 लाख से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया. उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार ने राज्य के समस्त पुलिस थानों पर साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं और वर्ष 2030 तक समस्त जिलों में साइबर पुलिस स्‍टेशन स्थापित किए जाएंगे. सरकार डिजिटल अरेस्‍ट सहित अन्य साइबर अपराधों पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए राजस्‍थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की भी स्थापना करने जा रही है. राज्य सरकार साइबर अपराधों के एआई आधारित विश्लेषण तथा साइबर हेल्‍पलाइन कॉल सेंटर की व्यवस्था करेगी.

बिंदोली रोकने और मारपीट के खिलाफ सड़क पर उतरा समाज, भीम आर्मी ने किया समर्थन

 उदयपुर राजस्थान के उदयपुर जिले में एक दुल्हन ने अपनी बिंदोली रोके जाने और मारपीट के विरोध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बाहर अनूठा प्रदर्शन किया. डबोक के हरियाव गांव की रहने वाली यह दुल्हन समाज के लोगों और भीम आर्मी के सदस्यों के साथ गाजे-बाजे के साथ घोड़ी पर सवार होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंची. इस दौरान प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई. बिंदोली के दौरान हुआ था विवाद पूरा मामला 29 अप्रैल का है, जब हरियाव गांव में मेघवाल समाज की इस दुल्हन की बिंदोली निकाली जा रही थी. आरोप है कि बिंदोली के दौरान स्वर्ण समाज और मेघवाल समाज के कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि दुल्हन को घोड़ी से नीचे उतार दिया गया और मामला मारपीट तक जा पहुंचा. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज किया था, लेकिन समाज में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश था. भीम आर्मी ने समर्थन में निकला जुलूस इसी घटना के विरोध में आज समाज के लोग और भीम आर्मी के कार्यकर्ता टाउन हॉल में एकत्रित हुए. वहां से दुल्हन को दोबारा घोड़ी पर बिठाया गया और शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट लाया गया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समाज की परंपराओं और सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. '12 आरोपी थे, सिर्फ 4 को पकड़ा' दुल्हन पूजा मेघवाल और समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि पुलिस ने 12 में से सिर्फ 4 आरोपियों को पकड़ा है. विरोध प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया. इसमें मांग की गई है कि हरियाव गांव की घटना में शामिल शेष आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन जांच के बाद ही मिलेगा परीक्षा केंद्र में प्रवेश

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रयोगशाला सहायक (Lab Assistant) एवं कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) के कुल 804 पदों पर भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए गए हैं. हाईटेक जांच के बाद ही मिलेगा प्रवेश बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस बार अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने के लिए 'डबल लेयर' सुरक्षा जांच से गुजरना होगा. अभ्यर्थियों की न केवल बायोमेट्रिक जांच की जाएगी, बल्कि फेस रिकग्निशन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा. इन दोनों प्रक्रियाओं के मिलान के बाद ही परीक्षार्थी को अपनी सीट पर बैठने की अनुमति दी जाएगी. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध परीक्षा  केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर, स्मार्ट घड़ी, बैग या किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना पूरी तरह मना है.  इसके अलावा किताबें या सादा कागज ले जाने पर भी पाबंदी रहेगी. बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षित परिवहन और वीडियोग्राफी परीक्षा सामग्री (क्वेश्चन पेपर और ओएमआर शीट) की सुरक्षा के लिए विशेष 'उप समन्वयक दल' तैनात किए गए हैं.  यह दल कोषागार (Treasury) से पेपर बॉक्स को सीधे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और परीक्षा समाप्ति के बाद सामग्री को सुरक्षित वापस जमा कराने की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके साथ ही, हर परीक्षा केंद्र की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वीडियोग्राफी भी अनिवार्य की गई है.  एक घंटे पहले बंद होंगे गेट प्रशासन ने परीक्षार्थियों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है कि वे परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से कम से कम 1 से 2 घंटे पहले केंद्र पर पहुंच जाएं. बोर्ड के नियमों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे.  इसके बाद किसी भी स्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, 804 पदों के लिए हो रही परीक्षा राजस्थान प्रयोगशाला सहायक एवं कनिष्ठ सहायक के कुल 804 पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी कर घोषणा की गई थी.  जारी अधिसूचना के अनुसार राजस्थान प्रयोगशाला सहायक आवेदन 2026 (Rajasthan Lab Assistant Application 2026) प्रक्रिया 27 जनवरी से 25 फरवरी तक चली थी.

25 किलोमीटर लंबी अंतिम यात्रा में ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा पूरा क्षेत्र

 ब्यावर जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों से लोहा लेते हुए मातृभूमि पर प्राण न्यौछावर करने वाले अग्निवीर जवान युवराज सिंह चौहान की पार्थिव देह जब उनके गृह नगर ब्यावर पहुंची तो पूरा क्षेत्र गमगीन हो उठा. शहादत को नमन करने के लिए सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा. करीब 25 किलोमीटर लंबी इस गौरवमयी अंतिम यात्रा में शामिल हजारों लोग हाथों में तिरंगा थामे 'भारत माता की जय' और 'युवराज अमर रहे' के नारे लगा रहे थे. चार महीने बाद होना था रिटायरमेंट युवराज सिंह 17 फरवरी 2022 को भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे. उन्होंने अपनी सेवा के दौरान जबलपुर, गोवा और पठानकोट जैसे महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों में अपनी वीरता का परिचय दिया. वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू के अखनूर सेक्टर में थी. परिवार के लोगों ने बताया कि 5 मई की रात ड्यूटी पर जाने से पहले युवराज ने परिवार से फोन पर बात की थी. उन्होंने सभी का हालचाल पूछा और ढेर सारी बातें कीं. अगले दिन सुबह जब परिजनों ने फोन लगाया तो मोबाइल बंद मिला. दोपहर होते-होते शहादत की खबर घर पहुंच गई थी. दु:खद बात यह है कि उनकी सेवा के मात्र चार महीने ही शेष थे और इसके बाद उनका रिटायरमेंट होने वाला था लेकिन उससे पहले ही उन्होंने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया. पैतृक गांव में नम आंखों से विदाई शहीद की अंतिम यात्रा ब्यावर शहर से उनके पैतृक गांव लगेतखेड़ा पहुंची. पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर वीर सपूत का स्वागत किया. गांव पहुंचते ही माहौल पूरी तरह मातमी हो गया. अपने लाड़ले को तिरंगे में लिपटा देख मां बार-बार बेहोश हो रही थी और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था. बूढ़ी दादी और पिता प्रताप सिंह की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गांव के मुक्तिधाम में सेना की टुकड़ी ने शहीद को सशस्त्र सलामी दी. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से स्थानीय विधायकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. पिता, माता और बहन बबीता ने अपने वीर योद्धा को अंतिम सैल्यूट किया. राष्ट्रभक्ति के गीतों और जयकारों के बीच युवराज पंचतत्व में विलीन हो गए.