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राजस्थान में शीतलहर और कोहरे का असर, 20 जिलों में स्कूलों की छुट्टी

जयपुर राजस्थान में कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रदेश में घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के चलते शीतलहर का असर तेज हो गया है। हालात को देखते हुए राज्य के 20 जिलों में कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को 18 जिलों में कोहरा और शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की है। राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे सीजन में पहली बार विजिबिलिटी शून्य (0 मीटर) दर्ज की गई। इसके साथ ही शहर की हवा की गुणवत्ता भी खराब रही और अधिकांश इलाकों में AQI 200 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। जयपुर के अलावा सीमावर्ती जिलों, अजमेर और कोटा सहित कई क्षेत्रों में भी घने कोहरे का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 7 जनवरी तक कोहरे और 9 जनवरी तक शीतलहर का प्रभाव बना रह सकता है। इस दौरान तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना है। नए साल की शुरुआत से ही प्रदेश में ठंड लगातार बढ़ रही है। बीते पांच दिनों में तीन दिन माउंट आबू और शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री या उससे नीचे दर्ज किया गया। घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह भी शीतलहर के चलते कड़ाके की ठंड महसूस की गई। इससे पहले सोमवार को जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा सहित कई जिलों में दोपहर तक कोहरा छाया रहा। प्रदेश के 19 शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जबकि गंगानगर सबसे ठंडा जिला रहा। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

सांगानेर स्टेशन के कायाकल्प की शुरुआत, रेल मंत्री रखेंगे वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट की नींव

जयपुर राजधानी जयपुर के यात्रियों को नए साल में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। सांगानेर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस किया जाएगा। मंगलवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव स्टेशन पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल होंगे। करीब दो साल पहले यह योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन बीसलपुर पेयजल परियोजना की पाइपलाइन के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। अब नए डिजाइन और प्रस्ताव के साथ परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।   स्टेशन को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण होगा, जबकि दूसरे चरण में जयपुर-सवाई माधोपुर रेलखंड के दोहरीकरण और यार्ड विस्तार का कार्य किया जाएगा। तीन लाइनों वाले स्टेशन को पांच लाइनों में बदला जाएगा, जिससे ट्रेनों की आवाजाही सुचारु होगी।  

सेना के अस्पताल में लगा बड़ा मेडिकल कैंप, डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने किया उद्घाटन

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज आर्मी हॉस्पिटल में आयोजित विशाल मेडिकल कैंप का शुभारंभ किया। यह मेडिकल कैंप देश की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण, सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य के उद्देश्य से आयोजित किया गया। शुभारंभ के बाद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मेडिकल कैंप का निरीक्षण किया तथा मरीजों के पास पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने न केवल मरीजों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।   इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि इस मेडिकल कैंप के माध्यम से पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को हृदय रोग, हड्डियों से संबंधित रोगों सहित विभिन्न चिकित्सकीय समस्याओं के उपचार और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल उनके बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और निष्ठा से ही देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं और भारत निरंतर सशक्त बन रहा है। दिया कुमारी ने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक की बेटी हूँ। अनुशासन, सेवा, त्याग और देशभक्ति के संस्कार बचपन से ही मेरे जीवन का हिस्सा रहे हैं। सैनिक परिवारों का दर्द, संघर्ष और गौरव मैंने बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। इसलिए वीर सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा मेरे लिए केवल दायित्व नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और आत्मिक कर्तव्य है।” उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को जयपुर में आयोजित होने वाले आर्मी डे समारोह की शुरुआत आज से इस मेडिकल कैंप के साथ की गई है। राजस्थान में पहली बार हो रही आर्मी डे परेड को लेकर आमजन में भारी उत्साह है। जयपुर में इस भव्य परेड का आयोजन होना प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर साउथ-वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आवा की क्षेत्रीय अध्यक्षा बरिन्दरजीत कौर, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।  

निवाई में रहस्यमय घड़ा: दिन भर की जांच के बाद रात को दोबारा खुदाई

टोंक टोंक के निवाई में मिले घड़े का रहस्य अभी बरकरार है। हालांकि, रविवार रात को फिर वहीं पर खुदाई की गई। रात एक बजे बाद जेसीबी से खुदाई की गई लेकिन ग्रामीण डर के कारण मौके पर नहीं पहुंचे। हाल ही में मिले घड़े का रहस्य बरकरार है वहीं, अब दूसरे गड्डे का भी रहस्य बना हुआ है। इस गड्डे की खुदाई किसने की और इसमें क्या निकला किसी को पता नहीं। दूसरी तरफ प्रशासन की और से यहां सुरक्षा के तौर पर पुलिस की तैनाती नहीं की गई। निवाई के देवरी गांव में शनिवार को खुदाई में निकले घड़े को निवाई ट्रेजरी में सील कर ताले में रखवाया है और पुलिस तैनात कर दी गई। इस पूरे मामले में एसडीएम ने कलेक्टर को एक पत्र लिखा, जिसके बाद कलेक्टर ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। एडीएम रामरतन सौंकरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि खुदाई में निकले घड़े की जांच पुरातत्व विभाग के अधिकारी आकर करेंगे।   फिलहाल टोंक जिले की निवाई में खजाना मिलने की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। सीदड़ा ग्राम पंचायत के देवरी गांव में खुदाई की जगह ग्रामीणों की आज भी भारी भीड़ जमा है। लोगों ने प्रशासन से और खुदाई करने की मांग की। लोगों को कहना है कि प्रशासन जल्द जांच करें जिससें खुलासा हो सके की खजाना है या अफवाह। लोगों ने घड़े में खजाना देखा लेकिन असली नकली को लेकर संदेह बना हुआ है। दरअसल, शनिवार रात जमीन से बड़ी मात्रा में सोने से भरा भारी भरकर घड़ा निकलने की जानकारी मिली। चारागाह जमीन पर खोदी हुई जमीन पर गुलाब के फूल बिखरे होने पर ग्रामीणों ने शव होने की आंशका जताई थी जिसके बाद पुलिस को बुलाया। निवाई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से खुदाई की। खुदाई के दौरान भारी भरकर एक बड़े आकार का घड़ा निकला। लोग इसे चांदी का घड़ा बता रहे हैं। जिसे देखकर ग्रामीणों में लूट सी मच गई। खुदाई की खबर आग की तरह फैल गई और मौके पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस लोगों को हटाकर घड़ा निवाई लेकर पहुंची, जहां अधिकारियों को जानकारी दी। भारी भरकम घड़े को सील कर ट्रेज़री में रखवाया और उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। संभवतः घड़े में कुछ होने पर ही सील किया गया। तहसीलदार नरेश गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि पुरातत्व के अधिकारियों की मौजूदगी में घड़ा खोला जाएगा।  

5500 बच्चों का भविष्य संकट में: नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द के विरोध में अभिभावकों का उग्र आंदोलन

जयपुर नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा की आत्महत्या के मामले के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने के फैसले के विरोध में शनिवार को जयपुर में अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल परिसर के बाहर एकत्र हुए और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर सीबीएसई से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का कहना है कि सीबीएसई के इस फैसले से स्कूल में पढ़ने वाले करीब 5,500 बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया है। बीच सत्र में मान्यता रद्द होने से बच्चों की पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी, नियमित अध्ययन और मानसिक स्थिति पर गंभीर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिभावकों ने कहा कि अचानक लिया गया यह निर्णय न केवल बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि उनमें भय और असमंजस की स्थिति भी पैदा कर रहा है।   अभिभावकों ने यह भी चिंता जताई कि यदि बच्चों को अन्य स्कूलों में स्थानांतरित किया जाता है, तो उन्हें नई व्यवस्था, नया वातावरण और पढ़ाई के नए पैटर्न में ढलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इससे बच्चों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन मापदंडों के आधार पर नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द की गई है, क्या अन्य स्कूलों में वे सभी मापदंड पूरी तरह से पूरे होते हैं। धरना-प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों और विद्यार्थियों ने सीबीएसई से अपील की कि वह बाल मनोविज्ञान को ध्यान में रखते हुए मान्यता रद्द करने के फैसले को वापस ले, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना बाधा के जारी रह सके। उनका कहना था कि एक दुखद घटना के लिए दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इसका खामियाजा निर्दोष बच्चों को नहीं भुगतना चाहिए। इस मामले में शिवसेना (शिंदे गुट), राजस्थान ने भी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश मुख्य सचिव इंजीनियर जितेन्द्र हिन्दू ने कहा कि शिवसेना इस दुख की घड़ी में बच्ची के परिवार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इंजीनियर जितेन्द्र हिन्दू ने स्पष्ट किया कि एक गंभीर घटना के आधार पर पूरे विद्यालय की सीबीएसई मान्यता रद्द करना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि इससे सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों निर्दोष बच्चों का भविष्य और मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है। शिवसेना ने मान्यता रद्द करने के निर्णय को तत्काल स्थगित करने, बच्चों की पढ़ाई को सुरक्षित रखने और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय जारी रहा, तो शिवसेना राज्यव्यापी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।  

नन्हे छात्रों को बड़ी राहत, राजस्थान में पहली से पांचवीं तक हल्के होंगे स्कूल बैग

जयपुर राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है। बच्चों के स्कूल बैग का बढ़ता भार लंबे समय से चिंता का विषय रहा है, जिसे कम करने के लिए अब नई शिक्षा नीति के तहत महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की जा रही है। शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि सत्र 2026-27 से प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण दो चरणों में किया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार, पूरे सत्र की सभी किताबें एक साथ देने के बजाय सीमित पाठ्यपुस्तकें एक चरण में दी जाएंगी। इससे विद्यार्थियों के स्कूल बैग का भार वर्तमान की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी बैग बच्चों के शारीरिक विकास पर नकारात्मक असर डालते हैं, ऐसे में यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद साबित होगा। शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सत्र 2027-28 से पाठ्यपुस्तकों का आवंटन तिमाही आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि विद्यार्थियों को हर तीन महीने में पाठ्यक्रम के अनुसार सीमित पुस्तकें दी जाएंगी। इस व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने के बाद बच्चों पर पुस्तकों का भार और घटकर वर्तमान का लगभग 50 प्रतिशत रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि एक आनंददायक और सहज अनुभव बनाने की दिशा में ठोस कदम है। शिक्षा विभाग का मानना है कि पुस्तक भार कम होने से बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति में भी सुधार होगा। हल्का बैग होने से बच्चे स्कूल जाने में अधिक उत्साह महसूस करेंगे और शारीरिक थकान भी कम होगी। इसके साथ ही पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और बच्चों की एकाग्रता में भी सुधार देखने को मिलेगा। अभिभावकों के लिए भी यह फैसला राहत भरा है, क्योंकि वे लंबे समय से बच्चों के भारी स्कूल बैग को लेकर चिंता जताते रहे हैं। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें बच्चों पर अनावश्यक शैक्षणिक दबाव कम करने और बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। नई व्यवस्था से न केवल बच्चों का शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि उनकी सीखने की क्षमता और मानसिक विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। शिक्षा विभाग की इस पहल को अभिभावकों और शिक्षाविदों द्वारा सराहा जा रहा है, और इसे प्राथमिक शिक्षा में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

राजस्थान: बाड़मेर में बड़े ड्रग रैकेट का खुलासा, हजारों नशीली गोलियां जब्त

बाड़मेर राजस्थान में अवैध नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बाड़मेर जिले में पुलिस ने एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए रीको एरिया में छापेमारी के दौरान 12,645 प्रतिबंधित टैबलेट जब्त की हैं। इस कार्रवाई से जिले में चल रहे अवैध ड्रग नेटवर्क की गंभीरता उजागर हुई है। अधिकारियों ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी। पुलिस को मिली खास सूचना के आधार पर रीको पुलिस स्टेशन की टीम ने दानजी की होदी क्षेत्र में कपूरड़ी निवासी हीर सिंह के पुत्र दीप सिंह के कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे में रखी एक प्लास्टिक की बोरी से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं। जब्त सामग्री में 1,329 कॉम्बीपैक किट और 6,645 प्रतिबंधित टैबलेट शामिल हैं, जो नशीली दवाओं की श्रेणी में आती हैं और जिनका अवैध रूप से भंडारण व वितरण किया जा रहा था।   छापेमारी के दौरान मौजूद बाड़मेर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर शांति लाल परिहार ने पुष्टि की कि बरामद सभी दवाएं गैरकानूनी थीं और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत प्रतिबंधित हैं। उन्होंने बताया कि इन दवाओं का न तो कोई वैध लाइसेंस था और न ही इनके भंडारण या बिक्री की अनुमति। इसके बाद इन दवाओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत औपचारिक रूप से जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई पुलिस हेडक्वार्टर और जोधपुर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। इस अभियान का उद्देश्य अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर रोक लगाना और वांछित अपराधियों को पकड़ना है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से ड्रग माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।  ऑपरेशन की निगरानी एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस नितेश आर्य और सर्कल ऑफिसर रमेश कुमार शर्मा ने की। वहीं रीको थाना प्रभारी भंवर सिंह ने जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में पूरी टीम का नेतृत्व किया। पुलिस अधिकारियों ने टीम की तत्परता और समन्वय की सराहना की है। इस मामले में आरोपी दीप सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि वह फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही, जब्त की गई दवाओं के स्रोत, सप्लाई चेन और वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी की जा सकती है।  

पेट्रो जोन से बदलेगा बालोतरा का भविष्य, औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

बालोतरा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में रीको की औद्योगिक भूखंड प्रत्यक्ष आवंटन योजना से उल्लेखनीय सफलता मिली है। इस योजना के तहत राजस्थान पेट्रो जोन स्थित औद्योगिक क्षेत्र बोरावास कलावा प्रथम चरण में अब तक 11 औद्योगिक भूखंडों का सफलतापूर्वक आवंटन किया जा चुका है। इससे जिले में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जगी है। इकाई प्रभारी कुलदीप दाधीच ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा तीन अन्य औद्योगिक भूखंडों के लिए भी आवेदकों को ऑफर लेटर जारी कर दिए गए हैं। इन ऑफर लेटर के बाद संबंधित इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बोरावास कलावा प्रथम चरण में कुल 11 भूखंडों के लिए 13 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से अधिकांश पर आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष आवेदनों की जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शीघ्र आवंटन किया जाएगा। केवल पेट्रो जोन ही नहीं, बल्कि बालोतरा जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत कुल 15 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। इससे साफ है कि जिले में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे यहां उद्योग स्थापित करने में रुचि दिखा रहे हैं। रीको के अधिकारियों का मानना है कि यह रुझान आने वाले समय में और भी मजबूत होगा। रीको के अनुसार, अब तक किए गए सभी औद्योगिक भूखंड आवंटनों के माध्यम से कुल 67.69 एकड़ भूमि पर लगभग 43 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से जिले में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना संभव होगी, जिससे न केवल उत्पादन गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद बालोतरा जिले में लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, औद्योगिक विकास से परिवहन, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र जैसे सहायक उद्योगों को भी लाभ होगा। रीको की इस पहल से बालोतरा जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और जिले को एक नई औद्योगिक पहचान मिलेगी। आने वाले समय में पेट्रो जोन और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से बालोतरा राजस्थान के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।  

देशभर के नामी अस्पताल आयुष्मान आरोग्य योजना से जुड़े, राजस्थान के मरीजों को मिलेगा फ्री ट्रीटमेंट

जयपुर राजस्थान के लाखों परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब प्रदेश के नागरिकों को राजस्थान से बाहर देश के नामी अस्पतालों में भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगी है। योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश में 7,100 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया जा चुका है, जबकि दूसरे राज्यों में भी 15 दिनों के भीतर करीब 350 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ लिया है।  पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7,100 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है। इनमें करीब ढाई लाख ऐसे गंभीर रोगी शामिल हैं, जो जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे थे। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत राजस्थान के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार दिया जा रहा है। योजना में लगभग 2,200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य बीमारियों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और अंग प्रत्यारोपण जैसी महंगी और गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल है।   मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के बाद योजना का दायरा और बढ़ा है। अब देशभर के 30 हजार से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना के नेटवर्क में शामिल हो चुके हैं। इससे राजस्थान के नागरिकों को प्रदेश के बाहर भी उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिल सकेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 19 दिसंबर से इंटर स्टेट आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की सुविधा लागू कर दी है। इससे पहले इनबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत दूसरे राज्यों के मरीजों को राजस्थान में इलाज की सुविधा दी जा रही थी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को मजबूरी में गुजरात, दिल्ली जैसे राज्यों में जाना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता था। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर एम्पैनल्ड अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करवा सकेंगे।  इस योजना के तहत तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली में 184, गुजरात में 2,067, हरियाणा में 1,366, मध्य प्रदेश में 1,622, महाराष्ट्र में 1,709, पंजाब में 823 और उत्तर प्रदेश में 6,182 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें दिल्ली और भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनऊ का केजीएमयू, गुजरात का यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी और गुजरात कैंसर एंड रिसर्च सेंटर जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यह योजना अब केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर में प्रदेशवासियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत गारंटी बन चुकी है।  

आरपीएससी घोटाले में नए खुलासे, सरकार ने लिया सख्त रुख

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गत सरकार में हुए पेपर लीक एवं आरपीएससी भ्रष्टाचार काण्ड में सामने आए नए तथ्यों को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करते हुए नए तथ्यों को दृष्टिगत रखकर एसओजी से जांच करवाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।   शर्मा ने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित एसओजी एवं एसीबी के अधिकारियों को नए तथ्यों के परिपेक्ष्य में तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकतानुसार एसओजी के साथ एसीबी को भी सम्मिलित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के सपनों को रौंदते हुए पेपरलीक करने वाले 340 लोग गिरफ्तार किया जा चुके हैं और आगे भी सरकार किसी भी सूरत में एक भी दोषी को नहीं बख्शेगी, चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों न हो। उन्होंने युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में 296 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई, उनमें से एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है।