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दिल्ली से अहमदाबाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द की जल्द मिलेगी सौगात

जयपुर. राजस्थान में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की आस लगाए बैठे रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। माना जा रहा है कि राजस्थान को जल्द ही पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है। दरअसल, उत्तर-पश्चिम रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। प्रस्ताव के अनुसार यह ट्रेन दिल्ली से अहमदाबाद वाया जयपुर रूट पर चल सकती है, जिससे राजस्थान के यात्रियों को दिल्ली और अहमदाबाद के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से अहमदाबाद के बीच जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। इस ट्रेन का ठहराव जयपुर, अजमेर और आबू रोड जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हो सकता है। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद जयपुर को दोहरा लाभ मिलेगा। एक ओर जयपुर से दिल्ली और दूसरी ओर जयपुर से अहमदाबाद का सफर सुविधाजनक हो जाएगा। साथ ही समय की भी काफी बचत होगी। कब चलेगी यह ट्रेन? रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड से मंजूरी के बाद सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर ली जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि सब कुछ सही रहा तो मार्च तक स्लीपर वंदे भारत ट्रेन राजस्थान में दौड़ती नजर आएगी। इससे रेल यात्रियों को कम समय में बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। राजस्थान के इन स्टेशनों पर हो सकता है ठहराव प्रस्तावित रूट के अनुसार दिल्ली-अहमदाबाद के बीच चलने वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन राजस्थान से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ेगी। बताया जा रहा है कि जयपुर, अजमेर और आबू रोड रेलव स्टेशन पर इस ट्रेन का ठहराव हो सकता है। ऐसे में पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा। रेल यात्रियों को मिलेगा बेहतर विकल्प वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए एक आधुनिक और आरामदायक विकल्प साबित होगी। विशेष रूप से यह ट्रेन रात के सफर के लिहज से डिजाइन की गई है। ट्रेन के आधुनिक कोच, बेहतर स्लीपिंग अरेंजमेंट और उन्नत सुविधाएं यात्रियों को प्रीमियम अनुभव देंगी।

रेल यात्रियों के लिए बड़ी सौगात: वंदे भारत स्लीपर में मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं, पहली यात्रा में ही बन जाएंगे फैन

नई दिल्ली भारतीय रेलवे पिछले 11 साल से यात्रियों की सुविधा को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। भारतीय रेलवे ने इस दौरान अपनी यात्रा में कई नए अध्याय जोड़े हैं। पिछले कुछ सालों में रेलवे ने रेलगाड़ियों की गति, उसके इंफ्रास्ट्रक्चर और साथ ही रेल डिब्बों और इंजन के विकास के साथ कैसे रेलवे की यात्रा यात्रियों के लिए सुखद, सुविधाजनक और समय बचाने वाली हो, इसको लेकर प्रयास किए हैं।  रेलवे ने इस विकास यात्रा में कई हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड ट्रेनों को पटरी पर उतारा है, जिनमें हमसफर, वंदे भारत और साथ ही अमृत भारत जैसी ट्रेनें हैं, जो समय के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से या तो शुरू की जा चुकी हैं या इनकी शुरुआत की जा रही है। अब रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई रूटों पर नई स्लीपर वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के परिचालन का फैसला लिया है। अभी तक वंदे भारत ट्रेनें केवल बैठकर यात्रा करने के लिए डिजाइन की गई थीं। लेकिन, अब लंबी दूरी के यात्रियों को ध्यान में रखते हुए और उनकी यात्रा को सुखद और सुविधाजनक बनाने के लिए स्लीपर वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के परिचालन का फैसला रेलवे ने लिया है। इस स्लीपर वंदे भारत ट्रेन के परिचालन और इसकी स्पीड की वजह से लंबी दूरी की यात्राओं में यात्रियों का 3 घंटे से ज्यादा का समय बचेगा और साथ ही यात्रियों की यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक और लग्जरी होगी। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पीएम नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को हरी झंडी दिखाएंगे और 18 जनवरी को हावड़ा से कामख्या के लिए इस ट्रेन की नियमित सेवा शुरू हो जाएगी। इसमें स्लीपर के साथ एसी1, एसी2 और एसी3 कोच भी शामिल होंगे। इस ट्रेन के इंटीरियर को जहां भारतीय संस्कृति से प्रेरित होकर डिजाइन किया गया है, वहीं यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसमें 'कवच' ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट और बेहतर सैनिटेशन के लिए कीटाणुनाशक तकनीक (डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी) का इस्तेमाल किया गया है। यानी यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए इस ट्रेन में ड्राइवर के केबिन में भी एडवांस कंट्रोल और सुरक्षा सिस्टम लगे होंगे। ट्रेन का बाहरी लुक भी एरोडायनामिक होगा, यानी यह हवा को चीरता हुआ आगे बढ़ेगा। इसके बाहरी दरवाजे भी ऑटोमेटिक तरीके से खुलेंगे और बंद होंगे। बेहतर सैनिटेशन के लिए कीटाणुनाशक तकनीक (डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी) के इस्तेमाल की वजह से वंदे भारत स्‍लीपर में साथ बैठे यात्री को सर्दी-जुकाम है तो साथी यात्री को कोई टेंशन लेने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि अब नई तकनीक से वायरस की छुट्टी होगी। रेल मंत्रालय से अब जो जानकारी निकलकर सामने आई है, उसकी मानें तो इसके कोच में यूवीसी तकनीक का इस्‍तेमाल किया गया है, जिससे हवा में वायरस डिसइंफेक्टेंट हो जाएंगे। यानी यह उपकरण हवा को खींचेगा और फिर उसे फ्रेश करके दोबारा कोच में छोड़ देगा। वैसे इस लग्जरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की गति की बात करें तो इसकी अधिकतम गति सीमा 180 किमी/घंटा होगी, जबकि नियमित सेवा में यह 130 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी। इस स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं मिलेंगी। यात्रियों को इसमें हाई क्वालिटी वाले कंबल कवर और एडवांस्ड बेडरोल यात्रा के दौरान दिए जाएंगे। इसके साथ ही इस ट्रेन में यात्रियों को कैटरिंग की सर्विस भी दी जाएगी। इसके साथ ही यह भी जानकारी है कि इस ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों को आईआरसीटीसी की तरफ से 1 लीटर रेल नीर बोतल के साथ एक अखबार भी मिलेगा, जिसके लिए अलग से कोई चार्ज नहीं किया जाएगा। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें यात्री अपनी आरामदायक यात्रा का इसलिए भी आनंद ले सकेंगे क्योंकि इसमें कोई आरएससी (आरएसी) या वेटिंग लिस्ट का झंझट नहीं होगा, इसके साथ ही पार्ट कन्फर्म टिकट की भी इसमें व्यवस्था नहीं होगी। यानी इसमें केवल पूर्णतः कंफर्म टिकट ही प्राप्त होगा और इसी के साथ यात्री इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे। मतलब अब टिकट कंफर्म है तो चार्ट बनने के इंतजार वाले सिस्टम से यात्रियों को मुक्ति मिलेगी। इस ट्रेन में यात्रियों की आरामदायक यात्रा के लिए बेहतर कुशनिंग के साथ आरामदायक बर्थ और शोर कम करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यानी इसमें एर्गोनोमिक बर्थ की सुविधा मिलेगी। साथ ही इस यात्रा में यात्रियों के लिए सभी ऑनबोर्ड स्टाफ निर्धारित यूनिफॉर्म में ट्रेन पर तैनात रहेंगे। इस ट्रेन के बारे में जो विशेष जानकारी मिल पाई है, उसके अनुसार इसकी यात्रा सेवा के दौरान नो वीआईपी कोटा ऑप्शन बना रहेगा। यानी इस ट्रेन में वीआईपी या इमरजेंसी कोटा की अनुमति नहीं होगी। यहां तक कि वरिष्ठ रेल अधिकारी भी पास का इस्तेमाल करके इसमें यात्रा नहीं कर पाएंगे। यानी इसमें केवल चार कोटा होंगे, महिला कोटा, दिव्यांग कोटा, वरिष्ठ नागरिक कोटा, और ड्यूटी पास कोटा। इसके अलावा इसमें कोई कोटा मान्य नहीं होगा। इस ट्रेन में यात्रियों का सफर अब सिर्फ तेज और आरामदायक नहीं, बल्कि स्वाद से भरपूर भी होने वाला है। भारतीय रेलवे की तरफ से अब वंदे भारत ट्रेनों में वही खाना परोसा जाएगा, जो उस इलाके की पहचान है, जहां से ट्रेन की शुरुआत होगी। बात करें तो वंदे भारत स्लीपर का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा होगा। जानकारी के मुताबिक इसका न्यूनतम किराया 400 किमी की दूरी के आधार पर तय किया गया है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ऐलान, रूट, किराया और हरी झंडी मिलने की तारीख जानें

नई दिल्ली नए साल के मौके पर मोदी सरकार ने देशवासियों को बड़ा तोहफा दिया है. रेल मंत्रालय ने देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन के रूट की घोषणा कर दी है. देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता तक चलेगी. खुद पीएम मोदी इसका जल्द ऐलान करने वाले हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी. हाल ही में स्वदेशी तकनीक से बनी वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का भारतीय रेलवे ने अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया था. यह ट्रायल कोटा–नागदा सेक्शन पर किया गया, जहां ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की. यह ट्रायल रेलवे सुरक्षा आयुक्त की निगरानी में हुआ था. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि अगले 6 महीने में 8 वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें पटरियों पर दौड़ती दिखेंगी. साल के आखिरी तक 12 ट्रेनें चलने लगेंगी. उन्होंने आगे बताया कि असम से निकलने वाली ट्रेन में असमी भोजन मिलेगा, जबकि कोलकाता से निकलने वाली ट्रेन में बंगाली भोजन मिलेगा. चलिए जानते हैं देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का रूट और किराया क्या होगा, क्या-क्या फैसिलिटी होंगी. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया कितना होगा?  आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गुवाहाटी से कोलकाता का थर्ड एसी का किराया 2300 रुपये जबकि सेकंड AC का किराया 3000 रुपये होगा. वहीं, फर्स्ट AC का किराया 3600 रुपये होगा. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कितने कोच हैं और कितने यात्री सफर कर सकेंगे? वंदे भारत स्लीपर एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है, जो कुल 16 कोच की होगी. इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं. जिसमें थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 बर्थ हैं. ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे. इसकी स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है. स्लीपर ट्रेन, PM मोदी करेंगे उद्घाटन वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की क्या खासियत है? > आरामदायक बर्थ: विशेष डिजाइन वाली बर्थें, जिनमें बेहतर कुशन और मुलायम गद्दे लगे हैं. लंबा सफर करने में थकान नहीं होगी. > ऑटोमैटिक दरवाजे: कोचों के बीच आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टीब्यूल (जुड़े हुए गलियारे) की सुविधा है. जिससे चलते समय भी आसानी से घूमा जा सकता है. > बेहतर सस्पेंशन और कम शोर: ट्रेन में उन्नत सस्पेंशन सिस्टम लगा है, जिससे सफर शांत और आरामदायक रहेगा. शोर भी बहुत कम होगा. > सुरक्षा सुविधाएं: कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम है, जिससे आपातकाल में यात्रियों की आसानी से मदद होगी. > साफ-सफाई: डिसइन्फेक्टेंट तकनीक से कोच हमेशा साफ और कीटाणुमुक्त रहेंगे. > ड्राइवर केबिन: लोको पायलट के लिए आधुनिक कंट्रोल पैनल और सुरक्षा सिस्टम वाला एडवांस केबिन. > बाहरी डिजाइन: एरोडायनामिक लुक, जो ट्रेन को तेज रफ्तार में भी स्थिर रखता है. साथ ही ऑटोमैटिक बाहरी यात्री दरवाजे भी हैं. वंदेभारत ट्रेन स्लीपर ट्रेन के बारे में जानिए     रूट: कोलकाता से गुवाहाटी. यह ट्रेन पूरे बंगाल और असम को कवर करेगी.     कितने कोच होंगे– यह ट्रेन कुल 16 कोच की होगी.     इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं.     ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे. वंदेभारत स्लीपर ट्रेन के फीचर जानिए     यह एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है, जिसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है.     इसमें यात्रियों के लिए आरामदायक और मुलायम बर्थ लगाए गए हैं, जिससे लंबा सफर आसान होगा.     कोचों के बीच आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टीब्यूल की सुविधा है.     बेहतर सस्पेंशन और कम शोर के कारण ट्रेन का सफर ज्यादा शांत और आरामदायक होगा.     ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम मौजूद है, जिससे सुरक्षा और बढ़ जाती है.     साफ-सफाई के लिए डिसइन्फेक्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.     लोको पायलट के लिए आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम वाला एडवांस ड्राइवर केबिन दिया गया है.     ट्रेन का बाहरी डिजाइन आकर्षक और एरोडायनामिक है और इसमें ऑटोमैटिक बाहरी दरवाजे भी. कब से चलेगी यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?     जनवरी में ही वंदेभारत स्लीपर का उद्घाटन     15 से 20 दिन में उद्घाटन होगा.     17 या 18 जनवरी को हो सकता है उद्घाटन     पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी. वंदेभारत स्लीपर का किराया कितना होगा?     थर्ड एसी का किराया 2300 रुपए गुवाहाटी से कोलकाता का.     सेकंड AC का किराया 3000     फर्स्ट एसी का किराया 3600 रुपए होगा.  

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: दिल्ली से बिहार समेत 4 राज्यों को मिलेगा फायदा इस महीने से

नई दिल्ली आरामदायक सफर और तेज रफ्तार की पहचान बन चुकी ‘वंदे भारत ट्रेन’ अब नई सुविधा के साथ पटरी पर दौड़ने वाली है। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से चलने वाली है। दिल्ली से कोलकाता के बीच नई ट्रेन इसी महीने के अंत तक सफर की शुरुआत कर सकती है। इस ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली-पश्चिम बंगाल के अलावा यूपी और बिहार यानी कुल 4 राज्यों के यात्रियों को सुविधा होगी। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में केंद्र सरकार राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के तीसरे सप्ताह में पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जा सकता है। हालांकि, इस ट्रेन को पहले दिसंबर 2025 में ही शुरू किए जाने की बात कही गई थी। हाल ही में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ी ट्रेन की स्पीड भले ही अभी कुछ कम होगी पर आरामदायक सफर से लंबे रूट पर यात्रियों का अनुभव बेहतर होने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है और इसमें यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। वंदे भारत 4 राज्यों को होगा फायदा, इस रूट पर यात्री भी बहुत दिल्ली-कोलकाता के बीच चलने वाली इस ट्रेन से दिल्ली के अलावा यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। यूपी और बिहार में इसका स्टॉपेज कहां-कहां होगा यह अभी साफ नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि कानुपर, इलाहाबाद, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना जैसे प्रमुख स्टेशनों पर स्टॉपेज हो सकता है। बता दें कि इस रूट पर बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या भी इतनी अधिक है कि वेटिंग लिस्ट बहुत लंबी होती है। ऐसे में इस रूट पर नई वंदे भारत स्लीपर को बड़ी संख्या में यात्री मिल सकते हैं। 180 की स्पीड में फाइनल ट्रायल हाल ही में कोटा-नागदा रूट पर स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' का अंतिम चरण का हाई-स्पीड परीक्षण किया। इस दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 दिसंबर को 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें दिखाया गया कि 180 की स्पीड में भी पानी भरे गिलास स्थर रहे। पानी भी नहीं छलका।

रेलवे का नया प्लान: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, यात्रियों को मिलेंगी कई सुविधाएं

नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को और सुविधाजनक और बनाने के लिए रेलवे को कुछ सुझाव मिले हैं। बोर्ड ने रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन से इन पर गौर करने को कहा है। मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने ट्रेन को मंजूरी देते समय कई सुरक्षा उपाय बताए। इनमें अग्निरोधी केबल, आसानी से पहुंच योग्य पैनिक बटन और वायरिंग दोष पता करने वाले उपकरण शामिल हैं। ये बदलाव यात्रियों की सुरक्षा और आराम बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने सीसीटीवी और क्रैश हार्डेंड मेमोरी मॉड्यूल जैसे सिस्टम के लिए खास तरह की केबलों का इस्तेमाल जरूरी बताया है, ताकि आग की घटनाओं से बचा जा सके। आर्क फॉल्ट डिटेक्शन डिवाइस लगाने की सिफारिश की गई, जो पिछले साल दरभंगा ट्रेन में लगी आग की जांच से निकली थी। फर्स्ट एसी कोच में एयर-कंडीशनिंग डक्ट को फर्श के कोने से हटाकर बेहतर जगह पर लगाने का भी निर्देश है। यात्रियों की मिलेंगी खास सुविधाएं इमरजेंसी अलार्म बटन फिलहाल ऊपरी बर्थ के पीछे छिपे हैं, जिन्हें यात्रियों को आसानी से दिखने और पहुंचने वाली जगह पर शिफ्ट करने को कहा गया है। रेलवे बोर्ड ने बताया कि वंदे भारत के आने वाले वेरिएंट के लिए आरडीएसओ मानक निर्देश तैयार करेगा। इससे ट्रेन में आग और अन्य जोखिमों से बचाव मजबूत होगा। इसके साथ ही, बोर्ड ने जोनल रेलवे को 16-कोच वाली स्लीपर रेक को 160 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने की मंजूरी दी है।

वंदे भारत स्लीपर की पहली झलक वायरल: अंदर का लुक देगा एअरलाइन का एहसास!

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे यात्रियों को एक और बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। अब तक दिन की यात्राओं के लिए तेज़ और लग्ज़री विकल्प के तौर पर पहचानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही स्लीपर कोच वर्जन के रूप में लॉन्च होने जा रही है। यह वर्जन खासतौर पर लंबी दूरी की रात की यात्राओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है – जहां यात्रियों को सिर्फ गंतव्य ही नहीं, बल्कि सफर में भी सुकून मिलेगा। वंदे भारत स्लीपर: नयी यात्रा संस्कृति की शुरुआत साल 2019 में वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत ने भारतीय रेलवे को स्पीड और कंफर्ट के नए स्तर पर पहुंचा दिया था। अब वही अनुभव रात की ट्रेनों में भी मिलने वाला है। स्लीपर वर्जन की पहली झलक हाल ही में IREE 2025 (इंटरनेशनल रेलवे इक्विपमेंट एग्जिबिशन) में देखने को मिली, जहां इसका फर्स्ट एसी कोच का प्रोटोटाइप पहली बार सार्वजनिक किया गया। इस अत्याधुनिक ट्रेन को Kinet Railway Solutions नामक इंडो-रशियन संयुक्त उपक्रम ने डिज़ाइन किया है, जबकि निर्माण का ज़िम्मा BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने संभाला है।    प्रो-प्रेमियम अनुभव: क्या मिलेगा यात्रियों को? वंदे भारत स्लीपर वर्जन को आधुनिक विमान जैसी आंतरिक बनावट दी गई है। इसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों का पूरा ध्यान रखा गया है। प्रमुख फीचर्स: प्राइवेट फर्स्ट क्लास केबिन्स सॉफ्ट टच स्लीपर बर्थ रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट, और बॉटल होल्डर स्वचालित स्लाइडिंग दरवाज़े हवाई जहाज जैसे इंटीरियर वाई-फाई और डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम फायर-रेसिस्टेंट वॉल्स और एडवांस क्रैश बफर सिस्टम   स्पीड और क्षमता: तेज़ रफ्तार, अधिक सुविधा ऑपरेशनल स्पीड: 160 किमी/घंटा धिकतम स्पीड: 180 किमी/घंटा यात्रियों की क्षमता: लगभग 1,128 कुल कोच: 16 (फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी, थर्ड एसी) टेस्टिंग और सुरक्षा: लॉन्च से पहले कठोर जांच कोचों के सार्वजनिक संचालन से पहले RDSO (Research Designs and Standards Organisation) द्वारा ट्रेन का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। सुरक्षा, स्थायित्व और प्रदर्शन जैसे सभी मापदंडों पर ट्रेन को परखा जाएगा। हरी झंडी मिलने के बाद ही यह सेवा में उतरेगी। पहला रूट: दिल्ली से पटना? हालांकि रेलवे की ओर से अभी तक आधिकारिक रूट घोषित नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली–पटना रूट पर इसकी पहली सेवा शुरू होने की संभावना है। अनुमानित टाइमिंग के मुताबिक, ट्रेन पटना से रात 8 बजे चलेगी और सुबह 7:30 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इस सफर के दौरान छोटे स्टेशनों पर 2–3 मिनट और बड़े स्टेशनों पर थोड़ी देर अधिक रुकने की योजना है, जैसे दिल्ली कैंट, जयपुर आदि। मेक इन इंडिया: कहां बन रही है ट्रेन? निर्माण स्थल: लातूर, महाराष्ट्र उत्पादन कंपनी: BEML टेक्निकल सपोर्ट: ICF, चेन्नई कुल ऑर्डर: 120 ट्रेनों का कॉन्ट्रैक्ट, लागत लगभग $6.5 बिलियन (₹54,000 करोड़)   किराया कितना होगा? वंदे भारत स्लीपर का किराया राजधानी एक्सप्रेस से 10–15% ज्यादा हो सकता है। किराया क्लास और रूट के अनुसार अलग-अलग तय किया जाएगा। हालांकि, रेलवे इसे प्रीमियम लग्ज़री सेवा बनाना चाहता है—जिसमें आधुनिक सुविधा और कम समय दोनों का फायदा यात्री को मिलेगा। क्या कहता है रेलवे का विज़न? रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर भारत में रात की ट्रेनों की परिभाषा बदलने वाली है। यह उन यात्रियों के लिए डिजाइन की गई है जो समय, सुविधा और टेक्नोलॉजी—तीनों से समझौता नहीं करना चाहते।

MP में दिवाली तोहफा: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द शुरू, यात्रा होगी और तेज़

भोपाल   देश में दिवाली से पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की तैयारी है। रेलवे सूत्रों के अनुसार दिल्ली से पटना के रूट पर देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सितंबर में ही शुरू की जाएगी। बाद में दिल्ली से भोपाल और अहमदाबाद के लिए ये सेवा शुरू होगी। बता दें कि इससे पहले चर्चा थी कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सबसे पहले एमपी की राजधानी भोपाल से नई दिल्ली के लिए चलाई जाएगी। लेकिन अब नई दिल्ली-भोपाल के रूट पर चलाई जाने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारत की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी। दिल्ली से अहमदाबाद जाने वाली वंदे भारत का मार्ग अभी तय नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि यह जयपुर हो कर जा सकती है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से करीब 1000 किमी दूरी पर बसे शहरों के लिए शुरू करने की योजना है। माना जा रहा है कि पटना के लिए पहली वंदे भारत स्लीपर बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले शुरू की जाएगी जिसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का इंतजार है। वहीं भोपाल वासियों समेत पूरे एमपीको वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का बेसब्री से इंतजार है। देशभर में अभी दौड़ रहीं 150 चेयरकार वंदे भारत ट्रेनें देश में अभी 150 चेयरकार वंदे भारत ट्रेनें दिन के शिड्यूल में चल रही है। रात के सफर को सुगम व बेहतर बनाने के लिए अब वंदेभारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) तैयार की गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले दिनों संसद में कहा था कि चेन्नई की इंट्रीगल कोच फैक्ट्री में वंदे भारत स्लीपर के 10 सैट तैयार हो जाएंगे और फैक्ट्री ने 50 अतिरिक्त वंदेभारत स्लीपर का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। ऐसे होगी समय की बचत नई दिल्ली से पटना: 972 किमी, अन्य ट्रेनों में समय- 17 घंटे, वंदे भारत स्लीपर- 11 घंटे नई दिल्ली से अहमदाबाद: (वाया जयपुर): 1000 किमी, अन्य ट्रेन-14 घंटे, वंदे भारत स्लीपर- करीब 8-9 घंटे नई दिल्ली से भोपाल (New Delhi to Bhopal): 790 किमी, अन्य ट्रेनों में समय 13 घंटे, वंदे भारत स्लीपर- 6-7 घंटे