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हरियाणा की सैनी सरकार में 8 साल बाद बेटियों का लिंगानुपात हुआ 923

चंडीगढ़. हरियाणा ने लिंगानुपात में एक लंबी छलांग लगाई है। 30 दिसंबर 2025 तक जन्म के समय लिंगानुपात 923 दर्ज किया गया है, जो पिछले साल 2024 के मुकाबले 13 अंकों की बढ़त है। साल 2024 में लिंगानुपात 910 दर्ज किया गया था। संकेत इस बात का भी है कि 31 दिसंबर तक लिंगानुपात 923 से पार भी कर जाए। यदि ऐसा होता है तो यह हरियाणा का अब तक का सर्वाधिक लिंगानुपात होगा। साल 2019 में जन्म के समय लिंगानुपात 923 रिकॉर्ड हुआ था। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग इस बारे में जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। 2024 में जन्म के समय लिंगानुपात आठ वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया था। पिछले साल प्रति एक हजार लड़कों के जन्म पर 910 लड़कियों का जन्म हुआ था। हालांकि यह गिरावट 2020 से शुरू हो गई थी। 2020 में 922, 2021 में 914, 2022 में 917, 2023 में 916 और 2024 में 910 रिकॉर्ड किया गया था। लिंगानुपात में लगातार गिरावट से हरियाणा सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को काफी बड़ा झटका लगा। विपक्ष ने भी हरियाणा सरकार को निशाने पर लिया और सरकार की कार्यप्रणाली को निशाने पर लिया। उसके बाद सरकार ने मार्च महीने में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया और लिंगानुपात में गिरावट के लिए जिम्मेदार कारकों पर कड़ा संज्ञान लिया। एसटीएफ ने पाया है कि बेटों की चाह में अवैध गर्भपात ज्यादा किए जा रहे हैं। ऐसे क्लीनिकों व दलालों पर कड़ी नजर रखी गई और कार्रवाई को अंजाम दिया गया। स्पेशल टास्क फोर्स ने क्या कदम उठाए? 1.अवैध गर्भपात सेंटरों पर शिकंजा कसा। 600 से ज्यादा अवैध गर्भपात सेंटर बंद कर दिए गए या खुद से लाइसेंस सरेंडर कर दिया। 2.धड़ल्ले से बिकने वाली गर्भपात किट (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) की बिक्री पर रोक लगाई गई। कड़े कानून की वजह से अब कोई आम व्यक्ति इस किट को नहीं खरीद सकता। 3.एसटीएफ ने माइक्रोलेवल पर निगरानी की। उन गांवों की भी सूची बनाई, जिनका लिंगानुपात 600 से भी कम था। ऐसे गांव की संख्या 450 से ज्यादा थी। एसटीएफ टीम ने इन गांवों में जागरूकता अभियान के साथ दलालों पर भी नजर रखी। 4.जिन गांव व जिलों के लिंगानुपात में सुधार नहीं मिला तो वहां के सिविल सर्जन व एसएमओ को नोटिस जारी कर कड़ा संज्ञान लिया गया।   5. जांच में यह भी पता चला है कि सख्ती होने की वजह से लोग पड़ोसी राज्यों में गर्भपात के लिए जाने लगे। इस पर एसटीएफ ने पड़ोसी राज्यों से संपर्क कर छापे भी मारे और कई संचालकों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का भंडाफोड़ किया। 6. जिन महिलाओं की पहले से ही एक से ज्यादा बेटियां थी और वे गर्भवती भी थी, उन पर नजर रखने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम को नियुक्त किया गया। ऐसी 62 हजार महिलाओं की निगरानी की गई। 7. एसटीएफ ने 12 हफ्ते से ऊपर गर्भपात के मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग भी की। इससे 40 से ज्यादा ऐसे मामले पकड़े गए, जहां बेटियां होने पर गर्भपात कराया गया था, उन पर एफआईआर भी दर्ज की गई। किस साल कितना रहा लिंगानुपात साल              लिंगानुपात 2012             832 2013             868 2014             871 2015             876 2016             900 2017             914 2018             914 2019             923 2020             922 2021            914 2022            917 2023            916 2024            910

Hariyana News: तीन लाख में जयपुर से हाथी मंगवाकर कारपेंटर को दी अनोखी विदाई

हिसार. हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) में कारपेंटर के पद पर कार्यरत दीनानाथ की सेवानिवृत्ति विदाई पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई। 2025 के आखिरी दिन उनकी विदाई हाथी पर सवार होकर की गई, जो न केवल अनोखी थी बल्कि यादगार भी। दीनानाथ को कार्यालय से उनके मॉडल टाउन स्थित घर तक भव्य जुलूस के साथ ले जाया गया। इसके लिए जयपुर से विशेष रूप से तीन लाख रुपये खर्च कर एक हाथी मंगवाया गया था। हाथी को सोने जैसे चमकते नेटीपट्टम (मुकुट) से सजाया गया था। जुलूस के आगे-आगे एक लाख रुपये के पटाखे फोड़े गए, जबकि बैंड-बाजे और नाच-गाने का माहौल पूरे रास्ते बना रहा। एचएसआईआईडीसी के अर्बन एस्टेट स्थित कार्यालय में जैसे ही हाथी पहुंचा, आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। दीनानाथ ने बताया कि करीब तीन साल पहले उन्होंने अपने सहकर्मियों से मजाक में कहा था कि रिटायरमेंट पर वे हाथी पर घर जाएंगे। सहकर्मियों ने उनके इस सपने को साकार करने में पूरा सहयोग किया। जयपुर की एक कंपनी से संपर्क कर स्पेशल कैंटर में हाथी को हिसार लाया गया। दीनानाथ के परिजन संजय सिंह ने बताया कि यह विदाई न केवल परिवार बल्कि पूरे कार्यालय और शहर के लिए यादगार बन गई। ढोल-नगाड़ों और बैंड पार्टी की धुनों पर जुलूस मॉडल टाउन तक पहुंचा, जहां लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।

Hariyana News: नवनियुक्त महानिदेशक अजय सिंघल ने कार्यभार संभाला

चंडीगढ़.  हरियाणा के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने गुरुवार को पंचकूला में अपना कार्यभार संभाला। सेक्टर 6 स्थित हरियाणा पुलिस मुख्यालय में अजय सिंघल ने सलामी ली। इस अवसर पर डीजीपी ने कहा कि वे पुलिस वेलफेयर के लिए काम करेंगे। वे कोशिश करेंगे कि आगे से किसी पुलिस कर्मी की बेटी की शादी है तो उसको वेलफेयर से पांच लाख रुपये दिए जाएं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के मेंटल हेल्थ के लिए कोशिश की जा रही है कि सप्ताह में एक छुट्टी दी जाए। भ्रष्टाचार के मामले में डीजीपी ने कहा कि वे सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे भ्रष्टाचारी विभाग में ना रहें। जो भी ऐसे मामले में पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सिंघल ने कहा कि रोडसेफ्टी, महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस होगा। हरियाणा में ऑपरेशन हॉटस्पॉट जारी रहेगा। विपक्ष के आपराधिक गतिविधियां बढ़ने के बयान पर डीजीपी ने कहा कि अगर ऐसी कोई दिक्कत होती तो हरियाणा की जीडीपी कैसे बढ़ती और हरियाणा के लोग इतने खुशहाल कैसे होते। उन्होंने कहा कि जो आतंक फैला रहा वो आतंकवादी है, मगर ये कानून के तहत धाराओं में तब्दील नहीं किया जा सकता है। उन्होंने रोहिंग्या शरणार्थियों को बड़ी चुनौती बताया कि इस पर काम जारी है, पुलिस अलर्ट मोड़ पर है। 

Hariyana News: सीएम सैनी के नेतृत्व में पार्टी बना रही मजबूती, शैडो MLA बनाए

चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी के लिए 2025 उपलब्धियों से भरा रहा। साल की शुरुआत में नगर निगम चुनाव में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन कर बाजी मारी। संगठन में रिकॉर्ड नियुक्तियां कर प्रदेश में सबसे बड़े संगठन का तमगा हासिल किया। साल भर संगठन के कार्यक्रम चलते रहे, जिससे विधायक से लेकर आखिरी पंक्ति का कार्यकर्ता भी सक्रिय रहा। जिन विधानसभा सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार नहीं जीते वहां शेडो विधायकों की नियुक्ति कर जनता के बीच पार्टी की उपस्थिति भी दर्ज कराई। मन की बात से लेकर पार्टी के हर कार्यक्रम में नेता के तौर पर सक्रिय रह कर मुख्यमंत्री नायब सिंह ने संगठन में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वे हर महीने संगठन के साथ बैठक कर सरकार के कामकाज का फीडबैक भी ले रहे हैं। पार्टी के हर कार्यक्रम में वे बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इससे कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ रहा है। 2024 के विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल करने वाली भाजपा ने 2025 की शुरुआत में दस में से नौ नगर निगमों पर कब्जा कर अपनी जीत का सफर जारी रखा। दमदार संगठन व मजबूत नीतियों की वजह से पार्टी ने पांच नगर निगमों में भारी मतों से जीत हासिल की।  इस जीत ने यह भी बता दिया कि शहरी इलाकों में भाजपा का दबदबा कायम है। उधर, नए भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर साल भर कश्मकश चलती रही। कई अटकलों के बावजूद मोहन लाल बड़ौली पद बचाने में कामयाब रहे। भविष्य पर नजर, 27 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए  नगर निगम चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने संगठन को मजबूत किया। पार्टी ने संगठन का विस्तार करते हुए 27 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए। यह नया प्रयोग पार्टी की भविष्य की रणनीति दिखाता है। दरअसल पार्टी ने उन जिलों में दो अध्यक्ष नियुक्त किए जो संगठन के हिसाब से बड़े हैं ताकि कार्यकर्ता ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिल सकें। पार्टी ने जो 5 नए जिले बनाए हैं उनमें हांसी शामिल है। इसे हिसार से अलग किया गया है। सोनीपत से अलग गोहाना, सिरसा से अलग डबवाली, फरीदाबाद से अलग बल्लभगढ़, गुरुग्राम से अलग पटौदी में अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जिलाध्यक्ष की नियुक्ति में सभी जातियों का ख्याल रखा गया है।  हारी 42 विस सीटों पर प्रभारी लगाए भाजपा की नजर अब 2029 के विधानसभा चुनाव पर है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने हारी हुई 42 विधानसभा सीटों के लिए बड़ी रणनीति तैयार की। इन सीटों के लिए पार्टी ने मंत्रियों व विधायकों को प्रभारी बनाकर शैडो विधायक के तौर पर जिम्मेदारी दी है। इन विधानसभा क्षेत्रों में जितने भी काम होंगे उसकी देखरेख अब यही प्रभारी करेंगे। इसके अलावा हलके में संगठन का काम भी इनके जिम्मे रहेगा। हालांकि पार्टी के इस कदम का विरोध भी हुआ। कांग्रेस ने इसे अलोकतांत्रिक कदम बताया।  एसआईआर के लिए दी ट्रेनिंग  हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अगले चरण में होना है। इसके लिए भाजपा ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने 90 विधानसभा क्षेत्रों में 90 बीएलओ नियुक्त कर दिए हैं। पार्टी की ओर से इन बीएलओ को ट्रेनिंग भी दे दी गई है। पार्टी एसआईआर को गंभीरता से लिया है। अब पार्टी बीएलओ -2 की नियुक्ति कर रही है जो हर बूथ पर तैनात होंगे। मुख्यमंत्री कई बैठकों में कार्यकर्ताओं से कह चुके हैं कि वे एसआईआर की तैयारी करें। कार्यकर्ताओं को नहीं मिला मेहनत का प्रतिफल पूरा साल निकल गया और कार्यकर्ता चेयरमैनी का इंतजार करते रह गए। तीन-तीन चुनावों में पार्टी के लिए दिन-रात एक करने वाले कार्यकर्ताओं व विधानसभा चुनाव में त्याग करने वाले ईमानदार कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि इस साल उन्हें गाड़ी व कोठी मिलेगी मगर उन्हें निराशा मिली। पार्टी की ओर से कई मौकों पर कहा गया कि सूची तैयार है। कभी भी घोषणा हो सकती है मगर ये दावे कोरे ही साबित हुए। हालांकि मार्केट कमेटी व जिला कष्ट निवारण समिति में कई कार्यकर्ताओं को मौका दिया गया है।  

Hariyana News: पुलिस ने नए साल में बदमाशों को दबोचा

सोनीपत. नए साल की शुरुआत होते ही सोनीपत पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। मुरथल थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 के पास सीआईए कुंडली की टीम और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाश की पहचान समीर के रूप में हुई है, जिसे पैर में गोली लगने के बाद सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दूसरे आरोपी साजिद को मौके से ही दबोच लिया गया। दोनों आरोपी सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों बदमाश करीब नौ महीने पहले बहालगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या की वारदात में वांछित थे। सीआईए कुंडली की टीम लंबे समय से इनका पीछा कर रही थी। सूचना मिलते ही टीम ने नेशनल हाईवे 44 के पास घेराबंदी की, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में समीर के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों के कब्जे से अवैध हथियार बरामद किए। सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।

कामकाज में ढिलाई पड़ी भारी! हरियाणा के 2000 अधिकारियों को मिली अंतिम चेतावनी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआइओ) पर लगाए गए दंड की शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जाए। करीब दो हजार अधिकारी ऐसे हैं, जिन पर राज्य सूचना आयोग ने जुर्माना लगाया, लेकिन वह जुर्माना जमा नहीं करा रहे हैं। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यह दंड संबंधित एसपीआइओ से मासिक किस्तों में सीधे वसूल किया जाए। अनुराग रस्तोगी ने कहा कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आरटीआइ अधिनियम के प्रविधानों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि आरटीआइ आवेदनों का समयबद्ध निपटारा और वैधानिक समय सीमा का पालन सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि अधिनियम की भावना को सुदृढ़ किया जा सके और प्रशासन पर जन विश्वास मजबूत हो। हरियाणा में सूचना का अधिकार के तहत अधिकारी-कर्मचारी एक तो सूचना ठीक ढंग से नहीं देते, ऊपर से जुर्माना भी नहीं जमा करवा रहे हैं। इन अधिकारियों पर करीब 10 साल से जुर्माना पेंडिंग है। मुख्य सचिव ने राज्य सूचना आयोग को मासिक रिपोर्ट भी देने की बात कही है। मुख्य सचिव ने विभागों से कहा कि अगर किसी विभाग को वसूली में सहायता की आवश्यकता हो तो वे राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार से संपर्क कर सकते हैं।   हरियाणा में ऐसे 1953 अधिकारी शामिल हैं। जिन पर चार हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक का जुर्माना बकाया है। सबसे ज्यादा पंचायत विभाग के 600 अधिकारियों ने जुर्माना राशि जमा नहीं कराई। जबकि स्थानीय शहरी के 500 तो शिक्षा विभाग के 200 अधिकारियों पर जुर्माना बाकी है। वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वन विभाग, एचएसवीपी, अर्बन एस्टेट, राजस्व, सेवा, परिवहन विभाग समेत कई विभागों के कई अधिकारियों ने अभी तक जुर्माने की राशि जमा नहीं कराई है।  

अजय सिंगल को सौंपी गई हरियाणा पुलिस की कमान, 1992 बैच के IPS अधिकारी को मिली बड़ी जिम्मेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने आईपीएस अधिकारी अजय सिंगल को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति यूपीएससी द्वारा भेजे गए पैनल पर विचार के बाद की गई है।  अजय सिंगल 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और दो वर्ष के निर्धारित कार्यकाल के लिए पदभार संभालेंगे। आदेश में बताया गया कि यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है। साथ ही 1990 बैच के शत्रुजीत सिंह कपूर और 1993 बैच के आलोक मित्तल को भी पैनल में शामिल किया गया था। गृह विभाग ने आदेश की प्रति सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी है।   एसीबी के प्रमुख पद पर तैनात थे हरियाणा में पुलिस महानिदेशक (DGP) की कुर्सी को लेकर अजय सिंघल का नाम सबसे आगे चल रहा है। 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख के रूप में तैनात हैं और वे राज्य पुलिस सेवा में सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। अधिकारियों में अच्छी पकड़ सूत्रों के मुताबिक सिंघल को पुलिस विभाग की धरातलीय जरूरतों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों का अनुभव हासिल है, जिससे उन्हें शीर्ष भूमिका के योग्य माना जा रहा है। अधिकारी स्तर पर उनकी साख मजबूत मानी जाती है। पूर्व सीएम मनोहर लाल के कार्यकाल में थे विश्वासपात्र विश्लेषकों का कहना है कि सिंघल का नाम राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिष्ठानों में भी सकारात्मक माना जाता है। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच अच्छी पकड़ और पिछले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में प्रशासकीय टीम में विश्वसनीय अधिकारी के रूप में देखा गया है।

जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं: हेल्थ मिनिस्टर आरती सिंह का दो टूक संदेश

चंडीगढ़ हरियाणा की हेल्थ मिनिस्टर आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य के लोगों की हेल्थ के साथ कोई छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क सॉल्वैंट्स और एक्सिपिएंट्स के मामले में, इंडस्ट्रियल-ग्रेड्स को अपने प्रोडक्ट्स की सेल और ट्रांसपोर्ट में नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। अगर कोई मैन्युफैक्चरर उल्लंघन करता है, तो उसका लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है और उसके खिलाफ लीगल एक्शन भी लिया जा सकता है। फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन हरियाणा के स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर ललित कुमार गोयल ने कहा कि हेल्थ मिनिस्टर आरती सिंह राव की गाइडलाइंस के अनुसार पब्लिक हेल्थ को ध्यान में रखते हुए यह एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल-ग्रेड हाई रिस्क सॉल्वैंट्स और एक्सिपिएंट्स के गलत इस्तेमाल को रोकने और पब्लिक हेल्थ की सेफ्टी सुनिश्चित करने के मकसद से एक ज़रूरी एडवाइजरी जारी की गई है। यह एडवाइजरी हरियाणा स्टेट फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के ज़रिए राज्य के सभी फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स, ट्रेडर्स, इंपोर्टर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को बता दी गई है। उन्होंने कहा कि यह निर्देश डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ हेल्थ सर्विसेज़, एनफोर्समेंट डिवीज़न, भारत सरकार की 22 दिसंबर 2025 को जारी एडवाइज़री के अनुसार जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि बिना सेफ्टी के इंडस्ट्रियल-ग्रेड हाई रिस्क सॉल्वैंट्स की बिक्री पब्लिक हेल्थ के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है और इससे दवा सप्लाई की क्वालिटी और सेफ्टी पर असर पड़ता है। एडवाइज़री के अनुसार, सभी हाई रिस्क इंडस्ट्रियल सॉल्वैंट्स के कंटेनर पर उनके इस्तेमाल के लिए साफ़ और पढ़ने लायक मार्क लगाना ज़रूरी होगा। यह चेतावनी सेल्स बिल, डिलीवरी चालान और लेन-देन से जुड़े दूसरे सभी डॉक्यूमेंट्स पर भी खास तौर पर दिखाई जाएगी। उन्होंने साफ़ किया कि हाई रिस्क सॉल्वैंट्स और एक्सिपिएंट्स की खुली बिक्री पूरी तरह से मना रहेगी। ये प्रोडक्ट्स भी सिर्फ़ ओरिजिनल, सील्ड और टैम्पर-प्रूफ कंटेनर में ही बेचे जाएंगे, जिन पर पूरी लेबलिंग और बैच-ट्रेसेबिलिटी से जुड़ी जानकारी होनी चाहिए।  गोयल ने कहा कि इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित यूनिट्स के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस कैंसिल करना या कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार लोगों की सेहत की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देती है और फार्मा सेक्टर में क्वालिटी, ट्रांसपेरेंसी और सेफ्टी पक्का करने के लिए लगातार ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं। ये निर्देश सिर्फ़ लोगों की सेहत और सेफ्टी के हित में जारी किए गए हैं।

हरियाणा क्राइम न्यूज: गैंगरेप और वाहन से फेंकने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद में महिला के साथ चलती गाड़ी में में महिला के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है. इस दौरान पीड़िता का विरोध करने पर बुरी तरह से पिटाई की गई है. महिला को घायल अवस्था में निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जानकारी के अनुसार, महिला ने कार में लिफ्ट ली थी. आरोप है कि आरोपी 2 घंटे तक महिला को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर घुमाते रहे औऱ फिर सुबह तीन बजे एसजीएम नगर के पास चलती गाड़ी से फेंक कर भाग गए. पुलिस ने फिलहाल, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित की बहन ने शिकायत में बताया है कि रात 8:30 बजे उनके पास बहन की कॉल आई थी और उसे बताया गया कि घर में मां से कहांसुनी हो गई है और मैं अपनी सहेली के घर जा रही हूं और उसने कहा था कि मैं अपनी सहेली के घर से 3 घंटे में वापस आ जाऊंगी. पीड़िता की बहन के मुताबिक देर रात करीब 12:00 बजे पीड़िता कहीं जाने के लिए सवारी का इंतजार करने लगी. इसी दौरान वह एक इको वैन रुकी, जिसमें दो युवक पहले से बैठे हुए थे. आरोप है कि लिफ्ट देने के बाद दोनों युवक वैन को गुरुग्राम रोड की ओर ले गए. फिर फरीदाबाद-गुरुग्राम मार्ग स्थित हनुमान मंदिर से आगे जाकर आरोपी कार चलता रहा और दूसरे ने महिला के साथ दुष्कर्म किया. 2 घंटे तक आरोपी वैन को फरीदाबाद गुरुग्राम रोड पर घूमते रहे. सिर पर चोट और 12 टांके लगे  महिला के चेहरे और सिर पर चोट आई है और 12 टांके लगे है. देर रात पीड़ित ने अपनी बहन को कॉल कर कर इस बारे में बताया. बहन मौके पर पहुंची और देखा कि पीड़ित ने देखा कि इलाज के लिए उसे फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया था, हालांकि, फरीदाबाद के प्राइवेट अस्पताल में पीड़िता का इलाज चल रहा है और पुलिस इस पूरे मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं. जो फरीदाबाद में ही रहते थे.

ओपी सिंह आज होंगे रिटायर, हरियाणा के अगले DGP के लिए UPSC ने तय किए संभावित नाम

चंडीगढ़  हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) को लेकर आज दिल्ली में अहम मंथन होने जा रहा है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की पैनल कमेटी आज बैठक कर पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों को शॉर्टलिस्ट करेगी। यह पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद 1 जनवरी को नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर आदेश जारी होने की संभावना है।  इससे पहले हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह आज (31 दिसंबर) सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके साथ ही 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहम्मद अकील और 1991 बैच के आलोक कुमार रॉय भी रिटायर हो चुके हैं। गृह विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। फिलहाल डीजी जेल को तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है। UPSC की बैठक में कौन-कौन रहेगा शामिल यूपीएससी की पैनल कमेटी में आयोग के अध्यक्ष (या उनके प्रतिनिधि), केंद्रीय गृह सचिव या उनके नामित अधिकारी, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह और केंद्र सरकार द्वारा नामित किसी सीपीओ या सीपीएमएफ प्रमुख को शामिल किया गया है। ये 5 अधिकारी रेस में शामिल : हरियाणा सरकार ने 16 दिसंबर को यूपीएससी को पांच आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था। इनमें शामिल हैं—शत्रुजीत कपूर (1990 बैच), एसके जैन (1991 बैच), अजय सिंघल (1992 बैच), आलोक मित्तल (1993 बैच), अर्शिंदर चावला (1993 बैच)। हालांकि पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर को आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में दर्ज एफआईआर के चलते पहले ही छुट्टी पर भेजा जा चुका है। इसी कारण यूपीएससी ने इस केस से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी राज्य सरकार से मांगी थी। डीजीपी पद के प्रमुख दावेदार अजय सिंघल (1992 बैच) : वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख हैं। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के करीबी माने जाते हैं और आरएसएस से भी अच्छे संबंध बताए जाते हैं। जमीनी पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। आलोक मित्तल (1993 बैच) : पूर्व में टाटा मोटर्स में कार्य कर चुके हैं। देश में पहली महिला पीसीआर की शुरुआत करने का श्रेय इन्हें जाता है। एनआईए में भी सेवाएं दे चुके हैं और सीएम के भरोसेमंद अफसरों में गिने जाते हैं। अर्शिंदर (ए.एस.) चावला (1993 बैच) : हाल ही में डीजी रैंक में प्रमोशन मिला है। वर्तमान में हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के निदेशक हैं। प्रशिक्षण और प्रशासनिक सुधारों में मजबूत पकड़ मानी जाती है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के करीबी होने के चलते उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें UPSC की बैठक पर टिकी हैं, जहां से तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद हरियाणा को जल्द ही नया स्थायी पुलिस महानिदेशक मिलने की उम्मीद है।