samacharsecretary.com

साइबर फ्रॉड का बढ़ता कहर: हरियाणा में हर महीने 40 करोड़ से अधिक की चोरी

गुरुग्राम  हरियाणा में साइबर फ्रॉड का खतरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में राज्य ने डिजिटल धोखाधड़ी के कारण ₹850 करोड़ का नुकसान झेला, जिसमें केवल गुरुग्राम ने कुल मामलों का 20 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया। यह जानकारी पीएस साइबर मानेसर के सब-इंस्पेक्टर विकास बेनीवाल ने “नॉक आउट डिजिटल फ्रॉड” नामक राष्ट्रव्यापी जागरूकता कार्यक्रम में दी, जिसे हरियाणा पुलिस और बजाज फाइनेंस लिमिटेड (बीएफएल) द्वारा संयुक्त रूप से गवर्नमेंट कॉलेज, सिधरावली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के लगभग 250 छात्र और फैकल्टी सदस्य शामिल हुए। विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी पर विस्तार से बताते हुए बेनीवाल ने कहा, “लोगों के शिकार होने की सबसे बड़ी वजह है—अज्ञानता, लालच और भय। फ्रॉडस्टर डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट स्कैम और टास्क-बेस्ड फ्रॉड जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके पीड़ितों को अलग-थलग कर देते हैं, उनकी मनोविज्ञान का फायदा उठाते हैं और उनकी जीवन भर की कमाई साफ कर देते हैं। जब भी कोई व्यक्ति आपसे पैसे या बैंक डिटेल मांगता है, तो बिना किसी संदेह के समझ लें कि वह फ्रॉडस्टर है। जागरूकता ही असली सुरक्षा है।” उन्होंने आगे कहा, “गुरुग्राम में ही 2024 में 25,000 से अधिक साइबरक्राइम मामले दर्ज हुए हैं। साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में पीड़ित को तुरंत साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, क्योंकि इससे खोए हुए पैसे की रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है। पहले तीन घंटे इस तरह के मामलों में ‘गोल्डन पीरियड’ माने जाते हैं।” उन्होंने बताया कि अब तक रिपोर्ट हुए मामलों में 5,000 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। 2024-25 में हरियाणा पुलिस ने साइबर फ्रॉड मामलों से ₹100 करोड़ की रिकवरी की है। पूरे भारत में इसी अवधि में साइबर धोखाधड़ी के कारण नुकसान ₹22,800 करोड़ से अधिक पहुंच गया है—जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40% अधिक है। जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, पीएस साइबर मानेसर, हरियाणा के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर राजेशपाल ने कहा, “हमारा देश तरक्की कर रहा है, और जैसे-जैसे हम मजबूत बन रहे हैं, साइबर फ्रॉड हमारे खिलाफ एक आर्थिक युद्ध का रूप ले चुका है। इसलिए राष्ट्रव्यापी धोखाधड़ी जागरूकता बेहद जरूरी है। आपको सतर्क रहना चाहिए और आकर्षक ऑफर्स, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया के जाल से खुद को बचाना चाहिए। फ्रॉडस्टर विदेशों से काम करते हैं और हमारी लापरवाही का फायदा उठाते हैं।” उन्होंने कहा, “अपनी बैंक डिटेल साझा न करके, हर कदम से पहले सत्यापन करके और सतर्क रहकर कोई भी आसानी से साइबर फ्रॉड से खुद को बचा सकता है।” पीएस साइबर मानेसर, हरियाणा के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार ने कहा, “आज साइबर फ्रॉड एक व्यवसाय बन चुका है, जो देशभर में विभिन्न क्लस्टर्स के माध्यम से संचालित होता है। संचार और डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ हमारी कमजोरियां भी बढ़ी हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात है—जागरूकता। यदि आपको कभी साइबर फ्रॉड का संदेह हो, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें, क्योंकि शुरुआती कार्रवाई से ट्रांज़ैक्शन रोकने की संभावना काफी बढ़ जाती है। एक्सेस साझा न करें, संदिग्ध एपीके फाइलों से बचें, और हर प्लेटफॉर्म पर एक ही नंबर लिंक न करें।” इस अवसर पर गवर्नमेंट कॉलेज सिधरावली के प्रोफेसर पी.के. मलिक ने कहा, “भारत का युवा विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सतर्क और जानकारी पूर्ण रहकर वे अपने परिवारों और समुदायों की रक्षा कर सकते हैं।” बजाज फाइनेंस लिमिटेड (बीएफएल), जो भारत का सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है और बजाज फिनसर्व का हिस्सा है, एक राष्ट्रव्यापी वित्तीय साक्षरता और साइबर फ्रॉड जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसका उद्देश्य डिजिटल उपयोगकर्ताओं को विभिन्न तरह के खतरों के बारे में जानकारी देना और वित्तीय सुरक्षा के सर्वोत्तम उपाय सिखाना है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 2024 के फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जिसमें प्रारंभिक पहचान, स्टाफ जवाबदेही और जनसहभागिता को डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। यह कार्यक्रम व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान करता है। इसमें ओटीपी, पिन साझा न करना, संदिग्ध ईमेल, एसएमएस, लिंक, क्यूआर कोड से बचना और अज्ञात स्रोतों से ऐप डाउनलोड न करने की सलाह शामिल है। कार्यक्रम में इंटरैक्टिव वर्कशॉप, डिजिटल अवेयरनेस ड्राइव और प्रमुख शहरों एवं कस्बों में सामुदायिक पहुंच गतिविधियाँ शामिल हैं। यह पहल उन सामान्य वित्तीय धोखाधड़ियों पर ध्यान आकर्षित करती है, जो फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सऐप ग्रुप और ऐसी वेबसाइटों के माध्यम से की जाती हैं, जो वित्तीय कंपनियों जैसी लगती हैं और उनके कर्मचारियों का झूठा प्रतिरूपण करती हैं।

शादीशुदा महिला और शादी के वादे के तहत संबंध—हाईकोर्ट ने दी अहम संवैधानिक राय

चंडीगढ़  शादी का झांसा देकर बलात्कार के मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत का कहना है कि यह नहीं माना जा सकता कि एक कानूनी रूप से विवाहित महिला को शादी के नाम पर यौन संबंधों के लिए सहमत किया जा सकता है। कोर्ट ने पाया कि महिला किसी अन्य पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बनाने के दौरान शादीशुदा थी।  रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने इस मामले में दर्ज FIR को रद्द करने के आदेश दिए हैं। याचिका पर सुनवाई कर रहीं जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल ने कहा कि यह नहीं माना जा सकता कि अभियोक्ता (महिला) ने याचिकाकर्ता की तरफ से किए गए वादों के प्रभाव में काम किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान महिला याचिकाकर्ता के साथ शारीरिक संबंधों में भी शामिल रही थी। उन्होंने कहा, 'जब एक पूरी तरह से परिपक्व, शादीशुदा महिला शादी के वादे पर यौन संबंधों की सहमति देती है और ऐसा करना जारी रखती है, तो यह शादी का अपमान है। न कि तथ्यों की गलत धारणा के प्रभाव में आकर काम करना। ऐसे मामले में याचिकाकर्ता पर आपराधिक दायित्व तय करने के लिए IPC की धारा 90 नहीं लगाई जा सकती। स्पष्ट तौर पर अभियोक्ता याचिकाकर्ता के साथ 1 साल से ज्यादा समय तक सहमति से संबंध में थी, जिस दौरान वह अपने पति के साथ भी विवाहित रही।' कोर्ट ने कहा, 'अगर याचिकाकर्ता के खिलाफ FIR में दर्ज कराए आरोपों और सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए बयानों को मान भी लिया जाए, तो यह अकल्पनीय है कि कानूनन रूप से शादीशुदा महिला को शादी के वादे पर यौन संबंधों के लिए सहमत किया जा सकता है। ऐसा लगता है कि अभियोक्ता लंबे समय से याचिकाकर्ता के साथ यौन संबंधों में थी। जब उसकी बहन की याचिकाकर्ता के साथ सगाई हो गई, तो उसे भावनात्मक रूप से धक्का लगा। ऐसे में केस दर्ज कराया गया।' कोर्ट ने पाया कि, 'अभियोक्ता वकील है और यह अच्छी तरह से जानती है कि वह अपने पति साथ वैध विवाह में है। याचिकाकर्ता भी वकील है, जो अभियोजन पक्ष के वकील के खिलाफ केस लड़ रहा है। ऐसे में याचिकाकर्ता के इस स्थिति में होने का सवाल ही नहीं उठता कि वह महिला को शादी के वादे पर शारीरिक संबंधों के लिए सहमत कर पाए।' कोर्ट ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ IPC की धारा 506 के तहत केस दर्ज है। आरोप हैं कि जब महिला ने याचिकाकर्ता से उसकी बहन के साथ सगाई का विरोध किया, तो उसने महिला को मारने की धमकी दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की तरफ से कहे गए शब्दों का खुलासा नहीं किया गया है। ऐसे में इसके अभाव में यह पता लगाना संभव नहीं है कि याचिकाकर्ता का इरादा अभियोक्ता को डराने का था। साथ ही कोर्ट ने FIR में तारीख, जगहों का जिक्र नहीं होने पर भी गौर किया।

ध्यान दें यात्रीगण! घने कोहरे की चेतावनी के बीच 32 ट्रेनें 1 दिसंबर से रद्द

अंबाला  सर्दियों का मौसम शुरू होते ही कई क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोहरा छाने लगा है। इसी को ध्यान में रखते हुए अंबाला रेल मंडल तथा उत्तरी रेलवे ने अपनी तैयारियां समय से पहले ही पूरी कर ली हैं। अंबाला रेल मंडल ने 1 दिसंबर से लगभग 32 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही 20 ट्रेनों के संचालन की अवधि में भी कटौती की गई है। जानकारी देते हुए अंबाला रेल मंडल के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए स्टेशन लेवल पर इंतजाम किए गए हैं। वहीं, हर बार लास्ट मोमेंट पर ट्रेन कैंसिल होती थी, लेकिन इस बार पहले से ही शेड्यूल जारी कर दिया है कौन सी ट्रेन रद्द रहेंगे। इस बारे में जानकारी देते हुए अंबाला रेल मंडल के सीनियर डीसीएम नवीन ने बताया कि बदलते मौसम को देखते हुए लगभग 32 ट्रेनों को रद्द किया गया है और 20 ट्रेनों के संचालन में भी कटौती की गई है। पहले अक्सर ये होता था की लास्ट मोमेंट पर ट्रेन कैंसिल होती थी, जिसकी वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था लेकिन अब पहले से ही कई ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं, यात्रियों की सुविधा को देखते हुए स्टेशन लेवल पर भी पूरे इंतजाम किया जाते हैं।  

350वें शहीदी दिवस पर CM सैनी का नमन: कहा- गुरु तेग बहादुर की त्याग-परंपरा सदैव अमर

यमुनानगर  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज यमुनानगर पहुंचे, जहां उन्होंने सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले साढ़ौरा स्थित ऐतिहासिक गुरुघर में पूरे सम्मान के साथ शीश नवाया और माथा टेका।  गुरु तेग बहादुर का जीवन पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणास्रोत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर श्री गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदानों और शहादत को नमन करते हुए उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का जीवन और उनकी शहादत पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने पूरी दुनिया को सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलने का रास्ता दिखाया। मुख्यमंत्री ने इस बात को राज्य का सौभाग्य बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर की शहादत की याद में निकाली जा रही 'हिन्द की चादर यात्रा' का आयोजन हरियाणा में हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा प्रदेश के हर कोने में निकाली जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य गुरु श्री तेग बहादुर जी के ऐतिहासिक बलिदानों को जन-जन तक पहुंचाना है।  24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होगा पवित्र यात्रा का समापन  मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि इस पवित्र यात्रा का समापन 24 नवंबर को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में होगा। प्रदेशभर से निकली सभी यात्राएं कुरुक्षेत्र में एकत्रित होंगी। इसके उपरांत, 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय महा समागम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे और गुरु साहिब को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।  ये रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुज्जर समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में सिख संगत ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। मुख्यमंत्री सैनी ने सभी को गुरु तेग बहादुर जी के बलिदानों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।  

मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज: हरियाणा सरकार करने जा रही 550 डॉक्टरों की नियुक्ति

चंडीगढ़ हरियाणा स्वास्थ्य विभाग जल्द ही प्रदेश में 550 डॉक्टरों की भर्ती करेगा। यह डॉक्टर सिविल अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात होंगे। मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक स्वीकृति के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी फाइल तैयार की जा रही है। यह भर्ती अगले साल मार्च तक पूरी होने की संभावना है। इन डॉक्टरों के आने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। मालूम हो कि हरियाणा सरकार ने 2024 में 777 डॉक्टरों की भर्तियां निकालीं थीं। इनमें से 747 डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी गई थी। बाकी सीटों पर उम्मीदवार नहीं आए थे। इन डॉक्टरों की सिविल अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में तैनाती भी कर दी गई थी। कुछ सीटों पर ज्वाइनिंग के बाद भी डॉक्टर स्टेशन पर नहीं पहुंचे थे।   हरियाणा के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जिन जगहों पर डॉक्टरों के खाली पद पड़े हैं वहां जल्द ही डॉक्टरों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। सरकार इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही सारी सुविधाएं दी जाएं। आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री से गैरहाजिर चल रहे 68 डॉक्टरों की सेवाएं भी समाप्त कर दी थीं। इन सभी खाली पदों को भरने के लिए अब सरकार फिर से 550 डॉक्टरों की भर्ती करने जा रही है। यह पद मेडिकल ऑफिसर के होंगे। हरियाणा में मेडिकल ऑफिसर के 3969 पद हैं जिनमें से करीब 550 पद खाली हैं। सीनियर मेडिकल ऑफिसर के 644 पद हैं जिनमें से 219 पद खाली हैं।

हरियाणा को मिला राष्ट्रीय जल पुरस्कार, ये सम्मान हरियाणा की जनता और हमारे किसानों की मेहनत को समर्पित

हरियाणा  नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में हरियाणा को तीसरा स्थान मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में सिंचाई एवं महिला बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी को सम्मानित किया और उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस मौके पर मंत्री के साथ विभाग के Additional Chief Secretary एवं EIC मौजूद रहे।  श्रुति चौधरी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रीय जल पुरस्कार में हरियाणा को तीसरा स्थान प्राप्त होना सम्मान की बात है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिया गया ये सम्मान हरियाणा की जनता की जागरूकता और हमारे किसानों की मेहनत को समर्पित है। हरियाणा सरकार की योजनाओं ने इसे सम्भव किया है और स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल व सुरेंद्र सिंह के सपनों को साकार किया है। हम मिलकर जल संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। बधाई हरियाणा! ये आपका पुरस्कार है। राष्ट्रीय जल पुरस्कार में हरियाणा को तीसरा स्थान प्राप्त होना सम्मान की बात है। महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी द्वारा दिया गया ये सम्मान हरियाणा की जनता की जागरूकता और हमारे किसानों की मेहनत को समर्पित है। इससे पहले श्रुति चौधरी ने एक और एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरे राज्य हरियाणा के लिए यह अत्यंत गर्व और उपलब्धि की बात है कि उसे आज भारत सरकार, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सीआर पाटिल द्वारा घोषित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में तृतीय पुरस्कार मिला है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए धन्यवाद देती हूं, जिनके नेतृत्व में जल संसाधन मंत्रालय का गठन हुआ और जिन्होंने हरियाणा में जल संरक्षण के लिए अथक प्रयास किया है। मैं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी उनके नेतृत्व के लिए धन्यवाद देता हूँ और हरियाणा सरकार के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करता हूँ। जय हरियाणा! 

3 करोड़ में तैयार हुई हरियाणा की शानदार नाइट फूड स्ट्रीट, खाने-पीने के शौकीनों के लिए बनेगी नई पसंद

अंबाला अंबाला छावनी के गांधी मैदान के साथ 3 करोड़ की लागत से नाइट फूड स्ट्रीट का निर्माण किया गया है और अब इसकी साज-सज्जा का काम शुरु हो गया है। जल्द ही मार्केट के उद्घाटन को लेकर भी कार्रवाई शुरु हो जाएगी। इसकी तैयारी भी नगर परिषद ने शुरु कर दी है, वहीं नाइट फूड स्ट्रीट में दुकानों को निविदा पर देने के लिए प्रमुख खान-पान कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं।  स्ट्रीट के पहले चरण में एक करोड़ रुपये और दूसरे चरण में लगभग दो करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यहां 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गांधी मैदान के साथ खाली जगह को भी दुरुस्त किया गया है और यहां 50 के करीब कारें खड़ी हो सकेंगी। इसके अलावा नाइट फूड स्ट्रीट में आने वाले लोगों को साफ व स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए अलग से शौचालय आदि का निर्माण किया गया है, वहीं सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे और गार्ड आदि की तैनाती भी की जाएगी।  छोटे बच्चों के लिए खेल-खिलौनों की सुविधा भी नाइट फूड स्ट्रीट में छोड़ी गई खाली जगह पर मिलेगी। नप के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने बताया कि नाइट फूड स्ट्रीट के लिए खान-पान से जुड़ी नामी कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं। इसकी अंतिम तिथी 27 नवंबर निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि यहां 60 दुकानें बनाई गई हैं। इनमें 20 दुकानें मांसाहारी खाद्य पदार्थ परोसने के लिए निर्धारित की गई हैं, जबकि 40 दुकानों पर शाकाहारी खाद्य पदार्थ परोसे जाएंगे।   

रिकॉर्ड बना, अब विवाद! लिम्का बुक में दर्ज धौज गांव फिर सुर्खियों में

फरीदाबाद  अल-फलाह यूनिवर्सिटी में एक टेरर मॉड्यूल मामले के सामने आने के बाद धौज गांव चर्चा में है, लेकिन इसी के साथ गांव की छवि को नुकसान पहुंचने की बात भी जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 2001 में धौज गांव का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। रिटायर्ड एडिशनल सेशन जज अब्दुल माजिद ने भी पुलिस और खुफिया विभाग पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जब थाना महज एक किलोमीटर दूरी पर है, तो फिर पुलिस को इस टेरर मॉड्यूल की कोई जानकारी क्यों नहीं मिली? ग्रामीणों ने बताया कि धौज गांव में सभी बिरादरी के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं और गांव में इससे पहले कभी भी इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। लोगों का कहना है कि कुछ व्यक्तियों की गतिविधियों के आधार पर पूरे गांव को बदनाम करना ठीक नहीं है। जांच में सामने आया नाम हाजी मद्रासी का भी ग्रामीणों ने बचाव किया। जानकारी के अनुसार, हाजी मद्रासी ने मुजम्मिल को किराए पर कमरा दिया था, लेकिन उन्हें उसके बारे में केवल इतना पता था कि वह एक बड़ा डॉक्टर है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी व्यक्ति के पेशे या उससे मिलने-जुलने वाले लोग उसके किसी अवैध गतिविधि से जुड़े हों, यह मान लेना गलत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और गांव की छवि को बिना वजह धूमिल न किया जाए। 

इन कर्मचारियों का DA 8 प्रतिशत बढ़ा, नवम्बर 2025 से मिलेगा पूूरा पैसा

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने उन राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डी.ए.) में वृद्धि को मंजूरी दी है जो 5वें वेतन आयोग की वेतन संरचना के अनुसार वेतन प्राप्त कर रहे हैं। संशोधित दर अनुसार डी.ए. को मौजूदा 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत किया गया है जो 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी। इस संबंधी आदेश मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, द्वारा जारी किया गया है। बढ़ा हुआ डी.ए. नवम्बर 2025 के वेतन के साथ प्रदान किया जाएगा जबकि जुलाई से अक्तूबर 2025 तक की बकाया राशि दिसम्बर 2025 में दी जाएगी। वित्तीय नियमों अनुसार डी.ए. की राशि में यदि 50 पैसे या उससे अधिक का अंश हो तो उसे अगले पूर्ण रुपए तक पूर्णांकित किया जाएगा और 50 पैसे से कम के अंश को नजरअंदाज किया जाएगा ।  

हरियाणा सरकार का बड़े स्तर पर कदम, 2 जिलों में खुलेंगी ऑर्गेनिक फसलों की मंडियां

करनाल  हरियाणा में प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर कदम उठाने जा रही है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि किसानों को अपनी जैविक फसलों की बिक्री में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए गुरुग्राम और हिसार में विशेष ऑर्गेनिक मंडियां स्थापित की जाएंगी। इन मंडियों में किसान सीधे अपनी शुद्ध और प्राकृतिक उत्पादित फसलें बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। करनाल के महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान राणा ने कहा कि वर्तमान खेती में रासायनिक खादों और दवाइयों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसान धीरे-धीरे गेहूं-धान आधारित खेती से आगे बढ़कर मोटे अनाज और प्राकृतिक तरीकों की ओर रुख करें। मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक खेती को अपनाने वालों को सरकार की ओर से भारी अनुदान दिया जा रहा है, ताकि किसान इसमें अधिक रुचि लें और स्वस्थ व पोषक फसलों का उत्पादन बढ़े। राणा ने कहा कि ऑर्गेनिक फसलों के लिए अलग मंडियां बनाना सरकार की प्राथमिक योजना का हिस्सा है और इससे किसानों को बेहतर बाजार और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध होगा।