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कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स की नौकरी पर संकट! 1400 शिक्षकों ने सीएम नायब सैनी से लगाई गुहार

चंडीगढ़  हरियाणा के विश्वविद्यालयों में वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्थाई सुरक्षा देने की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ गई है। मंगलवार को हरियाणा विश्वविद्यालय अनुबंधित शिक्षक संघ (हकूटा) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से उनके निवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि शीतकालीन विधानसभा सत्र में सेवा-सुरक्षा अधिनियम पारित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में लगभग 1400 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर वर्षों से कार्यरत हैं, लेकिन अब तक उन्हें वैसी रोजगार-गारंटी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कॉलेजों के लगभग 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर और एक लाख 20 हजार कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को अधिनियम-2024 के तहत रिटायरमेंट उम्र यानी 58 वर्ष तक की जॉब सिक्योरिटी दी जा चुकी है। सीएम से मिलने के बाद संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने बताया कि बीते शीतकालीन सत्र में सरकार द्वारा सेवा-सुरक्षा का आश्वासन दिया गया था और मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक समिति भी बनाई गई थी, जिसने अपना कार्य पूरा कर लिया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी विश्वविद्यालयों से आवश्यक डेटा एकत्र किया जा चुका है और प्रस्ताव अब अंतिम मंज़ूरी के चरण में है। डॉ. विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का यह निर्णय प्रदेश की ट्रिपल इंजन सरकार की ओर से नए साल पर एक ऐतिहासिक उपहार होगा। मुलाकात के दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डॉ. अश्वनी व डॉ. सतपाल और बीपीएस महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां से डॉ. अमित व डॉ. विजय मौजूद रहे। संघ को अब उम्मीद है कि इस सत्र में अधिनियम पारित होकर अनुबंधित शिक्षकों को 60 वर्ष की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अगर ऐसा होता है तो यह निर्णय शिक्षक समुदाय के लिए ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालयों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों और कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चररों की योग्यता, वेतनमान और कार्यप्रणाली लगभग समान है। इसलिए इस श्रेणी को सेवा-सुरक्षा से बाहर रखना न्यायसंगत नहीं। शिक्षा स्तर पर प्रभाव की बात करते हुए डॉ. विजय ने कहा कि रोजगार सुरक्षा से शिक्षकों में स्थिरता आएगी, जिससे अध्यापन की गुणवत्ता बेहतर होगी और युवा वर्ग को लाभ मिलेगा।

पुस्तक सिर्फ शब्द नहीं, संवेदनाओं का संगम है: नायब सैनी — मुख्यमंत्री ने किया भव्य विमोचन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ‘हैंडबुक फॉर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स’ का विमोचन किया। यह पुस्तक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. केके खंडेलवाल और हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह द्वारा लिखी गई है। हरियाणा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर हरियाणा आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था के लिए सार्थक बताते हुए कहा कि यह साधारण समारोह नहीं है, बल्कि यह विचारों का उत्सव है। जब एक पुस्तक लिखी जाती है तो वह केवल शब्दों का संगम नहीं होती, बल्कि वह लेखक की सोच, उसकी साधना और उसकी संवेदनाओं का संगम होती है। पुस्तक केवल लाइब्रेरी की शोभा ही नहीं बनती, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों का एक मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पवित्र संविधान को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का यह विमोचन इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि यह पुस्तक ऐसे समय में प्रकाशित हो रही है, जब देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता- 2023 ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड, 1973 का स्थान लिया है। यह परिवर्तन न्याय प्रक्रिया को तेज, सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हरियाणा में इन तीनों आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू कर दिया है। ऐसे परिवर्तन के दौर में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि, वे प्रशासनिक प्रणाली का वह स्तंभ हैं, जिनके कंधों पर कानून-व्यवस्था, जन सुरक्षा, शांति और निष्पक्ष न्याय की सीधी जिम्मेदारी होती है। 10 भाग और 45 अध्याय सीएम ने कहा कि इस पुस्तक की विशेषता यह है कि यह कानूनों का संकलन मात्र नहीं है। यह एक ऐसा व्यापक मार्गदर्शक है, जो कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका से लेकर उनकी शक्तियों, व्यावहारिक प्रक्रियाओं, कानूनी आवश्यकताओं और जमीनी परिस्थितियों में उनके प्रयोग तक, हर पहलू को अत्यंत सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करती है। 10 भागों और 45 अध्यायों में लिखी गई यह पुस्तक अपने आप में एक संपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है। यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में विभिन्न पहलुओं का विस्तृत, विवेचनात्मक और अत्यंत व्यावहारिक विवरण दिया गया है। इनमें निवारक न्याय, सुरक्षा कार्यवाही, मजिस्ट्रियल जांच, मृत्यु घोषणाओं, पहचान परेड, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, दंगा नियंत्रण, मानहानि, अवमानना, अनुशासनिक अधिकार आदि शामिल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली, स्पष्टता प्रदान करने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी।   मुख्यमंत्री ने दोनों लेखकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. के.के. खंडेलवाल का इंजीनियर, विधि विशेषज्ञ, प्रशासक, लेखक और सार्वजनिक सेवक के रूप में व्यापक अनुभव प्रशासनिक प्रणाली के लिए अमूल्य रहा है। वर्तमान में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के चीफ नेशनल कमिश्नर के रूप में उनका मार्गदर्शन युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रहा है। इसी प्रकार अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह ने ऊर्जा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, शहरी एस्टेट, खनन, सिंचाई एवं जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपने नेतृत्व से राज्य को नई दिशा प्रदान की है। यह पुस्तक दोनों के अनुभव और दृष्टि का उत्कृष्ट समन्वय है। संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अक्सर ऐसी स्थिति का भी सामना करना पड़ता है, जहां कुछ मिनटों में बड़े निर्णय लेने होते हैं। ऐसे समय में अनुभव और कानून दोनों का संतुलन ही अधिकारी को सक्षम और प्रभावी बनाता है। यह पुस्तक उसी संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सदैव सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्वपूर्ण प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी। हमारा लक्ष्य है कि प्रशासन का हर स्तर आम नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण बनाए। फील्ड अधिकारियों के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ : सुधीर राजपाल अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि नये अधिकारियों को जब अचानक फील्ड में या कार्यालय में जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, तब उन्हें एक ऐसी पुस्तक की आवश्यकता होती है, जो उनके लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ का कार्य करे। यह पुस्तक उसी सोच का परिणाम है कि वरिष्ठ अधिकारी अपनी टीम को मजबूत बनाने और हर कदम पर मार्गदर्शन देने के लिए कैसे साथ खड़े रहें।  

HKRN के लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित, सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया लागू की

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने एक कड़ी मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है, जिसमें सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हरियाणा कौशल रोज़गार निगम लिमिटेड को देय एकमुश्त राशि का भुगतान समय पर और एकरूपता के साथ करें। इस प्रक्रिया में विशेष रूप से एक सरल व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारी भविष्य निधि के समयबद्ध और सुचारू अनुपालन पर बल दिया गया है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्डों के प्रबंध निदेशकों को भेजे गए पत्र में कहा है कि नई प्रक्रिया का उद्देश्य निगम के माध्यम से तैनात संविदा कर्मचारियों के लिए भुगतान में समानता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी दायित्व—विशेषकर कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित—विभागों द्वारा भविष्य निधि खातों को सीधे संचालित किए बिना समय पर पूरे हो सकें।मानक संचालन प्रक्रिया में भुगतान प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं। कार्यालय प्रमुख को अभिलेख सत्यापित करने और वेतन वितरण में देरी रोकने के लिए समय पर प्रशासनिक स्वीकृति जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है। आहरण तथा संवितरण अधिकारी को इस प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका दी गई है। उन्हें बिल, उपस्थिति और तैनाती अभिलेखों की जांच करनी होगी। निगम को देय राशि का भुगतान प्रत्येक माह की 7 तारीख से पहले सुनिश्चित करना होगा; निगम के पोर्टल पर कर्मचारी भविष्य निधि तथा कर्मचारी राज्य बीमा से संबंधित सही जानकारियाँ दर्ज करनी होंगी और कार्यमुक्ति या मातृत्व अवकाश से जुड़ी सूचनाएँ अद्यतन करनी होंगी। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी राज्य बीमा के अंतर्गत आने वाले किसी कर्मचारी की दुर्घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर निगम को भेज दी जाए और भुगतान केवल निगम के बिल में उल्लिखित निर्धारित बैंक खाते में ही जमा किया जाए।लेखा शाखा को सभी गणनाओं की जांच कर निगम के निर्धारित बैंक खाते में राशि भेजने का दायित्व सौंपा गया है। समन्वय अधिकारी को तैनात मानवबल से संबंधित अभिलेखों, आवश्यक स्पष्टीकरणों और विवाद निपटान के मामलों में निगम से तालमेल करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रक्रिया में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निगम द्वारा भेजे गए समेकित मासिक बिल में कर्मचारी विवरण, वेतन, वैधानिक अंशदान तथा सेवा शुल्क शामिल होंगे। आहरण तथा संवितरण अधिकारी को इन अभिलेखों की पुष्टि कर इन्हें कार्यालय प्रमुख को स्वीकृति हेतु भेजना होगा। स्वीकृति मिलने के बाद विभाग को केवल निगम के निर्धारित बैंक खाते में ही भुगतान करना होगा। विभागों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित राशि भविष्य निधि संगठन में सीधे जमा न करें। सभी विभागों को एक मासिक भुगतान अभिलेख पंजी बनाए रखने तथा बिलों, उपस्थिति पत्रकों, भुगतान प्रमाणों और अन्य अभिलेखों को लेखा परीक्षा हेतु सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। संविदा कर्मचारियों की भविष्य निधि संबंधी शिकायतों का निपटान निगम के माध्यम से ही किया जाएगा।मानक संचालन प्रक्रिया में यह भी कहा गया है कि समय पर सत्यापन और भुगतान जारी करना निगम द्वारा वेतन वितरण तथा कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। किसी भी बिल में विसंगति पाए जाने पर इसे तीन कार्य दिवसों के भीतर निगम को सूचित करना अनिवार्य होगा। विभागों, बोर्डों और निगमों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे निगम के माध्यम से तैनात कर्मचारियों के साथ वेतन या भविष्य निधि से संबंधित किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष अनुबंध न करें। सभी आहरण तथा संवितरण अधिकारियों को इन नई प्रक्रियाओं का तत्काल और कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अल फलाह यूनिवर्सिटी में फैकल्टी की कमी से छात्रों को परेशानी, 10 प्रोफेसर छोड़कर गए, MBBS फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स को छुट्टी

फरीदाबाद दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल का सेंटर पॉइंट बनी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी इन दिनों फैकल्टी की कमी का सामना कर रही है। इसके चलते MBBS फर्स्ट ईयर के छात्रों को एक सप्ताह की लीव पर घर भेजा जा रहा है। यूनिवर्सिटी के अंदर आतंकी नेटवर्क खड़ा कर रहे लेडी आतंकी डॉ. शाहीन सईद और डॉ. मुजम्मिल शकील के गिरफ्तार होने के बाद से लगातार स्टाफ यहां से जॉब छोड़कर जा रहा है। वहीं, यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही यूनिवर्सिटी पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही यूनिवर्सिटी सेटल नहीं हो पा रही है। अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी और डॉक्टरों की गिरफ्तारी ने यहां प्रोफेसरों के अंदर डर बैठा दिया है। इन गिरफ्तारियों के बाद यहां से करीब 10 मेडिकल प्रोफेसर अपनी जॉब छोड़कर जा चुके हैं। मेडिकल प्रोफेसरों के अलावा दूसरे विभागों में काम करने वाला स्टाफ भी धीरे-धीरे यहां से निकल रहा है, जिसके चलते मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों की प्रॉपर क्लास नहीं लग पा रही है। यूनिवर्सिटी की तरफ से MBBS फर्स्ट ईयर के छात्रों को एक सप्ताह की अचानक से लीव देकर घर भेजा जा रहा है। हालांकि एक सप्ताह बाद उन्हें वापस यूनिवर्सिटी में जॉइन करने की बात भी कही जा रही है। यूनिवर्सिटी सूत्रों के अनुसार, इस बात से कोई पैनिक न हो, इसलिए सभी को बोला गया है कि वे बाहर जाकर इसे सर्दी की छुट्टी बताएं। दिल्ली ब्लास्ट के बाद से हालात बिगड़े दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही अल-फलाह यूनिवर्सिटी में अफरा-तफरी का माहौल बना है। जांच एजेंसी लगातार यूनिवर्सिटी के चक्कर लगा रही है। लेडी आतंकी शाहीन और मुजम्मिल को यूनिवर्सिटी में लाकर निशानदेही कराई गई। इन दोनों के संपर्क में यूनिवर्सिटी के जितने भी डॉक्टर और दूसरा स्टाफ था, सभी से जांच एजेंसी पूछताछ कर चुकी है। सेफ रहने की कोशिश में छोड़ रहे जॉब यूनिवर्सिटी सूत्रों ने बताया कि 10 के करीब मेडिकल प्रोफेसर अपना रिजाइन देकर जा चुके हैं। जो केवल इसलिए गए है ताकि भविष्य में उन पर कोई आंच ना आ सके। स्टाफ में कई सारे लोग ऐसे हैं, जो पहले परिवार के साथ यहां पर रह रहे थे, लेकिन पहले उन्होंने अपने परिवार को यहां से निकाला और बाद में खुद रिजाइन देकर चले गए। इनमें से अधिकतर लोग ऐसे है, जो छुट्‌टी लेकर घर गए थे और लौटने की बजाय इमेल के माध्यम से अपना रिजाइन भेज दिया।

CM सैनी ने किया ऐलान, हरियाणा में जल्द होंगे विभिन्न विभागों में रोजगार अवसर

कैथल  मुख्यमंत्री सैनी ने आर. के. एस.डी. कॉलेज कैथल में कहा कि आजकल कांग्रेस वोटी चोरी का झूठ का राग अलाप रही है। कांग्रेस ने ब्राजील की महिला का फोटो दिखाकर झूठा नेरेटिव सैट करने का प्रयास किया लेकिन ब्राजील की महिला ने खुद ही कांग्रेस की पोल खोल दी और कहा कि वह कभी भारत आई ही नहीं। विपक्ष के नेताओं के हालात ऐसे हो गए हैं कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। कांग्रेस के झूठे प्रचार से हमें लोगों को सावधान करना है और खुद भी सावधान रहना है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा में जल्द विभिन्न विभागों में भर्तियां की जाएंगी जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी वाली भाजपा सरकार आमजन के हितों की सच्ची रक्षक है। इसी तहत बिना किसी भेदभाव के मैरिट आधार पर नौकरी दी जाती है और हमारे लिए यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकसभा में इस बात का जिक्र किया था। मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बारिश में जो सड़कें टूट गई हैं उन्हें ठीक किया जा रहा है। इस साल के अंत तक सभी ऐसी टूटी हुई सड़कें ठीक करवा दी जाएंगी। इसके लिए 6 विभागों के बीच तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के संस्कारों की चर्चा दुनिया भर में होती है। 20 और 21 दिसम्बर को प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकारिणी की बैठक होंगी और हर बैठक में वन नेशन, वन इलैक्शन पर चर्चा होना आवश्यक है। 26 और 27 दिसम्बर को मंडलों की बैठक होगी उसके बाद विधानसभा स्तर पर सम्मेलन किए जाएंगे। प्रदेश स्तर के भी 2 कार्यक्रम होंगे जिनमें केंद्र से भी नेता शामिल होंगे।

कुम्हार समाज को राहत, हरियाणा में बर्तन उद्योग के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी

चंडीगढ़   प्रदेश में नगर निगमों, परिषद एवं पालिकाओं में शामिल गांवों में भी कुम्हार समाज के लोगों को बर्तन बनाने पकाने के लिए निर्धारित जमीन के आबंटन पत्र देने पर सरकार विचार कर रही है। निकाय विभाग ने पिछले दिनो सभी संबंधित 87 इकाइयों में पत्र लिख कर गांवों में आंवे पंजावें या कुम्हारधाना के लिए आरक्षित भूमि की रिपोर्ट मांगी है। सरकार द्वारा अगस्त माह 2025 में प्रदेश के सभी गांवों में कुम्हार समाज के नागरिकों को बर्तन बनाने एवं पकाने के लिए जमीन के आबंटन पत्र वितरित किए गए थे तब यह आवाज उठने लगी थी कि विशेषकर नगर निगम में शामिल गांवों में भी यह सुविधा प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार एवं वर्तमान में सोनीपत के मेयर राजीव जैन ने इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए 18 अगस्त 2025 को पत्र भेजा था। राजीव जैन ने पत्र में लिखा था कि शहरों में भी समाज के लोग बर्तन बनाने एवं पकाने का काम करते हैं जिनके लिए कोई जगह उपलब्ध नहीं है, यह काम उन्हें सडक़ों पर करना पड़ता है। इस कारण वायु प्रदूषण तो फैलता ही है साथ में सडक़ पर भी रुकावटें खड़ी होती हैं।

हरियाणा :डॉक्टरों की स्ट्राइक से तीन जिलों में व्यवस्था बाधित, CMO ने कहा- हड़ताल विफल

हिसार  हरियाणा के सभी नागरिक अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर सोमवार से दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे। अपनी मांगों को लेकर हरियाणा चिकित्सा सेवा संघ (एचसीएमएसए) के बैनर तले उन्होंने दो दिन का सामूहिक अवकाश लिया है। चिकित्सा सुविधा ना मिलने से लोगों को परेशानी हो सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ कुलदीप सिंह ने कहा कि सभी जिला अस्पतालों को छूट दी गई है कि वे आवश्यकतानुसार बाहर से स्पेशलिस्ट डॉक्टर बुला सकेंगे। इसका पूरा खर्च स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), डेंटल, आयुष विभाग के डॉक्टरों की ड्यूटी भी हड़ताल के दौरान ओपीडी में लगाई गई है। दूसरी ओर हड़ताल पर जाने वाले डॉक्टरों का कहना है कि सोमवार व मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखी जाएंगी।  सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो बुधवार से बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे। वहीं, गुरुग्राम की सीएमओ डॉ. अलका सिंह ने बताया कि आपातकालीन सेवाएं पूर्व की भांति चालू रहेंगी। गंभीर और भर्ती मरीजों के उपचार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इलेक्टिव सर्जरी नहीं की जाएंगी। एचसीएमएसए के प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि उनकी तरफ से कई बार बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने का मौका दिया जा चुका है। काफी समय से इन मांगों की तरफ से किसी तरह का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब हड़ताल के दौरान आने वाली परेशानी को लेकर एसोसिएशन नहीं बल्कि सरकार जिम्मेदार होगी। हां जिला वाइज जानिए कैसा रहा हड़ताल का असर…. कैथल : डॉक्टरों की हड़ताल पूरी तरह से असफल रही। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों की टीम बुलाकर मरीजों का इलाज करवाया गया। हालांकि कैथल के करीब 50 डॉक्टर हड़ताल पर रहे, लेकिन उतने ही डॉक्टरों को बाहर से बुलाकर मरीजों का इलाज करवाया गया। इस संबंध में सिविल अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर दिनेश कंसल ने कहा कि इलाज रोजाना की तरह सुचारू रहा। सभी तरह के टेस्ट, इमरजेंसी सेवाएं व ऑपरेशन सुचारू रहे। फतेहाबाद : फतेहाबाद में हड़ताल का कोई ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है। 70 में से 67 डॉक्टर हड़ताल पर रहे हैं। 10 डॉक्टर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से बुलाए गए हैं। जिनके जरिए ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं जारी रही। फतेहाबाद में चर्म रोग विशेषज्ञ और मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी प्रभावित रही। सीएमओ डॉ.बुधराम ने कहा है कि मरीजों को अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है। व्यवस्था सही चल रही है। हिसार : हिसार की चीफ मेडिकल ऑफिसर(CMO) डॉक्टर सपना गहलावत ने हिसार में नागरिक अस्पताल में 1600 से 2000 तक की ओपीडी रोजाना होती है। डॉक्टरों की हड़ताल का असर न हो इसके लिए तमाम बंदोबस्त किए हैं। सीएमओ ने बताया कि हमने आयुष के डॉक्टर और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की भी मदद ली है। हिसार जिले में 157 डॉक्टरों में से 22 फिलहाल ड्यूटी पर हैं। सीएमओ ने बताया कि हम हड़ताली डॉक्टरों को मनाने की कोशिश भी कर रहे हैं कि वह ड्यूटी पर वापस आएं। गुरुग्राम: गुरुग्राम में 70 फीसदी डॉक्टर हड़ताल पर हैं, जिसके कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अकेले जिला अस्पताल में सोमवार को 2 से ढाई हजार को ओपीडी होती है। पीएमओ डॉक्टर लोकवीर ने डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर बताया कि रात में ही सरकार की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए थे। ओपीडी, लेबर रूप, इमरजेंसी आदि सभी सेवाएं चल रही है। डॉक्टर सभी मरीजों को देख रहे है। आयुष और अन्य डॉक्टरों की मदद से सभी सुविधाएं चल रही है। डॉक्टरों की दो मांगें -पहली सीधी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की भर्ती रोकना। -पहले से ही स्वीकृत किए गए संशोधित संवर्धित सेवा संवितरण (एसीपी) संरचना की अधिसूचना जारी करना। डॉक्टरों के साथ बातचीत जारी है। लोगों को परेशानी नहीं आने देंगे। -कुलदीप सिंह, स्वास्थ्य महानिदेशक। 

उत्तर भारत में बढ़ी ठंड, हरियाणा-पंजाब में तापमान लुढ़का, फरीदकोट-नारनौल में रिकॉर्ड गिरावट

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा में रविवार को भी कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहा। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 4.4 डीग्री सेल्सियस दर्ज किये जाने के साथ यह राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा जबकि हरियाणा में सबसे कम न्यूनतम तापमान(4.6 डिग्री सेल्सियस) नारनौल में दर्ज किया गया। पंजाब में बठिंडा और गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि फिरोजपुर में छह डिग्री, अमृतसर में 6.1 डिग्री, लुधियाना में 6.8 डिग्री और पटियाला में 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हरियाणा के भिवानी में न्यूनतम तापमान छह डिग्री, हिसार में 6.2 डिग्री, सिरसा में 6.6 डिग्री, करनाल में सात डिग्री, रोहतक में 7.8 डिग्री और अंबाला में 9.8 डिग्री रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब' श्रेणी में, शीत लहर का पूर्वानुमान दिल्ली में रविवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘‘बेहद खराब'' श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 'समीर' ऐप के अनुसार, सुबह 10 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 302 रहा। राष्ट्रीय राजधानी के 26 केंद्रों में एक्यूआई "बेहद खराब" श्रेणी में दर्ज की गई। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा', 51 से 100 ‘संतोषजनक', 101 से 200 ‘मध्यम', 201 से 300 ‘खराब', 301 से 400 ‘बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच एक्यूआई ‘गंभीर' माना जाता है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिन में शीत लहर चलने का अनुमान जताया है। दिल्ली में तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है तथा सुबह सापेक्ष आर्द्रता 100 प्रतिशत तक पहुंच गई। आईएमडी के अनुसार अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।   राजस्‍थान के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान राजस्‍थान के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। जयपुर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, एक नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से आने वाले कुछ दिन राज्य के कुछ भागों में आंशिक बादल छाए रहने और राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, वहीं कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होगी और शीतलहर से राहत मिलेगी। विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिन शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान चार डिग्री से ऊपर और अधिकांश भागों में 10 डिग्री से ऊपर (सामान्य के आसपास) रहेगा। मौसम विभाग ने बताया कि फतेहपुर में शनिवार रात न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हरियाणा में पानी की सप्लाई पर बड़ा अपडेट: कौन-सा शहर कितनी मात्रा में पा रहा पीने का पानी, पूरी रिपोर्ट

हरियाणा हरियाणा सरकार राज्यभर में पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति के लिए कई काम कर रही है. यही वजह है कि इसके लिए एक विशाल अवसंरचना विकसित की गई है. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग 18,700 से अधिक जलघरों और नलकूपों से पेयजल उपलब्ध करा रहा है. सिरसा जिले में भाखड़ा मेन लाइन प्रमुख स्रोत है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी मिलता है. दो गांवों में आपूर्ति बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वर्तमान में     1870 नहर-आधारित जल घर,     12,920 नलकूप,     9 रेनीवेल, तथा     4140 बूस्टिंग स्टेशन प्रदेशभर में इनके माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों की आम दिनों की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं. यही वजह है कि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है. सिरसा जिले की पेयजल व्यवस्था सिरसा जिले में पेयजल आपूर्ति मुख्यतः BML भाखड़ा मेन लाइन संख्या 1 पर आधारित है, जो साल भर paani का विश्वसनीय स्रोत है. इसी लाइन से लोगों की पानी की जरूरत को पूरा किया जाता रहा है. सिरसा लोकसभा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति सिरसा लोकसभा क्षेत्र के 616 ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है. केवल दो गांव—दहमन और खारा खेड़ी—में फिलहाल 40 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी उपलब्ध है. इन गांवों में भी आपूर्ति को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तक बढ़ाने के लिए 611.90 लाख रुपये के कार्य प्रगति पर है, जिसका लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का है. शहरी क्षेत्रों की बात करें तो सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सभी शहरी आबादी वाले क्षेत्रों में पेयजल की कोई कमी नहीं है. आपूर्ति नियमित एवं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराई जा रही है. असाधारण परिस्थितियों, विशेषकर गर्मी के मौसम में, आवश्यकतानुसार टैंकरों द्वारा पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाती है.  

संविधान से सम्मान तक: नागरिक अधिकारों पर कुमारी सैलजा ने किया डॉ. अंबेडकर को नमन

नरवाना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने धमतान साहिब नरवाना जिला जींद में आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 649 वें जन्मोत्सव को समर्पित कार्यक्रम में पहुंचकर उन्हें नमन किया और मंच से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गुरु रविदास जी द्वारा दिए गए समानता, न्याय और मानवीय मूल्यों के संदेश को साझा किया। साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन करते हुए संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुन: दोहराया। सांसद कुमारी सैलजा ने गुरु ग्रंथ साहिब स्वरूप माथा टेक कर नमन किया।  कुमारी सैलजा ने कहा कि धमतान साहिब गुरु तेग बहादुर जी की पावन तपोभूमि रही है जहां वे तीन बार पधारे और यहां के विभिन्न स्थलों पर अपनी अनंत कृपा दृष्टि बरसाई। उन्होंने कहा कि धमतान साहिब में जो ऐतिहासिक कुआं स्थित है, वह उन्हीं के समय में बनाया गया था। इसी पवित्र भूमि पर गुरु साहिब ने अपनी कर कमलों से गुरु घर की नींव रखी थी। जो आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सांसद ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन करते हुए संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुन: दोहराया। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का हर व्यक्ति चाहे वह किसी भी जाति धर्म का हो पर उसको मिले अधिकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की ही देन है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करना हर व्यक्ति का दायित्व है। इस दौरान रघुबीर सिंह नैैन (बिनैन खाप प्रधान) सतबीर सिंह दबलैन (पूर्व प्रत्याशी नरवाना), रविदास सभा के प्रधान जोधाराम, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी संदीप लौट, पूर्व विधायक राजरानी पूनम, धोला नैन, संजीव धमतान, महावीर सिंह, बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला, जगरूप सिंह सुरजेवाला, आशुतोष शर्मा, सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। नेहरू को बदनाम करना आज की सत्ता का मुख्य मकसद सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से रूस और यूएसएसआर के साथ अच्छे रिश्ते रहे, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय भी अच्छे रिश्ते रहे। ये बात अलग है कि ये सरकार नेहरू को हर बात में गलत साबित करना चाहती है। इसमें कोई शक नहीं है कि जवाहरलाल नेहरू को बदनाम करना आज की सत्ता का मुख्य मकसद है। वह उन्हें (नेहरू को) सिर्फ इतिहास से मिटाना नहीं चाहती, बल्कि उनकी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक आधारों भी को कमजोर करना चाहती है, जिन पर देश खड़ा हुआ। हम चाहेंगे कि भारत और रूस के साथ हमारी दोस्ती और भी आगे बढ़े।