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हरियाणा के करनाल में छठ मनाने गया व्यक्ति यमुना में डूबा, पुलिस और SDRF टीम खोज में जुटी

करनाल जिले में छठ पर्व के दौरान व्यक्ति पश्चिमी यमुना नहर में डूब गया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों ने नहर में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि अभी तक व्यक्ति नहीं मिला है।  जानकारी के अनुसार छठ पर्व को लेकर आज सुबह चढ़ते सूर्य देव को अर्घ्य देने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति नहर में नहा रहा था। उसी समय वह नहर में गिर गया और डूब गया। नहर में डूबे व्यक्ति की पहचान संतोष यादव के तौर पर हुई है और वह सदर बाजार का रहने वाला है। वहीं, संतोष यादव की बेटी ने बताया कि हमने उन्हें बचाने के लिए आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन सभी लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि हमने अपने पापा को नहर में नहाते हुए देखा और आवाज भी लगाई थी, लेकिन अब उनके बारे में कुछ भी पता नहीं लग पाया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच अधिकारी महावीर ने बताया कि संतोष यादव नाम के एक व्यक्ति नहर में डूबने की सूचना मिली थी। गोताखोरों की मदद से नहर में सर्च अभियान चलाया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी है।

बड़ा फेरबदल: हरियाणा के 9 IAS अफसरों के पदस्थापन, श्यामल मिश्रा को मिली नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए 9 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से आदेश जारी किए गए। 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्यामल मिश्रा को नई दिल्ली स्थित ट्रेड फेयर अथॉरिटी ऑफ हरियाणा का मुख्य प्रशासक (Chief Administrator) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। मिश्रा इससे पहले उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वहीं, 2006 बैच के आईएएस अधिकारी जे. गणेशन को फरीदाबाद और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA और GMDA) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया गया है। साथ ही, उन्हें हाउसिंग फॉर ऑल हरियाणा के डायरेक्टर, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर और स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के CEO के रूप में भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाने और विकास परियोजनाओं की गति तेज करने के उद्देश्य से किया गया है। फरीदाबाद-गुरुग्राम क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की कई परियोजनाएँ फिलहाल निर्माणाधीन हैं, जिन पर अब जे. गणेशन की अगुवाई में काम तेज होने की उम्मीद है। बाकी सात आईएएस अधिकारियों को भी विभिन्न विभागों और जिलों में नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार प्रशासनिक स्तर पर और भी बदलाव कर सकती है, ताकि 2026 के विकास लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

चार दिवसीय छठ पर्व का समापन: श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी सुख-समृद्धि की कामना

पिहोवा  आस्था, श्रद्धा और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा का आज भव्य समापन हुआ। मंगलवार तड़के पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय व्रत विधिवत रूप से संपन्न हो गया। सुबह करीब चार बजे से ही श्रद्धालु सरस्वती सरोवर की ओर बढ़ने लगे। कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए तट तक पहुंचे। महिलाओं ने सरस्वती सरोवर में पवित्र स्नान कर दीपदान किया और जल में खड़े होकर सूर्य नारायण की आराधना की। इस दौरान सरस्वती तट पर जलते हजारों दीपों की लौ से दृश्य अत्यंत मनोहारी हो उठा।   पूरे क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों की गूंज रही, वहीं नन्हे बच्चों ने नृत्य कर मां छठी के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त की। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक गीतों के साथ सूर्यदेव से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सरपंच विकल चौबे ने बताया कि उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व संपन्न हुआ। पूजा के उपरांत श्रद्धालु घर लौटकर मां छठी का प्रसाद — फल, मिठाई और ठेकुआ अपने परिजनों व पड़ोसियों में वितरित करेंगे। सरस्वती तीर्थ का पूरा परिसर दीपों, गीतों और श्रद्धा की रोशनी से आलोकित हो उठा — जो आस्था, शुद्धता और सूर्योपासना का प्रतीक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।

पुरस्कार विजेता भैंसे ‘युवराज’ का निधन, देहाती मेले का था सितारा

कुरुक्षेत्र हरियाणा में कुरुक्षेत्र जिले के कर्मवीर सिंह के फेमस भैंसे ‘युवराज’ का आज निधन हो गया। ये भैंसा मुर्रा नस्ल का था। इस भैंसे ने अपने जीवनकाल में पशु मेलों में असंख्य पुरस्कार जीते थे। यही नहीं, जहां भी युवराज जाता, उसे देखने के लिए लोगों का तांता लग जाता था। भैंसे ‘युवराज’ का राष्ट्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र के परिसर में आदमकद स्टैच्यू भी मौजूद है। बता दें भैंसा युवराज लगभग 1500 किलो वजन, 9 फीट लंबा और 6 फीट ऊंचा था। अपने सीमन से उसने करीब 2 लाख कटड़े और कटड़ी पैदा किए। वहीं, इस भैंसे की सालाना कमाई लगभग 80 लाख रुपए बताई जाती थी। कई बार इसे खरीदने के प्रस्ताव आए, लेकिन मालिक कर्मवीर सिंह ने हमेशा इनकार किया।  कर्मवीर सिंह के अनुसार, मुर्रा नस्ल के इस झोटा पर हर महीने करीब 1 लाख रुपये का खर्च आता था। युवराज को रोजाना 20 लीटर दूध, 10 किलो फल, 10 किलो दाना, 6 किलो मटर और हरा चारा खिलाया जाता था। शाम को इसे 6 किलोमीटर की सैर कराई जाती थी और रोजाना तेल से मालिश की जाती थी, ताकि उसका शरीर चमकदार और मजबूत बना रहे।

पंचायत समिति चेयरमैन पर कुर्सी चोरी का गंभीर आरोप, CCTV फुटेज में ठेकेदार संग करते दिखे उपाध्यक्ष ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई

महेंद्रगढ़  नारनौल में पंचायत समिति के चेयरमैन पर उसके कार्यालय से उपाध्यक्ष की कुर्सी चोरी करने के आरोप लगाने का मामला सामने आया है। उधर चेयरमैन ने आरोपों को गलत बताया है, उनका कहना है कि वे कुर्सी को रिपेयर के लिए ले गए थे। अब यह मामला पुलिस तक पहुंच गया है, जिसकी पंचायत समिति की उपाध्यक्ष पूनम ने पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस शिकायत में पूनम ने बताया कि बीते 24 अक्तूबर को उनके पति प्रवीण कुमार खंड कार्यालय नारनौल में अपने किसी कार्य के लिए गए थे। उनके पति ने उसे बताया कि एक बड़ी कुर्सी जो उपाध्यक्ष की है, वह गायब है।  उसने कार्यालय के कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। इस दौरान उनके पति ने सीसीटीवी कैमरा देखा तो पता चला कि उक्त कुर्सी चेयरमैन पंकज यादव व जोनी ठेकेदार अपनी गाड़ी में लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं। उपाध्यक्ष पूनम ने पुलिस में दी गई शिकायत में लिखा है कि चेयरमैन पंकज यादव व अशोक कुमार उर्फ जोनी ठेकेदार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। इस बारे में चेयरमैन पंकज यादव ने बताया कि उन्होंने कुर्सी चोरी नहीं की है और कुर्सी टूट गई थी। इसकी गद्दी खराब होने के कारण इसको वे रिपेयर के लिए लेकर गए हैं। रिपेयर का काम हो जाने के बाद इस कुर्सी को वे वापस कार्यालय में ले आएंगे। कर्मचारियों को नहीं जानकारी जिसके बाद उन्होंने कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जब मेरे पति ने सीसीटीवी देखा तो पता चला कि उक्त कुर्सी चेयरमैन पंकज यादव और जोनी ठेकेदार अपनी गाड़ी में उठाकर ले गए। पंचायत की संपत्ति पंचायत समिति के कार्यालय की कोई भी वस्तु किसी व्यक्ति विशष की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है। इस प्रकार का कार्य पंचायत समिति और सरकार की संपत्ति का नुकसान है। इस प्रकार का कार्य चोरी की श्रेणी में आता है। मामला दर्ज करने की मांग पंचायत समिति की उपाध्यक्ष पूनम ने पुलिस में दी गई शिकायत में लिखा है कि आप चेयरमैन पंकज यादव और अशोक कुमार उर्फ जोनी ठेकेदार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। चेयरमैन बोले- रिपेयर के लिए लेकर गए कुर्सी इस बारे में चेयरमैन पंकज यादव ने बताया कि उन्होंने कुर्सी नहीं चुराई है। यह कार्यालय की कुर्सी थी, जो टूट गई थी। इसकी गद्दी खराब होने के कारण इसको वे रिपेयर के लिए लेकर गए हैं। रिपेयर का काम हो जाने के बाद इस कुर्सी को वे वापस कार्यालय में ले आएंगे।

मनोहर लाल खट्टर का आगाह: हर देश के नियमों का पालन करें, अवैध रास्ते से विदेश न जाएं

रोहतक  केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अमेरिका से डिपोर्ट में हुए हरियाणा के 50 लोगों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा विधानसभा चुनाव के दौरान मैंने युवाओं से अपील की थी कि डंकी रूट से विदेश ना जाएं। हमारी सरकार युवाओं को विदेश में भेजने के लिए प्लेस्टमेंट करवाती है। विधिवत तरीके से विदेश में जाएं। हर देश अपने नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा भारत ने भी अवैध रूप से  यहां रह रहे बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया था।  बता दें कि अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 50 हरियाणवियों को भारत निर्वासित किया गया है। इनमें सबसे अधिक करनाल के 16 व कैथल के 14 युवक हैं। इनके अलावा कुरुक्षेत्र व अंबाला के पांच-पांच, यमुनानगर के चार, जींद के तीन, रोहतक व पानीपत का एक-एक युवक शामिल है।  अमेरिका के एक विशेष विमान में ये सभी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट उतरे। सूचना पाकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची हरियाणा की स्थानीय पुलिस को उनके-उनके जिले के निवासी लोगों को सौंपा गया। पहले भी 604 लोग हो चुके हैं डिपोर्ट इसी साल जनवरी से लेकर जुलाई तक हरियाणा के 604 युवाओं को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार तीन नवंबर को एक और जत्थे के आने की संभावना है। उसमें आने वाले हरियाणा के लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन पुलिस कर रही है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अवैध प्रवासियों को लेकर सख्ती बरती जा रही है। वीजा के नियमों को भी सख्त किया गया है। 

चौधरी बीरेंद्र सिंह की तीसरी पीढ़ी की राजनीति में एंट्री, पोती कुदरत ने हिसार में पिता की सद्भावना यात्रा में लिया हिस्सा

हिसार हरियाणा के कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह की तीसरी पीढ़ी को राजनीति में लॉन्च करने की तैयारी है। बीरेंद्र सिंह की 24 वर्षीय पोती कुदरत पिता पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा में हिसार के उकलाना में शामिल हुईं।  कुदरत ने कहा-" मैं अपने पिता को सपोर्ट करने के लिए सद्भावना यात्रा में शामिल हुई। मेरा और छोटे भाई समरवीर (19) का फोकस अभी सिर्फ पढ़ाई पर है।" राजनीति में आने के सवाल पर हंसते हुए कुदरत ने कहा- मैं समय-समय पर अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए उचाना और हिसार में आती रही हूं। विधानसभा चुनाव में उचाना में पापा के लिए प्रचार किया। इससे पहले हिसार लोकसभा चुनाव में प्रचार करने आई। कुदरत के दादा बीरेंद्र सिंह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और करीब 5 दशक से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। बीरेंद्र के पिता नेकी राम भी संयुक्त पंजाब में नरवाना से विधायक बनकर प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री रहे। उनसे पहले बीरेंद्र के नाना छोटू राम ने तो अंग्रेजों के जमाने में साल 1920 में जमींदारा लीग बनाई थी। पिता बृजेंद्र सिंह हिसार से रह चुके सांसद बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह 2019 में भाजपा के टिकट पर हिसार से सांसद बने थे। हिसार से रिकॉर्ड वोटों से वह जीते, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव आते-आते उनका भाजपा से मोह भंग हो गया। किसान आंदोलन, अग्निवीर और महिला पहलवानों के यौन शोषण जैसे मुद्दों पर उनकी भाजपा से ठन गई। अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पाला बदल लिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस से उनको लोकसभा का टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद अक्टूबर 2024 में परिवार की पसंदीदा सीट उचाना कलां से कांग्रेस का टिकट मिला। हालांकि भाजपा के देवेंद्र अत्री से सिर्फ 32 वोट से हार गए। उन्होंने बैलेट वोटों की दोबारा गिनती के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई हुई है। बीरेंद्र सिंह और पत्नी प्रेमलता पहली बार उचाना से ही लड़े उचाना विधानसभा सीट की हरियाणा की राजनीति में अलग ही पहचान है। यहां से चुने विधायकों ने हरियाणा की राजनीति को प्रभावित किया है। बृजेंद्र सिंह अब हरियाणा की राजनीति में बड़ा रोल अदा करना चाहते हैं। चौधरी बीरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रेमलता विधानसभा का पहला चुनाव यहीं से लड़े और राजनीति में मुकाम हासिल किया। बीरेंद्र सिंह 5 बार उचाना से जीतकर हरियाणा विधानसभा में विधायक बने (1977-82, 1982-84, 1991-96, 1996-2000 और 2005-09) और 3 बार हरियाणा में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने 3 बार सांसद का चुनाव जीता। बीरेंद्र सिंह ने अपना पहला चुनाव 1972 में लड़ा और 1972 से 1977 तक वे ब्लॉक समिति उचाना के चेयरमैन रहे। उन्होंने 1977 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर उचाना कलां निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा और देश में कांग्रेस विरोधी लहर के बावजूद, एक बड़े अंतर से सीट जीती। वहीं पत्नी प्रेमलता ने बीजेपी से 2014 में चुनाव लड़ा और दुष्यंत चौटाला को हराकर विधायक बनीं। हरियाणा में सद्भावना यात्रा निकाल रहे बृजेंद्र सिंह पूर्व IAS अफसर बृजेंद्र सिंह सद्भावना यात्रा के माध्यम से खुद को हरियाणा की राजनीति में स्थापित करने की कोशिश में जुटे हैं। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पिछले दिनों अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ओवरसीज विभाग का सह संयोजक बनाया। बृजेंद्र सिंह हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष पद के दावेदार भी थे। हिसार से सांसद रह चुके बृजेंद्र सिंह खुद को प्रदेशस्तरीय नेता के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ अपने माता-पिता के समर्थकों को भी लामबंद करना चाहते हैं। 6 महीनों में सभी 90 हलकों में जाने का कार्यक्रम है। अब तक 10 हलके कवर किए हैं। आपस में रिश्ते में भाई होने के बावजूद चौधरी बीरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा में हमेशा छत्तीस का आंकड़ा रहा है। इस यात्रा के माध्यम से बृजेंद्र सिंह की कोशिश अफसर की छवि से बाहर निकलकर जमीनी नेता दिखाने की है।

हरियाणा के 54 लोग अमेरिका से निर्वासित, जानिए किन जिलों से हैं सबसे ज्यादा

दिल्ली/कैथल   अवैध रूप से डंकी रूट के जरिये अमेरिका पहुंचने वाले हरियाणा के 54 युवाओं को अमेरिका ने शनिवार देर रात डिपोर्ट कर भारत भेज दिया। विशेष विमान द्वारा इन युवाओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर बेड़ियों में बांधकर लाया गया। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें आधिकारिक प्रक्रिया के तहत भारतीय इमिग्रेशन अधिकारियों के हवाले किया। एयरपोर्ट पर हरियाणा पुलिस की विशेष टीमें पहले से मौजूद थीं। जिन युवाओं के खिलाफ आपराधिक और गिरोह से जुड़े मामलों की जानकारी थी, उन्हें मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। बाकी युवाओं को कागजी कार्रवाई के बाद उनके गृह जिलों में भेज दिया गया।   करनाल के सबसे अधिक डिपोर्ट डिपोर्ट हुए 50 युवाओं में सबसे ज्यादा करनाल के 16 लोग और कैथल जिले के 14 लोग शामिल हैं। इनके अलावा कुरुक्षेत्र के पांच, जींद के तीन सहित अन्य जिलों के लोग है। लॉरेंस बिश्नोई का करीबी लखविंद्र भी किया डिपोर्ट वहीं इनमें सबसे बड़ा मामला कैथल के गांव तितरम निवासी लखविंद्र उर्फ लाखा का है। लाखा लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य है और 2022 से अमेरिका में बैठकर हरियाणा-पंजाब के व्यापारियों से फिरौती मांगने के नेटवर्क का संचालन कर रहा था। हरियाणा एसटीएफ की अंबाला यूनिट ने गैंगस्टर लॉरेंस के करीबी लखविंद्र उर्फ लाखा को गिरफ्तार कर लिया। कैथल के अलावा अन्य जिलों में भी उस पर फिरौती मांगने जैसे कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा डिपोर्ट होकर आए दूसरे मोस्ट वांटेड सुनली सरधानिया का नाम भी शामिल हैं। जो हत्या सहित 24 आपराधिक वारदातों में वांछित है। सुनील को भिवानी में एक हत्या के केस में उम्र कैद और पंचकूला में डकैती के मामले में 10 साल की सजा हुई थी। दोनों मामलों में कोर्ट से जेल से जमानत आने के बाद उसने फर्जी पते पर अपना पासपोर्ट बनवाया था। इसके बाद 2024 में है विदेश भाग गया था। अमेरिका द्वारा रिपोर्ट किए गए युवकों में से एसटीएफ में दोनों आरोपियों तुरंत हिरासत में ले लिया। अब दोनों पुलिस रिमांड पर लिया है। कर्ज लेकर गए थे विदेश डिपोर्ट हुए युवाओं में ज्यादातर वे हैं जिन्होंने अपने परिवार की जमीन, गहने बेचकर और ब्याज पर पैसा लेकर डंकी रूट के माध्यम से अमेरिका जाने का प्रयास किया था। लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें सीमा सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया और महीनों तक जेलों व डिटेंशन कैंपों में रखा। इन युवाओं में से अधिकांश ने 2024 और 2025 में यह सफर तय करना शुरू किया था। कैसे होता है डंकी रूट का सफर   डिपोर्ट हुए युवकों ने बताया कि पहले दिल्ली से ब्राजील जाया जाता है। वहां एजेंट लोकल गिरोहों के सहारे आगे भेजते हैं। ब्राजील से कोलंबिया, फिर पनामा और वहां से मौत का जंगल कहे जाने वाले दरियन गैप की शुरुआत होती है। 6 से 15 दिन तक लगातार जंगलों में पैदल चलना होता है। तेज बारिश, कीचड़, सांप-बिच्छू, दलदल को लांघकर कर आगे बढ़ना होता है। थककर गिर जाने वालों को डोंकर वहीं छोड़ देते है। कई बार उनको चलने के लिए मारपीट कर मजबूर किया जाता है। डोंकर हर चरण पर उनसे पैसे वसूलते हैं। इनमें पनामा ₹3–5 लाख, ग्वाटेमाला ₹5–7 लाख, मैक्सिको ₹6–10 लाख, अमेरिका बॉर्डर पार ₹2–4 लाख रुपए वसूले जाते हैं। सभी को मिलाकर लगभग 50–70 लाख रुपये खर्च होते हैं। फिर भी गारंटी शून्य रहती है।   सोचा था वहां पहुंचकर जिंदगी बदल जाएगी, पर जिंदगी ही खतरे में पड़ गई कैथल के गांव का 26 वर्षीय युवक ने बताया कि हम 18 लोग पनामा के जंगल में थे। दो लोग दलदल में धंस गए, कोई बचाने नहीं रुका। हम सब रोते हुए आगे बढ़ गए। डोंकर बोलते थे — ‘जिंदा रहना है तो बढ़ो, पीछे देखा तो तुम भी मरोगे। ग्वाटेमाला पहुंचने पर उससे 6 लाख रुपये, मैक्सिको की सीमा पर 6 लाख रुपये और अमेरिका सीमा तक पहुंचाने के नाम पर 3 लाख रुपये और ले लिए गए। अमेरिका की सीमा पर प्रवेश करते ही अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 28 से 70 दिन डिटेंशन कैंप में बंदी रहे, जहां 50–100 लोग एक ही बैरक में रहते थे। उन्हें भोजन में सिर्फ ब्रेड और सूप दिया जाता था। इसके अलावा उन्हें भाषा की समस्या रही तथा कोई कानूनी सहायता नहीं दी गई। अब तक 654 लोग किए जा चुके हैं डिपोर्ट इससे पहले भी हरियाणा के अमेरिका में अवैध तरीके से रहने वाले कुल 654 लोग अब तक डिपोर्ट किए जा चुके हैं। जनवरी से जुलाई 2025 तक हरियाणा के 604 नागरिकों को हथकड़ी पहनाकर सेना के जहाज से भारत डिपोर्ट किया गया था। अब हाल ही में 50 और लोगों को डिपोर्ट किए जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 654 हो गई है। हरियाणा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी पिछले तीन वर्षों में हरियाणा से 3000 से अधिक युवा डंकी रूट से विदेश जाने के प्रयास में पकड़े गए हैं। इनमें से कई को जंगलों और सीमाई रास्तों पर वापस धकेल दिया गया, जबकि 200 से अधिक युवा अब तक लापता या ठगी का शिकार बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 100 से अधिक युवा अभी भी विदेशी जेलों में बंद हैं, जहां वे कानूनी सहायता के अभाव में कठिन परिस्थितियों में जीवन काट रहे हैं। यह स्थिति केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गंभीर सामाजिक और मानवीय संकट बन चुकी है। परिवार कर्ज के बोझ में डूब रहे हैं, युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और गांवों में असुरक्षा और असमंजस का माहौल बढ़ रहा है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अब मानव तस्करी, एजेंट नेटवर्क और अवैध यात्रा सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई की रणनीति तैयार कर रही हैं।

फ्लोरिडा में नौकरी कर रहे अंबाला के युवक को अमेरिका ने डिपोर्ट किया, कहा 25 घंटे तक पैरों में बेड़ियां

 अंबाला हरियाणा के अंबाला जिले के छह युवकों समेत 50 भारतीयों को अमेरिका ने हाल ही में डिपोर्ट कर दिया है. इनमें अंबाला के जगोली गांव के हरजिंदर सिंह भी हैं, जो फ्लोरिडा के जैक्सन वेल में रसोइए की नौकरी करने गए थे. हरजिंदर ने अमेरिका पहुंचने के लिए अपने माता-पिता की मेहनत की कमाई, करीब 35 लाख रुपये, खर्च कर दिए थे. उन्हें विश्वास था कि वहां जाकर वह परिवार के लिए एक सुखद भविष्य बनाएंगे, लेकिन उनकी उम्मीदें और सपने वहीं टूटकर रह गए. हरजिंदर सिंह ने बताया कि अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद उन्हें और बाकी भारतीयों को पकड़कर देश से बाहर कर दिया गया. सिर्फ इतना ही नहीं, सभी को करीब 25 घंटे तक बेड़ियों में रखा गया, जिससे उनके पैरों में सूजन आ गई. इस बर्ताव ने हरजिंदर और उनके जैसे कई लोगों के लिए अमेरिका का सपना किसी बुरे अनुभव में बदल दिया. उन्होंने इस अमानवीय व्यवहार की निंदा की और भारतीय सरकार से मदद की गुहार लगाई है. सपनों की मजबूरी और बेरोजगारी की सच्चाई हरजिंदर ने कहा कि अपने घर-परिवार से दूर जाकर, हजारों किलोमीटर दूर सिर्फ रोजगार की तलाश में जाना आसान नहीं था. उनके मुताबिक, वही व्यक्ति इस दर्द को समझ सकता है जिसकी मेहनत की कमाई और उम्मीदें ऐसे ही बर्बाद हो जाएं. हरजिंदर ने सरकार से अपील की है कि अगर हिंदुस्तान में ही युवाओं के लिए पर्याप्त और अच्छा काम उपलब्ध हो जाए, तो कोई भी मजबूरी में विदेश नहीं जाना चाहेगा. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी की वजह से आज लाखों युवाओं को अपने घर और परिवार छोड़ना पड़ता है, लेकिन विदेशों में भी उन्हें अपमान और परेशानी का सामना करना पड़ता है. हरजिंदर और उनके जैसे कई युवाओं की-जिंदगी में यह घटना एक बड़ी सीख है कि देश में रोजगार का अभाव लोगों को मजबूर करता है, और उन्हें अपना सब कुछ खोकर भी कुछ हासिल नहीं होता. अब वह सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि बेरोजगार युवाओं को अपने देश में ही अच्छे रोजगार के अवसर दिए जाएं ताकि कोई भी अपना घर छोड़कर बाहर जाने के लिए मजबूर न हो.

गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस: हरियाणा में शुरू होगा 25 दिन का श्रद्धांजलि पर्व

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कहा कि हरियाणा सरकार गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में एक से 25 नवंबर तक राज्य भर में कई कार्यक्रम आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, तैयारियों पर चर्चा के लिए यहां आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सैनी ने कहा कि 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा। सैनी ने अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों में स्कूली छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि लोग नौवें सिख गुरु के जीवन, बलिदान और शिक्षाओं से प्रेरणा ले सकें।