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पायलट की सूझबूझ से बची 228 यात्रियों की जान, इमरजेंसी स्लाइड्स से सुरक्षित निकाले गए सभी यात्री

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार तड़के एक बड़ा विमान हादसा टल गया. जब स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट LX 147 के टेकऑफ के दौरान इंजन में खराबी आ गई. इसके बाद उसमें आग लग गई. पायलटों की सूझबूझ व त्वरित कार्रवाई के चलते विमान को रनवे पर ही रोक लिया गया. सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हालांकि इस दौरान छह यात्री मामूली रूप से घायल हो गए. प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह फ्लाइट दिल्ली से स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख के लिए रवाना हो रही थी. विमान ने जैसे ही रनवे पर टेकऑफ के लिए गति पकड़ी तभी उसके एक इंजन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद आग लगने की घटना सामने आई. स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तत्काल टेकऑफ को रद्द कर दिया. आपातकालीन प्रक्रियाएं लागू कर दी गईं. विमान में कुल 228 यात्री सवार विमान में कुल 228 यात्री व चार बच्चे सवार थे. सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड्स व सीढ़ियों के माध्यम से बाहर निकाला गया. निकासी के दौरान अफरा-तफरी की स्थिति में छह यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. राहत की बात ये है कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई हैं. दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने जारी किया बयान दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि आज सुबह के शुरुआती घंटों में दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट LX 147 (दिल्ली-ज्यूरिख) से जुड़ी एक पूर्ण आपात स्थिति घोषित की गई थी. यह घटना रनवे 28/10 पर हुई. सभी निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का तत्काल पालन किया गया. यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. एयरपोर्ट संचालन सामान्य रूप से जारी रहा. एयरलाइन की ओर से भी बयान जारी कर कहा गया है कि घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है. इसके साथ ही प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता, वैकल्पिक उड़ान, होटल व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. घटना के दौरान एयरपोर्ट की आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया. इस त्वरित प्रतिक्रिया के कारण बड़ा हादसा टल गया. विशेषज्ञों का कहना है कि टेकऑफ के दौरान इंजन फेल होना बेहद संवेदनशील स्थिति होती है, लेकिन पायलट व क्रू की ट्रेनिंग ऐसे ही हालात से निपटने के लिए होती है. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन यात्रियों की जान बचाने में कितना अहम होता है. फिलहाल तकनीकी टीम इस बात की जांच कर रही है कि इंजन में खराबी कैसे आई. आग लगने के पीछे क्या कारण रहे. घटना के बाद कुछ समय के लिए सतर्कता बढ़ाई गई लेकिन एयरपोर्ट का संचालन पूरी तरह सामान्य बना रहा.

स्पाइसजेट और आकासा एयर के विमान भिड़े, दोनों को नुकसान

नई दिल्ली दिल्ली एयरपोर्ट पर गुरुवार को दो विमान की आपस में टक्कर हो गई। इस घटना में एक विमान के दाहिने विंगलेट तो दूसरे विमान के बाएं हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर को नुकसान पहुंचा है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता के अनुसार, विमान को फिलहाल दिल्ली में ही रोक दिया गया है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा ‘16 अप्रैल को दिल्ली एयरपोर्ट पर टैक्सींग के दौरान स्पाइसजेट का एक विमान (Boeing 737-700) दूसरे विमान से टकरा गया। इस हादसे में स्पाइसजेट के विमान के दाहिने विंगलेट (पंख) और दूसरी एयरलाइन के विमान के पिछले हिस्से (हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर) को नुकसान पहुंचा है। उस विमान को फिलहाल दिल्ली में ही रोक दिया गया है।’ वहीं आकासा एयर के मुताबिक, आकासा का विमान अपनी जगह खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान ने उसे टक्कर मार दी। सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें विमान से उतार लिया गया। आकासा की फ्लाइट (QP 1406) दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी मगर टक्कर के बाद उसे वापस पार्किंग में खड़ा करना पड़ा। बहरहाल फिलहाल इस पूरे की मामले की जांच की जा रही है। आकासा एयर के प्रवक्ता ने बताया कि 'उनकी फ्लाइट (QP 1406), जो दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी, उसे वापस पार्किंग एरिया में वापस लाना पड़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आकासा का विमान अपनी जगह खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान ने उसे टक्कर मार दी। सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित उतार लिया गया और हमारी ग्राउंड टीमें यात्रियों को जल्द से जल्द हैदराबाद पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है।'  

#DELCares अभियान के तहत दिल्ली एयरपोर्ट का ‘Your Terminal Companion’ प्रोजेक्ट शुरू

दिल्ल  दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के सफर को और आसान बनाने के लिए #DELCares अभियान के तहत 'Your Terminal Companion' नाम से एक खास वीडियो सीरीज़ शुरू की है। यह पहल यात्रियों को एयरपोर्ट की हर प्रक्रिया आसान भाषा में समझाएगी। कई बार एयरपोर्ट पर खासकर पहली बार यात्रा करने वाले लोग या अलग भाषा बोलने वाले चेक-इन करने, सिक्योरिटी चेक या बैगेज कहां मिलेगा, ऐसी कई जानकारियों को लेकर उलझन में आ जाते हैं। इसी परेशानी को दूर करने के लिए यह पहल शुरू की गई है। वीडियो सीरीज़ में कुल 24 वीडियो हैं, जो यात्रा के तीन अहम हिस्सों- डिपार्चर, ट्रांजिट और अराइवल को कवर करते हैं। दिल्ली एयरपोर्ट ने 'Your Terminal Companion' नाम से एक वीडियो सीरीज़ की है लॉन्च हर वीडियो में स्टेप-बाय-स्टेप बताया गया है कि एयरपोर्ट पर क्या करना है, जिससे यात्रियों को किसी से पूछने की जरूरत कम पड़े और उनका सफर आसान हो जाए। खास बात यह है कि ये वीडियो 20 अलग-अलग भाषाओं में बनाए गए हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी के साथ-साथ जर्मन, फ्रेंच, रशियन, कोरियन, डच, अरबी, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं और 5 भारतीय बोलियां भी शामिल हैं। दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ ने कहा कि यह पहल यात्रियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यात्री सहायता के नए आयाम दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि #DELCares सिर्फ सर्विस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उस अनुभव को परिभाषित करता है जिसे हम तैयार करते हैं। 'Your Terminal Companion' के जरिए हम यात्री सहायता को नए तरीके से परिभाषित कर रहे हैं। 2 लाख+ व्यूज़ DIAL के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि यह पहल सुनिश्चित करती है कि हर यात्री, चाहे उसकी भाषा, पृष्ठभूमि या हवाई यात्रा का अनुभव कुछ भी हो आत्मविश्वास और आसानी के साथ एयरपोर्ट पर अपनी यात्रा पूरी कर सके। ये वीडियो एयरपोर्ट पर लगे QR कोड, वेबसाइट और यूट्यूब चैनल @Delhiairport पर आसानी से देखे जा सकते हैं। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में इन वीडियो को 2 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इससे यात्रियों के कई सवालों का समाधान भी हो रहा है।  

एयरपोर्ट सुरक्षा में सनसनी: दिल्ली एयरपोर्ट पर मिला मानव कंकाल, जांच में जुटी पुलिस

नई दिल्ली दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जांच के दौरान मानव कंकाल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद हुई। दिल्ली पुलिस ने कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पता चला कि यह एक डेमो कंकाल है, जिसका उपयोग मेडिकल छात्र करते हैं।   दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर गुरुवार को सुरक्षा कर्मियों द्वारा मानव कंकाल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद की गई। इसकी सूचना फैलने के बाद थोड़ी देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा और दिल्ली पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि कंकाल एक डेमो कंकाल है, जिसका उपयोग मेडिकल छात्र आमतौर पर शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए करते हैं। यह कंकाल एक मेडिकल छात्र के सामान में मिली थी, जिससे पुष्टि होती है कि इसका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, किसी भी संदेह को दूर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक विश्लेषण से वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो जाएगा कि बरामद अवशेष वास्तव में शैक्षिक प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया गया एक डेमो कंकाल है या फिर मानव का। एक रनवे 5 महीनों के लिए बंद रहेगा दिल्ली एयरपोर्ट पर इंफ्रास्ट्रक्चरल अपग्रेडेशन के काम की वजह से एयरपोर्ट का एक रनवे 16 फरवरी से लगभग 5 महीनों के लिए बंद रहेगा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने कहा कि रनवे 11R/29L की री-सर्फेसिंग की जानी है, इसके साथ ही इसका टेक्निकल अपग्रेड भी होना है। हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट का एक रनवे बंद होने के बावजूद फ्लाइट ऑपरेशन बिना किसी बड़ी रुकावट के सामान्य रूप से जारी रहेंगे।  

दिल्ली एयरपोर्ट 6 दिन के लिए रहेगा बंद, यात्रियों को होगी भारी परेशानी

नई दिल्ली सर्दी में कोहरे से होने वाली परेशानी अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि अब दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों को 6 दिन मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं। गणतंत्र दिवस के सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर 21 जनवरी से दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस बंद होने के कारण यात्रियों को यात्रा में और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने मंगलवार को 21 जनवरी से 6 दिनों के लिए 1020 घंटे से 1245 घंटे तक के लिए एक नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है। 2 घंटे 25 मिनट के इस बंद से हजारों उड़ानें प्रभावित होंगी और कनेक्शन बाधित होंगे। इसके चलते यात्रियों को देरी और कैंसलेशन का सामना करना पड़ेगा और एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यह प्रैक्टिस गणतंत्र दिवस पर हर साल होने वाली ड्रेस रिहर्सल और परेड के लिए है। इसमें कर्तव्य पथ पर परेड, फ्लाईपास्ट और संस्कृति और मिलिट्री हार्डवेयर का प्रदर्शन शामिल होता है। मंगलवार को जारी किए गए नोटैम के मुताबिक बंद होने में सिर्फ 8 दिन बचे हैं। इससे एयरलाइंस को अपनी उड़ानों को एडजस्ट करने, मिस-कनेक्टिंग यात्रियों को वेरिफाई कर उन्हें दूसरे रास्ते से भेजने या रिफंड और बदलाव देने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, जो एयरलाइंस के लिए एक महंगा सौदा होगा। कितनी उड़ानों पर होगा असर? एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम द्वारा शेयर किए गए डेटा से पता चलता है कि इस दौरान 600 से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर पड़ेगा। यह वक्त दिल्ली में सबसे बिजी समय में से एक होता है, जब देशभर से आने वाले पैसेंजर यूरोप और भारत में दूसरी जगहों के लिए दोपहर की फ्लाइट्स पकड़ने के लिए लैंड करते हैं। कैंसलेशन, रीशेड्यूलिंग और रुकावटों की वजह से रोजाना हजारों पैसेंजर पर इसका असर पड़ने की उम्मीद है। क्यों किया जा रहा बंद? गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट में शामिल विमानों के ही गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा कारणों से इस तरह के पूरे बंद जरूरी होते हैं। जिन उड़ानों पर असर पड़ेगा, यह जरूरी नहीं कि वो सब कैंसिल ही हों। हालांकि, उनके टाइम में जरूर बदलाव होगा। इसके अलावा, पैसेंजर्स को दूसरे टाइम पर दूसरी फ्लाइट में एडजस्ट किया जाएगा। इस वक्त दिल्ली में कोहरा भी देखने को मिलता है, इसलिए जब किसी दिन विजिबिलिटी कम हो जाती है, तो इतने कम समय में इतनी सारी फ्लाइट्स और यात्रियों को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। यात्रियों के लिए सुझाव अगर आपकी फ्लाइट तय समय और तारीख पर दिल्ली से आने या जाने वाली है, तो सुनिश्चित करें कि आपकी कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपडेट हों ताकि एयरलाइंस बदलावों या कैंसलेशन के बारे में जल्द से जल्द आपसे संपर्क कर सकें। उड़ान रद्द होने पर एयरलाइंस आमतौर पर दूसरे ऑप्शन या पूरा रिफंड देती हैं। आखिरी समय में बदलाव को देखते हुए, विमान के किराए टिकट बुक करते समय की कीमत से अधिक हो सकते हैं, इसलिए दूसरे ऑप्शन चुनना ज्यादा समझदारी होगी।  

दिल्ली एयरपोर्ट ने साइबर हमले से किया इनकार, सिस्टम गड़बड़ी से यात्रियों को झेलनी पड़ी लंबी प्रतीक्षा

नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर गुरुवार दोपहर एक बड़ी तकनीकी खराबी के कारण हवाई यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इस गड़बड़ी का असर न सिर्फ दिल्ली बल्कि मुंबई सहित कई अन्य शहरों की उड़ानों पर भी पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला Automatic Message Switching System (AMSS) अचानक ठप पड़ गया। यह वही सिस्टम है, जो एयरलाइनों के फ्लाइट प्लान, मौसम संबंधी जानकारी और परिचालन संदेश एटीसी अधिकारियों तक पहुंचाता है। AMSS फेल होने के बाद एटीसी को पूरी तरह मैनुअल मोड में काम करना पड़ा, यानी फ्लाइट-प्लान की हैंड प्रोसेसिंग, आवाज के जरिये कोऑर्डिनेशन और मैन्युअल लॉगिंग जैसी प्रक्रियाएं अपनानी पड़ीं। इससे एयर ट्रैफिक की क्षमता बहुत घट गई और उड़ानों में देरी शुरू हो गई। प्रभाव कितना बड़ा था? शुक्रवार को कई उड़ानें प्रभावित रहीं, क्योंकि सिस्टम बहाल होने में समय लगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर रोज औसतन 1,500 फ्लाइट मूवमेंट्स होती हैं, और पीक टाइम पर 60–70 मूवमेंट प्रति घंटे दर्ज किए जाते हैं। ऑटोमेशन के बिना इतनी घने एयर ट्रैफिक को संभालना लगभग असंभव होता है। औसतन, दिल्ली से रवाना होने वाली उड़ानों में करीब 50 मिनट की देरी दर्ज की गई। एयरलाइनों ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करें, और अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचें। एयरपोर्ट और एयरलाइनों ने क्या बताया दिल्ली एयरपोर्ट (DIAL) और AAI दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर कहा कि Automatic Message Switching System में तकनीकी समस्या आई है, जिसे हमारी तकनीकी टीम प्राथमिकता पर हल करने की कोशिश कर रही है। इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया और अकासा एयर जैसी एयरलाइनों ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर अपडेटेड शेड्यूल चेक करने और धैर्य बनाए रखने की अपील की। AAI ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है। केवल ऑटोमेशन बंद होने से क्षमता घटी है, लेकिन सभी उड़ानें सुरक्षित अंतराल बनाए रखते हुए नियंत्रित की जा रही हैं। जांच में साइबर अटैक से इनकार सूत्रों के अनुसार, AMSS सिस्टम में यह खराबी ATC सॉफ्टवेयर अपग्रेड के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह साइबर अटैक नहीं है। अपग्रेडेशन प्रक्रिया के दौरान फ्लाइट-प्लान के ऑटोमेटिक अपडेट का कार्य बंद हो गया था। शुक्रवार सुबह IT मंत्रालय ने सिविल एविएशन मंत्रालय के साथ मिलकर जांच की और यह पुष्टि की कि कोई साइबर हमला नहीं हुआ था। यात्री क्या करें  अगर आप दिल्ली से उड़ान भरने या यहां लैंड करने वाले हैं, तो अपनी फ्लाइट का स्टेटस एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से जांचें। एयरपोर्ट कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचें। कनेक्टिंग फ्लाइट होने पर अतिरिक्त समय का अंतर रखें। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को अब ऐसे सिस्टम के लिए मजबूत बैकअप नेटवर्क, तेज रिस्टोरेशन प्रोटोकॉल और कंट्रोल रूम में स्वचालित-से-मैनुअल संक्रमण (fail-safe) प्रक्रियाएं विकसित करनी होंगी।

ATC में तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन ठप, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

 नई दिल्ली        दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई. खामी आने की वजह से उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस तकनीकी खराबी का असर IGI दिल्ली एयरपोर्ट पर आने और जाने वाली दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ा है. एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट के ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में टेक्निकल दिक्कत की वजह से कम से कम 100 फ्लाइट्स लेट हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, ATC में एक सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या के कारण IGI में उड़ानों के संचालन में देरी हो रही है. स्पाइसजेट समेत कई एयरलाइनों की उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली एयरपोर्ट ने इन बाधाओं पर एक बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि ATC प्रणाली में एक तकनीकी समस्या की वजह से IGIA में उड़ान संचालन में देरी हो रही है. एयरपोर्ट की टीम इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने के लिए DIAL सहित सभी हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है. यात्रियों को सलाह… एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए गहरा खेद जताया है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि नवीनतम उड़ान अपडेट के लिए वे अपनी संबंधित एयरलाइनों के संपर्क में रहें. एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बयान जारी करते हुए कहा, "दिल्ली एयरपोर्ट पर ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में टेक्निकल दिक्कत की वजह से फ्लाइट ऑपरेशन में देरी हो रही है. यह सिस्टम एयर ट्रैफिक कंट्रोल डेटा को सपोर्ट करता है. कंट्रोलर फ्लाइट प्लान को मैन्युअल रूप से प्रोसेस कर रहे हैं, जिससे कुछ देरी हो रही है. टेक्निकल टीमें जल्द से जल्द सिस्टम को ठीक करने पर काम कर रही हैं. हम सभी यात्रियों और स्टेकहोल्डर्स की समझ और सहयोग की सराहना करते हैं." स्पाइसजेट ने दी चेतावनी स्पाइसजेट एयरलाइन ने भी इस संबंध में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) की भीड़ की वजह से सभी आगमन, प्रस्थान और उनके परिणामस्वरूप होने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं. स्पाइसजेट ने भी यात्रियों से गुजारिश की है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करते रहें. 

हरियाणा के 54 लोग अमेरिका से निर्वासित, जानिए किन जिलों से हैं सबसे ज्यादा

दिल्ली/कैथल   अवैध रूप से डंकी रूट के जरिये अमेरिका पहुंचने वाले हरियाणा के 54 युवाओं को अमेरिका ने शनिवार देर रात डिपोर्ट कर भारत भेज दिया। विशेष विमान द्वारा इन युवाओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर बेड़ियों में बांधकर लाया गया। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें आधिकारिक प्रक्रिया के तहत भारतीय इमिग्रेशन अधिकारियों के हवाले किया। एयरपोर्ट पर हरियाणा पुलिस की विशेष टीमें पहले से मौजूद थीं। जिन युवाओं के खिलाफ आपराधिक और गिरोह से जुड़े मामलों की जानकारी थी, उन्हें मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। बाकी युवाओं को कागजी कार्रवाई के बाद उनके गृह जिलों में भेज दिया गया।   करनाल के सबसे अधिक डिपोर्ट डिपोर्ट हुए 50 युवाओं में सबसे ज्यादा करनाल के 16 लोग और कैथल जिले के 14 लोग शामिल हैं। इनके अलावा कुरुक्षेत्र के पांच, जींद के तीन सहित अन्य जिलों के लोग है। लॉरेंस बिश्नोई का करीबी लखविंद्र भी किया डिपोर्ट वहीं इनमें सबसे बड़ा मामला कैथल के गांव तितरम निवासी लखविंद्र उर्फ लाखा का है। लाखा लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य है और 2022 से अमेरिका में बैठकर हरियाणा-पंजाब के व्यापारियों से फिरौती मांगने के नेटवर्क का संचालन कर रहा था। हरियाणा एसटीएफ की अंबाला यूनिट ने गैंगस्टर लॉरेंस के करीबी लखविंद्र उर्फ लाखा को गिरफ्तार कर लिया। कैथल के अलावा अन्य जिलों में भी उस पर फिरौती मांगने जैसे कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा डिपोर्ट होकर आए दूसरे मोस्ट वांटेड सुनली सरधानिया का नाम भी शामिल हैं। जो हत्या सहित 24 आपराधिक वारदातों में वांछित है। सुनील को भिवानी में एक हत्या के केस में उम्र कैद और पंचकूला में डकैती के मामले में 10 साल की सजा हुई थी। दोनों मामलों में कोर्ट से जेल से जमानत आने के बाद उसने फर्जी पते पर अपना पासपोर्ट बनवाया था। इसके बाद 2024 में है विदेश भाग गया था। अमेरिका द्वारा रिपोर्ट किए गए युवकों में से एसटीएफ में दोनों आरोपियों तुरंत हिरासत में ले लिया। अब दोनों पुलिस रिमांड पर लिया है। कर्ज लेकर गए थे विदेश डिपोर्ट हुए युवाओं में ज्यादातर वे हैं जिन्होंने अपने परिवार की जमीन, गहने बेचकर और ब्याज पर पैसा लेकर डंकी रूट के माध्यम से अमेरिका जाने का प्रयास किया था। लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें सीमा सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया और महीनों तक जेलों व डिटेंशन कैंपों में रखा। इन युवाओं में से अधिकांश ने 2024 और 2025 में यह सफर तय करना शुरू किया था। कैसे होता है डंकी रूट का सफर   डिपोर्ट हुए युवकों ने बताया कि पहले दिल्ली से ब्राजील जाया जाता है। वहां एजेंट लोकल गिरोहों के सहारे आगे भेजते हैं। ब्राजील से कोलंबिया, फिर पनामा और वहां से मौत का जंगल कहे जाने वाले दरियन गैप की शुरुआत होती है। 6 से 15 दिन तक लगातार जंगलों में पैदल चलना होता है। तेज बारिश, कीचड़, सांप-बिच्छू, दलदल को लांघकर कर आगे बढ़ना होता है। थककर गिर जाने वालों को डोंकर वहीं छोड़ देते है। कई बार उनको चलने के लिए मारपीट कर मजबूर किया जाता है। डोंकर हर चरण पर उनसे पैसे वसूलते हैं। इनमें पनामा ₹3–5 लाख, ग्वाटेमाला ₹5–7 लाख, मैक्सिको ₹6–10 लाख, अमेरिका बॉर्डर पार ₹2–4 लाख रुपए वसूले जाते हैं। सभी को मिलाकर लगभग 50–70 लाख रुपये खर्च होते हैं। फिर भी गारंटी शून्य रहती है।   सोचा था वहां पहुंचकर जिंदगी बदल जाएगी, पर जिंदगी ही खतरे में पड़ गई कैथल के गांव का 26 वर्षीय युवक ने बताया कि हम 18 लोग पनामा के जंगल में थे। दो लोग दलदल में धंस गए, कोई बचाने नहीं रुका। हम सब रोते हुए आगे बढ़ गए। डोंकर बोलते थे — ‘जिंदा रहना है तो बढ़ो, पीछे देखा तो तुम भी मरोगे। ग्वाटेमाला पहुंचने पर उससे 6 लाख रुपये, मैक्सिको की सीमा पर 6 लाख रुपये और अमेरिका सीमा तक पहुंचाने के नाम पर 3 लाख रुपये और ले लिए गए। अमेरिका की सीमा पर प्रवेश करते ही अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 28 से 70 दिन डिटेंशन कैंप में बंदी रहे, जहां 50–100 लोग एक ही बैरक में रहते थे। उन्हें भोजन में सिर्फ ब्रेड और सूप दिया जाता था। इसके अलावा उन्हें भाषा की समस्या रही तथा कोई कानूनी सहायता नहीं दी गई। अब तक 654 लोग किए जा चुके हैं डिपोर्ट इससे पहले भी हरियाणा के अमेरिका में अवैध तरीके से रहने वाले कुल 654 लोग अब तक डिपोर्ट किए जा चुके हैं। जनवरी से जुलाई 2025 तक हरियाणा के 604 नागरिकों को हथकड़ी पहनाकर सेना के जहाज से भारत डिपोर्ट किया गया था। अब हाल ही में 50 और लोगों को डिपोर्ट किए जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 654 हो गई है। हरियाणा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी पिछले तीन वर्षों में हरियाणा से 3000 से अधिक युवा डंकी रूट से विदेश जाने के प्रयास में पकड़े गए हैं। इनमें से कई को जंगलों और सीमाई रास्तों पर वापस धकेल दिया गया, जबकि 200 से अधिक युवा अब तक लापता या ठगी का शिकार बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 100 से अधिक युवा अभी भी विदेशी जेलों में बंद हैं, जहां वे कानूनी सहायता के अभाव में कठिन परिस्थितियों में जीवन काट रहे हैं। यह स्थिति केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गंभीर सामाजिक और मानवीय संकट बन चुकी है। परिवार कर्ज के बोझ में डूब रहे हैं, युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और गांवों में असुरक्षा और असमंजस का माहौल बढ़ रहा है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अब मानव तस्करी, एजेंट नेटवर्क और अवैध यात्रा सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई की रणनीति तैयार कर रही हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचना हुआ आसान: सोनीपत से 45 मिनट का सफर, यूईआर-2 बनेगा गेमचेंजर

 गुरुग्राम   अब सोनीपत से 45 मिनट और बहादुरगढ़ से करीब 20 मिनट में दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। पहले शहरवासियों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए कई बार महिपालपुर और सिरहौल बॉर्डर पर जाम के चलते एक-एक घंटे तक का समय लग जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  दिल्ली के रोहिणी से लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत की 6 सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन व लोकार्पण किया। इनमें हरियाणा के लिए दिल्ली खंड के द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) का उद्घाटन भी शामिल है। इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य नेता मौजूद थे। अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से 75.71 किलोमीटर लंबा हाईवे शुरू होने से हरियाणा से पश्चिमी-दक्षिणी दिल्ली और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक का सफर आसान होने के साथ दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी। सबसे ज्यादा फायदा न्यू गुरुग्राम के लोगों को होगा। इस मार्ग के खुलने से रोजाना करीब 50 हजार वाहन चालकों का सफर सुहाना होगा। यह हाईवे दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग से होते हुए दिल्ली के अलीपुर, रोहिणी, मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़, द्वारका से होते हुए महिपालपुर के पास दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर खत्म होगा। तीन प्रमुख राजमार्गों से जुड़ाव यूईआर-2 से फरीदाबाद से सिंघु बॉर्डर जाना भी आसान हो जाएगा। यह हाईवे एनएच-344पी, एनएच-344एम और एनएच-344एन जैसे तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ेगा। साथ ही हाईवे से बहादुरगढ़ ही नहीं प्रदेश के अन्य जिलों सिरसा, हिसार, भिवानी, रोहतक के अलावा चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से लोगों को दिल्ली आने-जाने में सहूलियत होगी। दिल्ली के अन्य क्षेत्रों से जुड़ाव होगा आसान यूईआर-2 सिर्फ गुरुग्राम के वाहन चालकों को जाम से राहत नहीं दिलाएगा। यह दिल्ली में ही अन्य क्षेत्रों में जाने के लिए काम आएगा। द्वारका से रोहिणी, मुंडका व अन्य क्षेत्रों तक जल्द पहुंच सकेंगे। गुरुग्राम से सोनीपत, पानीपत, करनाल व अन्य स्थानों पर जाने वाले वाहन चालकों को एक और विकल्प मिल गया है। इस मार्ग से भारी वाहनों को भी फायदा होगा। दिल्ली एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी  इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा उत्तर भारत का औद्योगिक और कृषि केंद्र है। इस परियोजनाओं का प्रदेश को सीधा लाभ मिलेगा। कुंडली, सोनीपत, बहादुरगढ़, गुरुग्राम और मानेसर की दिल्ली एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी से निर्यात, आयात और निवेश को भी नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को कई महत्वाकांक्षी और दूरगामी परियोजनाओं से समृद्ध किया है। इनमें वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रेल कोच रिपेयर फैक्टरी, कुण्डली-मानेसर-पलवल व कुण्डली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम-सिकंदरपुर और फरीदाबाद-बल्लभगढ़ मेट्रो लिंक, रोहतक में देश का पहला एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, रोहतक-महम-हांसी रेलवे लाइन, एम्स झज्जर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और रेवाड़ी में एम्स जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में रिठाला से कुंडली तक मेट्रो कॉरिडोर की सौगात भी प्रदेश को मिली है।