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प्रॉपर्टी आईडी में गलती? अब नहीं होगी परेशानी: Panipat निगम खुद करेगा सुधार, NDC पोर्टल एक्टिव

पानीपत. अब नगर निगम में बिना शिकायत ही प्रापर्टी आइडी में क्षेत्र, कैटेगरी और अन्य तरह की बड़ी गलतियां ठीक होंगी। नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी ऐसी आइडी की तलाश खुद करेगा। इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय (यूएलबी) के एनडीसी पोर्टल का सहारा लिया जाएगा। नगर निगम के कर्मचारी कंप्यूटर सिस्टम में एनडीसी पार्टल खोलकर उसमें फिल्टर लगाकर गलतियां वाली आइडी की तलाश करेंगे। फिर ऐसी आइडी की खुद ही फाइल बनाकर उसकी प्रोसेस चलाएंगे। अभी शहर में 1.86 लाख प्रापर्टी आइडी हैं। इनमें करीब 50 हजार ऐसी आइडी हैं, जिनमें किसी न किसी प्रकार की गलतियां हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगम ने 30.65 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स रिकवर किया था। जिसके साथ ही नगर निगम ने अपना ही रिकार्ड तोड़ा है अब मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में टैक्स रिकवरी और भी अधिक बढ़ाने का लक्ष्य अभी से बनाकर काम शुरू कर दिए गए हैं।  गलतियां ठीक होने पर संबंधित मालिकों को सूचित करेंगे ऐसी आइडी की गलतियां ठीक करके संबंधित प्रापर्टी मालिकों को सूचित भी किया जाएगा। हालांकि प्रोसेस चलाने के दौरान भी जो मोबाइल नंबर दिया हुआ है, उस पर काल करके ओटीपी भी लिए जाएंगे। इसके बाद जब आइडी की गलतियां ठीक हो जाएंगी तो नगर निगम की टीमें संबंधित मालिकों को सूचित करेंगे। इसके साथ-साथ बिल भरने के लिए प्रेरित भी करेंगे। अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी ने कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में इस बार प्रापर्टी टैक्स रिकवरी पहले से भी बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए प्रापर्टी आइडी की गलतियां ठीक होना बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसी प्रापर्टी आइडी की तलाश करवा रहे हैं, जिनमें बड़ी गलतियां हैं। इसके लिए विशेष रूप से टीमें गठित करके जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। शहरवासियों को बेहतर सहयोग देने के साथ-साथ प्रापर्टी टैक्स जमा कराने के लिए भी प्रेरित करेंगे।

Ambala में BJP का नया समीकरण: पुराने-नए चेहरों का मिश्रण, बाहरी प्रत्याशियों को भी टिकट

अंबाला शहर. लंबे इंतजार के बाद वीरवार सुबह जैसे ही भाजपा ने 20 वार्डों के अपने पार्षद उम्मीदवारों की सूची जारी की, शहर की सियासत में हलचल तेज हो गई। यह सूची सिर्फ नामों का एलान नहीं, बल्कि उस राजनीतिक प्रयोग का खाका है जिसमें वफादारी से ज्यादा विजय क्षमता को तवज्जो दी गई है। इस बार का चुनाव सीधे-सीधे भाजपा बनाम कांग्रेस का मुकाबला जरूर दिख रहा है, लेकिन असल कहानी इससे कहीं ज्यादा पेचीदा है। वजह टिकट वितरण में पुराने चेहरों की वापसी, विपक्ष से आए नेताओं को मौका और नए चेहरों पर जोखिम भरा भरोसा। भाजपा की सूची में जिन्हें उम्मीदवार बनाया गया है उनमें 11 ने पिछला चुनाव लड़ा था। इनमें से दो हार गए थे। 9 जितने वालों में एक कांग्रेस और एक हरियाणा जनचेतना पार्टी जोकि भाजपा में विलय हो गई और शेष 7 भाजपाई ही थे। अब जब भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं, तो सियासत का फोकस टिकट से हटकर टक्कर पर आ गया है। हर वार्ड में समीकरण अलग हैं कहीं जातीय गणित, कहीं व्यक्तिगत पकड़, तो कहीं विकास के मुद्दे चुनाव की दिशा तय करेंगे। इस बार का चुनाव एक तरह से हाइब्रिड माडल बन गया है जहां पुराने नेता, नए चेहरे और दल-बदल की राजनीति एक साथ मैदान में है। पुराने सिपाहियों पर भरोसा, लेकिन पूरी तरह नहीं…. भाजपा ने पिछले चुनाव में जीत दर्ज करने सातों चेहरों को दोबारा मैदान में उतारकर यह संकेत दिया है कि पार्टी अपने विनिंग काम्बिनेशन को पूरी तरह छोड़ने के मूड में नहीं है। मन्नी आनंद, अर्चना छिब्बर, मोनिका मल, मीना ढिंगरा, शोभा पूनिया, हितेष जैन और प्रीति सूद के पति दिनेश सूद, जैसे नाम फिर से टिकट पाकर यह साबित करते हैं कि पार्टी को अपने पुराने प्रदर्शन पर भरोसा है। लेकिन दिलचस्प यह है कि दो जीतने वाले चेहरों को किनारे कर नए समीकरण बनाए गए यहीं से राजनीति का असली खेल शुरू होता है। दल-बदलुओं पर दांव या मजबूरी… इस सूची का सबसे बड़ा संदेश है दल बदलने वालों के लिए भाजपा के दरवाजे खुले हैं। कांग्रेस से आए राजेश मेहता, हरियाणा जनचेतना और हरियाणा डेमोक्रेटिक मोर्चों से जुड़े चेहरे, अब भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। यह रणनीति साफ करती है कि भाजपा इस बार वोट बैंक इंपोर्ट करने की कोशिश कर रही है।यानी जहां संगठन कमजोर है, वहां विपक्ष के मजबूत चेहरों को शामिल कर सीधे मुकाबले को अपने पक्ष में मोड़ने की तैयारी है। दोधारी तलवार, पुरानों को टिकट ने मिलने से बेचैनी लेकिन भाजपा का यह दांव दोधारी तलवार भी है स्थानीय कार्यकर्ताओं में असंतोष और बगावत का खतरा भी उतना ही बड़ा है। पांच पूर्व पार्षदों को टिकट नहीं मिली। इनमें से एक ने तो खुद नामांकन नहीं भरा था, एक ने नामांकन भरा था लेकिन चुनाव नहीं लड़ने की बात भी खुद ही कह दी थी। तीन ऐसे हैं जिन्होंने टिकट मांगी थी लेकिन नहीं मिली। इनमें से एक भाजपा का सबसे पुराना चेहरा भी शामिल है जबकि दो चेहरे हरियाणा जनचेतना से चुनाव जीतने वाले पूर्व पार्षद हैं। लेकिन इनके बदले भाजपा ने इसी पार्टी से जुड़े बाद और अब भाजपा का हिस्सा बने दो अन्य उम्मीदवारों को टिकट देकर संतुलन भी साधने का काम किया है। परिवारवाद की सॉफ्ट एंट्री सूची में कुछ ऐसे नाम भी हैं जो सीधे तौर पर नहीं, लेकिन रिश्तों के जरिए राजनीति में उतर रहे हैं। शिवानी सूद और दिनेश सूद, गुरप्रीत साहनी जैसे उदाहरण बताते हैं कि पार्टी अब फैमिली कनेक्शन को भी चुनावी पूंजी मान रही है। यह ट्रेंड बताता है कि स्थानीय पहचान और नेटवर्क को प्राथमिकता दी जा रही है, चाहे उम्मीदवार खुद पहली बार मैदान में क्यों न हो। गुटबाजी की झलक भी साफ टिकट वितरण में अलग-अलग गुटों का संतुलन भी नजर आता है। कार्तिकेय शर्मा गुट से जुड़े दो उम्मीदवारों को टिकट मिलना इस बात का संकेत है कि पार्टी ने अंदरूनी समीकरणों को साधने की कोशिश की है। यह संतुलन फिलहाल कागज पर तो ठीक दिखता है, लेकिन चुनावी मैदान में यही गुटबाजी कभी-कभी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है। नए चेहरों पर रिस्क फैक्टर करीब 9 नए चेहरों को टिकट देकर भाजपा ने यह भी साफ कर दिया है कि वह सिर्फ पुराने फार्मूले पर निर्भर नहीं रहना चाहती। विशाल राणा, वरखा सहोता, वरिंद्र नाथ, गुरविंद्र सिंह, कविता सैनी, कमल अग्रवाल, बीनू गर्ग, सपना रानी, राजकुमार गुप्ता उम्मीदवारों को मौका देकर पार्टी ने फ्रेश फेस का कार्ड भी खेला है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ये नए चेहरे जमीन पर उतनी ही मजबूती दिखा पाएंगे, जितनी उम्मीद पार्टी कर रही है?

शादी का जश्न बना मातम: Sirsa में वीडियो शूट कर रहे कैमरामैन को कार ने कुचला

सिरसा. शादी समारोह में दुल्हन की विदाई की फोटोग्राफी कर रहे एक कैमरामैन को बीच सड़क खड़ा होना भारी पड़ गया। सोमवार सुबह दिल्ली पुल के पास तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कैमरामैन कई मीटर दूर जा गिरा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक मनजीत सिंह अपने परिवार में माता-पिता और एक छोटे भाई के साथ रहता था। वह फ्रीलांसर फोटोग्राफर के तौर पर काम कर परिवार का खर्चा चला रहा था। जानकारी के अनुसार रानियां क्षेत्र के गांव अभोली निवासी 28 वर्षीय मनजीत सिंह फ्रीलांसर फोटोग्राफर के तौर पर काम करता था। सोमवार सुबह वह दिल्ली पुल के पास स्थित एक होटल में आयोजित विवाह समारोह में दुल्हन की विदाई के दौरान फोटो व वीडियो बना रहा था। विदाई के बाद बेहतर एंगल लेने के लिए वह हाईवे के बीच सड़क पर खड़ा होकर फोटोग्राफी कर रहा था। इसी दौरान सिरसा की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मनजीत सिंह हवा में उछलकर कई मीटर दूर जाकर सड़क पर गिर पड़ा। टक्कर के बाद कार भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे डिवाइडर से टकराकर रुक गई। मौके पर मौजूद लोगों व कार चालक ने मनजीत सिंह को संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। बाद में स्वजन के बयान के आधार पर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने कार चालक और वाहन को सिविल लाइन थाना ले जाकर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता हरजिंद्र के बयान पर रिट्ज कार चालक फतेहाबाद के शक्तिनगर निवासी संदीप कुमार के खिलाफ तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। हादसे की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कैमरामैन हाईवे के बीच खड़ा होकर फोटो ले रहा है। इसी दौरान तेज रफ्तार कार उसे टक्कर मार देती है और वह उछलकर दूर जा गिरता है। यह वीडियो दिनभर इंटरनेट मीडिया पर वायरल होता रहा।

Panchkula में भाजपा का दांव: वार्डवार उम्मीदवार घोषित, Gyan Chand Gupta की मजबूत पकड़

पंचकूला. भाजपा ने नगर निकाय चुनाव 2026 के तहत पंचकूला नगर निगम के लिए पार्षद उम्मीदवारों की वार्डवार आधिकारिक सूची जारी कर दी है। अधिकांश उम्मीदवारों को पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता का समर्थक माना जा रहा है। खास तौर पर उनके पौते पार्थ गुप्ता को वार्ड-6 से टिकट दिए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। यह सूची केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद जारी की गई है। वार्ड नंबर 1 से 20 तक उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। पार्टी ने इस बार महिला उम्मीदवारों को भी संतुलित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। पूर्व पार्षद रितु गोयल, ओमवती पूनिया, सोनिया सूद और सुशील गर्ग नरवाना को टिकट दिया गया है। सूची जारी होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। सभी उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। पार्टी अब बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करते हुए चुनाव जीत सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रही है। वार्डवार उम्मीदवारों की सूची वार्ड नंबर     उम्मीदवार का नाम 1     परमजीत कौर 2     पमरजीत कौर 3     सुरेश वर्मा 4     भारत हितैषी 5     जय कौशिक 6     पार्थ गुप्ता 7     ज्योति प्रसाद 8     राजकुमार जैन 9     हरेंद्र मलिक 10     शेखर पांडेय 11     अनुराधा पुरी 12     राकेश जगोता 13     दीपक गर्ग 14     राकेश गोयल 15     प्रियंका 16     निर्मल देवी 17     सुदेश बिडला 18     पूजा देवी 19     मनीषा रानी 20     गौतम राणा

Railway Bomb Threat: Ambala-Delhi रूट पर अलर्ट, हरियाणा के स्कूलों में दहशत फैलाने वाले ईमेल

अंबाला. पंजाब और हरियाणा में रेलवे ट्रैकों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। 24 अप्रैल को 8:11 मिनट पर अंबाला से लेकर दिल्ली तक रेलवे ट्रैक पर धमाके करने की धमकी दी गई है। इसके अलावा पंजाब में भी लुधियाना अमृतसर बठिंडा फिरोजपुर में रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी दी गई है। ईमेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी में हरियाणा के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। ईमेल में कहा गया है कि 24 अप्रैल को अपने बच्चों को स्कूल में मत भेजो और रेल से सफर मत करो। लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। वहीं आज ही बठिंडा के दो प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों—सेंट जेवियर स्कूल और मिलेनियम स्कूल— को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके साथ ही बठिंडा रेलवे स्टेशन को भी निशाना बनाने की चेतावनी भरा ईमेल सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।

राजनीति गरमाई: Anil Vij ने Mallikarjun Kharge के बयान पर किया जोरदार पलटवार

चंडीगढ़. हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड्गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश का कोई भी नागरिक अपने प्रधानमंत्री के बारे में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इनके अंदर तो विदेशियों की आत्माएं बोलती है जिनमें पाकिस्तान, चीन जैसे देश के दुश्मनों की बोलती है जो यह इस प्रकार के शब्द कहने का दुसाहस भी कर पाते हैं। विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बंगाल व तमिलनाडू में कल से मतदान को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश में मोदी की लहर चल रही है सारे देश में विकास की राजनीति की लहर चल रही है। फिर चुनाव किसी भी प्रदेश में हो असर हर जगह है। हम इससे पहले हरियाणा, दिल्ली, बिहार, मुंबई में जीते हैं उसी प्रकार से आगे भी जहां-जहां चुनाव होंगे, भाजपा ही जीतेगी। सांसद पप्पू यादव द्वारा राजनीतिक क्षेत्र में आई महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर ऊर्जा मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस प्रकार की शब्दावली का इस्तेमाल करना निंदनीय है। हो सकता है कि उनकी अपनी पार्टियों में ऐसा कुछ होता हो, मगर सारी पार्टियों, महिलाओं व देश को ऐसा नहीं कह सकते।

ESI अस्पताल घोटाले पर बड़ा एक्शन: Panipat में फर्जी रेफरल केस की जांच ACB को

पानीपत. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए पानीपत ESI अस्पताल में हुए करोड़ों के रेफरल घोटाले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंप दी है। वर्ष 2020 से 2024 के बीच हुए इस घोटाले में मरीजों को निजी अस्पतालों में फर्जी तरीके से रेफर किया गया था। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल के तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। जांच में सामने आया है कि अस्पताल के 3 कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से पिछले चार वर्षों में मरीजों को बिना जरूरत के निजी अस्पतालों (पैनल अस्पतालों) में रेफर किया। रेफरल फॉर्म पर डॉक्टरों के जाली हस्ताक्षर कर निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाया। इस खेल के जरिए सरकारी धन का बड़े स्तर पर दुरुपयोग किया गया। CM नायब सैनी का कड़ा रुख मुख्यमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए न केवल ACB जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि राज्य के अन्य 133 पैनल अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। ताकि यह पता चल सके कि क्या यह नेटवर्क पूरे प्रदेश में सक्रिय है। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने इस बड़े भ्रष्टाचार की आशंका को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था। वर्तमान मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. वंदना ने बताया कि दोषी तीन लोगों पर विभागीय कार्रवाई कर दी गई है। वर्तमान में रेफरल प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया गया है कि फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। अब अधिकांश मरीजों का इलाज अस्पताल के भीतर ही किया जा रहा है, जिससे वार्ड फुल हैं और रेफरल की संख्या बहुत कम रह गई है।

अवैध निर्माण पर सख्ती: Bahadurgarh प्रशासन का एक्शन, कॉलोनियों में बुलडोजर कार्रवाई

बहादुरगढ़. बहादुरगढ़ में लाइसेंस्ड कॉलोनियों में किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। झज्जर रोड स्थित ओमेक्स सिटी में डीटीपी विभाग की टीम ने अवैध कब्जों को हटाया।कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, जिसके चलते करीब एक घंटे तक तोड़फोड़ की कार्रवाई रुकी रही। लोगों का कहना था कि उन्होंने घरों के बाहर पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग लगाई थी, जिसे प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार प्रवीण शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं एटीपी सतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि अवैध अतिक्रमण को हर हाल में हटाया जाएगा और कार्रवाई के दौरान किसी भी पेड़-पौधे को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यही बताया कि आने वाले दिनों में शहर की कई अन्य लाइसेंस शुदा कॉलोनियों में डीटीपी विभाग अतिक्रमण हटाएगा। यह कार्रवाई लगातार कई दिन तक जारी रहने वाली है।

जेलों में मोबाइल पर हाईकोर्ट की नाराज़गी, प्रशासन से पूछे तीखे सवाल

चंडीगढ़. नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने जहां आरोपित को नियमित जमानत दे दी, वहीं जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा के जेल प्रशासन को आत्ममंथन करने की जरूरत बताई है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई कैदी हिरासत में रहते हुए मोबाइल फोन के जरिये आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यह आदेश जस्टिस संजय वशिष्ठ की एकल पीठ ने आरोपित आकाश उर्फ रिंकू द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ता ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में नियमित जमानत की मांग की थी। मामला फतेहाबाद के भूना थाना में दर्ज एफआइआर से जुड़ा है, जिसमें 505 ग्राम हेरोइन बरामद होने के बाद कई आरोपितों के नाम सामने आए थे। जांच के दौरान मुख्य आरोपित मोहन लाल ने बताया था कि उसने यह नशीला पदार्थ दिल्ली क्षेत्र में एक विदेशी नागरिक से खरीदा था और इस सौदे में अन्य आरोपितों की वित्तीय भूमिका रही। पुलिस ने आगे की जांच में कई सह-आरोपितों को गिरफ्तार किया और याचिकाकर्ता को भी जांच में शामिल किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और उसे केवल पुलिस रिकार्ड में शामिल होने के कारण फंसाया गया है। यह भी कहा गया कि जिस मोबाइल फोन को नष्ट करने का आरोप लगाया गया, वह कभी उसके कब्जे में था ही नहीं, खासकर तब जब वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में था। अदालत ने रिकार्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कई आपराधिक मामले जरूर दर्ज हैं, लेकिन एनडीपीएस एक्ट में केवल एक ही मामले में सजा हुई है। अन्य मामलों में या तो वह बरी हुआ या सजा पूरी कर चुका है। सबसे अहम टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि एक कैदी जेल में रहते हुए अन्य आरोपितों से मोबाइल फोन के जरिये संपर्क में बताया जा रहा है, जबकि इसकी जानकारी जेल प्रशासन को नहीं थी। कोर्ट ने कहा कि या तो आरोप झूठे हैं या फिर जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है। इन टिप्पणियों के साथ अदालत ने आरोपित को जमानत देते हुए निर्देश दिया कि भविष्य में यदि वह समान गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसकी जमानत रद की जा सकती है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट को मामले का स्वतंत्र और शीघ्र निपटारा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 को हरी झंडी, Haryana के सीएम सैनी बोले- विपक्ष महिला विरोधी

गुरुग्राम. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुग्राम में हरियाणा कैबिनेट की बैठक की। लोकसभा में नारी वंदन अधिनियम गिरने के विरुद्ध भाजपा सरकार विधानसभा में विपक्ष के विरोध में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाया गया है। सीएम नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 विधानसभा के स्पेशल सत्र में लाया जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा के कॉमन कैडर के ग्रुप डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए जरूरी नियम बनाने पर भी सहमति बनी है। अगर कॉमन कैडर ग्रुप डी कर्मचारियों ने 5 साल से ज्यादा की सर्विस पूरी की तो वे क्लर्क के पद पर प्रमोशन के लिए एलिजिबल होंगे। हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस बिल 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है। ड्राफ्ट बिल में क्लर्क के पद के लिए ग्रुप डी से प्रमोशन के कोटे को 20% से 30% करने का प्रावधान किया गया। साथ ही 5% एक्स ग्रेशिया पद रखने की अनिवार्यता भी नियमों में शामिल की गई। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि 16 व 17 अप्रैल को संसद में जो कुछ हुआ उसने विपक्षी दलों का असली चेहरा देश के सामने उजागर किया। विपक्षी दलों का असली चरित्र महिला विरोधी और सत्ता का लोभी है। यह दिन देश के इतिहास में काले दिन के रूप में दर्ज हुआ। विपक्षी दलों ने महिलाओं को केवल वोट बैंक समझा लेकिन निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी से वंचित रखा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की भागीदारी कोई दया नहीं, उनका अधिकार है। विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया और कहा के इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। गृहमंत्री ने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। आने वाले समय में महिलाएं अपने वोट की ताकत से महिला विरोधी दलों को करारा जवाब देंगी।