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रेलवे का बड़ा ऐलान: महाराष्ट्र-बंगाल रूट पर 11 स्पेशल ट्रेनें, लाखों यात्रियों को फायदा

भिलाई. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने समर स्पेशल ट्रेन शुरू की है। इस बार 11 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जो करीब 87 फेरों में दौड़ेंगी। इन ट्रेनों का संचालन 2 अप्रैल से शुरू हो चुका है। जो 16 जुलाई 2026 तक अलग-अलग तारीखों पर चलेंगी। ये ट्रेनें देश के 20 से ज्यादा प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेंगी, जिससे मध्य भारत, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। इन ट्रेनों से करीब 1.5 लाख से अधिक यात्रियों को कन्फर्म सीट और राहत मिल सकेगी। ये स्पेशल ट्रेनें लंबी दूरी के व्यस्त रुट को कवर करेंगी। जो दुर्ग, हरिद्वर, इतवारी, शालीमार, एलटीटी, संतरागाछी, हटिया, पटना-एलटीटी, तिरुपति-रक्सौल, चर्लपल्ली, गोंदिया, रक्सौल, एलटीटी, हावड़ा, इतवारी मालदा टाउन और पुणे, संतरागाछी शामिल हैं। इन मार्गो पर हर साल गर्मियों में भारी भीड़ रहती है, ऐसे में यह सुविधा यात्रियों के लिए काफी राहत देने वाली है। छत्तीसगढ़ में ये एक्सप्रेस ट्रेनें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़ समेत सभी प्रमुख स्टेशनों में रुकेगी। गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इन स्पेशल ट्रेनों से वेटिंग लिस्ट कम होगी। लंबी दूरी के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

कर्मचारियों के हक में नए नियम लागू, बोनस और वेतन सीधे खाते में

गौतम बुद्ध नगर योगी सरकार ने प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. इन फैसलों के तहत गौतम बुद्ध नगर में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर सैलरी और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करना जरूरी कर दिया गया है. यह फैसला  नोएडा में  लगातार कंपनी मालिकों की मनमानी और सैलरी में देरी व अनियमितताओं के विरोध में तीन दिनों से काम बंद कर सड़कों पर उतरे कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है. इसके बाद भी वहीं सोमवार की सुबह भी कर्मचारियों ने नोएडा के फेज 2 इलाके में प्रदर्शन किया. पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए नए दिशानिर्देश लागू किए हैं. प्रशासन का कहना है कि इन नियमों के जरिए श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और जिले को श्रम सुधारों के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. जिलाधिकारी मेहा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन नियमों की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों से ओवरटाइम काम लेने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करनी होगी. यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी. 10 तारीख तक एक ही किस्त में देनी होगी सैलरी न्यूज एजेंसी के मुताबिक वेतन भुगतान की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं. सभी उद्योगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों को हर महीने की 10 तारीख तक एक ही किस्त में वेतन दिया जाए. इसके साथ ही कर्मचारियों को वेतन पर्ची देना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे. बोनस भुगतान को लेकर भी समयसीमा तय की गई है. निर्देशों के अनुसार, 30 नवंबर तक सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की राशि सीधे जमा कराई जाएगी. प्रशासन का मानना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी. महिलाओं की सुरक्षा का देना होगा ध्यान कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी कई निर्देश जारी किए गए हैं. सभी औद्योगिक इकाइयों को यौन उत्पीड़न के मामलों के निपटारे के लिए आंतरिक शिकायत समिति गठित करनी होगी, जिसकी अध्यक्षता महिला सदस्य करेंगी. इसके अलावा, कार्यस्थल पर शिकायत पेटियां लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं. श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है. अधिकारीयों के अनुसार, श्रमिक निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उनका त्वरित निपटारा किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. वहीं दूसरी ओर रविवार को भी गौतम बुद्ध नगर के फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन भी जारी रहा. कर्मचारियों ने सैलरी विसंगतियों और कंपनी मालिकों की मनमानी के वृद्धि की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी अपने रुख पर कायम रहे और मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की. जिला प्रशासन के फैसले के बाद भी साेमवार की सुबह फिर से कर्मचारी सड़कों पर एकजुट हुए और विरोध-प्रदर्शन तेज किया. पुलिस ने पहले इन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया.

बिहार में नई सरकार गठन की तैयारी, 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की संभावना

पटना बिहार के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। कहा जा रहा है कि बिहार इन्हीं 48 घंटों में एक बड़े सियासी बदलाव का गवाह बनेगा। अब यह तय हो चुका है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही होंगे। यह पहला मौका होगा जब बिहार में बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री होगा। हालांकि, बिहार के नए सीएम कौन होंगे यह अभी साफ नहीं है लेकिन नए सीएम को लेकर लोगों की जिज्ञासा काफी बढ़ी हुई है। जिज्ञासा इस बात को लेकर भी है कि आखिर बिहार के नए मुख्यमंत्री शपथ कहां लेंगे। ऐसी खबरें हैं कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को पटना में स्थित लोकभवन में संभावित है। सोमवार को लोकभवन में तैयारियों जैसा माहौल भी नजर आया। डीएम भी लोकभवन पहुंचे थे। यह भी कहा जा रहा है कि डीएम एसएम त्यागराजन ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की है और इस मुलाकात में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर चर्चा हुई है। बताया जा रहा है कि 15 को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा कुछ वरिष्ठ मंत्रियों का ही शपथ ग्रहण होगा। इधर पटना के ही बापू सभागार को भी खाली रखा गया है। कुछ दिनों पहले तक शपथ ग्रहण स्थल के तौर पर गांधी मैदान का भी जिक्र किया जा रहा था। हालांकि, नए मुख्यमंत्री कहां शपथ लेंगे इसे लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है। नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर एनडीए विधायक दल की बैठक में लगेगी। इस बैठक से पहले सियसी गलियारे में हलचल तेज है। पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पहुंचे। पार्टी के वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव और संजय झा ने भी सीएम नीतीश से मुलाकात की है। संजय झा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है। नई सरकार का गठन आराम से हो जाएगा। कहीं कोई समस्या नहीं है और सभी चीजें चल रही हैं। सीएम नीतीश कुमार खुद भी सभी चीजों को मॉनिटर कर रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया जा रहा है कि संजय झा के आवास पर भी जदयू के कई नेता पहुंचे। बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का गठन होगा। कैबिनेट सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, बैठक सुबह 11 बजे होगी जिसके बाद राज्य के सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।

मेडिकल शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की बड़ी पहल, MAMC को मिलेंगे नए हॉस्टल

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में दो नए हॉस्टल के निर्माण के लिए दिल्ली सरकार ने 573.41 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत एक हॉस्टल छात्राओं और दूसरा छात्रों के लिए बनाया जाएगा। सीएम रेखा ने की बैठक की अक्ष्यक्षता यह मंजूरी एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) की बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की। सरकार का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य मेडिकल छात्रों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और बढ़ती संख्या के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना है। छात्रों की दिन प्रतिदिन बढ़ रही संख्या दरअसल, MAMC में पिछले कुछ वर्षों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ी है। पहले जहां हर साल करीब 150 छात्रों का दाखिला होता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 250 तक पहुंच गई है। ऐसे में मौजूदा हॉस्टल सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। कई छात्रों को एक ही कमरे में रहना पड़ रहा है, जबकि कुछ को हॉस्टल मिल ही नहीं पा रहा। मौजूदा हॉस्टल की इमारतें कितनी पुरानीं सरकार के मुताबिक, मौजूदा हॉस्टल इमारतें 1965 से 1982 के बीच बनी थीं, जो अब काफी पुरानी हो चुकी हैं और इनमें सुधार की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए नए हॉस्टल बनाने का फैसला लिया गया है। कितनी लागत आने की उम्मीद योजना के अनुसार, छात्राओं का हॉस्टल साइट-A पर करीब 269.19 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा, जबकि छात्रों का हॉस्टल साइट-B पर 304.22 करोड़ रुपये में तैयार होगा। दोनों इमारतों में बेसमेंट और सुपर-स्ट्रक्चर की सुविधा होगी। कब तक काम पूरा होने के आसार (डेडलाइन) प्रोजेक्ट की डेडलाइन की बात करें तो इसे कुल 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शुरुआती 6 महीने प्लानिंग और जरूरी मंजूरियों के लिए तय किए गए हैं, जबकि अगले 30 महीनों में निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलने के छह महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

Punjab Satkar Act: बेअदबी पर उम्रकैद का प्रावधान, आज विधानसभा में रखा जाएगा नया बिल

चंडीगढ़. पंजाब सरकार की ओर सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान सरकार शनिवार को कैबिनेट की ओर से मंजूर किए गए जागत ज्योति गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 को पेश करेगी। विधानसभा में इस बिल को मंजूर करवाने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होगी, हालांकि इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी दिलाना बड़ी चुनौती रहेगी। इसका मुख्य कारण बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने पर जो सजा के प्रविधान किए गए हैं, वे केंद्रीय कानून से टकराते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि राज्यपाल इस बिल को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेज दें। हालांकि राज्य सरकार का तर्क है कि यह स्टेट बिल है और इसके लिए राष्ट्रपति की मंजूरी की कोई जरूरत नहीं होती। सरकार की ओर तैयार किए गए बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और पांच से 25 लाख जुर्माने का प्रविधान किया गया है। उधर, कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार की ओर से बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र को एक नाटक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार वर्षों में सरकार एक भी दोषी को सजा नहीं दिला सकी है। सरकार मुश्किल हालात से बचने के लिए बार-बार विशेष सत्रों का सहारा लेती रही है। अगर सरकार की नीतियां वास्तव में सच्ची होतीं, तो वह इस तरह का कानून तैयार करने से पहले संबंधित पक्षों, विद्वानों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करती। 2016 और 2018 में भी धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर बिल विधानसभा में पेश किए जा चुके हैं। 2016 में तो इसे राष्ट्रपति ने कहते हुए वापिस कर दिया कि सभी धर्मों के ग्रंथों के अपमान पर एक जैसी सजा ही दी जा सकती है, अलग-अलग नहीं। इस बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर उम्र कैद और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर दस साल की सजा का प्रविधान था। 2018 में सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए सभी धर्मों को शामिल कर लिया लेकिन आठ साल गुजरने के बावजूद राष्ट्रपति से इसे मंजूरी नहीं मिली है।

सुकमा को आज बड़ी सौगात: CM साय खोलेंगे नई लैब, स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा बूस्ट

जगदलपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुकमा दौरे पर रहेंगे. इस दौरान विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, सुबह 11:35 बजे मुख्यमंत्री निवास से पुलिस ग्राउंड जाएंगे, यहां से वह सुकमा के लिए रवाना होंगे. दोपहर 1:05 बजे सुकमा पहुंचने के बाद उनका दौरा जिला चिकित्सालय से शुरू होगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 1:20 बजे अटल आरोग्य लैब का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री जिला पुनर्वास केंद्र के साइंस पार्क में VR Lab और STEM Lab के अलावा नालंदा परिसर भवन निर्माण का भूमिपूजन करेंगे. वहीं इमली प्रसंस्करण यूनिट का शुभारंभ करेंगे. वहीं दोपहर 2:20 बजे मिनी स्टेडियम सुकमा में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान का शुभारंभ में शामिल होंगे. इस दौरान जिले के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया जाएगा. अब सीएम रायपुर वापस लौटेंगे. मुख्यमंत्री IIIT नवा रायपुर में आयोजित MY Bharat Budget Quest 2026 के समापन समारोह में शिरकत करेंगे.

झारखंड में एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा पेपर लीक, 159 उम्मीदवार गिरफ्तार

 रांची  झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 159 उम्मीदवारों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें अन्य 5 और लोगों की गिरफ्तारी हुई है जो गैंग के सदस्य बताए जा रहे हैं. प्रशासन के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तामार पुलिस थाना क्षेत्र के रारगांव में परीक्षार्थी इकट्ठा हुए हैं और परीक्षा से पहले उन्हें संभावित परीक्षा प्रश्नों को याद कराया जा रहा है. इसी सूचना के बाद देर शाम छापेमारी की गई. इस कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों ने उत्तर कुंजी सहित प्रश्न पत्रों के चार सेट बरामद किए।  शुरुआती जांच में पता चला कि बरामद किए गए कुछ प्रश्न वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं. परीक्षा के 120 प्रश्नों में से एक खुरथा भाषा का प्रश्न लीक होने की पुष्टि हुई, जबकि एक प्रश्नपत्र आंशिक रूप से मेल खाता पाया गया. हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी तक पूरे प्रश्नपत्र के लीक होने की पुष्टि करने वाला कोई पुख्ता सबूत नहीं है।  अधिकारियों ने दी जानकारी  आईएएस अधिकारी प्रशांत कुमार, रांची के उपायुक्त और रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये जानकारी साझा की है. जांचकर्ताओं ने कथित मुख्य साजिशकर्ता की पहचान अतुल वत्स के रूप में की है, जिसका संबंध एक धोखाधड़ी गिरोह से बताया जा रहा है और उस पर पहले भी इसी तरह के परीक्षा धोखाधड़ी मामलों में आरोप लग चुके हैं. पुलिस ने बताया कि गिरोह ने कथित तौर पर उम्मीदवारों के साथ लगभग 15 लाख रुपये के सौदा किया था. आरोपियों ने इस अभियान के तहत उम्मीदवारों से एडमिट कार्ड और अन्य डॉक्यूमेंट भी कथित तौर पर एकत्र किए थे।  10 से 15 लाख में होता था सौदा  जांच के दौरान ये बात सामने आई है कि आरोपी उम्मीदवारों को गैंग एजेंट की ओर से 10 से 15 लाख रुपये हर अभ्यर्थी से परीक्षा प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उस स्थान पर लेकर आया था।  होगी कड़ी कार्रवाई  झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि गिरफ्तार किए गए सभी 159 उम्मीदवारों को भविष्य में आयोग की परीक्षाओं में बैठने से रोक दिया जाएगा. पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए प्रयास जारी रखे हुए है और मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। 

Property Tax Alert: 30 अप्रैल के बाद बढ़ेगा 17% अधिभार, पुराने बकाएदारों पर प्रशासन का शिकंजा

दुर्ग. शासन के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्तिकर सहित अन्य सभी प्रकार के कर पटाने के लिए दुर्ग निगम ने हितग्राहियों को 30 अप्रैल तक मौका दिया है। इस दौरान किसी भी प्रकार का अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूला जाएगा। इसके बाद 1 मई से 17 प्रतिशत अधिभार वसूलने की तैयारी है। जानकारी के मुताबिक लक्ष्य का 80 प्रतिशत तक टैक्स वसूला जा चुका है। वर्तमान में लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है। साथ ही तीन साल से अधिक पुराने बकाएदारों द्वारा टैक्स नहीं जमा करने पर नल कनेक्शन काटने से लेकर अन्य कार्रवाई की तैयारी की गई है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल नियमित रूप से टैक्स वसूली की समीक्षा भी कर रहे हैं। शासन के निर्देश पर टैक्स जमा करने की तारीख 30 अप्रैल की गई है। यह निर्णय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक करदाता समय पर कर जमा कर शासकीय छूट का लाभ प्राप्त कर सकें। अप्रैल माह के अंत तक संपत्तिकर जमा करने वाले करदाताओं से किसी भी प्रकार की पेनल्टी नहीं ली जाएगी। वहीं 1 मई के बाद पिछले वर्ष का संपत्तिकर जमा करने पर 17 प्रतिशत तक सरचार्ज वसूला जाएगा। राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया है कि आगामी दिनों में घर-घर जाकर बकायादारों से वसूली की जाए तथा नागरिकों को ऑनलाइन टैक्स भुगतान के लिए भी प्रेरित किया जाए। आयुक्त ने अमले को निर्देश दिए गए हैं कि वसूली के दौरान टीम अपनी गतिविधियों की फोटो व्हाट्सएप पर अपडेट करें, ताकि कार्य की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके।

तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव

डॉ अंबेडकर के सम्मान में पंच तीर्थ का विकास का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव तुलसी नगर अंबेडकर मैदान में डॉ अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि डॉ.भीमराव अंबेडकर के समग्र योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पंच तीर्थ का विकास किया गया है। इसके पूर्व डॉ अंबेडकर को भारत रत्न दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में संविधान के निर्माण और विधि ,शिक्षा,दलित वर्ग के कल्याण आदि क्षेत्रों में डॉ. अंबेडकर की योगदान को दृष्टिगत रखते हुए पंच तीर्थ के विकास का यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके पूर्व की सरकारों ने डॉ. अंबेडकर की उपलब्धियां को महत्व नहीं दिया। उन्हें उनके जीवन में जो सम्मान दिया जा सकता था तत्कालीन सरकार द्वारा नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश डॉ अंबेडकर की जन्म भूमि है। महू (डॉ अंबेडकर नगर)में  स्मारक के निर्माण सहित देश में पंच तीर्थ का विकास किया गया है। उनकी दीक्षाभूमि न सिर्फ नागपुर थी बल्कि लंदन में भी वे उच्च शिक्षा के लिए गए। इस नाते  वहां स्मारक और पुस्तकालय का निर्माण किया गया है, जिसे देश-विदेश के लोग देखने पहुंचते हैं।  मुख्यमंत्री डॉ यादव रविवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित डॉ अंबेडकर मैदान में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के उस दौर में जब अंग्रेजों को भगाकर  देश को आजाद करने का संकल्प चल रहा था और ऐसे समय में जब देश  सैकड़ों साल की गुलामी के बाद आजादी की  तरफ कदम बढ़ा रहा था ऐसे में हमारे समाज की कठिनाइयों का और आपस की  कमजोरी का उचित समाधान करने के लिए डॉ आंबेडकर आगे आए। समाज के अंदर हमारे अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी सभी वर्गों के बीच की कठिनाइयों का समाधान जब तक नहीं करेंगे तब तक आने वाले समय में संकट  रहेगा। इस संकट को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पहचाना कि हमें  समाज को संगठित और एकत्रित रखना है। भारत के सभी वर्गों के बीच सम्मान का भाव रखना है। समानता का भाव लाना है। आपस की एकजुटता को बढ़ाना है। इसलिए सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा में लोकतंत्र का दीपक जलाने के लिए मध्य प्रदेश के लाल संविधान के शिल्पी डॉ भीमराव अंबेडकर को आज सभी कोटि-कोटि  नमन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि  बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों के लिए उनके जन्म स्थान को तीर्थ स्थान बनाने का काम  किया गया है। महू की धरती पवित्र धरती  है। भारत के पहले विधि मंत्री, भारतीय संविधान के जनक और भारतीय गणराज्य के निर्माता के सम्मान में पंच तीर्थ बनाने के लिए  पूरी ताकत लगाई गई और वे  तीर्थं  दुनिया के सामने स्थापित हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर वर्तमान केंद्र सरकार ने ही वर्ष 2016 में यह पहल की। पंच तीर्थ के रूप में जिन स्थानों का विकास किया गया  है, उनमें महू (जन्मभूमि), लंदन (शिक्षा भूमि), नागपुर (दीक्षा भूमि), दिल्ली (महापरिनिर्वाण स्थल), और मुंबई (चैत्य भूमि) शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित महू और नागपुर हैं जहां बाबा साहब का जन्म हुआ,उन्होंने बौद्ध धर्म की दीक्षा प्राप्त की,वो दीक्षा भूमि नागपुर और शिक्षा भूमि लंदन भी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है जब मैं लंदन गया तो मैंने बाबा साहब अंबेडकर की शिक्षा भूमि को भी देखा।वह मकान  भी देखा। आज वह तीर्थ  दुनिया के सामने  है। समाधि स्थल का  भी विकास हुआ है। दीक्षा भूमि भी आस्था का केंद्र है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आज आपके बीच में मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि सच में बाबा साहब का वह स्लोगन जो हम सबको ताकत देता है, शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वो ताकतवर होगा। वे शिक्षा के महत्व को सदैव प्रतिपादित करते रहे। इसलिए हम सब उनके इस स्लोगन को भी याद रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उपस्थित जन समुदाय को तीन दिवसीय कार्यक्रम और बाबा साहब की जयंती की  बधाई दी। कार्यक्रम को विधायक भगवान दास सबनानी और अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया गया। बौद्ध समाज और डॉक्टर अंबेडकर जयंती आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री डॉ यादव का स्वागत किया।   

नोएडा में कर्मचारियों का हंगामा बढ़ा, पुलिस वाहनों समेत कई वाहनों में तोड़फोड़

नोएडा नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन तेज हो गया है. सैकड़ों मजदूर सड़कों पर उतर आए हैं और गाडि़यों में तोड़फोड़ शुरू कर दी है. बड़ी संख्या में आज सुबह से एक बार फिर मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस मजदूरों को शांत करवाने में जुटी हुई है, लेकिन मजदूर उग्र होते नजर आ रहे हैं. नोएडा के फेज-2 इलाके में प्रदर्शनकारी मजदूर ज्‍यादा ही उग्र हो गए और उन्‍होंने एक पुलिस जीप में तोड़फोड़ की है. ऐसे में पुलिस ने हल्‍का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारी मजदूरों को तितर-बितर किया।  नोएडा में मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के कई वीडियो सामने आ रहे हैं. नोएडा फेस-2 के एक वीडियो में उग्र मजदूर पुलिस वेन में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं. मजदूरों ने पुलिस पुलिस वेन को पलट दिया और उसमें आग लगा दी. मजदूर जमकर पथराव करते हुए भी नजर आ रहे हैं. बता दें कि वेतन बढ़ाए जाने की मांग को लेकर नोएडा में मजदूर पिछले कुछ दिनों से उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसे लेकर योगी प्रशासन भी अब अलर्ट हो गया है  वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। भीड़ हिंसक हो उठी। कंपनी के आसपास कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। तोड़फोड़ की गई। यहां तक कि पुलिस पर भी पथराव होने लगा। पुलिस की गाड़ियों को में तोड़फोड़ की गई। एक जिप्सी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करके पलट दिया गया। हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। कहां और कैसे भड़का प्रदर्शन यह पूरा मामला नोएडा के फेज-2 इलाके का है, जहां मदरसन समेत करीब छह कंपनियों के कर्मचारी पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए। शुरू में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन मांगों पर सुनवाई न होने से भीड़ उग्र हो गई और स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ जैसे-जैसे प्रदर्शन उग्र होता गया, वैसे-वैसे हालात बेकाबू होने लगे और हिंसक घटनाएं तेजी से सामने आने लगीं। गुस्साए कर्मचारियों ने सड़कों पर खड़ी गाड़ियों और बसों को निशाना बनाते हुए उनमें आग लगा दी, वहीं कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई और एक वाहन को पलट दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर जमकर पथराव भी किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम फेज-2 के अलावा सेक्टर 15 और 62 में भी श्रमिकों ने हंगामा किया। जिसकी वजह से दिल्ली मेरठ-एक्सप्रेसवे समेत नोएडा में कई जगह भीषण जाम लग गया और लोगों को आवाजाही में काफी समस्या हुई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर तो घंटों लोग फंसे रहे। गाजियाबाद पुलिस ने भीषण जाम को देखते हुए एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि सेक्टर 62 नोएडा NH 9 पर दिल्ली जाने वाली साइड रोड पर इंडस्ट्रियल कर्मचारियों के द्वारा प्रदर्शन कर जाम किया गया है, यातायात का दबाव उत्पन्न हो गया है। पुलिस बल मौके पर मौजूद है। यातायात पुलिस गाजियाबाद द्वारा ABES तथा विजयनगर बाईपास से आवश्यक डायवर्जन किया जा रहा है। असुविधा से बचने के लिए कृपया वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। एक दिन पहले ही डीएम ने जारी की थी अपील एक दिन पहले ही डीएम मेधा रूपम ने एक संदेश जारी करते हुए श्रमिकों से अपील करते हुए कहा था कि जिले में सौहार्द व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में करें सहयोग। अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा था कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान,बोनस,साप्ताहिक अवकाश एवं कार्यस्थल सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा रहा है और इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं।