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अफीम और गांजे पर पुलिस का बड़ा प्रहार, राजस्थान में 5860 पौधे नष्ट और 7 गिरफ्तार

जयपुर राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए एक ही दिन में राज्य के सात जिलों में 7 बड़ी कार्रवाइयां की हैं. इस अभियान में 5860 अफीम के पौधे नष्ट किए गए, 85 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त और लगभग 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया. कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें गुजरात पुलिस का वांछित अपराधी भी शामिल है. इन जिलों में हुई कार्रवाई राजसमंद (खमनोर थाना): ऑपरेशन गांजाजुली के तहत 5860 अफीम के पौधे नष्ट किए गए. 12.130 किलोग्राम गांजा बरामद कर 1 आरोपी गिरफ्तार.     बाड़मेर (सदर थाना): 76.108 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार.     बाड़मेर (गुढ़ामलानी थाना): 7.960 किलोग्राम डोडा-चूरा बरामद.     कोटा (कुन्हाड़ी थाना): 1.750 किलोग्राम गांजा बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार.     कोटा (नयापुरा थाना): 432.984 ग्राम गांजा बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार.     जयपुर (पत्रकार कॉलोनी थाना): 16.20 ग्राम गांजा, 154 ग्राम डोडा पोस्त पाउडर और 2780 रुपये नकद बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार. प्रतापगढ़: गुजरात पुलिस का वांछित अपराधी गिरफ्तार. पुलिस का दावा एएनटीएफ की इन सातों कार्रवाइयों से नशे के तस्करों पर बड़ा प्रहार हुआ है. पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

रविवार को बड़ा हादसा: खंडवा टैक्स ऑफिस में आग से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खाक

खंडवा. शहर के जेल रोड स्थित संयुक्त वाणिज्यकर कार्यालय में रविवार दोपहर आग लग गई। आग में कार्यालय में जरूरी सामान व दस्तावेज जल गए। रविवार की वजह से कार्यालय बंद था। धुआं देखकर आसपास रहने वाले लोगों ने वहां पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सुबह चौकीदार ने आसपास की झाड़ियों में आग लगाई थी। आशंका है कि वहीं से आग कार्यालय तक पहुंची।

POCSO केस में हाईकोर्ट का अहम निर्णय: ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द, आरोपी बरी

बिलासपुर. पॉक्सो एक्ट और अपहरण के मामले में दोषी ठहराए गए युवक को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। कबीरधाम निवासी दीपक वैष्णव पर आरोप था, कि उसने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। ट्रायल कोर्ट (पॉक्सो कोर्ट, मुंगेली) ने आरोपी को आईपीसी की धारा 363, 366 और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 साल तक की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने पूरे मामले की गहन समीक्षा के बाद पाया कि, पीड़िता और आरोपी के बीच पहले से मोबाइल पर बातचीत होती थी। पीड़िता ने खुद स्वीकार किया कि वह आरोपी के साथ अपनी इच्छा से गई थी। दोनों ने कई शहरों (मुंगेली, रायपुर, हैदराबाद, विजयवाड़ा, अग्रपाली) की यात्रा साथ की। लगभग एक महीने तक दोनों साथ रहे और इस दौरान पीड़िता ने कहीं भी विरोध या शिकायत नहीं की। कोर्ट ने कहा कि यह परिस्थिति जबरदस्ती या प्रलोभन को साबित नहीं करती। मेडिकल जांच में शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं मिली। एफएसएल रिपोर्ट भी नेगेटिव रही। यौन संबंध के संबंध में कोई ठोस चिकित्सीय प्रमाण नहीं मिला। इन तथ्यों ने अभियोजन पक्ष की कहानी को कमजोर कर दिया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि, यदि लड़की खुद अपनी इच्छा से आरोपी के साथ जाती है और आरोपी द्वारा कोई प्रलोभन या दबाव साबित नहीं होता, तो इसे किडनैपिंग नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ साथ जाना अपराध नहीं है, जब तक यह साबित न हो कि आरोपी ने लड़की को गलत उद्देश्य से बहकाया या मजबूर किया। हालांकि, पीड़िता नाबालिग थी (करीब 15 साल 10 माह), लेकिन कोर्ट ने कहा कि, परिस्थितियों और सबूतों के आधार पर अभियोजन यह साबित नहीं कर पाया कि यह जबरन या शोषण का मामला था। पीड़िता के बयान और व्यवहार से स्वेच्छा स्पष्ट होती है। ऐसे में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने एस. वर्धराजन बनाम स्टेट ऑफ मद्रास और हालिया फैसले टिल्कू उर्फ तिलक सिंह बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखंड का हवाला देते हुए कहा कि 16-18 वर्ष के बीच की उम्र में लड़की में सही-गलत समझने की क्षमता होती है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए आरोपी दीपक वैष्णव सभी आरोपों से बरी कर दिया।

MP नगर में जोरदार धमाका: ट्रांसफार्मर फटा, पास खड़ी फॉर्च्यूनर क्षतिग्रस्त, मचा हड़कंप

भोपाल. शहर के एमपी नगर में रविवार को एक भीषण हादसा हो गया, जहां ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। आग की लपटों ने वहां खड़ी फॉर्च्यूनर कार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह जलकर खाक हो गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। भोपाल के एमपी नगर इलाके में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया। जब एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पास खड़ी एक फॉर्चूनर कार को अपनी चपेट में ले लिया। जिसमें कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।

Excise Revenue Boom: पंजाब सरकार की कमाई में उछाल, तय लक्ष्य से 582 करोड़ अधिक संग्रह

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पाद शुल्क (एक्साइज) संग्रह के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीते दिनों बताया कि विभाग ने 31 मार्च तक 11,782 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जो तय लक्ष्य 11,200 करोड़ रुपये से 582 क207 खुदरा शराब समूहोंरोड़ रुपये अधिक है। इसे सरकार की नीतिगत सख्ती और पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा माना जा रहा है। चीमा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्पाद शुल्क से मिलने वाला राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। वर्ष 2021-22 में जहां यह आंकड़ा 6,254.84 करोड़ रुपये था, वहीं अब बढ़कर 11,782 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इस निरंतर बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ जुटाने का लक्ष्य मंत्री ने इस सफलता का श्रेय मजबूत उत्पाद शुल्क नीति, प्रभावी प्रशासनिक प्रक्रियाओं और व्यापार-अनुकूल वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और नियमों के पालन को भी प्राथमिकता दी है, जिससे शराब कारोबार में स्थिरता आई है और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है। चीमा के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई नई आबकारी नीति में लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 9,877 करोड़ रुपये से अधिक है। 207 खुदरा शराब समूहों को लाइसेंस आवंटित उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 207 खुदरा शराब समूहों को नए वित्त वर्ष के लिए लाइसेंस आवंटित कर दिए गए हैं। यह नीति के प्रति कारोबारियों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा- “उत्पाद शुल्क नीति 2026-27 को लेकर समग्र प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। इससे राज्य के खजाने में लगातार राजस्व का प्रवाह बना रहेगा और शराब व्यापार में स्थिरता सुनिश्चित होगी।”  सरकार का दावा है कि सख्त निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के कारण राजस्व में यह बढ़ोतरी संभव हो सकी है। आने वाले समय में भी विभाग इसी रणनीति पर काम करते हुए लक्ष्य से अधिक वसूली की दिशा में आगे बढ़ेगा।

शादी के नाम पर ठगी: बक्सर पुलिस ने नकली दुल्हन गैंग का किया भंडाफोड़

बक्सर बिहार के बक्सर जिले से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। यहाँ शादी के नाम पर भोले-भले लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। बक्सर पुलिस ने इस 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के कुल आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। नकली शादी और फिर गहनों की लूट यह गिरोह काफी योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया करता था। गिरोह के सदस्य पहले ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिनकी शादी नहीं हो रही होती थी। फिर उन्हें शादी का झांसा देकर एक महिला को 'दुल्हन' के रूप में पेश किया जाता था। शादी संपन्न होने के कुछ ही समय बाद गिरोह के अन्य सदस्य 'नकली पुलिसकर्मी' या दुल्हन के परिजन बनकर पहुँच जाते थे और लड़के वालों को डरा-धमकाकर गहने और पैसे लूट लेते थे। दो बच्चों की मां बनी थी 'दुल्हन' बक्सर एसपी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वह महिला भी शामिल है जिसे दुल्हन बनाकर पेश किया गया था। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस महिला को कुंवारी बताकर शादी करवाई गई, वह पहले से ही शादीशुदा है और दो बच्चों की मां है। यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि बक्सर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी सक्रिय था। कैश, गहने और ऑटो बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 38,500 रुपये नकद, सोने की बाली, चांदी की पायल, मोबाइल फोन और वह ऑटो बरामद किया है जिसका इस्तेमाल ये लोग वारदात को अंजाम देने के लिए करते थे। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि ये लोग योजना के तहत घटना को अंजाम देते थे ताकि पीड़ित पक्ष लोक-लाज के डर से पुलिस के पास न जाए। फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और पूर्व में की गई ठगी की वारदातों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शादी-विवाह जैसे मामलों में पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

बिरसा स्टेडियम में छऊ, मोहीनीअट्टम और झूमर गीतों से सजी सांस्कृतिक शाम

सरायकेला  झारखंड के सरायकेला जिले के बिरसा स्टेडियम में सरकार के कलासंस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में  चैत्र पर्व  सह छऊ महोत्सव 2026 का रंगारंग आगाज हो गया. कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य के साथ साथ दुसरे राज्यों से आए क्लासिकल नृत्यकार द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया वहीं इंडियन आयडल फेम प्रियांशु दत्ता द्वारा सुरों की महफिल सजाई गई. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि सिंहभूम सांसद जोबा मांझी के द्वारा  किया गया. समारोह को संबोधित करते हुए सांसद मांझी ने कहा कि छऊ हमारी संस्कृति है इसका विकास हम सबों का दायित्व है. छऊ के कारण सरायकेला की पहचान विदेशों तक है साथ ही देश के प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्मश्री छऊ कलाकारों को मिले हैं यह सरायकेला के लिए गौरव की बात है. राज्य सरकार उससे राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया है आने वाले दिनों में कला के साथ कलाकार का विकास होगा. कार्यक्रम का उद्घाटन दीप जलाकर किया गया. कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, आदित्यपुर महा पौर संजय सरदार, डीसी नीतीश कुमार सिंह, एसपी मुकेश लुनायत का मोमेंटो और अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया. मंगलाचारण के साथ शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम कार्यक्रम के पहले दिन छऊ कलाकारों द्वारा मंगलाचरण के साथ शुरुआत किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुरुआत सरायकेला शैली छऊ राधा कृष्ण नृत्य से किया गया. इसके बाद माटीर मोनीषो नृत्य प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम में मानभुम शैली, खरसावां शैली नृत्य ने भी समां बांधा. पहले दिन ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता में दूसरे स्थान में रहने वाली टीम द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया. केरल की शास्त्रिय संगीत मोहीनीअट्टम कलाकार मोमीता ने किया नृत्य प्रस्तुत पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आई मोहीनीअट्टमम कलाकार मोमिता पाल एंड टीम ने मोहिनीअट्टम नृत्य प्रस्तुत किया. जिला के छऊ नृत्य के साथ मोहिनीअट्टम नृत्य को भी दर्शकों ने खूब सराहा. मोहिनीअट्टम नृत्य केरल की शास्त्रीय नृत्य है साथ ही पुरे देश में काफी लोकप्रिय है. इसके अलावा, दूसरे राज्यों से आए कलाकारों द्वारा भी नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी. झुमर सम्राट संतोष महतो ने प्रस्तुत किया झुमर गीत खरसावां के झुमर स्रम्राट संतोष महतो ने झुमर गीत प्रश्तुत कर समा बांधा. उन्होंने अपनी टीम के साथ कुडमाली, ओडिया, नागपुरी गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लुटी. उन्होंने अपने गीत और संगीत से उपस्थित श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया.

आस्था में डूबीं Priyanka Chopra: श्री हरमंदिर साहिब सहित कई गुरुद्वारों में टेकी मत्था

अमृतसर. बॉलीवुड और हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने देर रात अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। जानकारी के अनुसार प्रियंका चोपड़ा रात करीब 12 बजे स्वर्ण मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरे श्रद्धा भाव से गुरुद्वारा परिसर में समय बिताया। जानकारी के अनुसार, प्रियंका चोपड़ा ने सबसे पहले शहीद बाबा गुरबख्श सिंह जी, थड़ा साहिब, शहीदान सिंह मेमोरियल, झंडा बुंगा साहिब, बाबा बुड्ढा जी और दुख भंजनी बेर साहिब में मत्था टेककर गुरु घर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने लंगर हॉल में जाकर सेवा की और स्वयं बर्तन साफ कर संगत के साथ सेवा भाव का परिचय दिया। अभिनेत्री ने इसके पश्चात बाबा दीप सिंह जी शहीद और लाची बेर साहिब में भी अरदास की। उन्होंने परिक्रमा में बैठकर कुछ समय ध्यान लगाया और आध्यात्मिक वातावरण को महसूस किया। बताया जा रहा है कि प्रियंका चोपड़ा करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक स्वर्ण मंदिर परिसर में मौजूद रहीं। प्रियंका की इस सादगी और श्रद्धा भरे व्यवहार ने वहां मौजूद संगत और सेवदारों का दिल जीत लिया। बिना किसी तामझाम और सुरक्षा शोर-शराबे के उन्होंने गुरु घर में बेहद शांत और विनम्र तरीके से समय बिताया। उनकी इस यात्रा को आध्यात्मिक शांति और सेवा के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

वृंदावन नाव दुर्घटना: 250 रेस्क्यू कर्मियों की टीम सर्च ऑपरेशन में जुटी

मथुरा मथुरा के वृंदावन में यमुना में हुए नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है. हादसे के तीन दिन बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जहां 13 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 3 लोग अब भी लापता हैं. सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की बड़ी टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी है. वृंदावन में एक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. वहीं कुछ परिवार अब भी अपने अपनों के मिलने की आस में नदी किनारे टकटकी लगाए खड़े हैं. हादसा शुक्रवार को हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट देवरहा बाबा के दर्शन के लिए जा रही थी. किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवा चली और देखते ही देखते नाव का बैलेंस बिगड़ गया. नाव पांटून पुल से टकरा गई और कुछ ही पलों में यमुना की धारा में पलट गई. चीख-पुकार मच गई. जो तैर सकते थे, उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन कई लोग नदी की गहराई में समा गए. हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों को मौके पर तैनात किया गया. करीब 250 लोगों की टीम लगातार तीन दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है. अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन 13 लोगों की मौत हो चुकी है. आज रविवार को तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी रहा और सुबह दो और शव बरामद किए गए. इनकी पहचान पंजाब के लुधियाना की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई. प्रशासन के अनुसार, शव नदी में फूलकर ऊपर आ गए थे, जिन्हें रस्सियों की मदद से नाव में खींचकर बाहर निकाला गया. परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उनकी पहचान की. यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. डिंकी बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी, जिसके सपने अभी अधूरे ही रह गए. वहीं ऋषभ शर्मा 12वीं पास था और अपने पिता के काम में हाथ बंटाता था. दोनों अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे, लेकिन यह यात्रा कभी खत्म न होने वाले दर्द में बदल गई. इससे पहले शनिवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान पंजाब के ही मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास मिला था. इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है. अब भी तीन लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है. रेस्क्यू टीमों ने सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाकर 20 किलोमीटर तक कर दिया है. गोताखोर नदी की गहराई में लगातार तलाश कर रहे हैं, जबकि किनारों पर भी सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है. इस बीच हादसे को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं. लोगों का आरोप है कि नाव चालक की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह है. उनका कहना है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, न तो लाइफ जैकेट की व्यवस्था थी और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम. कुछ लोगों ने यह भी बताया कि हादसे के बाद उन्होंने कई बार 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया, लेकिन कॉल बार-बार कटती रही. चौथी बार कॉल कनेक्ट होने के बाद ही मदद पहुंच सकी. परिजनों का यह भी सवाल है कि जब पांटून पुल पर काम चल रहा था, तो उस क्षेत्र में नावों के संचालन पर रोक क्यों नहीं लगाई गई. अगर समय रहते एहतियात बरता जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था. प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी ताकत के साथ जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है. वहीं सीओ मांट संदीप कुमार सिंह ने कहा कि हर पहलू की जांच की जा रही है और सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, नदी किनारे खड़े परिजनों की आंखें सिर्फ एक ही उम्मीद में लगी हैं कि उनके अपने जल्द मिल जाएं. यमुना की लहरें अब भी उठ रही हैं, लेकिन अपने साथ कई जिंदगियों की कहानी और अधूरे सपने समेटे हुए… इसी के बीच जारी है तलाश- उन तीन लोगों की, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल सका है.    

इंदौर रोड एक्सीडेंट: स्टील प्लेट का रोल गिरने से 5 ट्रक-कार भिड़े, एक की गई जान

इंदौर. मानपुर थाना क्षेत्र के आगरा-मुंबई हाईवे स्थित भेरूघाट पर शुक्रवार देर रात भीषण हादसा हो गया। मुंबई की ओर जाने वाली लेन पर घाट उतरते समय आगे चल रहे ट्रक से स्टील प्लेट का रोल सड़क पर गिर गया, इससे बचने के चक्कर में पीछे आ रहे पांच ट्रक और एक कार आपस में टकरा गए। हादसे में एक ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब ढाई बजे घाट उतरते समय ट्रक क्रमांक एमपी 09 बीजी 7608 से अचानक स्टील प्लेट का भारी रोल सड़क पर गिर गया। चालक ने वाहन रोककर नीचे उतरकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन ट्रक के अचानक रूकने से पीछे से आ रहे वाहन अनियंत्रित हो गए और एक के बाद एक टकराते चले गए। बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई कार कुछ ही पलों में पांच ट्रक और एक कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में एक ट्रक पलट गया, जबकि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में ट्रक ड्राइवर 42 वर्षीय ओमप्रकाश यादव निवासी ग्राम शेरपुर गुड़ा, थाना मूसानगर, जिला कानपुर देहात (उत्तर प्रदेश) की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य पांच घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही मानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन से हटाकर यातायात बहाल किया गया, हालांकि कुछ समय तक मार्ग बाधित रहा। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को आरोपी बनाया है।