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प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य, अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों पर कसा शिकंजा

लखनऊ  यूपी में पेट्रोल-डीजल और गैस की कालाबाजारी को लेकर सीएम योगी ऐक्शन में हैं। सीएम योगी ने प्रदेश में तेल और गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैंसीएम योगी के निर्देश के बाद अब तक 233 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। जबकि 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके अलावा 237 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त ने शुक्रवार को यहां बताया कि 12 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत यूपी में 19,882 स्थानों पर छापेमारी और निरीक्षण किए गये। एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलप्ति अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 200 प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। कार्रवाई पूरे प्रदेश में एक साथ चलाकर कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। यूपी में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य मुख्यमंत्री ने विभिन्न मंचों से स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाकर बाजार में कृत्रिम संकट पैदा करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाते हुए ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कार्रवाई के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से नियमित बिक्री हो रही है, जबकि 28 मार्च से एक अप्रैल तक बिक्री के आंकड़े भी सामान्य स्तर पर रहे हैं। गैस की आपूर्ति को लेकर विभाग सतर्क वर्तमान में प्रदेश में 97,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1,26,000 किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। अधिकारियों के अनुसार मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर समन्वय किया जा रहा है। एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी विभाग सतर्क है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है, वहीं जिला प्रशासन को भी लगातार फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

चारबाग में धमाका करने की साजिश विफल, पाकिस्तान से जुड़े चार संदिग्ध पकड़े गए

लखनऊ यूपी एसटीएफ को लखनऊ में बड़ी सफलता मिली है। एटीएस ने चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। चारों लखनऊ के चारबाग में धमाका करने आए थे, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने धर दबोचा। इनमें दो आतंकी मेरठ और दो नोएडा के रहने वाले हैं। गिरफ्तार सभी आतंकी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म से जुड़कर पाकिस्तान हैंडलर के संपर्क में थे। गिरफ्तार आतंकियों में मुख्य आरोपी नाई का काम करता था जो उसकी आड़ में देश के खिलाफ साजिश रच रहा था। एटीएस को आतंकियों के लखनऊ में होने की जानकारी मिलते ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया। चारों आतंकी एटीएस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तारी के दौरान एटीएस ने उनके पास से एक कैन ज्वलनशील पदार्थ, सात स्मार्टफोन, 24 पम्पलेट और आधार कार्ड बरामद किए हैं। लखनऊ के चारबाग में करनी थी बड़ी आतंकी घटना यूपी के एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि देश में दहशत फैलाने की तैयारी में जुटे मेरठ के अगवानपुर गांव थाना परीक्षितगढ़ इलाके के साकिब उर्फ डेविड(25), मेरठ के अरबाब(20), गौतमबुद्धनगर के राम विहार निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक(27) और राम विहार कालोनी गौतमबुद्धनगर के ही लोकेश उर्फ पोपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू(19) को शुक्रवार को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के करीब गिरफ्तार किया गया। एटीएस के मुताबिक, चारों शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे और साथियों के साथ मिलकर लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और रेलवे की संपत्तियों को आगजनी अथवा विस्फोट के जरिये नुकसान पहुंचाने जा रहे थे। इससे पहले ही एटीएस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। एटीएस को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यमों से एक भारतीय गिरोह, पाकिस्तान हैंडलर के निरंतर संपर्क में है तथा देश विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। गिरोह का मुख्य उद्देश्य देश के महत्त्वपूर्ण संस्थानों तथा राजनैतिक व्यक्तियों की रेकी कर प्राप्त जानकारी को पाकिस्तानी हैंडलर को उपलब्ध कराना तथा योजना बनाकर उन्हें नुक्सान पहुंचाना है। देश में घटनाओं का वीडियो भेजकर मंगाता था पैसे एटीएस ने साकिब उर्फ डेविल (25 वर्ष) पुत्र शकील अहमद, अरबाब (20 वर्ष) पुत्र रहीशुद्दीन निवासी अगवानपुर थाना परीक्षितगढ़ जिला मेरठ, 27 वर्षीय विकास गहलावत उर्फ रौनक पुत्र रविंद्र निवासी राम विहार, लोकेश उर्फ पपलात (19 वर्ष) पुत्र रोहताश शर्मा निवासी रामविहार कॉलानी, छपरौला जिला नोएडा को गिरफ्तार किया है। एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार आतंकियों ने पिछले दिनों कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाओं को भी अंजाम दिया था। घटना के बाद आतंकी वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजकर क्यू आर कोड के माध्यम से पैसे मंगाए जाते थे। पैसों के लालच में रचने लगे थे देश विरोधी साजिश गिरफ्तार चारों आतंकी पैसों के लालच में देश विरोधी साजिश रचने लगे थे। गिरोह के मुख्य सदस्य ने अपने ही गांव के अरबाब को भी इस काम में शामिल कर लिया था। पैसों का लालच देकर उसने नोएडा के रहने वाले विकास और लोकेश को भी अपने गिरोह में शामिल कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि चारों प्रतिष्ठित संस्थानों और वाहनों की रेकी भी करते थे। इस गिरोह ने गाजियाबाद, अलीगढ़, लखनऊ जैसे शहरों में वाहनों, रेलवे सिग्नल बॉक्स की रेकी की थी। घटना के बाद गिरोह ने उसके वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे थे। पाकिस्तानी हैंडलीर द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की गूगल लोकेश भेजी जाती थी, जिसके आधार पर रेकी का काम होता था।

बिश्नोई गैंग के नाम पर वसूली का खेल उजागर, 12 आरोपी पकड़े, 6 फरार

खरगोन खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र में व्यापारी के घर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 6 आरोपी अभी फरार हैं। आरोपितों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर विदेशी नंबर से काल के जरिए धमकी दी थी। फायरिंग का वीडियो भेजकर दी थी जान से मारने की धमकी पुलिस के मुताबिक 17 मार्च 2026 को भीलगांव निवासी सत्येंद्र राठौड़ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता दिलीप राठौड़ के मोबाइल पर काल कर आरोपितों ने फायरिंग का वीडियो भेजते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित लोकेंद्र पंवार और सचिन पाटीदार का फरियादी से पुराना लेन-देन विवाद था। पुराने विवाद को निपटाने के लिए रची गई थी बड़ी साजिश इसी विवाद को निपटाने के लिए आरोपितों ने गैंग का नाम इस्तेमाल कर साजिश रची और उज्जैन व देवास के आरोपितों के जरिए शूटर बुलाए। आरोपियों ने पहले 11 मार्च को फायरिंग की कोशिश की, जो असफल रही। इसके बाद 16 मार्च को दोबारा योजना बनाकर दिलीप राठौड़ के घर गोली चलाई और उसका वीडियो बनाकर भेजा। सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता पुलिस ने 15 दिन तक तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्टल, कारतूस, 3 कार, 2 बाइक और 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 44 लाख रुपए बताई गई है। अपराधिक रिकॉर्ड वाले शूटर और सहयोगी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपितों में कई शूटर, रेकी करने वाले और सहयोगी शामिल हैं। मुख्य आरोपित राजपाल चंद्रावत पर हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने बड़े गैंग के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। फरार आरोपितों की तलाश जारी है।  

बिजली लाइन बनी काल, ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में महिला और मासूम की जान गई

भोपाल मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में महिला और 7 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उस समय हुआ जब एक बंजारा परिवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से चारा लेने जा रहा था। ट्रॉली में अधिक चारा लाने के लिए करीब 10 फीट लंबे लोहे के पाइप लगाए गए थे, जो रास्ते में झुकी हुई हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गए। इस टक्कर के साथ ही तेज करंट पूरे वाहन में फैल गया, जिससे ट्रॉली में सवार लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में लीला बाई बंजारा (30) की साड़ी में आग लग गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ मौजूद 7 वर्षीय बेटे अनिल की भी झुलसने से मौत हो गई। हादसे में ट्रैक्टर चालक विनोद बंजारा (27) और केसर बाई गंभीर रूप से झुलस गए। करंट के झटके से दोनों वाहन से नीचे गिर गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यह परिवार राजस्थान के बारां जिले के खेड़ली गांव का रहने वाला है। परिवार कोलारस के पास टोल प्लाजा के नजदीक अस्थायी डेरा डालकर हर साल की तरह चारा खरीदकर बेचने का काम कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछे आ रही दूसरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटक रही थी और आसपास के पेड़ों के कारण साफ दिखाई भी नहीं दे रही थी। वहीं, ट्रॉली से बाहर निकले लोहे के पाइप इस हादसे का मुख्य कारण बने। कोलारस एसडीओपी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि यह एक बेहद दुखद और टाला जा सकने वाला हादसा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नीचे लटकी बिजली लाइन और ट्रॉली से बाहर निकले लोहे के पाइप के कारण यह दुर्घटना हुई। उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जा रही है कि बिजली लाइनों के लिए तय सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों और वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे बिजली लाइनों के पास ऊंचे उपकरण लेकर जाते समय विशेष सावधानी बरतें।

किसानों की सुविधा सर्वोपरि, खरीदी प्रक्रिया सुचारू रखने के निर्देश—गौरव गौतम

पलवल हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि किसानों को फसल खऱीद प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। किसानों को बेची गई फसल का 72 घंटे बाद भुगतान किया जाएगा। मंत्री ने यह बात फसल खरीद प्रक्रिया का सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पलवल स्थित अनाज मंडी पहुंचकर व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लेते हुए कही। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार रबी फसल खरीद सीजन के मद्देनजर किसानों की सुविधा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध होनी चाहिए। किसी भी किसान को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन की ओर से अनाज मंडियों में नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी किसानों की सुविधा के लिए अनाज मंडियों और फसल खरीद केंद्रों पर समुचित व्यवस्थाएं और सुविधाएं सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में बारदाना, झारनों और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था करने सहित गेट पास व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने अनाज मंडी की कैंटीन का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ, अतिरिक्त उपायुक्त डा. सुभिता ढाका, जिला नगर आयुक्त मनीषा शर्मा व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

झारखंड और नेपाल के डोनरों से जुड़ा किडनी तस्करी का खेल, कानपुर पुलिस ने ओटी टेक्नीशियन और मैनेजर को दबोचा

कानपूर कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के आरोपियों का नेटवर्क आसपास के जिलों में फैला है। पुलिस को उन्नाव और जालौन में इससे जुड़े कुछ सुराग मिले हैं। गुरुवार को पुलिस की टीमें भेजी गई हैं। गुर्दा प्रत्यारोपण के खेल में उन्नाव के एक डॉक्टर और जालौन के नर्सिंगहोम संचालक का नाम सामने आया है। घटना में जेल गया शिवम अग्रवाल मूलरूप से जालौन का रहने वाला है। कानपुर के लगभग 10 नर्सिंगहोम के नाम आने के बाद उन्नाव और उरई के कुछ नर्सिंगहोम भी शक के दायरे में आ गए हैं। वहां के मरीजों को शहर लाया गया है या यहां से प्रत्यारोपण के बाद गुर्दा रोगियों की वहां के निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, इसकी जांच शुरू हो गई है। आरोपी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ जुड़े उन्नाव के एक डॉक्टर का नाम सामने आया है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। रावतपुर पुलिस एनसीआर के डॉ. रोहित, डॉ. अफजल, डॉ. अनुराग, डॉ. वैभव की तलाश कर रही है। इनमें से एक डॉक्टर उन्नाव का रहने वाला बताया जा रहा है। वह उन्नाव के निजी अस्पतालों के सर्जन से लंबे समय से संपर्क में है। पुलिस को दोनों के संबंधों के साक्ष्य मिले हैं। उरई के नर्सिंगहोम संचालक के भी इस खेल में शामिल होने की जानकारी हुई है। दोनों जिलों से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अब तक हुई जांच में केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल का एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल के बारे में भी जानकारी मिली है। वह मूलरूप से जालौन का रहने वाला है। उसके परिजन और रिश्तेदारों की और जानकारी जुटाई जा रही है।   शहर के बड़े और नामी नर्सिंगहोम में कुछ दिन पहले हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट किडनी ट्रांसप्लांट प्रकरण में शहर के बड़े और नामी नर्सिंगहोम का नाम सामने आया है। यहां कुछ दिन पहले ही गुर्दा प्रत्यारोपित हुआ था। यह जानकारी पुलिस को गुरुवार को गिरफ्तार हुए ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार से पूछताछ में हुई है। दोनों ने अधिकारियों को बताया है कि यह नर्सिंगहोम रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक बना हुआ है। रोजाना काफी संख्या में मरीज आते हैं। कई छोटे-बड़े ऑपरेशन भी होते हैं। पुलिस ने नर्सिंगहोम के दो स्टाफ को हिरासत में लिया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार दोनों ओटी टेक्नीशियन हैं। राजेश कुमार का प्रमोशन हो गया है। उसे ओटी मैनेजर बना दिया गया है। उसका वेतन 70 हजार महीना है जबकि कुलदीप को 42 हजार रुपये मिलते हैं। दोनों डॉ. रोहित के संपर्क में थे। डॉ. रोहित एनेस्थीसिया के डॉक्टर हैं। उसका संबंध सर्जन डॉ. अली और डॉ. सैफ के साथ में है। दोनों ने पैरामेडिकल स्टाफ अखिलेश और शैलेश के बारे में भी बताया है। ये सभी गाजियाबाद के वैशाली क्षेत्र के बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल से जुड़े हुए हैं। ये कई बार शहर आ चुके हैं। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगा दी गई हैं। क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम ब्रांच की टीमें भी सक्रिय हैं। किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े आरोपियों का नेटवर्क सिर्फ एनसीआर ही नहीं कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। डॉक्टरों की टीम करने आई थी दो ट्रांसप्लांट डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि डॉक्टरों की दोनों टीम रविवार देर रात दो किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए आई थी लेकिन एक ही करके चली गई थी। यह जानकारी दोनों ओटी टेक्नीशियन ने पूछताछ में दी है। दोनों ने झारखंड और नेपाल के दो डोनरों की जानकारी दी है। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लग गई हैं। जिस रोगी को किडनी लगानी थी, वह भी शहर के नर्सिंगहोम में उपचाराधीन है  शुक्रवार को उनके परिजनों से जानकारी जुटाई जाएगी।  किडनी ट्रांसप्लांट मामले में कुछ अन्य जिलों के डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ के शामिल होने के सुराग मिले हैं। उन जिलों में टीमें भेजी गई हैं। आरोपियों के संपर्क में आए लोगों की और जानकारी जुटाने के साथ नेटवर्क खंगाला जा रहा है।- एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिमी जोन कानपुर  

इंसानियत की मिसाल, खुद गोद ली गई माँ ने भारत के बीमार बच्चे को अपनाकर निभाया ममता का रिश्ता

झुंझुनू झुंझुनूं से एक ऐसी कहानी सामने आई है जो भावुक करने वाली है। एक इटालियन दंपती ने उस डेढ़ साल के मासूम बच्चे को गोद लिया है जिसके दिल में जन्म से ही छेद है। बच्चे की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद इस दंपती ने एक पल भी नहीं सोचा और उसे अपनाने का फैसला कर लिया। इटालियन दंपती ने लिया गोद यह फैसला न सिर्फ उस मासूम की ज़िंदगी बदलने वाला है बल्कि यह इंसानियत और बेशर्त मोहब्बत की एक अनमोल मिसाल भी बन गया है।यह बच्चा करीब डेढ़ साल पहले अपनी नन्ही सी उम्र में प्रीमैच्योर हालत में पालना गृह में छोड़ दिया गया था। जांच के दौरान जब उसके दिल में छेद का पता चला तो उसकी देखभाल शिशु गृह में ही शुरू की गई। इस नाज़ुक बच्चे को एक परिवार की सख्त ज़रूरत थी और आखिरकार वह ज़रूरत उस दंपती ने पूरी की जो हज़ारों मील दूर से उसके लिए चले आए।बच्चे को गोद लेने की पूरी प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के तहत संपन्न हुई। चार महीने तक चला दस्तावेजीकरण शिशु गृह के सुपरिटेंडेंट अंकित कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय गोद लेने की प्रक्रिया काफी लंबी और पेचीदा होती है। इस मामले में करीब चार महीने तक गहन जांच और दस्तावेज़ीकरण चला, लेकिन सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस मासूम को उसका नया परिवार मिल गया। इस पूरी कहानी में सबसे भावुक करने वाला पहलू यह है कि बच्चे को गोद लेने वाली माँ खुद भी करीब 35 साल पहले कोलकाता से एक इटालियन परिवार द्वारा गोद ली गई थीं। भारत से उनका यह गहरा भावनात्मक रिश्ता ही था जिसने उन्हें यहीं से बच्चा गोद लेने के लिए प्रेरित किया और वह भी ऐसा बच्चा जिसे सबसे ज्यादा प्यार और देखभाल की दरकार थी। दंपती ने बताया कि 2017 में शादी के बाद से ही उनके मन में किसी बच्चे को गोद लेने की चाहत थी। उनके लिए बच्चे की बीमारी कभी रुकावट नहीं बनी। उनका कहना है कि वे उसे बस भरपूर प्यार देना चाहते हैं और एक ऐसा भविष्य जहां वह सुरक्षित और खुशहाल रहे। इस मासूम के आने से उनका परिवार पूरा हो गया है।  

प्रेम प्रसंग बना जानलेवा, युवक की हत्या कर जिंदा दफनाया—5 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर अभनपुर थाना क्षेत्र में मिले अज्ञात शव के अंधे कत्ल का पुलिस ने सुलझा लिया है। मुख्य आरोपित श्याम सुंदर सोनी समेत कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपित अब भी फरार है। जांच में सामने आया है कि प्रेम प्रसंग के चलते युवक नितेश बत्रा (29 वर्ष) की हत्या कर उसे जिंदा ही मुरूम गड्ढे में दफना दिया गया था। मुरूम गड्ढे में मिला था शव, हाथ-पैर बाहर निकले थे मामले का राजफाश करते हुए ग्रामीण एसपी स्वेता श्रीवास्तव सिंहा ने बताया कि 21 मार्च को ग्राम भरेंगाभाठा के पास सड़क किनारे मुरूम गड्ढे में एक अज्ञात युवक का शव दफन मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। शव का एक हाथ और पैर बाहर दिखाई दे रहा था। पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम मौके पर पहुंची और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को निकाला गया। डॉक्टरों की रिपोर्ट में सामने आया कि मृतक के गले पर गंभीर चोट पहुंचाई गई थी और उसे अधमरी हालत में गड्ढे में दफन किया गया, जिससे मिट्टी सांस नली में जाने के कारण उसकी मौत हो गई। इस आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। गुमशुदगी से जुड़ा मामला, ऐसे हुई पहचान जांच के दौरान थाना माना में दर्ज गुमशुदगी के एक केस से मृतक का मिलान किया गया। कपड़ों, टैटू और अन्य पहचान के आधार पर स्वजनों को बुलाया गया, जिन्होंने शव की पहचान नितेश बत्रा (29) निवासी माना के रूप में की। प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ विवाद, फिर बना हत्या का कारण पुलिस पूछताछ में राजफाश हुआ कि आरोपित श्याम सुंदर सोनी और सावित्री साहू के बीच प्रेम संबंध था। नितेश बत्रा अक्सर सावित्री को परेशान करता था। 16 मार्च की रात जब नितेश सावित्री के घर के पास पहुंचा, तब श्याम सुंदर सोनी से उसका विवाद हो गया। इसी दौरान आरोपितों ने मिलकर नितेश की पिटाई की। ऑटो में घुमाकर कई जगह की मारपीट, फिर दफनाया आरोपितों ने पहले लकड़ी और हाथ-मुक्कों से मारपीट की, फिर उसे ऑटो में बैठाकर अलग-अलग जगहों पर ले गए। रास्ते में उसकी स्कूटी को पुलिया के नीचे फेंक दिया गया। बाद में सुनसान जगह ले जाकर गमछे से गला दबाया गया और बेहोश होने पर मुरूम खदान में दफना दिया गया। तकनीकी जांच और सीसीटीवी से मिली सफलता घटना स्थल ब्लाइंड स्पॉट होने के बावजूद पुलिस ने कई किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपितों तक पहुंची। मुखबिर की सूचना पर टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपितों को गिरफ्तार किया। ये आरोपित हुए गिरफ्तार पुलिस ने श्याम सुंदर सोनी (21), सुमित कोसले (21), सावित्री साहू (21) और दो विधि के साथ संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया है। मामले में माईकल सैनी नामक एक आरोपित फरार है, जिसकी तलाश जारी है। आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ऑटो, लकड़ी और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं।  

हज यात्रियों को साथ रखने होंगे 3000 रियाल, डिजिटल होगी कुर्बानी की प्रक्रिया और ठगी रोकने को बना ‘नुसुक मसार’ पोर्टल

जयपुर  मुकद्दस हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों के लिए इस बार सफर की राह थोड़ी अलग होगी। 21 अप्रैल से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव कुर्बानी की प्रक्रिया को लेकर किया गया है। अब कोई भी हाजी निजी स्तर पर जानवर खरीदकर कुर्बानी नहीं दे सकेगा। इस बार पूरी व्यवस्था को डिजिटल और सेंट्रलाइज्ड कर दिया गया है। जेब में रखने होंगे 3000 रियाल, खाना बनाने पर रोक इस बार हज यात्रियों के लिए एक और महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि उन्हें अपने साथ कम से कम 3000 सऊदी रियाल की व्यवस्था करके ले जानी होगी। हज के दौरान इस बार यात्रियों को खुद खाना बनाने की इजाजत नहीं होगी। यह राशि उनके खाने-पीने, होटल के छोटे-मोटे खर्चों और अन्य निजी जरूरतों के लिए अनिवार्य की गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे कैंपों में आग लगने का खतरा कम होगा और सफाई बनी रहेगी। ठगी और जालसाजी पर लगेगा लगाम? अक्सर देखा जाता था कि मक्का में कुर्बानी के नाम पर जायरीन के साथ धोखाधड़ी होती थी। कुछ जालसाज एक ही जानवर की अलग-अलग एंगल से फोटो दिखाकर कई लोगों से पैसे ऐंठ लेते थे। इसी 'फोटो वाली ठगी' और गंदगी को रोकने के लिए सऊदी अरब सरकार ने नुसुक मसार पोर्टल अनिवार्य कर दिया है। अब कुर्बानी के लिए केवल आधिकारिक 'अदाही प्रोजेक्ट' के माध्यम से ही ऑनलाइन जानवर बुक किए जा सकेंगे। जिन यात्रियों ने फॉर्म में कुर्बानी की सहमति दी है, उन्हें अब हज कमेटी के जरिए ही निर्धारित राशि जमा करानी होगी। 6 अप्रैल है 'डेडलाइन': आखिरी किस्त जमा करना जरूरी शेखावाटी के हज सेवक सुभाषचन्द्र वर्मा के अनुसार, जयपुर एम्बार्केशन पॉइंट से जाने वाले यात्रियों के लिए तीसरी और अंतिम किस्त जमा कराने की तारीख बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 कर दी गई है। तीसरी किस्त के रूप में 17,290 रुपये जमा कराने होंगे। हज यात्रा का कुल खर्च लगभग 3.52 लाख रुपये है, जिसे तीन किश्तों में जमा करना होता है। यदि 6 अप्रैल तक भुगतान नहीं हुआ, तो फ्लाइट कन्फर्मेशन रद्द हो सकती है। पेमेंट के तरीके: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प यात्री Haj Suvidha ऐप या वेबसाइट के जरिए नेट बैंकिंग/क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकते हैं। ऑफलाइन विकल्प के लिए एसबीआई या यूनियन बैंक की शाखाओं में चालान जमा कराया जा सकता है। इसके लिए 'यूनिक बैंक रेफेरेंस नंबर' होना अनिवार्य है।

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच दिल्ली में ऊर्जा संकट से निपटने की तैयारी, बवाना और अलीपुर में 100 सिलेंडर जब्त

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब धीरे-धीरे दुनिया के कई देशों में दिखने लगा है. ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ रही है और इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में भी रेखा गुप्ता की सरकार सतर्क हो गई है. दिल्ली में LPG गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को रोकने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने एक कंट्रोल रूम तैयार किया है, जहां लोग सीधे शिकायत कर सकते हैं. अगर किसी को गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की जानकारी मिलती है, तो वह 8383824659 नंबर पर शिकायत कर सकता है. खास बात यह है कि शिकायत करने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी. सरकार ने हाल ही में बवाना और अलीपुर इलाके में ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया, जिसमें करीब 100 गैस सिलेंडर जब्त किए गए. इससे साफ है कि कालाबाजारी पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है. केंद्र सरकार ने भी कमर्शियल कंज्यूमर्स के लिए 70 फीसदी सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. दिल्ली में रोजाना करीब 6300 कमर्शियल सिलेंडर दिए जा रहे हैं, ताकि सप्लाई बनी रहे और लोगों को दिक्कत न हो. अब सरकार का फोकस साफ है कि सप्लाई को स्थिर रखना और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाना. ऐसे समय में लोगों से भी अपील की गई है कि अगर कहीं गड़बड़ी दिखे तो तुरंत जानकारी दें. बता दें कि अमेरिका इजरायल ने साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. इस हमले के बाद दुनिया के कई मुल्कों पर ऊर्जा संकट का खतरा मंडराने लगा. इससे भारत भी अछूता नहीं रहा. देश के कई हिस्सों से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिसमें लोग गैस सिलेंडर के लिए लाइन में लगते हुए दिखे. वहीं, सरकार ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी.