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भाजपा ने सतीश दौरा को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, बनाये गये गरियाबंद जिला विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक

गरियाबंद गरियाबंद ज़िला के अंतिम छोर देवभोग क्षेत्र के जाने-माने वकील और समाजसेवी सतीश दौरा को भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए गरियाबंद जिला विधि प्रकोष्ठ का जिला संयोजक नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। सतीश दौरा लंबे समय से वकालत के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं।अपनी कानूनी विशेषज्ञता के साथ-साथ वे समाज सेवा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। क्षेत्र के गरीब,जरूरतमंद और पीड़ित लोगों की सहायता करना उनकी पहचान बन चुकी है। कानून और समाज सेवा का अनुभव सतीश दौरा ने अपने पेशेवर जीवन में कई सामाजिक और जनहित से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे न सिर्फ अदालतों में लोगों की पैरवी करते हैं,बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी आवाज उठाते हैं। यही कारण है कि आम जनता के बीच उनकी एक साफ-सुथरी और भरोसेमंद छवि बनी हुई है। संगठन को मिलेगी मजबूती भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन्हें जिला विधि प्रकोष्ठ का ज़िला संयोजक बनाए जाने से संगठन को कानूनी मामलों में मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सतीश दौरा के अनुभव और कार्यशैली से संगठन को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।नियुक्ति के बाद सतीश दौरा ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे तथा संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य करेंगे। क्षेत्र के लोगों ने भी इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सतीश दौरा अपने नए दायित्व में भी जनसेवा की भावना को प्राथमिकता देंगे।

महिला मरीज को थप्पड़ मारने वाली घटना: स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल कर्मी को सस्पेंड किया

पटियाला पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के माता कौशल्या अस्पताल में महिला मरीज के साथ हुई मारपीट की घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया।  अस्पताल के एक ठेका कर्मचारी द्वारा महिला को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने की वायरल वीडियो के बाद मंत्री ने तत्काल एक्शन लेते हुए संबंधित कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। वीरवार को डॉ. बलबीर सिंह ने अस्पताल का औचक दौरा किया और ओपीडी में मरीजों से उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना का वीडियो देखकर मुझे गहरा दुख हुआ है क्योंकि कर्मचारी द्वारा महिला मरीज को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने से न केवल महिला को चोट लगी बल्कि अन्य मरीजों के लिए भी यह खतरनाक हो सकता था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस घटना में शामिल ठेका कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को एक महीने का नोटिस देकर सेवा से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण करते हुए एसएमओ डॉ. विकास गोयल और डॉ. जैदीप भाटिया को निर्देश दिए कि मरीजों को पर्ची बनाने में कम से कम समय लगे, इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए। डॉ. बलबीर सिंह ने इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का विशेष ध्यान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है और आम आदमी पार्टी सरकार का उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा प्रदान करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के स्टाफ से आह्वान किया कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें। उन्होंने कहा, कई बार मरीज मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं और उल्टा-सीधा बोल सकते हैं लेकिन उन्हें इलाज की आवश्यकता होती है इसलिए स्टाफ को धैर्य और नरमी से पेश आना चाहिए। मंत्री ने माता कौशल्या अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों की सराहना की जिनकी मेहनत और ईमानदारी से अस्पताल में हर दिन लगभग 1500 से 1700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अंत में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हंगामेबाजी या दुर्व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कई मामलों में पुलिस केस भी दर्ज किए गए हैं। यह घटना सरकारी अस्पतालों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है जिसमें मरीजों को बेहतर सुविधाएं और संवेदनशीलता से इलाज मिलने की उम्मीद है।

पिछड़े जिलों में उद्योग लगाने पर मिलेगी भारी सब्सिडी और सस्ती जमीन, यूपीसीडा ने शुरू किया जमीनी स्तर पर काम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को संतुलित करने के लिए छोटे व पिछड़े जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की रणनीति बनाई गई है। उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी और चित्रकूट जैसे जिलों में बड़े औद्योगिक केंद्र विकसित करने के लिए हालिया फैसलों के साथ पहले के निर्णयों को भी जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार पहले से ही औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत छोटे और पिछड़े जिलों में निवेश करने वाले उद्यमियों को अतिरिक्त सब्सिडी, सस्ती जमीन और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसे लाभ दे रही। ओडीओपी योजना के जरिये स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम हो रहा है। यूपीसीडा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में कई छोटे जिलों में मिनी औद्योगिक एस्टेट और फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजनाओं को विस्तार देते हुए बड़े औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी और चित्रकूट के औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए कुछ शर्तों में ढील दी गई है। तलपट (लेआउट) मानचित्रों में संशोधन के निर्देश देते हुए उन्हें स्वीकृति दे दी गई है। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। पहले से बंद औद्योगिक इकाइयों और कताई मिलों की जमीन के पुनः उपयोग में लाने का फैसला भी लागू करना शुरू कर दिया गया है। बड़े शहरों पर औद्योगिक दबाव कम करने की रणनीति : छोटे जिलों में उद्योग स्थापित करने से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बड़े शहरों पर बढ़ता औद्योगिक दबाव भी कम होगा। यही नहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में निवेश का संतुलित वितरण सुनिश्चित होगा। सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में छोटे जिलों में निवेशकों के लिए विशेष रोड शो और निवेश आमंत्रण कार्यक्रम भी होंगे।  

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, लकड़ी से भरा पिकअप वाहन पकड़ा गया

रायपुर लकड़ी के अवैध परिवहन पर कार्रवाई, पिकअप वाहन जब्त वन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, अतिक्रमण और उत्खनन पर रोक लगाने के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। प्रबंध संचालक के निर्देश पर सभी परियोजना मंडलों में नियमित गश्त और निगरानी की जा रही है, जिससे वन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है। इसी क्रम में कोटा परियोजना मंडल, बिलासपुर की टीम ने गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर भैंसाझार परिक्षेत्र के बछाली बीट में ग्राम नवापारा और उमरमरा के बीच सड़क मार्ग पर एक पिकअप वाहन को रोककर जांच की गई। जांच के दौरान वाहन में साल प्रजाति की 27 नग लकड़ी (चिरान/चौखट) अवैध रूप से परिवहन करते हुए पाई गई। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जितो प्लस पिकअप वाहन (क्रमांक CG-10BL-4663) को जब्त कर लिया।               इस मामले में वाहन चालक रघुवीर कश्यप के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 41(2) (ख) और धारा 52 के तहत वन अपराध दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर और मंडल प्रबंधक कोटा के मार्गदर्शन में परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में की गई। टीम में सहायक क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक एवं अन्य वन कर्मचारी शामिल रहे।            वन विकास निगम के प्रबंध संचालक  प्रेम कुमार ने इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए टीम को बधाई दी है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसी तरह सतर्क रहकर वन सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि आगामी गोपनीय प्रतिवेदन में वन संरक्षण और सुरक्षा में कर्मचारियों के योगदान को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा l

ऑनलाइन लगान भुगतान का असर, बिहार सरकार के खजाने में आए ₹570 करोड़, सारण जिला फिसड्डी

 पटना राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-राजस्व वसूली में 2020 से 2021 के बाद हर फाइनेंशियल इयर में बढ़ोतरी दर्ज की. साल 2024 से 2025 में विभाग ने 570 करोड़ रुपए की वसूली की और बांका जिला सबसे आगे रहा.  पांच साल में बिहार के भू-राजस्व वसूली में दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी हुई है. साल 2020-21 में भू-राजस्व से राज्य सरकार को 253.31 करोड़ रुपए मिले थे. जबकि 2024-25 में यह वसूली 570 करोड़ रुपए हुई. इसमें बांका जिला पहले स्थान पर रहा, जबकि सबसे निचले पायदान पर सारण जिला रहा. पांच साल में करीब 316.69 करोड़ रुपए अधिक भू-राजस्व मिला इस तरह पांच साल में करीब 316.69 करोड़ रुपए से अधिक भू-राजस्व प्राप्त हुआ. जानकारी के मुताबिक, 2025 से 2026 में भू-राजस्व वसूली का लक्ष्य करीब सात सौ करोड़ रुपए रखा गया था. लेकिन फाइनेंशियल इयर की समाप्ति के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब तक इसकी प्राप्ति का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है. भू-राजस्व वसूली की अधिकतर प्रक्रिया ऑनलाइन सूत्रों के अनुसार, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-राजस्व वसूली में फाइनेंशियल इयर 2020-21 के बाद हर फाइनेंशियल इयर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है. फिलहाल भू-राजस्व वसूली की अधिकांश प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो चुकी है. इस कारण लोगों को अब भू-राजस्व भुगतान के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे. इसके साथ ही अब कहीं से भी बैठकर लोग ऑनलाइन अपने भू-राजस्व का भुगतान कर पा रहे हैं. इस कारण विभाग को भी बैंक अकाउंट के माध्यम से इसकी प्राप्ति हो रही है. भू-राजस्व की यह वसूली कृषि भूमि पर किसानों से लगान और पट्टा शुल्क के रूप में हुई. साथ ही सरकारी जमीन को पट्टे पर देकर जमीन और उसके उपयोग से आय के रूप में प्राप्ति हुई.

बैंक्वेट हॉल के बेसमेंट में चल रहा था मौत का खेल, 5 घंटे चली छापेमारी के बाद अवैध ओटी और प्रसव कक्ष सील

 पलामू पलामू जिले में अवैध रूप से चल रहे क्लिनिक के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. नावाजयपुर थाना क्षेत्र स्थित बिंदा बैंक्वेट हॉल के बेसमेंट में संचालित एक अवैध क्लिनिक को सील कर दिया गया. यह कार्रवाई सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर की गयी. जिला उपायुक्त समीरा एस के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों की टीम ने छापेमारी कर पूरे क्लिनिक को बंद कराया. पांच घंटे चली छापेमारी, कई चौंकाने वाले खुलासे प्रशासनिक टीम ने करीब पांच घंटे तक क्लिनिक में सघन जांच अभियान चलाया. इस दौरान कई आपत्तिजनक और चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. क्लिनिक के भीतर एक अस्थायी ऑपरेशन थिएटर और प्रसव कक्ष पाया गया, जहां अवैध तरीके से सर्जरी और डिलीवरी करायी जाती थी. जांच में कई प्रतिबंधित दवाएं भी बरामद की गयीं, जो बिना अनुमति के इस्तेमाल की जा रही थीं. बिना डिग्री चला रहा था क्लिनिक जांच में सामने आया कि पंडवा निवासी सेवक मेहता इस क्लिनिक का संचालन कर रहा था, जबकि उसके पास किसी प्रकार की मेडिकल डिग्री नहीं है. इसके बावजूद वह वर्षों से मरीजों का इलाज कर रहा था और गंभीर मामलों में ऑपरेशन तक कर देता था. यह खुलासा बेहद गंभीर है, क्योंकि इससे गरीब मरीजों की जान को लगातार खतरा बना हुआ था. एलोपैथिक दवाओं का अवैध भंडारण छापेमारी के दौरान एक कमरे में बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाओं का भंडार भी मिला. जबकि क्लिनिक के बाहर “दिशा आरोग्य धाम जयपुर आयुर्वेद संस्थान” लिखा हुआ था. इससे स्पष्ट होता है कि मरीजों को भ्रमित कर इलाज किया जा रहा था. इसके अलावा डॉक्टर के ओपीडी कक्ष से गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी बरामद हुए, जो नियमों के उल्लंघन को दर्शाते हैं. कर्मचारियों ने किया बड़ा खुलासा मौके पर मौजूद दो अस्पताल कर्मियों से पूछताछ में यह सामने आया कि सेवक मेहता ने कभी मेडिकल की पढ़ाई नहीं की है. इसके बावजूद वह खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज करता था. यह भी पता चला कि क्लिनिक में नियमित रूप से प्रसव और अन्य सर्जिकल प्रक्रियाएं की जाती थीं. अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई इस कार्रवाई में पाटन बीडीओ सह सीओ डॉ अमित कुमार झा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमित कुमार आजाद और नावाजयपुर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार मेहता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. सभी की देखरेख में क्लिनिक को सील किया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गयी. बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामले पलामू जिले में अवैध क्लिनिक का यह कोई पहला मामला नहीं है. जिला प्रशासन लगातार ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई क्लिनिक नाम बदलकर फिर से संचालित होने लगते हैं. यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है. गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऐसे अवैध क्लिनिकों में गरीब और अनजान मरीज इलाज के लिए जाते हैं, जहां उनकी जान जोखिम में डाल दी जाती है. बिना प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा ऑपरेशन और प्रसव कराना गंभीर लापरवाही है, जिससे कई बार जानलेवा परिणाम सामने आते हैं. कुल मिलाकर, इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके.

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: ससौली-छिरोपारा के ग्रामीणों को मिली सुगम आवागमन की सुविधा

रायपुर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए आवागमन का सशक्त माध्यम बन रही है। सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा के ग्राम ससौली और छिरोपारा के निवासियों के लिए अब जिला मुख्यालय अंबिकापुर तक की राह न केवल आसान हुई है, बल्कि उनके समय और श्रम की भी बड़ी बचत हो रही है। कई किलोमीटर का पैदल सफर अब हुआ समाप्त ग्राम ससौली छिरोपारा निवासी  गिरवर यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रारंभ होने से पहले उन्हें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लगभग 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलकर लुण्ड्रा आना पड़ता था। उन्होंने बताया कि पहले बस पकड़ने के लिए घंटों पैदल चलना पड़ता था। कई बार देरी होने पर बस छूट जाती थी, जिससे पूरा दिन खराब हो जाता और जरूरी काम भी रुक जाते थे। लेकिन जब से ’अंबिकापुर से कोरांधा-उरदरा’ मार्ग पर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा शुरू हुई है, हमारी जिंदगी बदल गई है।“ समय पर काम और सुरक्षित वापसी योजना के तहत संचालित बस अब सीधे गांव के करीब से होकर गुजर रही है। ग्रामीण अब आसानी से बस में सवार होकर समय पर जिला मुख्यालय पहुंचते हैं, दिनभर अपना काम निपटाते हैं और उसी बस से सुरक्षित अपने घर वापस लौट आते हैं। इस सुविधा ने न केवल आर्थिक रूप से राहत दी है, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों के लिए आवागमन को बेहद सुविधाजनक बना दिया है। योजना के लिए शासन का जताया आभार पहुंचविहीन क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने की इस सार्थक पहल के लिए क्षेत्र के ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। ससौली और छिरोपारा के  गिरवर यादव ने इस संवेदनशील निर्णय के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सोनारडीह मामले के बाद एक्शन में धनबाद एसडीएम, आधा दर्जन ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध मुहाने भरने के दिए निर्देश

धनबाद धनबाद में सोनारडीह भूधसान के बाद प्रशासन अवैध कोयला खनन के खिलाफ सख्त हो गया है. एसडीएम लोकेश बारंगे के नेतृत्व में कई स्थानों पर छापेमारी कर कोयला और वाहनों की जब्ती की गई और अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए.  झारखंड के धनबाद में सोनारडीह भूधसान मामले धनबाद एसडीएम (सदर अनुमंडल दंडाधिकारी) लोकेश बारंगे के नेतृत्व में अवैध कोयला खनन और संबंधित गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की गई. अभियान में कौन कौन थे शामिल इस अभियान में माइनिंग अधिकारी, बाघमारा अंचल अधिकारी गिरजनंद किस्कू, बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक सुधाकर प्रसाद, उमंग ठक्कर, अशोक कुमार, प्रेम शर्मा, कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, तेतुलमारी थाना प्रभारी विवेक चौधरी और अन्य पुलिस बल शामिल थे. कई स्थानों पर छापेमारी, कोयला और वाहन जब्त धनबाद एसडीएम ने गजली टांड, रामकनाली के सूर्य मंदिर और तेतुलमारी के खास सिजुआ सहित आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर कोयला और वाहन जब्त करने के आदेश दिए. उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध मुहाने को भराई करवाकर फोटो और वीडियो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. एसडीएम श्री बारंगे ने कहा कि 100 प्रतिशत कार्रवाई होनी चाहिए.

पठानकोट के जसनूर सिंह ने CDS-2 परीक्षा में ऑल इंडिया 1 रैंक हासिल कर बढ़ाया मान, एयरफोर्स और नेवल एकेडमी में चयन

पठानकोट  पठानकोट के जसनूर सिंह ने यूपीएससी की सीडीएस-2 परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। जसनूर सिंह ने इंडियन मिलिट्री अकादमी में सातवां, इंडियन एयरफोर्स अकादमी और इंडियन नेवल अकादमी में पहला स्थान हासिल किया है। परिवार और टीचर्स ने बढ़ाया हौसला जसनूर की शुरूआती स्कूलिंग सैंट जोसेफ कान्वेंट स्कूल पठानकोट और फिर महाराजा रणजीत सिंह आर्म फोर्सर्सेस प्रिपरेटरी इंस्टट्यूट में हुई। जसनूर अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और टीचर्स को देते हैं। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर मेजर जनरल एचएस चौहान ने उनका काफी स्पोर्ट किया। जसनूर का मानना है कि काफी यूथ डिफेंस में जाना चाहते हैं, पढ़ने के टाइम उन्हें पढ़ना चाहिए। खेलने के टाइम खेलना चाहिए। बाहर की दुनिया से बात करनी चाहिए। एक्सपोज़र लेना चाहिए। मेहनत करें सफलता जरूर मिलेगी। एनडीए में मिली थी असफलता अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए जसनूर ने बताया कि उनका यह सफर पांच साल पहले शुरू हुआ था। उन्होंने पहले एनडीए परीक्षा भी उत्तीर्ण करने का प्रयास किया था, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। एयरफोर्स ज्वाइन करेंगे जसनूर ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद उन्होंने सीडीएस परीक्षा दी और पूरे देश में एयरफोर्स और नेवी में पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने एयरफोर्स ज्वाइन करने की बात कही और अन्य युवाओं से भी कड़ी मेहनत करने की अपील की। बेहद खुश हैं जसनूर के माता-पिता जसनूर सिंह के माता-पिता, दविंदर सिंह और सुखजीत कौर ने अपने बेटे की लगातार मेहनत पर गर्व व्यक्त किया। माता-पिता जसनूर सिंह का सफलता से काफी खुश हैं और कामना करते हैं कि वह सफलता की बुलंदियों को छुएगा। जसनूर ने यह भी बताया कि उनके बड़े भाई ने भी इस सफर में उनका बहुत साथ दिया। बचपन से था जसनूर का सपना – पिता जसनूर के पिता और दवा कारोबारी दविंदर सिंह का कहना है कि सबसे पहले हम उस परमात्मा वाहेगुरु का धन्यवाद करते हैं,जिन्होंने हमें यह खुशी दी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही जसनूर का सपना था कि वह इंडियन डिफेंस जॉइन करे। इसके लिए वह प्लस वन से ही प्रयास कर रहा था। उसने NDA की परीक्षा 2 बार दी और दोनों बार लिखित परीक्षा पास की। लेकिन इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाया। फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई जसनूर के पिता ने बताया कि उसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई शुरू की और साथ ही CDS की तैयारी भी जारी रखी। इसके लिए उसने ऑनलाइन क्लासेस और कोचिंग भी ली। CDS की लिखित परीक्षा पास करने के बाद उसका एयरफोर्स इंटरव्यू देहरादून में हुआ, जो 3 दिन चलता है। उसने SSB इंटरव्यू भी पास कर लिया। 3 दिन देहरादून में चला इंटरव्यू इसके बाद उसका मेडिकल हुआ, जो एयरफोर्स पायलट के लिए सबसे कठिन माना जाता है और वह भी उसने दिल्ली में सफलतापूर्वक पास कर लिया। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर ऑल इंडिया स्तर पर मेरिट लिस्ट बनती है। जिसमें जसनूर सिंह ने पूरे भारत में रैंक नंबर 1 प्राप्त किया। यह पठानकोट और पूरे पंजाब के लिए गर्व का क्षण है।  

राजभवन में रेडक्रॉस प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट, सेवा कार्यों को लेकर संवाद

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल   रमेन डेका के आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेडक्रास एवं एन सी सी के पदाधिकारियों ने भेंट की। कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह एवं अनुपमा आनंद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली के दिशा-निर्देशन एवं सभापति संदीप दीवान (इंडिया रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा महासमुंद) के मार्गदर्शन तथा जिला संगठक डा अशोक गिरि गोस्वामी के नेतृत्व में  भारतीय रेडक्रास सोसायटी ज़िला शाखा महासमुन्द अन्तर्गत पदाधिकारियों ने मुलाकात की।              सभी ने रेडक्रास गीत गाकर राज्यपाल  का स्वागत किया। रेडक्रॉस काउंसलर्स एवं वालेंटियर्स की टीम ने राज्यपाल एवं पदेन अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (राज्य शाखा, रायपुर) का स्वागत किया। राज्यपाल ने किया पौध रोपण             इस अवसर पर राज्यपाल  रमेन डेका ने रेस्ट हाउस परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पीपल का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।