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DCP के निर्देश पर बड़ा एक्शन: भोपाल में सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालों की खैर नहीं

भोपाल राजधानी में सोमवार की देर रात पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को पुख्ता करने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। शहर के नए और पुराने इलाकों में पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से उन 'सुराप्रेमियों' के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जो सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हंगामा करते हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा व शांति में खलल डालते हैं। निशातपुरा पुलिस सबसे सक्रिय, सात हुड़दंगी गिरफ्तार पुलिस की इस मुहिम में सबसे सक्रिय भूमिका निशातपुरा थाना पुलिस की रही, जिसने सात अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर सात हुड़दंगियों को गिरफ्तार किया। इसी क्रम में कार्रवाई का विस्तार करते हुए हनुमानगंज में दो स्थानों पर दबिश देकर शराबियों को पकड़ा गया। इसके अलावा पिपलानी और मिसरोद में भी पुलिस ने दो-दो स्थानों पर सघन चेकिंग की। पॉश इलाकों में भी पुलिस की दबिश अभियान के तहत चूनाभट्टी और एमपी नगर जैसे व्यावसायिक व पॉश इलाकों में भी एक-एक स्थान पर पुलिस ने कार्रवाई की। देर रात तक चली इस सघन चेकिंग से उन तत्वों में हड़कंप मच गया, जो सुनसान सड़कों या सार्वजनिक कोनों को मयखाने में तब्दील कर देते हैं। सुरक्षित वातावरण बनाना मुख्य उद्देश्य: डीसीपी डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि शहर की शांति भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देर रात बाहर निकलने वाली महिलाओं और राहगीरों के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और सख्त कदम लगातार जारी रहेंगे।  

आरजेडी के कोर वोट बैंक पर कांग्रेस की नजर, 10 यादव और 10 ब्राह्मणों को बनाया जिला अध्यक्ष

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में सियासी मात खाने के बाद कांग्रेस अब दोबारा से खड़े होने की कवायद में जुट गई है. कांग्रेस ने सूबे में अपने संगठन को फिर से मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुान खरगे की मंजूरी के बाद राज्य में संगठनात्मक जिलों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति के बाद सोमवार देर शाम बिहार के 53 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस ने लंबे इंतजार के बाद सोमवार को आखिरकार बिहार में सभी 53 संगठनात्मक जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त कर दिए हैं. बिहार जिला अध्यक्ष की जो 53 नेताओं की सूची जारी की है  उसमें 43 नए चेहरों को मौका दिया है तो 10 पुराने जिलाध्यक्षों पर भरोसा जताया है. बिहार में बीते साल नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था. कांग्रेस को बिहार की केवल 6 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल हुई थी, जिसके बाद पार्टी के अंदर अंदरूनी कलह भी देखने को मिली थी. बिहार के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को गंभीर आरोप भी झेलने पड़े. अब चार महीने के बाद कांग्रेस दोबारा से खड़े होने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिसके लिए संगठन को नए तरीके से खड़े करने की स्टैटेजी अपनाई है. बिहार में कांग्रेस ने फिर बदली चाल विधानसभा चुनाव के चार महीने बाद अब कांग्रेस ने बिहार में पार्टी संगठन को फिर से खड़ा करने और इसके लिए जिलाध्यक्षों के चेहरे से सामाजिक समीकरण को साधने की राजनीति को अमलीजामा पहनाया है. हालांकि, कांग्रेस जिलाध्यक्षों के जरिए कांग्रेस किस सामाजिक वर्ग को साधना चाहती है इसे लेकर स्थिति कमोबेश ऊहापोह वाली ही नजर आती है. बिहार जिला अध्यक्षों की सूची देखें तो मोटे तौर कर कहा जा सकता है कि कांग्रेस ने अपने उस दलित कार्ड वाले प्लान से अपने सियासी कदम पीछे खींच लिए हैं, जिसे उसने राजेश राम की प्रदेश की कमान देने में साथ एग्जीक्यूट किया था. कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों की लिस्ट में दलित चेहरों के अलावा सवर्णों को भी तरजीह दी है. सवर्णों को प्रतिनिधित्व बताता है कि कांग्रेस अपने पुराने वोट बैंक को फिर से साधना चाहती है. कांग्रेस का सवर्ण और यादव पर भरोसा कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की लिस्ट में यादव जाति से आने वाले चेहरे इस बात का भी संकेत माना जा सकता है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस आरजेडी से दूरी बनाकर अकेले बिहार में आगे बढ़ने का प्रयास कर सकती है. यादव जाति को बिहार में आरजेडी का आधार वोट माना जाता है लेकिन इसी यादव समाज से 10 जिलाध्यक्ष बनाया जाना इसी तौर पर देखा जा रहा है. कांग्रेस जिलाध्यक्षों की लिस्ट में सबसे अधिक ब्राह्मण और यादव जाति के नेताओं को 10-10 जिलों की कमान मिली है. बिहार के 53 जिला अध्यक्षों में 7 मुस्लिम, 7 दलित, 7 भूमिहार और 5 राजपूत नेताओं को जिलों की कमान मिली है. कुल मिलाकर 53 संगठनात्मक जिलों में से 38 जिलों की कमान सवर्ण, दलित और मुसलमान नेताओं हाथों में दी गई है. पटना जिले में दो सवर्ण नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है. पटना ग्रामीण-1 की कमान भूमिहार जाति से आने वाले चंदन कुमार को तो पटना ग्रामीण-2 की कमान सिख समुदाय से आने वाले गुरजीत सिंह को दी गई है. पटना शहरी की कमान कायस्थ वर्ग से आन वाले कुमार आशीष को दी गई है. कांग्रेस फिर सवर्ण राजनीति पर लौटी कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की सूची को गौर से देखें तो जाहिर होता है कि बिहार में पार्टी की नजर ब्राह्मण और यादव वोट बैंक पर है. यूजीसी को लेकर ब्राह्मणों के साथ साथ अगड़ी जाति भारतीय जनता पार्टी से खफा है.शायद इसी को भुनाने के लिए कांग्रेस ने 53 में 10 जिलाध्यक्ष ब्राह्मण समुदाय से बनाए हैं. गौर करने वाली बात यह है कि इतने ही यादव समुदाय के नेताओं को जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है. यादव समुदाय राष्ट्रीय जनता दल कोर वोट बैंक है. ऐसे में यादवों को कांग्रेस की ओर से लुभाना राष्ट्रीय जनता दल को अखर सकता है.बिहार कांग्रेस में पहले 40 संगठन जिला इकाई थी, जिसे अब बढ़ाकर 53 कर दिया गया है. पार्टी ने जिलाध्यक्षों की तैनाती से पहले संगठन सृजन अभियान चलाया था और सभी जिलों में पर्यवेक्षक तैनात किए थे. जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों के इंटरव्यू भी लिए गए थे और उसके बाद आलाकमान को रिपोर्ट सौंपी गई थी. इस आधार पर ही पार्टी आलाकमान ने जिलाध्यक्षों के नामों पर मुहर लगाई है.  

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पर कोई दखल नहीं, आय सीमा को लेकर दिया सुझाव

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह सरकार का नीतिगत निर्णय है और ऐसे मामलों में न्यायालय आमतौर पर दखल नहीं देता।   हालांकि कोर्ट ने यह टिप्पणी जरूर की कि यदि योजना को उन लोगों तक सीमित किया जाता जो यात्रा का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं तो यह अधिक न्यायसंगत होता। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ के समक्ष आरटीआई कार्यकर्ता परविंदर सिंह किटना की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि योजना में आय का कोई मापदंड तय नहीं किया गया है जिससे आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी इसका लाभ उठा सकते हैं। साथ ही इसे करदाताओं के पैसे की बर्बादी बताया गया। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि 20 नवंबर 2023 को शुरू की गई यह योजना लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लागू की गई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया गया जिसमें हज सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की बात कही गई थी ताकि धन का उपयोग शिक्षा और सामाजिक विकास में हो सके। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप सीमित होता है। साथ ही याचिकाकर्ता को अपनी आपत्तियां और सुझाव राज्य सरकार के समक्ष रखने की स्वतंत्रता दी गई। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इन सुझावों पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाए। 

जनता को मिली बड़ी राहत, गोंडा में अब घर-घर कूड़ा उठाने के लिए नहीं देना होगा शुल्क

 गोंडा उत्तर प्रदेश में गोंडा जिले के नगर पालिका में आगामी वर्ष के लिए 84.46 करोड़ के प्रस्ताव पारित किए गए हैं। पालिका सभागार में सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में वर्ष 2025-26 में आय-व्यय का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया गया। पालिका अध्यक्ष उजमा राशिद की अध्यक्षता में शहरी क्षेत्र के सभी 27 वार्डों के 115 प्रस्तावों और सड़क, नाली समेत 68 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। एक प्रस्ताव घर-घर कूड़ा उठाने का शुल्क लेने को सभासदों के विरोध के चलते खारिज कर दिया गया। बैठक का संचालन एसडीएम व प्रभारी ईओ विशाल कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 तक अवशेष धनराशि 38.29 करोड़ थी। लेकिन 28 फरवरी 2026 तक 49.58 करोड़ आय की। यानी कुल आय 87.88 करोड़ हुआ। जिसमें 48.47 करोड़ खर्च किए गए हैं और 39.41 करोड़ बचे हैं। आगामी वर्ष में 62.96 करोड़ खर्च किए जाने का अनुमान हैं। बैठक में सांसद प्रतिनिधि एवं सभासद संदीप पांडेय भी मौजूद रहे बोर्ड बैठक में कुल 116 प्रस्तावों को पटल पर रखा गया। इन प्रस्तावों के महत्वपूर्ण कार्यो में सिविल लाइन चौकी से आरटीओ आफिस तक नाली निर्माण, पंतनगर में दो कार्य रबड़मोल्ड इंटरलाकिंग व नाली निर्माण, महरानीगंज वार्ड में अतीक ठेकेदार के घर के निकट सीसी रोड व नाली निर्माण, मकार्थीगंज में बरियारपुरवा में पूर्व सभासद विनोद कुमार के घर निकट नाली निर्माण और रबरमोल्ड इंटरलाकिंग कार्य कराया जाना है। बड़गांव में फैज रैनी के घर निकट आरसीसी नाला व स्लैब निर्माण, साहेबगंज में मारवाड़ कालेज के सामने नया नाली निर्माण और रबरमोल्ड इंटरलाकिंग, सिविल लाइन प्रथम में शिवपुरी कालोनी नाली निर्माण और ररबरमोल्ड इंटरलाकिंग, सेमरा दम्मन में विष्णु के घर से शिव ट्रेडर्स तक इंटरलाकिंग निर्माण, शास्त्री नगर तोपखाना सीसी रोड व नाली निर्माण, इमामबाड़ा में नाली निर्माण और रबरमोल्ड इंटरलाकिंग, महराजगंज में इंटरलाकिंग उच्चीकरण न नाली मरम्मत, पटेल नगर पूर्वी में सीसी इंटरलाकिंग व नाली निर्माण, रानीबाजार में इंटरलाकिंग व नाली निर्माण, छेदी पुरवा में बड़गांव चौराहे के निकट इंटरलाकिंग व नाली निर्माण, आवास विकास कालोनी में मकान संख्या 2020 के निकट सड़क इंटरलाकिंग नाली मरम्मत व क्रास ड्रेन निर्माण के अलावा करीब सभी वार्डो में नाली निर्माण, नाली मरम्मत व रबड़मोल्ड इंटरलाकिंग आदि कराए जाने हैं। बैठक में सभासदों अनूप कुमार श्रीवास्तव बंटी, फहीम सिद्दीकी, प्रकाशआर्य हीरु, मो इसरायल, वैभव, बब्लू सोनी, विनय शर्मा, शाहिद अली कुरैशी, अब्दुल्ला अंसारी, शशांक श्रीवास्तव छोटू, अलंकार सिंह, आफताब तनहा, सुड्डन सिंह, धर्म प्रकाश शुक्ला,अब्दुल सईद, मिथुन कौशल आदि मौजूद रहे। तीन कार्यों के नामों के बदलाव को मंजूरी बोर्ड बैठक में तीन कार्यो के नाम के बदलाव को मंजूरी दी गई है। इनमें अम्बेडकर चौराहे से डिग्री कालेज चौराहे तक सड़क का नाम गोण्डा नरेश राजा देवीबख्श सिंह करने व सिविल लाइन में चेतना पार्क का नाम स्वतंत्रता सेनानी लाल बिहारी टंडन के नाम पर करने और अम्बेडकर चौराहे से जेल रोड की सड़क का नाम अमर शहीद राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी करने की स्वीकृति दी गई। घर-घर कूड़ा उठाने का शुल्क नहीं लगेगा बोर्ड बैठक में सबसे महत्वपूर्ण घर घर कूड़ा उठाने के एवज में 30 रुपया प्रतिमाह वसूलने का शुल्क के प्रस्ताव खारिज कर दिए गए है। प्रस्ताव संख्या115 में पालिका की आय बढ़ोतरी के घर-घर से यह वसूली किए जाने का जिक्र था। अध्यक्ष सभासद संघ शाहिद अली कुरैशी ने बताया कि सभासदों के आपत्ति के बाद यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। शहर की प्रकाश व्यवस्था पर 53.28 लाख खर्च होंगे बोर्ड प्रस्ताव संख्या में पांच में शहर को जगमगाने के लिए 53.28 लाख खर्च किए जाने का जिक्र है। जिसे बोर्ड से मंजूरी दी गई है। इसमें एलईडी स्ट्रीट लाइट फिटिंग 90 वाट, एलईडी फ्लड लाइट फिटिंग्स 180 से 200 वाट, केबल 300 क्वायल, 16 एम्पियर पियानो स्विच मय पीएम एल्मुनियम 150 क्वायल, एमसीबी, पीसीसी पोल नट, पीसीबी टेप एलईडी ड्राईवर 90 वाट, समेत अन्य बिजली सामान व संयत्र क्रय एवं आपूर्ति लेने के प्रस्ताव शामिल हैं। वहीं प्रस्तावों में जाड़े में रैन बसेरे के इंतजाम के लिए 20 बेड व अन्य जरुरी सामान, पालिका में स्टेशनरी व छपाई एवं अधिकांश सम्पतियों के दाखिल खारिज व हस्तांरण आदि शामिल हैं।

बरेका ने रचा नया इतिहास: 572 रेल इंजनों का किया अभूतपूर्व निर्माण, अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन

बनारस बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत  के कुशल नेतृत्व में भारतीय रेल के औद्योगिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 572 रेल इंजनों का निर्माण कर अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया है। यह उपलब्धि बरेका की उत्कृष्ट तकनीकी क्षमता, कुशल प्रबंधन और अधिकारियों, कर्मचारियों की अथक मेहनत का सशक्त प्रमाण है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 477 रेल इंजनों का निर्माण हुआ था, जबकि इस वर्ष उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि न केवल बरेका बल्कि पूरे भारतीय रेल परिवार के लिए गर्व का विषय है। इस वित्तीय वर्ष में निर्मित 572 लोकोमोटिव में शामिल हैं – भारतीय रेलवे के लिए 558 आधुनिक विद्युत लोकोमोटिव जिसमें- WAG-9 – 401 (माल वाहक इलेक्ट्रिक लोको)  WAP-7 – 143 (यात्री वाहक इलेक्ट्रिक लोको) अमृत भारत लोको – 14 मोजांबिक को निर्यात हेतु 10 डीजल लोकोमोटिव एवं  घरेलू ग्राहकों हेतु 04 डीजल लोकोमोटिव विशेष उल्लेखनीय है, कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 553 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लक्ष्य के मुकाबले 558 लोकोमोटिव का निर्माण किया गया, जो  लक्ष्य से लगभग 1 प्रतिशत अधिक एवं पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है। 11259 रेल इंजनों के निर्माण का गौरवशाली सफर स्थापना से लेकर अब तक बरेका कुल 11259 रेल इंजनों का निर्माण कर चुका है, जिनमें 2925 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शामिल हैं। यह उपलब्धि भारतीय रेल की आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में बरेका के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। आधुनिक तकनीक और क्रू कंफर्ट पर विशेष ध्यान बरेका द्वारा निर्मित लोकोमोटिव में चालक दल की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत लोको कैब में वाटरलेस यूरिनल सीएलआई सीट सिग्नल एक्सचेंज लाइट डीपीडब्ल्यूसीएस ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है। इन नवाचारों के परिणामस्वरूप बरेका को प्रोडक्शन यूनिट श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ लोको कैब का प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता बरेका यूरोपियन स्टैंडर्ड की प्रतिष्ठित संस्था UNIFE द्वाराबरेका को इंटरनेशनल रेलवे इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (IRIS) के अंतर्गत आईएसओ 22163 का सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र लगातार दूसरी बार प्रदान किया गया है। यह सम्मान बरेका की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और वैश्विक मानकों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध उत्कृष्ट उत्पादन के साथ-साथ बरेका ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है। वर्षा जल संचयन के लिए तालाबों एवं सोक पिट के माध्यम से हर वर्ष हजारों लीटर वर्षा जल का संचय किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरेका में ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट की स्थापित क्षमता 3874 किलोवाट-पीक है। इससे 41.76 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन हुआ, जो बरेका की कुल वार्षिक ऊर्जा खपत का लगभग 19.87 प्रतिशत है। इस सौर ऊर्जा से लगभग 1.58 करोड़ रुपये की बचत हुई है। राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में भी अग्रणी राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट प्रचार-प्रसार के लिए बरेका को रेलवे बोर्ड के राजभाषा निदेशालय द्वारा “रेल मंत्री राजभाषा शील्ड” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान बरेका की हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता और सतत प्रयासों का प्रमाण है। नए लक्ष्य की ओर बढ़ते कदम रेल मंत्रालय ने बरेका को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 642 विद्युत रेल इंजनों के निर्माण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य सौंपा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने टीम बरेका के अधिकारियों, कर्मचारियों और महिला कर्मियों एवं उनके परिवार जनों  को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता बरेका के कर्मठ कर्मचारियों की मेहनत, तकनीकी दक्षता और रेलवे बोर्ड द्वारा दिए गए लक्ष्य को स्वीकार करने की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बरेका आने वाले वित्तीय वर्ष में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

ईंधन संकट की अफवाहों पर विराम: खाद्य मंत्री राजपूत बोले— पेट्रोलियम आपूर्ति लगातार जारी

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की सतत आपूर्ति जारी है। रसोई गैस की स्थिति प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट्स में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्‍ताओ द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्‍डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्‍ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कॉमर्शियल गैस सिलेण्‍डरों की सप्‍लाई सतत रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्‍लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्‍लांट तथा वितरकों के पास उपलब्‍धता एवं प्रदाय की सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता प्रदेश में आज की स्थिति में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल/डीजल का पर्याप्‍त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल के स्‍टॉक की कमी की कोई स्थिति नहीं है, एवं कंपनी के डिपो से भी डीजल/पेट्रोल की लगातार कंपनी द्वारा पूर्ति की जा रही है। कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 2131 स्थानों पर जांच की गई तथा 2959 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए। साथ ही 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 438 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें एक प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्‍त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। सीजीडी संस्थाओं की बैठक अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने मंगलवार को सीजीडी संस्थाओं की बैठक ली। बैठक में बताया गया कि सभी सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीयूशन) संस्‍थाओं द्वारा घरेलू एवं कॉमर्शियल कनेक्‍शन की मांग/शिकायत दर्ज करने तथा निराकरण करने के लिए कंट्रोल रूम की स्‍थापना की गई है। एसीएस श्रीमती शमी ने निर्देशित किया कि प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवाईज एवं लोकेलिटीवाइज कुल परिवारों की संख्‍या के विरूद्ध प्रदाय किये गये पीएनजी कनेक्‍शन एवं आगामी माहों में प्रदाय किये जाने वाले पीएनजी कनेक्‍शन आदि का विस्‍तृत विवरण प्रस्‍तुत करेंगे। प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवार अलग लोकेलिटी में दिनांकवार कैम्‍प शेड्यूल्‍ड करेगें। कैम्‍प में जिला प्रशासन एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ड पार्षद उपस्थित होंगे। सीजीडी संस्‍थाएं उपभोक्‍ताओं के लिए प्रचार-प्रसार सामग्री जैसे पेम्‍पलेट, ब्रोशर आदि तैयार कर व्‍यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। सभी सीजीडी संस्‍थाओं को हर समय पर्याप्‍त संख्‍या में कैटेगरीवाइज उपकरण एवं मैन पॉवर की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिये निर्देश दिये गये। पीएनजी कनेक्‍शन की सतत समीक्षा करने के लिए जिला स्‍तर पर कलेक्‍टर/एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी/सेल्‍स ऑफिसर एवं सीजीडी संस्‍था का जिला अधिकारी अधिकृत होंगे। प्रदेश के शहरों में जिन स्‍थानों से पाइपलाइन गई है, उस पाइपलाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्‍यावसायिक उपभोक्‍ता पीएनजी कनेक्‍शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑयल कंपनी द्वारा जानकारी दी है कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी तथा सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्‍ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की जाती है कि अधिक से अधिक संख्‍या में सीजीडी संस्‍थाओं को आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन प्राप्‍त किये जायें, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो एवं सतत रूप से पीएनजी की आपूर्ति की जा सके।  

योगी सरकार में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन से 2.31 लाख से अधिक बच्चों को मिली सहाय

लखनऊ मार्च उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण को लेकर योगी सरकार का तंत्र अत्यंत सुदृढ़ हो चुका है। महिला कल्याण विभाग की 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को 24 घंटे त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार की इस पहल के तहत अब तक प्रदेश में 2.31 लाख से अधिक बच्चों को सहायता प्रदान की जा चुकी है। इनमें संकटग्रस्त, लावारिस, बाल श्रम और उत्पीड़न के शिकार बच्चे शामिल हैं। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि प्रदेश में बाल सुरक्षा के लिए एक मजबूत और संवेदनशील तंत्र विकसित किया गया है, जो जरूरतमंदों तक समयबद्ध सहायता पहुंचा रहा है। संकटग्रस्त बच्चों को त्वरित सहायता महिला कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि यह सेवा अब जमीनी स्तर पर प्रभावी नेटवर्क के रूप में कार्य कर रही है, जहां हर जिले में हेल्पलाइन यूनिट सक्रिय रूप से संचालित है और संकट में फंसे बच्चों तक तुरंत पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 77 हजार से अधिक बच्चों को हेल्पलाइन के माध्यम से मदद मिली है, जो इसकी बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाता है। 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के तहत त्वरित बचाव व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिसमें कॉल प्राप्त होते ही टीम 60 मिनट के भीतर आपात स्थिति में फंसे बच्चों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकालती है। यह सेवा 24 घंटे पुलिस सहायता, चिकित्सा सुविधा, आश्रय और कानूनी परामर्श उपलब्ध कराती है, जिससे बच्चों को हर स्तर पर संरक्षण मिलता है। साथ ही, मुसीबत में फंसे बच्चों का बाल कल्याण समिति के माध्यम से पुनर्वास कर उन्हें उनके परिवार से मिलाने की व्यवस्था भी की गई है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्पलाइन यूनिट सक्रिय 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा को रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों तक विस्तारित किया गया है, जिससे ऐसे स्थानों पर भटकने वाले या जोखिम में पड़े बच्चों तक तत्काल पहुंच बनाई जा सके। इसके अंतर्गत राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम, समस्त जनपदों में चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट, 28 रेलवे स्टेशन यूनिट व 11 बस स्टैंड यूनिट की स्थापना की गई है। यह व्यवस्था बाल तस्करी और बाल शोषण जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायक बन रही है। योगी सरकार का यह मॉडल बाल सुरक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त, जवाबदेह और सक्रिय व्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आया है।

आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और एआई जैसे आधुनिक कोर्स से छात्र होंगे सशक्त

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा और कौशल विकास को एकीकृत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा अब प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ लागू किया जाएगा, जिसके तहत 3447 विद्यार्थियों को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।  यह कदम प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में बढ़ाया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत विद्यार्थियों को आईटी, आईटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब तक यह कार्यक्रम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में संचालित था, लेकिन अटल आवासीय विद्यालयों को जोड़ने से इसका दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर कराए गए सर्वे के आधार पर  विद्यालयों को चयनित किया गया है। सर्वे के अनुसार आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बस्ती, बांदा, गोंडा, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, बुलंदशहर, मिर्जापुर, प्रयागराज, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, बरेली और मुरादाबाद स्थित 18 अटल आवासीय विद्यालयों के कुल 3447 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण के लिए पात्र पाया गया है। विद्यार्थियों की विशेष रुचि आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अपैरल सेक्टर में देखी गई है। अटल आवासीय विद्यालय प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित हो रहे हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों, प्रवासी कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के प्रतिभावान बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करना है। कक्षा 6 से 12 तक संचालित इन विद्यालयों में अब आधुनिक कौशल प्रशिक्षण भी जोड़ा जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बल मिलेगा। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ एक 210 घंटे का निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें आईटी, ब्यूटी, हेल्थकेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स और इंडस्ट्रियल विजिट भी शामिल हैं। अब इसमें ‘AI for All’ मॉड्यूल को भी जोड़ा गया है, जिससे विद्यार्थी तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों को इस परियोजना से जोड़ने से वंचित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी और “स्कूल से स्किल” मॉडल को मजबूती मिलेगी। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रियता से होगा पूरा : उप सभापति राज्यसभा सिंह

भोपाल विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हमारे युवा विधायक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और दूरदर्शिता के साथ पालन करें। इस तथ्य को रेखांकित करते हुए राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र में युवा विधायकों ने पांच संकल्प लिए। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का विकसित भारत 2047 का विजन केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र में ये संकल्प लिए गए। सम्मेलन में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी एवं विकसित भारत 2047 में विधायकों की भूमिका पर विचार व्यक्त किये गये। समापन सत्र में उप सभापति राज्यसभा  हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत चुनौतियों से निपट कर नया इतिहास बना रहा है और आने वाली सदी भारत की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समसामयिक परिस्थितियों में देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना होगा। नेतृत्व विकास के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन से कार्य करना होगा। मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि युवा विधायक चुनौतियों का समाधान कर अपनी नेतृत्व क्षमता का नवाचार में उपयोग करें। युवा नेतृत्व समाज की सोच में परिवर्तन ला सकता है। सुशासन के क्षेत्र में प्रयास हों और विकास को जनआंदोलन बनाया जाये। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है।  तोमर ने बताया कि युवा विधायकों ने टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा गुणवत्ता, अधोसंरचना, जनसंवाद और जनकल्याण पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने युवा विधायकों को सीख दी कि अध्ययन का विशेष महत्व होता है और विद्यार्थी भाव सदैव बना रहना चाहिए। डॉ. राहुल कराड़ ने बताया एआई का महत्व कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसेासिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने कहा कि हर विधानसभा में इस तरह के सम्मेलन किये जाना चाहिए। समाज का रूख बदलने में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विधायक अपने-अपने क्षेत्र के ब्रांड एम्बेसेडर होते है। उन्होंने ट्रेनिंग और एजुकेशन के साथ एआई के महत्व को भी बताया। सम्मेलन में विधानसभा के सात दशक पर केन्द्रित विधायिनी पत्रिका का विमोचन हुआ। विधायक सर्व डॉ. अभिलाष पाण्डेय, संतोष वरवडे, सु रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ से मती विद्यावती सिदार, राजस्थान से  थावर चंद सहित अन्य विधायकों ने विचार व्यक्त किये। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन राज्यों के लगभग 40 विधायकों ने सम्मेलन में दिए गए विषयों पर अपने वक्तव्य दिए। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री  अजय विश्नोई, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  सीताशरण शर्मा, महापौर मती मालती राय सहित अन्य पदाधिकारी एवं युवा विधायक मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विधानसभा के सचिव  अरविन्द शर्मा ने आभार व्यक्त किया। युवा विधायकों के पांच संकल्प संकल्‍प – 1 हम, युवा विधायक सम्‍मेलन में यह दृढ संकल्‍प लेते है कि लोकतंत्र की सशक्तता का मूल आधार नागरिकों की सक्रिय भागीदारी है। अत: एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र के निर्माण में हम युवा विधायक महत्‍वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। संकल्‍प – 2 हम, युवा विधायक समाज की नई ऊर्जा, नवाचार और परिवर्तन की सोच का प्रतिनिधित्व करते हुये नागरिकों और शासन के बीच सेतु का कार्य करेगे, हम जनसरोकारों को समझकर आम जनता की समस्याओं को विधानसभा तक पहुँचायेंगे तथा पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी नीतियों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभायेंगे ताकि लोकतांत्रिक संस्‍थायें जनता के प्रति उत्‍तरदायी हो सके। संकल्‍प – 3 हम, नागरिकों को जागरूक और सशक्त बनाने हेतु सतत्/सार्थक प्रयास करेंगे ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लें. तकनीक और नवाचार का उपयोग कर शासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीतियाँ बनाने एवं युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की आवाज़ को सशक्त बनाने हेतु सक्रिय भूमिका निभायेंगे जिससे जनता और उनकी विधायिकाओं के बीच प्रभावी संपर्क स्‍थापित हो सके तथा सार्थक सहभागी शासन सुनिश्चित किया जा सके। संकल्‍प – 4 हम युवा विधायक, राजनीतिक दबाव, संसाधनों की कमी, सामाजिक असमानताएँ और बदलती वैश्विक परिस्थितियों का सामना करते हुये ईमानदारी, प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता के साथ कार्य करने के लिये दृढ संकल्पित रहेंगे, ताकि हमारे राष्‍ट्र की लोकतांत्रिक परम्‍परायें और मूल्‍य और अधिक गहरे तथा सशक्‍त बन सके। संकल्‍प – 5 हम यह भी संकल्प लेते हैं कि हम स्वयं भी एक जागरूक नागरिक बनेंगे, विधायिकाओं में होने वाली बहसों और चर्चाओं में जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शोध एवं अनुसंधान सहायता को सुदृढ करेंगे. लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे और ऐसे नेतृत्व का समर्थन करेंगे जो देश को विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ाए।  

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई

रायपुर  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के बीच आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि के नए युग की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद वर्षों तक प्रदेश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बना रहा और विशेष रूप से बस्तर अंचल लंबे समय तक लाल आतंक के साये में रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और नक्सल प्रभावित सभी क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा मजबूत हो रही है। बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण तैयार हो रहा है, जिससे आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और प्रभावी रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भयमुक्त और सुरक्षित छत्तीसगढ़ का सपना आज साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी शहादत ने इस सफलता की नींव रखी है। उन्होंने सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके अथक प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नक्सलमुक्त वातावरण में अब छत्तीसगढ़ तेज गति से विकास के नए सोपान गढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।