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सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पाकर भावुक हुए अभ्यर्थी, कहा- मेहनत को मिला सम्मान’

665 नर्सिंग अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र,  बोले-पारदर्शी चयन प्रक्रिया से मिला हक सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पाकर भावुक हुए अभ्यर्थी, कहा- मेहनत को मिला सम्मान’ जाति-धर्म और क्षेत्रवाद से परे सभी को मिला समान अवसर-सीएम योगी छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की लखनऊ राजधानी लखनऊ के लोक भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर इन अभ्यर्थियों की खुशी देखते ही बन रही थी। मंच से एक-एक कर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता व निष्पक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जाति-धर्म और क्षेत्रवाद से परे सभी को समान अवसर मिल रहा है। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया गया : प्रियंका सिंह मोहनलालगंज, लखनऊ की प्रियंका सिंह ने कहा कि पारदर्शी परीक्षा के कारण मुझे प्रथम रैंक हासिल करने का गर्व मिला। उन्होंने बताया कि कैसे सकारात्मक बदलाव कर परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया गया। प्रियंका ने मुख्यमंत्री से मिलने को अपना सपना पूरा होना बताया। भावुक होकर परिवार व अपने बड़े भाई के सहयोग को याद किया। योग्यता को मिला सम्मान : संध्या सिंह सुल्तानपुर की संध्या सिंह ने कहा कि दो चरणों में हुई परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी रही। इसकी सबसे खास बात यह रही कि जो योग्य थे, वही चयनित हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अधिकारियों का आभार जताते हुए इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। योगी सरकार की ईमानदारी के कारण नहीं हो सकती कहीं गड़बड़ी : अनामिका यादव मैनपुरी की अनामिका यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी सख्ती थी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं थी। उन्होंने इसे योगी सरकार की ईमानदारी और मेरिट आधारित चयन का उदाहरण बताया। पहले मेरे मन में यूपी को लेकर गलत धारणा थी, लेकिन सीएम योगी के आने से यह राज्य बहुत शानदार ढंग से विकसित हो रहा : शरिमा सिद्दीकी शरिमा सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि मैं वास्तव में आपकी बहुत बड़ी प्रशंसक हूं। मैं पहले सेना में थी और वहां से सेवानिवृत्त होने के बाद मेरी उत्तर प्रदेश में बसने की कोई योजना नहीं थी। पहले मेरे मन में इस राज्य को लेकर एक गलत धारणा थी, लेकिन आपके नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में यह राज्य बहुत ही खूबसूरत और शानदार ढंग से विकसित हुआ है। हम बहुत तरक्की कर रहे हैं। इसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।  गर्व और खुशी का पल : आकांक्षा आकांक्षा ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने को जीवन का गर्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी परीक्षा से योग्य उम्मीदवारों को ही अवसर मिला है। पारदर्शी चयन बना भरोसे की नींव कार्यक्रम में शामिल अभ्यर्थियों ने एक स्वर में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता की सराहना की। इस चयन प्रक्रिया ने यह संदेश दिया कि अब सरकारी भर्तियों में मेहनत और योग्यता ही सफलता का आधार बन रही है। सिस्टम पर भरोसा बढ़ा नियुक्ति पत्र वितरण का यह कार्यक्रम केवल नौकरी देने का अवसर नहीं था, बल्कि युवाओं के विश्वास को मजबूत करने वाला क्षण भी बना। चयनित नर्सिंग अधिकारियों की आवाज में साफ झलक रहा था कि अब मेहनत का हक मिल रहा है और सिस्टम पर भरोसा बढ़ा है।

बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण, अटल परिसर से CM साय ने किया आगाज

अटल परिसर से विकास का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण अटल जी की प्रतिमा उनके व्यक्तित्व और विचारों को सहेजने की प्रेरक पहल — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री साय ने शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए 26 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जिसने प्रदेश को विकास की नई दिशा और पहचान प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सहेजने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा और समाज में राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में ‘अटल परिसर’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है, ताकि अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा चुका है और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और आज किए गए 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शहर की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे तथा नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ विदेश नीति और प्रभावी समन्वय के कारण आपूर्ति व्यवस्था सुचारु है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री साय द्वारा इस अवसर पर लगभग 12.43 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें अटल परिसर निर्माण, मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा रक्षित आरक्षी केंद्र का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य, जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा उसलापुर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं, जो शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अटल परिसर का निर्माण प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अटल जी के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा दे रहे हैं।  इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, कमिश्नर सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सीएम योगी करेंगे 3350 करोड़ से अधिक की धनराशि का डीबीटी अंतरण

3350 करोड़ से अधिक की धनराशि का डीबीटी अंतरण करेंगे सीएम योगी करीब 28 लाख  विद्यार्थियों को होगा लाभ पिछड़ा वर्ग के 13.52 लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा 1838 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को छात्रवृत्ति एवं पारिवारिक लाभ योजनाओं के अंतर्गत धनराशि का डीबीटी के माध्यम से अंतरण करेंगे। यह कार्यक्रम लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने  बताया कि इस अवसर पर कक्षा 9-10 एवं दशमोत्तर के कुल 27,99,982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में लगभग 3350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि मुख्यमंत्री के हाथों जारी की जाएगी।  उन्होंने बताया कि लाभान्वित छात्रों में अनुसूचित जाति के 6,68,707 विद्यार्थियों को 467.94 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 4,95,793 विद्यार्थियों को 779.10 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के 13,52,357 विद्यार्थियों को 1838.59 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग के 2,75,889 विद्यार्थियों को 252.76 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित जनजाति के 7,236 विद्यार्थियों को 11.61 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की जाएगी।   मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार “वंचितों को वरीयता – कमजोर को प्राथमिकता” के संकल्प के साथ कार्य करते हुए शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल कर रही है। छात्रवृत्ति योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रणाली का ऑटोमेशन किया जा रहा है तथा आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है।

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा का शुभारंभ, CM साय ने भरी पहली नाइट फ्लाइट

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा का शुभारंभ: CM  साय ने भरी पहली नाइट फ्लाइट रायपुर  बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से आज रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री जी के साथ रात्रिकालीन उड़ान में रायपुर गए। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर से उन्नत कर 3सी आईएफआर श्रेणी में विकसित करने का कार्य लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया।  इस उन्नयन के बाद डीजीसीए के द्वारा 6 फरवरी 2026 को एयरपोर्ट को 3सी आईएफआर श्रेणी में रात्रिकालीन संचालन की अनुमति प्रदान की गई, जिससे अब यहां रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सका है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की।  समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने भी संबोधित किया।   इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह,  सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी  राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसपी  रजनीश सिंह, एयरपोर्ट के डायरेक्टर  एन वीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

जगदलपुर में सोमवार से शुरू होगा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का एथलेटिक्स रोमांच

जगदलपुर में सोमवार से शुरू होगा 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का एथलेटिक्स रोमांच जगदलपुर  छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर के केंद्र बस्तर में सोमवार से खेलों का एक नया इतिहास लिखा जाने वाला है। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' के प्रथम संस्करण के तहत रायपुर में हुए भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल प्रेमियों की नजरें जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर पर टिकी हैं, जहाँ 30 मार्च से एथलेटिक्स की रोमांचक स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। इस आयोजन का शुभंकर 'मोर वीर' जनजातीय युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब अपने सबसे प्रतीक्षित चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 443 प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। बस्तर में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 विधाएं शामिल हैं, जिनमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ से लेकर 10,000 मीटर की लंबी दूरी की रेस, हर्डल्स, रिले रेस, और ऊँची व लंबी कूद जैसी श्रेणियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स जैसे फाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। शाम होते-होते 400 मीटर और रिले रेस के रोमांच के बीच विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान एथलेटिक्स में कुल 102 पदकों के लिए खिलाड़ी पसीना बहाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्थानीय खिलाड़ी भी राज्य का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।  प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को 'खेलो इंडिया' के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में खिलाड़ियों के आवास के लिए शहर के 13 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है, जबकि उनके आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन विभाग द्वारा आगंतुक खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे खेल के साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संस्कृति से भी रूबरू हो सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पर्धा न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि बस्तर की वैश्विक छवि को एक खेल गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।

राम की पैड़ी पर आयोजित कार्यक्रम का ग्राम्य विकास आयुक्त व डीएम एवं सीडीओ ने किया शुभारंभ

अयोध्या में सरस मेले के साथ साकेत संध्या का आगाज राम की पैड़ी पर आयोजित कार्यक्रम का ग्राम्य विकास आयुक्त व डीएम एवं सीडीओ ने किया शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्रामीण विकास को नई दिशा राम की पैड़ी पर सजा ग्रामीण विकास और संस्कृति का अनूठा संगम अयोध्या राम की नगरी अयोध्या में ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्राम्य विकास विभाग द्वारा राम की पैड़ी पर 30 मार्च तक आयोजित होने वाले सरस मेले व साकेत संध्या अयोध्या का रविवार की शाम स्थानी कलाकारों को मंच देने का मंच देने का मौका भी मिलेगा।   उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी व जिलाधिकारी निखिल टीकाराम और मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने शुभारंभ किया। इसी के साथ साकेत संध्या का भी आगाज हुआ। इस अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और ग्रामीण विकास का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम एवं मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह उपाध्यक्ष आकांक्षा समिति अयोध्या की प्रियंका ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके उपरांत स्वर सती जी के चित्र पर दीपप्रज्वलित व माल्यार्पण कर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। सरस मेला साबित होगा बड़ा मंच  मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सरस मेला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। इन उत्पादों की बिक्री से महिलाओं की आय, आत्मविश्वास और आजीविका में वृद्धि होगी। साथ ही, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर प्राप्त होंगे। सरयू आरती के बाद सप्ताह के हर शनिवार व रविवार को साकेत संध्या का आयोजन किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत ऐसे मेले ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम बन रहे हैं। विभिन्न जनपदों के लगे लगभग 47 स्टॉल अयोध्या सहित देवीपाटन मंडल के विभिन्न जनपदों से लगभग 47 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विविध उत्पाद प्रदर्शित एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। आकर्षण का केंद्र बने उत्पादों में अचार, राम मंदिर के मॉडल, गोलगप्पे, गाय के गोबर से निर्मित धूपबत्ती, टोकरी एवं सजावटी सामान, जैविक खाद, पापड़, फर्नीचर, सिलाई-कढ़ाई के उत्पाद तथा दुग्ध उत्पाद शामिल हैं। ये उत्पाद न केवल स्थानीय कौशल को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सुदृढ़ करते हैं। मंडल के सभी जनपदों से उत्कृष्ट स्वयं सहायता समूहों को मेले में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। मेले में लाइटिंग और साउंड शो की समुचित व्यवस्था मेले में व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। मंच, टेंटेज, साउंड सिस्टम, मैनपावर, लाइटिंग और साउंड शो की समुचित व्यवस्था की गई है। राम की पैड़ी का वातावरण सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुंजायमान है, जहां साकेत संध्या के माध्यम से अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक झलकियां प्रस्तुत की जा रही हैं। मेले का उद्देश्य केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण कारीगरों और महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ना तथा पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से परिचित कराना भी है। स्थानीय कलाकारों द्वारा ‘साकेत संध्या’ में भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी गई, साथ ही उन्हें अपनी कला को मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण यह मेला महिलाओं की आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण है। हजारों श्रद्धालु और पर्यटक राम की पैड़ी पर पहुंचकर इन उत्पादों को देख रहे हैं और खरीदारी कर रहे हैं। सरस मेला न केवल आर्थिक रूप से उपयोगी साबित हो रहा है, बल्कि अयोध्या को सांस्कृतिक और ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामीण भारत के सामर्थ्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक मेले के दौरान सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करें और स्वदेशी को बढ़ावा दें। यह आयोजन राम मंदिर की पावन भूमि पर ग्रामीण भारत के सामर्थ्य और महिलाओं की मेहनत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक बन गया है। इस मौके पर में विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अनुराज जैन,नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, श्रीमती सरिता वर्मा, उपायुक्त रोजगार सरिता गुप्ता, जिला मिशन प्रबन्धक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम ने मध्यप्रदेश शासन को ₹8 करोड़ का लाभांश किया भुगतान

भोपाल  मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की बैठक में निगम के अंशधारी मध्यप्रदेश शासन को वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के अंतरिम लाभांश के रूप में राशि रू. 8.00 करोड़ का भुगतान किये जाने का निर्णय लिया गया है ।  तदानुसार मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में माननीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय म.प्र. शासन एवं माननीय अध्यक्ष, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम चेतन्य काश्यप द्वारा मध्यप्रदेश शासन के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय डॉ. मोहन यादव जी को राशि रू. 8.00 करोड़ अंतरिम लाभांश का चेक प्रदान किया गया।  इस अवसर पर सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह तथा आयुक्त, एम.एस.एम.ई, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम दिलीप कुमार एवं निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

महिलाओं को आर्थिक सहारा: पंजाब सरकार की ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ को हरी झंडी

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करने को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत 18 वर्ष या अधिक आयु की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये व शेष महिलाओं को 1,000 रुपये सम्मान राशि मिलेगी। परिवार में अगर ऐसी महिलाओं की संख्या एक से ज्यादा है तो सभी को पैसे मिलेंगे। शर्त केवल यह है कि उनके पास पंजाब निवासी होने का आधार कार्ड व वोटर कार्ड होना चाहिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दावा किया गया है कि इस योजना से राज्य की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ होगा। योजना का सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी लाभ मिलेगा। हर महिला तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए सरकार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए दस्तावेज पूरे करने, बैंक खाते सक्रिय करने व निर्बाध रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने में सहायता करेगी। योजना के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। मानव शक्ति एवं सहायक नियुक्त करने को मंजूरी कैबिनेट ने झारखंड में पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान (पीसीसीएम) के संचालन व रखरखाव के लिए ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ नियुक्त करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें प्रबंधकीय सचिव को चेयरमैन और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर व डायरेक्टर/जनरेशन, पीएसपीसीएल को सदस्य शामिल किया जाएगा।

अलर्ट के बीच बड़ा सवाल: बर्ड फ्लू के समय ट्रेन से बिलासपुर पहुंचे हजारों चूजे

बिलासपुर. जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद भी जूओं की सप्लाई जारी है. रविवार को दिल्ली से भारी मात्रा में चूजो की खेप बिलासपुर स्टेशन पहुंचा. स्टेशन परिसर में सभी चूजों को एकत्रित रखा गया है. वहां से चूजें कहां सप्लाई होगा. इसके बारे में किसी ने कोई जानकारी नहीं दी हैं. दूसरी ओर जिला प्रशासन ने मुर्गियों की बिक्री पर रोक लगा दी है. इसके बाद भी चूजों की खुलेआम सप्लाई होना चिंता का विषय बन गया है. बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में चूजों की खेप पहुंची. यह खेप दिल्ली से मंगाई गई थी. चूजों को स्टेशन पर खुले तौर पर उतारा गया, जहां न तो किसी प्रकार की विशेष सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया और न ही प्रशासन के अफसर मौजूद रहे. चूजों की खेप को देखते ही स्टेशन परिसर में यात्रियों के बीच हडकंप मच गया. आसपास बर्ड फ्लू की चर्चाएं तेज हो गईं. शहर के समीप कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र में 30 हजार से अधिक मुर्गियों और पक्षीयों की बर्ड फ्लू की वजह से एकाएक मौत हो चुकी हैं. तब से कलेक्टर संजय अग्रवाल ने हाई अलर्ट जारी करते हुए मुर्गियों की बिक्री और सप्लाई पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं. शहर व ग्रामीण क्षेत्र के मुर्गी फार्म को बंद कराया गया है. कहीं भी खुलेआम मुर्गियों की बिक्री नहीं हो रही हैं. इस बीच अचानक रेलवे स्टेशन में भारी संख्या में चूजों की खेप पहुंचने से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है. तखतपुर में भी फैला बर्ड फ्लू बर्ड फ्लू संक्रमण का असर शहर से अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है. रविवार को तखतपुर क्षेत्र में भी मुर्गियों की मौत होने की पुष्टि हुई है. मुर्गी फार्म संचालक द्वारा लापरवाही पूर्वक मृत मुर्गियों को एक बोरी में भरकर खुले जगह में फेंक दिया गया है. जिसे कुत्ते नोच-नोच कर खाते नजर आए. मृत मुर्गियां इधर-उधर फैल रही हैं. जिला प्रशासन की ओर से मृत मुर्गियों को फेंकने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. बर्ड फ्लू नियंत्रण के लिए कंट्रोल रूम, फायदा नहीं जिले में बर्ड फ्लू की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कंट्रोल रूम की स्थापना की है. कलेक्टोरेट बिल्डिंग के कक्ष क्रमांक 25 में स्थित यह कंट्रोल रूम आम नागरिकों और संबंधित विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम बनेगा. कंट्रोल रूम का लैंडलाइन नंबर (07752-251000)जारी किया गया है, जिस पर नागरिक बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, शिकायत या सूचना दे सकेंगे. यह कंट्रोल रूम दिन-रात 24 घंटे सक्रिय है. इसके बाद भी चूजों की खुलेआम सप्लाई जारी है.

छत्तीसगढ़ को मिली बड़ी सौगात: बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से शुरू हुई रात्रि हवाई सेवा

बिलासपुर. बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से आज रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री के साथ रात्रिकालीन उड़ान में रायपुर गए। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर से 3सी आईएफआर श्रेणी में उन्नत करने के लिए कुल 31 करोड़ 1 लाख रुपए की लागत से कार्य किया गया है। इस उन्नयन के बाद डीजीसीए ने 6 फरवरी 2026 को 3सी आईएफआर एवं रात्रि संचालन की अनुमति प्रदान की थी। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने की। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में इस उपलब्धि को योजनाकारों, तकनीकी टीम, एयरपोर्ट कर्मियों और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन उड़ान सेवा शुरू होने से बिलासपुर की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। इसके लिए यहां के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने काफी संघर्ष किया है। उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा बिलासपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित और अनिर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की। यह ऐतिहासिक पहल बिलासपुर को प्रदेश के प्रमुख हवाई केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी संबोधित किया। उन्होंने बिलासपुर की जनता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। श्री साहू ने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट में तमाम सुविधाएं विकसित हो रही हैं। रक्षा मंत्रालय से जमीन मिल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा करेगा” का सपना साकार हो रहा है।