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संघर्ष, संकल्प और सतत परिश्रम से यूपीएससी में प्रदेश के 61 प्रतिभाशाली युवाओं ने रचा इतिहास

भोपाल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में प्रदेश के 61 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने चयनित होकर न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश में नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 मार्च को इन सफल अभ्यर्थियों से संवाद करेंगे। इन सफलताओं के पीछे केवल प्रतिभा ही नहीं, अपितु कठिन परिश्रम, अटूट संकल्प और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने का साहस भी है। कई विद्यार्थी साधारण परिवारों से हैं; किसी के माता-पिता किसान हैं, तो कोई दुकानदार या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के परिवार से आता है। कई अभ्यर्थियों ने शासकीय स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। यूपीएससी परीक्षा के चयन में बेटियां भी नहीं पीछे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में सफल होने में बेटियां भी पीछे नहीं है। प्रदेश से चयनित 61 अभ्यर्थियों में कई बेटियां भी हैं, जिन्होंने परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान हासिल कर सफलता पाई है। इसमें इंदौर की सु अनन्या शर्मा को देशभर में 13वीं रैंक मिली हैं। जबकि खंडवा की सु रूपल जायसवाल को 43वीं रैंक, इंदौर की सु दीक्षा चौरसिया 44वीं, रीवा की सु समीक्षा द्विवेदी को 56वीं रैंक, नरसिंहपुर की सु दीक्षा पाटकर को 88वीं रैंक प्राप्त हुई हैं। देशभर में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी  ईशान भटनागर 5वीं रैंक,  पक्षाल सेक्रेटरी 8वीं रैंक, सु अनन्या शर्मा 13वीं रैंक,  चितवन जैन 17वीं रैंक, सु रूपल जायसवाल 43वीं रैंक, सु दीक्षा चौरसिया 44वीं रैंक, सु समीक्षा द्विवेदी को 56वीं,  अनिमेष जैन 63,  विश्वजीत गुप्ता 67वीं रैंक, सु दीक्षा पाटकर 88वीं रैंक शामिल हैं। दृष्टिहीनता को बनाया ताकत, अक्षत बल्दवा ने हासिल की 173वीं रैंक इंदौर निवासी  अक्षत बल्दवा ने यह साबित कर दिया कि शारीरिक सीमाएं सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। जन्म के डेढ़ माह बाद ‘रेटिनोब्लास्टोमा’ के कारण दृष्टिहीन होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हिंदी माध्यम से शासकीय विद्यालय में पढ़ाई करने वाले  अक्षत ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट उत्तीर्ण कर बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया। विधि की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा का लक्ष्य तय किया और सीमित समय में ही 173वीं रैंक हासिल कर ली। उनका मानना है, "असली दृष्टि आंखों से नहीं, मन से होती है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर, तो कोई बाधा बड़ी नहीं होती।" किसान परिवार की बेटी सु प्राची चौहान ने हासिल की 260वीं रैंक विदिशा जिले के ग्राम जोहद की रहने वाली सु प्राची चौहान ने चौथे प्रयास में 260वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। किसान पिता और गृहिणी मां की बेटी सु प्राची ने अभावों में रहकर भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। गणित में स्नातक करने के बाद उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा। वे कहती हैं, "हर असफलता हमें कुछ नया सिखाती है। धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।" दुकानदार पिता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मां की बेटी सु मोहसिना बानो को 648वीं रैंक टीकमगढ़ की निवासी सु मोहसिना बानो ने 648वीं रैंक प्राप्त कर यह साबित किया कि सही रणनीति और निरंतरता सफलता की कुंजी है। उनके पिता  मोहम्मद इकराम दुकानदार हैं और मां  शाहजहां बेगम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता। सु मोहसिना का मानना है कि प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की गहरी समझ और विश्लेषण ही तैयारी को सही दिशा देता है। वे अभ्यर्थियों को सलाह देती हैं, "तैयारी को केवल ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उसे रणनीति से जोड़ें और धैर्य बनाए रखें।" सरकारी कॉलेज से पढ़ाई, तीसरे प्रयास में सु प्राची जैन को मिली सफलता (714वीं रैंक) नरसिंहपुर की सु प्राची जैन ने तीसरे प्रयास में 714वीं रैंक हासिल की। उन्होंने सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय से वाणिज्य विषय में स्नातक किया। उनके पिता  प्रमोद जैन इलेक्ट्रीशियन और मां  बबीता जैन गृहिणी हैं। सु प्राची कहती हैं कि यह सफलता निरंतर प्रयास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का परिणाम है। उनका संदेश है, "यदि आप अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और ईमानदार हैं, तो सफलता अवश्य मिलेगी।" किसान परिवार के  अंकुश पाटीदार ने चार प्रयासों के बाद पाई 780वीं रैंक मंदसौर जिले के गांव नारिया बुजुर्ग के  अंकुश पाटीदार ने 780वीं रैंक हासिल कर अपने संघर्ष को सफलता में बदला है।किसान परिवार से आने वाले  अंकुश ने शासकीय स्कूल-कॉलेज से पढ़ाई की और चार प्रयासों के बाद यह मुकाम हासिल किया है। इस यात्रा में उनकी बहनों ने उनका मनोबल बढ़ाया। वे कहते हैं, "संघर्ष इस परीक्षा का हिस्सा है, लेकिन यदि संकल्प मजबूत हो तो सफलता निश्चित है।"  अंकुश ने आगे कहा, "मेरी प्राथमिक शिक्षा गांव से ही शुरू हुई, जिसके बाद शामगढ़ तहसील से उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण कर इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से अपना स्नातक किया।सिविल सेवा की वास्तविक यात्रा इंदौर से ही आरंभ हुई। उन्होंने बताया कि यह पथ सरल नहीं था, मैंने कुल चार प्रयास किए, जिनमें से दो बार मुझे साक्षात्कार तक पहुंचने का अवसर मिला। इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा में मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा मेरी बहनें रही हैं, जिन्होंने हर मोड़ पर मेरा संबल बनकर मुझे आगे बढ़ने का साहस दिया। चयनित कुल 61 विद्यार्थियों में से 15 ने की शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से पढ़ाई यूपीएससी परीक्षा में चयनित कुल 61 विद्यार्थियों में से 15 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त कर सफलता अर्जित की है। यह आंकड़ा प्रदेश के सरकारी शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इसमें  आशीष शर्मा, स्नातक जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर,  पुलकित जैन, बीएससी उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल, सु प्राची चौहान, बीएससी, सुभद्रा शर्मा, शासकीय कन्या महाविद्यालय गंजबासौदा, सु सौम्या जैन बीए गांधी पीआर कॉलेज, भोपाल,  आयुष स्वामी, बीए जेएलएन कॉलेज सोहागपुर नर्मदापुरम,  निकित सिंह बीए अर्थशास्त्र अटल बिहारी बाजपेयी महाविद्यालय इंदौर,  दीपक बघेल बीए जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर,  राजवर्धन सिंह सिसोदिया बीए गुजराती समाज कॉलेज, इंदौर, सु प्राची जैन बीकॉम सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, भोपाल,  रूपल बान बीएससी, एम उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल,  रोहन जैन बीएससी मैथ्स शासकीय होल्कर साइंस कॉलेज इंदौर,  अंकुश पाटीदार बीएससी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर,  गौरव जाट बैचलर ऑफ आर्ट्स देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर,  पवित्र मिश्रा बीएससी प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय रीवा,  उज्ज्वल जैन बीए मंत माधवराव सिंधिया शासकीय महाविद्यालय कोलारस शामिल हैं। … Read more

जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को किया निलंबित लापरवाह अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग का अधिकार नहीं

भोपाल  एक्शन में मोहन सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सीधी जिले में अचानक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति जानी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों और जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली पर विस्तार से समीक्षा एवं फीडबैक लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी कलेक्टर  स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के के महाप्रबधंक  पी.एस. धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना  अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में शासन स्तर पर आवश्यक कदम भी उठाये जायेंगे। प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था के चलते अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रदेश में अभियान के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किये जाते हैं। अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि यदि वे फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें फील्ड में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ पहुँचे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदाशीनता को गंभीरता से लिया जाकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने सीधी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में तेजी लाते हुये निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी में औचक निरीक्षण के बाद स्थानीय सर्किट हाउस में आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान सांसद  राजेश मिश्रा, विधायक सिंहावल  विश्वमित्र पाठक, विधायक मती रीति पाठक के साथ ही अन्य जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट प्रेरणा का स्रोत है। इसी प्रकार रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा। मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद  कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष  पवन साहू, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राहत या नया बोझ? भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स स्थिर, सीवेज और जल कर बढ़ने के संकेत

भोपाल आईएसबीटी स्थित निगम मुख्यालय में 23 मार्च को होने वाली नगर निगम परिषद की बैठक में शहर सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना बजट पेश करेगी। महापौर मालती राय के कार्यकाल का यह चौथा बजट है। सूत्रों की मानें तो इस बार का बजट चार हजार करोड़ रुपये से अधिक का होगा। वहीं, बैठक में सीवेज और जल कर बढ़ाया जा सकता है, जिससे शहरवासियों पर एक बार फिर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है। जबकि राहत की बात यह है कि निगम इस बार संपत्ति कर में बढ़ोतरी करने नहीं जा रहा है। टैक्स में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि की तैयारी जानकारी के अनुसार, योजना आयोग ने आमदनी बढ़ाने के लिए हर साल टैक्स बढ़ाने की सलाह दी है। निगम प्रबंधन योजना आयोग की अनुशंसा को आधार बनाकर इस बजट में भी जल और सीवेज जैसे मदों के कर में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि करने की तैयारी में है। अब नगर परिषद की बैठक में बहुमत के आधार पर फैसला होगा। निगम प्रशासन का दावा है कि वर्तमान में निगम को सीवेज प्रबंधन पर होने वाले खर्च की तुलना में वसूली काफी कम हो रही है, जिसकी भरपाई इस वृद्धि के जरिए करने की योजना है। बढ़ते खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए यह जरूरी कदम है। शादी गार्डन और अस्पतालों पर बढ़ेगा बोझ सीवेज टैक्स में बढ़ोतरी से शादी गार्डन और अस्पतालों पर अधिक बोझ डाले जाने की संभावना है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में करों में बढ़ोतरी कर जनता पर भारी बोझ डाला गया था, जिसमें संपत्ति कर में 10 प्रतिशत और जल एवं कचरा शुल्क में 15-15 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इस बार भी इंफ्रास्ट्रक्चर और अमृत 2.0 पर विशेष फोकस रहेगा। अमृत 2.0 में बड़े प्रोजेक्ट्स को इस योजना के तहत गति दी जाएगी। राजधानी के एंट्री पॉइंट्स पर हेरिटेज गेट, मुख्य सड़कों का सौंदर्यीकरण और पार्कों के विकास कार्य के साथ ही सड़क, बिजली, पानी, नाला निर्माण और तालाबों के संरक्षण की योजना भी शामिल है। इसके अलावा गीता भवन का निर्माण और नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना भी शामिल है। आदमपुर खंती और कचरा निष्पादन का प्रस्ताव बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा शहर के गले की फांस बने आदमपुर खंती का "लेगेसी वेस्ट" (पुराना कचरा) है। इसमें आदमपुर खंती के करीब 33 एकड़ में फैले लगभग 6,47,825 मीट्रिक टन कचरे के निष्पादन का प्रस्ताव है। इसे खत्म करने के लिए जारी किए टेंडर में मेसर्स सौराष्ट्र इनवायरो प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 55 करोड़ 54 लाख रुपये की न्यूनतम दर दी है। शहर में 14 नए पार्किंग स्थल और कंडम वाहनों की विदाई ट्रैफिक के दबाव और राजस्व बढ़ाने के लिए निगम शहर में 14 नए पार्किंग स्थल शुरू करने जा रहा है। इसमें सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस चौराहा, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी जैसे मेट्रो स्टेशनों के आसपास की जगहों को पार्किंग के लिए चिह्नित किया गया है। इसके अलावा न्यू मार्केट और मनीषा मार्केट जैसे व्यस्त इलाकों में भी पार्किंग शुरू होगी। साथ ही, निगम अपने बेड़े से 145 कंडम वाहनों को हटाने की तैयारी में है। इनमें से 143 वाहन 15 साल की समय सीमा पूरी कर चुके हैं, जबकि दो वाहन खराब स्थिति के कारण कंडम किए जा रहे हैं।

जिले में शिक्षा का बड़ा आयोजन: 22 मार्च को होगी साक्षरता परीक्षा, हजारों शिक्षार्थी तैयार

बिलासपुर जिलेभर में उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी, इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिले में 961 परीक्षा केंद्र  बनाए गए हैं, जिसमें 10705 पुरुष एवं 29348 महिला तथा 12 ट्रांसजेंडर शामिल* परीक्षा का समय प्रातः 10 बजे से शाम 05 बजे तक  निर्धारित किया गया है।     जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अनुसार, यह परीक्षा उन 15 वर्ष से अधिक आयु  के शिक्षार्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिन्होंने उल्लास साक्षरता केंद्रों  में पढ़ना-लिखना तथा सामान्य गणित (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जिला परियोजना अधिकारी ने बताया कि शिक्षार्थियों के नियमित कार्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा के समय को लचीला बनाया गया है। प्रतिभागी अपने रोजी मजदूरी कार्य से समय निकालकर सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे के बीच किसी भी समय परीक्षा केन्द्रों में पहुँच कर परीक्षा देकर अपनी साक्षर होने का आकलन करा सकते हैं।जिला प्रशासन ने सभी परीक्षा केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ केंद्राध्यक्षों तथा पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए ब्लॉक और ग्राम स्तर पर समन्वय समितियाँ सक्रिय की गई हैं।इस हेतु सयुंक्त संचालक शिक्षा , ने विशेष ऑब्जर्वर की नियुक्ति की है तथा जिला स्तर पर भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विकासखंडों के लिये निरिक्षण दल बनाए है |    जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस परीक्षा का उद्देश्य शिक्षार्थियों के बुनियादी पढ़ाई-लिखाई और संख्यात्मक  ज्ञान का मूल्यांकन करना है, ताकि उन्हें साक्षर होने का प्रमाण पत्र दिया जा सके मूल्यांकन परीक्षा में पढ़ना लिखना एवं सामान्य गणित का आकलन किया जाता है  | सभी परीक्षा केन्दों में प्रश्न पत्रों का सील बंद पैकेट केंद्राध्यक्षों की निगरानी में रखवाई जा चुकी है | परीक्षा में अधिक से अधिक उपस्थिति के लिये चयनित ग्राम पंचायतों के सचिव आँगन वाडी कार्यकर्ता मितानिन पंच सरपंच सभी से कलेक्टर बिलासपुर ने अपील की है कि अधिक से अधिक परीक्षा केन्द्रों में ले जाकर आकलन परीक्षा में शामिल कराएं कोटवार द्वारा दो दिन मुनादी और प्रभात फेरी तथा गांव के दीवारों में नारा लेखन के माध्यम से आकलन परीक्षा के लिये वातावरण निर्माण किया गया है कलेक्टर बिलासपुर ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले के समस्त असाक्षरों को परीक्षा केन्द्र में ले जाकर परीक्षा में शामिल करने प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को आज भारत में सर्वाधिक समय तक शासन प्रमुख के रूप में सेवा का कीर्तिमान स्थापित करने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के नागरिक प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति निरंतर स्नेह, विश्वास और समर्थन की भावना को अभिव्यक्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री  पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के शासन करने के रिकार्ड को पीछे छोड़ा है। उनके सार्वजनिक जीवन के 8931 दिन गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में दर्शाते हैं कि उन्होंने राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर कार्य करते हुए अपनी भूमिका को यादगार बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के ध्येय के साथ गरीब कल्याण से लेकर वैश्विक मंच पर हर क्षेत्र में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने देश को विकास और सुशासन की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि मां भगवती प्रधानमंत्री  मोदी को ऊर्जावान बनाए रखें। संपूर्ण विश्व में भारत की साख बढ़ाने वाले हमारे प्रधानमंत्री  मोदी जी के नेतृत्व में हमारा राष्ट्र निरंतर प्रगति, समृद्धि और वैभव के पथ पर अग्रसर बना रहेगा। प्रधानमंत्री  मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद के दायित्व की वर्षवार अवधि की चर्चा करें तो वे वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। वर्ष 2002 में गुजरात विधानसभा के निर्वाचन के बाद वे दूसरी बार, वर्ष 2007 में तीसरी बार और वर्ष 2012 में चौथी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने।  मोदी वर्ष 2014 के लोक सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत प्राप्त कर प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2019 में पहले से भी बड़े जनादेश के साथ उनकी वापसी हुई और वे दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।  मोदी ने वर्ष 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बन कर इतिहास रचा। 

व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर  चैत्र नवरात्रि की पावन चतुर्थी तिथि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कबीरधाम जिले के ग्राम जुनवानी नर्मदा धाम में आयोजित पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ एवं  शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ विधि-विधान से यज्ञ की परिक्रमा की तथा व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिवादन किया और सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला साहू संघ द्वारा आयोजित पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ एवं  शिव महापुराण कथा में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज इस पावन यज्ञ में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज एक विशाल, शिक्षित और समृद्ध समाज है, जो सदैव समाज को दिशा देने का कार्य करता रहा है। उन्होंने दानवीर भामाशाह का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इसी समाज से थे, जिन्होंने अपने त्याग और दान से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि रायगढ़ में पूज्य  सत्यनारायण बाबा भी इसी समाज से हैं, जो पिछले 28 वर्षों से खुले आसमान के नीचे तपस्या में लीन हैं। ऐसे महान संत समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो उसका लाभ केवल उस समाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे पूरे राष्ट्र का विकास होता है। उन्होंने कहा कि साहू समाज इसी तरह संगठित और सशक्त होकर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यहां आयोजित रुद्र महाशिव यज्ञ एवं कथा से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की तपोभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। भगवान राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी धरती पर बिताया है, वहीं माता शबरी का पावन स्थान भी छत्तीसगढ़ में स्थित है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि व्यासपीठ पर विराजमान संत-महात्माओं की कृपा से प्रदेश में सवा लाख शिवलिंग स्थापना का पावन कार्य भी किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक चेतना को और सशक्त करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “रामलला दर्शन योजना” संचालित की जा रही है। छत्तीसगढ़ के लोग भगवान राम को अपना भांचा मानते हैं, इसलिए उन्हें अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि “मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना” के तहत प्रदेश के बुजुर्गों को देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है, ताकि वे अपने जीवन में धार्मिक आस्था के इन पवित्र स्थलों का दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रमुख है, जिसे समाज में बढ़ती संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव और भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त और स्पष्ट प्रावधानों के साथ यह विधेयक लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार के छल, प्रलोभन या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन न हो सके। साथ ही विवाह के माध्यम से धर्मांतरण की आड़ में हो रहे दुरुपयोग पर भी अब पूर्ण विराम लगेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्म की रक्षा और समाज की सुरक्षा ही सरकार का संकल्प है, और इसी उद्देश्य के साथ यह विधेयक लाया गया है, ताकि प्रदेश में सामाजिक सद्भाव और शांति बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि जुनवानी स्थित नर्मदा धाम के नर्मदा कुंड में स्नान करना, पूजा-अर्चना करना और ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल होना क्षेत्रवासियों के लिए हमेशा से आस्था और प्रतीक्षा का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल से लोगों की गहरी भावनात्मक और धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मकता, एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।  पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी मद्भागवत, शिव महापुराण कथा एवं यज्ञ जैसे आयोजन होते हैं, तो सभी को इसमें अवश्य शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर घर के बुजुर्ग ही कथा सुनने आते हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं की सहभागिता भी उतनी ही जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं से परिचित हो सके और उसे आगे बढ़ा सके। इस अवसर पर पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक आस्था के अनुरूप उपवास एवं पूजा-अर्चना हेतु की गई व्यवस्था

रायपुर नवरात्रि पर जेलों में आध्यात्मिक माहौल, बंदियों को मिली विशेष सुविधाएं छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में नवरात्रि पर्व को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर परिरुद्ध बंदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे वे धार्मिक आस्था के अनुरूप उपवास एवं पूजा-अर्चना कर सकें।          प्रदेश की जेलों में कुल 2397 बंदी नवरात्रि का उपवास कर रहे हैं, जिनमें 2125 पुरुष एवं 272 महिला बंदी शामिल हैं। यह आंकड़ा न केवल आस्था की गहराई को दर्शाता है, बल्कि जेलों में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण के सृजन का भी परिचायक है। इसमें रायपुर संभाग के 1140 बंदी, दुर्ग संभाग में 243 बंदी, बिलासपुर संभाग में 407 बंदी, सरगुजा संभाग में 361 बंदी, बस्तर संभाग में 246 बंदी अपनी आस्था अनुसार उपवास का पालन कर रहे हैं।        नवरात्रि के दौरान जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को फलाहार, स्वच्छ पेयजल, पूजा सामग्री एवं निर्धारित समय पर आरती-पूजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से बंदियों के मनोबल को सुदृढ़ करने और उनमें सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल न केवल बंदियों की धार्मिक आस्था का सम्मान है, बल्कि उनके मानसिक एवं आध्यात्मिक पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।          विगत दिनों विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने बताया था कि जेलों को अब सजा घर नहीं बल्कि सुधार एवं पुनर्वास गृह के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें उन्हें विभिन्न कलाओं को सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज से जोड़ने और बेहतर जीवन के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।

कसडोल में कंवर समाज सामुदयिक भवन तथा पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर  साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद मती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

ईद के पर्व पर पहुंचे मध्य प्रदेश शासन के मंत्री भाई दिलीप जायसवाल

कोतमा  ईद के मौके पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रदेश के मंत्री इरशाद अहमद के निवास पहुंचे मध्य शासन के लोकप्रिय मंत्री दिलीप जायसवाल जी भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रदेश मंत्री इरशाद अहमद के निवास परआयोजित ईद मिलन कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें एवं उपस्थित,मुस्लिम समुदाय को ईद की शुभकामना दी उन्होंने कार्यक्रम की तारीफ करते हुए कहा यह कार्यक्रम आपसी भाईचारे सामाजिक समरसता का सुंदर प्रतीक रहा उन्होंने इरशाद अहमद के परिवार से अपनी पुरानी यादों को जिक्र करते हुए कहा इरशाद अहमद भाजपा के बहुत पुराने कार्यकर्ता है वह हमेशा पार्टी को मजबूत करने का कार्य करते चले आ रहे हैं।कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन नगर पालिका अध्यक्ष अजय सराफ पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डॉक्टर किशोर जैन हाजी मुस्ताक साहब शमशेर खान टेंट बाजार मस्जिद के सदर मोहम्मद यूनुस मंसूरी लहसुई अंजुमन के जिम्मेदार महफूज भाई हाजी एजाज जमशेद अली लियाकत अली अब्बू भाई मोबिन मंसूरी राशिद अली ठेकेदार अंजुमन के सेक्रेटरी अकबर अली अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री इम्तियाज भाई गुलजार अहमद मुख्तार अमान जुल्फिकार अली बाबू भाई वार्ड 6 के पार्षद मनोज सोनी सिंधी समाज के प्रमुख अशोक जिनवाणी जी अमृतलाल गोदवानी जी जैन समाज के प्रमुख वीरू जैन राजेश जैन मेडिकल वह अल्पसंख्यक मोर्चा के मीडिया प्रभारी राजू शरीफ की एवं प्रतिष्ठित मुस्लिम समाज उपस्थित रहा सभी लोगों ने इस कार्यक्रम की सराहना की