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फर्जीवाड़े का जाल टूटा: रायपुर में करोड़ों के हाउसिंग लोन स्कैम का पर्दाफाश

रायपुर. राजधानी रायपुर में अविभाजित मध्य प्रदेश के दौरान हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की कार्रवाई में आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति के अध्यक्ष थावर दास माधवानी और तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक बसंत साहू की 26 वर्षों बाद पिछले दिनों हुई गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले की गहरी साजिश का राजफाश हुआ है। 186 लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए मुख्य आरोपित थावर दास ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों को मोहरा बनाकर 186 लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और मध्य प्रदेश सहकारी आवास संघ से प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये के हिसाब से कुल 1.86 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराया। अन्य शहरों में निवासरत पीड़ितों के बयान दर्ज किए जब इस मामले की शिकायत और जांच शुरू हुई, तब यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। ईओडब्ल्यू की टीम ने दोनों आरोपितों को 25 मार्च तक रिमांड पर लेकर पूछताछ की और रायपुर, भाटापारा सहित अन्य शहरों में निवासरत पीड़ितों के बयान दर्ज किए। वास्तविकता में समिति के पास एक इंच भी जमीन नहीं थी थावर दास ने पंडरी में अपनी कपड़ा दुकान के माध्यम से रायपुरा, बोरियाकला, राखी और पंडरी-कांपा जैसे क्षेत्रों में 80 एकड़ जमीन होने का दावा किया, लेकिन ईओडब्ल्यू की जांच में यह सामने आया कि वास्तविकता में समिति के पास एक इंच भी जमीन नहीं थी। कागजों पर मकानों का निर्माण कार्य भी दिखाया जाता रहा हैरानी की बात यह है कि आवास संघ के तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से कागजों पर मकानों का निर्माण कार्य भी दिखाया जाता रहा। दिवंगत क्षेत्रीय अधिकारी एई ग्रेबियल और पर्यवेक्षक बसंत साहू ने बिना किसी भौतिक सत्यापन के आवास निर्माण पूर्ण होने के प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए। वर्षों तक पता नहीं चला कि उनके नाम पर लाखों का कर्ज लिया गया जब ईओडब्ल्यू की टीम पीड़ितों के घर पहुंची, तो कई लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। लक्ष्मीचंद चिमनानी, दिलीप बलानी, त्रिजुगी नारायण, मोहनलाल अग्रवाल, नरेंद्र कश्यप, अशोक नाग और लक्ष्मीचंद ललवानी जैसे पीड़ितों ने बताया कि उन्हें वर्षों तक इस बात का पता नहीं चला कि उनके नाम पर लाखों का कर्ज लिया गया है। थावर दास पर उनका इतना भरोसा था कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह उनके नाम का उपयोग कर इतना बड़ा घोटाला कर देगा। जब अधिकारियों ने लोन के कागजात दिखाए, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे बिना मकान के ही कर्जदार बना दिए गए हैं। फर्जी प्रमाण पत्रों का सहारा लिया गया कई पीड़ितों ने कहा कि उनसे न तो कभी हस्ताक्षर लिए गए और न ही उन्हें समिति का सदस्य बनाने की जानकारी दी गई। यह पूरी तरह से एक संगठित आपराधिक षड्यंत्र था, जिसमें फर्जी प्रमाण पत्रों का सहारा लिया गया। मुख्य आरोपित थावर दास ने अपने करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों को इस ठगी का औजार बनाया। 186 जरूरतमंदों के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए 1995 से 1998 के बीच, तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार की शहरी आवास योजना के तहत 186 जरूरतमंदों के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। इन फर्जी सदस्यों के नाम पर मध्य प्रदेश सहकारी आवास संघ से प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया। विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर आंखें मूंद रखी थीं ईओडब्ल्यू के जांच अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले की जड़ें आवास संघ के भीतर तक फैली थीं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर आंखें मूंद रखी थीं। उपयोगिता प्रमाण पत्र से लेकर निर्माण के विभिन्न चरणों की रिपोर्ट तक, सब कुछ दफ्तर में बैठकर तैयार किया गया। ईओडब्ल्यू अब इस मामले में अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

मंदिर में अफरा-तफरी: खल्लारी रोप-वे केबल टूटने से 8 लोग जख्मी

महासमुंद. खल्लारी स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में संचालित रोप-वे का केबल अचानक टूट गया। घटना के समय रोप-वे में श्रद्धालु सवार थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई। केबल टूटते ही ट्रॉली झटके के साथ नीचे की ओर आई, जिससे उसमें बैठे लोग घायल हो गए। हादसे में कुल 8 श्रद्धालु घायल हादसे में कुल 8 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों और मंदिर प्रबंधन व पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। स्थानीय लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाया स्थानीय लोगों ने रोप-वे की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञात हो कि नवरात्र जारी है और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ है। अप्रैल 2024 से शुरू है रोप-वे सेवा महासमुंद जिले के प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रोप-वे की सुविधा अप्रैल 2024 चैत्र नवरात्रि से पूरी तरह से संचालित है, जिससे श्रद्धालुओं को 842-981 सीढ़ियां चढ़ने की थकान से मुक्ति मिल गई है। रोप-वे का भूमिपूजन 2021 में किया गया था। इसका निर्माण कोलकाता की कंपनी "रोपवे एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने किया। रोप-वे का संचालन मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से नियमित रूप से भक्तों के लिए किया जा रहा है। चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी हुई है। पहाड़ी की 130 मीटर की ऊंचाई को कवर करता है इस रोप-वे परियोजना का निर्माण मंदिर ट्रस्ट और कोलकाता की इस निजी कंपनी ने मिलकर किया है। इस रोप-वे में कुल चार ट्रॉली लगाई गई हैं, जिसमें प्रत्येक ट्रॉली में 4 व्यक्ति बैठ सकते हैं। यह प्रणाली एक घंटे में लगभग 200 लोगों को दर्शन कराने की क्षमता रखती है। यह रोप-वे लगभग 300-350 मीटर लंबा है और पहाड़ी की 130 मीटर की ऊंचाई को कवर करता है।

खस्ताहाल पुल बना मौत का जाल: तेज रफ्तार बाइक गिरने से 4 युवकों की जान गई

मंडला. मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार की रात बड़ा हादसा हो गया। बीजाडांडी थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसवाही के पास कालपी निवास मार्ग पर एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में बाइक सवार चार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस ने मौके पर पहुचकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार एक ही बाइक पर सवार चार युवक काफी तेज रफ्तार में जा रहे थे। भैंसवाही ग्राम के पास अचानक चालक का नियंत्रण खो गया और बाइक सीधे पुलिया के नीचे जा गिरी। हादसे में बाइक के परखच्चे उड़ गए और चारों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रात में शिनाख्त न हो पाने के कारण पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन रविवार सुबह चारों मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनके नाम प्रमोद कुमार नरेती (24), निवासी रमतिला, बीजाडांडी, संतलाल उइके (23), निवासी ग्राम बस्तरी, निवास, शिवम यादव (17), निवासी टिकरिया मूल निवासी बिछिया कुरई, गंगा राम उइके (22), निवासी टिकरिया है। सूचना मिलते ही बीजाडांडी पहुंचे स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। पीएम के बाद स्वजनों को सौंपे गए शव बीजाडांडी थाना प्रभारी ने बताया कि चारों युवकों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए स्वजनों को सौंप दिया गया है। बीजाडांडी पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार और बाइक का अनियंत्रित होना माना जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। इधर… एनएच 30 पर कंटेनर पलटा, पीछे से आ रहा ट्रक भी टकराया शनिवार देर रात ही नेशनल हाईवे 30 पर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में बीजाडांडी के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे अचानक पलट गया। तेज रफ्तार कंटेनर मार्ग किनारे बनी एक झोपड़ी में पलटा था, गनीमत रही कि हादसे के दौरान वहां कोई नहीं था, जिसके कारण एक बड़ा हादसा और जनहानि टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कंटेनर के पलटने के तुरंत बाद पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने पलटे कंटेनर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि कंटेनर में सवार ड्राइवर, परिचालक बाल-बाल बच गए और उन्हें मामूली चोटे आई। जिन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया। बीजाडांडी थाना पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है और हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

हरियाणा में बेटियों के लिए खास पहल: नवरात्र में मिलेगा सम्मान, CMO करेगा तारीख का ऐलान

चंडीगढ़. हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान से वंचित रही बेटियों को अब नवरात्र में पुरस्कार मिलने की उम्मीद जगी है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जल्द ही समय मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सिरसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाली महिलाओं और बेटियों को सम्मानित किया जाना था। सभी चयनित महिलाओं को सात मार्च को जिला मुख्यालयों से सूचित भी कर दिया गया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उन्हें सम्मानित करेंगे। बेटियां परिवार के साथ इस कार्यक्रम में पहुंचने की तैयारी में थी कि कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले करीब 100 बेटियों और महिलाओं को सम्मानित करने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। तब बताया गया कि चंडीगढ़ में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री उन्हें सम्मानित करेंगे। इसके बाद से ही पुरस्कार के लिए चयनित महिलाएं नए कार्यक्रम का इंतजार कर रही हैं, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। चूंकि अब नवरात्र का समय है, ऐसे में बेटियों को सम्मानित किया जाना एक खास मौका होगा। इस संबंध में कई अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखी है।

पंजाब को मिलेगी विकास की रफ्तार: मुख्यमंत्री मान करेंगे 508 करोड़ के प्रोजेक्ट्स लॉन्च

फाजिल्का/जलालाबाद. पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

तेज रफ्तार ट्रेन में नशे का खेल: वंदे भारत से 24 किलो गांजा बरामद, दो महिलाएं पकड़ी गईं

रायपुर. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर रात घेराबंदी कर वंदे भारत एक्सप्रेस से दो युवतियों को पकड़ा। आरोपित युवतियों से 24 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसे वे सूटकेस में छिपाकर ले जा रही थीं। एनसीबी को पहले ही सूचना मिली थी कि विशाखापत्तनम की ओर से दो युवतियां मादक पदार्थ लेकर लौट रही हैं। सूचना के आधार पर टीम ने शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे रायपुर स्टेशन पर जाल बिछाया। बिलासपुर के तिफरा की रहने वाली हैं आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही संदिग्ध युवतियां वीआइपी गेट से बाहर निकल रही थीं, तभी टीम ने दबोच लिया। तलाशी में सूटकेस से गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार की गई आरोपित युवतियां बिलासपुर के तिफरा की रहने वाली हैं। इनमें नीलम राठौर (23) और रीना वर्मा (21) शामिल हैं। लग्जरी सफर का लिया सहारा जांच में यह बात सामने आई कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए तस्करों ने वंदे भारत एक्सप्रेस के सेकंड एसी कोच का सहारा लिया। सामान्यतः प्रीमियम ट्रेनों में कड़ी जांच की संभावना कम मानकर तस्कर इस तरह के लग्जरी कोच का उपयोग कर रहे हैं। रायगढ़ में दो करोड़ के पौधे व अफीम जब्त वहीं, आमाघाट में अफीम की खेती का राजफाश होने के बाद जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। फल में चीरा लगाकर 3.02 किलोग्राम अफीम तैयार कर ली गई थी, जिसे आरोपित के घर से बरामद किया गया है। इसके साथ ही खेत से 60,326 अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं, जिनका कुल वजन 2,877 किलोग्राम है। अफीम और पौधों की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। 20 मार्च को अफीम की खेती का राजफाश किया था रिकॉर्ड के अनुसार, जिस भूमि पर खेती की जा रही थी, वह पांच खसरा भागों में 70 डिसमिल है। 20 मार्च को पुलिस-प्रशासन की टीम ने आमाघाट क्षेत्र में अफीम की खेती का राजफाश किया था। कार्रवाई के दौरान खेत में काम कर रहे दो व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति मार्शल संगा को गिरफ्तार किया गया। वह झारखंड के खूंटी का निवासी है और आमाघाट में घर जमाई बनकर रह रहा था। मार्शल संगा ने घर में छिपा रखी थी 15 लाख की अफीम पूछताछ में मार्शल संगा ने बताया कि उसके पास इस खेती से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। उसने खूंटी से ही इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा को अपने साथ लाने की बात भी स्वीकार की। राजस्व विभाग की टीम ने पुष्टि की कि फसल लगी जमीन पांच खसरा में विभाजित है। मार्शल संगा ने यह भी बताया कि उसने फसल से निकाली गई अफीम को अपने घर में छिपाकर रखा था। उसके निवास पर जाकर जांच करने पर एक प्लास्टिक में 3.02 किलोग्राम अफीम बरामद की गई, जिसकी कीमत 15 लाख 10 हजार रुपये है। पुलिस ने मार्शल संगा, इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा के खिलाफ धारा 8 (बी) और 18 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम फरार आरोपितों की तलाश में झारखंड और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

₹213 करोड़ की बड़ी योजना: भोपाल में 10 STP बनेंगे, जल स्रोतों की सेहत सुधरेगी

भोपाल. राजधानी के जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने और सीवेज प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत शहर के 10 प्रमुख नालों पर नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे। इस योजना पर कुल 213.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे शहर की सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रोजाना 360 एमएलडी सीवेज, बड़ा हिस्सा बिना उपचार वर्तमान में भोपाल से प्रतिदिन करीब 360 एमएलडी सीवेज निकलता है। इसमें से लगभग 240 एमएलडी बिना उपचार के सीधे बड़े तालाब, छोटा तालाब, बेतवा नदी और अन्य जल स्रोतों में मिल रहा है। इससे जल स्रोतों का प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जो पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। 171 एमएलडी क्षमता का होगा इजाफा नए एसटीपी प्रोजेक्ट से शहर की उपचार क्षमता में 171 एमएलडी का इजाफा होगा। इसके बाद कुल उपचारित सीवेज 119 एमएलडी से बढ़कर 290 एमएलडी तक पहुंच जाएगा। साथ ही शहर की कुल स्थापित क्षमता 204 एमएलडी से बढ़कर 375 एमएलडी हो जाएगी। भानपुर में बनेगा सबसे बड़ा प्लांट इस परियोजना में सबसे बड़ा एसटीपी भानपुर क्षेत्र में लगाया जाएगा, जिसकी क्षमता 60 एमएलडी होगी। पातरा नाला पर बनने वाले इस प्लांट का उपचारित पानी हलाली डैम में छोड़ा जाएगा। इसके अलावा बावड़िया कलां में 32 एमएलडी और खजूरी कलां में 20 एमएलडी क्षमता के प्लांट प्रस्तावित हैं। 10 स्थानों पर लगेंगे नए एसटीपी चार इमली, समरधा, माता मंदिर, बाणगंगा, अरहेड़ी, एकांत पार्क, कोटरा, खजूरी कलां, बावड़िया कलां और भानपुर सहित कुल 10 स्थानों पर नए एसटीपी स्थापित किए जाएंगे। इनकी कुल क्षमता 171 एमएलडी होगी। वर्तमान एसटीपी पूरी क्षमता से नहीं चल रहे नगर निगम वर्तमान में 17 एसटीपी संचालित कर रहा है, जिनकी कुल क्षमता 204 एमएलडी है। हालांकि, इनमें से केवल 119.63 एमएलडी सीवेज ही उपचारित हो पा रहा है। यह अंतर सिस्टम की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े करता है, जिसे सुधारने की जरूरत है। जल स्रोतों को मिलेगा बड़ा लाभ नए प्लांट शुरू होने के बाद शहर के नालों से आने वाला दूषित पानी पहले साफ किया जाएगा, फिर जल स्रोतों में छोड़ा जाएगा। इससे बड़े तालाब, छोटे तालाब और बेतवा नदी के प्रदूषण में कमी आएगी और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। 17 एसटीपी संचालित – अमृत-टू प्रोजेक्ट के तहत शहर में 10 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनसे 171 एमएलडी पानी उपचारित करने के बाद ही विभिन्न जलस्त्रोतों में छोड़ा जाएगा। वर्तमान समय में शहर में 17 एसटीपी संचालित किए जा रहे हैं। – संस्कृति जैन, निगमायुक्त

पंजाब में बेअदबी मामलों पर बड़ा एक्शन, 13 अप्रैल को विशेष सत्र में कानून की तैयारी

अमृतसर. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार बेअदबी के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इस दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2008 में संशोधन कर कठोर प्रविधान जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून में कड़ी सजा, जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराधों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कानून का मसौदा संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श के बाद तैयार किया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अमृतसर के सर्किट हाउस में संत समाज और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर यह विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल कायम करने वाली सजा दिलाने के लिए देश के प्रमुख वकीलों से भी राय ली जाएगी। कानून का उद्देश्य बेअदबी की घटनाओं को रोकना  मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए व्यापक और मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा। उन्होंने संत समाज, विभिन्न संप्रदायों, टकसालों, निहंग समूहों, उदासी और निरमला संप्रदायों, कार सेवा जत्थों, रागियों और कथावाचकों को विशेष सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और विधायक डा. इंदरबीर सिंह निज्जर जल्द ही समाना जाकर गुरजीत सिंह खालसा से बातचीत करेंगे और उन्हें अपना विरोध समाप्त कर विशेष सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे। डिजिटल सामग्री से की गई बेअदबी पर भी होगा एक्शन मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून में सख्त सजा के साथ-साथ दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल सामग्री के जरिए की गई बेअदबी पर भी कार्रवाई का प्राविधान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और किसी भी दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर भी इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमृतसर में संत समाज के साथ हुई बैठक में इस कानून को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि “केयदि कोई बेअदबी के जरिए लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे कभी माफ नहीं किया जाएगा और सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। बैठक के दौरान संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने की मांग की। साथ ही उन्होंने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद भी किया। बैठक का समापन सामूहिक अरदास के साथ हुआ।

स्कूल हॉस्टल में बड़ा मामला: 10वीं की छात्रा प्रेग्नेंट, कलेक्टर का सख्त एक्शन

सुकमा. जिले के एक शासकीय विद्यालय में कक्षा 10वीं की छात्रा के गर्भवती पाए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, 17 मार्च को विद्यालय में निवासरत छात्रा के स्वास्थ्य संबंधी सूचना मिलने पर मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था. जांच दल ने 20 मार्च को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें अधीक्षिका द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की पुष्टि की गई. जांच में सामने आया कि छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी अधीक्षिका को होने के बावजूद इसे उच्चाधिकारियों से साझा नहीं किया गया. साथ ही, छात्रावास के संचालन में भी खामियां पाई गईं और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक उजागर हुई. मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अमित कुमार ने माहेश्वरी निषाद (मूल पद: प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला ओडडीन गुड़ा) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोंटा निर्धारित किया गया है. विद्यालय के संचालन की जिम्मेदारी आगामी आदेश तक सहायक अधीक्षिका को सौंप दी गई है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को मिलेगा नया काम, SIR के बाद अब जनगणना की ड्यूटी

राजनांदगांव. एसआईआर की जटिल प्रक्रिया से गुजरने के बाद अब शिक्षको को जनगणना में ड्यूटी देनी होगी. जनगणना शाखा द्वारा इसके लिए जानकारी जुटाई जा रही हैं. अफसरों ने बताया कि, आगामी 31 मार्च तक मकानों की नंबरिंग किए जाने के बाद एक मई से पहले चरण की शुरूआत हो जाएगी. जिला प्रशासन द्वारा शिक्षक की जानकारी शिक्षा विभाग से भी जुटाई जा रही हैं. जनगणना-2027 को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. जनगणना के प्रथम चरण यानी मकान सूचीकरण की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया. एक मई से शुरू होने वाले जनगणना के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की सूची जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने की तैयारी है. जिसमें 10 प्रतिशत अतिरिक्त रिजर्व स्टाफ भी शामिल किए जाने की तैयारी है. बताया जा रहा है कि, इस कार्य के लिए शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों, हेडमास्टरों तथा शासकीय कॉलेजों के स्टाफ की नगरीय ड्यूटी लगाने की तैयारी है. साथ ही सभी निकायों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों, हेडमास्टरों तथा शासकीय कॉलेजों के स्टाफ की ड्यूटी इस कार्य में लगाया प्रगणकों विभाग द्वारा जाएगा. जनगणना और पर्यवेक्षकों की विस्तार से ली जा रही है और नियुक्ति से जुड़ी जानकारी उनके पदनाम, मोबाइल नंबर, पता सहित सभी आवश्यक विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं. अफसरों की माने तो इस प्रक्रिया में जिले का कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित नहीं रहना चाहिए. जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी. पहले चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) किया जाएगा, जिसमें सभी भवनों और मकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार जनगणना-2027 का अगले किया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में माह से पहला चरण होगा शुरू एकत्रित की जाएगी. विग जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी नगरनिगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने मकान सूचीकरण ब्लॉक का कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करने कहा गया था.