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जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त ने एक्सपो मार्ट के सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ की संयुक्त समीक्षा बैठक

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने गुरुवार को कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं एवं तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अब तक की गई तैयारियों की जानकारी प्राप्त की तथा शेष व्यवस्थाओं को समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्थलीय निरीक्षण के उपरांत एक्सपो मार्ट ग्रेटर नोएडा के सभागार में पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था से लेकर यातायात, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल तथा वीवीआईपी आगमन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विभागवार चर्चा की गई। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोजन की महत्ता एवं वीवीआईपी आगमन को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम स्थल एवं उसके आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। प्रवेश एवं निकास द्वारों पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने वीवीआईपी मूवमेंट एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वीवीआईपी आवागमन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए तथा आवश्यकता के अनुरूप बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन एवं पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। पुलिस आयुक्त ने पार्किंग व्यवस्था एवं कार्यक्रम स्थल तक आगंतुकों के सुगम आवागमन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहनों का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्थान पर अनावश्यक जाम अथवा अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। आयोजन स्थल के प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस एवं यातायात कर्मियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुरक्षा से संबंधित सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर निगरानी करने तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की तैयारियों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध, गंभीरतापूर्वक एवं आपसी समन्वय के साथ निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। आयोजन से संबंधित किसी भी व्यवस्था में शिथिलता न बरती जाए तथा सभी तैयारियां निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक अग्निशमन उपकरणों एवं व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आयोजन के दौरान उपलब्ध कराए जाने वाले खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार खाद्य पदार्थों की जांच सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही आवश्यक वैकल्पिक एवं बैकअप व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन के दौरान विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने हेलीपैड एवं वीवीआईपी आगमन से संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने तथा संबंधित व्यवस्थाओं का पुनः परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस की उपलब्धता, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा आगंतुकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि आयोजन के दौरान अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित स्थानों पर उपस्थित रहते हुए व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में उद्यमियों, खरीदारों, निवेशकों, प्रतिनिधियों एवं आगंतुकों की सहभागिता होगी। ऐसे में प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करे तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि आगंतुकों एवं अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी व्यवस्थाओं का अंतिम स्तर पर पुनः निरीक्षण एवं परीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारी आयोजन के दौरान पूरी सतर्कता के साथ अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।  इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, एडिशनल सीपी राजीव नारायण मिश्रा, एसीईओ यमुना विकास प्राधिकरण शैलेन्द्र भाटिया, अपर जिलाधिकारी अजीत कुमार सिंह, संजय कुमार पांडेय, अरुण कुमार सिंह, प्रियंका एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रमिकों के लिए ई-केवायसी शिविर, छात्राओं को करियर एवं साइबर सुरक्षा का मार्गदर्शन, सेवा सेतु शिविरों में समस्याओं का समाधान

रायपुर सेवा संकल्प अभियान के तहत दुर्ग में जनसेवा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता की अनूठी पहल प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्षों के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के माध्यम से जनकल्याण, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के तहत दुर्ग जिले में श्रमिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने, युवाओं को करियर मार्गदर्शन देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष पहल की जा रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत दुर्ग में जनसेवा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता की अनूठी पहल श्रमिकों के ई-केवायसी और पंजीयन संबंधी त्रुटियों के सुधार के लिए विशेष शिविर श्रम विभाग द्वारा दुर्ग जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत निर्माण और असंगठित श्रमिकों की सुविधा के लिए विशेष ई-केवायसी शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में सीएससी वीएलई के माध्यम से श्रमिक पंजीयन कार्ड में आधार कार्ड के अनुसार नाम, जन्मतिथि और पते सहित अन्य विवरणों की त्रुटियों का सुधार किया जा रहा है।  सेवा संकल्प अभियान के तहत दुर्ग में जनसेवा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता की अनूठी पहल कृष्ण कुंज में 76 पौधों का रोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश  दुर्ग जिले के रिसाली सेक्टर स्थित कृष्ण कुंज, वार्ड क्रमांक 09 में ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत 76 पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  ललित चंद्राकर सहित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सहभागिता की।  चंद्राकर ने कहा कि वृक्ष आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया। छात्राओं को करियर मार्गदर्शन के साथ साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में करियर काउंसलिंग एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को उच्च शिक्षा के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई।  दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीकी युग में सही मार्गदर्शन और साइबर जागरूकता युवाओं को सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम में डीएसपी  भारती मरकाम, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रंजना वास्तव, साइबर क्राइम ऑफिसर  संकल्प राय सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। सेवा सेतु शिविरों में नागरिकों की समस्याओं का हो रहा त्वरित निराकरण सेवा संकल्प अभियान के तहत नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा 23 सितंबर से 8 अक्टूबर तक ‘समस्या का समाधान आपके द्वार’ के उद्देश्य से सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। गुरुवार को तिलक कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, शिक्षक नगर और तुलाराम कन्या विद्यालय, आर्य नगर में आयोजित शिविरों में 10 वार्डों के नागरिकों को शासकीय सेवाओं एवं समस्याओं के निराकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर के दूसरे दिन कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सफाई संबंधी शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि अन्य आवेदनों पर संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।  महापौर  अलका बाघमार ने दोनों शिविरों का निरीक्षण कर नागरिकों से प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली और अधिकारियों को पात्र प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 26 सितंबर को सिकोला भाठा और कुशाभाऊ ठाकरे विद्यालय में लगेंगे शिविर अभियान के अगले चरण में 26 सितंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिकोला भाठा एवं कुशाभाऊ ठाकरे विद्यालय में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें सिकोला भाठा, सिकोला बस्ती, औद्योगिक नगर, कैलाश नगर, शहीद भगत सिंह नगर, तितुरडीह, स्टेशन पारा, आमदी मंदिर और कातुलबोर्ड सहित संबंधित वार्डों के नागरिक अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

100 से अधिक विद्यार्थियों का रक्त समूह परीक्षण, 13 यूनिट रक्तदान कर युवाओं ने दिया मानव सेवा का संदेश

रायपुर गौरेला पेंड्रा मरवाही  जिले में सेवा संकल्प अभियान एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्थापना दिवस के अवसर पर डॉ. भंवर सिंह पोर्ते शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पेंड्रा में यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के तत्वावधान में रक्त समूह परीक्षण एवं रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शिविर के दौरान 100 से अधिक प्रतिभागियों का रक्त समूह परीक्षण किया गया। वहीं पात्र एवं इच्छुक विद्यार्थियों और अन्य सहभागियों ने 13 यूनिट रक्तदान किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को रक्तदान के महत्व, जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता तथा मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.पी. रोहिणी ने शिविर के सफल आयोजन के लिए यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, राष्ट्रीय सेवा योजना और सभी सहभागी छात्र-छात्राओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। शिविर के आयोजन में जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत रात्रे एवं जिला ब्लड बैंक का विशेष सहयोग रहा।

चकबंदी मामलों में किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

लखनऊ उत्तर प्रदेश में चकबंदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और न्यायपूर्ण बनाने के लिए योगी सरकार ने अधिकारियों को प्रक्रिया से जुड़े मामलों में नियमों का सख्ती से पालन करने और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश दिए हैं। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देशों के मुताबिक उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम-1953 की धारा 6(1) के तहत किसी गांव में चकबंदी प्रक्रिया समाप्त होने की स्थिति में चकबंदी अधिकारियों का क्षेत्राधिकार भी समाप्त हो जाएगा। धारा 6(2) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विचाराधीन मामले स्वतः समाप्त माने जाएंगे और ग्राम के सभी अभिलेख तत्काल तहसील प्रशासन को वापस सौंपे जाएंगे। निर्देश नहीं मानने पर होगी कार्रवाई इसके साथ ही अभिलेखों में हुए अंतिम संशोधनों के आदेशों की प्रमाणित सूचियां तैयार कर अभिलेखागार, चकबंदी कार्यालय और तहसील में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। किसी गांव से संबंधित आदेश को रद्द कराने के लिए मामला सामने आने पर उसे तत्काल सक्षम स्तर पर भेजने को कहा गया है। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। न्यायिक मामलों में भी सख्ती चकबंदी आयुक्त ने धारा 52(1) की विज्ञप्ति जारी होने के बाद नई आपत्तियां, संदर्भ या पुनर्स्थापन प्रार्थना पत्र स्वीकार करने पर पूरी तरह रोक का भी उल्लेख किया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के एक फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित प्रक्रिया के बाद मामलों को दोबारा शुरू करना क्षेत्राधिकार से बाहर और न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे नियमों का उल्लंघन कर आदेश जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सेवा संकल्प अभियान में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के लिए 25 सितम्बर ऐतिहासिक होगा यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाला सेवा संकल्प माह सार्थक होगा, जब एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मध्यप्रदेश सरकार गत 21 साल से बंद लोक परिवहन बस सेवा पुन: शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार की शाम बीएचईएल दशहरा मैदान पर 25 सितम्बर को हो रही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लने के पश्चात् मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एक आधुनिक और यूनिक मॉडल होगा, जिसमें ई-बसों सहित विभिन्न प्रकार की बस सेवाओं को चरणबद्ध रूप से हर नगर और हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टॉप, बस स्टैंड और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के साथ बेहतर कंट्रोलिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिटी बसों से लेकर राज्य के भीतर और दूसरे राज्यों के लिए लग्जरी बस सेवाएं भी शीघ्र शुरू होंगी। इससे प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और महानगरों तक आवागमन सुगम हो जाएगा। मध्यप्रदेश में मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत के बाद सड़क परिवहन के क्षेत्र में लोक परिवहन बस सेवा का पुनः शुभारंभ एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्यप्रदेश सरकार ने बिजली, पानी, सड़क और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है। अब सुगम यातायात की सुविधा को भी विस्तार मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी हमारे साथ उपस्थित रहेंगे। मैं भोपाल और मध्यप्रदेश की जनता की ओर से उनका स्वागत करता हूं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ करने का यह निर्णय प्रदेश की जनता के लिए सुविधा, कनेक्टिविटी और बेहतर आवागमन उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

इंटरनेशनल ट्रेड शो में दुनिया देखेगी यूपी के युवाओं का कौशल

लखनऊ इंटरनेशनल ट्रेड शो में दुनिया उत्तर प्रदेश के हुनर और युवाओं की प्रतिभा से रूबरू होगी। योगी सरकार के युवाओं को कौशल, करियर और रोजगार से जोड़ने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए पहली बार यूपी कौशल विकास मिशन (UPSDM) के पवेलियन में ‘स्किल मंच’ की शुरुआत होगी। यहां शिक्षाविद, कौशल विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि युवाओं से संवाद करेंगे, वहीं 16 कौशलों के लाइव प्रदर्शन, गतिविधियों और बी2बी संवाद के जरिए आगंतुक हुनर को देखने के साथ स्वयं करके सीख सकेंगे। सबसे खास बात युवा उद्यमी अपनी सफलता की कहानियां साझा कर कौशल से रोजगार और उद्यमिता तक की राह भी दिखाएंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं के कौशल, प्रतिभा और हुनर को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन इस वर्ष उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में अपने पवेलियन को और अधिक व्यापक एवं इंटरैक्टिव स्वरूप में प्रस्तुत करेगा। 25 से 29 सितम्बर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो में कौशल विकास मिशन का पवेलियन आगंतुकों को प्रदेश के पारंपरिक कौशलों के साथ आधुनिक एवं उभरते कौशलों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर कौशल को समझने का अवसर भी प्रदान करेगा। इस वर्ष कौशल विकास मिशन के पवेलियन में 16 कौशल स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इस प्रकार इस बार पारंपरिक कारीगरी के साथ-साथ नए एवं उभरते कौशलों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। पवेलियन में विभिन्न कौशलों के लाइव डेमो होंगे, जिससे आगंतुक कौशल की बारीकियों और उससे जुड़ी कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे। पवेलियन का आकार भी इस वर्ष उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है। इस बार 360 वर्ग मीटर का स्थान मिला है। यह पवेलियन हॉल नंबर-7, ग्राउंड फ्लोर पर स्थापित किया जा रहा है।  इस वर्ष कौशल विकास मिशन के पवेलियन में इंटरैक्टिव खुद करें जैसी गतिविधियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। अधिकांश स्टॉल पर आगंतुक केवल कौशल का प्रदर्शन देखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वयं गतिविधियों में हिस्सा लेकर संबंधित कौशल की बारीकियों को समझ सकेंगे। पहली बार ‘स्किल मंच’ की शुरुआत की जा रही है। इस मंच पर शिक्षाविद, कौशल विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और सॉफ्ट स्किल कम्युनिकेटर अपने अनुभव एवं व्यावहारिक जानकारी साझा करेंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास, करियर निर्माण और रोजगार की बदलती संभावनाओं से जोड़ना है। पवेलियन में उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के साथ बी टू बी गतिविधियों को भी स्थान दिया गया है। इसके माध्यम से कौशल विकास से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, सहयोग और संभावित साझेदारी के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने-अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ चुके प्रशिक्षित युवा उद्यमी भी पवेलियन का हिस्सा होंगे। उनके अनुभव, सफर और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर यह बताया जाएगा कि कौशल विकास केवल प्रशिक्षण प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसरों का मजबूत आधार भी बन सकता है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल पवेलियन के साथ ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। इस चैलेंज के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, प्रोफेशनल्स और इनोवेटर्स को नए समाधान एवं नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि इस वर्ष पवेलियन में 16 कौशल स्टॉल, गतिविधियां, लाइव डेमो, ‘स्किल मंच’, B2B संवाद, प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को एक साथ जोड़ा गया है। इससे आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के कौशल और प्रतिभा की विविधता को देखने, समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पवेलियन का उद्देश्य कौशल को केवल प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उसे अनुभव, संवाद और नवाचार से जोड़ना है।

नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के अधिकारियों की सशक्त सहभागिता

भोपाल  आवास एवं शहरी विकास निगम (हडको) के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में नगरीय अधोसंरचना परियोजनाओं में निवेश, वित्तीय संसाधनों के संवर्धन तथा नगरीय कायाकल्प की संभावनाओं पर केंद्रित दो दिवसीय कार्यशाला ‘अर्बन चैलेंज फंड : निर्णय क्षमता, निवेश तत्परता एवं नगरीय परिवर्तन’ का शुभारंभ हुआ। 'साइटिस 2.0' (CITIIS 2.0) के अंतर्गत हडको के मानव बस्ती अध्ययन संस्थान (HSMI) द्वारा आयोजित कार्यशाला का आधिकारिक उद्घाटन हडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  संजय कुलश्रेष्ठ द्वारा किया गया। नगरीय वित्तीय सुदृढ़ीकरण एवं निवेश तत्परता पर गहन मंथन कार्यशाला में नगरीय वित्त प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए अर्बन चैलेंज फंड, बाजार-आधारित वित्त पोषण, पूंजी बाजार की सहभागिता, सार्वजनिक-निजी भागीदारी ,बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं के सहयोग, परिसंपत्ति मुद्रीकरण तथा लैंड वैल्यू कैप्चर जैसे आधुनिक विषयों पर विषय-विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, नगरीय विकास की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को प्रारंभिक अवधारणा से वित्तीय समापन तक सफलतापूर्वक ले जाने के लिए निवेश तत्परता और परियोजना तैयारी पर व्यावहारिक केस स्टडीज के माध्यम से तकनीकी कौशल संवर्धन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों एवं निकायों का प्रतिनिधित्व प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन एवं जबलपुर के साथ नगर निगम भोपाल एवं ग्वालियर, नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के अधिकारी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर एवं निवेश-तत्पर बनाकर शहरों के सतत विकास को गति प्रदान करना है।  

उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा तय करेगा यूपीआईटीएस 2026

ग्रेटर नोएडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, उद्यमियों और निर्माताओं को देश-दुनिया के बाजारों से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे कारोबारी इकोसिस्टम का प्रमुख मंच उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) अब अपने चौथे संस्करण में प्रवेश कर चुका है। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाला यूपीआईटीएस-2026 इस बार पहले से अधिक व्यापक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी, सेक्टरल विविधता और बिजनेस कनेक्ट के साथ आयोजित होगा। यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं, निर्यातकों और कारोबारियों को देश और दुनिया के बाजारों से जोड़ने का बड़ा मंच बनेगा। यूपीआईटीएस 2026 में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.5 लाख से अधिक बीटूबी खरीदारों एवं आगंतुकों, 4.5 लाख से अधिक सामान्य आगंतुकों तथा 85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की उम्मीद है। गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी करेंगे उद्घाटन गुरुवार को प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। सरकार ऐसा इकोसिस्टम विकसित कर रही है, जिसमें उद्यम आगे बढ़ सकें, नवाचार कर सकें और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें। यूपीआईटीएस स्थानीय उद्यमों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने के साथ निवेश, व्यावसायिक विस्तार और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि यूपीआईटीएस 2026 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी करेंगे। इस बार और व्यापक होगा आयोजन का स्वरूप यूपीआईटीएस 2026 का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप इस वर्ष और व्यापक होगा। चौथे संस्करण में छह पार्टनर देश ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम भाग लेंगे। इन देशों की भागीदारी से व्यापार साझेदारी, तकनीकी सहयोग, सोर्सिंग, निवेश और नए बाजारों तक पहुंच के अवसर बढ़ेंगे। आयोजन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू बीटूबी खरीदारों और घरेलू बीटूसी आगंतुकों को एक ही मंच पर जोड़ा जाएगा। 72 से अधिक देशों से विदेशी खरीदारों का पंजीकरण कार्यक्रम से पहले ही अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी बढ़ रही है। अब तक 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। एफआईईओ के होस्टेड बायर प्रोग्राम के माध्यम से वास्तविक खरीदारों, आयातकों, वितरकों, रिटेलर्स, सोर्सिंग एजेंट्स, प्रोक्योरमेंट प्रमुखों, व्यापार संघों और व्यावसायिक उद्यमों को आयोजन से जोड़ा जा रहा है। बीटूबी मैचमेकिंग, नेटवर्किंग और बिजनेस सेशंस के माध्यम से खरीदारों और प्रदर्शकों को सीधे कारोबारी संवाद का अवसर मिलेगा। नजर आएगी विभिन्न क्षेत्रों की विविधता यूपीआईटीएस 2026 में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, कृषि, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र की विविधता दिखाई देगी। इसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, ईवी एवं ऑटो कंपोनेंट्स, एविएशन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं ई-कॉमर्स, आईटी एवं स्मार्ट-सिटी सॉल्यूशंस, फिल्म एवं मनोरंजन, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, फूड प्रोसेसिंग एवं एफएमसीजी, बागवानी, हैंडलूम, हस्तशिल्प एवं टेक्सटाइल्स, स्वास्थ्य, वेलनेस, आयुष, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल इक्विपमेंट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग एवं रियल एस्टेट, लेदर, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, स्पोर्ट्स, टॉयज, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, रिटेल, फाइनेंशियल सर्विसेज, शिक्षा एवं कौशल, पैकेजिंग एवं प्रिंटिंग तथा जल, स्वच्छता एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। सरकारी योजनाओं और नीतियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा प्रदर्शनी में एमएसएमई विकास, उद्यमिता एवं कौशल विकास, क्लस्टर विकास, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सहायता, रोजगार सृजन तथा ग्रामीण एवं शहरी विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं और नीतियों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। औद्योगिक निवेश, निर्यात, टेक्सटाइल्स और गारमेंटिंग से संबंधित उत्तर प्रदेश की सेक्टोरल पॉलिसीज भी आयोजन का हिस्सा होंगी। सांस्कृतिक और पाक पहचान को भी विशेष स्थान यूपीआईटीएस 2026 में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पाक पहचान को भी विशेष स्थान दिया गया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ पहल के साथ इस वर्ष ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ को विशेष पहचान दी जाएगी। इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक पाक विधियों, स्थानीय व्यंजनों और खाद्य विरासत को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। उद्योग जगत को मिलेगा संवाद और सहयोग का अवसर पांच दिवसीय आयोजन में बिजनेस एंगेजमेंट्स, नॉलेज सेशंस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव परफॉर्मेंस, अवॉर्ड्स, फैशन शो और लेजर शो सहित कई गतिविधियां होंगी। नॉलेज प्रोग्राम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रेड, फूड प्रोसेसिंग, एमएसएमई, ग्लोबल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स और अन्य उभरते क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इससे उद्योग जगत के लोगों को ज्ञान-विनिमय, संवाद और सहयोग के अवसर मिलेंगे। इस तरह यूपीआईटीएस व्यापार और निवेश के साथ उत्तर प्रदेश की संस्कृति, खान-पान, नवाचार और उद्यमशीलता को भी वैश्विक मंच देगा। यहां प्रदेश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, एमएसएमई इकोसिस्टम, ओडीओपी एवं ओडीओसी उत्पाद, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल्स, कृषि, खाद्य, पर्यटन, नवाचार और उभरते उद्योगों को देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी समुदाय से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। चौथे संस्करण का दायरा और अंतरराष्ट्रीय पहुंच में होगी वृद्धि यूपीआईटीएस 2026 पिछले तीन संस्करणों की सफलता के आधार पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित 2025 संस्करण में कुल 5,07,099 आगंतुक पहुंचे थे, जिनमें 1,40,735 बीटूबी आगंतुक शामिल थे। 35,000 वर्ग मीटर से अधिक प्रदर्शनी क्षेत्र में 2,228 प्रदर्शकों ने भाग लिया था। एफआईईओ के माध्यम से 85 देशों के 550 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी ने आयोजन के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को मजबूत किया। 2025 संस्करण में ₹1,882 करोड़ मूल्य के 2,400 से अधिक एमओयू तथा ₹11,200 करोड़ से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी दर्ज की गई। इन उपलब्धियों के आधार पर चौथे संस्करण का दायरा और अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाई जा रही है। डिजिटल सुविधाओं में भी हुआ इजाफा यूपीआईटीएस 2026 में डिजिटल सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। यूपीआईटीएस ऐप के माध्यम से खरीदार और प्रदर्शक कारोबारी अवसरों की पहचान कर सकेंगे तथा बीटूबी बैठकों को पहले से निर्धारित कर सकेंगे। डिजिटल मैचमेकिंग के माध्यम से प्रतिभागी आयोजन के दौरान होने वाली व्यावसायिक बैठकों की बेहतर योजना बना सकेंगे। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में यूपीआईटीएस जैसे मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। चौथा संस्करण व्यापार, निवेश, नवाचार, मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, संस्कृति और उपभोक्ता सहभागिता को एक मंच पर लाकर प्रदेश के उद्यमों को देश और दुनिया के बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास … Read more

प्रोजेक्ट्स की दीर्घकालिक उपयोगिता तय होगी, बेहतर इस्तेमाल और राजस्व सृजन पर फोकस

रायपुर बिलासपुर में स्मार्ट सिटी के तहत तैयार परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। हर प्रोजेक्ट के लिए एसओपी तैयार कर उसके बेहतर और दीर्घकालिक उपयोग का खाका तैयार किया जाएगा। नागरिकों के लिए इन परियोजनाओं का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ राजस्व सृजन की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। जहां जरूरत होगी, वहां पीपीपी (PPP) मॉडल पर भी काम किया जाएगा।  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज हुई बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 20वीं बैठक में विभिन्न विषयों पर मंथन किया गया। बोरा ने स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को प्रभावी तरीके से संचालित करने के साथ ही उनके बेहतर उपयोग और दीर्घकालिक स्थायित्व पर जोर दिया। उन्होंने संचालन एवं रखरखाव के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार करने और निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजनाओं के बेहतर उपयोग की संभावनाएं तलाशने के साथ राजस्व सृजन पर भी काम करने को कहा। उन्होंने आवश्यकतानुसार पीपीपी मॉडल की संभावनाओं पर भी आगे बढ़ने के निर्देश दिए। बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिलासपुर में चल रहे विकास कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति से लेकर उनके भविष्य में संचालन जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हुआ। नागरिक सुविधाओं के विस्तार और नगरीय अधोसंरचना को बेहतर बनाने से जुड़े विषय भी बोर्ड के सामने रखे गए। परियोजनाओं के संचालन, रखरखाव और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। प्रमुख विषय बोरा ने परियोजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से अधिक लोगों को जोड़ने तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और कार्य अनुभव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। परियोजनाओं में कौन क्या जिम्मेदारी निभाएगा, इसे भी स्पष्ट रखने की बात कही गई। बैठक में एजुकेशन हब में अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। उपलब्ध बीएससीएल (BSCL) निधि से प्रस्तावित कार्य को संस्थागत स्थायित्व और बेहतर उपयोग की दृष्टि से आगे बढ़ाने पर विचार किया गया। इनके साथ ही जल संबंधी कार्यों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। मंत्रालय से वर्चुअली आयोजित बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के साथ संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर तथा सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल शामिल हुए। वहीं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर, चिप्स (CHiPS) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि सुजीत कुमार, बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह, बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक प्रकाश कुमार सर्वे और संचालक मंडल के अन्य सदस्य एवं अधिकारी बैठक में ऑनलाइन जुड़े।