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मध्यप्रदेश में बढ़ा वोट बैंक: अंतिम मतदाता सूची में 8 लाख से ज्यादा नाम शामिल

भोपाल प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व राज्य में कुल 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे। प्रारूप सूची के प्रकाशन के पश्चात यह 5,31,31,983 संख्या रही तथा अंतिम मतदाता सूची में 5,39,81,065 मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैं।इस प्रकार प्रारूप सूची के बाद 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है। प्रत्येक जिले में अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां नियमानुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की घोषणा के बाद राज्यभर में 5.74 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर उनके डिजिटलीकरण का कार्य मिशन मोड में किया गया। SIR से एमपी के शहरी क्षेत्रों में बढ़ी चुनौती, राजनीतिक समीकरण प्रभावित होने के आसार अभियान के दौरान ही मृत, अनुपस्थिति, स्थायी रूप से स्थानांतरित एवं दोहरी प्रविष्टियों के सत्यापन के लिए बूथ लेवल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ बैठकों का आयोजन किया गया। संबंधित विधानसभा क्षेत्रवार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत्त एवं दोहरी प्रविष्टियों की सूची संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई। लगभग चार माह चली प्रक्रिया के बाद एक जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर अंतिम मतदाता सूची सभी मतदान केंद्रों एवं निर्धारित स्थलों पर प्रकाशित की गई है। 27 अक्टूबर, 2025 से राज्यभर में आरंभ हुए इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत लगभग चार माह तक विभिन्न चरणों में व्यापक एवं प्रभावी कार्यवाही के पश्चात शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है। मतदाता सूची में नाम शामिल करने, विलोपन एवं संशोधन आदि के संबंध में दावे एवं आपत्तियां दिनांक 23/12/2025 से 22/01/2026 तक प्राप्त की गई। तत्पश्चात 14 फरवरी 2026 तक निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्राप्त दावे आपत्तियों का सत्यापन कर उनका निराकरण किया गया। विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए 55 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 230 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 533 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 71,930 बीएलओ, अनेक वालंटियर्स की सक्रिय भागीदारी रही। राज्य के मतदाताओं का उत्साहपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।मीडिया, राजनीतिक दलों एवं अन्य संगठनों का भी सहयोग मिला। इसके परिणामस्वरूप कुल 5,74,06,143 मतदाताओं में से 5,31,31,983 मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हुए, जिनका पूर्ण डिजिटलीकरण किया गया। बीएलओ द्वारा निरंतर घर-घर सर्वेक्षण किया गया, जिसमें दिवंगत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान की गई।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश  संजीव कुमार झा ने शनिवार को निर्वाचन सदन, भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के अंतर्गत प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी  झा ने बताया कि शनिवार को पूरे प्रदेश में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 है। इनमें पुरुष मतदाता 2 करोड़ 79 लाख 4 हजार 975, महिला मतदाता 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार 186 तथा थर्ड जेंडर मतदाता 904 हैं। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अंतिम मतदाता सूची की सॉफ्ट कॉपी सौंपी गई। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची में छूट गए हैं अथवा किसी प्रकार का संशोधन है, वे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। साथ ही जिन युवाओं ने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, वे भी अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।  झा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मती सुरभि तिवारी,  संजय वास्तव एवं  राजेश यादव उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों में आम आदमी पार्टी से  शैलेन्द्र नागले, बहुजन समाज पार्टी से  पूर्णेन्द्र अहिरवार एवं  नरेश बनपुरिया, भारतीय जनता पार्टी से विधायक  भगवान दास सबनानी,  रजनीश अग्रवाल एवं  एस.एस. उप्पल, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से  पी.वी. रविचंद्रन तथा कांग्रेस पार्टी से  जे.पी. धनोपिया उपस्थित रहे। 

हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना, कहा- रोकने की राजनीति बंद करें

पंजाब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला है। हरियाणा के सीएम नायब सैनी आज अमृतसर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुरुओं की पावन और इतिहासिक धरती को नम्न किया। सीएम सैनी ने कहा कि, पंजाब में ड्रग्स तेजी से फैल रहा हैं और सरकार सिर्फ एडवर्टाइजमेंट पर पैसा खर्च कर रही है। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार चाहती है कि कोई यहां न आए। सीएम सैनी ने कहा कि मेरे पंजाब में जगह-जगह प्रोग्राम प्लान किए गए हैं, लेकिन यहां की सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इन प्रोग्राम को रोकने की कोशिश कर रही है। नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार को ठोकवा जवाब देते हुए कहा कि पंजाब में प्रोग्रामों को रोका जा रहा है, आप रोकने का काम न करें, बल्कि अपना काम करें। अगर आप काम करेंगे तो लोग आपकी आवाज बनेंगे और अगर आप करप्शन में लिप्त होंगे तो पूरा पंजाब आपके खिलाफ खड़ा हो जाएगा। सीएम सैनी ने कहा कि इन्होंने जो झूठे वादे पंजाब के लोगों से किए थे, आज उनकी पोल खुल गई है। सीएम सैनी ने आगे कहा कि, इन्होंने जमीनी लेवल पर कुछ काम नहीं किया है। ये कांग्रेस से भी बुरे हैं। नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब में आने वाला समय भारतीय जनता पार्टी का है। उन्होंने युवाओं को पंजाब की मज़बूती के लिए BJP की सरकार बनाने का मैसेज दिया। यही नहीं गैंगस्टर कल्चर पर बोलते हुए सीएम सैनीने कहा कि, पंजाब में युवा को निराशा और नशे के अंधकार में धकेला जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने विश्वास की जमीन को बंजर बनाया है। वहीं कांग्रेस ने नशा गांव-गांव तक पहुंचाया है। आम आदमी पार्टी पंजाब का शोषण कर रही है। हमें हरियाणा के वादे पूरे किए हैं। आम आदमी पार्टी ने पंजाब का कोई वादा पूरा नहीं किया है। हमने हरियाणा के किसानों को मजबूत किया है। सैनी ने कहा कि, पंजाब में गैंगस्टर कल्चर फैल रहा है। पंजाब सरकार ने गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा दिया है। पंजाब सरकार ने गैंगस्टर कल्चर को हवा दी है। 2027 में बीजेपी सरकार गैंगस्टर प्रथा खत्म करेगी। जब बीजेपी सरकार बनेगी तब गैंगस्टर प्रथा खत्म होगी। 

गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करें – डिप्टी CM शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रीवा से मरीजों को अन्यत्र रेफर न किए जाने के प्रयास हों, तृतीयक स्तर की उन्नत चिकित्सा सेवाएं यही उपलब्ध हों। यह प्रयास हो कि बाहर के मरीज भी यहाँ इलाज के लिए आएं। रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के लिए चार सीटों की स्वीकृति हो गई है। अब यहाँ डीएम की भी पढ़ाई होगी। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सा सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह अस्पताल विन्ध्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ है। यहाँ के चिकित्सकों व चिकित्सकीय स्टाफ द्वारा पूरी लगन व मेहनत से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रदेश भर में इस अस्पताल द्वारा किए गए चिकित्सा इलाज की चर्चा है। यह अस्पताल प्रदेश के अन्य सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की तुलना में सबसे ज्यादा मरीजों को इलाज की सुविधा देने वाला अस्पताल बना है। अब इस अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के पद स्वीकृत हुए हैं। शीघ्र ही यहाँ अन्य विभागों में एमसीएच की सीटें भी स्वीकृत होंगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं तथा कार्यरत चिकित्सकों की पदोन्नति व उनको मिलने वाले इंसेन्टिव के विषय में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि नियत समयावधि पूर्ण करने पर चिकित्सकों को अगले पद पर तत्काल पदोन्नति दें। उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों व स्टाफ से अपेक्षा की कि इसी तरह मनोयोग से मरीजों का इलाज करते रहें। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में वर्ष 2020 में 155, वर्ष 2021 में 1749, वर्ष 2022 में 2501, वर्ष 2023 में 2846, वर्ष 2024 में 2254 एवं वर्ष 2025 में 2327 एंजियोग्राफी की गईं। जबकि वर्ष 2020 में 80, वर्ष 2021 में 832, वर्ष 2022 में 1595, वर्ष 2023 में 1685, वर्ष 2024 में 1500 व 2025 में 1371 मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अब तक 29 मरीजों की ओपेन हार्ट सर्जरी की जा चुकी है। इसी प्रकार अस्पताल में 8 मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, डॉ. मनोज इंदुलकर, अधीक्षक संजय गांधी डॉ. राहुल मिश्रा, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी डॉ. अक्षय वास्तव सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक उपस्थित रहे।  

राज्यमंत्री गौर ने किया करीब 2 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने बताया कि लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिनमें मालीखेड़ी विसर्जन घाट का उन्नयन प्रमुख है। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि मालीखेड़ी विसर्जन घाट को 1 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से आधुनिक एवं सुविधायुक्त बनाया जाएगा। घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पक्का प्लेटफॉर्म, सुरक्षा रेलिंग, समुचित प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था तथा स्वच्छता संबंधी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गोविन्दपुरा में वार्ड 72 के मालीखेड़ी में सीसी रोड एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्य तथा मेन रोड स्थित दुर्गा मंदिर के चबूतरे के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 7 लाख 18 हजार रुपये है। वार्ड 72 की लीलाधर कॉलोनी में आरसीसी नाली निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 2 लाख 86 हजार रुपये है। वार्ड 72 के गीता नगर में शंकर जी मंदिर के पास रिटेनिंग वॉल निर्माण, गीता नगर पार्श्व धाम स्थित कम्युनिटी हॉल में शेड निर्माण तथा बिहारी कॉलोनी में रोड एवं आंगनवाड़ी के पास आरसीसी नाली निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया गया, जिनकी कुल लागत 15 लाख रुपये है। वार्ड 72 के अटल नेहरू नगर में बालाजी मंदिर से आंगनवाड़ी तक, श्री महावीर हनुमान मंदिर के पास सड़क निर्माण तथा अप्रोच रोड से मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 13 लाख रुपये है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।  

डिप्टी सीएम अरुण साव ने पुल निर्माण की धीमी गति पर अधिकारियों को लगाई फटकार, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश

लोरमी उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज लोरमी प्रवास के दौरान ग्राम कारीडोंगरी एवं दरवाजा के बीच मनियारी नदी पर निर्माणाधीन पुल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान श्री साव ने पुल निर्माण की धीमी गति पर कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, अब तक पुल का निर्माण पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ है। समय सीमा से काफी पीछे हैं। कम मजदूरों से समय पर काम पूर्ण कैसे होगा।  साव ने मौके पर मौजूद अधिकारी से कहा कि, बारिश के पूर्व पुल का निर्माण किसी भी स्थिति में पूरा हो जाना चाहिए, क्योंकि वनांचल के ग्रामीणों को बारिश में बड़ी  दिक्कत का सामना करना पड़ता है, पुल नहीं होने से ग्रामीणों का संपर्क कट जाता है। वहीं धीमी गति से निर्माण पर ठेकेदार की सिर्फ नोटिस से काम नहीं चलेगा, पेनाल्टी की  आवश्यकता हो तो वो भी लगाएं। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा, यह बहुप्रतीक्षित पुल बन जाने से बड़ी राहत मिलेगी, इसके निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला का किया भ्रमण

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला रीवा का भ्रमण किया तथा वहाँ की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गौमाताओं को गौग्रास खिलाया। उन्होंने गौशाला के संचालन और चल रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने लक्ष्मणबाग स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान जी के दर्शन किए तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।  

सिंचाई परियोजना से खेती को मिलेगा संबल, मंत्री राजपूत ने गिनाए फायदे

भोपाल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत के अथक प्रयासों से बहुप्रतीक्षित मिडवासा सिंचाई परियोजना को शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कुल 300 करोड़ की लागत आएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। परियोजना के पूर्ण होने पर सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करैया जारो, मोकलपुर, हनौताखुर्द, नारायणपुर, बंसिया, बेरसला, बैरसिया, हफसिली, बिहारीखेड़ा,तालग्वारी, गुआरी, बदरचुआ, घाटमपुर, सगोरिया, अर्जना, एवं बरोदा रहली के अलावा नरयावली विधानसभा के ग्राम बरखुआ तिवारी, उदयपुरा तिवारी, समनापुर, किशनपुर, रहली विधानसभा के ग्राम सेमरा अंगद, सिमरिया बेलई, सेजपुरा, देवरी,खांड़,रेवझा, हिलगन, मोहनपुरा एवं ढाना के लगभग 7200 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे न केवल फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से क्षेत्रवासी इस परियोजना की मांग कर रहे थे, जिसे अब मूर्त रूप मिलने जा रहा है। मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाया जा रहा है। ताकि हमारे क्षेत्र के किसान भी पंजाब, हरियाणा जैसे, कृषि में उन्नति करके कृषि लाभ कमाएं। सरकार का उद्देश्य है कि किसान भाईयेां को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जायें, जिसको लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस परियोजना से हजारों किसानों को लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र में पानी की समस्या भी खत्म होगी। यह केवल परियोजना नहीं किसानों और क्षेत्र वासियों के लिए पानी का वह स्रोत है, जिससे अब खुशहाली ही खुशहाली होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र के किसानों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस स्वीकृति पर हर्ष व्यक्त करते हुए मंत्री  राजपूत का आभार जताया। उन्होंने कहा है कि यह परियोजना सुरखी क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी।  

सरकारी नौकरी का अवसर: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर निकली भर्ती, जल्द करें अप्लाई

चित्रकूट उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर आई है। जिला प्रोग्राम कार्यालय चित्रकूट ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 86 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती संविदा आधारित होगी और इसमें स्थानीय महिला अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। आवेदन प्रक्रिया 19 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 22 फरवरी 2026 अंतिम तिथि तय की गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी निर्देश नोटिफिकेशन में दिए गए हैं, जिसे आवेदन से पहले ध्यान से पढ़ना जरूरी बताया गया है। जिले के अलग-अलग परियोजनाओं में होंगी नियुक्तियां यह भर्ती चित्रकूट जिले की विभिन्न ग्रामीण और शहरी परियोजनाओं के लिए की जा रही है। अलग-अलग विकासखंडों में रिक्त पदों का बंटवारा किया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर महिला एवं बाल विकास सेवाओं को मजबूत किया जा सके। करवी परियोजना में 18 पद, रामनगर में 17, माणिकपुर में 20, पहाड़ी में 17 और मऊ क्षेत्र में 12 पद भरे जाएंगे। शहरी क्षेत्र में 2 पद निर्धारित किए गए हैं। इस तरह कुल 86 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती में आवेदन करने के लिए न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट या उसके समकक्ष रखी गई है। हालांकि मेरिट सूची बनाते समय उच्च शैक्षणिक योग्यता, जैसे स्नातक या स्नातकोत्तर, को भी वरीयता दी जा सकती है। आयु सीमा 18 वर्ष से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आवेदन शुल्क नहीं देना होगा इस भर्ती की खास बात यह है कि किसी भी वर्ग के उम्मीदवार से आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी सभी अभ्यर्थी निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को भी अवसर मिलेगा। मेरिट के आधार पर होगा चयन चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित रखी गई है। किसी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू का प्रावधान नहीं बताया गया है। अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सूची तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार चयन किया जाएगा। आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र भरते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और संपर्क जानकारी सही-सही दर्ज करनी होगी। साथ ही फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप में अपलोड करने होंगे। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरण अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। अंतिम रूप से जमा किए गए आवेदन का प्रिंट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जा सके। महत्वपूर्ण तिथियां इस भर्ती का नोटिफिकेशन 31 जनवरी 2026 को जारी किया गया था। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 है। इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह भर्ती महिला एवं बाल विकास सेवाओं को गांव स्तर तक मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।

सवा 2 हजार करोड़ रूपए की रतनगढ़ परियोजना से 40 हजार किसानों को मिलेगा सिंचाई सुविधाओं का लाभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दतिया वीरता और भक्ति का अद्भुत संगम है। यहां आस्था और प्रगति का उत्कृष्ट संगम है। हमारी सरकार दतिया के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। विगत वर्ष बुंदेला काल के दतिया महल और गुज्जरा लघु शिलालेख को यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में स्थान मिल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले की विकास यात्रा अब रूकने वाली नहीं है। आज दतिया विकास, नवाचार, महिला सशक्तिकरण और किसान समृद्धि का एक रोल मॉडल बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया में एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ दतिया से भोपाल फ्लाईट भी शुरू हो गई है। खजुराहो से नई दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन के जरिए दिल्ली अब दतिया से चंद घंटों की दूरी पर आ गया है। उन्होंने कहा कि दतिया में मां पीताम्बरा लोक का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। इससे जिले के पर्यटन को नए पंख लगेंगे और दतिया को एक नई धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान भी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को दतिया जिले के सेवढ़ा तहसील मुख्यालय में 529 करोड़ लागत के 71 विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि करीब सवा 2 हजार करोड़ रूपए की लागत वाली रतनगढ़ सिंचाई परियोजना से इस क्षेत्र के 40 हजार से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले के नशामुक्ति कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य के लिए जिलेवासियों को बधाई दी। केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का दतिया के किसानों को मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कभी पेयजल संकट से जूझने वाला दतिया में आज हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर काम चल रहा है। इसका भरपूर लाभ दतिया जिले के किसानों को भी मिलेगा। अब किसानों को सिंचाई के लिए पानी की चिंता करने की जरूरत नहीं है। दतिया जिले में 1.48 लाख हैक्टेयर से अधिक भू-रकबे में सिंचाई सुविधा का विस्तार होने से यहां कृषि उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। विगत दो सालों में यहां 7 लघु सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ जिले के 1.37 लाख से अधिक किसानों को मिल रहा है। फसल बीमा योजना यहां के 1.26 लाख से अधिक किसानों का सुरक्षा कवच बनी है। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाना हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और सम्मान के लिए दृढ़-संकल्पित है। प्रधानमंत्री  मोदी ने किसान भाइयों के खाते में सम्मान निधि भेजने की शुरुआत की है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। दोनों समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहकर हर मौसम में काम करते हैं। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई की सुविधा मिल रही है। किसानों को सोलर पंप देकर बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में सिंचित रकबा मात्र 7 लाख हैक्टेयर था जो हमारी सरकार आने पर बढ़कर 44 लाख हैक्टेयर हुआ और पिछले डेढ़-दो साल में यह बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासकीय गौ-शालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया है। पात्र हितग्राहियों को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना में 25 गाय पालने पर 10 लाख रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले में पीताम्बरा माई का पुण्य प्रताप भी है और रतनगढ़ वाली मैया का आशीर्वाद भी। उनाव वाले बालाजी महाराज की कृपा इस धरती पर हमेशा बरसती है। दतिया को द ग्रेट गामा पहलवान और शहीद चंद्रशेखर आजाद की कर्मस्थली होने का गौरव भी प्राप्त है। उन्होंने कहा कि हम दतिया को विकास का केन्द्र बनाकर रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के हितलाभ भी वितरित किए। लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया जिले के लिए कुल 529 करोड़ रूपए के 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इसमें 299 करोड़ 32 लाख रूपए की लागत से 50 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 230 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से 21 नए विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये सभी सौगातें जिले की अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और ग्रामीण विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी। प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 475 करोड़ रूपए से नई सड़क बनाने की घोषणा की। उन्होंने इंदरगढ़ में नवीन बस स्टैंड की घोषणा करते हुए कहा कि सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए भी राशि दी जाएगी। सेवढ़ा में नया इंडोर स्टेडियम बनाया जाएगा। इंदरगढ़ में 8.5 किलोमीटर लंबा बायपास बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वारका योजना के अंतर्गत नगर परिषद सेवढ़ा को विभिन्न विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। पात्र हितग्राहियों को मिलेगें पक्के मकान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार संबल योजना के माध्यम से मुश्किल वक्त में गरीब भाई-बहनों के परिवार के साथ खड़ी है। प्रदेश की बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात दी जा रही है। प्रदेश में नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही स्कूलों में नि:शुल्क दूध वितरित की योजना शुरू की जाएगी। इससे बच्चों को उत्तम स्वास्थ्य और पोषण का लाभ मिलेगा। हमारी सरकार शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबें, साइकिल और लैपटॉप प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क हादसों में घायल जरूरतमंदों की मदद के लिए राज्य सरकार ने … Read more