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MP में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को सरकारी ठेका, CAG की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

भोपाल  मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 से 2023 के बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाई गई कई सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट (CAG report) में खुलासा हुआ है कि कई जगह ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को ही निर्माण और मरम्मत का काम सौंपा गया। गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग के कारण सड़कें बार-बार खराब हो रही हैं, जिससे आम जनता को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ रही है। खराब सड़कों की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है और वाहनों को भी समय से पहले नुकसान हो रहा है। विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट यह रिपोर्ट विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पेश की गई। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी सुरक्षित और प्रभावी सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराने में पूरी तरह सफल नहीं रहा। कई परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी नहीं हुईं। दीर्घकालिक मास्टर प्लान के अभाव, भूमि अधिग्रहण और मंजूरी संबंधी अड़चनों के कारण कई कार्य अधूरे या विलंबित रहे। वित्तीय प्रबंधन और बजट उपयोग में भी कमियां सामने आईं। गुणवत्ता नियंत्रण कमजोर रहा और कई स्थानों पर डिजाइन भी टिकाऊ नहीं पाई गई। सड़क सुरक्षा से जुड़े बैरियर और संकेतकों की भी कमी देखी गई। कैग की प्रमुख अनुशंसाएं कैग ने पीडब्ल्यूडी को कई सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी है। विभाग को 10 वर्षीय मास्टर प्लान तैयार करने, डीपीआर पारदर्शिता के साथ बनाने और परियोजनाओं की डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने की अनुशंसा की गई है। साथ ही, 20 प्रतिशत सामग्री का अनिवार्य परीक्षण, विलंब पर जुर्माना, अमानक कार्यों पर ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं की स्थापना जैसे कदम उठाने की सिफारिश की गई है। कैग ने निविदा फाइलें उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की बात कही है। 

अलीगढ़ में शादी का तामझाम और डांसर के साथ फरार हुआ दूल्हा, कहानी में नया मोड़

अलीगढ़  अलीगढ़ के सराय इंतजाम अली इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पर एक शादी में डांस करने आई सोनी उर्फ शबनम नाम की युवती लड़की के भाई बिलाल के साथ फरार हो गई. लड़के के परिजनों का कहना है कि युवती सोनी विवाह और पार्टियों में डांस करने के दौरान युवकों से संपर्क बढ़ाती है, फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसा लेती है. इसके बाद पैसों की मांग और दबाव का सिलसिला शुरू हो जाता है. परिवार का आरोप है कि युवती अपने पहले प्रेमी की भी हत्या कर चुकी है. परिवार ने युवक बिलाल के गायब होने की पुलिस में शिकायत दी है जिस पर पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली है. दरअसल, गांधी पार्क थाना इलाके के सराय इंतजाम अली के रहने वाले बिलाल की शादी 3 दिसंबर 2025 को मुस्लिम रीति रिवाज से गुलिस्ता से हुई थी. 5 दिसंबर को बिलाल की बहन की शादी थी उससे पहले 4 दिसंबर को बिलाल की बहन की शादी के मेहंदी कार्यक्रम में नाच गाने के लिए 2 डांसर को बुलवाया गया था जिसमें से एक डांसर सोनी उर्फ शबनम निवासी शाह जमाल भी थी.  कार्यक्रम के बाद जब सोनी को वापस छोड़ने की बात आई तो बिलाल भी उसको छोड़ने के लिए गया. वहां न जाने ऐसा क्या हुआ कि बिलाल और सोनी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. दोनों ने एक दूसरे के नंबर ले लिए और अक्सर बातचीत करते थे.  परिवार में अक्सर गृहक्लेश करने लगा. बिलाल की पत्नी गुलिस्ता ने जब उसका फोन चेक किया तो पता चला कि वह सोनी से ही घंटों घंटों बात करता था और एक दिन ऐसा आया कि बिलाल कहीं चला गया.  मामले में नया मोड़ तब आया जब 11 फरवरी की शाम जयपुर के एक होटल से जुड़ा एक वीडियो सामने आया. वीडियो में सोनी और युवक बिलाल साथ दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद युवक की पत्नी गुलिस्ता ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.  परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीते वर्ष डांसर सोनी के एक कथित प्रेमी का शव कब्रिस्तान में दबा हुआ मिला था, जिसे लेकर भी कई सवाल उठे थे. हालांकि उस मामले की जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. गुलिस्ता का कहना है कि उसके परिवार को तोड़ने की साजिश रची गई है और उसे इंसाफ चाहिए. वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. उसे डर है कि सोनी उसके पति के साथ कुछ कर ना दे. उसका पति घर आ जाये. परिवार के सभी लोग सहमे हुए हैं और वह चाहते हैं कि उनका बेटा बिलाल सही सलामत घर आ जाए. पुलिस ने गुलिस्तां की शिकायत पर मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली है.  

उत्तर प्रदेश सरकार का तंबाकू विरोधी फैसला: सरकारी दफ्तर होंगे तंबाकू मुक्त, स्कूलों में एंटी-टोबैको पाठ्यक्रम लागू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तंबाकू के बढ़ते प्रभाव को रोकने और युवा पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाने के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 'तंबाकू मुक्त क्षेत्र' (Tobacco Free Zone) घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए अब तंबाकू मुक्त परिसर के नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई 'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' की बैठक में राज्य स्तरीय समन्वय समिति ने कई फैसलों पर मुहर लगाई। तंबाकू की दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी का प्रस्ताव राज्य सरकार अब तंबाकू की उपलब्धता को कम करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव दिया है कि:     दो तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के नियम पर विचार किया जाए।     बिना वैध लाइसेंस के तंबाकू बेचना अब और भी मुश्किल होगा। स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे दुष्प्रभाव मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि तंबाकू के खिलाफ जंग की नींव बचपन में ही रखनी होगी। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है:     प्राथमिक स्तर से ही तंबाकू के दुष्प्रभावों को पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।     सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि तंबाकू के साथ जुड़े 'तथाकथित ग्लैमर' के भ्रम को तोड़ा जा सके।     किसी भी नए शिक्षण संस्थान को मान्यता तभी मिलेगी, जब वह 'तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान' के कड़े दिशानिर्देशों का पालन करेगा। मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे 'तंबाकू निषेध केंद्र' स्वास्थ्य ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं:     चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे हर मरीज को तंबाकू छोड़ने की प्रभावी सलाह दे सकें।     सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एक तय समय सीमा के भीतर 'तंबाकू निषेध केंद्र' (Cessation Centers) स्थापित किए जाएंगे।     तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही करनी होगी। युवाओं में इसके बढ़ते आकर्षण को रोकने के लिए हमें इसके ग्लैमरस विज्ञापन वाले चेहरे को बेनकाब करना होगा।- एसपी गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश बैठक में ये रहे मौजूद इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 'कोटपा' (COTPA) अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।  

रेलवे की होली स्पेशल ट्रेनें: त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ के बीच अब आसानी से घर पहुंचे

रतलाम  होली के त्योहार पर अपने घर जाने का प्लान बना रहे लोगों को यदि ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही है, तो चिंता की कोई बात नहीं है. रेलवे यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 5 जोड़ी होली स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है. रतलाम रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों से यह होली स्पेशल ट्रेन गुजरेगी. मुंबई, वडोदरा, सूरत और प्रयागराज, बनारस, पटना के लिए चलने वाली यह स्पेशल ट्रेन 22 फरवरी से 29 मार्च के मध्य संचालित की जाएंगी. रतलाम मंडल से होकर चलेगी होली स्‍पेशल ट्रेनें डॉ. अंबेडकर नगर – पटना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन ट्रेन संख्या 09343, डॉ. अंबेडकर नगर – पटना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन हर गुरुवार को 18:00 बजे डॉ. अंबेडकर नगर से चलकर अगले दिन शाम 18:30 बजे पटना पहुंचेगी. यह ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर से 26 फरवरी 2026 से 26 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में यह गाड़ी पटना – डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल (09344) हर शुक्रवार को 21:30 बजे पटना से चलकर शनिवार की रात 23:55 बजे डॉ. अंबेडकर नगर पहुंचेगी . यह ट्रेन पटना से 27 फरवरी 2026 से 27 मार्च 2026 तक चलेगी. इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में इंदौर, फतेहाबाद चंद्रावतीगंज, उज्जैन, मकसी, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुरवारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा एवं दानापुर स्टेशनों पर ठहराव रहेगा. मुंबई सेंट्रल – बनारस साप्ताहिक एसी स्पेशल ट्रेन संख्या 09183, मुंबई सेंट्रल – बनारस स्पेशल हर बुधवार को 22:30 बजे मुंबई सेंट्रल से चलकर शुक्रवार को सुबह 10 :30 बजे बनारस पहुंचेगी. यह ट्रेन 04 मार्च से 25 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में यह ट्रेन बनारस– मुंबई सेंट्रल स्पेशल (09184) हर शुक्रवार को 14:30 बजे बनारस से चलकर रविवार को सुबह 4:20 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 06 मार्च से 27 मार्च 2026 तक चलेगी. इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, अछनेरा, आगरा ईदगाह, टूंडला, शिकोहाबाद, मैनपुरी, भोगांव, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, जंघई एवं भदोही स्टेशनों पर ठहराव रहेगा. मुंबई सेंट्रल – कटिहार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 09189, मुंबई सेंट्रल – कटिहार साप्ताहिक स्पेशल हर शनिवार को 10:55 बजे मुंबई सेंट्रल से चलकर सोमवार को सुबह 07:30 बजे कटिहार पहुंचेगी. यह ट्रेन 21 फरवरी 2026 से 28 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में कटिहार – मुंबई सेंट्रल स्पेशल (09190) हर मंगलवार को 00:15 बजे कटिहार से प्रस्थान कर बुधवार शाम 18:40 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 24 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, वापी, वलसाड, भरूच, वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया सदर, सिवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया एवं नौगछिया स्टेशनों पर रुकेगी. ट्रेन संख्या 09189 का सूरत स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव होगा. वडोदरा – गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 09111, वडोदरा – गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल हर सोमवार को 19:00 बजे वडोदरा से चलकर कर अगले दिन 23:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. यह ट्रेन 23 फरवरी 2026 से 23 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में गोरखपुर – वडोदरा स्पेशल(09112) हर बुधवार को 05:00 बजे गोरखपुर से चलकर अगले दिन सुबह 10:35 बजे वडोदरा पहुंचेगी. यह ट्रेन 25 फरवरी 2026 से 25 मार्च 2026 तक चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में गोधरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, आगरा फोर्ट, टुंडला, शिकोहाबाद, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा एवं बस्ती स्टेशनों पर रुकेगी. वडोदरा – मऊ साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन संख्या 09195, वडोदरा – मऊ साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल हर शनिवार को 19:00 बजे वडोदरा से चलकर अगले दिन 20:45 बजे मऊ पहुंचेगी. यह ट्रेन 21 फरवरी 2026 से 28 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में यह ट्रेन मऊ – वडोदरा स्पेशल (09196) हर रविवार को 23:15 बजे मऊ से प्रस्थान कर मंगलवार को 00:45 बजे वडोदरा पहुंचेगी. यह ट्रेन 22 फरवरी 2026 से 29 मार्च 2026 तक चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में दाहोद, रतलाम, कोटा, बयाना, आगरा फोर्ट, टुंडला, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, सुल्तानपुर एवं वाराणसी स्टेशनों पर रुकेगी. ट्रेन संख्या 09195 का गोधरा स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव होगा. होली स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग हो चुकी है शुरू रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि "होली स्पेशल ट्रेन संख्या 09343, 09183, 09189, 09111 और 09195 की बुकिंग सभी पीआरएस काउंटरों तथा आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू हो चुका है. इन ट्रेनों के ठहराव सहित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर विजिट कर सकते हैं."

बिजली की कीमतों में 10.2% का इजाफा, 23-26 फरवरी को नियामक आयोग की जनसुनवाई में भाग लें

भोपाल प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से बिजली की दरों में 10.2 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव पर विद्युत नियामक आयोग 23 फरवरी से 26 फरवरी तक जनसुनवाई आयोजित करेगा। यह जनसुनवाई हाइब्रिड मोड में होगी, जिसमें उपभोक्ता ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से या भोपाल स्थित आयोग के कोर्ट कक्ष में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।   आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने लिखित आपत्तियां पहले ही प्रस्तुत कर दी हैं, वे निर्धारित तिथि पर अपने पक्ष को विस्तार से रख सकते हैं।  दरों में 15 फीसदी कमी की गुंजाइश : अग्रवाल विद्युत मामलों के विशेषज्ञ और अधिवक्ता राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में बिजली दरों में वृद्धि की बजाय लगभग 15 प्रतिशत तक कमी संभव है। उन्होंने दावा किया कि इसके समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं। अग्रवाल 23 फरवरी को सत्यापन याचिका 2024-25 की सुनवाई में तथा 24 फरवरी को पूर्व क्षेत्र की जनसुनवाई में आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे जनसुनवाई में भाग लेकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। 9 लाख से अधिक लोगों को मिल रही मुफ्त बिजली राज्य सरकार द्वारा बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को मुफ्त या रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब 9 लाख 30 हजार उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा अटल गृह ज्योति योजना के तहत लगभग एक करोड़ हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है, जबकि अटल कृषि ज्योति योजना के अंतर्गत करीब 26 लाख किसानों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यह जानकारी हाल ही में सरकार ने विधानसभा में दी है।  कंपनियों ने अपनी याचिका में कुल 6,044 करोड़ रुपये का घाटा बताते हुए इस वृद्धि की मांग की है. इस प्रस्ताव पर नियामक आयोग ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और उपभोक्ताओं से 25 जनवरी 2026 तक आपत्तियां आमंत्रित की हैं. आपत्तियों के निराकरण और चर्चा के लिए जनसुनवाई का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है. – पूर्व क्षेत्र (जबलपुर): 24 फरवरी 2026 – पश्चिम क्षेत्र (इंदौर): 25 फरवरी 2026 – मध्य क्षेत्र (भोपाल): 26 फरवरी 2026 – पुरानी खारिज राशियों को घाटे में शामिल करने का आरोप विद्युत मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने इस टैरिफ वृद्धि का पुरजोर विरोध किया है. उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि कंपनियों द्वारा दर्शाए गए 6,044 करोड़ रुपये के घाटे में 3,451 करोड़ रुपये की वह राशि भी शामिल है जो 12 साल पुरानी है और जिसे आयोग पहले ही अवैधानिक मानकर खारिज कर चुका है. इसके अतिरिक्त, 750 करोड़ रुपये की मांग स्मार्ट मीटर के नाम पर की गई है, जो उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ है. श्री अग्रवाल ने मांग की है कि कोरोना काल से चली आ रही ऑनलाइन सुनवाई को बंद कर पूर्व की भांति जबलपुर, इंदौर और भोपाल में व्यक्तिगत उपस्थिति वाली जनसुनवाई आयोजित की जाए. उन्होंने तर्क दिया कि भौतिक उपस्थिति वाली सुनवाई से ही अधिक से अधिक उपभोक्ता प्रभावी ढंग से अपना विरोध दर्ज करा सकेंगे.  

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 सत्र 23 फरवरी से, मंतातरण विरोधी कानून और 2 लाख करोड़ के बजट पर फोकस

 रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का आगामी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जो राजनीतिक दृष्टि से बेहद गरमागरम रहने के आसार हैं। इस सत्र में साय सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य निपटाएगी। चर्चा है कि सरकार इस सत्र में बहुप्रतीक्षित मंतातरण विरोधी विधेयक पेश कर सकती है। राजनीतिक सरगर्मियां तेज सत्र की तैयारियों और सदन में घेराबंदी की रणनीति बनाने के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने 23 फरवरी की शाम चार बजे राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। वहीं, सत्तापक्ष भाजपा ने भी सदन की कार्यवाही को लेकर रणनीति तैयार करने के लिए उसी दिन अपने विधायक दल की बैठक आहूत की है। 24 फरवरी को वित्‍त मंत्री करेंगे पेश, विजन 2047 पर जोर 24 फरवरी 2026 को विधानसभा सत्र में अपना बजट पेश करेगी. वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जानकारी दी कि यह बजट नई थीम और विजन के साथ आएगा, जैसा कि पिछले बजट में “ज्ञान” और “गति” पर जोर था. उन्होंने बताया कि इस बार बजट का दृष्टिकोण विजन 2047 के अनुरूप होगा, जिसमें दीर्घकालिक विकास और रणनीति को स्थान दिया जाएगा जबकि मुख्य वर्गों के लिए विशेष पहल बनाए जाने की बातें उठीं. बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें पहले दिन राज्यपाल अभिभाषण देंगे और अगले दिन यानि 24 फरवरी को बजट दस्तावेज पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री का कहना है कि बजट 2026-27 में महिलाओं, युवाओं और किसानों के साथ-साथ आधारभूत संरचना, खेल एवं स्वास्थ्य जैसी प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान होगा. बजट सत्र लगभग 20 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें शामिल होंगी. बजट की तैयारी और प्राथमिकताएँ में विजन 2047  छत्तीसगढ़ का यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि आने वाले दशकों के लिए रोडमैप भी पेश करेगा. वित्त मंत्री ने कहा है कि बजट में नए विजन और दीर्घकालिक रोडमैप के साथ 2047 तक प्रदेश के विकास की दिशा दिखाई जाएगी और इसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा. महिला, युवा और किसान केंद्रित योजनाएँ वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस बार बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए विशेष अनुदान और योजनाओं पर जोर दिया जाएगा. पिछले बजट के अनुभवों से सीख लेकर इस बार इन वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा नेट और रोजगार सृजन से जुड़े उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है. इन्फ्रास्ट्रक्चर और खेल सुविधाएँ सूत्रों के मुताबिक इस बजट में राज्य के नगर पंचायतों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रिंग रोड निर्माण के लिए लगभग ₹100 करोड़ का प्रावधान किया जा सकता है. इसके अलावा नए खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और नवीनीकरण योजनाएँ भी शामिल होने की संभावना है, जिससे युवा वर्ग के लिए खेल और कौशल विकास के अवसर बढ़ेंगे. आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर फोकस इस बजट में आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और कृषि प्रोत्साहन के लिए मजबूत प्रावधान किए जाने की बात सामने आ रही है. बजट पेश होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों को कितना वित्तीय समर्थन मिलेगा और किस तरह की दीर्घकालिक योजनाएँ लागू होंगी.  विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026-27 प्रदेश की आर्थिक गति को बनाए रखने और सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. इसे विकास, रोजगार और आधारभूत सेवाओं को मजबूत करने वाले प्रावधानों के रूप में देखा जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक विजन के अनुरूप हो सकते हैं. दो लाख करोड़ का हो सकता है बजट सत्र के दूसरे दिन यानी 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में राज्य का वार्षिक बजट प्रस्तुत करेंगे। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार दो लाख करोड़ रुपये के आसपास होगा। इस बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए विशेष प्राविधान और बड़ी योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। 1,000 से अधिक सवाल 20 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। अब तक विधानसभा सचिवालय में एक हजार से अधिक प्रश्न लगाए जा चुके हैं। आधा दर्जन से अधिक विधेयकों के सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है, जिनमें से मंतातरण विरोधी कानून पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।  

मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ा: हाथियों के हमलों में 23 लोगों की जान, बढ़े मुआवजे की मांग तेज

रांची    झारखंड में बीते दो हफ्तों के भीतर हाथियों के हमलों में 23 लोगों की मौत ने पूरे राज्य को चिंता में डाल दिया है। बढ़ती घटनाओं को लेकर विधानसभा में जोरदार बहस हुई और सरकार से ठोस नीति बनाने, मुआवजा बढ़ाने तथा हाथी-मानव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। सदन में क्या उठे मुद्दे? ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस विधायक रामेश्वरम उरांव ने कहा कि लगातार हो रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि हाथियों को लेकर एक स्पष्ट और दीर्घकालिक नीति बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केवल लोगों की सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण से भी जुड़ा मुद्दा है। अगर समय रहते संतुलन नहीं बनाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। मुआवजा बढ़ाने की मांग उरांव ने बताया कि झारखंड में हाथी के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है, जबकि पड़ोसी ओडिशा में यह राशि 10 लाख रुपये तक है। उन्होंने राज्य सरकार से मुआवजा राशि बढ़ाने पर विचार करने की मांग की, ताकि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मदद मिल सके। रेस्क्यू सेंटर और मोबाइल यूनिट की जरूरत विधायक ने सवाल उठाया कि क्या राज्य में एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा और घायल हाथियों के इलाज के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब हाथियों का झुंड आबादी में घुस आता है तो कई बार पश्चिम बंगाल से विशेषज्ञ टीम बुलानी पड़ती है, जिससे देरी होती है और नुकसान बढ़ जाता है। सरकार का जवाब राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार ने माना कि हालात चिंताजनक हैं और सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड अन्य राज्यों जैसे असम और ओडिशा की नीति का अध्ययन कर मुआवजा राशि तय करने पर विचार कर रहा है। मंत्री ने बताया कि राज्य में एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की कमी को दूर करने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) बनाई जा रही है। इसके अलावा दो मोबाइल वेटरनरी यूनिट शुरू करने की भी योजना है, ताकि घायल हाथियों का समय पर इलाज हो सके। मुख्यमंत्री ने जताई चिंता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पर्यावरण में बदलाव के कारण हाथियों के व्यवहार में परिवर्तन आया है। सरकार इस मुद्दे को समग्र दृष्टिकोण से देख रही है और जल्द ही एक विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी घटना के बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए। साथ ही एलिफेंट कॉरिडोर में अवैध खनन पर सख्ती बरती जाएगी। मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि जंगली हाथियों को नियंत्रित करने के लिए तमिलनाडु से छह ‘कुनकी हाथी’ मंगाए जा रहे हैं। ये प्रशिक्षित हाथी होते हैं, जिनकी मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से किया जाता है।

नक्सल प्रभावित सारंडा में धमाका, कोबरा बटालियन के जवानों को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया

चाईबासा  झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित सारंडा वन क्षेत्र में शनिवार को नक्सलियों की एक कायराना करतूत सामने आई है। छोटानागरा थाना अंतर्गत चडरीडेरा गांव के पास नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक शक्तिशाली आईईडी (IED) विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 के दो जवान घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। भीषण विस्फोट और जवानों की स्थिति  नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम जैसे ही चडरीडेरा गांव के समीप पहुंची, पहले से घात लगाकर बिछाए गए आईईडी में जोरदार धमाका हुआ। इस घटना में दो जवान घायल हुए हैं:        हवलदार दिनेश राउत: महाराष्ट्र के रहने वाले दिनेश राउत इस विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उनका बायां पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।          बलजिंदर सिंह: पंजाब के रहने वाले जवान बलजिंदर सिंह को शरीर में स्पलिंटर (विस्फोटक के टुकड़े) लगने से चोट आई है। हालांकि, डॉक्टरों ने उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई है।  तत्काल रेस्क्यू और एयरलिफ्ट  विस्फोट के तुरंत बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। घायल जवानों को जंगल से सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। चाईबासा के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रतिबंधित भाकपा-माओवादी संगठन के खिलाफ पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त अभियान लगातार जारी है। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जगह-जगह आईईडी बिछा रखे हैं।  घटनाओं से जवानों का मनोबल कम नहीं होगा  उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं से जवानों का मनोबल कम नहीं होगा और अभियान और भी तेज किया जाएगा। सारंडा और कोल्हान का यह इलाका लंबे समय से नक्सली आईईडी का केंद्र बना हुआ है।  हाल ही के दिनों में इन विस्फोटों की चपेट में आकर दो स्थानीय ग्रामीणों की भी जान जा चुकी है। नक्सली अपनी पकड़ कमजोर होते देख अब इस तरह के 'अदृश्य हमलों' का सहारा ले रहे हैं, जो सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।  

मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों के बीच मैत्री वॉलीबाल मैच आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में प्रशिक्षणरत 44वें एवं 45वें बैच के  प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षको के मध्य टीम भावना के निर्माण तथा नेतृत्व क्षमता के गुणों के विकास के उद्देश्य से अकादमी स्थित वॉलीबाल ग्राउंड में मैत्री वॉलीबाल मैच का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अकादमी के उप निदेशक  संजय कुमार अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, पीटीएस भौंरी मती यास्मिन जहरा, सहायक निदेशक (बाह्य प्रशिक्षण) मती ज्योति उमठ बघेल, उप पुलिस अधीक्षक  तिलकराज प्रधान आरक्षक  नारायण चौधरी,  अमरीश पटेल सहित अकादमी का समस्त स्टाफ, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस फैमिली लाइन के परिवारजन भी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में 44वें बैच की पुरुष एवं महिला टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब प्राप्त किया। यह आयोजन प्रशिक्षुओं के मध्य आपसी समन्वय, अनुशासन, खेल भावना एवं नेतृत्व कौशल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय सेवा का फिर उदाहरण बने डायल-112 जवान

भोपाल  डायल-112 सेवा प्रदेश में आपात स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता का सशक्त माध्यम बन चुकी है। रतलाम जिले के जावरा औद्योगिक क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल युवक एवं बालक को समय पर अस्पताल पहुँचाकर डायल-112 जवानों ने पुनः अपनी तत्परता और सेवा-भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। दिनांक 20 फरवरी को  राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा अंतर्गत हसन पालिया रोड पर एक मोटरसाइकिल सवार युवक व बालक अज्ञात वाहन की टक्कर से गिरकर घायल हो गए हैं तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना जावरा शहर क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। कुछ ही समय में डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री चंद्रपाल सिंह एवं पायलट श्री मंगलेश्वर सूर्यवंशी मौके पर पहुँचे। डायल-112 जवानों ने मौके पर पहुँचकर पाया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार युवक तथा बालक  घायल हो गए थे। जवानों ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों घायलों को सुरक्षित एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय जावरा पहुँचाया। डायल-112 टीम की तत्परता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण घायलों को शीघ्र चिकित्सा सहायता मिल सकी। डायल-112 जवानों द्वारा निभाई जा रही मानवीय जिम्मेदारी न केवल सराहनीय है, बल्कि यह आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ करती है। संकट की घड़ी में तत्पर सहायता पहुँचाना ही डायल-112 सेवा की वास्तविक पहचान है।