samacharsecretary.com

रानी अवंती बाई सागर प्रोजेक्ट ने रचा रिकॉर्ड, तय समय से 39 दिन पहले पूरा किया बिजली उत्पादन टारगेट

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी ने शुक्रवार को सुबह 7.45 बजे वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्ष‍िक लक्ष्य 508.08 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन को 39 दिनों पूर्व हासिल करने में सफलता पाई है। नब्बे मेगावाट स्थापित क्षमता के बरगी जल विद्युत गृह का इस दौरान प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ) 93 फीसदी रहा। जल विद्युत गृह का फोर्सड् आउटेज मात्र 0.81 फीसदी व प्लान्ड (नियोजित) आउटेज 4.47 फीसदी रहा। बरगी जल विद्युत गृह ने यह सफलता तकनीकी दक्षता, कुशल संचालन व सुदृढ़ अनुरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हासिल की। 38 वर्ष पुराने जल विद्युत गृह ने 12 हजार घंटे से अधिक किया विद्युत उत्पादन 38 वर्ष पुराने बरगी जल विद्युत गृह की दोनों उत्पादन यूनिट ने सामूहिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 12130 घंटे संचालन दर्ज कर निर्धारित उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान बरगी जल विद्युत गृह की प्रथम यूनिट ने 254.89 मिलियन यूनिट व द्वितीय यूनिट ने 253.19 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। पिछले वित्तीय वर्ष में भी बरगी ने हासिल किया था लक्ष्य-रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की 45 मेगावाट की प्रथम यूनिट 3 जून 1988 और 45 मेगावाट की द्वितीय यूनिट 29 नवम्बर 1988 को क्रि‍याशील हुई थी। बरगी जल विद्युत गृह ने इससे पूर्व पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विद्युत नियामक आयोग के निर्धारित वार्ष‍िक लक्ष्य 508 मिलियन यूनिट की तुलना में 509 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया था। लक्ष्य को समयपूर्व प्राप्त करना हमारी कार्यसंस्कृति का परिचायक प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह द्वारा 39 दिन पूर्व ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्ष‍िक लक्ष्य को हासिल करने की सफलता पर अभियंताओं व कार्मिकों बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान में हम अपने अभियंताओं और कार्मिकों की प्रतिबद्धता, दक्षता और टीम भावना के बल पर सकारात्मक विकास पथ पर अग्रसर हैं। प्रत्येक लक्ष्य को समयपूर्व प्राप्त करना हमारी कार्यसंस्कृति का परिचायक बनता जा रहा है और हम सभी गर्व के साथ इन उपलब्धियों को साकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता सुविचारित निर्णय प्रक्रिया, समयबद्ध तकनीकी हस्तक्षेप, प्रभावी अनुरक्षण रणनीति और अभियंताओं व ठेका श्रमिकों के समन्वित प्रयासों से संभव हो पायी है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे NeevCloud स्टॉल पर, AI समिट में स्टार्टअप्स को मिला बड़ा प्रोत्साहन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 नई दिल्ली में नीवक्लाउड के प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया। साथ ही नीवक्लाउड के फाउंडर एवं सीईओ  नरेन सेन से कंपनी की गतिविधियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को  सेन ने बताया कि इंदौर आधारित नीवक्लाउड की स्थापना भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई है। कंपनी स्वदेशी एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है, जिससे देश का डेटा देश में ही सुरक्षित रह सके। नीवक्लाउड और रैकबैंक के साथ वर्तमान में 150 से अधिक कुशल प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं, जो इंजीनियरिंग, एआई, क्लाउड, डेटा सेंटर ऑपरेशंस और रिसर्च के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं।  सेन ने बताया कि कंपनी स्वदेशी एआई चिप के विकास की दिशा में भी कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य विदेशी निर्भरता कम करना, संवेदनशील डेटा को देश में सुरक्षित रखना और रणनीतिक तकनीक पर भारत का नियंत्रण सुनिश्चित करना है। अब तक 700 करोड़ रुपये का निवेश सुरक्षित किया जा चुका है और आगामी पाँच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर तकनीक के विकास के लिए प्रस्तावित है। रैकबैंक के माध्यम से ऊर्जा-कुशल और हाई-डेंसिटी एआई डेटा सेंटर्स स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एआई, क्लाउड और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रकार के नवाचार देश को डिजिटल क्षेत्र में सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। 

सरकार का लक्ष्य गांव-गांव तक सड़क, सिंचाई और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना : मंत्री केदार कश्यप

रायपुर सरकार का लक्ष्य गांव-गांव तक सड़क, सिंचाई और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना : मंत्री  केदार कश्यप वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दूरस्थ गांवों तक सड़क, सिंचाई और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर ग्रामीण जीवन को आसान बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि करोड़ों रुपये के इन विकास कार्यों से किसानों को बेहतर सिंचाई व्यवस्था मिलेगी, आवागमन सुगम होगा और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी। वन मंत्री  केदार कश्यप ने  नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकास कार्यों को नई गति देते हुए सालेमेटा और घोटिया में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान कुल लगभग 65 करोड़ 96 लाख रूपए से अधिक के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। भूमिपूजन किए गए कार्यो में सालेमेटा क्षेत्र के 6276.65 लाख रुपये और घोटिया क्षेत्र के 320.12 लाख रुपये के कार्य शामिल हैं। सालेमेटा क्षेत्र में 6276.65 लाख रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ सालेमेटा में सबसे बड़ा कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा कोसारटेडा परियोजना की मुख्य नहर के 24 किमी जीर्णोद्धार का है, जिसकी लागत 4132.58 लाख रूपए है। इसके साथ ही कोरारटेडा नाला पर एनीकट सह सौर उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 402.59 लाख, खण्डसरा क्षेत्र में गिरलकोना एनीकट सह सौर उद्ववहन सिंचाई के लिए 423.68 लाख रुपए के कार्य का भूमिपूजन किया l इसी प्रकार मुण्डागुड़ा क्षेत्र में योजना के लिए 421.35 लाख तथा सोलगुड़ा स्टॉपडैम सह सौर उद्वहन निर्माण के लिए 422.41 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। भानपुरी स्थित सिंचाई कॉलोनी में सड़क, नाली, बाउंड्रीवाल, पानी टंकी और पाइपलाइन, क्रीडा परिसर निर्माण हेतु 350.75 लाख रूपए का कार्य भी शामिल है, जबकि पीएमजीएसवाई अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 98.29 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा छोटे स्तर पर पुलिया निर्माण के कार्य 4.50 लाख, 09 लाख और 11.50 लाख रुपये की लागत से किए जाएंगे। जहां इन सभी कार्यों का कुल योग 6276.65 लाख रुपये है। घोटिया क्षेत्र में 320.12 लाख रुपये के विकास कार्य का भूमिपूजन दूसरे चरण में घोटिया में आयोजित कार्यक्रम में कुल 320.12 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ। यहां गुनपुर के पास नारंगी नदी पर तटरक्षण कार्य के लिए 298.62 लाख रुपये का प्रावधान है, जबकि हाई स्कूल के पास पुलिया निर्माण हेतु 09 लाख रुपए के स्वीकृत हुए। इसी तरह गुड़ीपारा और तिरथा में सांस्कृतिक भवन निर्माण के लिए पांच-पांच लाख रुपये तथा ग्राम पंचायत गुरिया में पानी टैंकर वितरण 2.50 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। जहां विकास कार्यों की कुल लागत 320.12 लाख रुपये है। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  बलदेव मंडावी,  संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दिवान सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन की मौजूद थे।

जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

रायपुर. जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर स्थित अपने निज निवास पर क्षेत्र के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने न केवल आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित भी किया। मंत्री  राजेश अग्रवाल का यह जनसंपर्क कार्यक्रम औपचारिकता से परे, संवेदनशील संवाद का उदाहरण बनकर सामने आया। उनके व्यवहार में सहजता, सहृदयता और आत्मीयता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। क्षेत्रवासियों ने खुलकर सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुविधाओं से जुड़ी मांगें मंत्री के समक्ष रखीं, जिन पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण एवं क्षेत्रीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।  राजेश अग्रवाल का मानना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना ही वास्तविक जनसेवा है।  अग्रवाल जनता से निरंतर संपर्क में रहकर समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता झलकती है। वे क्षेत्र के विकास को केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व मानते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के लोग उन्हें सहज, सुलभ और संवेदनशील जनप्रतिनिधि के रूप में देखते हैं।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के रूप में  राजेश अग्रवाल जहां प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय हैं, वहीं अपने विधानसभा क्षेत्र और लखनपुर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों की सतत निगरानी भी कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने इस अवसर पर मंत्री की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा आमजन की बात सुनने और समाधान सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध रहते हैं। लखनपुर में आयोजित यह भेंट-मुलाकात केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम ही नहीं, बल्कि मंत्री  राजेश अग्रवाल और क्षेत्र की जनता के बीच गहरे विश्वास और आत्मिक संबंध का सशक्त प्रमाण भी है।

प्रेस क्लब बिलासपुर में शपथ ग्रहण: उप मुख्यमंत्री अरुण साव बोले—पत्रकारों की ताकत से मिलेगा नया आयाम

बिलासपुर प्रेस क्लब बिलासपुर के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि  अरुण साव ने नई टीम को शपथ दिलाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक ने की। विशेष अतिथियों के रूप में कोटा विधायक  अटल वास्तव, बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला, महापौर मती पूजा विधानी, नगर निगम सभापति  विनोद सोनी तथा नेता प्रतिपक्ष  भरत कश्यप उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न चुनाव में  अजीत मिश्रा प्रेस क्लब बिलासपुर के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। उपाध्यक्ष पद पर  विजय क्रांति तिवारी, सचिव  संदीप परिहार, कोषाध्यक्ष  किशोर कुमार सिंह, सह सचिव  हरिशंकर गंगवानी तथा कार्यकारी सदस्य के रूप में  कैलाश यादव चुने गए हैं। मुख्य अतिथि एवं उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने नई टीम को बधाई देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और एकजुटता के साथ यह टीम बिलासपुर का नाम और ऊंचा करेगी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर प्रेस क्लब से अनेक वरिष्ठ पत्रकार निकले हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बिलासपुर को पहचान बनाई है। नई टीम इस गौरव को और आगे बढ़ाएगी। उन्होंने पत्रकारिता को चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बताते हुए कहा कि इसमें निरंतर मेहनत, प्रतिबद्धता और निष्पक्षता की आवश्यकता होती है। बड़ी संख्या में जुड़े नए पत्रकारों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने इसमें राष्ट्रीय स्तर के पत्रकारों को भी आमंत्रित करने का सुझाव दिया। उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बिरकोना स्थित पत्रकार कॉलोनी में सड़क निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही प्रेस क्लब भवन के कायाकल्प का कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने न्यायधानी की गरिमा के अनुरूप प्रेस क्लब को मजबूत बनाने में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।    अध्यक्षीय उद्बोधन में विधायक  धरमलाल कौशिक ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ प्रेस को माना गया है। मीडिया न केवल राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखती है, बल्कि बिलासपुर के हितों के लिए संघर्ष में भी अग्रणी भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि प्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर राजधानी रायपुर में उच्च स्तरीय बैठकों में चर्चा कर निर्णय लिया जाना इसकी प्रभावशीलता का प्रमाण है विधायक  अटल वास्तव ने कहा कि प्रेस क्लब केवल समाचार प्रकाशन तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय हितों की रक्षा में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। बिलासपुर में रेलवे जोन और केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना में प्रेस क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विधायक सुशांत शुक्ला ने प्रेस क्लब की निष्पक्ष पत्रकारिता की सराहना करते हुए कहा कि बिलासपुर को उसका वाजिब हक दिलाने में मीडिया ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नव निर्वाचित प्रेस क्लब अध्यक्ष  अजीत मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया। उपाध्यक्ष  विजय क्रांति तिवारी ने आभार व्यक्त किया। गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में पत्रकार, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह ने प्रेस क्लब की नई टीम के प्रति विश्वास और अपेक्षाओं को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सहभागिता

निर्भय होकर एआई से प्रदेश के विकास की सभी संभावनाओं पर करेंगे काम प्रदेश में एआई बेस्ड डेटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशक आमंत्रित मध्यप्रदेश जल्द लांच करेगा स्टेट एआई मिशन कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का करेंगे उपयोग धार्मिक पर्यटन बढ़ाने और सिंहस्थ महाकुंभ के समुचित नियोजन एवं प्रबंधन में करेंगे एआई का इस्तेमाल   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में सबसे … Read more

वन मंत्री केदार कश्यप ने चित्रकोट महोत्सव के दौरान किया बस्तर हेरिटेज मैराथन के लोगो का अनावरण

रायपुर बस्तर में खेल एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन आगामी 22 मार्च को किया जाएगा। चित्रकोट महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप ने बस्तर हेरिटेज मैराथन के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया। कलेक्टर बस्तर ने बताया कि बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन 22 मार्च को किया जाएगा, जिसमें 5 किमी, 10 किमी, 21 किमी और 42 किमी की दौड़ प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता चित्रकोट जलप्रपात से प्रारंभ होकर कुरुषपाल तक 21 किमी जाकर वापस चित्रकोट में समाप्त होगी। पाँच किलोमीटर की दौड़ चित्रकोट से मारडूम चौक तक, दस किमी की दौड़ एसटीएफ कैम्प से वापस चित्रकोट तक होगी। वन मंत्री  कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन किया जा रहा है स यह केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की पहल है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी का आह्वान किया।  इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप, विधायक  विनायक गोयल, पूर्व विधायक  लच्छूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

तंबाकू पर सख्ती: सरकारी कार्यालयों में पूरी तरह बैन, पढ़ाई में जुड़ेगा एंटी-टोबैको पाठ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तंबाकू के बढ़ते प्रभाव को रोकने और युवा पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाने के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 'तंबाकू मुक्त क्षेत्र' (Tobacco Free Zone) घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए अब तंबाकू मुक्त परिसर के नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई 'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' की बैठक में राज्य स्तरीय समन्वय समिति ने कई फैसलों पर मुहर लगाई। तंबाकू की दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी का प्रस्ताव राज्य सरकार अब तंबाकू की उपलब्धता को कम करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव दिया है कि: दो तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के नियम पर विचार किया जाए।      बिना वैध लाइसेंस के तंबाकू बेचना अब और भी मुश्किल होगा। स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे दुष्प्रभाव मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि तंबाकू के खिलाफ जंग की नींव बचपन में ही रखनी होगी। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है: प्राथमिक स्तर से ही तंबाकू के दुष्प्रभावों को पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि तंबाकू के साथ जुड़े 'तथाकथित ग्लैमर' के भ्रम को तोड़ा जा सके।    किसी भी नए शिक्षण संस्थान को मान्यता तभी मिलेगी, जब वह 'तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान' के कड़े दिशानिर्देशों का पालन करेगा। स्वास्थ्य ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं: चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे हर मरीज को तंबाकू छोड़ने की प्रभावी सलाह दे सकें।      सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एक तय समय सीमा के भीतर 'तंबाकू निषेध केंद्र' (Cessation Centers) स्थापित किए जाएंगे।      तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही करनी होगी। युवाओं में इसके बढ़ते आकर्षण को रोकने के लिए हमें इसके ग्लैमरस विज्ञापन वाले चेहरे को बेनकाब करना होगा।- एसपी गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश बैठक में ये रहे मौजूद इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 'कोटपा' (COTPA) अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।  

छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में शिवाजी जैसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। अफजल खाँ के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी ने संकट को भांपकर धैर्य और रणनीति से निर्णय लिया और विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध उनकी युक्तिपूर्ण रणनीति यह सिखाती है कि बड़े से बड़े शत्रु को भी सूझबूझ और साहस से पराजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के दौरान संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों की आस्था का सम्मान किया और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का अद्भुत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है। राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का यह विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है, जिसमें सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वाधान में आयोजित इस महानाट्य के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक  योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा  और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं ऊंटों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ  कौशिक नाईक एवं  वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों में कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयामों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के  अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राजस्थान के विनोद जाखड़ बने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष

जयपुर. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने राजस्थान की छात्र राजनीति के कद्दावर चेहरे विनोद जाखड़ को NSUI का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह न केवल विनोद जाखड़ के लिए, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है क्योंकि NSUI के 55 साल के इतिहास में पहली बार है जब कमान राजस्थान के किसी नेता को सौंपी है। विनोद जाखड़ वर्तमान में राजस्थान NSUI के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर जनवरी 2024 में विनोद जाखड़ को राजस्थान NSUI का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान: छात्र हितों का संघर्ष: उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी में आरएसएस (RSS) के कार्यक्रमों के विरोध से लेकर छात्रसंघ चुनाव बहाली तक कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया। जेल और संघर्ष: छात्र हितों की लड़ाई में उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा। शीर्ष नेतृत्व का भरोसा: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के 'यूथ विजन' में फिट बैठने के कारण उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्थान की राजनीति पर क्या होगा असर? विनोद जाखड़ की इस नियुक्ति के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं: जातीय समीकरण: कांग्रेस ने एक दलित युवा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर राजस्थान और देश के अन्य राज्यों में दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। युवा नेतृत्व: राजस्थान से पहली बार किसी का इस पद पर पहुँचना, प्रदेश के अन्य युवा छात्र नेताओं के लिए दिल्ली के दरवाजे खोलने जैसा है। संघर्ष की कहानी विनोद जाखड़ की कहानी किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है। जयपुर के पास एक साधारण परिवार में जन्मे विनोद के पिता पेशे से मिस्त्री (प्लास्टर का काम करने वाले) हैं। बचपन का संघर्ष: जब विनोद 7 साल के थे, उनका परिवार काम की तलाश में जयपुर शिफ्ट हो गया। शिक्षा: उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा उसी स्कूल में प्राप्त की जहाँ उनके पिता मजदूरी करते थे। बाद में राजस्थान यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए। दलित चेहरा: विनोद जाखड़ एससी (SC) वर्ग से आते हैं और वे राजस्थान कॉलेज के पहले दलित अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2018 की वो 'ऐतिहासिक' जीत विनोद जाखड़ की असली पहचान साल 2018 के राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव से हुई। उस समय NSUI ने विनोद को टिकट नहीं दिया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे। उन्होंने न केवल चुनाव जीता बल्कि पूरे प्रदेश की छात्र राजनीति में अपनी साख जमा ली। जीत के बाद वे पुनः कांग्रेस और NSUI के साथ जुड़ गए।