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33 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने की दिशा में अग्रसर

संडे स्पेशल हर महीने लाख तक कमाने लगीं हैं लखपति दीदियां 33 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने की दिशा में अग्रसर सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर, लखपति दीदी परिवार का बनीं सहारा लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिलाएं अब आर्थिक स्वावलंबन के माध्यम से सफलता की नई कहानियां गढ़ रहीं हैं। लखपति दीदी योजना से कई महिलाएं हर महीने एक लाख रुपये तक की कमाई कर रहीं हैं। पिछले नौ साल में महिला सशक्तीकरण के लिए प्रदेश सरकार ने तत्परता से योजनाओं का क्रियान्वयन किया है जिससे यह उपलब्धि हासिल हो पायी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 33 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने की दिशा में अग्रसर हैं। बढ़ी कमाई, परिवार का बनीं सहारा आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल हैं आजमगढ़ जिले की हुस्नआरा खातून जो तैबा स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं । वे रेशमी साड़ी निर्माण के काम से जुड़ीं हैं। लखपति दीदी योजना के माध्यम से जब एक लाख 15 हजार रुपये की सहायता मिली तो जैसे ठहरी हुई रफ्तार को पंख लग गए। आज वे प्रतिमाह लगभग एक लाख रुपये तक कमा रहीं हैं। वे कहती हैं कि अब उनका कारोबार बारह गुना तक बढ़ चुका है। उनका परिवार सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीवनयापन कर रहा है। आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन को मिला बल प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संसाधन, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने का जो व्यापक ढांचा तैयार हुआ, उसने हजारों परिवारों की तकदीर बदल दी। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत ही आजमगढ़ की शशिकला राजभर ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ऋण प्राप्त किया। इससे अदिति फास्ट फूड के नाम से अपना स्टॉल शुरू किया। आज वे प्रतिदिन लगभग 2000 रुपये का कारोबार कर रही हैं। वे बताती हैं कि पहले रोजगार की तलाश में थी, आज वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन चुकीं हैं। यह परिवर्तन दर्शाता है कि योजनाएं जब सही दिशा और निगरानी के साथ लागू होती हैं तो परिणाम समाज की संरचना को बदल देते हैं। लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का लेनदेन महिला सशक्तीकरण का सबसे मजबूत स्तंभ वित्तीय सहायता है जिसमें प्रदेश सरकार ने खासी प्रगति हासिल की है। आजमगढ़ की सरोज मौर्या इसकी जीवंत तस्वीर हैं। पढ़ाई के साथ वे बीसी सखी के रूप में कार्य कर रहीं हैं और गांवों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचा रही हैं। उनके बताया कि पहले ग्रामीण महिलाएं बैंक जाने से हिचकतीं थीं। अब वे घर के पास ही जमा-निकासी, पेंशन वितरण और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाएं पा रहीं हैं। इस पहल ने महिलाओं को न केवल रोजगार दिया बल्कि उन्हें आर्थिक निर्णयों में सहभागी भी बनाया। बीसी सखियों ने प्रदेश में अब तक लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन किया है और 107 करोड़ रुपये से अधिक का लाभांश अर्जित किया है। यह आंकड़ा बताता है कि महिलाएं अब आर्थिक गतिविधियों की मुख्य धुरी बन चुकी हैं। नौ लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन प्रदेश में नौ लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। 63,519 ग्राम संगठन और 3272 संकुल स्तरीय संघ सक्रिय हैं जिनसे 99 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। लखपति महिला योजना के तहत 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। यह केवल सरकारी उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रमाण है।  कारोबार शुरू करने के लिए मिलती है पूंजी लखपति दीदी योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को लघु उद्योग और स्वरोजगार शुरू करने के लिए आसान, ब्याज मुक्त और चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराया जाता है। इससे महिलाओं को छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने में सहायता मिलती है।

नर्मेदश्वर महादेव का नया मंदिर बना,धूम धाम से समारोह हुआ

रायपुर   शहर की प्रमुख कालोनी जैनम विहार में महाशिवरात्रि के अवसर पर नव निर्मित नर्मदेश्वर शिव मंदिर का लोकार्पण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ । जैनम विहार मंदिर निर्माण समिति द्वारा इस मंदिर का निर्माण कार्य करीब दो वर्ष पूर्व शुरू हुआ था जो आज महाशिवरात्रि पर पूर्ण हुआ ।          लालपुर स्थित जैनम विहार में बने इस मंदिर में शिव परिवार जिसमें भगवान गणेश,कार्तिकेय और पार्वती माँ विराजित हैं । साथ ही बजरंग बली की मूर्ति स्थापना भी की गई है । कालोनी वासियों के सहयोग से निर्मित इस मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर सभी अत्यंत उत्साहित थे।

कोलार पुलिस ने 2 नाबालिग बालकों को सकुशल किया बरामद

कोलार पुलिस ने 2 नाबालिग बालकों को सकुशल किया बरामद   कजलीखेड़ा इलाके से लापता हुए थे बच्चे भोपाल  राजधानी की कोलार पुलिस ने रविवार को बगैर बताए लापता हुए 2 नाबालिगों को कुछ ही घंटों के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। पुलिस की इस कार्रवाई से संभावित अनहोनी की घटना घटित होने से बच गई। जानकारी के अनुसार थाना कोलार रोड अंतर्गत पुलिस चौकी कजलीखेड़ा क्षेत्र के ग्राम सतगढ़ी बोरदा से 2 नाबालिग बालकों के गुम होने संबंधी सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस ने तत्काल ही गुम इंसान कायम कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने नाबालिक बच्चों को शीघ्र दस्तयाब कर वैधानिक कार्यवाही करने हेतु समुचित निर्देश दिये थे। उक्त तारतम्य में चौकी प्रभारी कजलीखेड़ा एसआई केशांत शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर बालकों की पतारसी प्रारंभ की गयी। पतारसी के दौरान संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्यवाही करते हुए दोनों बालकों के सब्जी बाजार बंजारी के पास दिखने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल टीम को मौके पर रवाना किया गया, जहां पर उक्त गुमशुदा बच्चे मिल गए। बालकों को चौकी कजलीखेड़ा लाकर गुमशुदा बच्चों से पूछताछ की गयी, जिन्होंने अपने साथ कोई घटना होना नही बताया। उसके बाद दोनों बच्चों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया। उक्त कार्यवाही में चौकी प्रभारी एसआई केशांत शर्मा, एएसआई रुपेश नर्रे, संतोष कुमार, हेड कांस्टेबल रणजीत सिंह कलम, आरक्षक राजेश जाटव, प्रदीप यदुवंशी और महिला आरक्षक राधिका की सराहनीय भूमिका रही है।

भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए शुरू हुआ पंजीकरण

चंडीगढ़. भारतीय सेना में अग्निवीर स्कीम के तहत वर्ष 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। हरियाणा के 6 जिलों अम्बाला, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, पंचकूला और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के पुरुष अभ्यर्थियों तथा दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल एवं चंडीगढ़ की महिला अभ्यार्थियों के लिए पंजीकरण 13 फरवरी, 2026 से 01 अप्रैल, 2026 तक होगा। सभी योग्य अभ्यर्थी वैबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया पुरुष वर्ग में अग्निवीर (सामान्य कर्तव्य), अग्निवीर (तकनीकी), अग्निवीर (लिपिक/स्टोर कीपर तकनीकी) और अग्निवीर ट्रेड्समैन 10वीं और 8वीं पास तथा महिला वर्ग में महिला मिलिट्री पुलिस के लिए आयोजित की जा रही है। इस वर्ष से अग्निवीर में भर्ती के लिए पुरुष और महिला अभ्यर्थियों का अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 21 वर्ष से 22 वर्ष कर दिया गया है। अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में पहले चरण में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। ऑनलाइन परीक्षा की संभावित तारीख 1 जून से 15 जून 2026 है। यदि परीक्षा की तिथि में कोई बदलाव होता है तो उसकी सूचना वैबसाइट पर जारी की जाएगी। दूसरे चरण में ऑनलाइन परीक्षा में मैरिट में चयनित अभ्यर्थियों को भर्ती रैली में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा।

CBSE की 10वीं और 12वीं की कल से होंगी बोर्ड परीक्षाएं

लुधियाना. सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। बोर्ड के मुताबिक दोनों क्लासेज में देश-विदेश से करीब 46 लाख स्टूडेंट्स अपीयर होने जा रहे हैं। परीक्षा को सुरक्षित, अनुशासित और स्ट्रैस फ्री बनाने के लिए सी.बी.एस.ई. ने छात्रों के लिए विशेष 'क्या करें और क्या न करें' की एक लिस्ट जारी की है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव में किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित न होना पड़े। सी.बी.एस.ई. ने समय की पाबंदी पर सबसे अधिक जोर दिया है। परीक्षा सुबह 10.30 बजे शुरू होगी लेकिन विद्यार्थियों को सुबह 10 बजे तक परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचना अनिवार्य है। सुबह 10 बजे के बाद किसी भी छात्र को केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बोर्ड ने सलाह दी है कि ट्रैफिक और दूरी को देखते हुए विद्यार्थी सुबह 9 या 9.30 बजे तक केंद्र पर पहुंच जाएं। पहले से करें यात्रा की योजना – बोर्ड ने विद्यार्थियों और पेरैंट्स से कहा है कि वे परीक्षा के दिनों में लोकल ट्रैफिक, दूरी, मौसम और संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। छात्रों को परीक्षा से पहले एक बार अपने केंद्र का दौरा करने की भी सलाह दी गई है ताकि रास्ता, समय और दूरी का सही अंदाजा लगाया जा सके। स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें और उन्हें समय प्रबंधन तथा परीक्षा संबंधी नियमों के प्रति जागरूक बनाएं। यह परीक्षा केवल छात्रों की तैयारी ही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की सजगता, जिम्मेदारी और निर्णय क्षमता की भी परीक्षा है, इसलिए सभी को नियमों, प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी होना जरूरी है। इन बिंदुओं पर भी करें गौर – बिना एडमिट कार्ड विद्यार्थी को सैंटर में नहीं मिलेगी एंट्री एडमिट कार्ड पर पेरैंट्स और स्कूल प्रिंसीपल के सिग्नेचर जरूर हों एडमिट कार्ड को लैमिनेट न करें, क्योंकि इस पर इनविजिलेटर के सिग्नेचर होने जरूरी हैं रैगुलर विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य प्राइवेट परीक्षार्थी साधारण कपड़े पहन सकते हैं विद्यार्थी ट्रांसपेरैंट पाऊच में नीला या काला पैन, पैंसिल, रबर, कटर और स्केल ले जा सकते है पानी के लिए केवल ट्रांसपेरैंट बोतल की अनुमति, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटुथ डिवाइस, कैल्कुलेटर, लॉग टेबल, इलैक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह वर्जित किसी भी प्रकार की लिखित सामग्री या कागज के टुकड़े ले जाना यू.एफ.एम. माना जाएगा एग्जाम सैंटर में ध्यान रखने वाली बातें – विद्यार्थी अपनी सीट पर बैठने से पहले आस-पास जांच लें कि कोई कागज तो नहीं गिरा है। आंसर-शीट मिलने पर उसके पन्नों की जांच करें और ओ.एम.आर. शीट पर अपना रोल नंबर, विषय कोड और अन्य डिटेल्स सावधानी से भरें। सी.बी.एस.ई. ने चेतावनी दी है कि नकल करते हुए या वर्जित सामान के साथ पकड़े जाने पर छात्र को परीक्षा से निकाला जा सकता है और भविष्य के लिए डिबार किया जा सकता है।

प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी के लिए निशुल्क प्रशिक्षण

जशपुर. नवसंकल्प जशपुर में प्रतियोगी परीक्षाओ जैसे CGPSC 2027, छग सहायक शिक्षक भर्ती , छग व्यापम एवम द्वारा आयोजित एवम अन्य भर्ती परीक्षाओ (जैसे सब इंस्पेक्टर , मंडी उपनिरीक्षक ,फायरमैन , परिवहन आरक्षक , वन रक्षक ) की तैयारी के लिए निःशुल्क (आवासीय + डे-स्कॉलर ) प्रशिक्षण दिया जाना है. 3 नए बैच प्रारंभ किया जाना है. 3 नए बैच के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 10 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक है, जिसके लिए प्रवेश परीक्षा 23 फ़रवरी 2026 को लिया जायेगा , प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 25 फ़रवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक लिया. प्रवेश परीक्षा एवम इंटरव्यू के आधार पर 50 ( 24 छात्र + 26 छात्राओ) को हॉस्टल में प्रवेश दिया जायेगा व अन्य छात्र डे स्कॉलर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. नीचे लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरें https://forms.gle/sBuLT2UVyqGPa1LG9

महाशिवरात्रि पर प्रयागराज में माघ मेले का समापन, 44 दिनों में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

महाशिवरात्रि पर प्रयागराज में माघ मेले का समापन, 44 दिनों में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी ने भगवान शिव का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों के लिए की मगंलकामना काशी विश्वनाथ धाम में पुष्प वर्षा से किया गया शिवभक्तों का स्वागत लखनऊ प्रयागराज के पावन संगम तट पर लगे धर्म-कर्म, त्याग और समर्पण के माघ मेले का समापन रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुआ। हर हर महादेव के जयघोष और ऊं नम: शिवाय के मंत्रोच्चार से संगम नगरी गूंज उठी। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी ने रुद्राभिषेक-जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। काशी विश्वनाथ धाम में पुष्पवर्षा से शिवभक्तों का स्वागत हुआ। देश-विदेश के 63 मंदिरों से आई भेंट को भगवान श्री विश्वेश्वर को अर्पित किया गया।  माघ मेले में 22 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी प्रयागराज में माघ मेले में महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई। 44 दिन चले माघ मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 22 करोड़ को पार कर गई। ये अब तक किसी भी माघ मेले का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माघ मेले के आयोजन और तैयारियों पर नजर रखे हुए थे और महाशिवरात्रि पर भी लगातार खबर ले रहे थे। गोरखपुर में मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का किया रुद्राभिषेक गोरखपुर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने अंधियारी बाग स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर और भरोहिया के पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी दर्शन, पूजन व दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक किया और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।   काशी में गूंजा “हर-हर महादेव” और “बोल बम” का जयघोष महाशिवरात्रि पर काशी आस्था, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रही। श्रद्धा की डोर से बंधे लाखों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के विवाहोत्सव के साक्षी बनने उमड़े। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक बेलपत्र, गंगाजल और दूध बाबा पर अर्पित किया। काशी “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान रही। श्री विश्वेश्वर के लिए देश-विदेश के कुल 63 मंदिरों से भेंट आई। यह भेंट भगवान श्री विश्वेश्वर की मध्याह्न भोग आरती में अर्पित कर श्रद्धालुओं के मध्य वितरित की गई। शाम छह बजे तक 5,20,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाज़िरी लगाई।  रामनगरी में शिवभक्तों का लगा तांता   महाशिवरात्रि के अवसर पर अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर और क्षीरेश्वर नाथ मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों पर शिवभक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे अयोध्या धाम को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया। प्रत्येक जोन और सेक्टर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

कैब ड्राइवर से मोबाइल लूटने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार,लूट के मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद

कैब ड्राइवर से मोबाइल लूटने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार,लूट के मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद भोपाल  हबीबगंज इलाके में कैब ड्राइवर से मोबाइल फोन लूटकर फरार होने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।इलाके में लगे करीब एक सैकड़ा सीसीटीवी कैमरे देखने के बाद आरोपियों का सुराग मिला था। दोनों आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार भी बरामद कर ली गई है। जानकारी के अनुसार पीयूष मालवीय (23) शिवनगर फेस-2 नीलबड़ में रहते हैं और किराए पर औरा कार चलाते हैं। पिछले दिनों वह रानी कमलापति स्टेशन से सवारी लेकर ईश्वर नगर के पास ड्राप करने पहुंचे थे। देर रात सवारी छोडऩे के बाद वह कार लेकर वापस लौट रहे थे, तभी दानापानी रोड पर शालीमार काम्पलेक्स के पास स्कॉर्पियो सवार दो लड़कों ने उसे ओवरटेक कर रोक लिया और दो मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। लूटे गए मोबाइल की कीमत डेढ़ लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात स्कॉर्पियो सवार युवकों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम बनाकर आरोपियों की तलाश में लगाया गया। टीम ने घटनास्थल समेत आसपास के इलाके के करीब सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और मुखबिरों को सक्रिय किया गया।  रेलवे कॉलोनी में खड़ी मिली स्कॉर्पियो जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात में उपयोग की गई काले रंग की स्कॉर्पियो कार रेलवे कॉलोनी में खड़ी देखी गई है।सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो के साथ ही दो संदेहियों को हिरासत में लिया। थाने लाकर पूछताछ करने पर उन्होंने एक कैब ड्रायवर के साथ झूमाझटकी कर मोबाइल फोन लूटने की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाली रात वह दोनों तफरीह करने के लिए  निकले थे। इसी दौरान योजना बनाकर कैब ड्राइवर के मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अर्जुन कुमार शर्मा (25) निवासी शिवाय कुंज रेलवे कालोनी शाहपुरा बताया, जबकि दूसरा साथी नाबालिग है। आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी संजीव चौसके, एसआई अखिलेश त्रिपाठी, अजय दुबे, हेड कांस्टेबल राघवेन्द्र भास्कर, नागेन्द्र सिंह,  आरक्षक राकेश भारद्वाज, अरविन्द यादव, कंचन यादव, रामनरेश, पुष्पेन्द्र भदौरिया और शिवशंकर की सराहनीय भूमिका रही है।

भोपाल के 4 कुख्यात लुटेरे चढ़े रतलाम पुलिस के हत्थे

भोपाल के 4 कुख्यात लुटेरे चढ़े रतलाम पुलिस के हत्थे   रतलाम और आसपास के जिलों में कर रहे थे लूटपाट   सोने का मंगलसूत्र और मोबाइल समेत हजारों का माल बरामद  भोपाल  राजधानी भोपाल के चार कुख्यात बदमाशों को रतलाम पुलिस ने लूटपाट के मामले में गिरफ्तार किया है।चारों ने बदमाशों ने रतलाम समेत आसपास के जिलों में महिलाओं के साथ मंगलसूत्र, चैन, मोबाइल फोन और पर्स समेत अन्य लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया था। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पूर्व से गंभीर अपराध दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार रतलाम जिले के थाना जावरा, थाना ताल, आलोट, थाना बड़ोद जिला आगर, सुसनेर जिला आगर और जीरापुर जिला राजगढ़ में महिलाओं के गले से मंगलसूत्र, मोबाइल फोन और पर्स लूट की घटनाओं हुई थी। इन वारदातों को पल्सर बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने अंजाम दिया था, जिसको लेकर स्थानीय थानों में प्रकरण दर्ज किए गए थे। लगातार हो रही वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार ने स्वयं के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार और एसडीओपी आलोट पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में विभिन्न थानों, सायबर सेल और सीसीटीवी की संयुक्त टीम बनाकर आरोपियों की तलाश में लगाया था। टीम ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर बदमाशों का रूटमैप तैयार किया और संदेहियों को फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित किये। मुखबिर से मिली सूचना, सायबर सेल टीम की मदद और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।पकड़े गए आरोपियों से लूटे गए 2 मंगलसूत्र, सोने के 29 मोती और एक मोबाइल फोन समेत हजारों का सामान बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पुलिस ने इस मामले में आरोपी विजय डिण्डोरिया (21) निवासी रातीबड़, राजा खान (23) निवासी कमलानगर, लक्की राजपूत (23) निवासी कोलार रोड और मयंक जैन (40) निवासी कोलार रोड बताया गया है। आरोपी लक्की के खिलाफ चोरी और लूटपाट समेत करीब 28 अपराध पहले से दर्ज हैं, जबकि राज के खिलाफ सात अपराध हैं। आरोपी विजय के खिलाफ कुल छह अपराध पूर्व से दर्ज बताए गए हैं। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

नियमों के अनुरूप डीपीसी का दायित्व सौंपा – प्रशासन का पारदर्शी निर्णय

नियमों के अनुरूप डीपीसी का दायित्व सौंपा – प्रशासन का पारदर्शी निर्णय बड़वानी जिला शिक्षा केंद्र में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के प्रभार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कलेक्टर जयति सिंह द्वारा लिया गया निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से पूरी तरह नियमसम्मत और पारदर्शी बताया जा रहा है। पूर्व डीपीसी प्रमोद शर्मा के स्थानांतरण उपरांत प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सहायक परियोजना समन्वयक अशरफ खान को डीपीसी का अस्थायी प्रभार सौंपा गया है। श्री खान बीते 12 वर्षों से शिक्षा विभाग में निरंतर सेवाएं दे रहे हैं और जिला शिक्षा केंद्र की योजनाओं एवं व्यवस्थाओं का व्यापक अनुभव रखते हैं।  प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम कलेक्टर ने 11 फरवरी को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्थायी नियुक्ति हेतु भोपाल स्तर पर पत्राचार किया गया है। ऐसे में विभागीय कार्यों में बाधा न आए, योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से चलता रहे तथा विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिले—इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया।    अनुभव और वरिष्ठता का सम्मान सूत्रों के अनुसार, श्री खान लंबे समय से सहायक परियोजना समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं और उसके पूर्व में भी 2001 में भी डीपीसी का प्रभार संभाल चुके है प्रदेश के कई जिलों में शिक्षाकर्मी वर्ग एक को प्रभारी डीपीसी  बनाया गया है, जिले की शैक्षणिक योजनाओं, बजट प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वरिष्ठता क्रम और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रभार सौंपना व्यावहारिक निर्णय माना जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता – कार्य में निरंतरता कलेक्टर जयति सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखना है। स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण होने तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। शिक्षा जगत से जुड़े कई लोगों का मानना है कि अनुभवी अधिकारी को प्रभार दिए जाने से विभागीय कार्यों में गति आएगी और लंबित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा सकेगा। समग्र रूप से यह निर्णय प्रशासनिक विवेक, अनुभव और कार्य निरंतरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया संतुलित कदम माना जा रहा है।