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किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनी योगी सरकार, 873.58 करोड़ रुपए की सहायता जारी

लखनऊ प्रदेश के किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। साल 2019 से संचालित इस योजना के तहत अब तक 1 लाख 8 हजार से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे योजना के क्रियान्वयन में सरलता के साथ पारदर्शिता में भी बढ़ोतरी होगी। योजना न केवल दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवार का संबल बनती है, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता प्रदान करती है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दुर्घटनावश मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में किसान परिवार को 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत राजस्व विभाग की ओर से 873.58 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जिससे प्रदेश के 18,145 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2023-24 में योजना का दायरा बढ़ाते हुए भूमिहीन किसानों व खेतिहर श्रमिकों को भी योजना में शामिल किया गया। वर्ष 2023-24 में योजना के अंतर्गत 944.72 करोड़ रुपए वितरित कर 23,821 किसानों को सहयोग प्रदान किया गया था। योजना की शुरुआत के वर्ष 2019 से अब तक 1,08,098 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, जो इन परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच साबित हो रही है। योजना के सुचारू व पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर राजस्व परिषद योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण कर रहा है। इसके लिए एनआईसी की मदद से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जो कि फरवरी 2026 तक पूरा हो जाएगा। योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से किसानों को बार-बार तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी समाप्त हो जाएंगी। इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया से लेकर लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण तक संभव हो सकेगा। योजना में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए इस पोर्टल को डैशबोर्ड से भी जोड़ा जा रहा है। योजना प्रदेश के किसानों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान कर योगी सरकार की किसान हितैषी सोच को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।

गांवों की तरक्की की रीढ़ हैं मजबूत सड़कें: मंत्री चौहान

भोपाल . अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री   नागर सिंह चौहान ने कहा है कि गांवों का समग्र विकास सुदृढ़ सड़क नेटवर्क से होता है।सड़क मार्ग बनने से विकास कार्य सीधे आमजन तक पहुंचते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। मंत्री   चौहान बुधवार को आलीराजपुर जिले के सोंडवा ब्लॉक के ग्राम चिलवट मथवाड़–धनबयडी सड़क मार्ग निर्माण कार्य के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री   चौहान ने कहा कि क्षेत्र में मोबाइल टॉवर स्थापित होने से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब ऑनलाइन ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। सड़क मार्ग सुगम होने से आसपास के क्षेत्रों से व्यापारी गांवों में बाजार-हाट लगाने आ रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है। मंत्री चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में आय के वैकल्पिक स्रोत ढूँढ़ना आवश्यक है। पशुपालन से दूध उत्पादन एवं गोबर खाद से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से खेती-किसानी के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवसाय अपनाने का आह्वान किया। पशुपालन,मोबाइल रिपेयरिंग, टाइल्स लगाने, मोटर रिपेयर, सिलाई जैसे व्यवसायों से अतिरिक्त आय के साधन विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि छकतला क्षेत्र में हीरा घिसाई का कार्य कई युवा कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त हो रहा है। मंत्री   चौहान ने कहा कि सरकार किसानों को सोलर पैनल लगाने पर अनुदान प्रदान कर रही है और नर्मदा पट्टी क्षेत्र के किसान सोलर पैनल से मोटर भी चला सकते हैं। जल संग्रहण योजनाओं के प्रस्ताव भी शासन को भेजे गए हैं, जिससे स्थानीय जल का उपयोग सिंचाई में किया जा सके और सिंचित क्षेत्र का विस्तार हो। मंत्री चौहान द्वारा सोंडवा ब्लॉक के ग्राम चिलवट मथवाड़ से धनबयडी तक प्रस्तावित 7 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग निर्माण कार्य जिसकी लागत 785.16 लाख रुपये है का विधिवत भूमि-पूजन किया गया। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित पंचायत सदस्य एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

अन्याय के खिलाफ हमेशा मुखर रहे स्व. रामानंद सिंह: डिप्टी सीएम शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्व. रामानंद सिंह निडर और स्वाभिमानी व्यक्ति थे उन्होंने गरीब, शोषित तथा पीड़ित मानवता की सेवा में अपना बलिदान दिया। वे हमेशा दूसरों के लिये जिए। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल स्व. रामानंद सिंह की 46वीं पुण्य तिथि पर रीवा शहर के बरा बगीचे में आयोजित पुण्य तिथि समारोह में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्व. रामानंद सिंह ईमानदारी से कार्य करने के लिये याद रखे जायेंगे। उन्होंने कम उम्र में गरीबों की आवाज बनकर समाज में अपना स्थान बनाया था। उनकी असमय मृत्यु ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। उनकी स्मृति में यह आयोजन समाज को जागरूक करने के लिये है जिसमें सभी को यह संकल्प लेना होगा कि चाहे वह किसी भी समुदाय, दल या वर्ग से हो सुचिता की राजनीति कर देश हित में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखकर ही विकास हो रहा है। आने वाली पीढ़ी को भी देश हित में अपना योगदान देना चाहिए क्योंकि ईमानदारी से कार्य करने पर ही समाज हमें याद रखता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने क्रांतिकारी युवा परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम की प्रशंसा की तथा स्व. रामानंद जी को श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए अपेक्षा की कि यह आयोजन प्रतिवर्ष होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सिरमौर चौराहा में जन-भावनाओं के अनुकूल स्व. रामानंद जी की चिर स्मृति को सहेजने का कार्य होगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल, पूर्व विधायक रामलखन सिंह, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों गणमान्य नागरिकों ने स्व. रामानंद सिंह का पुण्य स्मरण किया।  

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर प्राप्त हुई, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आ गया। सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी सूचना मिलते ही सरगुजा एसपी, एएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ जिला न्यायालय परिसर पहुंचे। सुरक्षा की दृष्टि से बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीमों द्वारा पूरे न्यायालय परिसर की गहन तलाशी ली गई। इस दौरान न्यायालय में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। साथ ही, आने-जाने वाले वाहनों की भी सघन तलाशी ली गई। जांच जारी, एहतियात बरता जा रहा पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति सामने नहीं आया है। इसके बावजूद, एहतियातन न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय को लेकर एक सिक्योरिटी थ्रेट से संबंधित ई-मेल प्राप्त हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि धमकी भरा ई-मेल आउटलुक प्लेटफॉर्म से भेजा गया है, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका उद्देश्य है। फिलहाल, जिला न्यायालय परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। सभी की जांच कर ही न्यायालय के अंदर जाने दिया जा रहा है।

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के लिए नियुक्त रोल ऑब्जर्वर   अभिनव गुप्ता, अतिरिक्त महानिदेशक, विदेश व्यापार महानिदेशालय, नई दिल्ली ने  27 जनवरी  को बेमेतरा एवं कबीरधाम जिलों का दौरा कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान  गुप्ता ने बेमेतरा जिले के तहसील कार्यालय में तार्किक त्रुटियों (लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी) वाले प्रकरणों की क्लस्टर स्तर पर सुनवाई, दस्तावेज परीक्षण तथा फॉर्म-6 एवं फॉर्म-7 के ऑनलाइन निराकरण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 68–साजा के मतदान केंद्र क्रमांक 01, ग्राम अगरी में आयोजित सुनवाई का निरीक्षण कर आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।   गुप्ता ने बेमेतरा नगरपालिका क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की बैठक लेकर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा बीएलओ एप के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। इसी क्रम में रोल ऑब्जर्वर  गुप्ता द्वारा कबीरधाम जिले में भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का निरीक्षण किया गया। जिले के ग्राम पंचायत छिरहा में आयोजित शिविर में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी   विकास जैन द्वारा की जा रही सुनवाई प्रक्रिया का अवलोकन किया । उन्होंने शिविर में उपस्थित विभिन्न मतदान केन्द्रों के बीएलओ एवं मतदाताओं से चर्चा कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उन्होंने तहसील कार्यालय कवर्धा में नो मैपिंग एवं तार्किक त्रुटियों से संबंधित मतदाताओं की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  मनोज केसरिया एवं  जयशंकर उरांव, उप जिला निर्वाचन अधिकारी बेमेतरा डॉ. दीप्ति वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी कवर्धा, संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सुपरवाइजर एवं बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहे।

भविष्य के निर्माण की झलक: लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने IIT Madras में 3D प्रिंटिंग तकनीक देखी

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में 3D प्रिंटिंग आधारित भवन निर्माण तकनीक का अवलोकन किया। लोक निर्माण मंत्री  सिंह ने कहा कि 3D प्रिंटिंग तकनीक से भवन निर्माण में न सिर्फ तेजी आएगी बल्कि गुणवत्ता भी बेहतर होगी। वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले जैसे विशाल आयोजनों में जहां परिस्थितियों के अनुरूप तीव्र गति से भवन निर्माण की जरूरत होती है वहां 3D प्रिंटिंग आधारित निर्माण तकनीक बहुत कारगर सिद्ध हो सकती है। मंत्री  सिंह ने यह भी बताया कि लोक निर्माण विभाग नवीन तकनीकों, नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रदेश में लागू करने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में आईआईटी मद्रास की यह अध्ययन यात्रा आयोजित की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधिमंडल द्वारा गुजरात, तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी नवीन निर्माण तकनीकों और आधुनिक कार्य प्रणालियों का अध्ययन किया जा चुका है। गुजरात अध्ययन यात्रा का नेतृत्व स्वयं मंत्री   सिंह ने किया था। मंत्री   सिंह ने बताया कि 3D प्रिंटिंग, जिसे एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भी कहा जाता है, पारंपरिक निर्माण पद्धतियों से भिन्न है। इसमें पहले कंप्यूटर पर भवन का डिजिटल डिज़ाइन तैयार किया जाता है और फिर विशेष मशीनों द्वारा कंक्रीट अथवा अन्य निर्माण सामग्री को परत-दर-परत प्रिंट कर संरचना का निर्माण किया जाता है। इस प्रक्रिया में ईंट, शटरिंग और पारंपरिक ढलाई की आवश्यकता अत्यंत कम हो जाती है, जिससे निर्माण अधिक तेज़, सटीक और नियंत्रित बनता है। मंत्री  सिंह कहा कि जहां पारंपरिक निर्माण में महीनों का समय लगता है, वहीं 3D प्रिंटिंग तकनीक से कई संरचनाएं कुछ ही दिनों में तैयार की जा सकती हैं। मौसम, श्रमिक उपलब्धता और शटरिंग जैसी बाधाओं का इस तकनीक पर सीमित प्रभाव पड़ता है। आपदा-प्रभावित क्षेत्रों, आपातकालीन आवास, स्कूल तथा स्वास्थ्य अवसंरचना जैसे कार्यों में यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है। डिजिटल डिज़ाइन आधारित निर्माण से यूनिफॉर्म क्वालिटी, उच्च सटीकता और बेहतर स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ सुनिश्चित होती है, साथ ही मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होती है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में यह तकनीक हर प्रकार के निर्माण का पूर्ण विकल्प नहीं है। इसे अपनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट, इंजीनियरों की विशेष ट्रेनिंग तथा तकनीकी संस्थानों और स्टार्ट-अप्स के साथ समन्वय आवश्यक होगा। मंत्री  सिंह ने यह भी कहा कि आने वाले समय में देश के अन्य तकनीकी संस्थानों और राज्यों में भी इस प्रकार की अध्ययन यात्राएं आयोजित की जाएंगी, ताकि नई तकनीकों को समझकर उन्हें प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप चरणबद्ध और सुरक्षित तरीके से लागू किया जा सके। अध्ययन यात्रा के दौरान मंत्री ने सड़क सुरक्षा से जुड़ी नवीन तकनीकों तथा डेटा ड्रिवन हाइपरलोकल आधारित कार्य प्रणालियों का भी अवलोकन किया। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट विश्लेषण और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली पर विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर आईआईटी मद्रास के सड़क सुरक्षा प्रभाग के प्रमुख प्रोफेसर वेंकटेश बालासुब्रह्मण्यम एवं इंजीनियरिंग डिज़ाइन प्रभाग के प्रमुख प्रोफेसर जयकांथन के साथ उभरती तकनीकों, इंजीनियरिंग नवाचार और सड़क सुरक्षा पर सार्थक संवाद हुआ। चर्चा में प्रबंध संचालक भवन विकास निगम एम सिबी चक्रवर्ती, प्रमुख अभियंता (भवन) लोक निर्माण विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री सुभाष स्कूल में प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में हुए शामिल

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युग बदले, सदियां बदलीं पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुए हैं। बच्चों के प्रवेश, शाला नामांकन दर में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्राप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएम  विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त व्याख्याता  मती कोकिला सेन,   बद्री प्रसाद तिवारी,   बृजमोहन आचार्य,   देवकृष्ण व्यास,   किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया।  मती कोकिला सेन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह   बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री   उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था। कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, 'हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ' नामक पुस्तिका, टेबल कैलेंडर एवं डायरी का भी विमोचन किया। हर काल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में युवा बने महान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्मान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान  राम,  कृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक अर्थ 'सहकार' भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है। कुलपति को कुलगुरू का दिया नाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को हमने कुलगुरु का नया नाम दिया है। हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही। विद्यार्थियों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : शिक्षा मंत्री  सिंह स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार शिक्षकों को अनेक सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के गांवों के साथ शहरों के विकास को गति प्रदान की है। वे प्रदेश के गरीब और किसानों की चिंता करते हैं। स्कूल के भवनों के नव निर्माण के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में ड्राप-आउट दर शून्य हो गई है। नए विद्यार्थियों की नामांकन दर में भी वृद्धि हो रही है। प्रदेश में सरकार के कामों को मान्यता मिल रही है, तो उसमें सबसे बड़ा योगदान शिक्षकों का ही है। स्कूल शिक्षा मंत्री   सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार सभी पात्र शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ देने के लिए 322 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि मंजूर की गई। यह एक इतिहास है। हमने स्कूल शिक्षा में वर्षों से आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए समय-सीमा तय की है। स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाओं के लिए हमने एकमुश्त राशि आवंटित की है। पिछली … Read more

सीएम मोहन यादव बोले: इंडिया-यूरोपियन यूनियन डील से आम वस्तुओं की कीमतों में राहत

भोपाल  भारत ने यूरोपियन यूनियन के ट्रेड डील की है। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टेरिफ वार का जवाब माना जा रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस डील पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत व यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड डील का स्वागत किया है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि इसका मध्यप्रदेश सहित देश के सभी राज्यों को भी लाभ होगा, अनेक वस्तुएं सस्ती होंगी। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील हमारी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। सीएम मोहन यादव ने भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते (न्यू ट्रेड डील) पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यूरोपियन यूनियन के साथ यह ट्रेड डील भारत में आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। राज्यों को भी भरपूर लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस डील से देशभर में वस्तुएं सस्ती होंगी और राज्यों को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने बुधवार को मीडिया को दिए संदेश में ये विचार व्यक्त किए। भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा है। दुनिया के कई देशों में आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर उथल-पुथल का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से डेढ़ अरब की आबादी के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। यह ट्रेड डील इसी दिशा में एक बेहद कारगर कदम है।

जयपुर में नई मेट्रो लाइन के लिए जमीन आवंटन को JDA ने दी मंजूरी

जयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने जयपुर के लिए अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रस्तावों में जयपुर में नई मेट्रो लाइन के लिए जमीन का आवंटन भी शामिल है। जेडीए की भूमि एवं संपत्ति निपटान समिति की बैठक आयोजित हुई। समिति ने जयपुर मेट्रो फेज-1सी के लिए 7700 वर्ग मीटर भूमि के उपयोग को मंजूरी दी। मेट्रो फेज-1सी के अलाइनमेंट के तहत वन विभाग की जमीन का उपयोग किया जाएगा।वन विभाग को बदले में जेडीए की समतुल्य भूमि आमेर तहसील के दौलतपुरा राजस्व गांव में (2.01 हेक्टेयर भूमि) आवंटित की जाएगी। इसके अलावा समिति ने चाकसू गांव में सरकारी प्राथमिक विद्यालय भवन के लिए 2000 वर्ग मीटर भूमि को भी मंजूरी दी है। जयपुर मेट्रो फेज-1सी के बारे में जानें जयपुर मेट्रो परियोजना के चरण 1-सी में मौजूदा 11.97 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन (मानसरोवर से बड़ी चौपड़) का विस्तार बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक किया जाना है। गहलोत सरकार ने मेट्रो रूट का विस्तार करते हुए बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक का 2.85 किलोमीटर का रूट फाइनल किया था। 21 सितंबर 2023 को तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने इसका शिलान्यास किया था। काम भी शुरू हो गया था। 2.85 किमी के रूट में 2.26 किलोमीटर भूमिगत और शेष 0.59 किलोमीटर कॉरिडोर रूट प्रस्तावित है। इसमें रामगंज चौपड़ अंडरग्राउंड स्टेशन और ट्रांसपोर्ट नगर में एलिवेटेड स्टेशन बनना है। जयपुर में मेट्रो कब शुरू हुई जयपुर में पहली बार मेट्रो का संचालन 3 जून 2015 को मानसरोवर से चांदपोल (9.63 किमी) तक शुरू हुआ। 23 सितंबर 2020 को परकोटे में चांदपोल से दायरा बढ़कर छोटी चौपड़ होते हुए बड़ी चौपड़ ( 2.4 किलोमीटर) तक पहुंच गया। 21 सितंबर 2023 को बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक का शिलान्यास हुआ। अप्रेल 2027 तक यह काम पूरा होने का अनुमान है।

ब्यावर में माइनिंग टीम के ड्रोन तोड़कर महिला फोरमैन-इंजीनियर को पीटा

जयपुर/ब्यावर. जिले में माइन धारकों का सर्वे करने पहुंची खान विभाग की टीम को निवर्तमान सरपंच और ग्रामीणों ने घेरकर पीटा। सर्वे शुरू होते ही पूर्व सरपंच ने टीम के सदस्यों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। वहीं पूर्व सरपंच ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ इंजीनियर और महिला फोरमैन से भी मारपीट की। टीम की गाड़ियों और ड्रोन भी पथराव में टूट गया। मिली सूचना के अनुसार मंगलवार दोपहर में जिले के अतीतमंड गांव में खान विभाग की एक टीम माइन धारकों का सर्वे करने पहुंची थी। मौके पर पूर्व सरपंच दुष्यंत सिंह समेत कुछ ग्रामीणों ने टीम की ओर से शुरू किए सर्वे का विरोध करना शुरू कर दिया। विभाग की टीम ने समझाइश भी की लेकिन पूर्व सरपंच ने सर्वे का विरोध करते हुए ग्रामीणों की मिलीभगत से सर्वे टीम को घेर लिय और मारपीट शुरू कर दी। सर्वे टीम की गाड़ियों पर पथराव सर्वे टीम जब घटनास्थल से बचकर कार से भागने लगी तो ग्रामीणों ने कार पर पथराव कर दिया। जोधपुर से गए इंजीनियर की गाड़ी भी टूट गई। घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। वीडियो में पूर्व सरपंच और माइनिंग टीम के साथ झगड़ते और गालीगलौच करते हुए नजर आ रहे हैं। माइन धारकों का ड्रोन सर्वे करने पहुंची थी टीम सूचना मिलने पर साकेत नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात काबू में किए। थाना प्रभारी जितेंद्र फौजदार ने बताया- माइनिंग विभाग की टीम अतीतमंड गांव में माइन धारकों का ड्रोन सर्वे करने पहुंची थी। सर्वे शुरू होते ही निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह सहित कुछ लोगों ने गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी। वरिष्ठ माइनिंग फोरमैन अनिता वीर चंदानी और इंजीनियर प्रितेश के साथ मारपीट की। प्रितेश के कान और कनपटी पर गंभीर चोटें आई हैं। पथराव कर दो वाहनों को किया क्षतिग्रस्त थानाधिकारी ने बताया कि हमलावरों ने पथराव कर सरकारी वाहन और जोधपुर से आए इंजीनियर प्रितेश की कार भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव शुरू होते ही टीम कार में बैठकर किसी तरह जान बचाकर भागी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही सभी हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस ने दोनों घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ड्रोन सर्वे का कर रहे थे विरोध पुलिस की जांच में सामने आया है कि अवैध खनन से जुड़े लोग ड्रोन सर्वे नहीं होने देना चाहते थे। इसी कारण ग्रामीणों को उकसाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस ने निवर्तमान सरपंच को किया डिटेन पुलिस ने मारपीट के आरोपी निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह डिटेन किया है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है।