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मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के 255 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का किया वर्चुअली लोकार्पण

रायपुर. मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी।               मुख्यमंत्री   साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।   साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।           उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री   विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री   शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।             इस अवसर पर मुख्य सचिव   विकास शील, अपर मुख्य सचिव   मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक   अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव   हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन   पवन देव, एडीजी   एसआरपी कल्लूरी, एडीजी   प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी   दीपांशु काबरा, एडीजी   अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री   केदार कश्यप, उद्योग मंत्री   लखन लाल देवांगन, विधायक   योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक   भईया लाल रजवाड़े,   ललित चंद्राकर, विधायक  मती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।        उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

अजित पवार के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने व्यक्त किया गहरा शोक

रायपुर महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री  अजित पवार  सहित अन्य लोगों के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री  साय ने इस घटना को अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अजित पवार जी का सम्पूर्ण जीवन कृषक कल्याण, जनसेवा और देश के विकास के लिए समर्पित रहा। उनका असमय देहावसान न केवल उनके परिजनों और समर्थकों के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री साय ने सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

बिहार बोर्ड का निर्देश- परीक्षा केंद्र में जबरन घुसने पर अब 2 साल का निष्कासन

पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) द्वारा आयोजित इंटर की वार्षिक परीक्षा दो फरवरी से शुरू हो रही। यह परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी। जबकि मैट्रिक परीक्षा 17 से फरवरी तक संचालित होगी। परीक्षा समिति ने कहा है कि परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले परीक्षार्थी अगर जबरन या अवैध रूप से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह नियम इंटर और मैट्रिक परीक्षा दोनों में लागू रहेगा। इंटर व मैट्रिक परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को दोनों पालियों में परीक्षा शुरू होने से कम-से-कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य होगा। वहीं परीक्षा कक्ष के मुख्य द्वार को परीक्षा प्रारंभ होने के आधे घंटे पहले बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। समिति ने कहा है कि यदि कोई परीक्षार्थी निर्धारित समय से विलंब से पहुंचने के बाद बाउंड्री फांदकर या गेट पर जबरदस्ती कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास करता है, तो उसे क्रिमिनल ट्रेसपास का दोषी माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्षों के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा तथा उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। केंद्राधीक्षक पर भी होगी कार्रवाई परीक्षा समिति ने कहा है कि परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों को जबरन प्रवेश कराने या परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने वाले केंद्राधीक्षक और अन्य जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ भी निलंबन एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समिति ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्ती से लागू की जाए और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त न किया जाए। परीक्षा समिति ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील किया है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचकर सभी औपचारिकताएं पूरी करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। इंटर की 1762 व मैट्रिक की 1699 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा मैट्रिक की सैद्धांतिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक होगी। मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसके लिए 1,699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इंटर वार्षिक परीक्षा में 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसके लिए 1,762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इंटर की परीक्षा दो से 13 फरवरी तक संचालित होगी।

परिवहन मंत्री विज ने सोलर पैनल व ई-वाहनों को लेकर स्पेशल बजट का दिया सुझाव

चंडीगढ़. ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्री-बजट कंसल्टेशन बैठक में राज्य को हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए है। बैठक में विज ने कहा कि राज्य के सभी सरका चंडीगढ़: ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्री-बजट कंसल्टेशन बैठक में राज्य को हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए है। बैठक में विज ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए बजटीय प्रावधान किया जाना चाहिए। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उनके सुझावों में सरकारी कार्यालयों के साथ साथ स्कूल, कॉलेज, स्टेडियम, निजी शिक्षण संस्थान और गोशालाओं को भी सोलर पैनल योजना में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। विज ने कहा कि उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रियायत देने का सुझाव भी दिया है ताकि आम नागरिकों को ई-वाहनों की ओर प्रोत्साहित किया जा सके और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। इसके अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर आधुनिक ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन चार्जिंग स्टेशनों पर केवल वाहन चार्जिंग ही नहीं बल्कि यात्रियों के लिए रिफ्रेशमेंट, स्वच्छ शौचालय और आराम की समुचित व्यवस्था भी होनी चाहिए ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले परिवारों को सुविधा मिल सके। अनिल विज ने बताया कि सांसदों और विधायकों द्वारा विभिन्न विषयों पर दिए गए सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

गोदाम संचालकों के लिए नई कमाई का रास्ता, वैकल्पिक भंडारण पर मंत्री राजपूत का जोर

भोपाल. वैकल्पिक भंडारण से बढ़ेगी गोदाम संचालकों की आय : खाद्य मंत्री  राजपूत वर्तमान परिस्थितियों में अनेक वेयरहाउस अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे गोदाम संचालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब वेयरहाउस का उपयोग केवल अनाज भंडारण तक सीमित न रहकर, उन्हें बहुआयामी व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। वैकल्पिक भंडारण से गोदाम संचालकों की आय बढ़ेगी। कार्यशाला औपचारिक नहीं, परिणाममूलक होना चाहिए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री   गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में वेयरहाउस की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने एवं गोदाम संचालकों को आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “वेयर हाउस की आय वृद्धि के अन्य व्यावसायिक उपयोग” विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही। मंत्री  राजपूत ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण में सप्लाई-चेन मैनेजमेंट और ऑपरेशन मैनेजमेंट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा यह कार्यशाला आयोजित की गई है, जिससे निजी निवेश से बने गोदामों में सरकारी अनाज भंडारण के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भी आय अर्जन के अवसर विकसित किए जा सकें। मंत्री   राजपूत ने कहा कि शासन की नीतियों, नियमों एवं उपलब्ध योजनाओं की स्पष्ट जानकारी देकर गोदाम संचालकों को नीतिगत समर्थन प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ निवेश एवं व्यावसायिक निर्णय ले सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में निजी गोदाम संचालकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव और नवाचार प्रदेश के वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई दिशा देंगे और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला अन्य स्थानों पर भी आयोजित की जायेंगी। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  मती रश्मि अरूण शमी ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहाँ पर खुले में अनाज नहीं रखा जाता। प्रदेश में भण्डारण की क्षमता अधिक होने से वेयर हाउस संचालकों को कई बार आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कार्यशाला में विशेषज्ञ इसी विषय पर जरूरी मार्गदर्शन देंगे। कार्यशाला में आईआईएम मुम्बई के प्रो. वीपन कुमार और सु  सुमिता नारायण ने "ट्रांसफार्मिंग पब्लिक गोडाउन्स टू प्रायवेट वेयर हाउसेस – केस ऑफ अदर स्टेटस्" पर विचार व्यक्त किये। स्केलर स्पेस ऑफ मुसद्दीलाल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. गोपाल मोर ने "ओवरव्यू ऑफ प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट एण्ड अप्रोच टू सेटिंग अप प्रायवेट कामर्शियल वेयरहाउसेस इन द कंट्री" पर चर्चा की। सीबीआरसी दिल्ली के सीनियर डायरेक्टर   नितिन चंद्रा ने "प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट – प्रिवेलिंग कॉमर्शियल स्ट्रक्चर्स एण्ड अल्टरनेटिव एवेन्यूज फॉर वेयरहाउस ओनर्स एण्ड बेनेफिटस्" विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एमपीआईडीसी के कन्सल्टेंट   सुदीप शौर्य ने इन्सेन्टिव्स अवेलेबल अंडर एमपी लॉजिस्टिक्स पॉलिसी" पर और डिलाइट के   अनुराग गुप्ता ने "वेयरहाउस मॉर्डनाइजेशन एण्ड ट्रांसफार्मिंग वेयरहाउसेस टू स्टेट ऑफ द ऑर्ट फेसीलिटीज" पर चर्चा की। विशेषज्ञों द्वारा गोदामों में लॉजिस्टिक्स सेवाएँ, मल्टी-कमोडिटी स्टोरेज, ई-कॉमर्स सपोर्ट, पैकेजिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड-चेन, मूल्य संवर्धन, वेयरहाउस ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही कृषि आधारित वेयरहाउस को कमर्शियल वेयरहाउस में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। एमडी मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन  अनुराग वर्मा ने कहा कि कार्यशाला में आये महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार कर इन्हें अमल में लाया जायेगा। इस दौरान आयुक्त खाद्य   कर्मवीर शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं वेयरहाउस संचालक उपस्थित थे।  

CUET UG 2026 को लेकर NTA का नोटिस- ‘उम्मीदवार समय पर पूरी करें आवेदन प्रक्रिया’

अमृतसर. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 को लेकर अभ्यर्थियों के लिए एक अहम सार्वजनिक सूचना जारी की है। एजेंसी ने उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है, ताकि आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके। NTA के अनुसार, CUET (UG) 2026 की परीक्षा संभावित रूप से 11 मई से 31 मई 2026 के बीच कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के अलावा भारत से बाहर 15 शहरों में भी कराई जाएगी। CUET UG 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 30 जनवरी 2026 रात 11:50 बजे तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 रात 11:50 बजे निर्धारित की गई है। NTA ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन पूरा कर लें। किसी भी जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए उम्मीदवार NTA हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। CUET परीक्षा के माध्यम से देश की विभिन्न केंद्रीय और अन्य विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाता है।

एनसीपी नेता अजित पवार की मौत, राजनीतिक गलियारों में छाया मातम, नेताओं ने कही संवेदनाएं

भोपाल महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में आज सवेरे पौने नौ बजे हुए प्लेन क्रेश में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन हो गया। विमान में सवार अन्य चार लोग भी इस हादसे में नहीं बचे पाए। यह दुर्घटना तब हुई जब एनसीपी नेता अजित पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती में रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया। उपमुख्यमंत्री के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने शोक व्यक्त किया है। सीएम यादव ने जताया दुख मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर दिए अपने संदेश में कहा- महाराष्ट्र के माननीय उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जी गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा में सदैव समर्पित रहे। महाराष्ट्र के विकास में उनका अमूल्य योगदान रहा। वे जमीन से जुड़े नेता थे। उनके असामयिक निधन पर मैं श्रद्धांजलि व्यक्त करता हूं। बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहने की शक्ति दें। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने जताया दुख कमलनाथ ने अपने संदेश में अजीत पवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। अजीत पवार के निधन से भारत की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। दिग्विजय सिंह ने भी जताया दुख पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी अजीत पवार के निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि अजित दादा के विमान हादसे में दुखद निधन की खबर सुनकर अत्यंत व्यथित हूं। सुनेत्रा जी और पूरे परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 

उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं : राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं और इनमें कार्यरत कामगारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। श्रीमती गौर ने बुधवार को सेफ्टी काउंसलिंग मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित अवार्ड समारोह में अपने संबोधन के दौरान ये बात कही।  राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि प्रत्येक उद्योग और प्रबंधन की नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इंडस्ट्रीज में सुरक्षित कार्य वातावरण न केवल श्रमिकों की जान बचाता है, बल्कि उत्पादन क्षमता और विकास को भी मजबूती देता है। सुरक्षा को बाधा के रूप में देखने की मानसिकता बदलनी होगी, क्योंकि यह किसी भी उद्योग की सतत प्रगति का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार श्रमिकों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है और औद्योगिक संस्थानों को आधुनिक सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता देनी चाहिए। सुरक्षित उद्योग ही मजबूत अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कार्यक्रम में सेफ्टी काउंसलिंग के सचिव श्री एस. ए. पिल्लई, श्री एस. एन. डागा, श्री प्रफुल्ल कोहड़े, श्री के. एन. महापात्र समेत कई उद्योगों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

रिश्तों को समझ की नई दिशा: भोपाल में शुरू हुआ ‘तेरे मेरे सपने’ प्री-मैरिटल सेंटर

भोपाल. मजबूत परिवार, सशक्त समाज की दिशा में निर्णायक पहल महिला बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के मार्गदर्शन में विवाह-पूर्व संवाद को संस्थागत स्वरूप देने वाली देश की पहली संरचित पहल ‘तेरे मेरे सपने’ के अंतर्गत प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर (PMCC) का शुभारंभ भोपाल में किया। इस अवसर पर उन्होंने शक्ति सदन का भी शुभारंभ किया। मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा कि जब “तेरे” और “मेरे” सपने मिलकर “हमारे” सपने बनते हैं, तभी एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है। मजबूत समाज की नींव मजबूत परिवार होते हैं और मजबूत परिवार सोच-समझकर बनाए गए रिश्तों से ही संभव हैं। उन्होंने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिदृश्य में विवाह से पहले संवाद, समझ और भावनात्मक तैयारी अत्यंत आवश्यक हो गई है। ‘तेरे मेरे सपने’ पहल युवाओं को विवाह से पूर्व आपसी अपेक्षाओं, मूल्यों, जिम्मेदारियों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा करने का सुरक्षित एवं मार्गदर्शित मंच प्रदान करती है। मंत्री  भूरिया ने कहा कि संवाद की कमी, अवास्तविक अपेक्षाएँ और भूमिका स्पष्टता के अभाव में कई वैवाहिक रिश्ते तनाव, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा तक पहुँच जाते हैं। ऐसे में प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर न केवल विवादों की रोकथाम में सहायक होंगे, बल्कि सम्मान, सहमति और समानता पर आधारित रिश्तों को भी मजबूत बनाएंगे। उन्होंने बताया कि निर्भया फाउंडेशन द्वारा संचालित यह परियोजना महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूती प्रदान करती है। विवाह से पहले स्पष्टता और संवाद घरेलू हिंसा एवं पारिवारिक विवादों की संभावनाओं को प्रभावी रूप से कम कर सकते हैं। मंत्री  भूरिया ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया राहटकर के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोपाल का चयन किया गया।अभियान से जुड़ी डॉ. प्रतिभा राजगोपाल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रशासनिक प्रशिक्षण अनुभव से इस पहल को व्यावहारिक और सशक्त दिशा मिलेगी। उन्होंने समाज के अध्यक्षों, धर्मगुरुओं, अभिभावकों और युवाओं से आग्रह किया कि वे विवाह को केवल सामाजिक औपचारिकता नहीं, बल्कि समझदारी और साझेदारी का निर्णय बनाएं तथा विवाह से पूर्व संवाद को स्वीकार करें। मंत्री   भूरिया ने निर्भया फाउंडेशन की पूरी टीम को इस संवेदनशील और दूरदर्शी पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है, जो समाज को सुरक्षित, सशक्त और संवेदनशील बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ‘तेरे मेरे सपने’ पहल के अंतर्गत अब तक देश के 9 राज्यों में 23 प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर प्रारंभ किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को संवाद कौशल, मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय योजना, लैंगिक समानता और पारिवारिक जिम्मेदारियों से संबंधित परामर्श प्रदान किया जा रहा है।   भूरिया ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को जिन्हें पीएमसीसी का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है उन्हें प्रमाणपत्र वितरित कर सम्मानित किया। तेरे मेरे सपने’ – PMCCs की विशेषताएँ यह भारत की पहली संरचित पहल है, जो युवाओं को विवाह पूर्व संवाद, भावनात्मक शिक्षा और आपसी समझ प्रदान करती है। विवाह पूर्व परामर्श सत्र करके अपेक्षाएँ, मतभेद प्रबंधन, वित्तीय योजना, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक भूमिकाओं पर मार्गदर्शन दिया जाता है। इंटरैक्टिव गतिविधियाँ के माध्यम से मनोवैज्ञानिक टूल्स और अभ्यासों के जरिए भावनात्मक जुड़ाव और आपसी समझ को बढ़ाया जाता है। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से कॉलेजों, विवाह पंजीकरण कार्यालयों और समुदायों के माध्यम से संवाद कौशल को प्रोत्साहित किया जाता है। आगे की राह उल्लेखनीय है कि अब तक देश के 9 राज्यों में 23 प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर प्रारंभ किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग का लक्ष्य है कि भविष्य में देश के प्रत्येक ज़िले में ऐसा केंद्र स्थापित किया जाए। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों के मामले अधिक हैं।  

न‍िर्दलीय व‍िधायक ऋतु की ‘सीबीआई जांच’ वाली स्लोगन साड़ी बनी आकर्षण

जयपुर. राजस्‍थान व‍िधानसभा बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। बयाना से निर्दलीय व‍िधायक ऋतु बनावत भी बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए व‍िधानसभा पहुंचीं। तो हर कोई उनको देखकर चौंक रहा था। ऋतु बनावत की साड़ी आकर्षण का केंद्र बन गई। हर कोई उस साड़ी की चर्चा करने लगा। जब लोगों ने साड़ी को ध्यान से देखा तो उन पर सरकार के खिलाफ कई रोचक लाइनें लिखी हुईं थी। एक लाइन थी कि विधायक निधि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। राजस्‍थान व‍िधानसभा बजट सत्र में पहुंची बयाना से निर्दलीय व‍िधायक ऋतु बनावत ने कहा, भ्रष्टाचार का मुझ पर जो आरोप लगा, उसकी जांच सीबीआई से कराई जाए। अगर सीबीआई से जांच नहीं कराई जाती है तो हाईकोर्ट के सिटिंग जज इस प्रकरण की जांच करें। ऋतु बनावत पर व‍िधायक न‍िधि में भ्रष्‍टाचार के आरोप लगे हैं। सीबीआई जांच के बाद होगा इस मामले का सही खुलासा ऋतु बनावत ने कहा, जब सीबीआई से जांच होगी, तब ही इस मामले का सही खुलासा हो सकेगा। नहीं तो ब्लैकमेलिंग का यह खेल चलता रहेगा। मैं इस मामले को जनता के समक्ष रखना चाहती हूं। जनता भी जानती है कि किस तरह का खेल उनके जनप्रतिनिधियों के साथ किया जा रहा है। आज इसीलिए मैं यह कपड़े पहन कर आई हूं। जब तक मुझे न्याय नहीं मिलेगा, मैं यह मामला उठाती रहूंगी। मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास ऋतु बनावत ने आगे कहा, मामले में कहीं कोई एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ न कोई लेटर, न कोई पैसा दिया गया, लेकिन कुछ लोग लगातार मेरी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। 6 माह से पीछे लगा था ऋतु बनावत ने कहा, जो व्यक्ति मिलने आया था, उसने खुद कहा कि वह तो 6 माह से पीछे लगा था, जब वह मेरे पास आया और उसने वीडियो रिकॉर्डिंग की बात कही तो मैं यह जानना चाहती हूं कि वह कितने लोगों के पास गया? कितने लोगों की रिकॉर्डिंग थी और उस रिकॉर्डिंग में क्या था?