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कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण 15 जनवरी से 15 मार्च तक बंद, जानिए कारण

सीहोर  प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजन समिति के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि भारी भीड़ के चलते सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुबेरेश्वर धाम में 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। आपात स्थिति के लिए मिनी आईसीयू और एम्बुलेंस की तैनाती भी की जाएगी। 15 जनवरी से 15 मार्च तक नहीं बांटे जाएंगे रुद्राक्ष बैठक में फैसला लिया गया कि कुबेरेश्वर धाम में अगले दो महीनों तक रुद्राक्ष नहीं बांटे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंहए आईजी अभय सिंह, कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के साथ कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। लाखों लोगों के आने की संभावना अधिकारियों ने कहा कि रुद्राक्ष महोत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और समिति को मिलकर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करनी होंगी। किसी भी तरह की लापरवाही भक्तों की सुरक्षा में बड़ी बाधा बन सकती है। अतः सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं। बैठक में एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित सुविधाओं, सेवाओं और पूरी कार्ययोजना का खाका भी पेश किया गया। बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स तैनात करने के निर्देश बैठक में आयोजन समिति को निर्देश दिए गए कि वे पर्याप्त पार्किंग, रास्तों पर दिशा सूचक बोर्ड, भोजन का उचित प्रबंध और बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स की तैनाती सुनिश्चित करें। मुख्य सड़कों और हाईवे पर जाम से बचने के लिए प्रभावी डायवर्जन प्लान लागू करने, पार्किंग क्षेत्रों को अलग-अलग जोन में बांटने और वहां से कथा स्थल तक श्रद्धालुओं के सुरक्षित आने-जाने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया ताकि अव्यवस्था न फैले। जगह-जगह बोर्ड लगाने के निर्देश प्रशासन ने भीड़ पर काबू पाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ पीने के पानी, साफ-सफाई और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के कड़े निर्देश दिए हैं। मोबाइल नेटवर्क, सूचना प्रसारण सिस्टम और एलईडी स्क्रीन को दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि श्रद्धालुओं को कथा सुनने और जरूरी जानकारी पाने में कोई दिक्कत न हो। यही नहीं रुद्राक्ष वितरण बंद रहने की जानकारी प्रमुख जगहों पर बोर्ड लगाकर और मीडिया के जरिए पहुंचाई जाए ताकि लोग परेशान न हों। एम्बुलेंस, डॉक्टर और उपचार केंद्र लगाने के निर्देश आयोजन स्थल पर पर्याप्त एम्बुलेंस, डॉक्टर और जरूरी दवाओं के साथ प्राथमिक उपचार केंद्र लगाने के निर्देश दिए गए। इमरजेंसी से निपटने के लिए मिनी आईसीयू तैयार रखने और मरीजों को बड़े अस्पताल भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है।अधिकारियों ने पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ कथा स्थल, पंडाल प्रवेश और निकास द्वारों का निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग, भोजनशाला और कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया गया। जरूरी सुधार के निर्देश दिए गए।

रांची से लापता दोनों बच्चे स्लम बस्ती से बरामद

रांची. रांची में बीते कई दिनों से लापता बच्चे रामगढ़ के चितरपुर की स्लम बस्ती से बरामद कर लिए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए संदिग्धों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इस मामले की जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि लड़का को बजरंग दल के युवकों ने देखा उसके बाद उसे अपने पास रखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंची और दोनों बच्चों को बरामद कर लिया। बच्चों के साथ पकड़े गए आरोपियों से रामगढ़ एसपी पूछताछ कर रहे हैं। बता दें कि रांची के जगन्नाथपुर मौसीबाड़ी खटाल से दो जनवरी को अंश और अंशिका लापता हुए थे। दोनों बच्चे की तलाश में रांची पुलिस की टीम दिल्ली, मुंबई, बंगाल, बिहार और यूपी के इलाके में लगातार छापेमारी कर रही थी। क्या बोले सीएम सोरेन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दो मासूम बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराना बेहद राहत भरा और सराहनीय कार्य है। पिछले कुछ दिन व्यक्तिगत रूप से काफी परेशान करने वाले रहे, लेकिन अंततः पुलिस को सफलता मिली। दूसरे राज्य में हुई समान घटनाओं के तार जोड़कर रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच बनाई। रांची पुलिस व झारखंड पुलिस की टीम को बधाई और अंश और अंशिका के परिवार को शुभकामनाएं। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने टीम को ‘डीजी डिस्क’ देने की घोषणा की झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने रांची पुलिस को इस बड़ी कामयाबी के लिए बधाई दी है। एडीजी मनोज कौशिक के नेतृत्व में गठित रांची पुलिस की विशेष टीम ने अपहरण किए गए दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया है। डीजीपी ने कहा कि इस सफलता के पीछे पुलिस टीम की कड़ी मेहनत और ठोस रणनीति रही है। बच्चों की तलाश के लिए पुलिस ने सघन अभियान चलाते हुए ऑटो, ट्रेन और निजी वाहनों सहित सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए थे। साथ ही, अपराधियों की सूचना देने पर दो-दो लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी। डीजीपी ने बताया कि मीडिया में हुए व्यापक प्रचार-प्रसार और पुलिस की सक्रियता के कारण अपराधियों पर भारी दबाव बन गया था। इसी वजह से वे बच्चों को लेकर झारखंड से बाहर भागने में असफल रहे और अंततः पुलिस ने उन्हें रामगढ़ से बरामद कर लिया। इस सराहनीय कार्य के लिए ऑपरेशन में शामिल पूरी टीम को ‘डीजी डिस्क’ से सम्मानित किया जाएगा। मामले का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि इस अपहरण के पीछे मानव तस्करी में शामिल एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय था। पुलिस ने इस मामले में अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो झारखंड के बाहर के रहने वाले हैं। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और इनके संपर्कों का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

CBI ने सेंधवा में कई ठिकानों पर मारा छापा, नाबार्ड लोन घोटाले के राज खुलेंगे

बड़वानी  सेंधवा में बुधवार उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नाबार्ड भोपाल से जुड़े करीब 13 करोड़ रुपए के कथित लोन धोखाधड़ी मामले में छापा मारा. कार्रवाई के दौरान शहर के कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा. सीबीआई की टीम ने सेंधवा की जगन्नाथपुरी कॉलोनी स्थित उद्योगपति के निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की. कोलकाता सीबीआई में पहले से एफआईआर छापे के दौरान उद्योगपति के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. किसी को अंदर जाने और अंदर से बाहर आने की अनुमति नहीं मिली. सीबीआई छापे से पूरे शहर में हलचल तेज रही. रामकटोरा क्षेत्र में भी सीबीआई की एक अन्य टीम ने दबिश दी. छापे में क्या-क्या मिला, इस बारे में सीबीआई या स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी. इस मामले में कोलकाता स्थित सीबीआई पहले ही एफआईआर दर्ज कर चुकी है. कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर परियोजना के लिए लिया लोन कोलकाता सीबीबीआई की एफआईआर में सेंधवा के उद्योगपतियों पर गंभीर आरोप हैं. एफआईआर के मुताबिक उद्योगपतियों ने सरकारी कर्मचारियों से मिलकर धोखाधड़ी की. आपराधिक साजिश और दस्तावेजों की जालसाजी के आरोप हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 में आरोपियों ने नाबार्ड की फूड प्रोसेसिंग फंड योजना के तहत सेंधवा के समीप जामली गांव में कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर परियोजना स्थापित करने के लिए करीब 13 करोड़ रुपए का ऋण लिया था. बैंक की लोन राशि कंपनियों के खातों में जमा की इस परियोजना की कुल लागत 31 करोड़ रुपए से अधिक थी. परियोजना के लिए केंद्र सरकार के फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय द्वारा लगभग 10 करोड़ रुपए का अनुदान भी स्वीकृत किया गया था. आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी समझौतों और कागजी लेनदेन के जरिए ऋण राशि को अन्य कंपनियों और बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया. साथ ही, समय-समय पर परियोजना की समय-सीमा बढ़वाकर बैंक अधिकारियों को गुमराह किया गया. सितंबर 2024 में एनपीए घोषित हुआ खाता लगातार अनियमितताओं के चलते सितंबर 2024 में ये लोन खाता एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया गया. इसके बाद ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर नाबार्ड बैंक द्वारा सीबीआई को जांच के लिए पत्र भेजा गया. सीबीआई छापे के बाद और बड़े खुलासे होने की संभावना है. फिलहाल सीबीआई टीम दस्तावेजों की जांच और साक्ष्य एकत्र करने में जुटी हुई है. 

प्रभारी मंत्री बिश्नोई ने जनसंवाद में सुनी ग्रामीणों की परिवेदनाएं

जयपुर. प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई की अध्यक्षता में सिरोही जिले के पालडी एम. में रात्रि चौपाल एवं जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। उन्होंने रात्रि चौपाल में आमजन की परिवेदनाओं को सुना और संबंधित को निस्तारण के लिए निर्देशित किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि आमजन के समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वीबीजीरामजी गांवों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का एक सशक्त माध्यम है इससे गांवों में प्रगति का पथ अग्रसर होगा। वीबीजीरामजी से भारत के विकसित भारत में बदलने की संकल्पना सत्य सिद्ध होगी। गांव मजबूत होंगे तभी देश मजबूत होगा। किसान एवं श्रमिकों के समृद्ध होने से भारत विकसित होगा। यह योजना सिर्फ रोजगार की योजना न हो के गांवों को सशक्त करने का माध्यम है। प्रभारी मंत्री ने इस दौरान ग्रामीणों की परिवेदनाओं को सुनते हुए उन्हें शीघ्र राहत प्रदान करने के लिए अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन दोनो ही सामुहिक रूप से क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए सतत प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा नियमित रूप से क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की बात कही एवं बताया कि भारत अब विश्व में अपनी विशेष पहचान कायम करते हुए निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है। रात्रि चौपाल में विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को संबंधित दस्तावेज एवं लाभ प्रदान किया गया। रात्रि चौपाल में राजस्व विभाग द्वारा 3 सम्मानजनक नाम दर्ज किए गए। जिसमें बजट घोषणा क्रियान्विति के तहत राजकीय कृषि महाविद्यालय सिरोही उच्च शिक्षा विभाग राजस्थान को 30 हेक्टेयर भूमि यानि 185 बीघा भूमि आवंटन के भू अभिलेख उपलब्ध कराए व भूमि का कब्जा सुपुर्द दस्तावेज राजकीय महाविद्यालय के सहायक आचार्य को सौपा गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा 4 स्वामित्व कार्ड, 2 जन्म प्रमाण पत्र व 1 विवाह प्रमाण पत्र संबंधित को सौपा गया। महिला अधिकारिता विभाग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाडो योजना के लाभार्थियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। वही आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाभार्थियों की गोद भराई की गई। पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसी का वितरण किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं में अनुदान की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के दस्तावेज प्रदान किए गए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 31 हजार का चैक पंकुदेवी भगाराम मेघवाल को व मुद्रा ऋण योजना के तहत अनाराम हिरागर को 50 हजार रूपये अनुदान का चैक प्रदान किया गया। सांसद लुंबाराम चौधरी ने रात्रि चौपाल में विभिन्न विभागों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान पशुपालकों, किसानों सहित विभिन्न वर्ग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रत्येक पात्र को लाभान्वित होने की बात कही। जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने रात्रि चौपाल में प्रभारी मंत्री बिश्नोई का स्वागत करते हुए कहा कि रात्रि चौपालों के माध्यम से जनता की समस्याओं का निस्तारण करना एक अनुपम पहल है उन्होंने इस दौरान उपस्थित सभी पात्र को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया।

राजस्थान के राज्यपाल बागडे से मिले मिजोरम के गवर्नर

जयपुर. राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से बुधवार को मिजोरम के राज्यपाल विजय कुमार सिंह ने लोकभवन पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की। राज्यपाल से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी। भारतीय सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाया श्रीगंगानगर. भारतीय सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक (वेटरन्स डे) दिवस 14 जनवरी 2026 को सैनिक विश्राम गृह श्रीगंगानगर में मनाया गया। इसमें मुख्य अतिथि वेटरन कर्नल श्री संदीप शर्मा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी श्री आत्मेश बेनीवाल की अध्यक्षता में दो मिनट का मौन व कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेना मेडल आॅ केप्टेन रामकिशन यादव, श्रीमती रतना कंवर वीरांगना शहीद सुगन सिंह, श्रीमती सरस्वती देवी माता शहीद काॅन्सटेबल सुभाष, वरिष्ठ पूर्व सैनिक सूबेदार मेजर किशनलाल लिम्बा को शाॅल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिले के पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं एवं उनके आश्रित भूतपूर्व सैनिक सहित अन्य मौजूद रहे। 

हरियाणा सरकार आपराधिक मामलों को जल्द निपटाने दलील व्यवस्था को करेगी प्रभावी

चंडीगढ़. आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे की दिशा में हरियाणा सरकार ने दलील (प्ली बार्गेनिंग) व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने का फैसला किया है। कानून के तहत आरोप तय होने की तारीख से 30 दिन के अंदर आरोपी प्ली बार्गेनिंग के लिए आवेदन कर सकता है। इससे वर्षों तक चलने वाले मुकदमों का समय रहते समाधान संभव हो सकेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्ली बार्गेनिंग एक न्याय हितैषी कानूनी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य ऐसे आपराधिक मामलों का जल्दी निपटारा करना है जिनमें अधिकतम सजा सात वर्ष या उससे कम है। इस प्रक्रिया में अदालत की निगरानी में अभियोजन पक्ष और आरोपी आपसी सहमति से समाधान पर पहुंचते हैं और इसके बाद अदालत कानून के अनुसार फैसला सुनाती है। डॉ. मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अध्याय-23 में शामिल इन प्रावधानों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए हरियाणा पुलिस और अभियोजन विभाग को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं गृह विभाग ने सभी जिलों में   जांच अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अभियोजन कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और क्षमता-विकास कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्ली बार्गेनिंग के कानूनी प्रावधानों, प्रक्रिया और नैतिक मानकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि इसका सही, एकरूप और कानूनसम्मत उपयोग सुनिश्चित हो सके। डॉ. सुमिता मिश्रा ने पुलिस और अभियोजन एजेंसियों के बीच निरंतर समन्वय पर भी जोर दिया। इसके लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें की जाएंगी, ताकि प्रगति की निगरानी हो और सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान किया जा सके।

बिहार के 10 शहरों की हवा हुई सबसे जहरीली

पटना. बिहार के छोटे शहरों में हवा लगातार खराब रह रही है। राज्य के 10 शहरों की हवा में पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 की मात्रा बढ़ी रहती है। जिन छोटे शहरों की हवा ज्यादा जहरीली है, उनमें आरा, हाजीपुर, कटिहार, मोतिहारी, अररिया, बेगूसराय, बेतिया, बिहारशरीफ, मुजफ्फरपुर और बक्सर शामिल है। आरा और हाजीपुर का राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से अधिक रहा। इस बीच पटना में हुए एक अध्ययन की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। खुले नाले से निकलने वाले अमोनिया गैस भी हवा में पीएम 2.5 बना रही है। इससे वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है। छोटे शहरों में भी वायु प्रदूषण को बढ़ाने में खुले नालों की महत्वपूर्ण भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। आईआईटी बीएचयू के अध्ययन के अनुसार खुले नाले से अमोनिया गैस निकल रही है। यह वाहनों से निकलने वाले सल्फर डाईऑक्साइड(एसओ2) से मिलकर पीएम 2.5 बन रहा है। पीएम2.5 यानी महीन धूलकण। दोनों गैस के आपस में मिलने से महीन कण बन रहे हैं। इसके कारण पीएम2.5 की मात्रा लगातार बढ़ी हुई पायी जा रही है। पटना के वायु प्रदूषण में कमी जरूर आयी है, लेकिन पीएम2.5 अक्सर बढ़ा हुआ रहता है। ऐसी ही स्थिति सूबे के अन्य छोटे शहरों की भी है। खुले नालों को बंद करना होगा बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष डॉ. डीके शुक्ला ने बताया कि अध्ययन की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है कि पटना के खुले नाले से निकल रही अमोनिया गैस से भी पीएम 2.5 बढ़ रहा है। अभी अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है। शहरों के खुले नालों को बंद करने से ही पीएम2.5 में कमी आएगी। हालांकि कई खुले नालों को बंद किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद इस संबंध में कार्ययोजना बनाकर सरकार को भेजा जाएगी। खुले नाले में आर्गेनिक मेटेरियल होते हैं। गंदगी और कचरा के कारण अमोनिया गैस निकलती है। शहर के वायु में पहले से ही वाहनों से निकलने वाले सल्फरडाई ऑक्साइड मौजूद रहता है। दोनों के मिलने से भी पीएम2.5 बन रहा है। धूप निकलने पर अमोनिया हवा में प्रवेश कर जाता है। अंतिम रिपोर्ट आने में अभी दो महीने और लगेंगे बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने आईआईटी बीएचयू को पटना में वायु प्रदूषण के कारणों का पता लगाने के लिए अध्ययन करने को लेकर समझौता किया था। अध्ययन के लिए एक साल का समय निर्धारित था, जो अब पूरा हो चुका है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने में अभी दो महीने का समय और लगेगा। आईआईटी बीएचयू की टीम ने पटना के खुले नाले का सैंपल लेकर उसकी जांच की थी। अभी प्रारंभिक रिपोर्ट में यह साबित हो चुका है कि खुले नाले से निकलने वाली अमोनिया गैस के कारण भी वायु में पीएम2.5 की मात्रा बढ़ रही है।

पंजाब के नवाशंहर में जीरो डिग्री तक लुढ़का पारा

लुधियाना. पंजाब में लोहड़ी पर रिकार्ड ठंड पड़ी। नवांशहर राज्य में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री पहुंच गया, जोकि सामान्य से सात डिग्री कम रहा। मौसम विभाग ने बुधवार को भी अति शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान शून्य व एक डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। अधिकतम तापमान सात से आठ डिग्री रहने का अनुमान है। 19 जनवरी तक राज्य में घनी धुंध पड़ने की संभावना है। शहर           न्यूनतम तापमान (°C)     अधिकतम तापमान (°C) नवांशहर               0.0                            11.4 बठिंडा                  1.6                            13.4 फरीदकोट               2.0                          13.0 गुरदासपुर               2.5                           13.0 होशियारपुर             2.6                           10.7 लुधियाना                 2.6                           13.4 रूपनगर                 2.4                           15.0 पटियाला                3.0                            13.6 अमृतसर               4.1                              8.1

पर्यावरण से कमाई तक: दिल्ली सरकार का नया कार्बन क्रेडिट प्लान, कैसे होगी बंपर आमदनी?

नई दिल्ली दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को कार्बन क्रेडिट मोनेटाइजेशन फ्रेमवर्क को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से दिल्ली की हरित परियोजनाओं से होने वाली कार्बन उत्सर्जन में कमी को मापकर कार्बन क्रेडिट में बदला जाएगा और इन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के लिए बिना सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ डाले नया राजस्व स्रोत बनेगा।   दिल्ली अब हरित प्रयासों से कमाएगी राजस्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'दिल्ली सरकार जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस फ्रेमवर्क से अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे विकास कार्य तेज होंगे। यह पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा और राजस्व को राज्य के कंसॉलिडेटेड फंड में जमा कर सार्वजनिक कल्याण योजनाओं में लगाया जाएगा। दिल्ली कार्बन बाजार में अग्रणी राज्य बनेगी।' पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली पहले से ही बड़े पैमाने पर हरित बदलाव ला रही है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसें, शहरी वानिकी, यमुना की सफाई, सोलर ऊर्जा का बढ़ता उपयोग, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और लैंडफिल से बायोगैस उत्पादन शामिल हैं। इन प्रयासों से होने वाली उत्सर्जन कटौती को वैज्ञानिक तरीके से मापा जाएगा। कैसे काम करेगा फ्रेमवर्क? एक मीट्रिक टन CO₂ (या समकक्ष ग्रीनहाउस गैस) कम होने पर एक कार्बन क्रेडिट मिलेगा। क्रेडिट को वीरा, गोल्ड सेटेंडर्ड या भारत के उभरते कार्बन मार्केट जैसे प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर किया जाएगा। इन्हें बेचकर मिलने वाली कमाई सीधे राज्य के फंड में जाएगी। ये पूरी प्रक्रिया राजस्व-साझेदारी मॉडल पर आधारित है। सरकार को कोई शुरुआती खर्च नहीं करना पड़ेगा। विशेष एजेंसियां सफलता के बाद ही फीस लेंगी। पर्यावरण विभाग तीन विशेषज्ञ एजेंसियों को पैनल में शामिल करेगा, जो प्रोजेक्ट की पहचान, दस्तावेजीकरण, सत्यापन, क्रेडिट जारी करना और ट्रेडिंग में मदद करेंगी। मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और वेरिफिकेशन (MRV) सिस्टम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा। अन्य राज्यों से प्रेरणा दिल्ली ने सफल मॉडलों से सीख ली है। इंदौर ने कंपोस्टिंग और सोलर प्रोजेक्ट्स से 50 लाख रुपये कमाए। मेघालय में किसानों को प्रति टन 40 यूरो मिले, जबकि अरुणाचल प्रदेश के छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट से 16,000 से ज्यादा टन क्रेडिट बने। दिल्ली अब इनसे आगे बढ़कर शहरी स्तर पर मिसाल कायम करेगी। दिल्ली फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन बंद कैबिनेट ने दिल्ली फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन (DFC) को बंद करने का भी फैसला लिया। यह संस्था लगातार घाटे में चल रही थी। इसकी नेट वर्थ माइनस 15.45 करोड़ रुपये हो गई और बैड लोन 55.8% तक पहुंच गए। रिकवरी की कोई संभावना नहीं बची थी। अब इन संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।  

पटना एम्स में बन रहा बिहार का पहला स्किन बैंक

पटना. अब जले हुए मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी. पटना एम्स में बनने जा रहा नया भवन बिहार में बर्न ट्रीटमेंट की तस्वीर बदलने वाला है. मार्च 2026 से एम्स पटना में अत्याधुनिक बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग का नया भवन पूरी तरह चालू हो जाएगा. नया भवन पूरी तरह आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा. इसमें कुल 50 बेड की व्यवस्था की गई है, जिसमें 12 आईसीयू बेड शामिल होंगे. मरीजों के ऑपरेशन के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं. इसके अलावा स्किन बैंक, डरमाटोम मशीन, हाइड्रोथेरेपी टब जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी होंगी, जो अब तक राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं. बिना हाथ लगाए होगी जख्मों की सफाई इस केंद्र की सबसे खास बात हाइड्रोथेरेपी टब है, जिससे मरीजों के जख्मों की सफाई बिना हाथ लगाए की जा सकेगी. इससे संक्रमण का खतरा कम होगा और मरीज को कम दर्द का सामना करना पड़ेगा. माइक्रोस्कोप की मदद से सर्जरी की जाएगी, जिससे सटीक और सुरक्षित ऑपरेशन संभव होगा. कॉस्मेटिक सर्जरी की भी मिलेगी सुविधा यह केंद्र सिर्फ बर्न मरीजों तक सीमित नहीं रहेगा. यहां कॉस्मेटिक सर्जरी और अन्य तरह की प्लास्टिक सर्जरी की सुविधा भी मिलेगी. माइक्रोवस्कुलर सर्जरी, एंडोस्कोपिक सर्जरी और लेजर सेवाएं भी यहां उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे बिहार के मरीजों को इलाज के लिए बाहर के बड़े शहरों में जाने की मजबूरी नहीं रहेगी. भवन में इलाज के साथ-साथ मरीजों की संपूर्ण देखभाल की भी व्यवस्था होगी. यहां नर्सिंग स्टाफ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, तकनीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, सोशल वर्कर, हैंड थेरेपी विशेषज्ञ और डाइटिशियन की तैनाती की जाएगी. इसका उद्देश्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि मरीजों को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ करना है. मार्च से शुरू होने की उम्मीद बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा सिंह के अनुसार भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. जिन मशीनों का ऑर्डर दिया गया है, उनकी आपूर्ति जल्द हो जाएगी. उम्मीद है कि मार्च महीने से मरीजों को यहां आधुनिक और समर्पित इलाज की सुविधा मिलने लगेगी.