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कुबेरेश्वरधाम में मकर संक्रांति पर विशेष आयोजन, 5100 तिल-गुड़ लड्डुओं से बनेगा शिव भोग

सीहोर सीहोर स्थित कुबेरेश्वरधाम पर मकर संक्रांति का पर्व हर वर्ष की तरह इस बार भी गहन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो प्रकृति, कृषि और आध्यात्मिक चेतना को एक सूत्र में बांधता है। कुबेरेश्वरधाम में इस दिन भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है, जो सूर्य के उत्तरायण होने की इस शुभ बेला में भगवान शिव की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित करती है। 5100 तिल-गुड़ लड्डुओं का विशेष भोग मकर संक्रांति के अवसर पर इस वर्ष कुबेरेश्वरधाम में लगभग 5100 तिल-गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। तिल और गुड़ का विशेष महत्व इस पर्व से जुड़ा हुआ है, जो स्वास्थ्य, मधुरता और आपसी सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। आधुनिक भोजनशाला में इन लड्डुओं के निर्माण की तैयारियां पूरे विधि-विधान और शुद्धता के साथ की जा रही हैं। भोग अर्पित होने के पश्चात इन्हें श्रद्धालुओं में प्रसादी के रूप में वितरित किया जाएगा, जिससे हर भक्त इस पावन पुण्य का सहभागी बन सके। हजारों श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रसादी व्यवस्था धाम पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए व्यापक स्तर पर भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की गई है। तिल-गुड़ के लड्डुओं के साथ-साथ खिचड़ी, नुक्ती, मिठाई और नमकीन भी वितरित की जाएगी। मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने, खाने और दान करने की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। यही कारण है कि इस पर्व पर खिचड़ी का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। कुबेरेश्वरधाम में यह परंपरा पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से निभाई जाती है। सेवा कार्यों में जुटे मंदिर पदाधिकारी मंगलवार को मंदिर व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा सहित अन्य सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। व्यवस्थाओं की निगरानी स्वयं समिति के वरिष्ठ सदस्य कर रहे हैं, ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो। सेवा को ही साधना मानकर कार्य कर रहे स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बनता है। पूरा वातावरण “सेवा ही शिव है” की भावना से ओतप्रोत दिखाई देता है। मकर संक्रांति का सांस्कृतिक महत्व विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि मकर संक्रांति देशभर में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और नई फसल की कटाई का प्रतीक है। यही कारण है कि यह त्योहार केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी संदेश देता है। कुबेरेश्वरधाम पर इस दिन आस्था के साथ-साथ लोक परंपराओं का भी सुंदर संगम देखने को मिलता है। रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों की रूपरेखा मकर संक्रांति के आयोजन के साथ ही विठलेश सेवा समिति द्वारा आगामी रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने आयोजन की रूपरेखा तैयार करते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विचार किया। कुबेरेश्वरधाम निरंतर धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। यहां मनाए जाने वाले पर्व न केवल श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति जगाते हैं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।  

20 लड़कियों और एक लड़के की अजीब घटना, मेरठ में मांगी गई लोकेशन, मामला सनसनीखेज

 मेरठ मेरठ शहर में अनधिकृत रूप से चल रहे स्पा सेंटरों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और एक साथ की गई कार्रवाई में ऐसा सच उजागर किया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. बाहरी तौर पर मसाज और रिलैक्सेशन के नाम पर चल रहे इन स्पा सेंटरों के भीतर क्या हो रहा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस की छापेमारी में चार स्पा सेंटरों से 20 लड़कियों के साथ एक युवक को हिरासत में लिया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं कि मेरठ के विभिन्न इलाकों में कुछ स्पा सेंटर बिना किसी वैध अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं. इन सेंटरों की आड़ में अनैतिक गतिविधियां कराए जाने की भी आशंका जताई जा रही थी. इन्हीं सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने योजना बनाकर एक साथ चार स्थानों पर छापेमारी की. ऑनलाइन बुकिंग और ‘लोकेशन शेयर’ का खेल जांच में सामने आया कि इन स्पा सेंटरों की बुकिंग पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि व्हाट्सएप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से की जाती थी. ग्राहक सीधे सेंटर पर नहीं पहुंचते थे, बल्कि पहले संपर्क किया जाता था. इसके बाद उनसे लोकेशन मांगी जाती थी या उन्हें सेंटर की लोकेशन भेजी जाती थी. यही वजह रही कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचा रहा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में ग्राहक को सीधे सेंटर पर न बुलाकर पहले बातचीत की जाती थी और ‘सर्विस’ से जुड़ी जानकारी दी जाती थी. इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होती थी. इस तरीके ने न सिर्फ गोपनीयता बनाए रखी, बल्कि कानून से बचने का रास्ता भी तैयार किया. एक साथ चार जगह छापेमारी मंगलवार को पुलिस ने चार अलग-अलग टीमों का गठन किया और एक तय समय पर शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित स्पा सेंटरों पर छापा मारा. अचानक हुई कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने मौके से 20 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया. सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है. छापेमारी के दौरान पुलिस को स्पा सेंटरों से रजिस्टर भी मिले हैं, जिनमें आने-जाने वालों की एंट्री दर्ज बताई जा रही है. इसके अलावा कई मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं. प्रारंभिक जांच में इन मोबाइल फोन से ऑनलाइन बुकिंग से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही जा रही है. मोबाइल से मिले सबूत  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए कुछ मोबाइल फोन में ऐसे फोटो और चैट मिले हैं, जो स्पा सेंटरों में हो रही गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं. हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन गतिविधियों का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन स्पा सेंटरों को कौन संचालित कर रहा था, इनके पीछे कौन लोग थे और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे. फिलहाल चारों स्पा सेंटरों के खिलाफ अनधिकृत रूप से संचालन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. सिर्फ एक युवक, 20 लड़कियां कई सवाल छापेमारी में 20 युवतियों के साथ केवल एक युवक का होना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला है. जांच अधिकारी इसे महज संयोग नहीं मान रहे हैं. माना जा रहा है कि युवतियों को अलग-अलग स्थानों से यहां लाया गया था और उनका इस्तेमाल स्पा सेंटर की ‘सर्विस’ के नाम पर किया जा रहा था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन युवतियों को किसी दबाव या लालच में यहां काम करने के लिए मजबूर किया गया था या वे स्वयं इसमें शामिल थीं. इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के मानव तस्करी या जबरन काम कराने के पहलू को नजरअंदाज न किया जाए. लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम ने बताया कि पुलिस को बीते कई दिनों से इन स्पा सेंटरों को लेकर लगातार सूचनाएं मिल रही थीं. कुछ स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की थी कि इन जगहों पर संदिग्ध गतिविधियां होती हैं और देर रात तक आवाजाही बनी रहती है. इन्हीं इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि फिलहाल हिरासत में ली गई सभी युवतियों और युवक से पूछताछ की जा रही है. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि किसी बड़े नेटवर्क या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. पूरे नेटवर्क की जांच जारी पुलिस फिलहाल पूरे मामले को एक नेटवर्क के तौर पर देख रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऑनलाइन बुकिंग का संचालन कौन कर रहा था, भुगतान कैसे होता था और क्या इसमें किसी तीसरे व्यक्ति या गिरोह की भूमिका थी. डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है. आने वाले दिनों में ऐसे अन्य स्पा सेंटरों पर भी नजर रखी जाएगी, जो बिना अनुमति संचालित हो रहे हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं. फिलहाल चारों स्पा सेंटरों को सील करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी. पुलिस का दावा है कि शहर में कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

मकर संक्रांति पर राजिम त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर महादेव का किया जलाभिषेक

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ में आज मकर संक्रांति उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। गरियाबंद जिले के राजिम के त्रिवेणी संगम में सुबह भक्तों ने स्नान कर पूजा पाठ किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। दीप दान कर भगवान कुलेश्वर नाथ और राजीव लोचन का जलाभिषेक किया। बुधवार (14 जनवरी) को मकर संक्राति पर प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों में खास आयोजन होंगे। इस अवसर रायपुर के कई जगहों पर पतंगबाजी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। वहीं मंदिरों में दीपोत्सव और विशेष भोग की व्यवस्था की गई है। भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास स्थित हेलीपेड ग्राउंड में सबसे बड़ा पतंग महोत्सव आयोजित किया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित पतंगबाजी उत्सव आज खास आकर्षण रहेगा। जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। पुलिस इस दौरान लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और जागरूकता फैलाने की भी सलाह देगी।

भोपाल स्लॉटर हाउस कांड पर बड़ा एक्शन, 11 कर्मचारी सस्पेंड, ठेका मालिक को ब्लैक लिस्ट किया गया

भोपाल  गोवध मामले में नगर निगम के 32 करोड़ से बने स्लॉटर हाउस को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। निगम शहर में पशु स्लॉटरिंग का इंतजाम नहीं करेगा। शहर के बाहर व्यवस्था करने की जिम्मेदारी प्रशासन के पाले में डाल दी। स्लॉटर हाउस में जानवरों की कटाई करने वाली लाइव स्टॉक प्रालि कंपनी व मालिक असलम कुरैशी को आजीवन ब्लैकलिस्ट किया गया है। निगम ने 11 कर्मियों को सस्पेंड किया है।   भोपाल नगर निगम की परिषद बैठक में जोरदार हंगामा हुआ. नगर निगम के स्लॉटर हाउस से गोमांस की सप्लाई के मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने बैठक में कड़ा विरोध जताया. इस मामले को लेकर परिषद में कांग्रेस पार्षद दल के सदस्य भी आक्रामक रहे और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का घेराव किया. वहीं मामले से दुखी 2 भाजपा पार्षद परिषद की बैठक छोड़कर चले गए. एक घंटे देरी से शुरू हुई बैठक बता दें की गोमांस को लेकर पहले से ही हंगामा होना तय था. कांग्रेस पार्षदों ने पहले ही इसकी तैयारी कर ली थी. वहीं भाजपा के पार्षदों ने भी इस मामले में परिषद को घेरने की तैयारी की ली. एक दिन पहले गोमांस वाले मुद्दे को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने भी नगर निगम कार्यालय का घेराव किया था. महापौर और परिषद पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई का भी दवाब था. ऐसे में सबसे पहले स्लॉटर हाउस में पदस्थ वेटनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर को निलंबित कराया गया. इसके आदेश संभागायुक्त संजीव कुमार सिंह ने जारी किए. निलंबन का लेटर जारी होने के बाद करीब एक घंटे देरी से परिषद की बैठक शुरू हुई और सत्तापक्ष ने डॉक्टर के निलंबन की जानकारी दी. 11 नगर निगम के कर्मचारी होंगे निलंबित परिषद बैठक शुरू होते ही दोनों पक्षो के पार्षद ने गोमांस मामले में उच्च स्तरीय कमेटी और आरोपितों पर कार्रवाई करने की मांग की. इस पर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने सदन को कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि भोपाल को मांस की मंडी नहीं बनने देंगे. निगम अध्यक्ष ने आयुक्त को निर्देश दिया कि इस मामले में स्लाटर हाउस में कार्यरत नगर निगम के सभी 11 कर्मचारियों को निलंबित किया जाए. इसके साथ ही स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टॉक को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए. साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में यह एजेंसी नगर निगम के किसी भी टेंडर में पार्टिसिपेट ना कर सके, यह भी सुनिश्चित किया जाए. शासन स्तर पर होगी उच्च स्तरीय जांच कांग्रेस पार्षद दल के सदस्यों ने कहा कि उन्हें नगर निगम की जांच कमेटी पर भरोसा नहीं है. इसलिए शासन स्तर पर एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई जाए. यदि नगर निगम के अधिकारी ही जांच कमेटी में शामिल होंगे तो निष्पक्ष जांच नहीं होगी. इसके बाद नगर निगम अध्यक्ष ने कहा कि परिषद की ओर से व्यवस्था दी जा रही है कि इस मामले की जांच नगर निगम के बाहर के शासन स्तर के अधिकारी करेंगे, इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा. भाजपा पार्षद का इस्तीफ़ा, अध्यक्ष ने किया अस्वीकार नगर निगम परिषद की बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और महापौर व एमआईसी के इस्तीफे की मांग की. भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव भी विरोध में जैकेट पर कागज चस्पा कर पहुंचे. भाजपा के वरिष्ठ पार्षदों समेत कई सदस्यों ने विरोध जताया. इस दौरान भावुक होकर भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने परिषद से इस्तीफ़ा देने की चेतावनी दी. उनका कहना था कि जब तक गोमांस के मामले में शामिल सभी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती वह परिषद में वापस नहीं आएंगे. हलाकि बाद में भाजपा पार्षद उन्हें परिषद में लेकर आए और निगम अध्यक्ष ने उनका इस्तीफ़ा अस्वीकार कर दिया. परिषद से बहिर्गमन के दौरान भार्गव के साथ भाजपा पार्षद नीरज सिंह भी साथ रहे. महापौर ने कहा- एमआईसी ने नहीं दी गोवंश काटने की अनुमति महापौर मालती राय ने कहा कि स्लॉटर हाउस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं. विपक्ष द्वारा 2024 में एमआईसी के अनुमोदन पर भवन निर्माण और अनुमति को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय न तो महापौर परिषद थी और न ही यह प्रक्रिया उनके कार्यकाल में शुरू हुई. महापौर परिषद ने स्लॉटर हाउस में गोवंश काटने की अनुमति नहीं दी थी. पीपीपी मोड पर बने टेंडर, प्रक्रिया, अधिकारियों की भूमिका और निगरानी से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच होगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. भाजपा पार्षद ने दिया इस्तीफा भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव, सुरेंद्र वाडीका, पप्पू विलासराव घाटगे ने एमआइसी पर मनमानी के आरोप लगाए। कहा, संगठन गोरक्षा मुद्दे पर राजनीति करता है, पर हमारी ही सरकार गो-रक्षा नहीं कर सकी। पार्षद देवेंद्र ने पद से इस्तीफा दिया और चले गए। अध्यक्ष ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। यह है मामला जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस से भैंस के मांस की आड़ में गोमांस सप्लाई किया जा रहा था। दिसंबर में पुलिस ने मुंबई भेजे जा रहे मांस की बड़ी खेप से सैंपल लिए तो गोमांस की पुष्टि हुई। इसके बाद स्लॉटर हाउस की ठेका कंपनी लाइव स्टॉक और मालिक कुरैशी पर कार्रवाई हुई। इन पर हुई कार्रवाई अब्दुल खान, रहमान खान, मोहम्मद खान, फरीद खान, राजा खान, सलीम, वसीम खान, युसूफ खान, अब्दुल हकीम, मो. रफीक।

गुटखा किंग पर छत्तीसगढ़ जीएसटी ने लगाया तीन सौ करोड़ का जुर्माना

दुर्ग. छत्तीसगढ़ जीएसटी ने दुर्ग के गुटखा किंग गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ की पेनल्टी लगाई है. जुमनानी बीते 5 वर्षों से सितार नाम का गुटखा बनाकर पूरे राज्य में बेच रहे थे. तंबाखू युक्त गुटखा सितार पूरी तरह से प्रतिबंधित है. इस वजह से विभाग गुरमुख जुमनानी ने पांच वर्षों की गणना करके टैक्स और पैनल्टी की राशि तय की है. जीएसटी विभाग के अधिकारी ने बताया गुटखे का पूरा धंधा प्लानिंग के तहत था. गोदाम के लिए गुरमुख के पिता लोगों से रेंट एग्रीमेंट करते थे. इसी स्थान पर गुटखे की पैकिंग होती थी. इसके बाद बोरे में भरकर गुटखा दुकानों तक सप्लाई किया जाता था. जांच में टीम ने कई पुराने एग्रीमेंट से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं. गुरमुख के सितार गुटखे की कीमत बाजार में 2 रुपए थी. गुटखे का फॉर्मूला बनाने वाले दीपक पांडे ने बताया कि 1 मिनट में 250 गुटखे के पैकेट मशीन से तैयार किए जाते थे. एक दिन में 50 बोरा गुटखा मार्केट में खपाया जाता था. महीने में सिर्फ 18 दिन ही मजदूर काम करते थे. जानकारी के मुताबिक, गुरमुख के जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्री पर जुलाई 2025 में जीएसटी विभाग ने छापा मारा था. तब पता चला कि दोनों फैक्ट्री में सिर्फ पैकिंग होती है. गुटखे का रॉ मटेरियल उसके बेटे सागर की राजनांदगांव स्थित कोमल फूड नाम की फैक्ट्री में तैयार किया जाता है. बाद में टीम ने उस फैक्ट्री में छानबीन की. जो मजदूर गनियारी और जोरातराई में काम करते मिले थे, वही कोमल फूड में मिले.

केजीएमयू में रमीज ने तैयार की धर्मांतरण की योजना, दो हिंदू लड़कियों को बनाया लक्ष्य

आगरा केजीएमयू में यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश में पकड़ा गया डॉक्टर रमीज यहां काजी और मौलानाओं के साथ मिलकर धर्मांतरण की नर्सरी तैयार कर रहा था। एजेंसियों की जांच में इसका खुलासा हुआ। फिलहाल निशाने पर चार लड़कियों के होने की बात पता चली है। उसने खुद आगरा की महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कराकर निकाह किया और दूसरी के साथ प्रयास। इसके साथ ही उसने अपने एक अन्य जूनियर को इसके लिए तैयार कर लिया था। जूनियर के निशाने पर दो हिंदू लड़कियां थी। पुलिस और एजेंसियों की जांच में रमीज की करतूतों की परत दर परत खुल रही है। इसके अलावा रमीज से जुड़े कई अन्य रेजीडेंट डॉक्टर और मेडिकल स्टॉफ हिंदू महिला डॉक्टर और कर्मचारियों को निशाने पर लिए थे। रमीज पर मुकदमा दर्ज होने और उसकी गिरफ्तारी के बाद सब अंडरग्राउंड हो गए। कई चुप्पी साथ गए और मामला तूल पकड़ता देख लड़कियों ने भी उन मुस्लिम लड़कियों से दूरियां बना ली। हालांकि रमीज से जुड़े कई लोग एजेंसियों की रडार पर हैं। इसके साथ ही रमीज के आगरा नेटवर्क के बारे में तमाम अहम जानकारियां पुलिस और एजेंसियों के अफसरों को मिली हैं। रमीज ने आगरा एसएनएमसी कॉलेज से वर्ष 2012 बैच में एमबीबीएस करने के दौरान ही धर्मांतरण गिरोह का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया था। यहां से ही वह मौलानाओं और काजियों के संपर्क में आ गया। इसके बाद धर्मांतरण की नींव डाली। मौलानाओं के जरिए ही वह बाद में बस्ती मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़ा। इसके बाद वहां भी मौलानओं और काजियों ग्रुप हॉस्टल में पहुंचने लगा था। बैचमेट अन्य मुस्लिम लड़कों का ब्रेनवाश कराता था। इसके बाद जब उसका दाखिला लखनऊ मेडिकल कॉलेज में हुआ तो यहां भी उसने धर्मांतरण की नर्सरी तैयार करनी शुरू कर दी थी। मौलानाओं और काजियों को यहां के हॉस्टल में भी बुलाता था। बैचमेट और जूनियरों की उनसे मुलाकात कराता उनके साथ बैठके करता था। मकसद सिर्फ एक हिंदू लड़कियों को टारगेट करना था। इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप का ब्योरा खंगाल रहीं एजेंसियां जांच में लगी एजेंसियां 13 साल पहले आगरा एसएनएमसी में बनाए गए इस्लामिक मेडिकोज से जुड़े लोगों का ब्योरा जुटा रही है। इस ग्रुप की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पूर्व में इस संगठन ने कहां बैठके की? उन बैठकों का मकसद क्या था? कितने लोग बैठकों मे शामिल होते थे? कौन-कौन लोग आते थे? इन सब बातों का ब्योरा जुटा रही हैं। साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टर रमीज के खातों से हुआ लाखों का लेनदेन, ब्योरा खंगाल रही एजेंसियां जेल भेजे गए डॉ. रमीज के बैंक खातों से उसकी फरारी के दौरान भी लाखों रुपये का लेनदेन हुआ। यह खुलासा पुलिस की तफ्तीश में हुआ। बताया जा रहा है कि पांच से सात लाख रुपये रमीज ने इस दौरान पश्चिमी यूपी से जुड़े एक व्यक्ति को भी भेजे थे। पुलिस और एजेंसियां अब इस दिशा में जांच कर रही हैं कि यह रुपये रमीज ने क्यों भेजे थे? साक्ष्य मिलने पर पुलिस अब उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। 23 दिसंबर को चौक कोतवाली में डॉक्टर रमीज के खिलाफ खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने, धमकी देने, धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद एनबीडब्ल्यू जारी होते ही वह फरार हो गया था। फरारी के दौरान दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी समेत कई स्थानों पर होटलों और परिचितों के यहां रहा था। इस दौरान उसके खाते में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन हुए थे। तफ्तीश में पता चला है कि रमीज ने एक मोटा अमाउंट करीब पांच से सात लाख रुपये पश्चिमी यूपी से जुड़े एक बैंक खाते में भेजे थे। एजेंसियों ने यह तो पता लगा लिया है कि यह रुपये किसे भेजे गए? अब इसकी जानकारी जुटा रही हैं कि क्यों भेजे गए? जल्द ही खाता धारक से इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। रमीज से जुड़े लोगों के बैंक खातों की पड़ताल पुलिस और एजेंसियों ने डॉक्टर रमीज और गिरोह जुड़े लोगों की फंडिंग के बारे में भी जांच शुरू कर दी है। फंडिंग उन्हें कहीं विदेशों से तो नहीं हुई। पुलिस और एजेंसियां रमीज के अलावा उसके करीबियों, रिश्तेदारों, माता-पिता और धर्मांतरण में फरार काजी जाहित व उसके साथी के बैंक खाते खंगाल रही हैं। उनके आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। इस संबंध में पुलिस ने कई बैंकों को उक्त लोगों की डिटेल दी है।

टक्कर के बाद आग की भयंकर लपटों में घिरी शुक्ला ब्रदर्स बस, इंदौर में यात्रियों ने बचाई जान

इंदौर इंदौर के पटेल ब्रिज के नीचे बुधवार सुबह विधायक गोलू शुक्ला की बस में अचानक आग लग गई। आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ी को मौके पर बुलाया गया। विधायक गोलू शुक्ला के परिवार की ट्रेवर्ल्स एजेंसी की बस ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। वह गंभीर रुप से घायल हुआ है। इसके बाद भीड़ ने बस को आग के हवाले कर दिया।  जानकारी के मुताबिक एक्टिवा से जा रहे संतोष को बस ने टक्कर मारी और गाड़ी बस के नीचे आ गई। इस घटना में संतोष गंभीर रूप से घायल हो गया। बस ने पीछे से संतोष की गाड़ी को टक्कर मारी थी, इस दौरान वह बस के नीचे फंस गया था। स्थानीय लोगों ने बस के नीचे से युवक को निकालकर अस्पताल भेजा। घटना के बाद बस में से अचानक चिंगारी उठी और देखते ही देखते वह आग का गोला बन गई। जानकारी के मुताबिक बस सांवेर से इंदौर आ रही थी। पुलिस दो पहलुओं पर कर रही जांच बस द्वारा एक्टिवा सवार को टक्कर मारने और उसमें आग लगने के मामले में पुलिस दो पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि बस में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी या फिर किसी में बस में जानबूझकर आग लगाई। तुकोगंज पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा राजकुमार ब्रिज के पास हुआ। घटना की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन तब तक आग बस में फैल चुकी थी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने बस में लगी आग को बुझाया। जानकारी के मुताबिक बस इंदौर-उज्जैन रूट की बताई जा रही है। बस में बैठे यात्री घटना के बाद से डर गए थे, इसके बाद वे अन्य साधनों से अपने स्थान के लिए रवाना हुए। पुलिस अब बस को सड़क से हटाकर यातायात सुधारने में जुट गई है। फायर ब्रिगेड के एसआई शोभाराम मालवीय के मुताबिक, एक टैंक पानी डालकर आग पर काबू पा लिया गया है। ड्राइवर अभी मौके पर नहीं मिला है। संभवतः बस को बाहर निकालने के दौरान ही उसमें शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसमें ड्राइवर तुरंत गाड़ी से उतरकर बाहर आ गया। तुकोगंज टीआई जितेंद्र यादव के मुताबिक, एक बाइक को बस ने टक्कर मारी थी, इसके बाद बस में आग लगी। बाइक सवार को ज्यादा चोट नहीं आई है। उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल भेजा गया है।

मकर संक्रांति पर शिप्रा-नर्मदा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामघाट पर हुआ दान

नर्मदापुरम / उज्जैन/जबलपुर/खंडवा/खरगोन उज्जैन में मकर संक्रांति पर्व पर सुबह से श्रद्धालु स्नान के लिए शिप्रा नदी के रामघाट सहित दत्त अखाड़ा घाट और अन्य घाटों पर स्नान कर रहे हैं। रामघाट पर सुबह से ही ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते नजर आए।  मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार  को उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को तिल के तेल से स्नान कराया गया. वही पुण्य सलिला शिप्रा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. पौष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालुओं ने घाटों का रुख करना शुरू कर दिया. कड़ी ठंड के बावजूद रामघाट और शिप्रा के अन्य घाटों पर भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई. स्नान के बाद भक्तों ने दान-पुण्य किया और महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया.  घाटों पर होने वाली भीड़ की सुरक्षा को देखते हुए होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें लगातार घाटों पर सतत निगरानी कर रही हैं। आला अधिकारियों के मुताबिक होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें घाटों पर मौजूद हैं, जो श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी देती रहीं। इस बार 14-15 जनवरी को दो दिन संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। आज घरों में तिल और गुड़ की मिठास रहेगी, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर कई जगह पतंग महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। दोपहर 3:05 बजे मकर संक्रांति पर्व की शुरुआत पंडित जी के  अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 3:05 बजे सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करेगा। यानी दोपहर 3:05 बजे से सूर्य की मकर संक्रांति पर्व की शुरुआत होगी। दान-पुण्य के लिहाज इसका प्रभाव 15 जनवरी को माना जाएगा। क्योंकि धर्मशास्त्रों के अनुसार यदि सूर्य की संक्रांति दोपहर में या उसके बाद होती है, तो उसका पर्व काल अगले दिन मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हाथों उज्जैन में श्रीमहाकाल महोत्सव का उद्घाटन, पाँच दिन चलेगा उत्सव

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ 14 से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा श्रीमहाकाल महोत्सव उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को श्रीमहाकाल महालोक उज्जैन में पाँच दिवसीय 'श्रीमहाकाल महोत्सव' का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। 5 दिनों तक बहेगी संगीत सरिता महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे। 14 जनवरी: महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ 'शिवोऽहम्' की संगीतमय प्रस्तुति देंगे। 15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध 'द ग्रेट इंडियन क्वायर' 'शिवा' थीम पर प्रस्तुति देगा। 16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। 17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी। 18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत 'शिव केंद्रित नृत्य नाटिका' से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा। त्रिवेणी संग्रहालय में प्रतिदिन जनजातीय संस्कृति के होंगे दर्शन महोत्सव में प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। प्रतिदिन निकलने वाली 'कला यात्रा' शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुँचेगी। इसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे। 15 जनवरी को होगा बौद्धिक विमर्श सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय 'शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में' रखा गया है, जहाँ विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ऐलान: रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में किया जाएगा विकसित

रायपुर : रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करेगी सरकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े अधोसंरचनाओं को समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश रायपुर शहर विकास के रोडमैप पर हुई व्यापक चर्चा: रेल्वे,नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग बेहतर समन्वय कर विकास कार्य की गति में लाए तेजी रायपुर शहर एवं आसपास स्थित क्षेत्रो के समग्र विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कनेक्टिविटी,शिक्षा,स्वास्थ्य,रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष फोकस रायपुर रायपुर शहर के विकास में धन की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। राज्य सरकार जनादेश और जनभावना के अनुरूप रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की आधुनिक और सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए पूर्व की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे राजधानी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विकास कार्य संभव हो सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण रायपुर में यातायात, आवास, जल आपूर्ति और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर ठोस और व्यावहारिक योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि शहर की जरूरतों को आने वाले दशकों तक पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि रायपुर का समग्र विकास तभी संभव है जब नगर निगम, रेलवे और लोक निर्माण विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बताए गए जमीनी मुद्दों और आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए। बैठक में शहर के ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिक्रमण, निगम द्वारा निर्मित व्यवसायिक परिसरों में खाली दुकानों के पुनः विक्रय, स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा मेकाहारा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के उन्नयन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, पेयजल आपूर्ति, जल शोधन संयंत्रों, सीवरेज नेटवर्क, खेल मैदानों के संरक्षण तथा झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास योजनाओं की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई, ताकि शहरी जीवन की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार लाया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड विद्युत लाइनें, नए सड़क मार्ग, फ्लाईओवर, सार्वजनिक भवनों तथा स्टेडियमों के निर्माण जैसे प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के सम्बन्ध में भी निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री साय ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजे जाएँ और बुनियादी अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि रायपुर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल राजधानी के रूप में विकसित किया जा सके। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त ओ.पी. चौधरी एवं कौशल उन्नयन मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी सहित पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।