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सीएम ने अनेक लाभार्थियों को दिया स्वीकृति पत्र, चेक, चाबी, नियुक्ति पत्र

उन्नाव मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को विकास योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र, चेक, चाबी, नियुक्ति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम योगी के हाथों इन्हें मिला योजनाओं का लाभ…  👉 पार्वती- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख  👉 सोनू- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख 👉 नेहा गुप्ता- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का स्वीकृति पत्र  👉 रमाकांति- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का स्वीकृति पत्र 👉 जगन्नाथ- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण पत्र  👉 मनोज सविता- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण पत्र 👉 रेनू गौड़- स्मार्टफोन- बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार योजना  👉 कर्मावती- स्मार्टफोन- बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार योजना  👉 शशिप्रभा- नियुक्ति पत्र, आंगनबाड़ी सहायिका   👉 मोनी- नियुक्ति पत्र, आंगनबाड़ी सहायिका  👉 कालीचरण- पंचायत कल्याण कोष के तहत स्वीकृति पत्र  👉 अमन कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख का चेक  👉 अभिषेक कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 2.50 लाख का चेक 👉 रेखा- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी  👉 मैकी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी  👉 मनोज सविता- रानी- उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका ग्रामीण मिशन के तहत 4.95 करोड़ का चेक  👉 राजू निर्मल- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रमाण पत्र  👉 परशुराम – प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रमाण पत्र 👉 अंकिता- दिव्यांगजन पेंशन का स्वीकृति पत्र  👉 लीला- आयुष्मान कार्ड  👉 भारती- आयुष्मान कार्ड

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राएं जाएंगी IIT गांधीनगर, शिक्षा में यूपी की नई छलांग

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं। यूपी की बेटियां अब केवल स्कूली चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के सर्वोच्च तकनीकी संस्थानों तक कदम बढ़ा रही हैं। इसी शानदार बदलाव की बानगी है— आईआईटी गांधीनगर (गुजरात) के प्रतिष्ठित 'क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27' के लिए उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन। यह उपलब्धि न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि बेटियों को मुख्यधारा के अवसरों से जोड़ने के सरकारी प्रयासों की बड़ी सफलता है। कौन और कब जा रहा है IIT? विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 13 से 15 जुलाई 2026 तक आईआईटी गांधीनगर में एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1 (प्रयागराज) और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी नगर पालिका (गाजियाबाद) की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इस राष्ट्रीय मंच पर प्रत्येक चयनित विद्यालय से दो होनहार छात्राएं और एक शिक्षिका उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। कड़ी मेहनत और शानदार आंकड़ों से तय हुआ चयन इन विद्यालयों का चयन यूं ही नहीं हुआ है; यह साल भर की उनकी लगन का नतीजा है। आईआईटी गांधीनगर के 'सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग' (CCL) के अनुसार, पूरे वर्ष चले क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में इन स्कूलों का प्रदर्शन बेजोड़ रहा। प्रयागराज के विद्यालय ने 50 में से 46 सत्रों में हिस्सा लेकर 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई और 39 वर्कशीट जमा कीं। वहीं, गाजियाबाद के विद्यालय ने 50 में से 49 सत्रों में 98 प्रतिशत की शानदार उपस्थिति के साथ 42 वर्कशीट जमा कर यह विशेष स्थान हासिल किया है। नवाचार और विज्ञान की नई दुनिया से होंगी रूबरू आईआईटी गांधीनगर के इस प्रवास के दौरान इन छात्राओं को विज्ञान, गणित और नवाचार (Innovation) की दुनिया को बेहद करीब से देखने और समझने का मौका मिलेगा। रचनात्मक अधिगम (Creative Learning) और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों के जरिए उनके भीतर का वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निखरेगा। ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली इन बेटियों के लिए आईआईटी का शैक्षणिक माहौल और रिसर्च कल्चर भविष्य की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। कस्तूरबा विद्यालय बन रहे सशक्तिकरण के केंद्र यह बड़ी उपलब्धि योगी सरकार के उस विजन पर मुहर लगाती है, जिसमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 'बालिका सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी केंद्र' के रूप में विकसित किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षण, विज्ञान-गणित के विशेष कार्यक्रमों और राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव का ही यह असर है कि आज यूपी की बेटियां आत्मविश्वास से भरी हैं और भविष्य की वैज्ञानिक व शोधकर्ता बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।  

कार्यस्थल पर जाकर बायपास, अंडरपास और पुल का काम भी देखा, अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यस्थलों पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को प्रगतिरत सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरगुजा के कलेक्टर  अजीत वसंत और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में वर्षा ऋतु को देखते हुए सड़कों के रखरखाव एवं गड्ढा मरम्मत के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए बारिश शुरू होने के पहले सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने समय पर पुल-पुलियों की भी मरम्मत करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात में आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को सड़कों और पुलों का नियमित निरीक्षण कर उनकी स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा। विभागीय सचिव ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मैदानी अधिकारियों ने कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित व प्रगतिरत कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।     बंसल ने अंबिकापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग बायपास के निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अंडरपास, पुल एवं अन्य संरचनात्मक निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को परेशानी से बचाने सड़कों व पुलों के काम को हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि लोगों को शीघ्र बेहतर यातायात की सुविधा मिले।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को मेडिकल कॉलेज के भवन के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से तेज गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होना चाहिए।

श्रम विभाग में अधिकारियों को तनावमुक्त और कार्यकुशल बनाने के लिए ऑनलाइन सत्र आयोजित

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमारे अधिकारी निरंतर भारी दबाव में जनसेवा का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी भलाई और मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री  पटेल श्रम विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित 'उच्च-तनाव वाली लोक सेवा भूमिकाओं में बर्नआउट की रोकथाम' विषय पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  पटेल ने कहा कि कार्यस्थल पर तनाव से जुड़े फीडबैक तंत्र को लागू कर विभागीय टीमों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इस सत्र में राज्य से 79 वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दिनभर की भागदौड़, लगातार बजते फोन और फाइलों के दबाव से जूझने वाले अधिकारियों की मानसिक सेहत को सुदृढ़ बनाने और कार्यस्थल पर उनके दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से यह सत्र आयोजित किया गया था। आर्डेन विश्वविद्यालय, लंदन की व्याख्याता और स्वास्थ्य मनोविज्ञान विशेषज्ञ  मुक्ति सिंह ठाकुर ने सत्र का मुख्य संचालन किया। उन्होंने एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि अत्यधिक तनाव के साथ-साथ यह मानना कि 'तनाव सेहत बिगाड़ रहा है', मृत्यु के जोखिम को 43 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। वहीं, जो लोग तनाव को हानिकारक नहीं मानते, उनमें ऐसा कोई खतरा नहीं देखा गया।  ठाकुर ने तनाव प्रबंधन का एक बेहद सरल और प्रभावी उपाय साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उद्वेलित होने से पहले महज 30 सेकंड का ठहराव लें और आस-पास की किसी आम चीज़, जैसे छत का पंखा, खिड़की या अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। यह संक्षिप्त ठहराव मस्तिष्क को 'सुरक्षित' होने का गहरा संकेत देता है, जिससे तंत्रिका तंत्र का झूठा अलार्म बंद हो जाता है। लंबी सांस छोड़ने और धीमी सांस लेने की यह प्राणायाम तकनीक दिल को शांत कर रक्तचाप को तुरंत नियंत्रित करती है। विशेषज्ञ  ठाकुर ने कहा कि रोज़-रोज़ की अनियंत्रित तनावपूर्ण प्रतिक्रियाएं शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ा देती हैं। यही स्थिति आगे चलकर उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और टाइप-2 मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गंभीर बीमारियों की छिपी वजह बनती है। उन्होंने आईसीएमआर-इण्डियाब अध्ययन (2023) का संदर्भ देते हुए बताया कि देश में करीब 10.1 करोड़ लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं। अत्यधिक तनाव से निर्णय लेने की क्षमता और याददाश्त कमजोर हो जाती है, जो अधिकारियों को गंभीर बर्नआउट की ओर धकेल देती है।  

गोंडा में वोटर लिस्ट शिकायतों पर कार्रवाई, दोहरे और मृतक मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू

लखनऊ उत्तर पंचायत चुनाव वोटर लिस्ट-2026 के अंतिम प्रकाशन के बाद गोंडा जिले में बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने संज्ञान लिया है। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा है कि हर शिकायत का गंभीरता से निस्तारण कर त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पुनरीक्षण कार्यक्रम 2025-26 के तहत 10 जून को पंचायत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया था। इसके बाद दोहरे नाम, मृतक मतदाताओं के नाम, विवाह के बाद दूसरी जगह रहने वाली महिलाओं के नाम और अन्य ग्राम पंचायतों के मतदाताओं के नाम सूची में शामिल होने की शिकायतें बड़ी संख्या में मिली हैं। डीएम ने निर्देश दिया है कि नए नाम जोड़ने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र के साथ दावा प्रपत्र-2 और विधानसभा मतदाता सूची की एस-10, ए-10, आर-0 की प्रति अनिवार्य रूप से ली जाए। जिन पात्र व्यक्तियों के नाम विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें पंचायत मतदाता सूची में शामिल किया जाए। वहीं, दोहरे, मृतक, विवाहित और अन्य ग्राम पंचायतों के नाम हटाने के लिए प्रपत्र-4 पर आवेदन लिया जाएगा। सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नाम हटाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए। किसी भी प्रकार की उदासीनता या शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 2.03 करोड़ के नाम सूची से काटे गए आपको बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 10 जून को बहुप्रतिक्षित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इसमें कुल 12.58 करोड़ मतदाता हैं। पुनरीक्षण में 29 लाख के नाम बढ़े हैं और 2.03 करोड़ के नाम सूची से काटे गए हैं। जौनपुर में सबसे ज्यादा 36.97 लाख और गौतमबुद्धनगर में सबसे कम 2.09 लाख मतदाता हैं। पहली बार सभी मतदाताओं के स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) जारी किए गए हैं। चुनाव में फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) की मदद से फर्जी वोटिंग रोकी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी की। वर्ष 2021 की मतदाता सूची में 12.29 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल थे। वर्ष 2025-26 की मतदाता सूची में 12.58 करोड़ मतदाता हैं। नई मतदाता सूची में कुल 2.32 करोड़ मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। मृतक व स्थानांतरित इत्यादि 2.03 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। ऐसे में 29.01 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची में बढ़े हैं। जौनपुर में सबसे अधिक 36.97 लाख वोटर जौनपुर में सबसे अधिक 36.97 लाख, दूसरे नंबर पर आजमगढ़ में 35.76 लाख व तीसरे नंबर पर प्रयागराज में 34.95 लाख मतदाता हैं। सबसे कम गौतमबुद्धनगर में 2.09 लाख मतदाता हैं। सबसे कम मतदाता वाले जिलों में दूसरे नंबर पर महोबा में 5.88 लाख व तीसरे नंबर पर चित्रकूट में 7 लाख मतदाता हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की थी, इसमें कुल 12.69 करोड़ मतदाता शामिल थे। इसके बाद मतदाताओं को दावे व आपत्तियों का समय दिया गया और अंतिम मतदाता सूची जारी की गई। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सभी जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा किया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को किया सम्मानित

कानपुर , 18 जून : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व मिनीकिट भी प्रदान किया।  👉 छोटेलाल- पैगूपुर 👉 राजेश कुमार त्रिपाठी- शिवराजपुर  👉 आशीष कुमार- कल्याणपुर  👉 सुनील सिंह कटियार-बिल्हौर 👉 फूल सिंह यादव- झींझक  👉  दिनेश कुमार- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपये का चेक 👉 उमा सिंह- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपये का चेक 👉 विपिन्न शुक्ला- श्री अन्न की मिनीकिट  👉 आशीष कुमार- श्री अन्न की मिनीकिट

सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिले नियमित गरम भोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सह संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को योजना के तहत अनिवार्य रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण प्रदान किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि स्कूलों में योजना के संचालन की लगातार जमीनी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और भोजन पकाने के लिए नियमित रूप से रसोई गैस (एलपीजी ईंधन) की आपूर्ति सुनिश्चित हो। शहरी और आस-पास के क्षेत्रों में सेंट्रल किचन व्यवस्था पर जोर           बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना और सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन पकाने की व्यवस्था पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों और उनके आस-पास स्थित स्कूलों में पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन तैयार कर सप्लाई किया जाना चाहिए, ताकि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का स्तर उत्कृष्ट रहे। महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा, परोसी जाएंगी ताजी सब्जियां           योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण से जोड़ते हुए मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भोजन तैयार करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों को सब्जी और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें। इससे स्कूलों में बच्चों को ताजी व हरी सब्जियां मिलेंगी और साथ ही इन महिला समूहों की आमदनी में भी इजाफा होगा। छत्तीसगढ़ में योजना की वर्तमान स्थिति           बैठक में अधिकारियों ने योजना से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। राज्य के 56 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में यह योजना संचालित है। इन स्कूलों के माध्यम से 29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को दैनिक रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण दिया जा रहा है। भोजन तैयार करने के कार्य में 86 हजार से ज्यादा रसोइया जुड़े हुए हैं। बैठक में उच्चाधिकारियों की रही मौजूदगी          इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की विशेष सचिव व संचालक नागरिक आपूर्ति निगम सुश्री इफ्फत आरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वित्त, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

एएफडी फ्रांस वित्त पोषित परियोजना में हरित विकास और जल संरक्षण पर जोर

 जयपुर राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना की तीसरी उच्चाधिकार समिति की बैठक गुरुवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में  शासन सचिवालय में आयोजित हुई। बैठक में एएफडी, फ्रांस द्वारा वित्त पोषित इस परियोजना के विभिन्न घटकों की विस्तृत समीक्षा कर वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों में लक्ष्य पूर्ति के साथ परिणाम जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गतिविधि का प्रभाव स्थानीय समुदाय, पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों पर सकारात्मक एवं परिवर्तनकारी रूप में परिलक्षित होना चाहिए। परियोजना कार्यों में दिखे परिवर्तन, सफलता की कहानियां बनें प्रेरणा मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की सफलता के उदाहरण सामने आने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मॉडल विकसित किए जाएं जिनसे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने, भूजल स्तर में सुधार, जैव विविधता संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे। उन्होंने कहा कि परियोजना के कार्य परिवर्तनकारी होने चाहिए। इनका लाभ आमजन प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकें।  हितग्राहकों और स्थानीय जनसमुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य सचिव ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े हितग्राहकों एवं स्थानीय समुदायों के विचारों और सुझावों को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों की योजना बनाकर उनका क्रियान्वयन किया जाए। तकनीकी मानकों के अनुरूप हो कार्यों का क्रियान्वयन मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का निष्पादन निर्धारित तकनीकी मापदंडों एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने परियोजना के प्रत्येक घटक की नियमित मॉनिटरिंग एवं समय-समय पर प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण और उच्च घनत्व हरित क्षेत्र हो विकसित मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधारोपण एवं चारागाह विकास कार्यों में स्थानीय एवं क्षेत्र विशेष के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने उच्च घनत्व वाले हरित क्षेत्र विकसित करने, बड़े आकार के पौधों के रोपण तथा उन्नत एवं बड़ी नर्सरियों के विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। परिवर्तन के सूचकांक का निर्धारण किया जावे मुख्य सचिव महोदय ने निर्देश दिये कि परियोजना में किये जा रहे कार्यों के प्रभाव का आंकलन करने के लिए परिवर्तन के सूचकांकों का निर्धारण कर परियोजना के प्रारम्भ एवं वर्तमान स्थिति की तुलनात्मक समीक्षा करें। जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधार के प्रयास हों प्रभावी उन्होंने कहा कि परियोजना के माध्यम से जल संरक्षण संरचनाओं का विकास इस प्रकार किया जाए कि भूजल स्तर में वृद्धि हो तथा स्थानीय जल संसाधनों का पुनर्भरण सुदृढ़ हो। मृदा एवं जल संरक्षण गतिविधियों के दीर्घकालिक प्रभावों का भी नियमित मूल्यांकन किया जाए। एएफडी ऋण अनुबंध और लंबित वित्तीय मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश मुख्य सचिव ने फ्रांसीसी विकास एजेंसी एएफडी की द्वितीय ट्रांच से संबंधित ऋण अनुबंध प्रक्रिया को आगामी जुलाई  तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अंतर-विभागीय समन्वय से हासिल होंगे बेहतर परिणाम मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के उद्देश्यों की प्रभावी प्राप्ति के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं परिणामोन्मुखी ढंग से पूर्ण किया जाए। इससे विकसित राजस्थान के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन विभाग श्री आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हाफ) श्री अरिजीत बनर्जी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास सुश्री शिखा मेहरा, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री के. सी.ए. अरूण प्रसाद, राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना निदेशक श्री राजेश गुप्ता एवं वित्त, कृषि, आयोजना, महिला बाल विकास, पर्यटन, ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

झाबुआ, इंदौर और खरगोन में सबसे बड़ी कार्रवाई, शराब के साथ वाहन भी जब्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए जून माह में अब तक 2 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है, बल्कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना भी है। सबसे बड़ी कार्रवाई झाबुआ जिले में की गई, जहां थांदला, राणापुर और झकनावदा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 176 से अधिक पेटी अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों सहित लगभग 47.71 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। वहीं इंदौर और इंदौर ग्रामीण पुलिस ने संयोगितागंज, द्वारकापुरी और बड़गोंदा क्षेत्रों में कार्रवाई कर करीब 37.81 लाख रुपये की अवैध शराब और वाहन जब्त किए। खरगोन जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और अन्य वाहनों सहित लगभग 28.96 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। सागर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर 26.95 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब और वाहन पकड़े गए। पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र में दो मामलों में 2,484 लीटर से अधिक अवैध शराब और पिकअप वाहन सहित 22.50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। बड़वानी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, नरसिंहपुर, सिंगरौली, विदिशा, सीधी, उज्जैन, भिंड, जबलपुर, नर्मदापुरम, खंडवा, मुरैना, आगर मालवा, डिंडोरी, दमोह और भोपाल ग्रामीण सहित कई जिलों में भी बड़ी मात्रा में अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया गया। कई स्थानों पर पुलिस ने ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत विशेष कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया। पुलिस मुख्यालय के अनुसार प्रदेशभर में अवैध शराब के कारोबार, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस नशे के अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

संतोष चौबे होंगे कर्मवीर सम्मान–2026 से सम्मानित

भोपाल माधवराव सप्रे संग्रहालय, भोपाल द्वारा अपने 43वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में वरिष्ठ कवि–कथाकार, विश्व रंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  संतोष चौबे को प्रतिष्ठित 'कर्मवीर सम्मान–2026' से सम्मानित किया जाएगा।  यह सम्मान समारोह 19 जून (शुक्रवार) को सुबह 10.30 बजे सप्रे संग्रहालय, भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल के मुख्य आतिथ्य और तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष  रघुनंदन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र के निदेशक तथा वैश्विक हिंदी पत्रकारिता के अध्येता डॉ. जवाहर कर्नावट को भी कर्मवीर सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही इतिहास एवं पुरातत्व के अध्येता डॉ. सुभाष अत्रे, संस्कृति मर्मज्ञ  राम तिवारी तथा वरिष्ठ पत्रकार  नुरूल हसन 'नूर' भी सम्मानित होंगे।  इस अवसर पर मध्यप्रदेश अभिलेखागार के पूर्व संचालक  शंभुदयाल गुरू द्वारा प्रदत्त साहित्य से इतिहास प्रभाग का शुभारंभ भी होगा।