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मध्यप्रदेश के विदिशा में स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त, नदी में गिरने से 28 छात्रों को आई चोटें

विदिशा विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र अंतर्गत जोहद गांव में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बंगला चौराहा स्थित एक निजी स्कूल की बस, जिसमें करीब 48 छात्र सवार थे, सगड़ नदी पुल पार करते समय अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी। यह घटना (Vidisha School Bus Accident) सुबह करीब दस बजे की बताई जा रही है। नदी में पानी नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। बस नीचे पत्थरों पर गिरी, जिससे लगभग 28 छात्र घायल हो गए। इनमें कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए राजीव गांधी शासकीय जन चिकित्सालय, गंजबासौदा लाया गया।   गंभीर रूप से घायल लगभग पांच छात्रों की हालत को देखते हुए उन्हें विदिशा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल छात्रों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बताया गया है कि सभी बच्चे स्कूल की ओर से पिकनिक मनाने सांची जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। विदिशा पुलिस ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुल की संकरी चौड़ाई और चालक द्वारा सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के प्रयास के दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत अभिभावकों को सूचना दी और घायलों के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह घटना छात्रों के लिए बेहद भयावह रही, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी भी छात्र की जान को खतरा नहीं है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में संकरे पुलों और सड़कों पर यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतें और स्कूल बसों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

शीतलहर के साथ कोहरे का साया, सड़कों से लेकर रेल तक थमी चाल

जलालाबाद उत्तरी भारत में दिन-ब-दिन बढ़ रही ठंड ने सीमावर्ती क्षेत्र में भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है और आज इलाके में ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने भी अपना असर दिखाया, जिससे आम ज़िंदगी पर काफी असर पड़ा और जिंदगी की रफतार थमी-थमी प्रतीत हुई। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में लगातार ठंड पड़ रही है। हालांकि आसमान में धूप निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलती रही है। लेकिन आज सुबह इलाके में आसमान पर छाई घने कोहरे की सफेद चादर ने दोपहर तक सूर्य को ढके रखा। वहीं, घने कोहरे की वजह से आम ज़िंदगी पर काफी असर पड़ा और वाहन चालक वाले अपनी गाड़ियों की लाइट जलाकर धीमी रफ़्तार से अपनी मंज़िल की ओर बढ़ते दिखे। आज के घने कोहरे ने ज़िंदगी की रफ़्तार धीमी कर दी और लोगों को घर से बाहर निकलने से पहले कई बार सोचने के लिए मजबूर कर दिया। जहां कुछ लोगों को कोहरे की वजह से अपने काम टालने पड़े तथा कुछ लोगों का ज़रूरी सफ़र का विचार भी बदलना पड़ा। जो लोग घरों से बाहर निकले, वह भी गाड़ियों में सफ़र करते समय प्रमात्मा को याद करते ही दिखाई दिए। हालांकि, दोपहर में सूरज निकलने से लोगों को कोहरे से राहत मिली और लोगों को घरों से बाहर निकलने का मौका मिला जिससे दोपहर बाद शहर के बाजारों में कुछ चहल-पहल देखी गई।  स्थानीय फिरोजपुर-फाजिल्का मुख्य मार्ग पर यात्रियों को लाने-ले जाने का जिम्मा संभालने वाली रोडवेज बसों में भी आज सुबह आम दिनों के मुकाबले यात्रियों की संख्या कम देखी गई। गौरतलब है कि एफ.एफ रोड पर चलने वाली रोडवेज बसें अक्सर यात्रियों से खचाखच भरी रहती हैं। लेकिन आज कोहरे के कारण आम दिनों के मुकाबले ज्यादातर लोगों ने बसों में सफर करना पसंद नहीं किया। इसका मुख्य कारण कोहरा और ठंड तो है ही, लेकिन दूसरा कारण रविवार को छुट्टी का दिन और जिला परिषद, ब्लॉक समिति के चुनाव भी माने जा रहे हैं। इसका कारण जो भी हो, यात्रियों की भीड़ से तंग आ चुके ड्राइवरों और कंडक्टरों को आज यात्रियों की भारी भीड़ से कुछ राहत जरूर मिली है। लेकिन इसके बावजूद कोहरे में बस चलाना और यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाना बस ड्राइवरों के लिए एक बड़ी चुनौती है और बस ड्राइवर और कंडक्टर इस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाते भी हैं। 

हरियाणा में नई IMT की सौगात, इन गांवों के लोगों को मिलेंगे रोजगार और विकास के अवसर

हरियाणा  हरियाणा की औद्योगिक संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) ने खरखौदा इंडस्ट्रियल माडल टाउन (IMT) के फेज-2 के विस्तार की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। पहले चरण में इसके लिए जमीन की मूल्यांकन का काम होगा। इसके बाद IMT का विस्तार सोनीपत के साथ झज्जर की ओर होगा। जिसके चलते किसानों की जमीन को चिन्हित किया जाएगा।  बताया जा रहा है कि आईएमटी बनाने के लिए 5800 एकड़ जमीन पर काम शुरू होगा। एचएसआइआइडीसी की ओर से जो योजना बनाई गई है, उसके हिसाब से IMT को विस्तार देने के लिए जमीन का चयन इस प्रकार किया गया है, जिससे कि KMP एक्सप्रेसवे को क्रास न करना पड़े। इसे दिल्ली-जम्मू कटरा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि भविष्य में यहां स्थापित होने वाले उद्योगों को दोनों एक्सप्रेसवे का सीधा लाभ मिल सकेंगे। वहीं सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र के पांच गांवों की जमीन पर IMT का विस्तार होगा। जिसके चलते झज्जर के छह गांवों में 3,625 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है, जबकि सोनीपत के पांच गांवों की 2,175 एकड़ जमीन को शामिल किया गया है। आसपास के गांवों में जमीन के दाम 8 से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ पहुंच चुके हैं।   

दिव्यांगों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में अब मिलेगा 25 लाख तक का सब्सिडी लोन, जानें पूरी शर्तें

रायपुर छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा स्वरोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगों को पांच लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें शासन की ओर से सब्सिडी भी दी जाती है। योजना का उद्देश्य दिव्यांगों को नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय खुद का व्यवसाय शुरू करने का अवसर देना है। इसके अंतर्गत दुकान, सर्विस सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, ट्रांसपोर्ट, होटल, डेयरी, पोल्ट्री, मशीनरी आधारित कार्य जैसे कई व्यवसाय शामिल हैं। कौन ले सकता है योजना का लाभ योजना का लाभ वही दिव्यांगजन ले सकते हैं जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उसके पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। आय सीमा शासन के मापदंडों के अनुसार तय की जाती है। लोन राशि और सब्सिडी समाज कल्याण विभाग के अनुसार व्यवसाय की प्रकृति और परियोजना रिपोर्ट के आधार पर पांच लाख से 25 लाख रुपये तक का लोन स्वीकृत किया जाता है। इस राशि में शासन द्वारा सब्सिडी दी जाती है, जिससे लाभार्थी को बैंक को चुकाने वाली राशि कम हो जाती है। शेष रकम आसान किश्तों में चुकानी होती है। कैसे करें आवेदन इच्छुक दिव्यांगजन जिला समाज कल्याण कार्यालय या संबंधित जनपद एवं नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और प्रस्तावित व्यवसाय से जुड़ी जानकारी देनी होती है। जांच के बाद प्रकरण बैंक को भेजा जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों को मौका यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के दिव्यांगों के लिए लागू है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, पशुपालन, डेयरी, ट्रैक्टर या मशीनरी आधारित व्यवसाय को भी योजना में शामिल किया गया है।

यात्रियों को बड़ा झटका: हिसार–दिल्ली हवाई सेवा बंद, अयोध्या रूट पर बदला उड़ान शेड्यूल

हरियाणा  धुंध को देखते हुए हिसार एयरपोर्ट पर डीजीसीए ने नया विंटर शेड्यूल जारी कर दिया है। इसमें हिसार से दिल्ली की फ्लाइट को 16 दिसंबर से आगामी आदेशों तक रद्द कर दिया है। वहीं अब अयोध्या के लिए हफ्ते में एक बार फ्लाइट जाएगी। नया विंटर शेड्यूल 15 जनवरी तक लागू रहेगा। इसमें हिसार- दिल्ली, दिल्ली-हिसार हवाई रूट को बंद कर दिया गया है। अब हिसार एयरपोर्ट से शुक्रवार, शनिवार, रविवार को ही हवाई सेवाएं संचालित होंगी। अन्य दिनों में कोई फ्लाइट नहीं होगी। मात्र 9 महीने में ही हिसार से दिल्ली की हवाई सेवा को बंद कर दिया है।  बताया जा रहा है कि हिसार से दिल्ली के लिए काफी कम संख्या में यात्री मिल रहे थे। इसके चलते इस रूट पर हवाई सेवा बंद करने का निर्णय लिया। हिसार से अयोध्या रूट में भी बदलाव किया गया है। अभी तक अयोध्या के लिए सप्ताह में दो दिन फ्लाइट थी। अब एक दिन ही चलेगी। हिसार से जयपुर के लिए पहले एक दिन फ्लाइट थी जिसे अब दो दिन कर दिया है।  जानें हिसार-चंडीगढ़ फ्लाइट का समय हिसार से चंडीगढ़ फ्लाइट पहले सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, वीरवार और शनिवार को उड़ती थी। अब इसके फेरे घटा दिए गए हैं। अब यह फ्लाइट सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को ही उड़ेगी। पहले इसका समय सुबह 12:35 बजे से था जो अब शाम को सवा 4 बजे तक दिया है। वहीं चंडीगढ़ से हिसार का समय पहले सुबह 11:10 बजे था जो अब बदलकर सुबह 9:50 कर दिया गया है। 

रिश्तों का खौफनाक अंत: जीजा संग मंदिर में शादी कर बनी सौतन, आहत दीदी की खुदकुशी

बाराबंकी  यूपी के बाराबंकी से रिश्तों को शर्मसार और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक शख्स का दिल साली पर आ गया और कुछ दिन पहले ही उससे मंदिर में शादी कर ली। उधर, इससे आहत बीवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी मिलने पर पुलिस शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश में जुट गई। ये मामला रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के खानपुर शंभूदयाल गांव का है। यहां रहने वाले सुरक्ष चौहान की पत्नी ममता का शव शनिवार की सुबह उसके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर पर आम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। कुछ ही देर में वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवा कर उसका पोस्टमार्टम कराया है। घटना की सूचना पर मृतका के मायका पक्ष के लोग भी पहुंच गए थे। मृतका के दो बेटियां हैं। परिजनों ने बताया कि रात में ममता ने भोजन बनाया था और बच्चों को खिलाया था। थानाध्यक्ष अंकित त्रिपाठी ने बताया कि मृतका ममता की शादी करीब छह साल पहले सुरेश चौहान से हुई थी। ममता का मायका टिकैतनगर थाना क्षेत्र का है। शादी के दो साल बाद ही सुरेश अपनी साली को घर ले आया था। तब से वह उसके घर में अपनी बहन के साथ ही रहती थी। उसके संबंध भी सुरेश से हो गए थे। सुरेश जब कहीं जाता तो अपनी साली को साथ ले जाता था। करीब 15 दिन पहले सुरेश कहीं बाहर गया था तो अपनी साली को साथ ले गया था। करीब 10 दिन पहले उसने मंदिर में अपनी साली से शादी कर ली थी। परिजनों के मुताबिक शादी का फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इससे आहत होकर पत्नी ममता ने फंदा लगा आत्महत्या कर ली। फिलहाल मामले की जांच हो रही है। जांच कार्रवाई पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मायका पक्ष का कहना है कि उन्हें विवाहिता द्वारा फंदा लगाए जाने की सूचना दी गई थी। जब वह मौके पर पहुंचे तो शव जमीन पर मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मायका पक्ष दहेज के लिए हत्या किये जाने का आरोप लगा रहा है। पुलिस ने कहा परिजन तहरीर दे रहे हैं। उसके आधार पर दहेज के लिए हत्या आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।   मृतका के भाई महावीर रावत ने आरोप लगाया कि उसकी बहन मंजीसा की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही पति रंजीत व उसके माता-पिता बाइक के लिए प्रताड़ित करते थे। बहन के शरीर पर चोट के निशान थे। तहरीर पुलिस को दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजन दहेज के लिए हत्या का आरोप लगा रहे हैं। तहरीर के आधार पर केस दर्ज होगा।  

पंजाब के इस गांव में नहीं लगा कांग्रेस का बूथ, पूरे इलाके में छिड़ी चर्चा

जलालाबाद  जलालाबाद हलके के गांवों में सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है। चुनाव को लेकर अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों की तरफ से अपने वर्करों की जीत पक्की करने के लिए पोलिंग बूथ लगाए गए हैं। गौरतलब है कि लोकसभा हलका फिरोजपुर से MP शेर सिंह घुबाया और फाजिल्का से पूर्व MLA दविंदर सिंह घुबाया के पैतृक गांव में कांग्रेस पार्टी के बूथ के अलावा शिरोमणि अकाली दल का बूथ न होना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पोलिंग बूथ पर पहुंचे जलालाबाद के MLA जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि अगर लोग विकास के साथ खड़े हों, अगर लोग अच्छे सिस्टम के साथ हों और अगर लोग ईमानदार सरकार के साथ हों, तो लोग विरोधी पार्टियों के बूथ तक नहीं लगाते MLA जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि AAP उम्मीदवार अच्छे मार्जिन से जीतेंगे। MLA गोल्डी ने कहा कि लोग विकास, अच्छे काम, नहर का पानी, सड़क और बच्चों के लिए नौकरी के लिए वोट करेंगे और सबसे जरूरी बात यह है कि वे आपसी तालमेल के लिए वोट करेंगे। 

साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ  पीएम आवास के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र प्रदान किए रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सीएम भगवंत मान ने डाला वोट, परिवार के साथ निभाई लोकतांत्रिक जिम्मेदारी

पंजाब  पंजाब में आज जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के लिए मतदान सुबह 8 बजे से शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। राज्यभर में मतदाता पूरे उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि कुछ जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, फिर भी लोगों के जोश में कोई कमी नहीं दिखी। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी पत्नी और परिवार के साथ गांव मंगवाल पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वोट देने का अधिकार हमें बड़ी कुर्बानियों के बाद मिला है, इसलिए हर नागरिक को इसका अवश्य उपयोग करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस उम्मीदवार को वे अपने क्षेत्र के लिए बेहतर समझते हैं, उसी को वोट दें। चूंकि ये चुनाव स्थानीय मुद्दों से जुड़े हुए हैं, इसलिए ऐसे उम्मीदवार का चयन करें जो आपके क्षेत्र की समस्याओं को समझता हो और उन्हें हल करने की क्षमता रखता हो। इससे क्षेत्र के विकास का मार्ग मजबूत होगा। गौरतलब है कि पूरे पंजाब में 347 जिला परिषद और 2,838 ब्लॉक समिति सदस्यों का चुनाव किया जाना है। राज्य के 23 जिलों में कुल 9,775 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। निष्पक्ष और सुचारू मतदान के लिए लगभग 90,000 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

हिमाचल में भारी बर्फबारी से पंजाब में ठंड का कहर, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

जालंधर हिमाचल के ऊपरी इलाकों में शुरू हुई बर्फबारी का असर पंजाब के मौसम पर पड़ रहा है। इस वजह से धूप न निकलने के कारण ठंड का असर और बढ़ता नजर आ रहा है। शनिवार को पंजाब के तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने 14-15 दिसंबर के लिए पंजाब में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक पहुंच गया, जो आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने का संकेत है। अमृतसर में 24 घंटे में तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को दिनभर बादलों और सूरज के बीच लुकाछिपी का सिलसिला जारी रहा। घने बादलों के कारण धूप का असर न के बराबर रहा, जिससे ठंड बढ़ गई और ठंडी हवाओं के कारण राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस बीच, हिमाचल के लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार 14 दिसंबर को भी यह जारी रहेगा। लाहौल-स्पीति में तापमान -6.2 डिग्री, कुकुमसेरी में -3.5 और शिमला में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।