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हिसार एयरपोर्ट से अब ज्यादा उड़ानें! विंटर शेड्यूल में बढ़ी फ्लाइट संख्या

हिसार हरियाणा के हिसार हवाई अड्डे को देश के हवाई नेटवर्क में और मजबूत बनाने की तैयारी चल रही है। इस साल 26 अक्टूबर 2025 से 28 मार्च 2026 तक चलने वाले विंटर सीजन में हिसार में उड़ानों की संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग 6% बढ़ाई जाएगी। हालांकि नया फ्लाइट शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हुआ है।  नए शेड्यूल के लागू होने से हिसार हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे यात्रियों को अन्य शहरों के लिए सीधी उड़ानें मिलेंगी और एयरलाइंस को नए रूट पर ऑपरेशन करने का अवसर मिलेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे शहरों को ग्लोबल एविएशन हब बनने में मदद मिलेगी।  महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट में नया विंटर शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हुआ है। इसके तहत हिसार-जयपुर, हिसार-अयोध्या और हिसार-दिल्ली फ्लाइट अब सप्ताह में दो बार संचालित होंगी। वहीं हिसार-चंडीगढ़ फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन उड़ान भरेगी। पहले हिसार-अयोध्या, हिसार-दिल्ली और हिसार-जयपुर फ्लाइट केवल सप्ताह में एक दिन ही उड़ान भरती थीं। चंडीगढ़ फ्लाइट सप्ताह में दो दिन यानी बुधवार और शनिवार उड़ान भरती थी। फिलहाल हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू करने की योजना नहीं बनाई गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, नया शेड्यूल एयरलाइंस के रीजनल कनेक्टिविटी विस्तार और टियर-2 व टियर-3 शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी पर केंद्रित है। हिसार, अमरावती, पूर्णिया और रूपसी के जुड़ने से स्थानीय और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। देशभर के 126 हवाई अड्डों से कुल 26,495 साप्ताहिक उड़ानों को मंजूरी दी गई है। ग्रीष्मकालीन अनुसूची 2025 में 129 हवाई अड्डों से 25,610 उड़ानों का संचालन हुआ था। हिसार और अमरावती जैसे नए हवाई अड्डे रीजनल कनेक्टिविटी के विस्तार को दर्शाते हैं। वहीं सर्दियों के मौसम में अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट, भावनगर, लुधियाना, पाकयोंग और श्रावस्ती हवाई अड्डों पर फ्लाइट संचालन स्थगित कर दिया गया है।

Diljit Dosanjh की शूटिंग के दौरान हुआ पंगा, माहौल गरमाया… पंजाब पुलिस की बड़ी तैनाती

पंजाब  दिलजीत दोसांझ को लेकर इस समय की बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार पटियाला में दिलजीत दोसांझ की एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी। इस दौरान वहां पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला है। इस दौरान लोगों ने बाजार में चल रही शूटिंग का विरोध किया।    बताया जा रहा है कि, शूटिंग के दौरान पटियाला के बाजार में उर्दू भाषा से लिखे बोर्ड दुकानों के बाहर लगा दिए गए, जिससे दुकानदारों में रोष पाया गया। फिल्म में पाकिस्तानी बाजार के सीने फिलमाया जा रहा था। जब मौके पर दुकानदार वहां पर पहुंचे तो देखकर हैरान रह गए। दुकानदारों का कहना है कि उनसे बिना पूछे और उन्हें बताए उनकी दुकानों के बाहर उर्दू भाषा में लिखे बोर्ड लगाए गए हैं। दुकानदारों ने कहा कि, किसी ने यहां पर शूटिंग की हमसे परमिशन नहीं ली थी। ये दुकानें हमारी प्राइवेट प्रापर्टी है। शूटिंग की सूचना किसी ने नहीं दी। दुकानदारों ने बताया कि जैसे वह सुबह 9 बजे दुकानें खोलने के लिए पहुंचे तो उन्हें दुकाने खोलने से भी रोक दिया गया। इस दौरान वहां थाना कोतवाली की पुलिस ने बैरेकेडिंग कर दी गई। पुलिस ने दुकानदारों को रोकर कहा कि यहां पर अभी शूटिंग चल रही है। यही नहीं दुकानदारों के बोर्ड भी फाड़े गए थे। बता दें कि इस हंगाम के दौरान दिलजीत दोसांझ भी कैमरे में कैद हो गए। दिलजीत दोसांझ ने शूटिंग पूरी की और वहां अभी निकल गए। 

सांस्कृतिक मिलन का महाकुंभ: प्रवासी राजस्थानी दिवस पर जुड़ेगी वैश्विक राजस्थानियों की ताकत

जयपुर  एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की होगी ग्राउंड ब्रेकिंग जयपुर,। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए जा रहे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ कार्यक्रम में देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानी शामिल होंगे। 8,700 से अधिक लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। 10 दिसम्बर को जेईसीसी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग होगी। साथ ही, प्रवासी राजस्थानी नीति के साथ ही निवेश प्रोत्साहन से जुड़ी नीतियों का अनावरण भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय बिजली, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, केन्द्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ सहित अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे। साथ ही, वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और टाटा पावर के सीईओ और एमडी प्रवीर सिन्हा सहित कई उद्योगपति भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रवासियों का सम्मान, सेक्टोरल सेशन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे इस एक दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे उद्घाटन सत्र के साथ होगी। इसके बाद प्रवासी राजस्थानी संवाद और उद्योग, ऊर्जा, जल, खान, शिक्षा, पर्यटन तथा स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित सेक्टोरल सेशन होंगे। इन विशेष सत्रों में विविध विषयों पर होने वाले सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ राजस्थान के बदलते औद्योगिक एवं निवेश परिवेश और जुड़ाव की संभावनाओं पर विचार इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों को प्रवासी राजस्थानी सम्मान भी दिया जाएगा। इसके साथ ही, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें राजस्थानी संस्कृति की झलक दिखेगी। 26 राजस्थान चैप्टर के पदाधिकारी शामिल होंगे कार्यक्रम में सभी 26 राजस्थान चैप्टर के पदाधिकारी शामिल होंगे। इसमें 12 अंतरराष्ट्रीय चैप्टर हैं, जिसमें म्यूनिख (जर्मनी), नैरोबी (केन्या), दुबई (यूएई), सिंगापुर (सिंगापुर), दोहा (कतर), टोक्यो (जापान), रियाद (सऊदी अरब), मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), कंपाला (युगांडा), काठमांडू (नेपाल), लंदन (यूके), न्यूयॉर्क (यूएसए) शामिल हैं। साथ ही, 14 चैप्टर घरेलू हैं, जिसमें दिल्ली, रांची, गुवाहाटी, पुणे, भुवनेश्वर, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, सूरत, बेंगलुरु, हैदराबाद, इंदौर, कोलकाता और कोयम्बटूर शामिल हैं। लगातर धरातल पर उतरता निवेश, 10 से अधिक नई नीतियां लॉन्च होंगी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राइजिंग राजस्थान में कुल 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए थे, उनमें से 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। 10 दिसम्बर को एक लाख रुपये निवेश समझौतों की ग्राउंड ब्रेकिंग के साथ ही यह आंकड़ा 8 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। साथ ही, प्रदेश को बेहतरीन निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में लिए जा रहे नीतिगत फैसलों के क्रम 10 से अधिक नई नीतियों का भी अनावरण किया जाएगा। इसमें प्रवासी राजस्थानी नीति भी शामिल है। विकास यात्रा का प्रगति पथ कार्यक्रम स्थल पर प्रवासियों और उद्योगपतियों को राजस्थान के विकास से अवगत कराने के लिए प्रगति पथ थीम पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित पैनल और वीडियो फिल्म प्रदर्शित की जाएंगी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की विकास यात्रा से अवगत कराना है ताकि वे ‘बढ़ता राजस्थान- हमारा राजस्थान’ भाव के साथ अच्छी यादें लेकर लौटें। प्रवासियों से संवाद-सहयोग के लिए अहम निर्णय मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर संवाद और सहयोग स्थापित करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। सभी प्रवासियों को एक मंच पर लाने के लिए राजस्थानी दिवस की घोषणा, उनके हितों की रक्षा के लिए नए विभाग का गठन, नई प्रवासी राजस्थानी नीति जैसे निर्णय शामिल हैं। प्रवासी राजस्थानियों के परिवारजन के लिए प्रदेश के हर जिले में सिंगल प्वॉइंट कॉन्टेक्ट बनाया गया है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले साल राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट की प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव में 10 दिसम्बर को हर वर्ष प्रवासी राजस्थानी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस कड़ी में पहला प्रवासी दिवस आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थानी डायस्पोरा को साथ लाना और प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ता है। इसकी पूर्व गतिविधियों के रूप में हैदराबाद, सूरत एवं कोलकाता में प्री मीट का आयोजन किया जा चुका है। साथ ही, पर्यटन प्री मीट का भी आयोजन किया गया है।

सीएम अभ्युदय विद्यालयों का हो रहा प्रदेशव्यापी विस्तार, हर पंचायत तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक व दूरगामी बदलाव की बुनियाद रखते हुए ऐसे शैक्षिक मॉडल को मजबूती दी है, जो समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक अवसर पहुंचाने का माध्यम बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालय श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के बच्चों के जीवन को नई दिशा दे रहे हैं। इसके द्वितीय चरण में 'सीएम अभ्युदय विद्यालय' के विस्तार की ठोस योजना धरातल पर उतारी जा रही है। ये प्रयास आधुनिक गुरुकुल मॉडल की नींव रख रहा है, जो प्राचीन परंपरा के मूल्यों को समाहित कर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित कर रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा विभाग के माध्यम से द्वितीय चरण के अंतर्गत सीएम अभ्युदय विद्यालयों की स्थापना का काम हो रहा है। तृतीय चरण में सीएम अभ्युदय विद्यालयों को प्रदेश के 825 निकायों और चतुर्थ चरण में लगभग 8000 न्याय पंचायतों तक ले जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का हर बच्चा शिक्षित हो और वह समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान दे। ललितपुर के अटल आवासीय विद्यालय के प्रधानाचार्य जिया लाल ने बताया कि विद्यालय में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। श्रमिकों के बच्चों को मुख्यधारा में लाने के मकसद से उठाया गया सरकार का यह कदम अद्वितीय है। इससे बच्चों का भविष्य सुधर रहा है।    अटल आवासीय विद्यालयों से बदला विद्यार्थियों का जीवन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा शुरू किए गए अटल आवासीय विद्यालय श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए 'आधुनिक गुरुकुल' के रूप में उभरकर सामने आए हैं। वर्तमान में सभी 18 मंडलों में 18 अटल आवासीय विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इनका विस्तार प्रदेश के सभी 75 जिलों में करने का लक्ष्य तय किया गया है। इन विद्यालयों में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे, कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चे तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से आच्छादित बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा, भोजन, आवास, यूनिफॉर्म, किताबें और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन विद्यालयों का पाठ्यक्रम सीबीएसई आधारित है। यहां आधुनिक एसटीईएम लैब, स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाएं तथा खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी यह साबित कर रहे हैं कि अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी वर्ग की हो, वह श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकती है। शिक्षा से ही समाज का सशक्तिकरण संभव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विचार है कि समाज का सशक्तिकरण शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। अटल आवासीय विद्यालय और सीएम अभ्युदय विद्यालय जैसे प्रयास इसी सोच का परिणाम हैं। इन योजनाओं के जरिए श्रमिक, वंचित और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को वह मंच मिल रहा है, जिसकी कल्पना पहले उनके परिवारवाले भी नहीं कर सकते थे। सरकार का यह मॉडल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समानता को मजबूत कर रहा है, बल्कि आने वाले वर्षों में प्रदेश को कुशल, आत्मनिर्भर और प्रतिभाशाली युवा शक्ति भी देने वाला है।

मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से बड़ी सफलता

6 वर्षीय मासूम बालिका महाराष्ट्र के ट्यूशा गांव से सकुशल बरामद भोपाल पुलिस की सतत मॉनिटरिंग और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बैतूल पुलिस टीम ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाही कर महाराष्ट्र राज्य के ट्यूशा गांव (मोर्शी क्षेत्र) से 6 वर्षीय मासूम बालिका को सुरक्षित दस्‍तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। फरियादी ने 07 दिसंबर 2025 को सूचना दी कि उसकी बालिका घर के सामने खेल रही थी, तभी गांव का ही एक आदतन अपराधी उसे मोटरसाइकिल से ले गया। परिजनों द्वारा तलाश के बाद भी बालिका नहीं मिली। सूचना पर थाना कोतवाली में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम जोन श्री मिथिलेश शुक्ला, उप पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम श्री प्रशांत खरे, पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी ने स्वयं निरीक्षण कर आवश्यक दिशा–निर्देश जारी किए। शुरुआती जांच में अनिल कुशराम निवासी खड़का जामगांव, जिला अमरावती (महाराष्ट्र) पर शंका व्यक्त की गई, जो हाल ही में अमरावती जेल से पैरोल पर रिहा हुआ है। आरोपी के विरुद्ध पूर्व में हत्या, दुष्कर्म एवं चोरी जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। वरिष्‍ठ अधिकारियों के निर्देशन में मुलताई, आमला, आठनेर, बोरदेही एवं मासौद चौकी की पुलिस टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। आरोपी के महाराष्ट्र की ओर भागने की संभावना को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस को भी तुरंत सूचना दी गई और संयुक्त टीम गठित कर दी गई। संयुक्त सर्च ऑपरेशन में तकनीकी टीमों, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और सर्चिंग पार्टियों को सक्रिय किया गया। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र के मोर्शी क्षेत्र में ट्रेस हुई, जिसके बाद ट्यूशा गांव में बालिका को सुरक्षित दस्‍तयाब किया गया। बालिका पूरी तरह सुरक्षित है और उसे परिजनों के सुपुर्द किया जा चुका है। आरोपी अनिल कुशराम घटना के बाद फरार है। उसकी गिरफ्तारी हेतु बैतूल पुलिस की विशेष टीम लगातार महाराष्ट्र एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में खोज कर रही है।  

‘स्किल्ड’ हो रहा उत्तर प्रदेश, लाखों युवाओं के हुनर को मिल रहा हौसला

ईवी, सोलर व रोबोटिक्स जैसे कोर्सेज उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध कराने का बन रहे माध्यम प्रदेश में स्वरोजगार के खुले नए अवसर, वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी में भी हुआ इजाफा  लखनऊ उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन यूपी को 'स्किल्ड' बनाने की दिशा में  सार्थक बदलाव की कहानी लिख रहा है। बदलते दौर की तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर लाखों युवाओं को रोजगार के योग्य बनाया जा रहा है। सरकार की नीतियों का असर यह है कि प्रदेश में लाखों युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। प्रशिक्षण न सिर्फ युवाओं को नया भविष्य दे रही है, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह नीति रही है कि युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि हुनर दिया जाए। इसी सोच के तहत ईवी मेंटेनेंस, सोलर टेक्नीशियन, रोबोटिक्स, सीएनसी ऑपरेशन और हॉस्पिटैलिटी जैसे नई पीढ़ी के कोर्स शुरू किए गए हैं। प्रदेश भर में सैंकड़ों प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका नतीजा यह है कि अब उद्योगों को बाहर से वर्कफोर्स बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उन्हें यूपी में ही प्रशिक्षित युवा उपलब्ध हो रहे हैं।  महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भरता की नई कहानी प्रदेश के वर्कफोर्स में महिलाओं का प्रतिशत पिछली सरकारों की अपेक्षा में काफी बढ़ा है, जो लगभग 36 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। वहीं, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कैंडिडेट्स में भी महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह साबित करता है कि सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर तक असर दिखा रही हैं। पहले जहां तकनीकी प्रशिक्षण को पुरुष प्रधान क्षेत्र माना जाता था, वहीं आज महिलाएं भी सोलर टेक्नीशियन, रोबोटिक्स और सीएनसी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। स्वरोजगार के माध्यम से हजारों युवतियां अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन रही हैं। ऐसा ही एक उदाहरण बेकार सामानों से कलाकृतियां तैयार करने वाली झांसी की नीलम सारंगी के स्टार्टअप 'बेकार के आकार' का भी है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित करने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया है। वह झांसी नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत निष्प्रयोज्य सामानों से पार्कों में सुंदर कलाकृतियां तैयार करने का काम कर रही हैं। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नीलम सारंगी को अनूठे स्टार्टअप को नवदेवी सम्मान भी दिया है। उनका स्टार्टअप इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर में पंजीकृत है। प्रदेश में नीलम जैसे कई उदाहरण हैं, जहां महिलाएं प्रदेश सरकार के सहयोग से अपने कौशल को निखारकर स्वरोजगार स्थापित कर रही हैं और न केवल प्रेरणा बन रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं व लोगों के लिए रोजगार सृजन कर रही हैं।   प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई ताकत नीलम सारंगी के अनुसार, नगर निगम, स्मार्ट सिटी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके स्टार्टअप 'बेकार को आकार' को प्रोत्साहित करने में जो मदद की, वह अनुकरणीय है और सार्थकता का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि उत्तर प्रदेश को देश का स्किल हब बनाया जाए। इसी दिशा में कौशल विकास की विभिन्न योजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दे रही हैं। प्रशिक्षित युवा न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि उद्योगों को भी मजबूती दे रहे हैं। यह साबित करता है कि सही नीति, सही दिशा और मजबूत इच्छाशक्ति से किसी भी राज्य की तकदीर बदली जा सकती है।

मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता

रीवा और ग्वालियर में दो अपराधों का खुलासा कर 57 लाख से अधिक की संपत्ति जब्‍त कर 62 घटनाओं में लिप्‍त गिरोह पकड़े गए भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने संगठित आपराधिक नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए रीवा और ग्वालियर जिलों में दो बड़ी सफलताएँ हासिल की हैं। रीवा पुलिस ने विगत दो वर्षों से सक्रिय विद्युत तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 50 लाख रुपये मूल्य का माल बरामद किया, जबकि ग्वालियर पुलिस ने मैरिज गार्डन में हुई चोरी का त्वरित खुलासा कर 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद किए गए। रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई — अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश रीवा पुलिस ने एमपीईबी विभाग के विद्युत तार चोरी एवं सोलर पावर प्लांट से कॉपर केबल चोरी की कुल 62 घटनाओं का खुलासा करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के एल्यूमिनियम और कॉपर तार, पाँच वाहन तथा चोरी में इस्तेमाल उपकरण (कटर, इलेक्ट्रिक डिटेक्टर, सीढ़ी आदि) बरामद किए हैं। पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण के साथ उत्तर प्रदेश और अन्य जिलों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पूर्व में बिजली विभाग के ठेकेदारों से जुड़े थे और चोरी का माल कबाड़ियों को बेचते थे। इस कार्रवाई से जिले में लंबे समय से जारी विद्युत संरचना चोरी की घटनाओं पर निर्णायक अंकुश लगा है। ग्वालियर के थाना महाराजपुरा क्षेत्र स्थित अभिनंदन वाटिका में एक लगुन कार्यक्रम के दौरान 11 लाख की चोरी हुई थी। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी संतोष सिसोदिया को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी शिवा सिसोदिया और एक विधिविरुद्ध बालक ने की थी और राशि संतोष को छिपाने हेतु सौंपी थी। रीवा और ग्वालियर की इन प्रभावी कार्यवाहियों ने यह साबित किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस संगठित अपराध, सार्वजनिक संपत्ति की चोरी और नेटवर्क आधारित आपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलेरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।  

First Attempt में डबल सफलता! हरियाणा की मां-बेटे की जोड़ी ने साथ में कर दिखाया CET क्लियर

नारनौल महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल उपमंडल के कोजिन्दा गांव निवासी सेवानिवृत्त जेई हनुमान प्रसाद नारनौलिया के परिवार की यह कामयाबी शिक्षा के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड बना रही है। 40 वर्षीय लक्ष्मी और 22 वर्षीय उज्ज्वल ने अपनी लगन और मेहनत के दम पर यह सफलता हासिल की। जब उज्ज्वल ने सीईटी फॉर्म भरने की तैयारी की, तो उसकी मां ने भी इच्छा जताई कि वे भी परीक्षा दें। बेटे ने ही दोनों के ग्रुप-सी के फॉर्म पहली बार भरे और दोनों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा पास कर ली। लक्ष्मी की जीवन यात्रा भी प्रेरणादायक है। अटेली के पास स्थित गांव तोबड़ा में 1985 में जन्मी लक्ष्मी की शादी केवल 18 साल की उम्र में कोजिन्दा गांव के मेनपाल से हो गई थी। विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई कभी नहीं छोड़ी। शादी के बाद उन्होंने एएनएम का डिप्लोमा पूरा किया और अब सीईटी परीक्षा में भी सफलता हासिल की है। उनके पति मेनपाल धारुहेड़ा की एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं जिसके कारण पूरा परिवार वहीं रहता है। उज्ज्वल ने भी अपनी मां के साथ परिवार का नाम रोशन किया है। बीकॉम करने के बाद वह फिलहाल गुरुग्राम विश्वविद्यालय से एमबीए कर रहा है। उसकी मेहनत ने साबित किया है कि घर से मिलने वाली प्रेरणा व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। लक्ष्मी सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं। वे पूरे एनसीआर में ‘सीड ऑटो टेक’ नाम से एनजीओ चलाती हैं, जिसका उद्देश्य गरीबों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराना है।  

स्कूल शिक्षा में डिजिटल इन्फ्रॉस्ट्रक्चर बढ़ाने पर दिया गया विशेष ध्यान

शिक्षकों की डिजिटल क्षमता के लिये प्रदान किये गये टैबलेट भोपाल  प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये शिक्षकों को डिजिटल उपकरण प्रदान कर सक्षम बनाया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में डिजिटल टेक्नोलॉजी के विकास और स्कूल के सभी स्तरों पर प्रौद्योगिकी के उभरते हुए भविष्य को देखते हुए डिजिटल इन्फ्रॉस्ट्रक्चर, ऑनलाइन शिक्षण मंच और उपकरणों की उपलब्धता की सिफारिश की गयी है। प्रदेश में प्राथमिक एवं माध्यमिक शासकीय विद्यालयों के 2 लाख 43 हजार शिक्षकों को टैबलेट प्रदान किये गये हैं। विभाग ने सरकारी हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों के 44 हजार शिक्षकों को भी टैबलेट उपलब्ध कराये हैं। शिक्षक इन टैबलेट का उपयोग बच्चों की शिक्षण व्यवस्था में कर रहे हैं। रोबोटिक्स लैब विभाग ने प्रदेश के 52 सांदीपनि विद्यालयों में रोबोटिक्स लैब स्थापित किये हैं। इस वर्ष विभाग ने 458 पीएमश्री स्कूलों में अटल टिकरिंग लैब विकसित की हैं। राज्य के 100 प्रतिशत जनशिक्षा केन्द्र, जिनकी संख्या 3063 है, उन केन्द्रों में हाई परफार्मेंस पीसी प्रिंटर और यूपीएस की उपलब्धता सुनिश्चित की है। शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छात्रों को विज्ञान एवं गणित विषय के डिजिटल ई-कंटेंट उपलब्ध कराये गये हैं। व्यावसायिक शिक्षा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिये जाने की सिफारिश की गयी है। प्रदेश के 3367 सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम में 17 ट्रेड मंजूर किये गये हैं। पिछले वर्ष 4 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन कक्षा-9 से 12 तक किया गया था। इस वर्ष नामांकित छात्रों की संख्या करीब 6 लाख है। पिछले 2 वर्षों में 690 शासकीय विद्यालयों में एग्रीकल्चर ट्रेड प्रारंभ किया गया है। प्रदेश में कॅरियर सप्ताह का आयोजन सरकारी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई के दौरान कॅरियर संबंधी सलाह के लिये इस वर्ष कॅरियर सप्ताह का आयोजन किया जा चुका है। सप्ताह के दौरान 4311 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 2 लाख विद्यार्थियों को कॅरियर चयन संबंधी सलाह दी गयी है।  

योगी सरकार का घुसपैठियों के खात्मे के लिए सर्जिकल स्ट्राइक प्लान तैयार

योगी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत घुसपैठियों पर करेगी करारा प्रहार  घुसपैठियों पर कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में आएगी और पारदर्शिता, हर पात्र को आसानी से मिलेगा योजना का लाभ प्रदेश में बढ़ेंगे युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर, सरकारी धन की रुकेगी बर्बादी  मुख्यमंत्री योगी के निर्देश से नागरिक सेवाओं में हो रहा सुधार, अवैध गतिविधियों पर लग रही लगाम  सीमा पर सुरक्षा होगी और मजबूत, पासपोर्ट के सत्यापन आदि का टर्नअराउंड टाइम तेजी से होगा कम  लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की आतंरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए घुसपैठियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का खाका तैयार कर लिया है। योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत घुसपैठियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। योगी सरकार के इस कदम से जहां प्रदेश की आतंरिक सुरक्षा और सुदृढ़ होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेशवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ और पारदर्शी तरीके से मिलेगा। इस निर्णय से पात्र व्यक्ति ही योजनाओं का लाभ उठा सकेगा।  अपराधियों और अवैध गतिविधियों पर लगेगी लगाम योगी आदित्यनाथ सरकार घुसपैठियों की पहचान कर उन्हे डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट करेगी। इन डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था अभेद होगी, जिसे भेद पाना किसी के लिए भी नामुमकिन होगा। योगी सरकार के सख्त कदम से प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर एक सकारात्मक असर पड़ेगा। यह कदम अपराधियों और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को आसान बनाएगा। प्रदेश में अपराधों की संख्या कम होगी और इसके साथ ही लोगों का विश्वास भी सरकार की कार्यप्रणाली पर बढ़ेगा। इतना ही नहीं इस कदम से कानून-व्यवस्था में और सुधार होगा, जिससे प्रदेशवासियों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। सीएम योगी की सख्ती से प्रदेश में अपराध के ग्राफ में और कमी होगी। वहीं पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियाें की सीमावर्ती जिलों में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी। पात्र लाभार्थियों को आसानी से मिलेगा योजनाओं का लाभ, बढ़ेंगें राेजगार के अवसर प्रदेश में घुसपैठियों की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ अपात्र लोग भी उठे रहे हैं। ऐसे में इनकी पहचान होने से सरकारी योजनाओं का लाभ असली हकदारों तक पहुंचेगा। इससे सरकारी धन की बर्बादी भी रुकेगी। साथ ही भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। योगी सरकार के इस कदम से स्थानीय युवाओं और कामगारों के लिए रोजगार के अवसरों का नया रास्ता खुलेगा। घुसपैठियों के खिलाफ उठाए गए कदमों से अब रोजगार की प्रतिस्पर्धा और स्पष्ट होगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर अधिक आसानी से और सुरक्षित तरीके से मिल सकेंगे। नागरिक सेवाओं में होगा सुधार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कदम से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के अवसरों में सुधार होगा, बल्कि नागरिक सेवाओं का भी सुधार होगा। अब नागरिकों की शिकायतों और सेवाओं जैसे पासपोर्ट, सत्यापन, लाइसेंस आदि का टर्नअराउंड टाइम तेजी से कम होगा। इससे लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ जल्दी और प्रभावी तरीके से मिलेगा। इसके साथ ही फर्जी आईडी, धोखाधड़ी और अपराध से जुड़ी घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का माहौल बेहतर होगा और प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार की कार्यप्रणाली में बढ़ेगा।