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बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद बैठक में सागर–दमोह मार्ग (76.680 किमी) को 2-लेन से 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नत करने की ₹2059.85 करोड़ की परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत स्वीकृति दी गई। इसमें 40% राशि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा और शेष 60% राशि राज्य बजट से 15 वर्ष तक 6-माही एन्यूटी के रूप में वहन की जाएगी। यह महत्वपूर्ण मार्ग सागर और दमोह को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। उन्नयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को मजबूत गति मिलेगी। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, 1 आरओबी, 13 बड़े और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण, तथा परसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बान्सा में 4 बायपास शामिल हैं। सड़क सुरक्षा के लिए 21 स्थानों पर कर्व सुधार तथा 13 बड़े जंक्शनों पर VUP प्रस्तावित हैं। उल्लेखनीय है कि 10,300 पीसीयू वर्तमान यातायात दबाव और भविष्य में 17,000 पीसीयू की संभावना को देखते हुए 4-लेन निर्माण आवश्यक है। यह मार्ग ‘विंध्य विकास पथ’ का हिस्सा है, जिससे कटनी दिशा में भविष्य का 4-लेन कॉरिडोर भी सुदृढ़ होगा। मार्ग के उन्नयन से यात्रा समय में कमी, दुर्घटनाओं में गिरावट, ईंधन की बचत और परिवहन तंत्र में व्यापक सुधार होगा। क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, दमोह के खनिज संसाधनों और कुंडलपुर सहित पर्यटन स्थलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह परियोजना बुंदेलखंड विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ला के स्वास्थ्य लाभ की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पहुँचे और वहां उपचाररत भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार  विनोद कुमार शुक्ला से मुलाकात कर  उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  विनोद कुमार शुक्ल भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सृजनशीलता, संवेदना और सरल भाषा में गहन अनुभूतियों की अभिव्यक्ति देश और प्रदेश—दोनों को गौरवान्वित करती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा उपस्थित थे।

कूनो बनेगा मेगा टूरिज़्म हब: तीन नई चीता सफारियों के लिए 53 करोड़ की DPR तैयार

ग्वालियर देश में चीतों के बसेरा बनने के साथ ही अब मध्य प्रदेश सरकार कूनो नेशनल पार्क को देश का प्रमुख पर्यटन आकर्षण केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी उद्देश्य से कूनो में तीन चीता सफारी विकसित की जाएंगी। वर्तमान में वन विभाग सफारी की व्यवस्थाएं संभाल रहा है, लेकिन अब पर्यावरण योजना एवं समन्वय संगठन (एप्को) को भी इसे विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है। एप्को के माध्यम से चीता सफारी और रेस्क्यू सेंटर का विस्तृत प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए एप्को ने हाल ही में कंसल्टेंसी नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है। यह कंपनी अगले 20 वर्षों के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर प्लान, ले-आउट और डीपीआर तैयार करेगी।   चीता सफारी से लेकर रेस्क्यू सेंटर तक की योजना एप्को के अनुसार, कंसल्टेंसी कंपनी निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करेगी। इनमें सेंट्रल जू अथारिटी और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी के नियमों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। योजना में ग्राम सेसईपुरा और विजयपुर के क्षेत्रों में चीता सफारी विकसित करने का संभावित प्रस्ताव है, लेकिन एक विस्तृत सर्वे के बाद ही इन स्थानों पर अंतिम मुहर लगेगी। मास्टर प्लान के आधार पर भविष्य में निर्माण एवं रखरखाव का कार्य किया जाएगा। इन कार्यों पर होगा 53 करोड़ रुपये का खर्च कंसल्टेंसी कंपनी को तीन अलग-अलग चीता सफारी क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार करनी होगी, जिनमें शामिल होंगे—     रेस्क्यू सेंटर     जानवरों के हेल्थकेयर एवं रखरखाव सुविधाएं     इंटरप्रिटेशन सेंटर और ओपन नेचर डिस्प्ले     इको-टूरिज्म ढांचा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर     विलुप्त एवं विदेशी जीवों की जानकारी     जंगल, मिट्टी, हवा और पानी संरक्षण से जुड़े उपाय एक अक्टूबर से शुरू हुई थी सफारी वन विभाग ने 1 अक्टूबर से कूनो में चीता सफारी शुरू कर दी है, लेकिन यह अभी पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है। सैलानियों के लिए टेंट सिटी में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई है। सरकार अब इसे योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करने की तैयारी में है, जिससे पर्यटक सुरक्षित और रोमांचक सफर में खुले क्षेत्र में चीतों का निरीक्षण कर सकें और बेहतर सुविधाओं का आनंद ले सकें। अधिकारियों का बयान डा. सौरभ पनी, ऑफिसर इंचार्ज कंसल्टेंसी सेल, एप्को ने बताया कि कूनो में तीन चीता सफारी व रेस्क्यू सेंटर का प्लान तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी कंपनी नियुक्त की जाएगी। आवेदन आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गोरखनाथ मंदिर आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का अभिनंदन

उत्तराखंड के राज्यपाल ने गोरखनाथ मंदिर में किया दर्शन-पूजन गोरखनाथ मंदिर आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का अभिनंदन मंदिर परिसर का भ्रमण कराकर गोरक्षपीठाधीश्वर ने दी नाथपंथ और इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी गोरखपुर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मंगलवार शाम गुरु गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। उनके गोरखनाथ मंदिर आगमन पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका हार्दिक अभिनंदन किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने उन्हें मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और नाथपंथ तथा इसके महान संतो के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, बुधवार (10 दिसंबर) को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह के मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होने के लिए गोरखपुर आए हैं। मंगलवार शाम को वह गोरखनाथ मंदिर पहुंचे जहां गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल श्री सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से पूजन किया। मंदिर में मुख्यमंत्री ने उन्हें शिव गोरक्ष नामकृत अंगवस्त्र, मंदिर का प्रसाद और उपहार भेंट किया।।  गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद, उत्तराखंड के राज्यपाल ने सीएम योगी के साथ मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नाथपंथ के इतिहास, विस्तार-प्रसार, इस पंथ के प्रवर्तक महायोगी गुरु गोरखनाथ के जीवन दर्शन और नाथपंथ के प्रसिद्ध संतों के बारे में बताया। मंदिर परिसर भ्रमण करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सीएम योगी की मेजबानी में रात्रि भोज में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड से अपने साथ लाए उपहार, अंगवस्त्र और मंदिर की प्रतिकृति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट किए।

उज्जैन सिंहस्थ 2028 से पहले बनेगी मेगा पार्किंग, लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी कंट्रोल में

उज्जैन सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अनुभव दिलाने के लिए राज्य सरकार ने भीड़ और यातायात प्रबंधन के सबसे अहम मोर्चे पर निर्णायक कदम उठा लिया है। उज्जैन में 100 करोड़ रुपये की मेगा पार्किंग परियोजना को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस परियोजना के तहत 6012 हेक्टेयर क्षेत्र में विशाल पार्किंग नेटवर्क बनाया जाएगा, जिसके साथ ही अत्याधुनिक जनसुविधाएं भी विकसित होंगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को शहर की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही व्यवस्थित पार्किंग और सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है। यह साफ संकेत है कि इस बार सिंहस्थ भीड़ के दबाव से नहीं, बल्कि डिजिटल और संरचनात्मक प्लानिंग की बदौलत संचालित होगा।   पार्किंग के साथ आधुनिक सुविधाओं का विकास सरकार की इस विशेष योजना में केवल पार्किंग स्थल का निर्माण नहीं हो रहा है। यहां पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र, यातायात संकेत और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना को सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा और सुगमता के लिए सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। इसका उद्देश्य उज्जैन शहर के भीतर वाहनों के दबाव को कम करना और प्रमुख मंदिरों तथा घाटों तक पहुंच को पहले की तुलना में अधिक सहज बनाना है। इसके लिए एक परामर्शदाता फर्म का चयन किया जा रहा है, जिसे सेवाओं के बदले लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। यह फर्म दो प्रमुख चरणों में काम करेगी। दो चरणों में होगा काम पहला चरण डिजाइन और रूपरेखा तैयार करने से संबंध‍ित होगा। इसमें विस्तृत इंजीनियरिंग सर्वेक्षण, भू-तकनीकी अध्ययन, संरचनात्मक नक्शे, लागत अनुमान और आवश्यक स्वीकृतियां शामिल रहेंगी। दूसरे चरण में निर्माण प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, साइट सुपरविजन, ठेका प्रबंधन और समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, समय सीमा में केंद्रित इस परियोजना से सिंहस्थ-2028 के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन अत्यधिक सुदृढ़ हो जाएगा। भीड़ प्रबंधन होगा आसान परियोजना लागू होने से उज्जैन शहर के भीतर जाम की समस्याएं कम होंगी और श्रद्धालुओं को प्रमुख मंदिरों, घाटों और आयोजनों तक पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी। सिंहस्थ-2028 को दुनिया के सबसे विशाल धार्मिक समागम को आधुनिक स्वरूप में आयोजित करने की दिशा में यह कदम भीड़ प्रबंधन की चुनौती को अवसर में बदलने वाला साबित होगा।

सावधान यात्री! ट्रेनों में बढ़ी चोरी, भोपाल रूट पर लगातार मोबाइल गायब

भोपाल ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों के मोबाइल चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में कई यात्रियों ने अपने मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, दीपांशु पांडेय कुछ दिनों पहले लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से मुंबई से प्रयागराज जा रहे थे। इटारसी स्टेशन पहुंचने से करीब बीस मिनट पहले ट्रेन आउटर पर खड़ी थी। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। चोरी हुए मोबाइल की कीमत 15 हजार रुपये बताई गई है, जबकि मोबाइल के कवर में रखे 5 हजार रुपये नकद भी चोरी हो गए। इस मामले में जीआरपी ने अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। इसी प्रकार, अहमदपुर (जिला सीहोर) निवासी मनोज गौर (30) ओवर नाइट एक्सप्रेस से भोपाल से जबलपुर जा रहे थे। ट्रेन में चढ़ते समय किसी ने उनकी जेब में रखा मोबाइल फोन चोरी कर लिया। चोरी किए गए मोबाइल की कीमत 12 हजार रुपये है।   सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) निवासी सुरेश पाल नर्मदा एक्सप्रेस से पैंड्रा रोड से उज्जैन की ओर यात्रा कर रहे थे। भोपाल स्टेशन पर जब उनकी नींद खुली तो पाया कि जेब में रखा 21 हजार रुपये कीमत का मोबाइल गायब था। इसके अलावा झांसी (उत्तर प्रदेश) निवासी चंद्रभान सिंह (32) का मोबाइल भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर चोरी हो गया। चोरी गए फोन की कीमत 30 हजार रुपये बताई गई है। इन सभी घटनाओं पर जीआरपी पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है।  

Haryana Govt का बड़ा फैसला: पुलिस भर्ती नियम बदले, NCC उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी

चंडीगढ़  हरियाणा में पुलिस के करीब छह हजार पदों पर जल्द शुरू होने वाली भर्ती प्रक्रिया से पहले राज्य सरकार ने भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कॉन्स्टेबल और सब-इंस्पेक्टर दोनों पदों पर अब NCC प्रमाणपत्र धारकों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। सरकार के अनुसार, एनसीसी ‘A’ सर्टिफिकेट वालों को 1 अंक, ‘B’ सर्टिफिकेट पर 2 अंक और ‘C’ सर्टिफिकेट रखने वालों को 3 अंकों का वेटेज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में संकेत दिए थे कि पुलिस भर्ती जल्द शुरू होगी। इसी क्रम में उनकी अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पंजाब पुलिस नियम 1934 में संशोधन को मंजूरी दी गई। ये बदलाव पंजाब पुलिस (हरियाणा संशोधन) नियम 2025 के रूप में अधिसूचित किए जाएंगे। संशोधन के तहत नियम 12.16 में बदलाव करके यह तय किया गया है कि PMT और PST पास करने वाले उम्मीदवारों में से विज्ञापित पदों की संख्या के 10 गुना उम्मीदवारों को नॉलेज टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।   नॉलेज टेस्ट पूरी तरह वस्तुनिष्ठ व बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगा, जिसमें उम्मीदवारों को 97% वेटेज दिया जाएगा। यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में होगी। प्रश्न पत्र में सामान्य अध्ययन, विज्ञान, करंट अफेयर्स, तर्कशक्ति, गणित, कृषि, पशुपालन और संबंधित ट्रेड्स से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। प्रश्नों में कम से कम 10% हिस्सा बेसिक कंप्यूटर ज्ञान और कम से कम 20% हिस्सा हरियाणा से जुड़े विषयों पर आधारित होगा। कॉन्स्टेबल के लिए परीक्षा का स्तर 10+2 और सब-इंस्पेक्टर के लिए स्नातक स्तर का रहेगा। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए नॉलेज टेस्ट में 50% अंक अनिवार्य होंगे, जबकि आरक्षित श्रेणी वाले उम्मीदवारों को 10% की छूट दी जाएगी, जिसके तहत उन्हें कम से कम 40% अंक लाने होंगे।  कैबिनेट बैठक में हरियाणा राज्य अभियोजन विभाग की विधिक सेवा (समूह क) नियम 2013 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। यह बदलाव नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के अनुरूप अभियोजन ढांचे को मजबूत करेगा। BNSS के अनुसार राज्य और जिला स्तर पर लोक अभियोजकों और अभियोजन निदेशालय में कई नई जिम्मेदारियां जोड़ी गई हैं। इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पहले ही 48 नए पदों को मंजूरी दे चुकी है, जिनमें 24 उप निदेशक और 24 सहायक निदेशक के पद शामिल हैं।

डेयरी सेक्टर पर कड़ी निगरानी: पंजाब सरकार ने 25 दिसंबर की दी अंतिम डेडलाइन

पटियाला  नगर निगम पटियाला की सीमा में संचालित हो रही डेयरियों को एक सुव्यवस्थित एवं स्वच्छ स्थान पर स्थापित करने के उद्देश्य से बनाए गए श्री गुरु नानक देव डेयरी प्रोजैक्ट को लेकर नगर निगम पटियाला के मेयर कुंदन गोगिया और कमिश्नर परमजीत सिंह द्वारा सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। मेयर कुंदन गोगिया एवं नगर निगम पटियाला के कमिश्नर परमजोत सिंह, आई. ए. एस. ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में मौजूद 65 डेयरी मालिकों की वर्ष 2021 में श्री गुरु नानक देव डेयरी प्रोजैक्ट में प्लॉट आबंटित किए गए थे। इन डेयरी मालिकों द्वारा नियमों के अनुसार देय 5 प्रतिशत राशि नगर निगम पटियाला में जमा करवाई जा चुकी है। हालांकि, प्लॉट आबंटित होने और 5 प्रतिशत राशि जमा करवाने के बावजूद ये सभी डेयरी मालिक अब तक डेयरी प्रोजेक्ट स्थल पर शिफ्ट नहीं हुए हैं, जिसके कारण शहर में स्वच्छता और पर्यावरण से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो ही हैं। मेयर एवं कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन डेयरी मालिकों को डेयरी प्रोजेक्ट में प्लॉट आबंटित किए जा चुके हैं। उन्हें हर हाल में दिनांक 25 दिसम्बर तक डेयरी प्रोजैक्ट स्थल पर शिफ्ट होना होगा। कमिश्नर परमजीत सिंह ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई भी डेयरी मालिक प्रोजैक्ट स्थल पर शिफ्ट नहीं होता है, तो उसका प्लॉट आबंटन तत्काल रद्द कर दिया जाएगा और जमा 5 प्रतिशत राशि जब्त कर ली जाएगी। इसके बाद संबंधित डेयरी मालिक को पुनः नए सिरे से प्लॉट आबंटन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। उन्होंने सख्त शब्दों में यह भी कहा कि ऐसे डेयरी मालिकों को उनकी वर्तमान स्थान पर डेयरी संचालन की किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दो जाएगी। मेयर और कमिश्नर ने कहा कि नगर निगम पटियाला शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा कदम: सिंहस्थ 2028 में अखाड़ों को अस्थायी राशन कार्ड, दुकानों पर लगेंगी नई मशीनें

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों में जुट गई है. राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में अखाड़ों की मांग के आधार पर अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे. इसके साथ ही मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य की दुकानों को स्थापित किया जाएगा. बेहतर व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र को 8 जोन और 16 सेक्टर में बांटा जाएगा. इसमें राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा गोदाम स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा खाद नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेशभर में उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाने का फैसला किया है. अब नहीं होगी कम राशन की शिकायत राशन की दुकानों पर कई उपभोक्ताओं के साथ उनके अंगूठे स्कैन नहीं होने की समस्याएं आती हैं. ऐसे में उन्हें राशन मिलने पर परेशानी आती है. इसके लिए उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. इसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे को जोड़ा जाएगा. साथ ही इसमें आइरिस स्कैनर भी होगा. इससे राशन की दुकान से राशन न मिलने या कम राशन मिलने की समस्या भी खत्म होगी. 35 लाख फर्जी हितग्राहियों का हुआ सफाया खाद विभाग में फर्जी हितग्राहियों को लेकर चल रहे अभियान के तहत प्रदेशभर में 35 लाख फर्जी बीपीएल कार्ड धारकों के नाम काटे जा चुके हैं. फर्जी कार्ड धारकों का नाम कटने से सरकार को हर महीने 32 करोड़ रुपए की बचत हो रही है. दो सालों में प्रदेश 5.25 करोड़ से ज्यादा हितग्राहियों को 66.25 लाख मीट्रिक टन मुफ्त खाद्यान्न वितरित कर चुका है. इस पर राज्य सरकार ने 22 हजार 800 करोड़ रुपए का खर्च किया है. 35 लाख फर्जी हितग्राहियों के नाम काटे जाने के बाद 14 लाख नए हितग्राहियों के नाम जोड़े गए हैं, जिन्हें खाद्यान्न बांटना शुरू किया गया है. ऐसे हितग्राहियों के केवाईसी करने के 72 घंटे में पात्रता पर्ची जारी की गई है. गोदामों की छत पर लगे सोलर पैनल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि "सरकारी गोदामों को अपग्रेडेशन कर उन्नत तकनीक की मदद से विभिन्न स्तरों पर सिंक्रोनाइजेशन किया जा रहा है. गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. गोदामों की छतों पर 28.87 हजार वर्ग मीटर और परिसर में 3.30 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में सोलर पैनल स्थापित किये जाएंगे. मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाया गया है. अनाज की खरीदी, भंडारन और वितरण से जुड़ी संस्थाओं को भी सॉफ्टवेयर के माध्यम से जोड़ा जाएगा."

इन्फेंट्री कमांडर्स’ कांफ्रेंस महू में शुरू, 9 से 11 दिसंबर तक आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण पर होगी चर्चा

महू  इन्फेंट्री स्कूल महू में 38वीं इन्फेंट्री कमांडर्स’ कांफ्रेंस का शुभारंभ किया गया। तीन दिवसीय यह सम्मेलन  11 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें इन्फेंट्री के परिचालन, प्रशिक्षण और प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम सहित देशभर से आए वरिष्ठ इन्फेंट्री अधिकारी भाग ले रहे हैं। इसमें फार्मेशन कमांडर, विभिन्न रेजीमेंटों के कर्नल, रेजीमेंटल सेंटर कमांडेंट और चयनित कमांडिंग आफिसर शामिल हैं। आयोजन महू में मुख्य रूप से हो रहा है, जबकि कई सैन्य केंद्र वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हैं। हथियारों का शक्ति प्रदर्शन होगा     कांफ्रेंस के दौरान इन्फेंट्री में हाल ही में शामिल अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। नई हथियार प्रणालियों और शस्त्रास्त्रों का शक्ति प्रदर्शन कर उनकी क्षमता और उपयोगिता प्रस्तुत की जाएगी।     आधुनिकीकरण, पुनर्गठन, मानव संसाधन प्रबंधन और उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने की रणनीतियों पर यह सम्मेलन विशेष रूप से केंद्रित है। चर्चा का उद्देश्य इन्फेंट्री को भविष्य की चुनौतियों के लिए और अधिक सशक्त बनाना तथा संचालन क्षमता को नई तकनीकों के अनुरूप उन्नत करना है।