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भोपाल में 20 हजार वोटर्स की पहचान, डिजिटाइज हुआ 17 लाख से ज्यादा मतदाताओं का डेटा

भोपाल  भोपाल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सात विधानसभा क्षेत्र में गणना पत्रक डिजिटाइजेशन का काम छह दिसंबर को पूरा हो गया था। इसके बाद 11 दिसंबर तक अनकलेक्टेबल और नो मैपिंग वाले मतदाताओं की पहचान करने में बीएलओ सहित पूरी टीम जुटी हुई है, ताकि मतदाता सूची से नाम नहीं कटे। इसके तहत तीन दिन में कुल 20 हजार मतदाताओं की पहचान कर ली गई है और उनके पत्रक भी डिजिटाइज किए गए हैं। इस तरह अब जिले में कुल 17 लाख 21 हजार 213 मतदाताओं के गणना पत्रक डिजिटाइज किए जा चुके हैं जो कुल मतदाताओं का 80.96 प्रतिशत है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर में कुल 21 लाख 25 हजार 908 मतदाता हैं, जिनमें से कुल 21 लाख 25 हजार 840 मतदाताओं को गणना पत्रक वितरित किए गए थे। छह दिसंबर तक 100 प्रतिशत काम हो गया था तब कुल 21 हजार 25 हजार 914 गणना पत्रक जमा किए गए थे। पड़ताल के दौरान 20 हजार मतदाताओं का मिला रिकॉर्ड तीन दिन चली पड़ताल के दौरान अनकलेक्टेबल पत्रकों में से करीब 17 हजार 112 मतदातओं का रिकॉर्ड मिल गया है, जिससे अब कुल चार लाख चार हजार 711 मतदाता अनकलेक्टेबल बचे हुए हैं। जबकि नो मैपिंग वाले तीन हजार 395 मतदाताओं का रिकॉर्ड भी मिल गया है, जो अब कुल दो लाख 11 हजार 275 शेष रह गए हैं।इस तरह कुल 20 हजार मतदाताओं का रिकार्ड मिलने से उनके पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं। कलेक्टर ने बैठक में दिए निर्देश उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर ने सभी बीएलओ सहित अन्य अफसरों के साथ मंगलवार रात को बैठक ली, जिसमें निर्देश दिए कि अनकलेक्टेबल श्रेणी में रखे अनुपस्थित, शिफ्ट, मृत एवं दोहरी प्रविष्टि सूची तैयार की जाए। सुझाव और जानकारी के आधार पर संशोधन कराया जाए, अनमैप्ड श्रेणी के मतदाताओं की अधिकतम मैपिंग की जाए। बीएलओ एप में ड्यूपलिकेट मतदाता की जानकारी का नया फीचर जोड़ा गया है, उसकी जांच की जाए।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा- देश में भू-माफिया के बढ़ते प्रभाव से अपनी जमीन बचाना हुआ कठिन

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने जमीन की सुरक्षा से जुड़े मामले में एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि इन दिनों देश के सभी हिस्सों में भू-माफिया सक्रिय हैं। जमीन की कीमतें हर दिन नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। ऐसे में व्यक्ति के लिए अपनी जमीन को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती है। इस मत के साथ कोर्ट ने कुछ शर्तों सहित एक मां को उसकी नाबालिग बेटी के नाम जमीन को बेचने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यह भी माना कि अपीलकर्ता अपनी जमीन से सैकड़ों मील दूर रहती है, उसके लिए जमीन की देखभाल के लिए नियमित रूप से उस स्थान पर जाना संभव नहीं है। कोर्ट ने अपीलकर्ता मां को निर्देश दिए कि जमीन को बेचने के बाद मिली राशि में से 50 प्रतिशत रकम नाबालिग के नाम राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडी के रूप में जमा कराए जाएंगे। नाबालिग के वयस्क होने पर ही यह राशि आहरित की जा सकेगी। यूपी में रहने वाली महिला ने दर्ज की याचिका उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रहने वाली ज्योतिराज बालादास की ओर से अधिवक्ता योगेश सिंह बघेल व प्रवीण मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पति रेलवे में लोको पायलट थे। सेवा में रहने के दौरान 2022 में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने जीवित रहते शहडोल के ग्राम सोखी में कुछ जमीन खरीदी थी। जमीन अपीलकर्ता और उसकी नाबालिग बेटी के नाम है। मृत्यु के बाद ज्योतिराज को अनुकंपा नियुक्ति मिल गई और वह उत्तर प्रदेश में ही बस गईं। अपीलकर्ता ने हिंदू अल्पसंख्यक और संरक्षकता अधिनियम, 1956 के तहत अधीनस्थ अदालत में उक्त जमीन बेचने की अनुमति मांगी थी। अधीनस्थ अदालत ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया। लिहाजा, हाई कोर्ट में अपील दायर की गई। दलील दी गई कि अपीलकर्ता अपनी जमीन से 600 किलोमीटर दूर रहती हैं। उसकी जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है। हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेकर राहतकारी आदेश पारित कर दिया।

रेलू राम और उनके परिवार के 8 सदस्यों की हत्या: आधी रात को बेटी-दामाद ने फार्म हाउस में फैला दीं लाशें

हिसार. 23 अगस्त 2001. अगस्त का महीना और बरसात का सीजन. रात के 12 बजे रहे थे. हालांकि, अब तक पूर्व विधायक रेलू राम और उनकी पत्नी सोए नहीं थे. अपने फार्म हाउस में दोनों पति पत्नी के बीच किसी बात पर बहसबाजी औऱ चर्चा हो रही थी. किसी को अंदेशा नहीं था कि यह उनकी जिदंगी की आखिरी रात होगी. फिर उसी रात को घर में रेलू राम की बेटी की एंट्री हुई और फिर जो कुछ हुआ, वो डराने वाला था. एक के बाद एक, कुल आठ लोगों का लाशें घर में बिछी हुई थी. फर्श पर मानों खून की नदियां बह रही थी. जैसे ही आठ लोगों की हत्या की खबर फैली तो पूरा इलाका हैरान रह गया. दरअसल, यह कहानी हिसार के बरवाला के पूर्व विधायक रेलू राम और उनके परिवार के कुल आठ लोगों की हत्या से जुड़ी है. इस मामले में अब हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक रेलू राम पूनिया के दामाद संजीव कुमार और बेटी सोनिया और की रिहाई को लेकर याचिका को स्वीकार कर लिया है और इस वजह से यह हत्याकांड फिर से चर्चा में आ गया है. रेलू राम की बेटी सोनिया ने संजीव के साथ लव मैरिज की थी. हालांकि, परिवार इस शादी के खिलाफ था. सोनिया जूडो खिलाड़ी थी और संजीव के साथ उसकी मुलाकात भी ट्रेनिंग के दौरान हुई थी. क्यों की गई थी हिसार के बरवाला के पूर्व विधायक रेलू राम समेत 8 लोगों की हत्या पूर्व विधायक रेलू राम पुनिय़ा की बेटी सोनिया अपने पिता की संपति में हिस्सा चाहती थी. लेकिन वह उन्हें प्रॉपर्टी देने के इच्छुक नहीं थे. 23 अगस्त को सोनिया का जन्मदिन था और वह पति के साथ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से हिसार जा रही थी. इस दौरान सोनिया को लितानी गांव में पिता के फार्महाउस पहुंचते पहुंचते करीब रात के 12 बज गए थे. जब पर घर में पहंची तो देखा कि उसके पिता और मां में कहासुनी हो रही है और प्रॉपर्टी को लेकर ही वह झगड़ रहे थे. सोनिया ने देखा कि उनके पिता अपनी संपति में उन्हें हिस्सा देने के बिलकुल खिलाफ थे. बस फिर क्या था, सोनिया ने अपने पति के साथ मिलकर पिता और पूरे परिवार को मारने की प्लानिंग बनाई. सोनिया और संजीव ने अपनी पिता रेलू राम पूनिया (50), मां कृष्णा देवी (41), सुनील (23), बहू शकुंतला (20), पोता लोकेश (4) और दो पोतियों शिवानी (2) और प्रियंका (14) के अलावा, 45 दिन की प्रीति की रॉड से बेरहमी से हत्या कर दी. सोनिया और संजीव ने घर में आठ लांशें बिछा दी. हालांकि, वह कार लेकर वहां से फरार गई और सोचा कि अब खुद की जिदंगी को भी खत्म कर देगी. लेकिन ऐसा नहीं कर पाई. सोनिया फिर दोबारा घर लौटी और जहर की आधी शीशी पीकर जान देने के कोशिश की. लेकिन, वह अपनी कोशिश में कामयाब नहीं हुई. बाद में पुलिस ने दोनों पति पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था. तीन साल तक कोर्ट में चला था केस और हुई थी फांसी की सजा फिर तीन साल केस चला और 2004 में हिसार की अदालत ने संजीव और सोनिया को फांसी की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ दोनों सुप्रीम कोर्ट पहुंचे लेकिन राहत नहीं मिली और 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा करो बरकरार रखा. हिसार पुलिस की जांच में पता चला था कि इस नरसंहार की मुख्य वजह जमीन-जायदाद का बंटावारा ही था. इस पूरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था. क्योंकि अब प्रदेश में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिसमें एकसाथ आठ लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया हो. सोनिया अपने पति के साथ जूडो एकादमी खोलना चाहती थी औऱ इसलिए पिता से थोड़ी बहुत संपति मांग रही थी.  सोनिया और संजीव ने पहले गोली मारने का प्लान था सोनिया और संजीव ने पहले प्लान बनाया था कि पूरे परिवार को गोलियां मारेंगे. प्लान के अनुसार, सोनिया के जन्मदिन की पार्टी के बहाने पटाखे के शोर में गोलियां चलेंगे. हालांकि, फिर उन्हें लगा कि पटाखों के शोर से पिता और मां की नींद टूट सकती है. इसलिए लोहे की रॉड से हत्या की गई. कौन थे हिसार के बरवाला के पूर्व विधायक रेलू राम पुनिया हिसार से पूर्व विधायक रेलू राम की कहानी बेहर रोचक है. उन्हें कामयाबी के रास्ते में जाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी थी. रेलू राम का बचपन काफी गरीबी में गुजरा था और वह अपने परिवार का गुजारा करने के लिए लोगों की भैंसें चराते थे. हालांकि, बाद में वह नौकरी की तराल में दिल्ली चले गए. यहां पर उन्हें ट्रकों की धुलाई और साफ सफाई का काम मिला. यहां पर एक सेठ के पास नौकरी के दौरान रेलू राम की जिदंगी को नई दिशा मिली और उन्हें कच्चे तेल का कारोबार शुरू कर दिया. यहीं से रेलू राम की जिदंगी पलट गई और उन्होंने बड़े पैमानी पर पैसा बना. ऐस पैसे से उन्होंने बड़े पैमाने पर जमीन फरीदाबाद और दिल्ली में कोठी के अलावा, कई दुकानें खरीदीं. गौर रहे कि रेलू राम ने दो शादियां की थी. रेलू राम ने आजाद लड़ा था चुनाव जानकारी के अनुसार, साल 1996 में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने जा रहे थे. इस बीच रेलू राम ने चुनाव लड़ने का मन बनाया. किसी भी पार्टी से टिकट नहीं मिला तो रेलू राम पूनिया ने बरवाला से आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया. उन्हें चुनाव में रेलगाड़ी का चुनाव चिह्न मिला. बताते हैं कि उस चुनाव में ‘रेलू राम की रेल चलेगी, बिन पानी बिन तेल चलेगी.’ नारा खूब चला. इस चुनाव में रेलू राम की जीत हुई और फिर उन्होंने हिसार में 2 एकड़ जमीन में कोठी बनवाई. कहते हैं कि इस कोठी के दूसरे फ्लोर तक कारें जाती थीं. पहले दी थी फांसी फिर हाईकोर्ट ने बदला फैसला हिसार कोर्ट ने इस मामले में दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन 2025 में हाईकोर्ट ने फांसी को उम्रकैद में बदल दिया. हालांकि, मामला फिर सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने लोअर कोर्ट के फैसले को सही माना और फांसी की सजा को बरकार रखा. 23 अगस्त 2007 … Read more

MP में दो दिन कोल्ड वेव का अलर्ट, बड़वानी में अभिषेक के लिए गुनगुने जल का इस्तेमाल, सीहोर में ओस जमी

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। सर्द हवाओं से रात का पारा काफी तेजी से लुढ़का है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत 25 शहरों का तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया जा रहा है।सबसे ज्यादा ठंड आज भी शहडोल जिले का कल्याणपुर में ही दर्ज की गई है। यहां पारा लगातार चौथे दिन भी 5 डिग्री से नीचे बना हुआ है। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी दो दिन प्रदेश के कई क्षेत्रों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। पाकिस्तान बढ़ाएगा मध्य प्रदेश में ठंडक मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक, पाकिस्तान के ऊपर एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है, जो अगले कुछ दिन में हिमालयीन क्षेत्रों को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होगी. इसके कारण उत्तरी हवाओं का असर लगातार बना रहेगा. मौमस विभाग के मुताबिक 15 दिसंबर के बाद ठंड और बढ़ सकती है. इसके अलावा लोगों को कोल्ड वेव का भी सामना करना होगा. कई शहरों में रिकॉर्डतोड़ ठंड रात का तापमान कई जिलों में 6 डिग्री से नीचे चला गया। शहडोल के कल्याणपुर में 4.2°C, जो प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा। भोपाल में लगातार चार दिनों से तेज ठंडी हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान 7.2°C दर्ज हुआ। इंदौर में 5.7°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो 2015 के बाद सबसे कम है। पचमढ़ी 5.2°C, उमरिया 5.6°C, राजगढ़ 6°C, नौगांव 6.5°C और रायसेन 7°C पर रहा। उज्जैन में इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जहां पारा 9°C तक पहुंच गया। ग्वालियर में 8.9°C और जबलपुर में 8.3°C दर्ज किया गया। फसलों पर ओस की बूंदें जमीं कहीं फसलों पर ओस की बूंदें जम रही है तो कहीं झील के पानी से भाप उठती हुई नजर आ रही है। अगले दो दिन कोल्ड वेव का अलर्ट एमपी में बुधवार और गुरुवार को कोल्ड वेव का अलर्ट है। इन दो दिनों में भोपाल, इंदौर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर चलने का अनुमान है। बात करें बीती मंगलवार रात की तो प्रदेश के 25 शहरों का तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। सबसे कम शहडोल का कल्याणपुर, जहां 4.7 डिग्री तापमान रहा। पचमढ़ी में 5 डिग्री, राजगढ़ में 5.6, नौगांव में 6, इंदौर में 6.1, उमरिया में 6.4 डिग्री, भोपाल में 7.2 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.6 डिग्री, शिवपुरी-रायसेन और मंडला में 8 डिग्री, जबलपुर में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.6 डिग्री, ग्वालियर-खजुराहो और दतिया में 9 डिग्री, सतना-दमोह और नरसिंहपुर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री, टीकमगढ़ और सीधी जिले में 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उत्तर भारत की बर्फीली हवाओं का बड़ा असर कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में तापमान में भारी गिरावट आई है। इन्हीं इलाकों से आने वाली तेज सर्द हवाएं मध्य प्रदेश में ठंड को और भी कड़ा बना रही हैं। ऊंचाई पर लगभग 100 किमी/घंटा की रफ्तार से बह रही हवाओं ने ठिठुरन में इजाफा किया है।अरब सागर में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने हवा में नमी बढ़ाई है, जिसके कारण रातें और अधिक ठंडी हो गई हैं। 11 दिसंबर तक जारी रहेगा ठंड का तेवर मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, विदिशा, सिवनी, शहडोल और अन्य कई जिलों में 11 दिसंबर तक शीतलहर का असर बना रहेगा। विभाग ने लोगों से सुबह–शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक राजधानी भोपाल के अलावा, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ इंदौर में कोड वेव का असर रहेगा. इसके बाद इससे राहत मिलेगी. हालांकि रात का तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं आएगी. मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया, ''अगले 24 घंटे में 6 जिलों में कोल्ड वेव के आसार रहेंगे. जिसके बाद दिन और रात के तापमान में गिरावट नहीं आएगा, जिससे लोगों को सर्दी से राहत मिलेगी. शुक्रवार से किसी भी शहर में कोल्ड वेव के आसार नहीं हैं. सर्दी का अगला दौर 15 दिसंबर के बाद से शुरु होगा.''  24 जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे उधर, प्रदेश के 24 जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है. सबसे कम तापमान उमरिया जिले में 4.9 रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.8, इंदौर का 5.4 डिग्री रात का पारा रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा टीकमगढ़ में 9.5, सीधी में 9.2, सतना में 8.1, रीवा में 5.8, नौगांव में 7 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, मंडला में 7 डिग्री, खजुराहो में 8.4, जबलपुर में 9.1, दमोह में 8.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 7.8, उज्जैन में 8.7, शिवपुरी में 8 डिग्री, रतलाम में 9.2, राजगढ़ में 5.2, रायसेन में 7.4, पचमढ़ी में 5.2, इंदौर में 5.4, ग्वालियर में 9.3, गुना में 9.5 और बेतूल में 8.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.  

रायपुर: गिधवा-परसदा में बनेगा देश का प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्र, वन मंत्री केदार कश्यप की घोषणा

रायपुर : गिधवा-परसदा बनेगा देश का प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्र: वन मंत्री केदार कश्यप बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ 270 से अधिक पक्षी प्रजातियों को मिलेगा सुरक्षित प्राकृतिक आवास रायपुर प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रयस्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री  कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। विदेशी और दुर्लभ पक्षियों का सुरक्षित आश्रय मंत्री  कश्यप ने बताया कि इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं। दशकों से यह क्षेत्र साइबेरिया, यूरोप और मध्य एशिया से आए पक्षियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास रहा है। उन्होंने कहा कि बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटक अब पक्षियों के जीवन, व्यवहार, प्रवास चक्र और जैव विविधता को वैज्ञानिक दृष्टि से समझ सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्रवासियों की संवेदनशीलता और भावनात्मक जुड़ाव के कारण यह क्षेत्र देश का अनोखा वेटलैंड बन सका है। आने वाले समय में यह क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा बर्ड-वॉचिंग हब बनेगा। पर्यटन एवं रोजगार को मिलेगा बढ़ावा  कश्यप ने कहा कि बर्ड सफारी के संचालन से स्थानीय युवाओं को होम-स्टे, गाइडिंग, बोटिंग, ईको-टूरिज्म, लोकल उत्पाद बिक्री और ट्रांसपोर्ट सेवाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि वेटलैंड क्षेत्र को और विकसित करने हेतु सोलर लाइटिंग, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सूचना केंद्र, जैवविविधता अध्ययन केंद्र, पार्किंग स्थल और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। भारतीय संस्कृति में पक्षियों का महत्व वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पक्षियों और जीव-जंतुओं को हमेशा पूजनीय स्थान प्राप्त रहा है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक युग तक पक्षियों को शुभता, समृद्धि और पर्यावरण संतुलन का प्रतीक माना गया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जैव विविधता के संरक्षण में जिम्मेदार भूमिका निभाएं। खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल बोले-आज क्षेत्रवासियों का सपना साकार हुआ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि वे स्वयं इस क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और बचपन से यहां पक्षियों के विचरण को देखते आए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने वर्षों पहले संकल्प लिया था कि किसी भी प्रवासी पक्षी को क्षति नहीं पहुंचानी है। इसी संकल्प ने गिधवा-परसदा को पक्षी विहार के रूप में विकसित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के लिए गौरव और उत्साह का पर्व है। यह स्थल अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। कार्यक्रम को विधायक  ईश्वर साहू और कलेक्टर  रनवीर शर्मा ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। भारत का उभरता हुआ अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट गिधवा-परसदा वेटलैंड का भूगोल प्राकृतिक जलाशयों, विशाल आर्द्रभूमियों तथा शांत वातावरण से समृद्ध है, जो प्रवासी पक्षियों हेतु आदर्श माना जाता है। यहाँ हर वर्ष सितंबर से मार्च के मध्य बारहेड गूज, कॉमन टील, पिंटेल डक, नॉर्दर्न शवलर, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, पेंटेड स्टॉर्क, ओपनबिल्ड स्टॉर्क, सारस क्रेन सहित 270 प्रजातियों के पक्षी विचरण करने आते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गिधवा-परसदा को राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग साइट के रूप में मान्यता मिले इसे अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में शामिल किया जाए इस क्षेत्र को रैमसर साइट के रूप में प्रस्तावित करने की प्रक्रिया और तेज की जाए। अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में शामिल बर्ड वॉचिंग टॉवर, इंटरप्रिटेशन गैलरी, पर्यटक स्वागत केंद्र, प्रकृति अध्ययन केंद्र, सोलर पाथवे, नाव संचलन व्यवस्था, सुरक्षित पक्षी दमेजपदह ्रवदम , डिजिटल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग प्रणाली शामिल होंगें। कार्यक्रम में विधायक  दीपेश साहू, रजककार विकास बोर्ड अध्यक्ष  प्रहलाद रजक, जनपद अध्यक्ष हेमा दिवाकर, जनपद अध्यक्ष खोरबाहरा राम साहू, जिला अध्यक्ष अजय साहू, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, एसडीएम नवागढ़ दिव्या पोटाई, जिला पंचायत सदस्य मधु राय  प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  वी. निवास राव, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक  अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक दुर्ग सु एम. मर्सीबेला, दुर्ग संभाग के सभी मुख्य वनमंडलाधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। 270 प्रजाति के पक्षी विचरण करने आते हैं गिधवा-परसदा में  उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण तथा हर वर्ष बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है। यहां विभिन्न तालाबों, प्राकृतिक आर्द्रभूमि, संरक्षण क्षेत्रों तथा प्रवासी पक्षियों के आसरे का उपयुक्त स्थल है। वर्तमान मौसम में गिधवा-परसदा पहुंची पक्षी मार्च माह तक यहां विचरण कर अपने मुल्क वापस होंगी। यहां विशेष रूप से बारहेड गूज, नॉर्दर्न शवलर, कॉमन टील, पिनटेल डक, पेंटेड स्टॉर्क, ओपनबिल्ड स्टॉर्क, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, सारस क्रेन सहित 270 प्रजाति के पक्षी विचरण करते हैं। गिधवा-परसदा वेटलैंड राज्य ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख बर्ड-वॉचिंग स्थल के रूप में उभर रहा है। गिधवा-परसदा को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य राज्य सरकार की मंशा है। गिधवा-परसदा पक्षी विहार को राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में भी शामिल किया जा सके। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास, सूचनात्मक साइनबोर्ड, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सोलर लाइटिंग, जैवविविधता अध्ययन केंद्र जैसी योजनाओं पर विस्तार से कार्य किया जाएगा। भारत को प्रमुख पक्षियों का स्वर्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम  गिधवा-परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ न केवल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता को संरक्षित करेगा, बल्कि प्रदेश के पर्यटन, शोध, शिक्षा और पर्यावरणीय संवर्धन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा। यह पहल निश्चित रूप से गिधवा-परसदा को भारत का प्रमुख पक्षी स्वर्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शीघ्र निराकरण हेतु पत्र सादर प्रेषित है।

गाय को चिकन मोमोज खिलाने वाला यूट्यूबर गुरुग्राम में गिरफ्तार, पैसों के लालच में किया था काम

गुरुग्राम गुरुग्राम में गाय को चिकन मोमोज खिलाते वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी यूट्यूबर को पकड़ लिया गया है। हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़कर पहले पीटा और फिर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी युवक का कहना है कि कुछ लोगों ने उसका ब्रेनवॉश किया था और पैसों का लालच देकर गाय को मांस खिलाने को कहा था। लड़के ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और आगे ऐसा नहीं करने की बात कही। पुलिस ने उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान 28 साल के ऋतिक चंदाना के रूप में हुई है जो न्यू कॉलोनी का रहने वाला है। चंदाना कई सोशल मीडिया चैनल्स चलाता है। उसके पिता दुकान चलाते हैं और मां एक निजी अस्पताल में डॉक्टर है। डीयू से पढ़ाई इंग्लिश ऑनर्स में बीए करने वाले आरोपी का कहना है कि उसे ऐसा करने के लिए लालच दिया गया था। जानकारी के अनुसार आरोपी 2 दिसंबर को सेक्टर-56 स्थित हुड्डा मार्केट में रेहड़ी पर चिकन मोमोज खा रहा था। उसने कुछ मोमोज खाए और बाकी वहां खड़ी एक गाय को खिला दिए। उसने इसका वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बारे में जानकारी मिलने के बाद हिंदू संगठन सक्रिय हो गए और उन्होंने आरोपी युवक की पहचान कर सोमवार को न्यू कॉलोनी से पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी युवक को सेक्टर-56 थाने में लेकर गए और शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी ने अपने फॉलोअर्स के कहने पर और पैसे के लालच में आकर जानवर को चिकन मोमोज खिलाए थे। जांच अधिकारी इंद्र ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपी को शामिल जांच कर जमानत पर छोड़ दिया गया है। आरोपी युवक ने पकड़े जाने के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के सामने कहा कि कुछ लोगों ने उसका ब्रेनवॉश किया था। उसको पैसों का लालच देकर ऐसा करने को कहा गया था। पुलिस लड़के के आरोपों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सच में उसे किसी ने ऐसा निर्देश दिया था।

वैष्णोदेवी से खाटूश्याम जा रहे श्रद्धालुओं की बस की ट्रक से टक्कर, 4 मरे, 28 घायल

 सीकर जयपुर-बीकानेर नेशनल हाइवे पर मंगलवार देर रात वो मंजर सामने आया, जिसने देखने वालों की रूह कांप दी। फतेहपुर के पास रात 10:40 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही स्लीपर बस को ऐसी टक्कर मारी कि बस के परखच्चे चारों ओर फैल गए। जोरदार धमाका होते ही खिड़कियों से उड़ती कांच की बौछार और मेटल के तीखे टुकड़ों ने यात्रियों को चीरकर रख दिया। चीखों और कराहों से पूरा हाईवे गूंज उठा। स्लीपर बस में करीब 50 यात्री सवार थे—सभी गुजरात के वलसाड जिले के रहने वाले। वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटते हुए वे खाटूश्यामजी जा रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही देर में सड़क पर मौत उनका इंतजार कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बीकानेर की ओर से आ रही बस अपनी लेन में थी, जबकि झुंझुनूं से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सीधे बस के केबिन में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। पहले हिस्से में बैठे यात्री और बस स्टाफ बुरी तरह दब गए। कई घायलों के शरीर में कांच और मेटल के बड़े-बड़े टुकड़े धँस गए। हादसे का शोर सुनते ही आसपास के लोग दौड़े, लेकिन उन्हें सिर्फ मलबा, खून और चीखें नजर आ रही थीं। हादसे के तुरंत बाद तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई—मयंक, बस ड्राइवर कमलेश और एक अज्ञात यात्री। कंडक्टर मितेश को गंभीर हाल में सीकर से जयपुर रेफर किया गया, जहां बुधवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। बस में सवार 28 लोग घायल हुए। इनमें 15 को गंभीर हालत में सीकर भेजा गया। सबसे ज्यादा गंभीर—अनंत, तुषार पुत्र अर्जुन, राजेश पुत्र ओमप्रकाश, प्रवीण पुत्र बाबू भाई, रंजना पत्नी सुरेश भाई, मुक्ता बेन, आशीष पुत्र रामलाल। इसके अलावा निलेश, सुहानी, कर्मल बेन, जमवंत, सुदा बेन, अर्जुन, अमित, शीला बेन को भी सीकर रेफर किया गया। इनमें 2-3 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। 13 अन्य घायलों का फतेहपुर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं। एंबुलेंस ड्राइवर भीम सिंह बताते हैं रात 10:30 बजे कॉल आया। पहुंचा तो लोग बस के अंदर फंसे हुए थे। चारों तरफ खून था। किसी की चीख, किसी की सिसकी… समझ नहीं आ रहा था किसे पहले निकालें। तुरंत आसपास की सभी 108 एंबुलेंस को बुलाया। स्थानीय लोग भी मदद में लग गए। ये नज़ारा जिंदगी भर याद रहेगा।” बस के आगे का हिस्सा इस कदर दब चुका था कि यात्रियों को गैस कटर से निकालना पड़ा। कई घायल खून से लथपथ सड़क पर पड़े कराह रहे थे। एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह ने बताया हादसा बहुत भयानक था। 3 लोगों की मौके पर मौत हुई थी। बाद में गंभीर घायलों में एक और ने दम तोड़ा। 15 घायलों को सीकर रेफर किया गया है।

सागर में पुलिस वैन और कंटेनर की भिड़ंत, बालाघाट से लौट रहे मुरैना के 4 पुलिसकर्मियों की मौत

सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले में आज यानी बुधवार की सुबह करीब 4 बजे ड्यूटी खत्म कर मुरैना से लौट रहे बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) के पांच जवान एक ट्रक से टकरा गए। जिसमें 4 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रुप से घायल हो गए। बता दें कि यह हादसा NH-44 पर बांदरी मालथौन के पास हुआ। थाना प्रभारी समेर जगत के अनुसार, मुरैना से ड्यूटी पर जा रहे जवानों का पुलिस वाहन एक तेज रफ्तार कंटेनर से जोरदार टक्कर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चार जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम राहत-बचाव कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंची। जानकारी के मुताबिक ये बम एंड डॉग स्क्वॉड की टीम है, जो मध्य प्रदेश (MP News) के बालाघाट से सुरक्षा जांच के लिए तैनात थी। ड्यूटी के बाद ये वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वाहन की ट्रक से आमने सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें सवार चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।  मृतकों और घायल की पहचान हुई अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान कांस्टेबल प्रद्युम्न दीक्षित, कांस्टेबल अमन कौरव, ड्राइवर परमलाल तोमर (सभी मोरेना निवासी) और डॉग मास्टर विनोद शर्मा (भिंड निवासी) के रूप में हुई है। हादसे में कांस्टेबल राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज भोपाल के बंसल अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, हादसे के दौरान पुलिस के वाहन में मौजूद एक डॉग पूरी तरह सुरक्षित है। अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस वाहन के चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर ट्रक चालक की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सीएम मोहन यादव ने जताया शोक सीएम मोहन यादव ने इस हादसे को लेकर X पर शोक व्यक्त किया और लिखा कि आज सागर जिले में सुबह नक्सल विरोधी अभियान से ड्यूटी कर लौट रहे 4 पुलिसकर्मियों का एक भीषण सड़क दुर्घटना में निधन होने का समाचार हृदयविदारक है। हादसे में दिवंगत पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। जेसीबी से बॉडी काटकर निकाले शव कंटेनर और पुलिस वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि ड्राइवर और जवान गाड़ी के अंदर ही फंस गए। पुलिस वाहन आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जेसीबी की मदद से वाहन काटकर शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों का पंचनामा बनाकर बांदरी अस्पताल भेजा गया। मृतकों की पहचान जवान प्रद्युमन दीक्षित, अमन कौरव और ड्राइवर परमलाल तोमर (तीनों मुरैना निवासी) के रूप में हुई है। वहीं, चौथे मृतक डॉग मास्टर विनोद शर्मा भिंड के निवासी थे। हादसे में आरक्षक राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हीराबाई झरेका बघेल को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया

 रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों हीराबाई झरेका बघेल राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं     रायपुर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली धातुकला शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को उनकी उत्कृष्ट कलात्मक उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की समृद्ध धातुकला परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाने के लिए उनकी सराहनीय सेवा का प्रतीक है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय हस्तशिल्प समारोह में देश भर के हस्तशिल्पियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने की, इस मौके पर राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप उपस्थित थीं।     पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और धातुकला क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनका यह कार्य न केवल हमारी कला को संरक्षित करता है, बल्कि नये कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।      श्री राजेश अग्रवाल ने आगे कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका की अद्भुत सफलता पर छत्तीसगढ़ सरकार और संस्कृति विभाग की ओर से हार्दिक अभिनंदन। हमारे कलाकारों की उत्कृष्टता और उनका समर्पण ही हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का मूल आधार है। संस्कृति विभाग निरंतर प्रयासरत है कि वह धातुकला के शिल्पियों एवं कलाकारों को तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं उचित मंच प्रदान करे, जिससे वे अपनी कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए विश्व के सामने मजबूती से प्रस्तुत करें।     संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों के कौशल संवर्धन के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, वित्तीय सहायता एवं प्रदर्शनियों का आयोजन करता रहता है, जिससे कि वे अपनी कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें।  विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश के धातुकला एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को संरक्षित करते हुए युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाए। श्रीमती हीराबाई झरेका को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्राप्त होने से न केवल छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति की प्रतिष्ठा बढ़ी है बल्कि यह पूरे प्रदेश के शिल्पकारों के लिए एक नई प्रेरणा भी बनी हैं।

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर मुकदमा, विवादित बयान के बाद हिंदू महासभा की नेत्री ने की थी शिकायत

 मथुरा    वृंदावन के मशहूर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं. महिलाओं पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने उनके खिलाफ परिवाद दर्ज कर लिया है. अब इस मामले में 1 जनवरी को अदालत में वादी के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे कथावाचक की परेशानी और बढ़ सकती है. आपको बता दें कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के विरुद्ध परिवाद दर्ज किया गया है. मथुरा के सीजेएम कोर्ट में यह कार्रवाई हुई है. हाल ही में महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी किए जाने के मामले में यह शिकायत दायर हुई है. अखिल भारतीय हिंदू महासभा आगरा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने याचिका दाखिल की थी. अक्टूबर माह में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कथावाचक ने बेटियों पर टिप्पणी की थी. याचिका को स्वीकार करते हुए सीजेएम अदालत ने परिवाद दर्ज किया है. अनिरुद्धाचार्य ने अक्टूबर माह में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में यह विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि आजकल की बेटियों की शादी 25 वर्ष में होती है, तब तक वे 'कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं'. यह बयान सामने आने के बाद काफी हंगामा हुआ था और यह मामला तुरंत तूल पकड़ गया था. इस मामले को लेकर शुरुआत में थाना वृंदावन कोतवाली में तहरीर भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था. इसके बाद अखिल भारतीय हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने सीधे सीजेएम की कोर्ट में याचिका दाखिल की. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे स्वीकार किया और अब कथावाचक के खिलाफ परिवाद दर्ज हो चुका है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं.