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जल आवर्धन योजना में अनियमितता बरतने पर 2 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

नगरीय प्रशासन ने जारी किये आदेश भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगरीय निकायों में जल आवर्धन योजना में पाइप लाइन बिछाने के कार्य में पाई गई अनियमितताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है। नगरीय विकास आयुक्त ने विभागीय जाँच के आधार पर 2 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश जारी किये हैं। जाँच अधिकारी की रिपोर्ट तथा विभाग के प्रमुख अभियंता के अभिमत के आधार पर नीमच जिले की रामपुरा नगर परिषद के तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी लीलाकृष्ण सोलंकी और तत्कालीन उपयंत्री ओ.पी. परमार के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किये गये हैं। इस प्रकरण से जुड़े हुए लीलाकृष्ण सोलंकी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके विरुद्ध 2 वर्ष तक पेंशन पर महँगाई राहत की 5 प्रतिशत राशि रोके जाने का निर्णय लिया गया है। जाँच में दोषी पाये गये दूसरे अधिकारी ओ.पी. परमार जुलाई-2025 में सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी सेवा अवधि के दौरान आर्थिक क्षति की राशि 9 लाख 25 हजार 385 रुपये उनकी सेवानिवृत्ति लाभों से वसूल कर नगर परिषद रामपुर में जमा कराई जायेगी। इसी के साथ उनकी पेंशन पर देय महँगाई राहत की 10 प्रतिशत राशि आगामी 2 वर्ष तक स्थगित करने के आदेश जारी किये गये हैं। आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि नगरीय प्रशासन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमिता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।  

यीडा का बड़ा अभियान, 4.6 हेक्टेयर (46,000 वर्ग मीटर) भूमि पर से हटाया अवैध कब्जा

मुख्यमंत्री के निर्देश पर औद्योगिक विकास और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को गति देने के लिए जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की चल रही मुहिम नोएडा  यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप बुधवार को ग्राम दनकौर (तहसील सदर, गौतम बुद्ध नगर) में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। खसरा नंबर 211 पर फैली 4.6 हेक्टेयर यानी लगभग 46,000 वर्ग मीटर बहुमूल्य सरकारी/प्राधिकरण की भूमि को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया। इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 500 करोड़ रुपये बताया गया है। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के विशेष कार्य अधिकारी शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई कार्रवाई के दौरान मौके पर जेसीबी मशीनों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।  अवैध निर्माण का पूरी तरह ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान प्राधिकरण की भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई टीनशेड, कच्ची-पक्की दीवारें, झोपड़ियां, स्थायी-अस्थायी निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इससे यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक एवं शहरी विकास के लिए आरक्षित भूमि पूरी तरह मुक्त हो गई है। शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यीडा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राधिकरण की किसी भी भूमि पर अवैध कब्जा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लागत वसूली के साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा। विकास परियोजनाओं को मिलेगी गति शैलेंद्र सिंह ने कहा कि दनकौर में 46,000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि, जिसकी कीमत लगभग 500 करोड़ रुपये है, को अतिक्रमण से मुक्त कराना यीडा के संकल्प का प्रतीक है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि योगी सरकार प्रदेश में औद्योगिक निवेश, अवसंरचना विस्तार और पारदर्शी प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे तथा ईस्टर्न पेरिफेरल के इंटरचेंज के किसानों के 7% आबादी भूमि एवं यीडा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकारी व प्राधिकरण की समस्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता है।

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (यू.के.) में अत्‍याधुनिक पुलिसिंग के गुर सीख रहे हैं प्रदेश के 30 अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक

राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में जारी है भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस का "मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम" (MCTP) राज्य के भावी पुलिस नेतृत्व को नई सोच, नई दिशा और आधुनिक पुलिसिंग के व्यापक दृष्टिकोण से सशक्त बना रहा है। यह कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों को समकालीन कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के अनुरूप बेहतर, उत्तरदायी और प्रभावी पुलिस नेतृत्व के लिए तैयार कर रहा है। राज्य पुलिस सेवा के 30 अधिकारियों का मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम का शुभारंभ 27 नवंबर को मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक श्री मोहम्मद शाहिद अबसार के मुख्य आतिथ्य में किया गया, इस अवसर पर अकादमी के उपनिदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल भी उपस्थित रहे। चार हफ्ते से भी अधिक अवधि का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के चार संस्थानों में आयोजित किया गयाहै। राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का यह पांचवां मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें उन्हें पुलिस से संबंधित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य से परिचित कराया जाएगा। बारह वर्ष का सेवाकाल पूर्ण कर चुके राज्य पुलिस सेवा के कुल 30 पुलिस अधिकारी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इन अधिकारियों ने 27 नवंबर से 29 नवंबर तक मध्यिप्रदेश पुलिस अकादमी में  प्रशिक्षण प्राप्तं किया। इसके बाद 01 से 02 दिसंबरतक आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में तथा 04 से 06 दिसंबर तक नेशलन लॉ यूनिवर्सिटी नई दिल्लीढ में प्रशिक्षण प्राप्तम किया। जिसमें सोशल लेजिसलेशन, ई-गवर्नेंस, पब्लिक ऑर्डर एवं विक्टिमोलॉजी के साथ-साथ अन्य विभागों से समन्वय तथा इससे जुड़े अधिनियम आदि का प्रशिक्षण दिया गया।  दिनांक 08 दिसंबर से यह प्रशिक्षण कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (यूके) में जारी है जहां प्रशिक्षण के अतिरिक्तभ ब्रिटिश पुलिस संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।  इस दौरान क्राईम हार्म इंडेक्सा, प्रीडिक्टिव पुलिसिंग, महिलाओं के विरूद्ध अपराध आदि विषयों की बारीकियां सिखाईं जाएंगी। अंत में 30 दिसंबर को डी ब्रीफिंग के साथ प्रशिक्षण का समापन होगा।  

खजुराहो केबिनेट में बुंदेलखंड को हजारों करोड़ की मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगातें: मंत्री राजपूत

भोपाल खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बुंदेलखंड के लिए केबिनेट बैठक का दिन स्वर्णिम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर को महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगातें देकर सागर के विकास की नई इबारत लिखी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि केबिनेट में बुंदेलखंड एवं सागर के लिए हजारों करोड़ की सौगातें दी हैं, जिससे सागर विकास के नये आयामों को छुएगा। यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़कर विकास की नई कहानी लिखी जायेगी, वहीं पर्यटन के क्षेत्र में नया इतिहास रचने की घोषणा भी हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सागर में 608.93 हेक्टेयर भूमि पर 25 हजार करोड़ की लागत से नया उद्योग क्षेत्र स्थापित किया जायेगा। इससे 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं दूसरी ओर नौरादेही अभयारण्य में जुलाई माह में 4 चीतों को बसाया जायेगा। इससे क्षेत्र में स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि सागर से दमोह फोरलेन सड़क, छतरपुर तथा दमोह में नये मे‍डिकल कॉलेज के लिये नये पदों का सृजन किया जायेगा। साथ ही बीना में 100 बिस्तरीय अस्पताल बनेगा। इससे सागर विकास की ऊँचाइयों तक पहुँचेगा। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सागर तथा बुंदेलखण्ड के लिये दी गई सौगातें विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी। 25 हजार करोड़ से विकसित होगा नया औद्यौगिक क्षेत्र मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उद्योगों के लिए भी सागर को विशेष पैकेज प्रदान किया गया है। इसके तहत रिछोड़ा के पास 25 हजार करोड़ की लागत से नया औद्यौगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा, जिसमें लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिये स्वीकृत विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज में भूमि टोकन शुल्क मात्र एक रुपये प्रति वर्गमीटर, किराया और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूर्ण छूट एवं बिजली दरों में रियायत शामिल है। जुलाई माह में आयेंगे नौरादेही में 4 चीते मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जब प्रधानमंत्री कूनो में चीता लेकर आये थे तो पूरे देश को बड़ी खुशी हुई थी और अब बुंदेलखंड में पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. यादव जुलाई माह में नौरादेही अभयारण्य में 4 चीते छोड़ेंगे, यह हमारे लिए गर्व की बात है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी सागर जिले को बड़ी उपलब्धि है। नौरादेही अभयारण्य को प्रदेश का तीसरा चीता आवास के रूप में विकसित करने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। यह क्षेत्र में पर्यावरणीय संरक्षण और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की सकारात्मक पहल है। सागर-दमोह फोरलेन निर्माण को 2059 करोड़ मंजूर मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि केबिनेट बैठक में सागर-दमोह मार्ग को 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ विकसित करने के लिए 2059.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। 76.680 किमी लंबे इस मार्ग का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के अंतर्गत किया जाएगा। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 फ्लाईओवर, 9 मिडियन, 1 आरओबी तथा 13 पुल-पुलिया निर्माण का प्रावधान है। भूमि अर्जन और अन्य कार्यों पर 323.41 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इससे सागर दमोह भोपाल जबलपुर जाने वालों के लिए आवागमन सुलभ होगा। 100 बेड का होगा बीना अस्पताल, पद सृजन को मंजूरी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बीना सिविल अस्पताल की क्षमता 50 से 100 बिस्तर तक बढ़ाने और नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।

नौकरी का मेगा पिटारा तैयार! हरियाणा के इस शहर में बनेगा देश का बड़ा ट्रांसपोर्ट हब

चंडीगढ़  हरियाणा के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को ध्यान में रखते हुए सरकार कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. इसी कड़ी में सरकार हरियाणा के एक जिले में मॉडर्न और डायनामिक ट्रांसपोर्ट हब बना रही है, जिससे न सिर्फ शहर के आने-जाने वालों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि दिल्ली-NCR और आस-पास के राज्यों से आसान कनेक्टिविटी भी मिलेगी। इस जिलें में प्रस्तावित मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बस अड्डा, मैट्रो और रैपिड रेल (RRTS) की सेवाएं एक ही परिधि में मिलेंगी. इससे यात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.   नए बस अड्डे के लिए जाट जोशी गांव में 9.43 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। यहां आधुनिक बस स्टैंड, वर्कशॉप, पार्किंग, रैन बसेरा, वेटिंग हॉल और अन्य यात्री सुविधाओं के निर्माण के लिए पैमाइश और निशानदेही का काम शुरू हो चुका है। यह बस अड्डा न सिर्फ बस संचालन का केंद्र होगा, बल्कि यात्रियों को आरामदायक माहौल और बेहतर सेवाएं  भी प्रदान करेगा।   जाट जोशी से लगभग 300 मीटर की दूरी पर सेक्टर-7 मोड़ के पास रैपिड रेल (RRTS) स्टेशन प्रस्तावित है. इसके साथ ही दिल्ली मैट्रो के फेज-5 के तहत बैलो लाइन का विस्तार नाथूपुर, कुंडली होते हुए सेक्टर-7 तक करने की योजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है। इस विस्तार में करीब 26.5 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर और 21 नए स्टेशन शामिल होंगे। अनुमान है कि इस रूट से प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्री सफर कर सकेंगे।   इन तीनों सेवाओं बस, मैट्रो और रैपिड रेल के एक ही क्षेत्र में उपलब्ध होने से न केवल ये जिला,बल्कि इसके आसपास के इलाकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। दिल्ली और एनसीआर की ओर आने-जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा और कई बार परिवहन के साधन बदलने की समस्या भी समाप्त होगी। सोनीपत में कनेक्टिविटी बढ़ने से निवेश, रियल एस्टेट, रोजगार और विकास के नए अवसर खुलेंगे. केएमपी, केजीपी और यूईआर-2 जैसे प्रमुख मार्गों के साथ मैट्रो और रैपिड रेल नेटवर्क के जुड़ने से यह क्षेत्र तेजी से एक नियोजित और उभरते शहर के रूप में विकसित हो रहा है।निवेशकों और रियल एस्टेट कंपनियों की रुचि भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है।    नई परिवहन सुविधाएं लागू होने के बाद सोनीपत न केवल दिल्ली का उपनगर रहेगा, बल्कि एक विकसित, सुविधायुक्त और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार आधुनिक शहर के रूप में उभरेगा। ये परियोजनाएं हरियाणा के सोनीपत जिले को चीन और जापान की तरह एक आधुनिक मल्टी-मॉडल परिवहन केंद्र में बदल देंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।   

मध्यप्रदेश में जलवायु वित्त जुटाने पर भोपाल में कार्यशाला का आयोजन

भोपाल राज्य की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप जलवायु वित्त समाधान विकसित करने और राज्य स्तरीय जलवायु वित्त रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से, WRI इंडिया ने पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) और क्लाइमेट पॉलिसी इनिशिएटिव (CPI) के सहयोग से बुधवार को भोपाल में “मध्यप्रदेश में जलवायु वित्त जुटाने पर भोपाल में कार्यशाला” विषय पर सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शासकीय विभाग, शोध संस्थानों, वित्तीय संस्थानों, अकादमिक संगठन और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने राज्य के जलवायु वित्त परिदृश्य, जलवायु अनुकूल विकास के लिए व्यावहारिक रणनीतियों और प्रमुख क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर चर्चा की। अपर मुख्य सचिव पर्यावरण श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि “जलवायु वित्त अब उन राज्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सक्षम साधनों में से एक बन गया है, जो मध्यप्रदेश की तरह बढ़ते जलवायु जोखिमों का सामना कर रहे हैं। इस विकास पथ को उच्च-उत्सर्जन मार्ग पर जाने से रोकने के लिए हमें जलवायु वित्त तक पहुंच को मजबूत करना होगा और सभी क्षेत्रों में नीतिगत रूप से सक्षम परियोजनाएँ विकसित करनी होंगी। विभागों के बजट अभ्यासों में जलवायु वित्त को शामिल करना आवश्यक है और इसके लिए उच्च गुणवत्ता की परियोजनाएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमें न केवल शासकीय विभागों और निजी क्षेत्र, बल्कि आमजन की क्षमताओं की वृद्धि और उनकी संवेदनशीलता बढ़ाने की भी आवश्यकता है। मिशन लाइफ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक साबित हो सकता है।” कार्यपालन संचालक एप्को श्री दीपक आर्या ने कहा कि हाल ही में जारी किया गया राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना एक महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत है, लेकिन वित्तीय अंतर अब भी बहुत बड़ा है। अनुकूलन और शमन प्रयासों के लिए लगभग 97 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता का अनुमान है। केवल सार्वजनिक बजट इस अंतर को पूरा नहीं कर सकते, इसलिए राज्य में प्रभावी जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए निजी निवेश, मिश्रित वित्त, कार्बन बाज़ारों और बहुपक्षीय जलवायु कोषों को जुटाना अत्यंत आवश्यक है। एप्को प्रत्येक हितधारक को उच्च गुणवत्ता की परियोजनाएँ विकसित करने और उपलब्ध जलवायु वित्त अवसरों का लाभ उठाने के लिए हर प्रकार का सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। समन्वयक, जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केन्द्र एप्को श्री लोकेन्द्र ठक्कर ने कहा कि एप्को ने विभिन्न वित्तपोषण योजनाओं का उपयोग करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं और राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन पर रणनीतिक ज्ञान मिशन (NMSKCC), राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC) और सेंटर फॉर क्लीन एयर पॉलिसी (CCAP) के तहत सफलतापूर्वक धनराशि जुटाई है, जिसके माध्यम से उप-राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु कार्रवाई और परियोजनाओं को लागू किया गया है। WRI इंडिया के एसोसिएट प्रोग्राम डायरेक्टर श्री सारांश बाजपेयी ने कहा कि सब-नेशनल क्लाइमेट फाइनेंस को मजबूत करना अति आवश्यक है, क्योंकि राज्यों की अहम भूमिका है कि वे इसे लागू करने में आगे आएं और यह सुनिश्चित करें कि क्लाइमेट एक्शन समुदायों और संवेदनशील इलाकों तक पहुंचे। फसल उत्पादन में एक बड़ा योगदान देने वाले और देश में सबसे ज़्यादा जंगल और पेड़ वाले इलाके के तौर पर मध्यप्रदेश को ज़मीन के उपयोग में जलवायु के परस्पर बदलावों को आगे बढ़ाने में अधिक जोखिम का सामना करना पड़ता है। मध्यप्रदेश में जलवायु वित्त परिदृश्य पर चर्चा की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए प्रोग्राम लीड, जलवायु वित्त, डब्ल्यूआरआई इंडिया सुश्री नेहा मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक, निजी, अंतर्राष्ट्रीय और मिश्रित स्रोतों से जलवायु वित्त जुटाना समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है। आगामी जलवायु से संबंधित कार्यों के लिए सही पूंजी, मजबूत परियोजना क्षमताएँ और ठोस नीतिगत समर्थन जरूरी हैं। एप्को के नेतृत्व में राज्य जिस प्रकार समन्वित प्रयास कर रहा है, वह प्रभावी जलवायु कार्रवाई की शक्ति को दर्शाता है, और डब्ल्यूआरआई इंडिया राज्य के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करते हुए हर्षित है। तकनीकी सत्रों में सतत कृषि, वानिकी, जलवायु-अनुकूल क्रियाएं और शहरी प्रणालियों के लिए उपयुक्त वित्तीय समाधानों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन इस आग्रह के साथ हुआ कि मध्यप्रदेश के लिए ऐसे जलवायु वित्त रणनीतियाँ विकसित की जाए जो आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ जलवायु-अनुकूल भी हो। इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए श्री पियूष त्रिपाठी मो.- 8294154887, Piyush.Tripathi@wri.org एवं श्री रौशन मिश्रा मो.- 7903157371, Roushan.Mishra@wri.org से संपर्क किया जा सकता है। डब्ल्यूआरआई इंडिया एक स्वतंत्र चैरिटी संस्था, जो इंडिया रिसोर्सेज ट्रस्ट के रूप में विधिवत पंजीकृत है, पर्यावरणीय रूप से सुदृढ़ और सामाजिक रूप से न्यायसंगत विकास को बढ़ावा देने के लिए निष्पक्ष जानकारी और व्यावहारिक सुझाव प्रदान करती है। अनुसंधान, विश्लेषण और सिफारिशों के माध्यम से, डब्ल्यूआरआई इंडिया पृथ्वी की सुरक्षा, आजीविका को सुदृढ़ करने और मानव कल्याण को बढ़ाने वाले रूपांतरकारी समाधानों को व्यवहार में लाने का कार्य करती है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के ब्रोशर एनआरएम-2026 का विमोचन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के ब्रोशर "एनआरएम-2026" का विमोचन किया। नेशनल रिसचर्स मीट-2026 का आयोजन 12 से 14 फरवरी को भोपाल में होगा। ब्रोशर विमोचन पर संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति श्री विजय मनोहर तिवारी और वीर भारत न्यास के ट्रस्टी श्री श्रीराम तिवारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग की समीक्षा

विभागीय न्यूज़ लेटर और पर्यावरण से समन्वय ब्रोशर का विमोचन किया एमपीआरडीसी और एमपीबीडीसी के संचालक मंडल की बैठक संपन्न भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि विकास, रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रगति का आधार हैं। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक निर्माण कार्य को सिर्फ एक तकनीकी परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि जनता के जीवन स्तर को सुधारने वाले साधन के रूप में देखना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार के साथ प्रत्येक परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, यही प्रयास "लोक निर्माण से लोक कल्याण" की भावना को साकार करते हैं। यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभाग द्वारा "लोक निर्माण से लोक कल्याण" की भावना को धरातल पर उतारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की आधारभूत संरचना का विकास ही जनकल्याण का आधार है और विभाग ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हर सड़क, हर पुल, हर परियोजना जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मेट्रोपॉलिटन एरिया और समीपवर्ती क्षेत्रों में राजमार्गों का घनत्व बढ़ायें। पूरे प्रदेश को समावेशित कर समग्र विकास पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपोलिटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा। शहरी, ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों सभी को अधोसंरचना विकास का लाभ प्राप्त हो इस आधार पर प्रस्ताव की परिकल्पना की जाये। उन्होंने कहा कि राजमार्गों का घनत्व राष्ट्रीय स्तर के समीप ले जाने के लिए विज़न डॉक्यूमेंट के आधार पर प्रस्ताव तैयार करें। प्रस्ताव में स्थानीय मांगों और सुझावों को यथोचित स्थान दिया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपर मुख्य सचिव क्षेत्रों के समग्र विकास अनुसार कार्ययोजना का निर्धारण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि शहरी विकास की इंटीग्रेटेड पॉलिसी के निर्माण में लोक निर्माण विभाग को भी शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास में पर्यावरण समन्वय का विशेष ध्यान रखा जाये। सतत संवहनीय विकास के लिए सूरत के डायमंड पार्क की तर्ज में भवनों का निर्माण ग्रीन बिल्डिंग संकल्पना पर किया जाये। बिजली और पानी की बचत सुनिश्चित की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भवन निर्माण में वास्तु-विज्ञान का ध्यान रखा जाये। ताकि सूर्य की रोशनी, हवा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो और ऊर्जा की बचत की जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक्सप्रेस-वे आधुनिक समय की मांग है। इन अधोसंरचनाओं के विकास में ग्रामीण क्षेत्र की सुविधाओं का ध्यान रखा जाये। आवश्यकतानुसार फ्लाई-ओवर, अंडर-पास, सर्विस लेन को प्रस्ताव में शामिल करें। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। प्रस्तावित कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है। दिसम्बर माह के अंत तक कार्य प्रारंभ हो जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि कार्यों को जून-2027 तक पूर्ण किया जाये। बैठक में बताया गया कि लोकपथ ऐप में प्राप्त 12 हज़ार 212 शिकायतों में से 12 हज़ार 166 का निराकरण किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकपथ ऐप के उत्कृष्ट उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकपथ ऐप में रियल टाइम सड़क की स्थिति को भी अपडेट किया जाये। साथ ही इसका प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाये ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि लोकपथ ऐप में आगे स्थलों के बीच की दूरी, समस्त वैकल्पिक मार्ग, पर्यटन स्थल, चिकित्सा सेवाएं, ब्लैक स्पॉट, टोल का शुल्क अन्य सुविधाओं को भी मैप किया जाएगा। यह स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आगंतुकों के लिए भी उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य के राजमार्गों में सतत संधारण सुनिश्चित किए जाये। प्रकाश, ग्रीनरी और सावधानी मार्कर्स मानक अनुसार रहें यह भी सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (बीडीसी) के संचालक मंडल की बैठक हुई। एमडी एमपीआरडीसी श्री भरत यादव ने एमपीआरडीसी के चल रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। इसी प्रकार एमडी बीडीसी श्री सिवी चक्रवर्ती ने भवन विकास निगम के कार्यों और आगामी कार्ययोजना का विवरण दिया। बैठक में प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी श्री सुखवीर सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों, पीएम गतिशक्ति पोर्टल के उपयोग से रोड प्लानिंग, BISAG-N के माध्यम से समय सीमा का निर्धारण और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ पर्यावरण से समन्वय, वृक्षारोपण, ट्री-शिफ्टिंग, लोक सरोवर, सौर ऊर्जा के कार्य भी विकास कार्यों में शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पीएम गतिशक्ति के उत्कृष्ट उपयोग पर विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, एसीएस श्री नीरज मंडलोई, एसीएस श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोकनिर्माण श्री सुखवीर सिंह, एमडी एमपीआरडीसी श्री भरत यादव, एमडी बीडीसी श्री एमसीबी चक्रवर्ती सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। दो वर्ष की उपलब्धियाँ              दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने 12 हजार किमी सड़क निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण कर अभूतपूर्व रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिससे राज्य का 77 हजार 268 किमी का सड़क नेटवर्क देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।              वित्तीय वर्ष 2024–25 में विभाग ने 99% तक वित्तीय लक्ष्य हासिल कर समयबद्ध क्रियान्वयन और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।              "लोक पथ" मोबाइल ऐप के माध्यम से 12,212 शिकायतों में से 12,166 शिकायतों का निवारण कर 99.6% समाधान दर प्राप्त की, जिससे विभाग की पारदर्शिता और जनसहभागिता मजबूत हुई।              जबलपुर में प्रदेश के सबसे लंबे 6.9 किमी के दमोह नाका–मदनमहल–मेडिकल रोड एलिवेटेड कॉरिडोर ,राजधानी भोपाल में डॉ. अम्बेडकर फ्लाईओवर (2.73 किमी) और 15.1 किमी लंबा श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर मार्ग जैसे बड़े शहरी कॉरिडोर के कार्य पूरे किए गए।              प्रदेश में … Read more

नवजोत सिद्धू विवाद पर हाईकमान की एंट्री, पूरी रिपोर्ट तलब

चंडीगढ़ अमृतसर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के मामले में अब कांग्रेस हाईकमान की एंट्री हो गई है। हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल से नवजोत कौर सिद्धू के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। गौरतलब है कि नवजोत कौर सिद्धू लगातार कांग्रेस नेताओं के खिलाफ खुलेआम बयानबाजी करती नजर आ रही थीं। इसी कारण पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। अब यह पूरा मामला कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि संसद सत्र के बाद पंजाब कांग्रेस को लेकर दिल्ली में हाईकमान की ओर से बैठक बुलाई जा सकती है। यह भी बता दें कि हाल ही में नवजोत कौर सिद्धू ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर 500 करोड़ रुपए से जुड़ा बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद भी नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस नेताओं और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के प्रति आक्रामक रुख लगातार जारी है। इसी को देखते हुए अब इस मामले में कांग्रेस हाईकमान ने दखल दिया है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दमोह के जनप्रतिनिधियों ने माना आभार

खजुराहो मन्त्रि-परिषद की बैठक में दमोह को मिली अभूतपूर्व सौगातें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दमोह के जनप्रतिनिधियों ने बुंदेलखंड सहित दमोह जिले को दी गई अभूतपूर्व सौगातों के लिए जनता की ओर से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मंत्रालय में भेंट कर दमोह के जनप्रतिनिधि श्री श्याम शिवहरे ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सागर से दमोह के 76 किलोमीटर फोर लेन सड़क मार्ग के लिए 2059 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपए से अधिक राशि की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही दमोह मेडिकल कॉलेज के लिए नियमित और आउटसोर्स के पदों की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।