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यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की कई योजनाओं को मिली स्वीकृति

प्रदेश में सड़क परिवहन होगा और सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस, सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए पुख्ता होगी सुरक्षा इंटरसेप्टर वाहनों की होगी खरीद, यातायात जागरूकता पर रहेगा विशेष जोर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा, आधुनिक परिवहन ढांचे और तकनीकी सुदृढ़ीकरण को गति देने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं। यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए की कई महत्त्वपूर्ण पूंजीगत एवं राजस्व योजनाओं के प्रस्ताव को मुख्य सचिव की बैठक में स्वीकृति मिली है। इन योजनाओं के तहत अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइसेस, सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार, बीटीटीई इकाइयों के लिए उपकरण, के-इन-मोशन सेंसर, इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद और यातायात जागरूकता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। लखनऊ और मुरादाबाद में चौराहों पर सीसीटीवी इंस्टालेशन के लिए राशि स्वीकृत यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की ओर से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 के लिए मुख्य सचिव की बैठक में जरूरी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत राजधानी, लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के लिए 4.96 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दी गई है। साथ ही मुरादाबाद और बलिया जनपद में प्रमुख चौराहों पर इंटीग्रेटेड सीसीटीवी इंस्टालेशन के लिए लगभग 3.10 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही बीटीटीई ईकाइयों के लिए ट्रक सिमुलेटर और अन्य तकनीकी उपकरणों की खरीद के लिए 1.28 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इसके अलावा बीटीटीई हांसी इकाई के लिए वाहन खरीद को भी मंजूरी मिली है। हाई-रिस्क वाले 20 जिलों में लगेंगी इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सड़क दुर्घटना में कमी लाने के उद्देश्य से राज्य के 25 हाई-रिस्क वाले जिलों में डीआरएससी  के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस लगाने की योजना तेजगति से आगे बढ़ाई जा रही है। परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की ओर से हाई-रिस्क वाले जिलों में 1करोड़ प्रति जनपद की दर से 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही शेष जनपदों के लिए 50 लाख रुपये प्रति जिले की दर से अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये की राशि को भी मंजूरी दी गई है। समीक्षा बैठक में परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में इंटरसेप्टर वाहनों एवं अन्य उपकरणों के लिए 19.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से लगभग 17.15 करोड़ रुपये से 70 इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद की जा चुकी है। साथ ही उन्होंने बताया कि 18 के-इन-मोशन सेंसरों के लिए 14.05 करोड़ रुपये स्वीकृत किये जा चुके हैं। विभाग ने सेंसरों को अधिक प्रभावी बनाने हेतु प्लेटफार्म और अतिरिक्त संरचना निर्माण के लिए भी नए प्रस्ताव भेजे हैं। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के लिए कई योजनाएं स्वीकृत प्रदेश में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार, ई-चालान प्रणाली, साइनेज बोर्ड, इंटरनेट सेवाएं, उपकरणों की मरम्मत, मोबाइल रिचार्ज और अभियानों के संचालन के लिए 2.10 करोड़ से अधिक की राजस्व योजनओं को मंजूरी मिली है। इसके साथ ही यातायात निदेशालय द्वारा 25 करोड़ रुपये की लागत से 4,500 आयरन बैरियर, 4,525 फोल्डिंग बैरियर, 7,200 सेफ्टी हेलमेट, 8,000 फ्लोरोसेन्ट जैकेट, 270 ब्रेथ एनालाइजर, 85 स्पीड लेजर गन, 15 चार-पहिया एवं 62 दो-पहिया इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद भी की जाएगी। इसमें सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाले अन्य जरूरी आधुनिक उपकरणों की खरीद भी शामिल हैं। यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय प्रदेश में सड़क सुरक्षा में आधुनिक तकनीक का उपयोग और यातायात प्रबंधन को अत्याधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जो प्रदेश में सड़क दुर्घटना के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाने के साथ, लोगों को सुरक्षित परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध करवाएगा।

हरियाणा में पानी की सप्लाई पर बड़ा अपडेट: कौन-सा शहर कितनी मात्रा में पा रहा पीने का पानी, पूरी रिपोर्ट

हरियाणा हरियाणा सरकार राज्यभर में पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति के लिए कई काम कर रही है. यही वजह है कि इसके लिए एक विशाल अवसंरचना विकसित की गई है. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग 18,700 से अधिक जलघरों और नलकूपों से पेयजल उपलब्ध करा रहा है. सिरसा जिले में भाखड़ा मेन लाइन प्रमुख स्रोत है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी मिलता है. दो गांवों में आपूर्ति बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वर्तमान में     1870 नहर-आधारित जल घर,     12,920 नलकूप,     9 रेनीवेल, तथा     4140 बूस्टिंग स्टेशन प्रदेशभर में इनके माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों की आम दिनों की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं. यही वजह है कि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है. सिरसा जिले की पेयजल व्यवस्था सिरसा जिले में पेयजल आपूर्ति मुख्यतः BML भाखड़ा मेन लाइन संख्या 1 पर आधारित है, जो साल भर paani का विश्वसनीय स्रोत है. इसी लाइन से लोगों की पानी की जरूरत को पूरा किया जाता रहा है. सिरसा लोकसभा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति सिरसा लोकसभा क्षेत्र के 616 ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है. केवल दो गांव—दहमन और खारा खेड़ी—में फिलहाल 40 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी उपलब्ध है. इन गांवों में भी आपूर्ति को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तक बढ़ाने के लिए 611.90 लाख रुपये के कार्य प्रगति पर है, जिसका लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का है. शहरी क्षेत्रों की बात करें तो सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सभी शहरी आबादी वाले क्षेत्रों में पेयजल की कोई कमी नहीं है. आपूर्ति नियमित एवं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराई जा रही है. असाधारण परिस्थितियों, विशेषकर गर्मी के मौसम में, आवश्यकतानुसार टैंकरों द्वारा पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाती है.  

जनसुरक्षा के लिए अवैध शराब माफियाओं पर योगी आदित्यनाथ सरकार की कड़ी कार्रवाई

विशेष अभियानों द्वारा उत्तर प्रदेश में अंतर्राज्यीय गिरोह ध्वस्त रामपुर, बरेली, लखीमपुर खीरी में अवैध शराब की सबसे ज्यादा बरामदगी, प्रदेश में 18.5 लाख लीटर अवैध शराब बरामद लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अवैध शराब और मादक द्रव्यों के खिलाफ अपना अब तक का सबसे सबसे व्यापक और असरदार अभियान चलाकर शराब माफियाओं को सख्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध शराब माफिया के लिए प्रदेश में न तो जगह है और न ही कोई ढिलाई। सख्त नीति, संयुक्त प्रवर्तन तंत्र और लगातार निगरानी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करते हुए जनसुरक्षा को केंद्र में रखा है। सख्त कार्रवाई से गिरा अवैध शराब का ग्राफ आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में अक्टूबर 2025 तक शराब तस्करों के खिलाफ कुल 70,017 मामले दर्ज किए और 18.5 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की। अवैध शराब की बिक्री से जुड़े 13,243 लोगों को पकड़ा गया और 2,464 आरोपियों को जेल भेजा गया। आबकारी विभाग का अभियान इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार इस पूरे नेटवर्क को उखाड़ फेंकने की दिशा में कड़ाई बरत रही है। नवंबर 2025 में भी अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध सरकार का अभियान जारी रहा और सिर्फ एक माह में 10,002 अभियोग दर्ज करने के साथ 2.35 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई। त्योहार और विशेष अवसर पर विशेष अभियान   त्योहारों और विशेष अवसरों पर अवैध शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2025–26 में अक्टूबर तक 5 विशेष छापेमारी अभियान चलाए। अभियान का छठा चरण 17 नवंबर से आरंभ हुआ है जो 16 दिसंबर तक जारी रहेगा। इन अभियानों के दौरान 20,590 मामले दर्ज किए गए और 5.2 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गईं। अभियान के दौरान 3,976 गिरफ्तारियां और 657 आरोपियों को जेल भेजा गया। आबकारी विभाग की टीम ने 23 तस्करी वाहन भी जब्त किए। अवैध शराब कारोबार के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार की संगठित, रणनीतिक और सख्त कार्रवाई एक मिसाल बन गई है। अंतरराज्यीय गिरोहों पर प्रहार, बड़े स्तर पर बरामदगी आबकारी विभाग द्वारा अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच अंतरराज्यीय तस्करी के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियानों में प्रदेश ने बड़ी सफलताएं अर्जित की है। इस अवधि में सोनभद्र में 18,491 लीटर, मथुरा में 9,913 लीटर, लखनऊ में 7,247 लीटर, बलिया में 6,152 लीटर, और आजमगढ़ में 4,958 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। बरामदगी की मात्रा और अभियोगों की गंभीरता साफ दर्शाती है कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गिरोहों पर इस बार की कार्रवाई सबसे प्रभावी रही। सबसे अधिक अवैध शराब बरामदगी वाले जिले   आबकारी विभाग द्वारा कई जिलों में एक ही अभियान में बड़ी मात्रा में शराब पकड़े जाने से यह भी स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ सरकार की आक्रामक रणनीति से सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी की गतिविधियों पर लगाम लगा है। अक्टूबर 2025 तक चले छापेमारी अभियानों में सबसे अधिक शराब की बरामदगी रामपुर जिले से हुई है। यहां से कुल 62,950 लीटर अवैध शराब पकड़ी गई। वहीं बरेली में 59,451 लीटर, लखीमपुर खीरी से 55,697 लीटर, झांसी में 45,080 लीटर और हरदोई में 45,053 लीटर शराब जब्त हुई। जो इन जिलों में चलाए गए सघन अभियानों की सफलता को रेखांकित करती है। इन जिलों में दर्ज अभियोगों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। लखीमपुर खीरी में 2,480, रामपुर में 1,677, बरेली में 1,646 अभियोग दर्ज किए गए। इन अभियानों में तस्करी में उपयोग हुए वाहनों की भी बड़ी संख्या में जब्ती हुई जिससे अवैध शराब कारोबार की कमर टूट गई।

सोलर बूम : योगी आदित्यनाथ सरकार ने रचा इतिहास तीन लाख इंस्टॉलेशन का रिकॉर्ड

1038.27 मेगावॉट क्षमता ने बढ़ाई ऊर्जा आत्मनिर्भरता की रफ्तार 2074.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत गांवों से शहरों तक सोलर रूफटॉप ने बदली उपभोक्ताओं की आर्थिक तस्वीर लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और स्पष्ट नीति निर्देशन का ही परिणाम है कि राज्य में सौर ऊर्जा के तीन लाख इंस्टॉलेशन (3,00654) का लक्ष्य पार कर लिया है। उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जो उपलब्धि हासिल की है वह  ऐतिहासिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी सौर राज्यों में शामिल करती है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस मामले में गुजरात और महाराष्ट्र ही उत्तर प्रदेश से आगे हैं । आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 983915 आवेदनों में से 300654 इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। राज्य में सौर ऊर्जा की कुल इंस्टॉलेशन क्षमता 1038.27 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है जिससे लाखों परिवारों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार अब तक 2074.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी कर चुकी है जिसने उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम कर दिया है। पिछले 8 वर्षों में योगी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सोलर रूफटॉप की पहुंच बढ़ाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया डिजिटल मॉनिटरिंग और समयबद्ध इंस्टॉलेशन पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम सूर्यघर योजना और राज्य की नई सौर नीति के जरिए बड़े पैमाने पर अवसंरचना तैयार की गई जिसने ऊर्जा क्षेत्र में विश्वास और सरलता का नया माहौल बनाया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की यह तेज प्रगति आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। मौजूदा 1038.27 मेगावॉट क्षमता न सिर्फ बिजली की मांग को संतुलित कर रही है बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। इसका लाभ उद्योगों कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से मिल रहा है जिससे प्रदेश की आर्थिक गति और तेज हो रही है। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। सोलर इंस्टॉलेशन से गांवों में बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। कई परिवार अतिरिक्त ऊर्जा ग्रिड को बेचकर सालाना आय भी बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि सौर ऊर्जा के लिए आवेदन संख्या लगातार बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी बाजारों में तेजी से उभर रहा है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि योगी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गति और पारदर्शिता दोनों को प्राथमिकता दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तीन लाख इंस्टॉलेशन का लक्ष्य पार करना केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि यह उस नए ऊर्जा ढांचे का प्रतीक है जिसकी ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के तीनों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश ने जो उपलब्धि दर्ज की है वह आने वाले वर्षों में देश के नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कुंभकार समाज का प्रतिनिधि मंडल मिला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से

रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री  साय को आगामी जनवरी 2025 में रायपुर जिले के ग्राम नवागांव (कोलियारी) में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय महाधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए समाज के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का धन्यवाद किया तथा आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि कुंभकार समाज की पारंपरिक कला, श्रमशीलता और सांस्कृतिक योगदान छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना को समृद्ध बनाते हैं। राज्य सरकार सभी समाजों के विकास और सहभागिता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधि मंडल में समाज के सलाहकार रतन लाल चक्रधारी,  बी.पी. चक्रधर, प्रदेश अध्यक्ष  नंद कुमार चक्रधारी, महामंत्री  हेमलाल कौशिक, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश कुंभकार,  दौवा राम चक्रधारी सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

हाड़ कंपाने वाली सर्दी ने बढ़ाई ठिठुरन, फतेहपुर में पारा लुढ़का

जयपुर राजस्थान में कड़ाके की सर्दी के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसका असर खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर और आसपास के इलाकों में हल्के बादलों के रूप में दिखाई दिया, हालांकि कहीं भी बारिश नहीं हुई। बादल छाने और पश्चिमी हवाएं चलने से उत्तर से आने वाली बर्फीली हवा कुछ कमजोर पड़ी है। इस विक्षोभ का आंशिक प्रभाव अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है। अगले एक सप्ताह तक राज्यभर में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जिससे शेखावाटी, बीकानेर और जयपुर संभाग के इलाकों में कड़ाके की सर्दी और शीतलहर से राहत मिल सकती है। शेखावाटी में बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक ठंड महसूस की गई। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि माउंट आबू और सीकर में पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अलवर में 5 और दौसा में 4.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर सहित कई पश्चिमी जिलों में धूप कमजोर रही। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 29.3, जैसलमेर में 28.3, बीकानेर में 23.3 और चूरू में 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा में सुबह हल्की धुंध छाई रही और शीतलहर के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो-तीन दिनों तक कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। साथ ही, न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे शीतलहर से राहत मिलेगी। अगले तीन-चार दिनों में शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और बाकी हिस्सों में 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

एमपी ट्रांसको के पिंटू यादव ने अंतरक्षेत्रीय विद्युत कुश्ती प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक

जबलपुर मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस मुख्यालय, जबलपुर में पदस्थ पहलवान पिंटू यादव ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अंतरक्षेत्रीय विद्युत कुश्ती प्रतियोगिता में 70 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर एम पी ट्रांसको का गौरव बढ़ाया है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर में हुई विद्युत क्षेत्र की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पिंटू यादव ने खंडवा के अनुभवी पहलवान विनोद तिवारी को पराजित करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। मुकाबले के दौरान उनके दांवपेंच, संतुलन और फुर्ती ने दर्शकों को प्रभावित किया और लगातार तालियां बटोरीं। हालाँकि पिछले दो वर्षों से स्वर्ण पदक जीतते आ रहे पिंटू यादव इस बार शीर्ष स्थान नहीं पा सके, लेकिन उनके सशक्त प्रदर्शन और जुझारू खेल भावना की प्रतियोगिता भर में सराहना होती रही। प्रबंध संचालक ने दी बधाई पिंटू यादव की इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए गौरव की बात है, बल्कि अन्य कर्मियों के लिए भी प्रेरणादायक है। अति उच्च दाब मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता श्री डी. के. अग्रवाल ने भी पिंटू यादव को शुभकामनाएँ दीं और बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें विभागीय स्तर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।

देश के लिए अटूट निष्ठा रखने वाले वीर सैनिक हमारे गर्व का प्रतीक : भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे वीर जवान अपने परिवार से दूर रहकर, कठिन परिस्थितियों में निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करते हैं। उनके अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही हम सभी देशवासी चैन और सुकून से रह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व सैनिक केवल सेवानिवृत व्यक्ति नहीं, बल्कि अनुभव और अनुशासन के प्रतीक हैं। उनकी राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हम सब के लिए प्रेरणादायी है। यह देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जवानों को उचित मान-सम्मान दें। शर्मा ने रविवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर थलसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान की ओर से पूर्व सैनिकों की वीरता और बलिदान के सम्मान में आयोजित ‘ऑनर रन’ मैराथन को फ्लैग ऑफ किया।  यह मैराथन सेना दिवस (15 जनवरी) के उपलक्ष्य में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में आयोजित की गई। मैराथन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ हमारे राष्ट्र के उन अमर सपूतों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इसका उद्देश्य हमारे पूर्व सैनिकों के साहस, बलिदान और अदम्य भावना का सम्मान करना है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनर रन के माध्यम से हम यह सन्देश देना चाहते हैं कि राजस्थान अपने सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनर रन का आयोजन हमारी सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हमारे जांबाज सैनिकों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें। ‘ऑनर रन’ में नजर आया भारी उत्साह और जोश अल्बर्ट हॉल पर आयोजित ऑनर रन मैराथन में 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की 3 श्रेणियों की दौड़ आयोजित की गई। मैराथन में सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों एवं आमजन ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। देशभक्ति के तरानों के बीच भारत माता की जयकार से माहौल जोश से भर उठा। कार्यक्रम में सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल माधवेन्द्र सिंह एवं जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में सेना के जवान, पूर्व सैनिक एवं आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांतिकारी बाघा जतीन की जयंती पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ मुखर्जी 'बाघा जतीन' की जयंती पर नमन किया है। उन्होंने कहा है कि क्रांतिकारी बाघा जतीन स्वतंत्रता आंदोलन में युवाओं के प्रेरणा स्रोत रहे। उनके चिंतन और दार्शनिक विचारों से स्वतंत्रता सेनानियों को सतत् प्रेरणा मिली। क्रांतिकारी बाघा जतीन ने अनुशीलन समिति और युगांतर पार्टी के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को आजीवन ऊर्जा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारी बाघा जतीन का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर दी बधाई

मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण के लिए क्यूआर कोड से 11 हजार रुपये किए भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह दिन सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ सेना कल्याण कोष में योगदान के लिए हम सभी को प्रेरित करता है। उन्होंने क्यूआर कोड से सैनिक कल्याण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया से 11 हजार रुपये की राशि भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आह्वान किया कि शहीद सैनिकों के परिवारों और शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों के कल्याण के लिए अपना सहयोग दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यंमत्री निवास में ब्रिगेडियर अरुण नायर सेना मेडल (से.नि) और संचालक, सैनिक कल्याण बोर्ड ने झंडा लगाकर स्मृति चिन्ह (मोमेन्टो) भेंट किया। सैनिक कल्याण बोर्ड के श्री आर.एन. सिंह तोमर, श्री ग्रीश चंद्र यादव, श्री शैलेश कुमार चौकसे, श्री संजय भील और श्री जसवीर सिंह भी उपस्थित रहे।