samacharsecretary.com

सरकार ने जारी किया सोयाबीन का नया मॉडल रेट 4237 रुपये, भावांतर भुगतान में आएगी तेजी

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए  30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए और 29 नवंबर को 4240 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

मान सरकार ने दिया तोहफा: पात्र परिवारों को नए मकानों के निर्माण की हरी झंडी

चंडीगढ़/तरनतारन पंजाब की मान सरकार आम लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी सिलसिले में कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने एक अहम कदम उठाते हुए पट्टी विधानसभा इलाके में 674 योग्य परिवारों को नए घर बनाने के लिए मंजूरी लेटर सौंपे हैं। ये सिर्फ कागज के कुछ पन्ने नहीं हैं, ये इन परिवारों के लिए खुशियों का दरवाजा हैं, उनके बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव हैं, और हर माता-पिता के सपने को पूरा करने की दिशा में पहला कदम हैं। एक ऐसा सपना जो उन्होंने सालों से संजोया हुआ है। यह पहल सिर्फ एक सरकारी स्कीम का हिस्सा नहीं है, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो सालों से पक्के घर का सपना देख रहे हैं। कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इन परिवारों को बिना किसी देरी, रुकावट या भेदभाव के स्कीम का फायदा मिले, यह पक्का किया जाए। यह फैसला सरकार की संवेदनशीलता और लोगों की भलाई के प्रति उसके वचनबद्धता को दिखाता है। इसी बात का लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है क्योंकि असली बदलाव तभी आता है जब सरकार मिलकर काम करती है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने चुनाव क्षेत्र पट्टी में 674 लाभार्थी परिवारों को नए घर बनाने के लिए मंजूरी पत्र जारी किए। इन लाभार्थी परिवारों में नगर परिषद पट्टी के तहत 237 परिवार और पट्टी विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के 437 परिवार शामिल हैं। सभा को संबोधित करते हुए, कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने कहा कि शहरी इलाकों में लाभार्थी परिवारों को घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि ग्रामीण इलाकों में लाभार्थी परिवारों को MNREGA स्कीम के तहत घर बनाने के लिए 1.2 लाख रुपये और मजदूरी के लिए 31,000 रुपये मिलेंगे, जिसमें बाथरूम बनाने के लिए 12,000 रुपये शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने कहा कि पट्टी चुनाव क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ के पानी से फसलों और घरों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार ने प्रभावित किसानों को उनकी खराब फसलों के लिए मुआवजा पहले ही जारी कर दिया है। 

प्रदूषण संकट से निपटने को तैयार दिल्ली, CM रेखा गुप्ता ने तेज किया एक्शन प्लान

नई दिल्ली  दिल्ली में वायु प्रदूषण, विशेष रूप से धूल के कणों से होने वाला प्रदूषण, एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। इस चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एक्टिव हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) अब बड़े पैमाने पर मिस्ट स्प्रे तकनीक को अपना रहा है। विभाग ने 13 प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की है, जहां 305 बिजली के खंभों पर ये सिस्टम लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य इन अति-प्रदूषित क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता में सुधार करना है। तकनीक और क्रियान्वयन की स्थिति यह मिस्ट स्प्रे सिस्टम पानी को बेहद बारीक कणों में तोड़कर स्प्रे करता है। अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीक खंभों के आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को कम करने में प्रभावी साबित हुई है, जिसका सफलतापूर्वक उपयोग नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा पहले भी किया जा चुका है। PWD ने इस प्रोजेक्ट के लिए स्थानों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है, और टेंडर प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।   जिन हॉटस्पॉट पर यह सिस्टम लगाया जाएगा, उनमें द्वारका, जनकपुरी, नरेला, अशोक विहार, विवेक विहार, मुंडका, रोहिणी, वज़ीरपुर, ओखला, बवाना, आनंद विहार, पंजाबी बाग वेस्ट और आरके पुरम शामिल हैं। दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। सर्दियों से पहले मिलेगी राहत की उम्मीद चूंकि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर हर साल बढ़ जाता है, इसलिए PWD की यह पहल समय पर राहत देने की उम्मीद जगाती है। सिस्टम को लगाने के लिए विभिन्न हॉटस्पॉट के आसपास आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिनमें पेड़ों की छंटाई भी शामिल है। यह अनुमान है कि यह मिस्ट स्प्रे फैसिलिटी अगले 15 से 20 दिनों में पूरी तरह से चालू हो जाएगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण से लड़ने में एक और टूल मिल जाएगा।

विश्वरंग में उत्तर-रंग का भव्य आयोजन: लोकमाता अहिल्या से सतवाणी सुरो तक – उत्तर रंग में सजी संस्कृति की संथ्या

भोपाल विश्वरंग 2025 के अंतर्गत चौथे दिन “उत्तर-रंग” कार्यक्रम के अंतर्गत रवीन्द्र भवन परिसर में विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें संगीत और रंगकर्म की दो उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। संध्या का आरंभ सातवानी गायन से हुआ और समापन लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर आधारित भव्य महानाट्य *“अहिल्या रूपेण संस्थिता”* के मंचन के साथ हुआ। शाम के सत्र में राजीव सिंह एवं साथियों द्वारा प्रस्तुत सातवानी गायन ने श्रोताओं को सूफियाना और लोक रंग में डुबो दिया। गायन की शुरुआत बंदिश *“सांसों की माला…”* से हुई, जिसके बाद *“मन लागो मेरो यार फकीरी में…”, “काहे को ब्याही विदेश…”, “जुगनी कहती या…”* तथा बंदिश *“दुनिया में बादशाह है वो भी है आदमी मुफलिसो…”* जैसी भावपूर्ण रचनाओं ने सभागार को सुरों से सराबोर कर दिया। मुख्य गायन राजीव सिंह ने किया, जिनके साथ अमन मलक और रोहित वानखेड़े स्वर-संगति में रहे। सारंगी पर हनीफ हुसैन, ढोलक पर तनिष्क ठाकुर, तबले पर शाहनवाज, ऑक्टोपैड पर इकबाल खान तथा कीबोर्ड पर शहीद मासूम ने संगत देकर प्रस्तुति को सजीव और प्रभावशाली बनाया। रवीन्द्र भवन सभागार में हुआ महानाट्य अहिल्याबाई होलकर का मंचन   लोकमाता अहिल्याबाई होलकर पर रविवार को रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में महानाट्य अहिल्याबाई होलकर जीवन, अवदान और वैभव का गान मंचित हुआ। प्रजावत्सला, न्यायनिष्ठा और सुशासन की प्रेरक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर केन्द्रित इस महानाट्य का निर्देशन प्रियंका शक्ति ठाकुर ने किया जिसका लेखन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. साधना बलवटे ने किया। विश्वरंग के अंतर्गत आयोजित इस नाटक में कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन दर्शन को बड़ी ही खूबसूरती से मंच पर प्रस्तुत किया। लगभग 120 मिनट अवधि वाली इस प्रस्तुति में लगभग 30 कलाकारों ने अलग-अलग दृश्यों में प्रस्तुति को संजोया और अहिल्याबाई के विविध पक्षों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।  80 कलाकारों ने दी प्रस्तुति  महानाट्य में कुल 80 कलाकारों ने लगभग 2 घंटे में 18वी सदी की नायिका लोकमाता अहिल्याबाई की जीवन यात्रा, उनकी न्याय व्यवस्था, सुशासन सहित उनके शौर्य और पराक्रम से जुड़े कार्यों को अपने अभिनय के माध्यम से बहुत ही सधे हुए अंदाज में मंच पर प्रस्तुत किया। कलाकारों के अभिनय को लाइट एंड साउंड शो के तालमेल ने और अत्यधिक प्रभावी बनाया। खास बात यह है कि इस नाटक में निर्देशक प्रियंका शक्ति ठाकुर खुद अहिल्याबाई के किरदार में दिखाई दीं।  इन कार्यों को अभिनय से किया जीवंत  प्रस्तुति में कलाकारों ने कुल 24 दृश्यों के माध्यम से  लोकमाता अहिल्याबाई के राजनीतिक, सामाजिक तथा धार्मिक कार्यों को भी मंच पर जीवंत किया गया। छोटी अहिल्या की आस्था से सराबोर शिव-भक्ति, मल्हारराव होलकर द्वारा बहू अहिल्या की प्रशासन में सहभागिता, अहिल्या की न्यायशीलता अहिल्या का वीरांगना का रूप, अहिल्या का लोकमाता का स्वरूप, देवी अहिल्याबाई द्वारा समाज उत्थान, आर्थिक विकास और मंदिरों का जीर्णोद्धार, घाटों का निर्माण, अन्न क्षेत्र और प्याऊ के संपूर्ण व्यवस्था आदि उनके प्रमुख और स्मरणीय कार्य हैं। इन सभी पक्षों को एक-एक के बाद कलाकारों ने मंच पर जीवंत किया।  बचपन से लेकर अंतिम क्षणों तक के दृश्य दिखाये महानाट्य में कलाकारों ने अहिल्याबाई के बचपन से लेकर समाज सेवा के कार्य में सक्रिय, युद्ध कौशल में निपुण, परिवार को साथ लेकर चलने तथा राज्य संचालन में कुशल अहिल्या की कहानी को प्रदर्शित किया। महानाट्य में दिखाया गया कि किस तरह से अहिल्या महाराष्ट्र में जन्म के पश्चात विवाह उपरांत होलकर राज्य पहुंची और समय के साथ-साथ परिवार पर आई तमाम चुनौतियों के बावजूद उनका संबल नहीं टूटा। उन्होंने भगवान शिव को अपना आराध्य मानते हुए उनकी इच्छानुसार पूरे राज्य के संचालन का जिम्मा लिया। कुछ इसी तरह के प्रसंगों के साथ महानाट्य आगे बढ़ता है और अपने अंतिम पड़ाव तक पहुंचता है जहां लोग अहिल्याबाई के कार्यों, कुशलता और न्यायप्रियता के लिए उन्हें लोकमाता की संज्ञा देते हैं।

भोपाल के वरिष्ठ बीजेपी नेता और समाजसेवी सतीश नायक के निधन से पार्टी में शोक की लहर

भोपाल  मध्यप्रदेश के भोपाल में वरिष्ठ भाजपा नेता और समाजसेवी सतीश नायक के निधन से पार्टी और उनके समर्थकों में शोक की लहर है। सतीश नायक लंबे समय से भोपाल की राजनीति में सक्रिय थे और जनसेवा के कार्यों में भी अग्रणी रहे थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय वर्ष शिक्षित थे और वर्तमान में झरनेश्वर सहकारी बैंक के निदेशक के रूप में दायित्व निभा रहे थे। सतीश नायक के निधन पर पूर्व मंत्री ने जताया दुख सतीश नायक के निधन की खबर सुनकर पूर्व मंत्री और भोपाल संभागीय क्रिकेट संघ के अध्यक्ष ध्रुव नारायण सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "भाजपा भोपाल के वरिष्ठ नेता और मेरे स्नेही मित्र सतीश नायक जी के देवलोक गमन का समाचार अत्यंत दुखदाई है। ईश्वर उन्हें सदगति प्रदान करें और उनके परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति दे।"   भाजपा में शोक की लहर सतीश नायक के निधन से भोपाल भाजपा में शोक की लहर है। भाजपा और संघ परिवार से जुड़े पदाधिकारियों ने नायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने सतीश नायक को एक समर्पित कार्यकर्ता, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और संगठन के सजग कर्मयोगी के रूप में याद किया है। सतीश नायक पूर्व के प्रतिनिधि थे और आज उनके परिजनों ने नम आंखों से भोपाल में उनका अंतिम संस्कार किया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता विश्राम घाट पहुंचे।

सीएम युवा, ओडीओपी और डीडीयू ग्रामीण कौशल विकास योजना ने युवाओं को दिया आत्मनिर्भर बनने का मंच

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की युवा-केंद्रित नीतियों ने उत्तर प्रदेश में स्व-रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास के क्षेत्र में तेज रफ्तार प्रदान की है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, ओडीओपी और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना जैसे कार्यक्रमों से उत्तर प्रदेश के फ्लैगशिप अभियानों के माध्यम से न केवल बेरोजगारी पर अंकुश लगा है, बल्कि युवाओं को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जरूरी प्लेटफार्म भी प्राप्त हुआ है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, इन पहलों से प्रदेश में हजारों की संख्या में युवा उद्यमी, स्टार्ट अप और नवाचार के उद्यमों का विकास हुआ है। जो न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रगति की नई मिसाल पेश कर रहे हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना है, जो विशेष रूप से राज्य के युवाओं को अपने उद्यम, स्टार्ट अप विकसित करने की सुविधा प्रदान करता है। ये अभियान विशेष रूप से 21 से 40 वर्ष की आयु के उन युवाओं को लक्षित करता है। इस योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा, 10 प्रतिशत मार्जिन मनी बोनस और उनके इनोवेशन पर निःशुल्क मेंटरशिप प्रदान की जाती है। इस अभियान के तहत युवाओं को न केवल वित्तीय सहायता दी है, बल्कि उनके स्टार्टअप को सशक्त बनाने के लिए सभी जरूरी सहयोग भी प्रदान किया जाता है। वर्ष 2025-26 के लिए सीएम युवा अभियान के तहत 1.70 उद्यमियों को सहायता प्रदान करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें से अधिकांश की प्राप्ति हो चुकी है।  वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक फ्लैगशिप योजना है, जिसका अनुकरण वर्तमान में अन्य राज्य भी कर रहे हैं।ओडीओपी के तहत प्रदेश के युवा उद्यमियों को उनके जिलों में ही स्थानीय और परंपरागत उत्पादों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाता है। जिससे एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परंपरागत उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिल रही है, साथ ही प्रदेश के निर्यात में भी वृद्धि दर्ज की गई है। इस योजना के तहत निर्यात-लिंक्ड सब्सिडी, 5 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर और पहले 1000 दिनों तक लाइसेंस-मुक्त संचालन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ओडीओपी योजना के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश के पंरपरागत उत्पादों में से 77 जीआई टैग प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान पर हैं।    हाल ही में आयोजित सीएम युवा कंक्लेव एक्सपो- 2025 ने इस अभियान को नई गति प्रदान की। इस आयोजन से 5000 से अधिक लीड्स प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 200 से ज्यादा आवेदन सफलतापूर्वक उद्यमों में परिवर्तित हो चुके हैं। इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो व अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों में उत्तर प्रदेश के उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाता है। जिससे राज्य के युवाओं के उद्यमों व स्टार्ट-अप के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ा है। साथ ही ये आयोजन न केवल नेटवर्किंग का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि युवा उद्यमियों को वैश्विक निवेशकों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है। ग्रामीण स्तर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास के साथ स्वरोजगार के अवसर प्रदान करता है।  साथ ही प्रदेश के तकनीकी विश्वविद्यालयों के इंक्यूबेशन सेंटर भी युवाओं में उद्यमिता का विकास करने में सहयोग कर रहे हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, फंडिंग और बाजार पहुंच भी प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का यह समग्र दृष्टिकोण न केवल प्रदेश में रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर किया है। युवा उद्यमिता की यह लहर निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी।

हरियाणा पवेलियन का कमाल! अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मिला स्वच्छ मंडप का गोल्ड सम्मान

चंडीगढ़ नई दिल्ली के भारत मंडपम में चले अंतरराष्ट्रीय व्यापार – मेले-2025 में हरियाणा को स्वच्छ मंडप में गोल्ड मेडल मिला है। व्यापार मेले में अलग-अलग श्रेणियों में मेडल दिए गए थे, इसमें हरियाणा प्रदेश के पवेलियन ने स्वच्छ मंडप में बाजी मारी है। मंडप के निदेशक अनिल चौधरी ने बताया कि 14 से 27 नवंबर तक चले इस 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में हरियाणा पवेलियन लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पवेलियन में हरियाणवी संस्कृति, निरंतर जारी इनोवेशन और प्रदेश के विकास की झलक देखने को मिल रही थी। मेले के समापन के उपरांत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया था, इसमें हरियाणा पवेलियन ने स्वच्छ मंडप में गोल्ड मेडल जीता है। हरियाणा पवेलियन में अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। इसमें 11 कारीगरों और स्वयं सहायता समूह ने स्टॉल लगाए थे जबकि 22 एमएसएमई ने अपने स्टॉल लगाए थे। ये भी खरीदारों के आकर्षण का केंद्र रहे। हरियाणा पवेलियन एक भारत-श्रेष्ठ भारत के थीम पर बनाया गया था। पवेलियन में सूरजकुंड मेला और गीता जयंती को दर्शाया गया था। लोगों ने पवेलियन में जमकर सेल्फी व फोटो क्लिक की और हरियाणा को जाना।

माघ मेले में पहली बार पर्यटन विभाग की तरफ से 04 अस्थाई पर्यटन सूचना केंद्रों की होगी स्थापना

सूचना केंद्रों में पर्यटकों के लिए उपलब्ध रहेगी पर्यटन स्थलों, पेईंग गेस्ट हाउस और प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड की जानकारी लखनऊ वर्ष 2025 में योगी सरकार के प्रयास से संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित दिव्य , भव्य और स्वच्छ कुंभ के सफल आयोजन को पूरी दुनिया ने सराहा।   यूनेस्को द्वारा इसे 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। आयोजन की भव्य सफलता के बाद अब संगम नगरी   महाकुंभ के बात माघ मेला 2026 का इंतजार कर रही है। 3 जनवरी 2026 में आयोजित होने जा रहे आस्था के इस महा समागम में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुमान को देखते हुए पर्यटन विभाग भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।  पहली बार माघ मेले में 04 अस्थाई पर्यटन सूचना केंद्र की स्थापना महाकुंभ 2025 के दिव्य और भव्य आयोजन के बाद प्रयागराज को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है। पर्यटकों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी इसका संकेत दे रही है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी अपराजिता सिंह का कहना है कि वर्ष 2020 में प्रयागराज में पर्यटकों की संख्या 31933758 थी, जो  2021 में 11213496, वर्ष 2022 में 26047166, वर्ष 2023 में 50671622 , वर्ष 2024 में 5,12,6,2806 और 2025 जनवरी से सितंबर तक 68,21,50806 तक पहुंच गई। संगम नगरी में पर्यटकों की आई इस सूनामी से पर्यटन विभाग उत्साहित है। इस बार 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 44 दिन तक होने जा रहे माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम नगरी पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए माघ मेले में 04 अस्थाई सूचना पर्यटन केंद्र बनाए जा रहे हैं।  पर्यटन सूचना केंद्रों में मिलेंगी ये सुविधाएं उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की तरफ से स्थापित जा रहे इन पर्यटन सूचना केंद्रों में प्रयागराज के सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों की जानकारी की पुस्तिका हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। डिजिटल फॉर्मेट में भी इसे उपलब्ध कराया जायेगा। सूचना केंद्र में एक गाइड बुक भी होगी । पर्यटकों को टूरिज्म की जानकारी देने के लिए यहां पर एक प्रशिक्षित गाइड की सूची भी उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के ठहरने की जानकारी देने के लिए यहां पर रजिस्टर्ड पेइंग गेस्ट हाउस की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।

सेलूद: प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ किया ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण

रायपुर  आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जनप्रिय कार्यक्रम "मन की बात" के 128 वें संस्करण को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बुद्धिजीवियों के पावन धरा सेलूद ग्राम में भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण , कार्यकर्ताओं एवं ग्राम वासियों के साथ सुना। भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम देश के हर नागरिक की भावनाओं, उम्मीदों और संकल्पों को नई दिशा देने वाला जनप्रेरणा का माध्यम है। मन की बात हमें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक बदलाव के लिए निरंतर प्रेरित करती है। भाजपा जिला महामंत्री दिलीप साहू ने  कहा कि आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी मन की बात के माध्यम से हम सभी देशवासियों में नई ऊर्जा का संचार किया। मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने वोकल फॉर लोकल, मन की बात, G–20 बैठक, नेशनल म्यूजियम, मुंबई में स्वदेशी INS 'माहे' को भारतीय नौसेना में शामिल, इसरो ड्रोनप्रतियोगिता, खाद्यान्न उत्पादन, संविधान दिवस अन्य जानकारी दिए। पाटन मंडल अध्यक्ष श्रीमती रानी बंछोर ने कहा वन्देमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की। मन की बात कार्यक्रम देश के वर्तमान, भूत और भविष्य की जानकारी है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा जिला महामंत्री श्री दिलीप साहू, मंडल अध्यक्ष श्रीमती रानी बंछोर, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष श्री खेमलाल साहू,श्री हरप्रसाद आडिल, श्री टामन साहू, श्री कृष्ण कुमार साहू मंडल महामंत्री, श्री महेश्वर बंछोर, श्री तारेन्द्र बंछोर, श्री केशव बंछोर सहित बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र पदाधिकारी एवं स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बाड़मेर ने एसआईआर डिजिटाईजेशन में मारी बाजी, टीना डाबी ने साझा किया सफलता सूत्र

बाड़मेर बाड़मेर जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी के नेतृत्व में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत शत प्रतिशत डिजिटाईजेशन पूर्ण कर बाड़मेर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहा है। जिले में शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जबकि 97 प्रतिशत मैपिंग कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. इस उपलब्धि पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बाड़मेर जिले के समस्त मतदाताओं ओर जिले की निर्वाचन टीम को बधाई दी। इधर बाड़मेर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर टीना डाबी ने एक वीडियो संदेश जारी कर बाड़मेर निर्वाचन टीम को बधाई दी है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि पोलिंग बूथ पर 100 प्रतिशत कार्य पूरा करने में बाड़मेर जिला अव्वल है। बाड़मेर में अब तक कुल 1407 पोलिंग स्टेशनों पर शत प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। साथ ही बालोतरा के 751 और चूरू के 668 पोलिंग स्टेशनों पर 100 फीसदी कार्य पूरा किया जा चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बाड़मेर, गुड़ामालानी, चौहटन एवं बायतु विधानसभा क्षेत्र में 100 प्रतिशत गणना प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन तथा त्रुटिरहित बनाना है ,ताकि प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्तमान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के तहत एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बाड़मेर जिले ने मतदाताओं के सौ फीसदी डिजिटाईजेशन का कार्य सबसे पहले पूरा कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।  जिला निर्वाचन अधिकारी डाबी ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण राज्य और केंद्र निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। ऐसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में इन बीएलओ ने जिस सत्यनिष्ठा और तत्परता का परिचय दिया है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि इन कार्मिकों की ओर से स्थापित कार्य-संस्कृति अन्य समस्त कार्मिकों के लिए एक आदर्श उदाहरण है।