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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर में गुफा मंदिर का शुभारंभ किया

भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथाः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर में गुफा मंदिर का शुभारंभ किया  राम मंदिर का जिक्र कर बोले सीएम- पूरी दुनिया व देश ने भारत के सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया  हमारी सरकार ने फाजिलनगर (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ायाः सीएम योगी  गाजियाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथा है। युगों-युगों से यह महागाथा विश्व मानवता के लिए प्रेरणा रही है। विश्व मानवता ने इस महागाथा का श्रवण व प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य को तय किया है। भारत के अंदर आज भी पवित्र उपासना विधियां श्रद्धाभाव के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को बढ़ा रही हैं। तीन दिन पूर्व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के महायज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ ही पीएम मोदी के करकमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण संपन्न हुआ। पूरी दुनिया व देश ने भारत के इस सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया।   सीएम योगी गुरुवार को तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर पहुंचे। उन्होंने यहां पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 100 दिन में निर्मित गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जी व संत तरुण सागर जी महाराज का स्मरण किया। सीएम ने मेरी बिटिया व अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ पुस्तक का विमोचन भी किया।  यूपी का सौभाग्य, यहां अनेक जैन तीर्थंकरों का हुआ जन्म  मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का सौभाग्य है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव व चार जैन तीर्थंकर पैदा हुए। दुनिया ने काशी में चार जैन तीर्थंकरों को अवतरित होते हुए देखा है। श्रावस्ती में जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नाम (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ाया है।  24 जैन तीर्थंकरों ने विश्व मानवता को दी करुणा, मैत्री व अहिंसा की प्रेरणा  सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा और विश्व मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा व ‘जियो-जीने दो’ की प्रेरणा दी। उन्होंने सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव-जंतु के लिए नई प्रेरणा प्रदान की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। मानव सभ्यता को विकास की नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उन्हें भारत के अध्यात्म की शरण में जाना होगा। अध्यात्म के साथ ही भौतिक विकास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य, साफ-सुथरा वातावरण चाहिए, जिसे भारत ने पहले भी दुनिया को दिया है और भारत, ऋषि-मुनियों, परंपरा व भारतीय संस्कृति का संदेश आज भी विश्व मानवता के लिए यही है।  ऋषि-मुनियों के संदेश को आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है  सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि परंपरा ने जो संदेश दिया है, हम उसे आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। सीएम योगी ने कहा कि गत वर्ष अप्रैल में पीएम मोदी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैन कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और हम सभी को नौ संकल्प (पानी की बचत, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, नेचुरल फॉर्मिंग, हेल्दी लाइफ स्टाइल, योग व खेल को जीवन में लाना, गरीब कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना) प्रदान किया था। जैन मुनियों की परंपरा उसी को बढ़ाने का कार्य कर रही है।  सीएम ने जैन मुनियों की साधना, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का किया उल्लेख  सीएम योगी ने कहा कि आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिन की कठोर साधना, 496 दिन का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। यह चीजें दिखाती हैं कि यदि हम संकल्प ले लें तो जो कुछ हमें बाहर दिखाई दे रहा है, वह सब कुछ इस शरीर में अनुभव होते हुए भी दिखाई देगा। प्रसन्न सागर जी महाराज की साधना के माध्यम से यह देखने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।  समारोह में आचार्यश्री प्रसन्न सागर जी महाराज, पीयूष सागर जी महाराज, नवपद्म सागर जी महाराज, परिमल सागर जी महाराज, प्रदेश सरकार के मंत्री सुनील शर्मा, नरेंद्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, अजीत पाल, पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, तरुण सागरम् तीर्थ के अध्यक्ष सुनील जैन, संरक्षक रवि त्यागी आदि मौजूद रहे।

किसने दिया धोखा? RJD ने शुरू की पहचान, चुनावी भीतरघातियों पर गिरेगी गाज

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद राजद उन भितरघातियों की पहचान करने में जुट गया है जो दल और गठबंधन के उम्मीदवारों को हराने में महती भूमिका निभाई है। पार्टी ने बुधवार से प्रदेश राजद कार्यालय में प्रमंडलवार जीते विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों के साथ बैठक शुरू कर दी। इनकी रिपोर्ट के आधार पर भितरघातियों की सूची बनाई जाएगी। ऐसे नेताओं से पूछताछ की जाएगी। पार्टी नेताओं के अनुसार दो चरणों की समीक्षा के बाद वृहद स्तर पर भितरघातियों को दल से निकाला जा सकता है। पार्टी ने पहले दिन मगध प्रमंडल के हारे-जीते उम्मीदवारों को बुलाया था। सुबह 11 बजे से शुरू हुई बैठक दोपहर तीन बजे तक चली। प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दिकी, भोला यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बैठक हुई। पार्टी प्रत्याशियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की पूरी रिपोर्ट लिखित रूप से नेतृत्व को सौंपी। उम्मीदवारों ने उन नेताओं के नाम बताए हैं जो चुनाव के दौरान दल और गठबंधन के खिलाफ काम किया। वे अपने दल की जगह विरोधी दलों के लिए काम किया। चार दिसम्बर तक प्रमंडलवार बैठक के बाद दूसरे चरण में पांच से नौ दिसम्बर के बीच पार्टी के जिलाध्यक्षों, प्रधान महासचिव और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रत्याशियों की ओर से दिये गए नामों के बारे में पार्टी के पदधारकों से राय ली जाएगी। साथ ही जिनका नाम भीतरघात करने वालों की सूची में होगा, उनसे भी इस बाबत पूछा जाएगा। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे लोगों की पहचान कर दल से बाहर किया जाएगा। गुरुवार को सारण तो शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के प्रत्याशियों के साथ बैठक तय है। इन बैठकों में पार्टी नेताओं से भविष्य में अपनाई जाने वाली रणनीतियों, जनहित के मुद्दों को लेकर भी राय मांगी जा रही है।

ओपी चौधरी का बड़ा बयान: पिछली सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को खत्म कर दिया था, नीतिगत सुधारों से मिली नई गति

रायपुर आवास मेले की सफलता पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड में नीतिगत चीजों को ठीक किया गया है. पिछली सरकार 790 करोड़ का लोन चढ़ा कर गई थी. हाउसिंग बोर्ड को मृतप्राय स्थिति में छोड़ गई थी. पहले बिना डिमांड के कई जगह प्रोजेक्ट हो जाते थे. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने धमतरी में कांग्रेस नेताओं की मारपीट पर कहा कि सत्ता लोलुपता, रिश्वतखोरी, एक दूसरे को नीचा दिखाना, लड़ाई-झगड़ा करना यह कांग्रेस की संस्कृति रही है. कांग्रेस पार्टी आज डूबती नाव है. डूबती नाव में हड़कंप मचना स्वाभाविक है. देश की जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व को नकार दिया है.

नक्सलियों का IED ब्लास्ट: घायल महिला जवान को रायपुर एयरलिफ्ट किया जाएगा

सुकमा जिले के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के गोरगुंडा में नक्सलियों ने एक बार फिर आईईडी ब्लास्ट की घटना को अंजाम दिया है। बुधवार को एरिया डोमिनेशन पर निकली सुरक्षा बल की टीम को निशाना बनाते हुए नक्सलियों ने विस्फोट किया, जिसमें डीआरजी की एक महिला जवान घायल हुई हैं। घटना के बाद साथी जवानों ने घायल महिला कॉन्स्टेबल को मौके से निकालकर उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पहुंचाया। उन्हें आगे के बेहतर उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से रायपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गोरगुंडा का यह इलाका पहले भी नक्सलियों की आईईडी गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है। इसी क्षेत्र में इससे पहले भी आईईडी धमाके हो चुका है, जिसमें एक जवान घायल हुआ था। बार-बार की ऐसी घटनाएं साबित करती हैं कि नक्सली इस रूट पर लगातार आईईडी प्लांट कर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचते रहे हैं। फिलहाल आसपास के इलाके में सर्चिंग तेज कर दी गई है।

लग्ज़री नंबर का क्रेज़! HR88B8888 ने तोड़ा सभी रिकॉर्ड, 1.17 करोड़ में बिका

गुरुग्राम  हरियाणा के चरखी दादरी जिले के बधरा सबडिवीजन से VIP वाहन नंबर HR88B8888 देश की अब तक की सबसे महंगी बोली में 1.17 करोड़ रुपये में बिका है। यह बोली बुधवार शाम ऑनलाइन ऑक्शन में फाइनल हुई। हिसार निवासी सुधीर कुमार इस नंबर के सफल बोलीदाता बने। सायं 4:20 बजे तक बोली 1.03 करोड़ रुपये पर थी, जिसके बाद प्रतिस्पर्धा बढ़ी और अंतिम कीमत 1.17 करोड़ रुपये पर जाकर रुकी। कुल 45 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कैसे हुई नीलामी? यह नीलामी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट fancy.parivahan.gov.in पर हुई। बेस प्राइस: 50,000 सिक्योरिटी मनी: 10,000 रजिस्ट्रेशन फीस: 1,000 VIP फैंसी नंबरों की ऑनलाइन नीलामी हर सप्ताह होती है और बोली हर बुधवार शाम 5 बजे बंद होती है। क्यों है HR 88 B 8888 इतना खास? वाहन नंबरों में 8 को बेहद शुभ माना जाता है और इसकी मांग हमेशा सबसे अधिक रहती है। HR88B8888 में कुल 6 बार 8 आता है। बीच का 'B' भी आकार में 8 जैसा दिखता है। इस तरह पूरा नंबर एक पैटर्न जैसा दिखता है 88B888 जो खरीदारों को आकर्षित करता है। HR का अर्थ हरियाणा है, जबकि 88 बधरा सबडिवीजन के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) को दर्शाता है। ट्रांसपोर्ट विभाग ने क्या कहा? हरियाणा के परिवहन आयुक्त अतुल कुमार ने कहा कि पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड और ऑनलाइन है। उन्होंने कहा, “यदि यह नंबर 1 करोड़ रुपये से अधिक में बिका है तो यह बहुत बड़ी राशि है। फिलहाल कार्यालय में स्टाफ उपलब्ध नहीं है, इसलिए आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी ही अंतिम मानी जाती है।” पिछले हफ़्ते भी हरियाणा में रिकॉर्ड बोली इसी महीने हरियाणा में ही VIP नंबर HR 22 W 2222 कुल 37.91 लाख रुपये में बिका था, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा था।

ग्वालियर-चंबल में बढ़ी ठंड, मध्यप्रदेश के कई शहरों में पारा 10 डिग्री से कम

भोपाल  मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं ने फिलहाल अपना असर बनाए रखा है। ग्वालियर सहित प्रदेश के 7 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज हो रहा है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। वहीं रतलाम, नरसिंहपुर, सिवनी, बैतूल और नर्मदापुरम जैसे इलाकों में रात का तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच बना हुआ है। दिन के वक्त भी मौसम का दोहरा स्वरूप देखने को मिल रहा है। कुछ जिलों में हल्की धूप राहत दे रही है, जबकि कई जगह दिन भी ठंडे बने हुए हैं।  हालही में थोड़ी राहत के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा समय में चंबल संभाग सबसे ठंडा क्षेत्र बन गया है। वहीं, मौसम विभाग आगामी दिनों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताते हए अगले एक-दो दिन के भीतर प्रदेशभर में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरु होने का संभावना जता रहे हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, बुधवार रात को सबसे कम तापमान नौगांव में 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद रीवा में 8.9, ग्वालियर में 9.3, दतिया में 9.6, खजुराहो में 9.8 और सीधी में ठीक 10 डिग्री तापमान रहा। यानी प्रदेश के कुल 7 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया। चंबल संभाग (ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुरकला) में सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है। वहीं, रतलाम, नरसिंहपुर, सिवनी, बैतूल और नर्मदापुरम में न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच रहा। अगले दो दिनों तक तापमान में  जारी रहेंगा उतार-चढ़ाव  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा के रुख में बदलाव और हल्के बादलों की मौजूदगी से ऐसी स्थिति बनी है। अगले दो दिनों तक तापमान में यही उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसके बाद प्रदेश में फिर से कड़ाके की सर्दी दस्तक देगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, देश के दक्षिणी हिस्से में सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के कारण मध्यप्रदेश में जगह-जगह बादल घिर रहे हैं। इससे दिन में ठंडक बढ़ी है और रात के पारे में भी अनियमित गिरावट- बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस वजह से तेज ठंड नहीं मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी जरूर हो रही है, लेकिन विंड पैटर्न यानी, हवा की दिशा बदलने की वजह से उत्तरी हवाएं प्रदेश में नहीं आ रही है। दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। जिसकी वजह से प्रदेश में हल्के बादल है। इससे दिन में ठंडक बढ़ गई है, जबकि रात के तापमान में 5 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंगलवार-बुधवार की बात करें तो भोपाल में 15.4 डिग्री, इंदौर में 15.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.3 डिग्री, उज्जैन में 16.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में सबसे कम 7.8 डिग्री, मुरैना में 8.8 डिग्री, रीवा में 8.9 डिग्री, दतिया-चित्रकूट में 9.6 डिग्री, खजुराहो में 9.8 डिग्री और सीधी में तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। इस बार नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड मौसम विभाग की माने तो इस साल मध्यप्रदेश में नवंबर में ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे ज्यादा ठंड रही तो इंदौर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। लगातार 15 दिन तक प्रदेश में शीतलहर भी चली, लेकिन नवंबर के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है। पहाड़ों में बर्फबारी जल्दी, इसलिए शीतलहर चली बता दें कि प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया था। आम तौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से तेज ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इस वजह से बर्फीली हवाओं से एमपी भी कांप उठा। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, यहां रात का पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। क्यों नहीं बढ़ रही कड़ाके की ठंड? मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी जारी है, लेकिन हवा की दिशा बार-बार बदलने से ठंडी उत्तरी हवाएं एमपी तक नहीं पहुंच रहीं। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो प्रेशर सिस्टम हल्के बादलों को प्रदेश तक ला रहा है, जिसके कारण दिन में ठंड बढ़ने के साथ रात के तापमान में 5–6 डिग्री की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। इन शहरों का तापमान बीते 24 घंटों में भोपाल 15.4 डिग्री, इंदौर 15.1 डिग्री, ग्वालियर 9.3 डिग्री, उज्जैन 16.5 डिग्री और जबलपुर 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। छतरपुर के नौगांव में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री, मुरैना में 8.8 डिग्री, रीवा 8.9 डिग्री, दतिया-चित्रकूट 9.6 डिग्री, खजुराहो 9.8 डिग्री और सीधी 10 डिग्री रहा। नवंबर में ठंड ने तोड़े रिकॉर्ड इस साल नवंबर महीने में ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे सर्द नवंबर दर्ज हुआ, वहीं इंदौर में 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा। प्रदेश भर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चलती रही, हालांकि नवंबर के अंतिम सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है। समय से पहले पहाड़ों में बर्फबारी का असर एमपी में 6 नवंबर से ही तेज ठंड का दौर शुरू हो गया था, जबकि आमतौर पर नवंबर के दूसरे हिस्से में सर्दी बढ़ती है। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से पहले हुई बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं जल्दी ही मैदानी इलाकों में पहुंच गईं और प्रदेश कांप उठा।भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चलना 1931 के बाद सबसे लंबा क्रम रहा। रात का पारा यहां 5.2 डिग्री तक लुढ़क गया, जो अब तक का कुल रिकॉर्ड है।  सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा छा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग … Read more

ब्राह्मण समुदाय ने अफसर के खिलाफ FIR की मांग की, IAS संतोष वर्मा पर विवाद थमता नहीं

ग्वालियर ब्राह्मण समुदाय ने IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ उनके एक विवादित बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनों के बीच राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने IAS वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें पूछा गया कि उनके बयानों के लिए उनके खिलाफअनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए, जो 'सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और समाज में नफरत फैलाने' के बराबर हैं. सरकार ने वर्मा को सात दिनों के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया है. जवाब न देने पर जरूरी डिपार्टमेंटल एक्शन लिया जाएगा. इससे पहले दिन में, नर्मदापुरम, ग्वालियर, बुरहानपुर, इटारसी, पिपरिया, रायसेन और दूसरी जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए और उनके पुतले जलाए गए. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें नौकरी से निकालने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की. IAS वर्मा मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के नए अध्यक्ष बने हैं.  23 नवंबर को भोपाल में एक पब्लिक मीटिंग में वर्मा ने कहा, "जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान नहीं कर देता, या (उसका) उससे रिश्ता नहीं हो जाता, तब तक रिजर्वेशन जारी रहना चाहिए."  ग्वालियर में सीनियर वकील अनिल मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकील और ब्राह्मण समुदाय के सदस्य पुलिस सुपरिटेंडेंट के ऑफिस पहुंचे और वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की. SP धर्मवीर सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की जांच की जाएगी और सही कार्रवाई की जाएगी. मिश्रा ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन के अंदर FIR दर्ज नहीं की गई तो वे बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे. मंगलवार को राजगढ़ जिले में IAS अधिकारी का पुतला जलाया गया. ऑल इंडिया ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने भी MP नगर पुलिस स्टेशन के सामने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

जनसंपर्क विभाग कर्मचारी पेन डाउन हड़ताल पर, काम प्रभावित

मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग में पेन डाउन हड़ताल बाहरी हस्तक्षेप’ के विरोध में अधिकारियों-कर्मचारियों का सामूहिक आक्रोश भोपाल  मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग में राज्य प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के एक अधिकारी की पदस्थापना को लेकर उपजे असंतोष ने सोमवार को राज्यभर में व्यापक रूप ले लिया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस आदेश को “विभाग की गरिमा और पेशेवर संरचना के विरुद्ध” बताते हुए आज सुबह 11 बजे से अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल की शुरुआत कर दी। आयुक्त से भेंट के बाद उभरा निर्णय सोमवार सुबह आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना से प्रतिनिधिमंडल की भेंट के बाद, विभागीय कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जब तक आरएएस अधिकारी श्री गणेश जायसवाल की जनसंपर्क विभाग में पदस्थापना संबंधी आदेश निरस्त नहीं किया जाता, तब तक सभी अधिकारी-कर्मचारी कलम बंद रखेंगे और नियमित कार्य बाधित रहेंगे। विभागीय ढाँचे में ‘बाहरी हस्तक्षेप’ का विरोध जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह विभाग अपनी विशिष्ट कार्यप्रणाली, लेखन-कौशल, मीडिया प्रबंधन, संचार रणनीति और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर आधारित है, जिसे वर्षों से प्रशिक्षित जनसंपर्क कैडर के अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपनी मेहनत से आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार— “यह राजस्व अथवा प्रशासनिक प्रवृत्ति वाला विभाग नहीं, बल्कि राज्य सरकार और जनता के बीच संचार सेतु का संवेदनशील और रचनात्मक मंच है। इसमें बाहरी सेवाओं के हस्तक्षेप से कार्य-प्रवाह प्रभावित होता है और विभाग की विशेषज्ञता कमजोर पड़ती है।” रात–दिन सरकारी संदेशों का संप्रेषण करने वाले विभाग का आक्रोश जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस बात से भी क्षुब्ध हैं कि वे दिन-रात सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और जनहितकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं, परंतु विभाग में अनायास एवं अप्रासंगिक पदस्थापना से उनकी विशेषज्ञता और स्वायत्तता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो जाता है। मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा अधिकारियों ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, जो स्वयं जनसंपर्क विभाग के मंत्री भी हैं, को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आदेश को वापस लेना चाहिए।उनका मत है कि विभाग की संवैधानिक और प्रशासनिक गरिमा बनाए रखने के लिए श्री गणेश जायसवाल की नियुक्ति संबंधी आदेश रद्द करना अत्यावश्यक है। प्रदेशभर में कार्य ठप होने की संभावना हड़ताल के चलते समाचार-संकलन, प्रेस नोट, कार्यक्रम कवरेज, सरकारी विज्ञापन, योजनाओं के प्रचार-प्रसार और मीडिया संवाद जैसी गतिविधियाँ प्रभावित हो गई हैं। यदि यह स्थिति लंबी चली तो प्रदेश सरकार के जनसंपर्क संबंधी कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता है।

डॉक्टरों की पेन-डाउन स्ट्राइक: हरियाणा में OPD सेवाएं दो घंटे बाधित

करनाल  हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) के बैनर तले राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने गुरुवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर सुबह 9 बजे से 11 बजे तक पेन-डाउन हड़ताल की। इस दौरान OPD सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं, हालांकि आपातकाल, लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर प्रभावित नहीं हुए। यह हड़ताल मूल रूप से मंगलवार को तय थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुरुक्षेत्र दौरे के चलते इसे टाल दिया गया था। एसोसिएशन की मांग है कि SMO की सीधी भर्ती रोकी जाए, ACP संरचना लागू की जाए। एसोसिएशन का प्रमुख आग्रह है कि सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) के पदों पर सीधी भर्ती तुरंत रोकी जाए। संशोधित एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) संरचना, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन वित्त विभाग में लंबित है, उसको जल्द जारी किया जाए। HCMSA के राज्य कोषाध्यक्ष डॉ. दीपक गोयल ने बताया, “आपातकाल, लेबर रूम और ऑपरेशन को छोड़कर सभी OPD सेवाएं दो घंटे के लिए बंद रहीं।” मरीजों को हुई भारी परेशानी हड़ताल के कारण जिला भर में सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आए मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उचाना के रघबीर सिंह ने कहा, “हमें बहुत परेशानी हुई। हमें हड़ताल की कोई जानकारी नहीं थी।” झिंझारी के ओमप्रकाश ने बताया, “हम सुबह से लाइन में खड़े हैं। अगर पता होता तो आते ही नहीं। डॉक्टरों को हड़ताल नहीं करनी चाहिए।” डॉ. गोयल ने कहा कि सरकार द्वारा SMO की सीधी भर्ती का प्रस्ताव बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, “3 जून 2021 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आदेश दिया था कि SMO की सीधी भर्ती नहीं होगी और मौजूदा डॉक्टरों को प्रमोशन के आधार पर ही पदोन्नत किया जाएगा। अब सरकार फिर से सीधी भर्ती की योजना बना रही है, जिसका हम कड़ा विरोध करते हैं।”   ACP लागू होने पर वेतनमान बढ़ेगा एसोसिएशन ने ACP संरचना लागू न होने पर भी नाराजगी जताई, जिसके लागू होने पर डॉक्टरों का वेतनमान 8,700 से बढ़कर 9,500 हो जाएगा, जिससे उन्हें मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों के बराबर पे-स्केल मिलेगा।

विधानसभा सत्र के दौरान भोपाल में धारा 163 का आदेश, सुरक्षा के मद्देनजर रैलियां बैन

 भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के 7वें सत्र 1 से 5 दिसंबर को देखते हुए पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत राजधानी भोपाल में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा संभावित विरोध-प्रदर्शन और रैलियों की आशंका को देखते हुए लगाए गए हैं। किन क्षेत्रों में लागू रहेगा आदेश शहर के लिली टॉकीज इलाके से लेकर 7वीं बटालियन, एमवीएम कॉलेज क्षेत्र, एयरटेल तिराहा से रोशनपुरा, बांगंगा क्रॉसिंग से राजभवन, जिन्सी स्क्वायर से ओल्ड जेल रोड, मैदा मिल से बोर्ड ऑफिस चौराहा, झर्नेश्वर मंदिर से रोशनपुरा, पॉलीटेक्निक रोड से मुख्यमंत्री निवास सहित नया विधानसभा, राजभवन, सीएम हाउस, 74 बंगले, प्रेस कॉम्प्लेक्स, सतपुरा, विन्ध्याचल और वल्लभ भवन का पूरा क्षेत्र शामिल है। -विधानसभा से 5 किमी के दायरे में भारी वाहनों जैसे ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर, और धीमी गति वाले वाहन जैसे बैलगाड़ी, टांगा का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। -ऐसे किसी भी कार्य या गतिविधि पर रोक रहेगी, जिससे सरकारी दफ्तर, दुकानें, उद्योग, होटल या सार्वजनिक सेवाएं बाधित हों। -ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को छूट रहेगी। क्या रहेगा प्रतिबंधित? -प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों का एक साथ जमा होना पूरी तरह निषिद्ध रहेगा। -ऐसी कोई भी भीड़ अवैध जमावड़ा मानी जाएगी। -किसी भी प्रकार की रैली, प्रदर्शन, धरना, सार्वजनिक सभा, पुतला दहन आदि की अनुमति नहीं होगी। -लाठी, डंडे, चाकू, पत्थर, हथियार लेकर चलना सख्त मना है। किसे मिलेगी छूट? -शादी के जुलूस और अंतिम संस्कार पर इन प्रतिबंधों का प्रभाव नहीं पड़ेगा। उल्लंघन पर कार्रवाई -आदेश का उल्लंघन करने पर बीएनएस की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। -ये प्रतिबंध 1 से 5 दिसंबर 2025 के बीच पूरे समय लागू रहेगा।