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मशहूर ‘नीले ड्रम वाली मुस्कान’ अस्पताल में एडमिट, खुशखबरी नजदीक—डॉक्टर्स ने दिया बड़ा अपडेट

मेरठ अपने पति की हत्या को लेकर सुर्खियों में रहने वाली मुस्कान एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, प्रेग्नेंट मुस्कान अब मां बनने वाला है। मेरठ जिला जेल प्रशासन के मुताबिक हत्या की आरोपी सोमवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति अभी स्थिर है, लेकिन किसी भी समय डिलीवरी हो सकती है। अस्पताल प्रशासन उसे लगातार मॉनिटर कर रहा है और उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जेल प्रशासन ने डिलीवरी को लेकर दी ये जानकारी इस मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान की डिलीवरी जेल प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि उसे प्रसव पीड़ा के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे है। डॉक्टरों के मुताबिक उसे किसी भी वक्त बेबी हो सकता है। मेरठ जेली में बंद है मुस्कान बता दें कि सौरभ की हत्या के आरोप में मुस्कान पिछले 8 महीने से जेल में बंद है। इस दौरान वह 8 महीने की गर्भवती हो चुकी है। जेल प्रशासन SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के तहत उसकी पूरी देखभाल कर रहा है। पिछली जांच रिपोर्ट में मुस्कान का वजन जेल में रहते हुए 22 किलो बढ़ गया है। उसकी सेहत को देखते हुए हर हफ्ते अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है। उसे दूध, अंडा, फल और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। बच्चे के डीएनए टेस्ट पर उठ रहे सवाल बच्चे के डीएनए टेस्ट को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन जेल अधीक्षक का कहना है कि इस पर फैसला न्यायालय करेगा। वहीं, जेल में होने वाली आरती और सुंदरकांड पाठ में मुस्कान नियमित रूप से शामिल होती है। गर्भवती महिलाओं से जेल में कोई काम नहीं कराया जाता। जेल मैनुअल के मुताबिक, मां 6 साल की उम्र तक बच्चे को अपने साथ जेल में रख सकती है। इस दौरान बच्चे की निशुल्क शिक्षा और खानपान की व्यवस्था भी होती है।

सुबह-शाम कोहरे की चादर, मुरादाबाद में तापमान गिरकर 10 डिग्री

मुरादाबाद दो दिन से सुबह और शाम को घना कोहरा छाने लगा है। इससे ठंड अचानक बढ़ गई है। रविवार को शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में व कोहरे की चेतावनी जारी की है।रविवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के करीब पहुंच गया। सुबह के समय 500 मीटर तक ही विजिबिलिटी रही। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक सुबह कोहरा या धुंध बनी रहेगी। तापमान 10–11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम आर्द्रता 80 और न्यूनतम 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। उधर, देर से धूप निकलने और रात में ओस गिरने से सर्दी बढ़ गई है। कोहरे के चलते लोगों ने सुबह के सैर का समय बदल दिया है। कई जगहों पर लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। हाईवे पर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। कुछ फीट दूर से ही वाहन नजर नहीं आ रहे थे। इससे वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों गेहूं की बोआई जोरों पर है। मौजूदा मौसम किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ठंड और कोहरे का यह दौर फसलों के लिए लाभकारी है। सभी प्रकार की रबी फसलों की बढ़वार पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। एक्यूआई पुअर श्रेणी में दर्ज मुरादाबाद में ठंड बढ़ने के साथ वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 100 से 250 के बीच दर्ज किया गया। बुद्धि विहार में एक्यूआई 140 रहा। यह मॉडरेट श्रेणी है। ईको हर्बल पार्क में एक्यूआई 258 रहने के साथ पुअर श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके अलावा रोजगार कार्यालय क्षेत्र में एक्यूआई 183 दर्ज किया। सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतें गिरते तापमान के बीच जिला अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. आशीष  ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मौसम का यह बदलाव स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए एहतियात बेहद जरूरी है।     ठंड में सिर और कान ढककर निकलें     अस्थमा व सांस के मरीज मास्क पहनकर बाहर निकलें     सुबह की सैर फिलहाल टालना बेहतर  

रायसेन में मासूम से अत्याचार पर जनआक्रोश, गिरफ्तारी न होने से मंडीदीप-जाम और बाड़ी बंद; शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा बयान दिया

रायसेन  रायसेन जिले में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। आरोपी ने चॉकलेट का बहाना बनाकर बच्ची को जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद गंभीर हालत में नाबालिग को एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर चक्काजाम किया और गौहरगंज का बाजार शनिवार को पूरे दिन बंद रहा। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह पीड़िता और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपराधी को कड़ी सजा दिलाने में कोई कोताही नहीं होगी। दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी न होने से आक्रोश बढ़ा, मंडीदीप में जाम, बाड़ी शहर बंद मासूम से दुष्कर्म मामले में आरोपित अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, हिन्दू संगठनों सहित जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आक्रोशित भीड़ ने मंडीदीप में जाम लगा दिया है। यहां पूर्व मंत्री क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र पटवा भी पहुंचे हैं और धरने पर साथ में बैठे हैं। पूर्व सांसद बुदनी विधायक रमाकांत भार्गव भी जाम में फंस गए हैं। आरोपी फरार, जिले कई जगह बंद आरोपित सलमान की गिरफ्तार करने की मांग जिले भर में उठी। रायसेन जिला मुख्यालय, बाड़ी बंद, ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप बंद। रायसेन शहर में भोपाल सागर तिराहे पर हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। शहर में दुकानें पूरी तरह से बंद हैं। कल उदयपुरा बंद की घोषणा की गई है। पुलिस आरोपित सलमान को लगातार तलाश रही है लेकिन अभी तक कोई बड़ा सुराग हाथ नहीं लगा है। जिले में विभिन्न जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: मेरे संसदीय क्षेत्र में मासूम बेटी के साथ हुई दुष्कर्म की घटना से मन व्यथित और अत्यंत आक्रोशित है। इस मामले में आज मैंने केंद्रीय चिकित्सालय,भोपाल पहुंचकर पीड़िता के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिवारजनों को दिलासा दी कि हम मजबूती से साथ खड़े हैं और न्याय जरूर दिलाएंगे। बेटी के उपचार में कोई कमी न रहे और समुचित इलाज की व्यवस्था हो, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है। साथ ही प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि जो आरोपी है, उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। मैंने यह भी निर्देश दिया है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाया जाए। जिससे पीड़िता के साथ जल्द से जल्द न्याय हो सके। जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगा।

TMC के हुमायूं कबीर के मस्जिद निर्माण ऐलान पर उमा भारती ने जताई कड़ी प्रतिक्रिया

भोपाल  विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक साम्प्रदायिक मोड आ गया है. बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण की आधारशिला रखने का ऐलान किया है. 6 दिसंबर वही तारीख है जब 33 साल पहले अयोध्या में बाबरी मस्जिद तोड़ दी गई थी.  टीएमसी विधायक के इस बयान पर बीजेपी नेता और राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं प्रखर हिंदूवादी नेत्री उमा भारती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि इबादत के नाम पर बनी मस्जिद का हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था, ईंटे भी गायब हो गई थीं.  हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के विधायक और पूर्व मंत्री हैं.  हुमायूं कबीर ने 2021 में भरतपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी. इस बार 2026 में विधानसभा चुनाव होने को हैं. 2021 में हुमायूं कबीर को 96 हजार 226 वोट मिले थे. उन्होंने बीजेपी के ईमान कल्याण मुखर्जी को 43 हजार 83 वोटों के मार्जिन से हराया था. 2016 में हुमायूं कबीर भरतपुर सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और उन्हें मात्र 1497 वोट मिले थे.  लेकिन जब वे टीएमसी में आए तो उनकी किस्मत बदल गई. हुमायूं कबीर ने कहा कि वह  6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे. इस दौरान मुस्लिम समाज के कई नेता शिरकत करेंगे. उन्होंने कहा कि यह निर्माण तीन साल में पूरा हो जाएगा. हुमायूं कबीर ने कहा कि इस कार्यक्रम में कई मुस्लिम मौलानाओं को न्योता दिया जाएगा.  हुमायूं कबीर बेलडांगा क्षेत्र में काफी असर रखते हैं और मुस्लिम समुदाय के बीच लोकप्रिय हैं. कबीर पहले भी विवादित बयान और राजनीतिक गतिविधियों के लिए चर्चा में रहे हैं. माना जाता है कि वे पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट चल रहे हैं, पर ममता बनर्जी की आलोचना से बचते रहे हैं. राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं उमा भारती ने इस बयान पर काफी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "खुदा, इबादत, इस्लाम के नाम पर मस्जिद बने हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था, ईंटे भी गायब हो गई थीं." पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सलाह देते हुए उमा भारती ने कहा कि, "मेरी मित्र ममता बनर्जी जी को सलाह है कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात कहने वालों पर कार्रवाई करिए, बंगाल एवं देश की अस्मिता एवं सद्भाव के लिए आपकी भी जिम्मेवारी है."  6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी राम मंदिर आंदोलन के दौरान आज से 33 साल पहले 6 दिसंबर 1992 को लाखों कारसेवकों ने अयोध्या में स्थित बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया था. हिंदू संगठनों का दावा था कि यह मस्जिद भगवान राम के जन्मस्थान पर मुगल शासक बाबर द्वारा बनवाई गई थी. मुस्लिम संगठन इसे अपनी मस्जिद बताते थे. इस विध्वसं के बाद देश भर में कई जगहों पर साम्प्रदायिक दंगे हुए थे.  इस मामले में 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल की जमीन हिन्दू पक्ष को दी और मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक 5 एकड़ जमीन देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था.  बाबरी मस्जिद ही क्यों? TMC MLA हुमायूं कबीर के बयान पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा  है कि, 'मस्जिद बनाना ठीक है, लेकिन खास तौर पर 'बाबरी मस्जिद' ही क्यों? जो विवाद पहले ही सुलझ चुका है, उसे राजनीतिक फायदे के लिए फिर से खोला जा रहा है. हमारा रिश्ता बाबर से नहीं, बल्कि शिवाजी महाराज से है." टीएमसी विधायक के इस बयान पर बीजेपी नेता और बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेन्दु अधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है, "वह यह सब सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए कर रहे हैं. चुनाव पास आ रहे हैं. बेचारे मुसलमान TMC को छोड़ रहे हैं. जैसे 2021 में उन्होंने CAA को NRC कहकर सभी मुसलमानों को एक किया था, इस बार वे बाबरी मस्जिद के निर्माण पर चर्चा करके ऐसा कर रहे हैं."   हुमायूं कबीर के इस बयान पर टीएमसी की अबतक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं है.   

लॉटरी का चस्का: पंजाब में 1200 करोड़ का कारोबार, तीन राज्यों के टिकटों की हुई जबरदस्त बिक्री

जालंधर पंजाब में लॉटरी का कारोबार बढ़ता जा रहा है और यह 1200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पंजाब के प्रमुख छह जिले लॉटरी के हब हैं लेकिन प्रदेश का कोई भी जिला इससे अछूता नहीं है क्योंकि हर जगह ही यह कारोबार फैला हुआ है। पंजाब सरकार की भी लॉटरी से 250 करोड़ रुपये के राजस्व पर नजर है और इसमें हर साल बढ़ोतरी हो रही है। करोड़पति बनने की चाह जहां कई लोगों की किस्मत बदल रही है वहीं इसकी लत लोगों को बर्बाद भी कर रही है। पंजाब में नगालैंड, सिक्किम व केरल के टिकटों की भी बिक्री हो रही है। प्रदेश के प्रमुख रूप से छह जिले लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, बठिंडा, पटियाला और जीरकपुर इसके हब हैं लेकिन बाकी के जिलों में भी लॉटरी के कारोबार ने अपने पैर जमा रखे हैं। पंजाब सरकार त्योहारों के मौके पर बंपर लॉटरी निकलती है जिसमें 11 करोड़, ढाई करोड़, डेढ़ करोड़ और एक करोड़ और इसके नीचे के इनाम निकाले जाते हैं। पंजाब राज्य लॉटरी निदेशालय इसका पूरा कामकाज देखती है लेकिन रोज लगने वाली पर्ची की लॉटरी का भी क्रेज बढ़ गया है। रोज लोग लाइनों में लगकर लॉटरी की पर्ची खरीदते हैं और शाम तक लॉटरी के नतीजे आने का इंतजार करते हैं। लॉटरी की यह लत अधिक खतरनाक है जो कई बार लोगों को बर्बादी पर राह पर भी धकेल रही है। इसके अलावा ऑनलाइन लॉटरी की बिक्री के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं जो लोगों के साथ ठगी का साधन भी बनता जा रहा है। इसे लेकर अधिकतर लोग धोखाधड़ी का शिकार भी हो चुके हैं। सरकार कई बार लोगों को इसे लेकर सतर्क कर चुकी है कि वे इसके झांसे में न आएं क्योंकि सरकार ऑनलाइन ऐसी लॉटरी की टिकटों की बिक्री नहीं करती है और यह पूरी तरह से फर्जी है। सरकार का राजस्व भी लॉटरी से बढ़ रहा है।  वर्ष 2024-25 में लॉटरी से सरकार को 235 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था और वर्ष 2025-26 में 250 करोड़ राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। लॉटरी से कमाई में केरल टॉप पर है। पिछली वित्तीय वर्ष में केरल ने लॉटरी से 13,500 करोड़ रुपये की कमाई की थी। लुधियाना के एक लॉटरी विक्रेता ने बताया कि प्रदेश में रोजाना औसत 3 से 4 करोड़ रुपये से अधिक की लॉटरी की टिकटें बिकती है लेकिन यह बिक्री एक सी नहीं रहती है। कभी इसमें बढ़ोतरी होती है और कभी कमी भी आती है। लोहड़ी बंपर पर मिलेंगे 23.47 करोड़ रुपये के इनाम पंजाब सरकार ने अब लोहड़ी बंपर की शुरुआत कर दी है जिसमें लॉटरी के कुल विजेताओं को 23.47 करोड़ रुपये का इनाम दिए जाएंगे। 17 जनवरी 2026 को यह ड्रॉ निकाला जाएगा। हाल ही में दिवाली बंपर में एक सब्जी बेचने वाले की 11 करोड़ रुपये की लॉटरी निकली थी। राजस्थान के अमित सेहरा बठिंडा घूमने आए थे और तभी उन्होंने लाॅटरी का टिकट खरीदा था। पंजाब सरकार की बैसाखी, राखी, दिवाली जैसे मौकों पर निकाली जा रही बंपर लाॅटरी की टिकटें 100 से 500 रुपये तक में मिलती हैं। ऑनलाइन लॉटरी में झांसे में न आने की दी सलाह   पंजाब राज्य लॉटरी निदेशालय के निदेशक शौकत अहमद पार्रे ने ऑनलाइन लॉटरी के झांसे में न आने की लोगों को सलाह दी है। इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है जिसमें बताया गया है कि पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी स्कीम की बिक्री बैन है। पंजाब राज्य लॉटरी इसी तरह की कोई स्कीम नहीं निकालती है। निदेशालय के नाम पर मैसेज और ईमेल भेजकर लोगों को लॉटरी निकलने की बात कही जाती है और टैक्स की राशि जमा करवाने की बात कहकर ठगी का शिकार बनाने का प्रयास किया जाता है। किसी भी तरह की ऑनलाइन टिकट की खरीदारी न करें। लॉटरी के नतीजे निदेशालय की वेबसाइट पर जाकर ही ड्रॉ में चैक करें। रोजाना तीन से चार वक्त ड्रा निकाले जा रहे सरकारी लॉटरी के साथ गैर कानूनी लॉटरी का ट्रेंड बढ़ रहा है जिससे सरकार को जीएसटी के राजस्व से भी हाथ धोना पड़ रहा है। अनुमान के अनुसार गैर कानूनी लॉटरी का कुल कारोबार पचास फीसदी तक है और श्रमिक कालोनियों में लाॅटरी के टिकट बेच कर खूब कमाई की जा रही है।  प्रदेश में पंजाब सरकार के अलावा गोवा, नगालैंड, सिक्कम, मिजोरम आदि राज्य सरकारों की बंपर, मासिक, साप्ताहिक एवं डेली लॉटरी चल रही हैं। डेली लॉटरी में रोजाना तीन से चार वक्त ड्राॅ निकाले जा रहे हैं। इनमें टिकट की कीमत सात, दस रुपये होती है और यह कम से कम पांच टिकटों का सेट ही मिलता है। लाॅटरी का चस्का भी शराब, सिगरेट एवं नशे जैसा ही है। अगर किसी तो लग जाता है तो यह जल्दी से छूटता नहीं। ज्यादातर रोज कमाने वाले लोग ही रोजाना लॉटरी खेलते हैं। ऐसे ही एक शख्स ने बताया कि वह अपनी रोजाना की कमाई का पांच से दस फीसदी हिस्सा लॉटरी में लगा देता है और कभी छोटे-छोटे इनाम भी निकल आते हैं। मसलन यदि सात रुपये के पांच टिकट लिए और उनका लॉटरी में नंबर आ गया तो छह सौ रुपये बन जाते हैं। उनका कहना है कि अब यह एक चस्का सा लग गया है और छूट नहीं पा रहा। सैंकड़ों परिवारों को आर्थिक बर्बादी की तरफ धकेल लाॅटरी का गोरखधंधा पंजाब में त्योहारों पर निकलने वाले सरकारी बंपर हों या गली-मोहल्लों में चलने वाला डेली लॉटरी का खेल, अमृतसर में इन दिनों लॉटरी का कारोबार काफी जोरों पर चल रहा है। साथ ही अवैध लॉटरी का गोरखधंधा सैकड़ों परिवारों को आर्थिक बर्बादी की तरफ भी धकेल रहा है। पंजाब में सरकारी बंपर लॉटरी टिकट जैसे लोहरी, दिवाली बंपर बहुत लोकप्रिय हैं। लोग त्योहारी जोश में बड़ी-इनामी टिकटों के लिए एक रात में किस्मत बदल जाने की उम्मीद में कतारों में खड़े होते हैं। ऐसे ड्रॉ बड़े इनाम रखते हैं इसलिए टिकट की बिक्री जोरों से होती है। एक तरफ राज्य सरकार लॉटरी टिकट बेचकर राजस्व जुटाती है वहीं दूसरी तरफ गैर-कानूनी ढंग से चल रहा लाॅटरी का गोरखधंधा लोगों को बर्बाद भी कर रहा है। इस पर एक गंभीर विश्लेषण की जरूरत है कि पल भर में करोड़पति बनने का … Read more

शिक्षा निदेशालय ने मिड-डे मील व्यवस्था बदली, पंचकूला से होगी आपूर्ति

हिसार   शिक्षा निदेशालय ने मिड डे मील के तहत बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश के स्कूलों में पहली से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील के तहत मिलने वाली खाद्य सामग्री पंचकूला से आएगी यानी शिक्षा निदेशालय का पंचकूला स्थित हरियाणा एग्री इंडस्ट्रीज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच 6 अगस्त 2026 तक अनुबंध हो चुका है। बता दें पहले मिड डे मील के तहत खाद्य सामग्री हरित स्टोर से भेजी जाती थी। लेकिन गुणवत्ता को लेकर कई तरह की शिकायतें निदेशालय पहुंची तो उन्होंने पत्र जारी कर इस बार खाद्य सामग्री के लिए पंचकूला स्थित हरियाणा एग्री इंडस्ट्रीज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड को भेजने के आदेश दिए हैं। अब विद्यार्थियों को मिड डे मील के तहत खाद्य सामग्री के 25 आइटम उपरोक्त लिमिटेड की तरफ से भेजे जाएंगे।

सोनपुर मेले में एक करोड़ के भैसे ‘प्रधान बाबू’ की चर्चा

सारण हरिहर क्षेत्र सोनपुर का यह ऐतिहासिक पशु मेला कभी पूरी दुनियां में पशुओं की खरीद- बिक्री का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करता था। यहां घोड़े, ऊंट, हाथी, बैल, गाय और भैंसों की भारी तादाद में बिक्री होती थी। लेकिन समय के साथ नियमों, आधुनिकता और बदलते व्यापारिक तरीकों के कारण मेला अब अपनी पुरानी पहचान खोता नजर आ रहा है। अब मेला अधिकतर मनोरंजन, व्यापारिक स्टॉल, झूले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यटन आकर्षण का केंद्र बन कर रह गया है। पशुओं की बिक्री नाम मात्र को रह गई है। फिर भी "प्रधान बाबू" जैसे आकर्षक पशु मेला की पुरानी विरासत की याद दिलाते हैं और इस उम्मीद को जिंदा रखते हैं कि एक दिन सोनपुर मेला फिर अपने पुराने गौरव को वापस हासिल करेगा। मालिक ने भैसे की कीमत एक बड़े बैनर पर लिखकर स्टॉल के पास लगा दिया है, जिसे देखने और फोटो खींचने के लिए लोगों की कतार लगी रहती है। एशिया प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला- 2025 इस बार एक अनोखे आकर्षण को लेकर सुर्खियों में है। रोहतास जिले से लाया गया लगभग एक करोड़ रुपए कीमत वाला भैसा उर्फ़ "प्रधान बाबू" मेला घूमने वालों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया साइट्स पर भी इस भैसे की तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रही है, जिससे इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। तो हर कोई एक सेल्फी लेना भी नहीं भूलता है। भैंसा के मालिक बीरबल कुमार सिंह ने बताया कि यह भैंसा जाफराबादी नस्ल का है, केवल 38 महीने के इस भैसे की लंबाई लगभग 8 फीट और ऊंचाई करीब 5 फीट है। पूरा शरीर चमकदार काले रंग का होने के कारण यह दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। मालिक ने यह भी बताया कि इसे तैयार करने में काफी मेहनत और खर्च हुआ है। प्रतिदिन इसके चारे पर लगभग 2 हजार रुपये खर्च होते हैं। फिलहाल भैसे को खरीदने के लिए कोई खरीदार प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंचा है, लेकिन कई लोग फोन पर संपर्क कर कीमत की चर्चा कर रहे हैं।

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का ऐलान: हरियाणा में कीटनाशक डीलरों के लिए जरूरी निर्देश

चंडीगढ़   कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने सभी सरकारी अधिकारियों और निजी उर्वरक कीटनाशक डीलरों को सख्त निर्देश जारी करते कहा कि किसानों को डी.ए.पी. या यूरिया के साथ अतिरिक्त खाद, जिंक, कीटनाशक या किसी अन्य कृषि सामग्री को जबरन खरीदने के लिए बाध्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी किसी भी जबरदस्ती पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राणा ने कहा कि किसानों को अवांछित उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उर्वरक वितरण संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। कोई भी अधिकारी या डीलर इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कृषि मंत्री ने सभी जिलों कृषि उपनिदेशकों को ऐसे मामलों पर तुरंत संज्ञान लेने, मौके पर जांच कर और दोषियों के खिला लाइसैंस निलंबन से लेकर आपराधिन मुकद्दमा दर्ज करने तक क कार्रवाई करने के निर्देश दिए उल्लंघन करने वालों पर नजर रख के लिए विशेष मॉनीटरिंग व्यवस्थ सक्रिय कर दी गई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कोई अधिकारी या डील डी.ए.पी. या यूरिया के साथ अतिरिक उत्पाद खरीदने का दबाव डालता तो किसान तुरंत टोल फ्री नंबर प कॉल करें या जिला कृषि कार्याल में शिकायत दर्ज करवाएं। राणा ने कहा कि हाल ही में जबरन बिक्री की मिली शिकायत का जिक्र करते हुए राणा ने बताया कि तत्काल कार्रवाई की गई, संबंधित डीलरों के खिलाफ एफ. आई.आर दर्ज करवाई गई और उनके लाइसैंस रद्द कर दिए हैं। हरियाणा को डी.ए.पी. और यूरिय की पर्याप्त आपूर्ति मिल चुकी है। उर्वरक उपलब्धता को लेकन राणा ने कहा कि राज्य में रबी सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है हरियाणा को डी.ए. पी. और यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति मिल चुकी है सभी जिलों में पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखा गया है। उर्वरक क वितरण पैक्स, निजी डीलरों औ-हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोड के केंद्रों के माध्यम से किया जा रह है। पी. ओ. एस. मशीनों पर अनिवास बायोमैट्रिक सत्यापन ने कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई है।

कुरुक्षेत्र में राजनाथ सिंह का दौरा: ब्रह्म सरोवर हवन और हरियाणा पवेलियन का उद्घाटन

 कुरुक्षेत्र  अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने पवित्र ब्रह्म सरोवर पर तीर्थ पूजन किया। मंत्रोच्चारण और शंखनाद के बीच उन्होंने सरोवर के तट पर पूजन-अर्चना की, जो इस धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव की शुरुआत का प्रतीक बना।  इसके बाद, मंत्री महोदय ने हवन यज्ञ में आहुति देकर सभी को गीता के उपदेशों से प्रेरित होने का संदेश दिया। गीता महोत्सव के तहत आयोजित इस भव्य हवन यज्ञ में सैकड़ों भक्तों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भगवद्गीता की शिक्षाएं न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गीता के संदेश को अपनाकर देश की सेवा में तत्पर रहें। हरियाणा पवेलियन का किया औपचारिक उद्घाटन इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने हरियाणा पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया, जो महोत्सव का प्रमुख आकर्षण है। यह पवेलियन हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कृषि, उद्योग और पर्यटन को प्रदर्शित करता है। उद्घाटन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। पवेलियन में लगे स्टॉल्स पर राज्य की हस्तकला, पारंपरिक व्यंजन और गीता से जुड़ी प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र बनीं। अंबाला में मंत्री अनिल विज ने किया रक्षा मंत्री का स्वागत  बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सोमवार सुबह अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे। यहां उनका हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री  अनिल विज ने गर्मजोशी से स्वागत किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सुबह दिल्ली से विशेष विमान से अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से अंबाला से कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए।   

रामनगरी की अर्थव्यवस्था में आया भारी उछाल, हर हाथ को मिला रोजगार का अवसर

अयोध्या   अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद धार्मिक पर्यटन में आई भारी वृद्धि ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। मंदिर प्रांगण और प्रमुख मार्गों पर पूजा सामग्री, प्रसाद और स्मृति चिह्न बेचने वाले दुकानदारों की आय में कई गुना की हुई है। रामपथ, कनक भवन, श्री हनुमानगढ़ी मार्ग और आसपास के क्षेत्र अब सिर्फ धार्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी समृद्ध दिखाई दे रहे हैं। हनुमानगढ़ी मार्ग पर स्थित श्री गायत्री भोग प्रसाद भंडार के संचालक जितेंद्र कुमार गुप्ता बताते हैं कि पहले उनका दैनिक कारोबार 3,000 रुपये तक सीमित रहता था। लेकिन राम मंदिर निर्माण के बाद ये कारोबार प्रतिदिन 10,000 रुपये तक पहुंच गया है। वे कहते हैं कि योगी सरकार के प्रयासों से अयोध्या दिव्य, भव्य और नव्य हो गई है। उनका मानना है कि धर्म ध्वजारोहण और मंदिर के कार्यक्रमों के बाद पर्यटकों की आमद और बढ़ेगी जिससे आय में अतिरिक्त वृद्धि की संभावना बनी हुई है। इसी तरह कनक भवन के पास पूजा सामग्री की दुकान चलाने वाले श्यामजी राय ने बताया कि अयोध्या में तीर्थ यात्रियों का उत्साह अलग ही स्तर पर पहुंच गया है। पहले वे नौकरी करते थे लेकिन अब दुकान संभाल रहे हैं और बताते हैं कि व्यापार में चार गुना की वृद्धि हुई है। वे कहते हैं कि राम मंदिर बनने के बाद यहां रोजगार के अवसर बढ़े हैं, पलायन रुका है और अयोध्यावासी अपने शहर में आत्मनिर्भर हो रहे हैं। कनक भवन के सामने स्थित गुप्ता जी चंदन वाले दुकान के मालिक प्रशांत गुप्ता भी आर्थिक बदलाव के इस दौर के जीवंत उदाहरण हैं। पहले उनकी दुकान की बिक्री रोजाना 2,000 रुपये तक रहती थी, अब यह आंकड़ा प्रतिदिन 25,000 रुपये तक जा पहुंचा है। वे कहते हैं कि पहले दुकानदारों का खर्च निकलना भी मुश्किल था, लेकिन अब हम लोग भरपूर लाभ में हैं। सफाई, सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था में आई सुधार ने भी व्यापार को गति दी है। जय नारायण मिश्र, जो जय पूजन मूर्ति और सामग्री भंडार के संचालक हैं, बताते हैं कि पहले व्यापार अधिकतर मेले पर आधारित रह्ता था। वर्ष में कुछ ही दिनों में ग्राहक आते थे। आज स्थिति यह है कि वे प्रतिदिन 10,000 रुपये तक कमा रहे हैं, जबकि पहले आय महज 2,000 रुपये थी। वे बताते हैं कि पहले प्रतिदिन करीब 100 लोग मूर्तियां खरीदते थे, मगर अब उनकी दुकान पर प्रतिदिन 1,200 से अधिक ग्राहक आते हैं। अयोध्या में इस आर्थिक जागरण ने छोटे व्यापारियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। सड़क मार्गों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाना, धार्मिक पर्यटन से संबंधित सुविधाओं का व्यवस्थित निर्माण स्थानीय व्यवसाय के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ है। दुकानदारों का मानना है कि मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं रहा बल्कि यह रोजगार सृजन और आर्थिक सुदृढ़ता का भी प्रतीक बन चुका है। स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में अयोध्या विश्वस्तरीय तीर्थ शहर के रूप में स्थापित होगी और यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था और भी मजबूती प्रदान करेगी।