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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में एक और कदम

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में महिलाओं आजीविका का नया अवसर रायपुर महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा के मामले में एक और उपलब्धि छत्तीसगढ़ ने आज दर्ज की है। सूरजपुर जिले में एक नए पूरक पोषण आहार निर्माण संयंत्र की शुरूआत हुई है। यह सयंत्र सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के दर्रीपारा में आकांक्षा स्व सहायता समूह द्वारा संचालित होगा। इस संयंत्र का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया और महिला समूहों से जुड़ी सदस्य महिलाओं को इस के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। सूरजपुर जिले के दर्रीपारा में शुरू हुए इस पूरक पोषण आहार निर्माण संयंत्र से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य में पूरक पोषण निर्माण में महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता की गारंटी को पूरा करने की दिशा में एक और कदम है। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा मोदी जी के गारंटी को पूरा करने के लिए पूरक पोषण आहार निर्माण की सर्वप्रथम जवाबदारी महिला समूहों को रायगढ़ जिले में सौंपी गई थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की मौजूदगी 17 अगस्त 2025 को कोतरलिया में सर्वप्रथम पूरक पोषण आहार निर्माण संयंत्र का शुभारंभ हुआ था। इसके पश्चात बस्तर और दंतेवाड़ा में पूरक पोषण आहार निर्माण संयंत्र के संचालन की जिम्मेदारी महिला समूहों को सौंप दी गई है। सूरजपुर के दर्रीपारा में शुरू हुआ यह चौथा पूरक पोषण आहार है। इस अवसर पर मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सूरजपुर के दर्रीपारा में शुरू हुए इस आधुनिक संयंत्र से मीठा शक्ति आहार एवं नमकीन पौष्टिक दलिया का उत्पादन होगा, जिसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और पोषक पूरक आहार उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था प्रधानमंत्री मोदी की कुपोषण मुक्त भारत की प्रतिबद्धता और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पोषण युक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने आगे कहा कि दर्रीपारा में शुरू हुए इस संयंत्र के माध्यम से भैयाथान परियोजना के अंतर्गत आने वाले 366 आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित रूप से मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक दलिया उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा, आपूर्ति व्यवस्था सुव्यवस्थित होगी। मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला समूहों के विस्तार, प्रशिक्षण और तकनीकी सुविधाओं के लिए हरसंभव सहयोग देगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य अखिलेश प्रताप सिंह, जनपद उपाध्यक्ष राजीव प्रताप सिंह, मंडल अध्यक्ष सुनील साहू, एसडीएम मती चांदनी कंवर, तहसीलदार शिवनारायण राठिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। यहां यह उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा पूरक पोषण आहार उत्पादन का दायित्व पुनः महिला स्व सहायता समूहों को सौंपे जाने के लिए प्रथम चरण में राज्य के 6 जिले चयनित किए गए हैं, जिसमें रायगढ़, कोरबा, बलौदाबाजार, बस्तर, दंतेवाड़ा और सूरजपुर शामिल हैं। 4 जिलों में पूरक पोषण आहार संयंत्र का शुभारंभ हो चुका है। जल्द ही बलौदाबाजार और कोरबा में भी पूरक पोषण आहार निर्माण संयंत्र शुरू होगा। इससे महिला समूहों के लिए नए रोजगार और आजीविका अर्जन का नया अवसर मिलेगा।

रायपुर: CM विष्णु देव साय ने लोक सेवा आयोग परीक्षा-2024 के सफल अभ्यर्थियों को दी बधाई

रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा-2024 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि युवा शक्ति की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर तैयारी और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश की सेवा में एक नई शुरुआत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी ने हमेशा उत्कृष्टता, साहस और लगन का परिचय दिया है। इस परीक्षा में सफल हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता  से यह सिद्ध किया है कि प्रदेश की नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में एक सशक्त स्थान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और दृढ़ निश्चय से प्राप्त यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये नवचयनित अधिकारी सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की नई ऊँचाइयों को स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन नई नियुक्तियों से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  सभी युवा अधिकारी छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, महिला-शिक्षा सशक्तिकरण और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी कहा कि इन सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और अनुशासन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखते रहें, स्वयं को बेहतर बनाते रहें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्तर पर एक संवेदनशील, पारदर्शी और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में उनका सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

रायपुर: प्रदेशवासियों के सपनों को पूरा करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है—CM साय

रायपुर : प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य: मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री "छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा।  साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है।  मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार  पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी  अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर: PM मोदी और मंत्री मांडविया के नेतृत्व में ऐतिहासिक श्रम सुधार, CM विष्णु देव साय ने दी बधाई

रायपुर : प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम सुधारों का ऐतिहासिक क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने दी बधाई रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  देश में चार श्रम संहिताओं के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि श्रम सुधारों का यह महत्वपूर्ण निर्णय देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की एक अभूतपूर्व गारंटी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज का दिन भारत के श्रम क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर है। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से न्यूनतम वेतन का अधिकार, महिलाओं को समान वेतन का प्रावधान, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, प्रत्येक श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा और ओवरटाइम पर डबल वेतन जैसी व्यवस्थाएँ पूरे देश में सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से न केवल श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, बल्कि औद्योगिक वातावरण अधिक पारदर्शी, संतुलित और श्रमिक-हितैषी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने जिस समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है, श्रम संहिताओं का लागू होना उस दिशा में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्यशील जनसंख्या राष्ट्र की उत्पादन शक्ति और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला है, और उनके अधिकारों का संरक्षण किसी भी सशक्त राष्ट्र की प्राथमिकता है। यह संहिताएँ देश की श्रम शक्ति को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले इस निर्णय के लिए वह प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार नई अर्थव्यवस्था, बेहतर औद्योगिक संबंधों और मजबूत श्रम बाजार का आधार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देशभर में रोजगार, उत्पादन, निवेश और औद्योगिक विकास की गति और अधिक मजबूत होगी, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

HIV रिपोर्ट्स से हटेंगे पहचान चिन्ह, गोपनीयता सुनिश्चित करने को नई व्यवस्था लागू

रायपुर शासन ने अस्पताल में इलाज के दौरान एचआईवी मरीजों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए गाइडलाइन जारी की है. यह गाइडलाइन तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दी गई है. अब एचआईवी पॉजिटिव होने की जानकारी इलाज करने वाले डॉक्टर या नियंत्रण अधिकारी के पास ही रहेगी. यही नहीं फाइल, रजिस्टर, कंप्यूटर रिकार्ड लेवल पर अलग से कोई चिह्न नहीं बनाया जाएगा. भारत सरकार के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) की 2018 में जारी अधिसूचना के अनुसार एचआईवी, एड्स से ग्रसित लोगों की चिकित्सीय, व्यक्तिगत एवं पहचान संबंधी सभी जानकारी पूर्णत: गोपनीय रखी जानी है. स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को गाइडलाइन जारी कर पालन करने को कहा है. सर्जरी या डिलीवरी के समय ऑपरेशन करने वाली टीम को सुरक्षा के बतौर नाम उजागर किए बिना मरीज की जानकारी दी जा सकती है. यही नहीं, मरीज की स्थिति की जानकारी इलाज करने वाले डॉक्टर व जरूरी स्टाफ तक सीमित रहेगी. किसी भी परिस्थिति में मरीज की स्थिति को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित, चर्चा या प्रचारित नहीं किया जाएगा. एचआईवी-एड्स मरीजों से संबंधित दस्तावेज, रजिस्टर व रिपोर्ट सुरक्षित स्थान पर रखे जाएंगे. सिर्फ अधिकृत अधिकारी की अनुमति से ही उपलब्ध कराए जाएंगे. गोपनीयता का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. संक्रमण से बचाव के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मी यूनिवर्सल प्रकाशन का पालन करेंगे. रक्त, सुई, ब्लेड या किसी भी शारीरिक द्रव के संपर्क से बचाव के लिए डिस्पोजेबल दस्ताने, मॉस्क, एप्रन, सेफ्टी गॉगल्स आदि का इस्तेमाल किया जाए. इस्तेमाल के बाद सुइयों को निडिल डेस्ट्रोयर या शॉर्प कंटेनर में ही नष्ट किया जाए. सभी को सुई या ब्लेड का दोबारा उपयोग नहीं करने को कहा गया है. ताकि संभावित संक्रमण से बचा जा सके. बायो मेडिकल वेस्ट नियम का पालन जरूरी गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि अस्पतालों में सभी उपकरणों का उचित स्टरलाइजेशन किया जाए. साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम का पालन किया जाए. ब्लड ट्रांसफ्यूजन केवल स्क्रीन किए गए रक्त से किया जाएगा. ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम एवं ड्रेसिंग रूम में संक्रमण नियंत्रण के सभी प्रोटोकॉल लागू करें. यही नहीं इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी हर माह निरीक्षण कर जरूरी रिपोर्ट तैयार करें. एचआईवी मदर, 2 लाख का मुआवजा आंबेडकर अस्पताल में हाल ही में एक शिशु के बेड के सामने एचआईवी मदर का बोर्ड टांग दिया गया था. मीडिया में मामला आने के बाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अस्पताल को पीड़ित महिला को दो लाख का मुआवजा देने को कहा. कॉलेज प्रबंधन ने बिना देरी करते हुए अगले ही दिन महिला को दो लाख रुपए का चेक भी दे दिया.

पुलिस विभाग में बड़ा खुलासा: 900 चयनित कैंडिडेट नदारद, 50 अभ्यर्थी FIR की जद में

भोपाल सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर मारामारी के बीच मामला चौंकाता है। मध्य प्रदेश पुलिस की भर्ती में चयन होने के बावजूद भी 900 अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन नहीं किया। अब पुलिस विभाग इसकी वजह पता कर रहा है। यह भी गौरतलब है कि पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा भी सामने आ चुका है, जिसमें अब तक 50 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस महकमे के अधिकारी भी हैरत में बता दें कि वर्ष 2023 में 7500 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती में ओबीसी आरक्षण का मामला अदालत में होने के कारण 13 प्रतिशत पद रोके जाने के बाद 6400 पदों के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे। इसमें 900 चयनितों का ज्वॉइन न करना चौंकाता है। पुलिस महकमे के अधिकारी हैरत में हैं। इन अभ्यर्थियों के ज्वॉइन न करने को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। हालांकि यह भी कहा जा रह है कि इन चयनित अभ्यर्थियों को और कहीं अच्छी नौकरी मिल गई हो, इसलिए उन्होंने ज्वाइन न किया हो, लेकिन एक पहलू यह भी है कि ज्वॉइनिंग न लेने वालों में वे 50 चयनित अभ्यर्थी भी सम्मिलित हैं, जिन्होंने अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा पास की और सत्यापन के दौरान पकड़े गए।   पकड़े गए अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड में फर्जी तौर पर बायोमैट्रिक (फिंगर प्रिंट और फोटो) अपडेट कराकर सॉल्वर को लिखित परीक्षा में बैठाया था। ऐसे में, यह आशंका भी है कि फर्जीवाड़ा में कई अभ्यर्थियों के पकड़े जाने के बाद 900 में से बहुत सारे अभ्यर्थी ज्वॉइनिंग लेने नहीं आए हैं। इनमें फर्जीवाड़ा करने वाले शामिल हैं या नहीं, यह तभी पता लगेगा, जब ज्वॉइनिंग के बाद इनका सत्यापन होगा। बता दें कि इसी वर्ष ज्वाइनिंग के दौरान नौ जिलों में अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा सामने आया था। सभी जगह अभ्यर्थी, साल्वर और कुछ जगह कियोस्क संचालकों (कंप्यूटर केंद्र) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में 50 लोगों के नाम आए सामने इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले को राज्य साइबर मुख्यालय को जांच के लिए भेज दिया था। जांच के बाद पचास लोगों के नाम सामने आए। अभी तक 200 से अधिक एफआईआर इस मामले में हो चुकी हैं। साइबर मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जो अभ्यर्थी ज्वॉइन करने नहीं आए हैं, वे भी जांच की परिधि में हैं। सहमति लेकर उनके आधार अद्यतन कराए जाने की भी जानकारी निकाली जा रही है। भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद से बार-बार आधार कार्ड में बायोमैट्रिक अपडेट कराने वाले संदेह के घेरे में हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी। वहीं, सॉल्वरों से पूछताछ में अन्य राज्यों में दूसरी परीक्षाओं में भी सॉल्वर बैठाने का भी राजफाश संभव है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि आरक्षित वर्गों में विभिन्न श्रेणियों में अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची से भी नहीं मिल पाए हैं। इस कारण 325 पद ही भरे जा सके हैं।

Indore Ragging Case: seniors का हैवानियत भरा टॉर्चर, घंटों बंधक बनाकर कराया नशा, चार छात्र निलंबित

इंदौर एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है। सीनियर ने धोखे से जूनियरों को अपने निजी फ्लैट पर बुलाया। उनसे मारपीट की और तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। जूनियरों को शराब व सिगरेट पीने पर मजबूर किया गया। इस मामले में एमबीबीएस 2025 बैच के विद्यार्थियों ने यूजीसी की नेशनल एंटी-रैगिंग सेल में शिकायत की है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 बैच के सीनियर छात्रों ने बंधक बना कर उनके साथ ये हरकत की। 4 सीनियर छात्र निलंबित मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि यूजीसी में शिकायत 18 नवंबर को दर्ज कराई थी। 20 नवंबर को कॉलेज की एंटी-रैगिंग सेल ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और चार सीनियर मेडिकल छात्रों को एक-एक माह के लिए निलंबित कर दिया है।   करीब तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा शिकायत में जूनियरों ने बताया है कि उनके ही एक बैच मेट ने उन्हें झांसे में लेकर फ्लैट तक पहुंचाया। उन्हें यह नहीं पता था कि फ्लैट में सीनियर रहते हैं। इस कारण वे लोग सीनियरों के जाल में फंस गए। उन्हें करीब तीन घंटे तक वहीं रोके रखा गया। मारपीट की गई। जूनियर इतना डरे हुए हैं कि उन्होंने शिकायत में यह भी लिखा है कि कृपया हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करें और कार्रवाई करें। दो वर्षों में रैगिंग के सात मामले सामने आए बता दें कि इससे पहले अक्टूबर माह में भी रैगिंग की घटना सामने आई थी। जिसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में प्रथम वर्ष की पीजी छात्रा ने आरोप लगाया था कि वह इतना परेशान हो गई कि वह मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर 14 दिन की छुट्टियों पर अपने घर चली गई। यह भी आरोप लगाया था कि इससे चार माह में उसका वजन 22 किलो कम हो गया था। हालांकि बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली थी। इस मेडिकल कालेज में दो वर्षों में रैगिंग के सात मामले सामने आ चुके हैं।

अस्पताल में अव्यवस्था की पोल खुली: वार्ड के बेड पर बेखौफ सोते मिले कुत्ते

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में अस्पतालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के किल्लोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेल वार्ड में पलंग पर आराम करते लावारिस कुत्तों का चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अस्पताल प्रशासन की भारी लापरवाही उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा ताक पर अस्पताल के वार्ड में कुत्ते बेखौफ घूमने और पलंग पर झुंड में आराम करने का यह वीडियो कर्मचारी के स्वजन ने ही बनाया है। बताया जाता है कि अस्पताल में इलाज तो दूर सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों में अविश्वास के चलते मरीज मजबूरी में ही उपचार के लिए आते हैं। ग्रामीणों को आरोप है की छोटी सी समस्या होने पर भी मरीज को 70 किलोमीटर दूर खंडवा रेफर कर दिया जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सफाई पर भी कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे संक्रमण की आशंका बनी रहती है। वार्ड बाय, नर्सिंग स्टाफ से लेकर चिकित्सक भी समय पर नहीं मिलने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। अस्पताल बना आरामगाह अस्पताल के मेल वार्ड के दो पलंग पर तीन-तीन कुत्तों का आराम करना दर्शाता है कि अस्पताल प्रशासन, बीएमओ और सुरक्षा कर्मचारियों की लापरवाही किस हद तक बढ़ चुकी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डीएस शर्मा ने बताया कि अस्पताल में इस मामले में लापरवाही के लिए ड्यूटी डॉक्टर ,नर्स और सफाई कर्मी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। किल्लोद में स्वास्थ्य सेवा और सुविधाओं की पोल खोल रहा यह वीडियो सामने आने के बाद सीएमएचओ डा. ओपी जुगतावत ने जांच के आदेश दिए हैं। 

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन, लोक नृत्यों की रही धूम

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन, लोक नृत्यों की रही धूम मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र मध्यप्रदेश के लोक नृत्यों की रही धूम भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अग्रसर है। सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम मध्यम उद्योग मंत्री  चैतन्य काश्यप ने 44वे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश दिवस के अवसर पर यह बाते कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 18 नई नीतियां बनाई है, जो निवेशमित्र है और निवेशकों को आकर्षित करती हैं। मंत्री  काश्यप ने मध्यप्रदेश मंडप का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर मंडप का भ्रमण किया। इस अवसर पर मंदसौर की सांसद  सुधीर गुप्ता, और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन प्रगति मैदान दिल्ली में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में किए जा सकते हैं। 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' थीम पर 14 से 27 नवंबर तक चलने वाले मेला में मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की अद्भुत झांकी, एक जिला-एक उत्पाद और परम्परागत कलाकृतियों आगंतुकों को आकर्षित कर रही है। मध्यप्रदेश मण्डप मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है। यहां कि ऐतिहासिक धरोहर, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल, लोक परम्पराओं की समृद्धि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्प "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" को न केवल पूरी कर रही है अपितु विश्व पर्यटन मानचित्र पर इसे अग्रणी स्थान दिला रही है। अमेरिका से प्रकाशित एक प्रतिष्ठित पत्रिका ने विगत वर्ष मध्यप्रदेश को दुनिया के टॉप 10 टूरिज्म डेस्टिनेशन में शामिल किया जो गौरव का विषय है। इस सन्दर्भ का उल्लेख प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा 25 दिसम्बर को खजुराहो में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेई की जयंती कार्यक्रम में किया गया था 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मण्डप ग्वालियर किला के रूप में तैयार किया गया है। मण्डप के केन्द्र में 64 योगिनी मन्दिर मुरैना के दर्शन होते है। मण्डप को मेले की थीम 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के अनुरूप सजाया गया है। लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाईन बुलवाये थे, जिसमें से उन्होने मुरैना जिले के 64 योगिनी मन्दिर का चयन कर भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था। मण्डप में मध्यप्रदेश की विश्व धरोहार खजुराहों, सांची स्तूप एवं भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक माहोत्सव, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई. ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों को भी सजाया गया है। मंडप में इन उत्पादों को होलोग्राफिक इमेज से भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इन उत्पादों की बिक्री भी हो रही है। इसमें राज्य शासन की विभिन्न नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। मण्डप में औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन की भी पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गयी है। मण्डप में सिंहस्थ-2028 की तैयारी को भी दर्शाया गया है। इन्दौर के जी.आई. उत्पाद, चमड़े के खिलौने एवं टेराकोटा के उत्पाद भी प्रदर्शित किये गये है। स्टार्ट-अप भी अपने उत्पादों का प्रचार और विक्रय कर रहे हैं। मध्यप्रदेश मण्डप, निर्मित विरासत, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय विरासत एवं वन्य जीवन को आकर्षक रूप से प्रदर्शित करता है। मण्डप जहां एक ओर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित कर रहा है वही दूसरी ओर सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का संदेश भी दे रहा है। यही कारण है कि मेले में इस बार फिर मध्यप्रदेश मण्डप दर्शकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। यहां अभ्युदय मध्यप्रदेश की झलक स्पष्ट देखी जा सकती है। मध्यप्रदेश के लोक नृत्य की धूम मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध लोक नृत्यों की धूम पूरे अंतर्राष्ट्रीय मेले में मची हुई है। मटकी लो नृत्य, पनिहारी लोक नृत्य और बघेली लोक गायन जैसे पारंपरिक नृत्यों ने लोगों का मन मोह लिया है। मटकी लोक नृत्य में महिलाएं रंग-बिरंगे पारंपरिक वेशभूषा में चेहरे पर घूंघट डाले, ढोल की थाप पर एक खास लय में नृत्य करती हैं। यह नृत्य आड़ा-खड़ा और रजवाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। पनिहारी लोक नृत्य महिलाओं के जीवन को चित्रित करता है, जो पानी के घड़े दूर से लाती हैं। इसके गीत भी पानी और बारिश के महत्व के बारे में हैं। मती शीला बरनाठी बघेली लोक गायन की प्रसिद्ध लोक गायिका बघेली लोक गायन मध्यप्रदेश के रीवा, सतना, शहडोल, सीधी, अनुग्रह और उमरिया जिलों में प्रचलित है।  

MP के 9 जिलों में डकैतों का कहर जारी, ग्वालियर-चंबल में योगेंद्र गुर्जर गैंग सक्रिय

भोपाल मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल को डकैत मुक्त करने के दावों के बीच सच्चाई यह है कि अब भी प्रदेश के नौ जिले डकैतों से प्रभावित हैं। इनमें महाकोशल-विंध्य के जिले भी शामिल हैं। डकैत प्रभावित जिले ग्वालियर, शिववुरी, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, रीवा, सतना और पन्ना हैं। मध्य प्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम 1981 प्रदेश के इन जिलों के कुछ थानों, क्षेत्रों में अभी भी लागू है। इनमें से छह जिलों का संपूर्ण क्षेत्र डकैतों से प्रभावित है। ग्वालियर-चंबल में योगेंद्र गुर्जर का गिरोह है सक्रिय ग्वालियर-चंबल अंचल में योगेंद्र गुर्जर का गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह के सरगना योगेंद्र पर राजस्थान और मप्र पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। प्रदेश में सीमावर्ती राज्यों से अंतरराज्यीय डकैत गिरोह की सक्रियता बढ़ी है। इनमें दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में डकैती की घटनाएं अधिक होती है। वर्ष 2020 से लेकर वर्ष 2024 तक डकैती के 300 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वर्तमान जो डकैत गिरोह सक्रिय हैं वह अन्य राज्यों से आकर डकैती और लूट की घटनाओं को अंजाम देने वालों का समूह है। जिनके विरुद्ध पांच साल में अलग-अलग प्रकरण भी दर्ज किए गए हैं।   योगेंद्र गिरोह दो राज्यों के लिए बना मुसीबत ग्वालियर-चंबल में योगेंद्र गुर्जर का गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह ने मध्य प्रदेश के साथ ही राजस्थान में भी डकैती की है। पुलिस के साथ इस गिरोह की मुठभेड़ भी हो चुकी है, योगेंद्र व उसके साथी फरार हैं। हालांकि योगेंद्र के गिरोह में शामिल डकैत तहसीला गुर्जर ने राजस्थान के धौलपुर में सरेंडर कर दिया था। वह धौलपुर के मौरोली का रहने वाला है। तहसीला के विरुद्ध धौलपुर के अलावा मध्य प्रदेश के थाना सरायछौला मुरैना, तिघरा ग्वालियर, सेसईपुरा श्योपुर में लूट, अपहरण, हत्या का प्रयास, फिरौती व पुलिस मुठभेड़ के कई मामले दर्ज हैं। डकैती प्रभावित जिले व क्षेत्र जिला–जिले का प्रभावित क्षेत्र ग्वालियर– संपूर्ण जिला ग्वालियर शिवपुरी– संपूर्ण जिला शिवपुरी मुरैना– संपूर्ण जिला मुरैना भिंड– संपूर्ण जिला भिंड श्योपुर– संपूर्ण जिला श्योपुर दतिया– संपूर्ण जिला दतिया रीवा– थाना डभौरा, अतरैला, पनवार, जवा, जनेह, सेमरिया, सिरमौर। सतना– थाना सिंहपुर, चित्रकूट (नया गांव), सभापुर, बरौधा, मझगवां, धारकुंडी। पन्ना– थाना अजयगढ़, धरमपुर, बृजपुर, मडला। नोट- इसमें रेल थाना भी है। जीआरपी ग्वालियर बीजी, ग्वालियर एनजी, जीआरपी मुरैना।