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नई सत्ता, नए मेहमान: बिहार शपथ समारोह में नायब सैनी को मिला खास न्योता

चंडीगढ़  बिहार में 20 नवंबर को बनने जा रही गठबंधन सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सैनी को फिर से बुलावा भेजा जाना इस बात का संकेत है कि बिहार में हालिया विधानसभा चुनावों में उनकी भूमिका सिर्फ प्रचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि चुनावी गणित को प्रभावित करने में भी अहम रही। बिहार चुनावों में नायब सैनी ने जिन आठ विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, सभी पर गठबंधन प्रत्याशी विजयी रहे। इसे भाजपा की चुनावी रणनीति के एक ‘टर्निंग प्वाइंट’ के रूप में देखा जा रहा है। सैनी के नेतृत्व में लगभग एक महीने तक हरियाणा से नेताओं की बड़ी टीम बिहार में डटी रही और जमीनी स्तर पर मतदाताओं को साधने में जुटी रही। नायब सैनी ने 4 नवंबर को गया के वजीरगंज से प्रचार की शुरुआत की थी। यहां भाजपा के बीरेंद्र सिंह ने जीत दर्ज की। इसके बाद भोजपुर, चंपारण, रोहतास, औरंगाबाद और गुरुग्राम–पानीपत के बिहारी मतदाताओं वाले इलाकों तक उनका दौरा लगातार जारी रहा। हरियाणा भाजपा ने बिहार मूल के प्रवासी मतदाताओं को लुभाने के लिए अनूठी रणनीति अपनाई। छठ पर्व पर विशेष इंतजाम किए गए, प्रवासियों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गई। उद्योगपतियों से बिहारी कर्मचारियों को वोटिंग के लिए वेतन सहित अवकाश देने का आग्रह भी किया गया। गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत आदि में कार्यक्रम कर प्रवासी वोटरों को यह भरोसा दिया गया कि वे चाहे जहां हों, पार्टी उनके साथ है।

नर्स गायत्री चौधरी को कलेक्टर सम्मानित, अस्पताल में मरीजों के बीच सर्जिकल वार्ड में शराब पार्टी का किया पर्दाफाश

अशोकनगर  मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में कुछ दिन पूर्व अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में मरीज और उनके तीमारदार पलंग पर शराब पी रहे हैं। नर्सिंग ऑफिसर ने रंगेहाथ उन लोगों को पकड़ा था। इसका वीडियो वायरल हुआ था। इस काम के लिए नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी को कलेक्टर ने सम्मानित किया। गायत्री चौधरी को कलेक्टर ने किया सम्मानित दरअसल, पलंग पर शराब पी रहे लोगों को नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी ने रंगे हाथों पकड़ा था। साथ ही उनलोगों को डांट भी लगाई थी और वीडियो बनाकर उच्च अधिकारियों को दिया था। अशोकनगर कलेक्टर ने इसकी खूब प्रशंसा की है। इसे लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।  दरअसल,  जिला अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी को समीक्षा बैठक के दौरान उनके दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं कुशलतापूर्ण तरीके से निर्वहन करने पर प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने 29 अक्टूबर 2025 को रात्रि 11 बजे अपनी ड्यूटी के दौरान जिला चिकित्सालय के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज और उनके परिजनों को शराब का सेवन करते हुए पाया था। साथ ही कार्यस्थल को मंदिर बताते हुए ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी। इस प्रकार निडर होकर अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा और कुशलतापूर्ण तरीके से निर्वहन किया। कलेक्टर ने इस कार्य की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही भविष्य में भी इसी प्रकार अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरी सूझबूझ, परिश्रम एवं समर्पित भाव के साथ करती रहें। सोशल मीडिया पर एक्टिव हजारों में फॉलोअर्स गायत्री चौधरी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 22000 से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिस पर वह अपने मॉडल लुक में फोटोज और वीडियो को अपलोड करती हैं, जिनके व्यूज भी हजारों और लाखों में हैं। साथ ही ड्यूटी का निर्वहन भी समय से करती हैं।  

सीमा पर BSF का कमाल: ड्रोन के साथ हेरोइन और कारतूस बरामद, तस्करों में हड़कंप

चंडीगढ़  पंजाब में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने ड्रोन, हेरोइन और गोला-बारूद की बड़ी खेप बरामद कर एक बार फिर तस्करी नेटवर्क पर सख्त प्रहार किया है। अमृतसर सेक्टर में तैनात जवानों ने डीजेआई मैविक 3 क्लासिक मॉडल का एक ड्रोन पकड़ा। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ड्रोन का इस्तेमाल पाकिस्तान की ओर से प्रतिबंधित सामग्री भेजने के लिए किया जाता था। वहीं, तरनतारन जिले में गश्ती कर रही टुकड़ी ने खेतों की ओर संदिग्ध हलचल दिखने पर इलाके को घेरा और तलाशी के दौरान 548 ग्राम हेरोइन बरामद की। उधर, फिरोजपुर सेक्टर में बीएसएफ ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए बाड़ के पास से 5 पैकेटों में कुल 2.649 किलोग्राम हेरोइन रिकवर की। पैकेटों पर अक्सर इस्तेमाल होने वाले पाकिस्तान-आधारित ड्रग नेटवर्क के पहचान-चिह्न पाए गए। इसी कड़ी में बीएसएफ और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में मुक्तियावाला क्षेत्र के पास से 9एमएम के 50 राउंड कारतूस भी बरामद किए गए। यह आशंका जताई जा रही है कि यह कारतूस किसी तस्करी रूट के माध्यम से भारत के अंदर गैंगस्टरों या तस्करी गिरोहों तक पहुंचाए जाने थे। बीएसएफ ने बताया कि हाल के दिनों में सीमा पर ड्रोन गतिविधियों में वृद्धि हुई है, लेकिन जवानों की सतर्कता और आधुनिक तकनीक के प्रयोग से इन प्रयासों को लगातार नाकाम किया जा रहा है। बल ने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी अवैध गतिविधि को तुरंत ध्वस्त कर दिया जाएगा।

सरेंडर्ड नक्सलियों को मिली फूड ट्रेनिंग, बस्तर में चलेंगे कैफे; CM साय ने पहले दिन किया फूड ऑर्डर

बस्तर  नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में आज बस्तर एक नया इतिहास रचा है। पुलिस लाइन स्थित त्रिवेणी परिसर के सामने पंडुम कैफे अपनी तरह का पहला ऐसा कैफेटेरिया होगा, जहां नक्सल पीड़ित परिवारों और समर्पित नक्सलियों को रोजगार देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।इस संवेदनशील पहल का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने किया। पंडुम कैफे का संचालन दुर्ग की प्रसिद्ध नुक्कड़ संस्था करेगी, जो वर्षों से मूक-बधिर और दिव्यांग बच्चों की देखरेख और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में पंडुम कैफे की शुरुआत की गई है जिसका संचालन सरेंडर्ड नक्सली और नक्सल हिंसा पीड़ित परिवार के लोग करेंगे। इसके लिए बकायदा उन्हें खाना बनाने, सर्व करने, ऑर्डर लेने की ट्रेनिंग दी गई। शुरुआत में 13 लोग मिलकर इस कैफे को चलाएंगे।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में बने इस कैफे का उद्घाटन किया। इस दौरान सीएम ने खुद फूड ऑर्डर किया। सरेंडर किए नक्सलियों ने CM को फूड परोसा। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने डिजिटल रूप से बिल भी पेय किया। पुलिस लाइन परिसर में बना पंडुम कैफे दरअसल, सरकार की पुनर्वास नीति के तहत बस्तर पुलिस और प्रशासन के सहयोग से जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में पंडुम कैफे बनाया गया है। इसके स्ट्रक्चर निर्माण के लिए शासन-प्रशासन ने पैसे खर्च किए हैं। नक्सल हिंसा पीड़ित परिवार और हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटे नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से इस कैफे का शुभारंभ किया गया है। अभी कुल 13 लोगों को कैफे की चाबी थमाई गई है। 13 लोगों को मिला रोजगार कैफे के माध्यम से कुल 13 लोगों को रोजगार मिला है। जिसमें 8 नक्सल हिंसा पीड़ित हैं, 5 लोग सरेंडर नक्सली हैं। इनमें 8 महिलाएं भी शामिल हैं। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत तैयार किया गया यह कैफे नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्म समर्पित माओवादी कैडरों के लिए आजीविका प्रदान करने वाला एक मॉडल है। पहले दी ट्रेनिंग, फिर काम में लगाया इन 13 लोगों को पहले जगदलपुर में ही ट्रेनिंग दी गई। इन्हें अलग-अलग तरह के फूड्स को बनाने से लेकर परोसने तक के गुर सिखाए गए। साथ ही कस्टमर से कैसे बर्ताव करना है, कैसे ऑर्डर लेना है इसके बारे में भी बताया गया। करीब 1 महीने से ज्यादा इन्हें ट्रेनिंग दी गई। जब ये इसमें माहिर हुए तो 13 लोगों को कैफे की चाबी थमा दी गई। पर्यटकों को बस्तर दिखाने हो रहे तैयार सरकार के पुनर्वास नीति के तहत बस्तर के पूर्व नक्सलियों को अलग-अलग काम में पारंगत बनाया जा रहा है। पुनर्वास केन्द्रों में उनके जीवन को बदलने की पहल हो रही है। आड़ावाल के केन्द्र में करीब 30 सरेंडर नक्सली होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहे हैं साथ ही कई अन्य पूर्व नक्सलियों को टूरिस्ट गाइड बनाने की भी तैयारी हो रही है। CM बोले- बस्तर के लिए नया अध्याय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पंडुम कैफे को स्पष्ट सामाजिक और विकासात्मक उद्देश्यों के साथ स्थापित किया गया है। ये बस्तर के लिए एक नया अध्याय है। पंडुम कैफे की यह पहल राज्य की शांति, विकास और मानव-केंद्रित पुनर्वास के प्रति प्रतिबद्धता को दृढ़ता से रेखांकित करती है। IG बोले- अलग-अलग स्किल्स की ट्रेनिंग दी गई बस्तर के IG सुंदरराज पी ने कहा कि, जो कभी संघर्ष, हिंसा या माओवादी गतिविधियों से प्रभावित हुए थे उनको हॉस्पिटैलिटी, कैफे संचालन, स्वच्छता मानक, खाद्य सुरक्षा, ग्राहक सेवा और उद्यमिता में प्रशिक्षित किया गया है। यह उन्हें दीर्घकालिक करियर और आत्मनिर्भरता के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि, पंडुम नाम बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों से प्रेरित है। ये टैग लाइन 'Where every cup tells a story' क्षेत्र की दृढ़ता, उपचार और आशा की भावना को दर्शाती है। ये शांति निर्माण का स्केलेबल मॉडल है।

मरीज की जान बचाई पीएम श्री एयर एम्बुलेंस ने, खंडवा से इंदौर एयरलिफ्ट किया गया

 खडंवा  पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा इमरजेंसी में कई जिंदगियों को बचाने ने अहम भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में खडंवा के शाहपुर निवासी 73 साल की ताराबाई पति बालाराम कोउपचार के लिए इंदौर एयरलिफ्ट कर भर्ती करवाया गया।  खंडवा जिला अस्पताल में भर्ती ताराबाई को इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से आज सुबह 9.30 बजे इंदौर भेजा गया। शाहपुर निवासी 73 साल की ताराबाई पति बालाराम को रीढ़ की हड्डी में समस्या है। जिस कारण उनके दोनों पैर काम नहीं कर रहे। ताराबाई को फिमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया था।  यहां से उन्हें खंडवा नागचुन हवाई पट्टी से इंदौर एयर एंबुलेंस की मदद से रेफर किया गया है। जिले में पहली बार किसी मरीज को एयर एंबुलेंस से खंडवा से इंदौर रेफर किया गया है।

कड़ाके की ठंड में बदलाव: इंदौर और भोपाल के स्कूल अब सुबह 8:30 बजे से शुरू, पहली से आठवीं कक्षा

भोपाल   कड़ाके की ठंड के चलते राजधानी भोपाल और इंदौर में स्कूलों के समय में बदलाव हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, अब पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल सुबह 8.30 बजे के बाद खुलेंगे। यह आदेश सरकारी, प्राइवेट, केंद्रीय, जवाहर नवोदय, सीबीएसई, आईसीएससी सभी स्कूलों पर लागू होगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश कडाके की ठंड को देखते हुए जारी किया है। साथ ही इस आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा। बढ़ती सर्दी के कारण फैसला यह फैसला बढ़ती सर्दी और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि तेज हवाओं और गिरते तापमान के बीच छोटे बच्चों का जल्द स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा था। 6 डिग्री के आसपास पहुंचा तापमान  इंदौर जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड से आमजन हालाकान हैं। तापमान 6 डिग्री के करीब पहुुंच रहा है, ऐसे में सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को खासी परेशानी होती है। अब जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूल सुबह 9 बजे बाद ही शुरू हो सकेंगे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्कूलों का समय बदलने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए है। मंगलवार से स्कूलों में आदेश लागू होंगे। ठंड में बढ़ी बच्चों की परेशानी नवंबर में लगातार कड़ाके की ठंड बढ़ती जा रही है, वहीं आने वाले समय में तापमान में गिरावट और शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, इसलिए सुबह 7 बजे स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंड से परेशान होना पड़ता है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्कूलों का समय बदलने के निर्देश दिए है। सुबह की शिफ्ट में संचालित होने वाले स्कूलों का समय दो घंटे बढ़ाया जा रहा है।    

मंदिर की चोरी का मामला: मां शारदा के छत्र और सोने के नथ हुए गायब

मैहर मध्य प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी मैहर में मां शारदा मंदिर में चढ़ावे को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसके बाद हड़कंप मच गया। जबलपुर के एक श्रद्धालु ने आरोप लगाया है कि उसकी ओर से माता को अर्पित किया गया 2 किलो चांदी का छत्र और एक सोने की नथ मंदिर के खजाने (कोषालय) में जमा ही नहीं की गई। इस कथित चोरी को लेकर जब श्रद्धालु ने कलेक्टर से शिकायत की, तो जिला प्रशासन ने मंदिर के प्रधान पुजारी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया। यह नोटिस अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे मंदिर के प्रबंधन और भक्तों की आस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या है पूरा मामला? दरअसल यह पूरी घटना 22 अक्टूबर 2025 की बताई जा रही है। जब जबलपुर निवासी व्यवसायी संजय पटेल ने सायंकाल आरती से पहले 2 किलो चांदी का छत्र, चांदी का मुकुट और एक सोने की नथ मां शारदा को अर्पित करने के लिए वहां मौजूद पुजारी सुमित महाराज को दी थी। श्रद्धालु का आरोप है कि उन्हें दान की कोई रसीद नहीं दी गई। जब एक हफ्ते बाद 30 अक्टूबर को उन्होंने इस बारे में कलेक्टर मैहर से मौखिक शिकायत की, तो प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह कीमती चढ़ावा मंदिर समिति के खजाने में जमा ही नहीं हुआ था। कलेक्टर को की गई शिकायत के बाद, प्रशासन ने मंदिर के प्रधान पुजारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि जवाब न मिलने या असंतोषजनक जवाब देने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुजारी ने कहा- "यह साजिश है" मामला तूल पकड़ने और नोटिस वायरल होने के बाद, मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने इन आरोपों को मंदिर को बदनाम करने की साजिश बताया है। प्रधान पुजारी पवन महाराज ने बताया कि दानदाता संजय पटेल ने खुद ही यह मिन्नत की थी कि उनकी ओर से अर्पित छत्र और नथ को एक हफ्ते तक माता के पास ही रखा जाए। उन्होंने दावा किया कि दानदाता की इच्छानुसार, 28 अक्टूबर को यह सारा कीमती सामान विधिवत कोषालय में जमा किया जा चुका है और अब साजिशन इस मामले को तूल दिया जा रहा है। मन्दिर कर्मचारी समेत अन्य लोगों को नोटिस इस पूरे प्रकरण पर मैहर मन्दिर परिसर की प्रशासक एवं एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि मंदिर समिति को शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई है।एसडीएम ने कहा, "शिकायत की जांच के लिए मंदिर के कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। उनके जवाब प्राप्त हो गए हैं। इन जवाबों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।हालांकि अब देखना यह भी होगा कि प्रशासन जांच के बाद इस पर क्या कार्यवाही करता है।

अब घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाणपत्र, पेंशनर्स के लिए बड़ी सुविधा

भोपाल  पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नगरीय निकायों के पेंशनर्स अब जीवन प्रमाणपत्र के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्त होंगे। नगरीय विकास विभाग ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा लागू करते हुए सभी निकायों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि यह प्रणाली आधार और बायोमेट्रिक आधारित है, जिससे पेंशनर्स घर बैठे ऑनलाइन जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे और उन्हें बार-बार उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं रहेगी। वैकल्पिक होगी सुविधा प्रदेश के नगरीय निकायों में करीब 16,500 पेंशनर्स इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। विभाग ने अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रक्रिया संबंधी प्रशिक्षण देने को भी कहा है। हालांकि यह सुविधा वैकल्पिक होगी और पुरानी प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी। ऑनलाइन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पेंशनर्स के पास आधार संख्या, लिंक मोबाइल नंबर और पेंशन संबंधी विवरण अनिवार्य होंगे। बायोमेट्रिक डिवाइस, आरडी सर्विस से युक्त उपकरण और जीवन प्रमाण ऐप की मदद से प्रक्रिया पूरी की जाएगी। क्या होता है जीवन प्रमाण पत्र जीवन प्रमाण पत्र, जिसे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी कहते हैं, केंद्र और राज्य सरकार के पेंशनभोगियों के लिए एक बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा है। यह एक डिजिटल प्रमाण पत्र है जो पेंशनरों को पेंशन वितरण एजेंसी को स्वयं उपस्थित हुए बिना अपनी पेंशन जारी रखने की अनुमति देता है। इस सेवा के माध्यम से, पेंशनभोगी किसी भी सीएससी केंद्र, बैंक शाखा या सरकारी कार्यालय में जाकर अपने आधार और बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग करके अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं।

खंडवा का सिहाड़ा गांव: वक्फ बोर्ड के दावे पर पंचायत ट्रिब्यूनल में आज होगा जवाब

 खंडवा   मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित पूरे सिहाड़ा गांव की जमीन को वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति बताया है। इस मामले में पंचायत की ओर से मंगलवार को मध्य प्रदेश स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल में भोपाल जाकर अपना जवाब पेश किया जाएगा। ग्राम पंचायत ने दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था दरअसल, ग्राम सिहाड़ा स्थित दरगाह के आसपास अतिक्रमण होने और तार फेंसिंग कराने पर ग्राम पंचायत ने दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था। नोटिस का जवाब देने के बजाए दरगाह कमेटी ने वक्फ बोर्ड में पंचायत के नोटिस की शिकायत कर दी। इस पर वक्फ बोर्ड ने भी पूरे गांव की जमीन को अपनी संपत्ति करार दे दिया। कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को भी जारी हुए हैं नोटिस मामला तत्काल मध्य प्रदेश स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल के पास गया, जहां से पंचायत के अलावा खंडवा के कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को भी नोटिस जारी हुए। पंचायत की ओर से जवाब पेश करने के लिए सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान भोपाल पहुंचे हैं। पंचायत ने वक्फ बोर्ड के दावे को बताया झूठा पंचायत की ओर से तैयार जवाब में कहा गया है कि पूरा गांव या उसकी भूमि वक्फ संपत्ति नहीं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार शासकीय भूमि है। विवादित खसरा नंबर 781, रकबा 14.05 हेक्टेयर राजस्व अभिलेखों में मध्य प्रदेश शासन, ग्राम आबादी के नाम दर्ज है। इस भूमि पर ग्राम पंचायत भवन, प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, नल-जल योजना और आवासीय मकान बने हैं, जो सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं हैं। वक्फ बोर्ड से जुड़े कुछ लोगों ने अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण किए हैं, जिन्हें हटाया जाना चाहिए। वक्फ बोर्ड का पंचायत पर आरोप इस बीच, जिला वक्फ बोर्ड के सचिव रियाज खान का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा दरगाह की जमीन को अपनी बताकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विवाद इस जमीन को लेकर है, पूरे गांव की जमीन को लेकर पंचायत लोगों को गुमराह कर रही है।  

सर्दी ने पकड़ा जोर: मध्य प्रदेश के आधे प्रदेश में कोल्ड वेव, स्कूलों का समय बदला

भोपाल  प्रदेश में उत्तर से आती ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर तेज कर दिया है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सीजन के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। भोपाल में नवंबर की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को तीव्र शीतलहर की स्थिति रहेगी। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी प्रभावी है।  भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को सीवियर कोल्ड वेव यानी तीव्र शीतलहर का अलर्ट है। वहीं, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने 18 नवंबर से स्कूलों की टाइमिंग सुबह 9 बजे से करने के आदेश जारी किए हैं। भोपाल में भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 8वीं तक की कक्षा सुबह 8:30 बजे से पहले नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं। ग्वालियर, देवास, झाबुआ, छिंदवाड़ा, सागर, शहडोल और खंडवा में भी स्कूल लगने के समय में बढ़ोतरी की जा चुकी है। वहीं, जबलपुर-उज्जैन समेत अन्य जिलों में बच्चों को राहत नहीं मिल पाई है। भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि भोपाल में नवंबर का रात का तापमान ब्रेक हो गया है। रविवार-सोमवार की रात में पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। इससे पहले साल 1941 में 6.1 डिग्री तापमान रहा था। वर्तमान में प्रदेश में मौसम साफ है। इस वजह से उत्तरी हवाओं का असर ज्यादा बना रहेगा। 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है। राजगढ़ सबसे ठंडा, पारा 5.8 डिग्री सोमवार-मंगलवार की रात राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में तापमान 6.4 डिग्री रहा। उमरिया में 7.6 डिग्री, नौगांव में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, धार में 8.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.5 डिग्री, खरगोन-मंडला में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारे में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार-सोमवार की रात यहां तापमान रिकॉर्ड 5.2 डिग्री सेल्सियस था। इससे नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड ब्रेक हो गया था। इसके बाद तापमान 8.2 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 7.7 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।