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अचार बनाने की वजह से सरसों तेल की डिमांड ज्यादा, प्रतिदिन 20 टन की हुई खपत

भोपाल   बारिश में तेजी आने के साथ ही सरसों तेल में भी तेजी आ गई है। इसी माह में ही अब तक सरसों तेल करीब 18 फीसदी महंगा हो चुका है। हालांकि सोयाबीन, सींगदाना, सनफ्लावर जैसे खाद्य तेलों की वजह से सरसों तेल की महंगाई परेशान नहीं कर रही। इसलिए डिमांड में है ये दोनों आइटम इन दिनों अचार बनाने की वजह से सरसों तेल की डिमांड ज्यादा है। लेकिन कमजोर फसल, स्टॉक की कमी और आयात नहीं होने से सरसों तेल के भाव ऊपर जा रहे हैं। बिहार, उत्तरप्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों डिमांड के अनुरूप सरसों तेल मंगाना पड़ रहा है। प्रतिदिन 20 टन की खपत थोक कारोबारी कृष्ण कुमार बांगड के अनुसार राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य दिनों में जहां 10 से 12 टन की रोजाना खपत है।  सूरजमुखी और पॉम ऑयल भी महंगा खाद्य आपूर्ति मंत्रालय के डेटा के मुताबिक 14 जुलाई को रिटेल मार्केट में सरसों तेल के दाम 177.56 रुपए प्रति किलो रहा। जो एक साल पहले 140 रुपए प्रति किलो था। यानी एक साल में 27 फीसदी सरसों तेल महंगा हुआ। एक महीने पहले 16 जून को 171.48 रुपए प्रति किलो सरसों तेल का भाव था। सनफ्लावर ऑयल रिटेल मार्केट में 160.41 रुपए प्रति किलो में मिल रहा है जो एक साल पहले 122.25 रुपए प्रति किलो में मिल रहा था। यानी 31.21 फीसदी सूरजमुखी का तेल महंगा हुआ है। भाव पर एक नजर (थोक मंडी भाव प्रति लीटर) खाद्य तेल         -1 जुलाई               -17 जुलाई    सरसों तेल       155-160 रु.         से 175 180 रु. सोयाबीन तेल      120-125 रु.        से 128130 रु.     सनफ्लावर –   132-135 रु.         से 135-140 रु.     पाम तेल –      118-120 रु.         से 128-130 रु.     सींगदाना       150-160 रु          से 150-160 रु.     वनस्पति        110-115 रु          से 120-125 रु.

विधानसभा में गरमाया माहौल: चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का जोरदार विरोध

रायपुर  विधानसभा में शुक्रवार को भूपेश बघेल के घर ईडी की दबिश का मामला गूंजा. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी के हिरासत में लिए जाने पर हंगामा मचाया. इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की दिनभर की कार्यवाही का बहिष्कार किया. नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने कहा कि सदन के बाहर ईडी का दबाव है. भूपेश बघेल के यहां ईडी का छापा पड़ा है. आज बच्चे का जन्मदिन है, और उसे उठा लिया गया है. ये सब सरकार के दबाव में हो रहा है. आज के दिनभर की कार्यवाही का बहिष्कार करते हैं. विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने के बाद कांग्रेस विधायकों के साथ नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने अपने कक्ष में आपात बैठक शुरू की. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के तमाम विधायक मौजूद हैं.

राज्यपाल पटेल ने राजभवन में रोपा तुलसी का पौधा

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को राजभवन उद्यान में तुलसी का पौधा लगाया। उन्होंने गमले में तुलसी के बीज बोकर पर्यावरण-संरक्षण का संदेश भी दिया।

छांगुर बाबा पर फूटा बीजेपी विधायक का गुस्सा, कहा- मिलनी चाहिए क्रूरतम सज़ा

इंदौर  मध्य प्रदेश की महू से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के आरोपी छांगुर बाबा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि छांगुर बाबा नरपिशाच है। उसने कई बेटियों के साथ गलत किया है। उसके तो हाथ-पैर और प्रजनांग काट देने चाहिए और शरीयत जैसी कठोर होनी चाहिए। उषा ठाकुर का विस्फोटक बयान महू से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने छांगुर बाबा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'ऐसे नरपिशाचों के हाथ-पैर और प्रजनांग तक काट देने चाहिए ताकि कोई और ऐसा दुस्साहस न करे।' उन्होंने कहा कि ये नरपिशाच बेटियों की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं और ये भारत के संविधान को भी नहीं मानते, ये शरीयत को मानते हैं, तो फिर इन्हें सजा भी शरीयत जैसी कठोर मिलनी चाहिए।' क्यों भड़कीं उषा ठाकुर? उषा ठाकुर ने छांगुर बाबा के कथित अपराधों को लव जिहाद और धर्मांतरण का षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग देश के संविधान और कानून का सम्मान नहीं करते और समाज की एकता को तोड़ने का काम करते हैं। ठाकुर ने यह भी जोड़ा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कस रही है और इस तरह के लोगों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। छांगुर बाबा कौन है? जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले का रहने वाला एक स्वयंभू धर्मगुरु है, जिस पर अवैध धर्मांतरण, मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, छांगुर बाबा ने खाड़ी देशों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग हासिल की और इसका इस्तेमाल कथित तौर पर लोगों को जबरन धर्म बदलवाने के लिए किया। उत्तर प्रदेश एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसे और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि छांगुर बाबा के 40 से अधिक बैंक खातों में मध्य पूर्व और संभवतः पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से फंडिंग आई। ईडी ने बलरामपुर और मुंबई में 14 ठिकानों पर छापेमारी की। बलरामपुर के मधुपुर गांव में छांगुर बाबा की आलीशान कोठी, जो सरकारी जमीन पर बनी थी, को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र: हसदेव जंगलों की कटाई को लेकर कांग्रेस ने घेरा सरकार को

रायपुर विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शून्यकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य कांग्रेस विधायकों ने हसदेव अरण्य में पेड़ कटाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाते हुए स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की. स्पीकर डॉ. रमन सिंह के विपक्ष के स्थगन को अस्वीकार करने पर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई. हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने हसदेव अरण्य में पेड़ कटाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोयला खनन के नाम पर जंगल उजाड़ना सही नहीं है. ग्राम सभा की स्वीकृति नहीं ली गई, फिर भी खनन शुरू कर दिया गया. कांग्रेस विधायक दल ने इसका विरोध किया है. हमारे स्थगन पर चर्चा होनी चाहिए. डॉ. महंत ने कहा कि तमनार क्षेत्र में खनन के नाम पर जंगल उजड़े जा रहे हैं. फसलों को रौंदा जा रहा है. गारे-पालमा क्षेत्र में खनन को निरस्त किया जा रहा है. स्थनीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं. एनजीटी ने भी आपत्ति जताई है. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने तमनार क्षेत्र में फर्जी तरीके से काम हो रहा है. खनन के नाम पर मनामनी और फर्जी तरीके से काम हो रहा है. कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार ने कहा कि खनन के नाम पर तमनार क्षेत्र में अन्याय हो रहा है. पेड़ों की कटाई से जंगल खत्म हो रहा है. भाजपा एक पेड़ माँ के नाम पर पेड़ लगाती है, लेकिन मेरे क्षेत्र में पेड़ों की कटाई निरंतर हो रही है. विरोध करने पर मुझे पुलिसबल ने बर्बरतापूर्ण तरीके से मुझे हिरासत में लिया था. कांग्रेस विधायक लालजीत सिंह राठिया ने कहा कि मेरे क्षेत्र में फर्जी प्रस्ताव लाकर पेड़ों की कटाई की जा रही है. कांग्रेस सरकार में जंगल की कटाई रोकने लिए संकल्प लाया गया था. आज एक पेड़ माँ के नाम पर भाजपा अभियान चला रही है, और पूरे क्षेत्र में जंगल साफ किया जा रहा है. कांग्रेस द्वारिका यादव ने कहा कि तमनार ब्लॉक में जंगल को उजाड़ा जा रहा है. एक उद्योगपति को लाभ पहुँचाने के लिए जंगल खत्म किया जा रहा है. अपराधों को रोकने में पुलिस नाकाम है, लेकिन जंगल कटाई हो सके इसके लिए पुलिस बल तैनात है. कांग्रेस विधायक विक्रम उसेंडी ने कहा कि सरकार की ओर से तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है. कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने कि भाजपा के मंत्रियों के निवास- कार्यालयों में हमने बनाया है, हमी संवारेंगे का नारा लेकिन यहां तो जंगल को उजाड़ा जा रहा है. कांग्रेस विधायक अनिला भेंड़िया ने कहा कि जंगल के बहाने आदिवासियों को खत्म किया जा रहा है. मूलनिवासियों को खत्म किया जा रहा है. कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि जंगल की कटाई हो रही लेकिन आदिवासियों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है. कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कि आज छत्तीसगढ़ का पर्यावरण खत्म किया जा रहा है. सर्व आदिवासी समाज नाराज है. जल-जंगल की लड़ाई और तेज हो रही है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि तमनार में पेसा कानून का उल्लंघन हो रहा है. विधानसभा में जो संकल्प पारित है उसका उल्लंघन है. एनजीटी के नियमों का उल्लंघन है. वन अधिकार कानून का उल्लंघन है. तमनार में उद्योगपति की मनानानी चल रही है. स्थानीय निवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा प्रशासन उद्योगपति के साथ खड़ा हुआ है. आज स्थिति ये एक पेड़ माँ के नाम और सारा जंगल बाप के नाम. सरकार नाम की चीज तमनार में नहीं है. यह बहुत ही गम्भीर मामला है. इस विषय पर सभी कार्यों को रोककर चर्चा होनी चाहिए.

किन्नर बनकर अब्दुल ने रची नई पहचान, बांग्लादेश से आकर भोपाल में छिपा था

 भोपाल  बांग्लादेशी अवैध रूप से भारत में घुसकर यहां पहचान छिपाकर रह रहे हैं। इसी तरह का एक बांग्लादेशी अवैध रूप से भोपाल में रहते हुए पकड़ा गया है। बांग्लादेश का निवासी अब्दुल कलाम भोपाल में किन्नर बनकर वर्षों से रह रहा था। अब्दुल खुद का नाम नेहा किन्नर रखा था, वह इस नाम से पहचान पत्र भी बनवा चुका है और उसी का उपयोग कर वह खुद को भारतीय बताता था। केंद्र सरकार द्वारा बांग्लादेश के अवैध घुसपैठियों की तलाश शुरू की गई, तब भोपाल में अब्दुल कलाम के छिपे होने का खुलासा हुआ। अब अब्दुल कलाम को डिपोर्ट किए जाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। वह बुधवारा क्षेत्र में रहता था। उसके खिलाफ तलैया पुलिस ने कार्रवाई की है। फिलहाल, वह भोपाल पुलिस की सुरक्षा में रह रहा है। खुलासा हुआ है कि अब्दुल जांच एजेंसियों से बचने के लिए किन्नर बनकर राजधानी में घूमता रहता था। यह कार्रवाई इंटेलीजेंस यूनिट द्वारा की गई है। पहचान छिपाने के लिए उसने लड़की का भेष बना रखा है और अपना नाम भी नेहा रखा है।  पुलिस सूत्रों के अनुसार बांग्लादेशी नागरिक अब्दुल को भोपाल के बुधवारा इलाके से पकड़ा गया है। उसका असली नाम अदुल कलाम है। वह भोपाल में नेहा के नाम से रह रहा था। चोरी छुपे भोपाल में वह कई साल से रह रहा था। वह किन्नर बनकर शहर में यहां-वहां निकलता था। अब्दुल कलाम उर्फ नेहा ने बकायदा फर्जी तरीके से परिचय-पत्र भी बनवा लिया था। इसके संबंध में भी अंदरखाने पड़ताल की जा रही है। क्योंकि वह परिचय पत्र बनाने में कैसे सफल हो गया, बड़ा सवाल है। उससे लगभग भोपाल पुलिस पूछताछ कर रही है। पूछताछ भी बेहद गोपनीय तरीके से की जा रही है। विशेष निगरानी में है अब्दुल, कोई नहीं मिल सकता अब्दुल के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की भी जांच भी इंटेलीजेंस यूनिट कर रही है। उसके मोबाइल को जब्त कर सायबर क्राइम की मदद से चौटिंग से लेकर बातचीत की जानकारी जुटाई जा रही है। उसके जिन लोगों के साथ संपर्क थे, उनसे भी क्राइम ब्रांच में एक स्पेशल टीम अलग से पूछताछ कर रही है। अब्दुल कलाम के भोपाल में होने की जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी भेज दी गई है। अदुल कलाम को तलैया थाने में रखा गया है। थाना प्रभारी के अलावा दो महिला आरक्षकों को ही आने-जाने की अनुमति है।  खुद को महिला बताता है, इसलिए महिला आरक्षक तैनात पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह पुरूष है, लेकिन वह वर्षों से महिला किन्नर के भेष में छिपा था। वह हावभाव भी महिलाओं जैसा दिखाता है, इसलिए महिला आरक्षकों को भी तैनात किया गया है। उसने भारत आने और अपने अन्य साथियों के भी संबंध में जानकारी दी है। इस मामले में पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अधिकारियों का तर्क है कि समय-समय पर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती, कुछ नहीं कहा जा सकता।  

भूपेश बघेल पर ईडी की कार्रवाई से छिड़ी सियासत: विजय शर्मा बोले- केंद्रीय एजेंसी अपना काम कर रही है

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ईडी केंद्रीय संस्था है. पूर्व में जो भ्रष्टाचार हुआ था, उस पर ईडी काम कर रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा के अंतिम सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में ईडी को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि ED की अपनी जांच है, शराब घोटाला यहां हुआ था, यहां का कॉन्सेप्ट अन्य प्रदेशों में भी पहुंचाया गया था, दिल्ली -झारखंड. हम जानते हैं. ऐसा ही कुछ मामला हुआ होगा, जिससे ईडी आई है. ईडी को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि देश की बड़ी संस्थाओं के बारे में इस तरह की बयानबाजी से देश का तंत्र कमजोर होता है. (भूपेश बघेल) वो दिन याद कर लें जब इलेक्शन कमीशन से इन्होंने क्या-क्या काम कराए थे. वो दिन याद कर लें 1975 का, जब आपातकाल लगा था. वो दिन याद कर लें, जब इलेक्शन कमीशन को कोई जानता नहीं था. आज आप इलेक्शन कमीशन की बात कर रहे हैं. आज संवैधानिक तौर पर इलेक्शन कमीशन काम कर रहा है. विपक्ष के शराब घोटाले को सदन में उठाए जाने पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि विपक्ष कोई भी सवाल उठा ले. विष्णु देव सरकार में विपक्ष के किसी भी तार्किक विषय पर विरोध का स्वागत है. बता दें कि ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा था कि आज मेरे बेटे का जन्मदिन है. पिछले साल मेरे जन्मदिन पर ईडी भेजा गया था. आज तो विधानसभा में अडानी का मामला उठना है, और अपने मालिक को खुश करने के लिए मोदी और शाह ने ईडी को मेरे घर भेज दिया है.

भूपेश बघेल पर ईडी की कार्रवाई से छिड़ी सियासत: विजय शर्मा बोले- केंद्रीय एजेंसी अपना काम कर रही है

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ईडी केंद्रीय संस्था है. पूर्व में जो भ्रष्टाचार हुआ था, उस पर ईडी काम कर रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा के अंतिम सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में ईडी को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि ED की अपनी जांच है, शराब घोटाला यहां हुआ था, यहां का कॉन्सेप्ट अन्य प्रदेशों में भी पहुंचाया गया था, दिल्ली -झारखंड. हम जानते हैं. ऐसा ही कुछ मामला हुआ होगा, जिससे ईडी आई है. ईडी को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि देश की बड़ी संस्थाओं के बारे में इस तरह की बयानबाजी से देश का तंत्र कमजोर होता है. (भूपेश बघेल) वो दिन याद कर लें जब इलेक्शन कमीशन से इन्होंने क्या-क्या काम कराए थे. वो दिन याद कर लें 1975 का, जब आपातकाल लगा था. वो दिन याद कर लें, जब इलेक्शन कमीशन को कोई जानता नहीं था. आज आप इलेक्शन कमीशन की बात कर रहे हैं. आज संवैधानिक तौर पर इलेक्शन कमीशन काम कर रहा है. विपक्ष के शराब घोटाले को सदन में उठाए जाने पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि विपक्ष कोई भी सवाल उठा ले. विष्णु देव सरकार में विपक्ष के किसी भी तार्किक विषय पर विरोध का स्वागत है. बता दें कि ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा था कि आज मेरे बेटे का जन्मदिन है. पिछले साल मेरे जन्मदिन पर ईडी भेजा गया था. आज तो विधानसभा में अडानी का मामला उठना है, और अपने मालिक को खुश करने के लिए मोदी और शाह ने ईडी को मेरे घर भेज दिया है.

रीवा जिले के मनमोहक जलप्रपातों पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कोटवार और पुलिस के साथ अब पटवारियों की भी ड्यूटी लगा दी

रीवा  रीवा जिले के मनमोहक जलप्रपातों पर बढ़ती पर्यटक संख्या के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कोटवार और पुलिस के साथ अब पटवारियों की भी ड्यूटी लगा दी है। बता दें कि, जिले में पूर्वा, क्योंटी और चचाई तीन प्रमुख जलप्रपात हैं, जहां वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है। हालांकि, पूर्वा जलप्रपात को छोड़कर चचाई और क्योंटी में अभी तक सुरक्षा रेलिंग तक नहीं लगाई गई है। वीकेंड पर लगेगी पुलिस-पटवारियों की ड्यूटी कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि शनिवार और रविवार को विशेष सावधानी की जरूरत होती है। इसलिए वीकेंड पर कोटवार, पुलिस और ग्राम पंचायत कर्मियों के अलावा पटवारियों को भी तैनात किया जाएगा। साथ ही खतरनाक स्थानों पर रेलिंग लगाने का काम भी किया जाएगा। लोग बोले- इससे पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन का यह कदम पर्यटकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अक्सर रोमांच या लापरवाही के चलते दुर्घटनाएं होती हैं। इन उपायों से जलप्रपातों की सुंदरता का आनंद लेने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।    

इंदौर सफलता के पीछे रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, रिफ्यूज, रिथिंक, रिपेयर, रिपर्पस और रिनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका

इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छता में अपनी श्रेष्ठता की साबित ,सुपर स्वच्छ लीग में नंबर वन का स्थान  इंदौर की सफलता के पीछे गीला और सूखा कचरा अलग करने की आदत एक महत्वपूर्ण कारक  इंदौर सफलता के पीछे रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, रिफ्यूज, रिथिंक, रिपेयर, रिपर्पस और रिनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका  इंदौर  इंदौर ने एक बार फिर बता दिया कि स्वच्छता में उसका कोई सानी नहीं है। गुरुवार सुबह जब दिल्ली के विज्ञान भवन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, निगमायुक्त शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों से सम्मान स्वीकार कर रहे थे, हर इंदौरी खुद को गौरवांवित महसूस कर रहा था। जिन अष्टसिद्धियों को पाने का संकल्प हमने 11 मार्च 2024 को स्वच्छता का सातवां आसमान छूते वक्त लिया था, उन्हें आखिर पा ही लिया। अब तक स्वच्छ सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में शामिल रहे इंदौर को इस बार सुपर स्वच्छ लीग में रखा गया था, लेकिन पिछले सात वर्ष की तरह इंदौर ने यहां भी खुद को पहले स्थान पर कायम रखा। इस बार प्रतियोगिता में 4,989 शहर थे। इन सबमें इंदौर को सबसे ज्यादा अंक मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि इंदौरियों को नंबर वन पर रहने की आदत है, गुरुवार को यह बात एक बार फिर साबित हो गई। कहा जाता है कि नंबर वन पर पहुंचना जितना आसान है, उतना ही मुश्किल है इस पर लगातार बने रहना। इंदौर ने इस चुनौती को स्वीकारा और जीत हासिल की। कोई शहर यूं ही नहीं नंबर वन बन जाता। दरअसल स्वच्छता इंदौरियों के संस्कार में हैं, यहां के नागरिकों के रग-रग में रची-बसी है। आने वाले समय में चुनौतियां और कठिन होंगी। अष्टसिद्धि पाने के साथ ही इंदौर अब नई भूमिका में आ चुका है। अब खुद को स्वच्छ बनाए रखने के साथ-साथ इंदौर की जिम्मेदारी एक अन्य शहर को भी स्वच्छ बनाने की है। निश्चित ही इंदौर इस कठिन परीक्षा में भी सफल होगा। आखिर हमारी आदत है नंबर वन आने की। सुपर स्वच्छ लीग में शीर्ष पर रहने के मायने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हुए इस बार सुपर स्वच्छ लीग में पांच अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई थीं। दस लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर के साथ 11 अन्य शहर प्रतिस्पर्धा में शामिल थे। पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में सूरत ने इंदौर को कड़ी चुनौती दी थी। इंदौर को पहला स्थान उसके साथ साझा तक करना पड़ा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। पिछली बार से सबक लेते हुए इंदौर ने इस बार ऐसी तैयारी की कि सूरत उसके आसपास भी नहीं पहुंच सका। सुपर स्वच्छ लीग में शीर्ष पर रहने से इंदौर की जिम्मेदारी बढ़ गई है। वह अब बड़े भाई की भूमिका में आ गया है। परिवार के सदस्यों का ध्यान रखना उसकी जिम्मेदारी हो गई है। इंदौर की सफलता के पीछे गीला और सूखा कचरा अलग करने की आदत एक महत्वपूर्ण कारक  आठ साल पहले इंदौर ने स्वच्छता का संकल्प ले सड़क किनारे के कचरे के ढेर व कचरा पेटियों को हटाया और हर घर से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग लेने (सोर्स सेग्रिगेशन) का नवाचार किया। नगर निगम द्वारा किए गए इस बदलाव का साथ शहरवासियों ने दिया। उन्होंने अपने घर में गीले व सूखे कचरे का डिब्बा अलग रखा। कचरा पृथक्करण की इस मूल आदत के कारण इंदौर सात साल से स्वच्छता में नंबर-1 रहा। वहीं आठवीं बार सुपर लीग में शामिल होने के बाद भी देश के सभी शहरों में इंदौर सबसे आगे रहा। घर-बाजार से गीला-सूखा नहीं, छह तरह का कचरा अलग देने की शहरवासियों की आदत ही इंदौर को दूसरे शहरों से आगे बनाए हुए है। अलसुबह 6.30 बजे से शहर की कालोनियों में पहुंचने वाली डोर टू डोर कचरा संग्रहण की गाड़ियां देर रात छप्पन दुकान व सराफा बाजार के बंद होने के पहले उनका कचरा एकत्र कर ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाती हैं। इस कार्य में हर दिन दो हजार से ज्यादा कर्मचारी इन वाहनों के साथ मौसम की परवाह किए बगैर नियमित जिम्मेदारी निभाते हैं। साल के 365 दिन शहरवासियों व निगम के कर्मचारियों की शहर को नंबर एक बनाने के प्रण की यह जीवटता ही जो इंदौर को हर मुकाबले में सिरमौर बनाती है। गीला-सूखा कचरा अलग-अलग लेने से आगे रहा इंदौर सुपर स्वच्छ लीग में शामिल इंदौर के शामिल होने के कारण इस बार इंदौर किसी भी शहर से नंबर-1 के खिताब के लिए मुकाबला नहीं था। इस सर्वेक्षण में देश के अन्य शहरों के साथ इंदौर का स्कोर कार्ड भी जारी किया गया। लीग में शामिल सूरत व इस बार का नंबर-1 स्वच्छ शहर अहमदाबाद भी स्वच्छता के अन्य मापदंडों पर इंदौर की तरह शत प्रतिशत अंक लाए हैं। सोर्स सेग्रिगेशन यानि घर-बाजारों से गीला-सूखा कचरा अलग-अलग मिलने वाली श्रेणी में इंदौर को 98 प्रतिशत अंक मिले। वहीं सूरत को 92 व अहमदाबाद को 94 प्रतिशत अंक मिले। यानी इंदौर के मुकाबले सूरत, अहमदाबाद व अन्य शहरों को गीला-सूखा कचरा पूर्ण रूप से अलग-अलग नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से सोर्स सेग्रिगेशन ने इंदौर को स्कोर कार्ड में सबसे ऊपर खड़ा कर दिया।  इंदौर सफलता के पीछे रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, रिफ्यूज, रिथिंक, रिपेयर, रिपर्पस और रिनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका  स्वच्छता के जिन सितारों को अपने दामन में संजोने का स्वप्न देखते-देखते देश के बड़े शहरों की आंखे पथरा गईं उन सितारों को इंदौर ने अपने आसमान पर संजो लिया है। गुरूवार को दिल्ली में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इंदौर को सुपर लीग श्रेणी में देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया तो मालवा के सिरमौर शहर इंदौर के लोगों ने कुछ यही पंक्तियां याद करते हुए बड़े गर्व से अपनी सफलता को सराहा। स्वच्छता की दौड़ में अपने मानक ऊंचे कर इंदौर इतना आगे निकल आया है कि प्रतिस्पर्धा करने वाले शहर सशंकित ही रहते हैं कि स्पर्धा में नंबर वन तो इंदौर को ही आना है, उन्हें दूसरा-तीसरा स्थान भी मिल जाए तो बात बन जाए। सफलता की सही कसौटी उसकी निरंतरता ही होती है। स्वच्छता की अष्टसिद्धि प्राप्त करके इंदौर ने दुनिया को बता दिया कि यूं ही कोई शहर इंदौर नहीं हो जाता। इसके … Read more