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नेशनल पार्क में घूमना हुआ महंगा, मोहन सरकार ने 10% बढ़ाई एंट्री शुल्क, विदेशी पर्यटकों को चुकानी होगी दोगुनी फीस

भोपाल एमपी में नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में घूमना एक अक्टूबर से महंगा हो जाएगा। सरकार ने मौजूदा प्रवेश टिकट फीस में दस फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। विदेशी पर्यटकों को भारतीय पर्यटकों की बजाय दोगुनी टिकट फीस देनी होगी।   मध्य प्रदेश में वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए जरूरी खबर है। 1 अक्टूबर 2025 से नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व की एंट्री शुल्क 10% तक महंगी हो जाएंगी। मध्य प्रदेश सरकार हर 3 साल में यह शुल्क बढ़ाती है। भारतीय और विदेशी दोनों तरह के पर्यटकों को टिकट शुल्क में बढ़ोतरी के अनुरूप अधिक रकम चुकानी पड़ेगी। जबकि, विदेशी सैलानियों को पहले की तरह दोगुनी फीस देनी होगी। विदेशी सैलानियों पर भी असर वर्तमान में सोमवार से शुक्रवार तक छह पर्यटकों के समूह पर ₹2400 और शनिवार-रविवार को ₹3000 का शुल्क लिया जाता है। एक अक्टूबर के बाद इसमें 10% यानी ₹240 और ₹300 की बढ़ोतरी की जाएगी। यह केवल प्रवेश शुल्क है; इसमें जिप्सी का किराया शामिल नहीं होता, जो अलग से ₹2000 से ₹3500 तक पड़ता है। विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट दर दोगुनी रहेगी, यानी वे इस बढ़ी हुई राशि का भी दुगना भुगतान करेंगे। बुकिंग केवल एमपी ऑनलाइन के माध्यम से प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि सभी टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्कों की बुकिंग एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही की जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और अनधिकृत टिकटिंग पर लगाम लगेगी। तीन महीने बंद रहेंगे सभी पार्क मध्यप्रदेश के सभी नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व 1 जुलाई से 30 सितंबर तक हर साल की तरह इस बार भी बंद रहेंगे। इसका प्रमुख कारण मानसून और वन्यजीवों का ब्रीडिंग सीजन है। भारी बारिश के कारण रास्ते खराब हो जाते हैं और नदी-नालों में पानी भर जाने से सफारी खतरनाक हो जाती है। यही कारण है कि वन विभाग हर साल इन तीन महीनों में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा देता है। टिकट दरों में बढ़ोतरी का आधार राज्य सरकार ने 22 अक्टूबर 2024 को जारी एक अधिसूचना के तहत यह नीति बनाई थी, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश के संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश शुल्क में हर तीन साल में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यही नीति अब वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू की जा रही है। इससे पहले इसी अधिसूचना के अंतर्गत मैहर के मुकुंदपुर वाइट टाइगर सफारी, भोपाल के वन विहार, और इंदौर के रालामंडल अभयारण्य की टिकट दरों में ₹5 की वृद्धि की गई थी। राज्य के प्रमुख टाइगर रिजर्व:     कान्हा टाइगर रिजर्व (मंडला-बालाघाट)     पेंच टाइगर रिजर्व (सिवनी-छिंदवाड़ा)     सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (होशंगाबाद)     बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (उमरिया)     संजय टाइगर रिजर्व (सीधी)     पन्ना टाइगर रिजर्व (पन्ना) इन सभी पार्कों में बढ़ी हुई दरें 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगी।

‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया, सीएम योगी के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्णय

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया। इस मिशन का उद्देश्य न केवल राज्य के युवाओं को देश में रोजगार उपलब्ध कराना है, बल्कि उन्हें विदेशों में भी नियोजन के अवसर दिलाना है, वह भी अब सीधे राज्य सरकार के माध्यम से। कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार के इस निर्णय की जानकारी दी गई। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह दूरदर्शी पहल न केवल प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को भारत का वैश्विक मानव संसाधन आपूर्ति केंद्र (ग्लोबल एचआर हब) बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी। यह मिशन राज्य सरकार के उस वादे की पुष्टि करता है, जिसमें कहा गया था, "हर हाथ को काम और हर हुनर को सम्मान।" कैबिनेट बैठक के बाद श्रम मंत्री अनिल राजभर ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक सेवायोजन विभाग केवल रोजगार मेलों और सेवायोजकों के माध्यम से राज्य के बेरोजगार युवाओं को अवसर दिला रहा था। अब, उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के गठन के साथ हम देश और विदेश दोनों स्तरों पर अपने युवाओं को सीधी नौकरी दिला सकेंगे। मिशन का लक्ष्य एक वर्ष में देश में एक लाख और विदेशों में 25 से 30 हजार युवाओं को सेवायोजित करने का रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक विदेशों में रोजगार के लिए राज्य को रिक्रूटिंग एजेंट (आरए) लाइसेंसधारी एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था। मिशन के गठन के साथ ही सरकार स्वयं आरए का लाइसेंस प्राप्त कर सकेगी, जिससे अब बेरोजगारों को सीधे विदेशों में रोजगार पर भेजा जा सकेगा। वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की मैनपावर खासकर पैरा मेडिकल, नर्सिंग स्टाफ, ड्राइवर्स, कुशल श्रमिकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह मिशन राज्य की उस क्षमता को दिशा और अवसर देने का माध्यम बनेगा। मिशन की प्रमुख गतिविधियां – देश-विदेश में रोजगार मांग का सर्वेक्षण। प्रतिष्ठित कंपनियों की सूची तैयार कर उनसे मांग एकत्र करना। स्किल गैप का आकलन और आवश्यक प्रशिक्षण भाषा प्रशिक्षण और प्रि-डिपार्चर ओरिएंटेशन। करियर काउंसलिंग और कैम्पस प्लेसमेंट। प्लेसमेंट के बाद सहायता व फॉलोअप सेवा। मिशन की संगठनात्मक संरचना – उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन एक उच्च स्तरीय संस्था के रूप में किया जा रहा है, जो सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत होगी। इसके संचालन के लिए 5 प्रमुख इकाइयां गठित की जाएंगी। शासी परिषद, राज्य संचालन समिति, राज्य कार्यकारिणी समिति, राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (एसपीएमयू) और जिला कार्यकारिणी समिति। इसके अलावा, योगी सरकार ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब महिलाओं को कुछ विशेष शर्तों के साथ खतरनाक श्रेणी के सभी 29 कारखानों में काम करने की अनुमति दी गई है। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि अब तक देश में 29 प्रकार के खतरनाक कारखानों में महिलाओं का कार्य करना प्रतिबंधित था। 12 प्रकार के कम खतरनाक कारखानों में पहले ही उन्हें कार्य की अनुमति दी गई थी, जबकि हाल ही में 4 और श्रेणियों को अनुमोदन प्रदान किया गया है। अब ताजा निर्णय में उन्हें सभी 29 कारखानों में काम की अनुमति दे दी गई है। कैबिनेट का यह फैसला तकनीकी विस्तार और उद्योगों की मांग के मद्देनजर लिया गया है। महिला श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही नियमों में संशोधन किया गया है। हमारी बहनें उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सहभागी बनें, यही हमारा लक्ष्य है। योगी कैबिनेट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया है। लगभग 49.96 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसका निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर किया जाएगा। परियोजना पर अनुमानित 4,775.84 करोड़ रुपए का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच आवागमन और अधिक सुगम, त्वरित और बाधारहित हो सकेगा। खासकर राजधानी लखनऊ के भीतर होने वाले भारी यातायात दबाव को कम करने और यात्रा समय को घटाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने बताया कि प्रदेश में अब तक विकसित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे आपस में मिलकर एक एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार कर रहे हैं। यह ग्रिड प्रदेश के किसी भी कोने तक यात्रा को तेज, सुरक्षित और निर्बाध बनाएगा।

गुरु पूर्णिमा पर्व 10 जुलाई को, गायन-वादन एवं नृत्‍य से गुरु की महानता के प्रति आदर प्रकट करेंगे प्रतिष्ठित कलाकार

भोपाल ''गुरु पूर्णिमा'' भारत की एक महान सांस्कृतिक परंपरा है, जो गुरु-शिष्य संबंध को आदर और श्रद्धा के साथ मनाने का पर्व है। इस अवसर पर गुरु की महानता के प्रति आदर प्रकट करने के उद्देश्‍य से संस्‍कृति विभाग द्वारा 10 जुलाई, 2025 को गुरु पूर्णिमा पर्व का आयोजन वृहद स्‍तर पर किया जा रहा है।  संचालक, संस्‍कृति श्री एन.पी. नामदेव ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भोपाल सहित संस्‍कृति विभाग के प्रदेश के विभिन्‍न शहरों में स्थित संगीत महावि‍द्यालयों में एक साथ गायन-वादन एवं नृत्‍य केन्द्रित आयोजन होंगे। भोपाल में मध्‍यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में 10 जुलाई, 2025 को सायं 7 बजे से ''गुरु पूर्णिमा पर्व'' का आयोजन होगा। इसमें सबसे पहले सितार-संतूर जुगलबंदी की प्रस्‍तुति होगी, जिसे उज्‍जैन की सुप्रसिद्ध संस्‍कृति-प्रकृति वाहने (वाहने सिस्‍टर्स) द्वारा प्रस्‍तुत किया जाएगा। इसके बाद गायन जुगलबंदी ''गुरु सुमिरन'' होगी, जिसे सुश्री रुचिरा केदार, पुणे एवं सुश्री आस्‍था गोस्‍वामी, वृंदावन द्वारा प्रस्‍तुत किया जाएगा।  संचालक श्री नामदेव ने बताया कि शासकीय संगीत महाविद्यालय, नरसिंहगढ़ में सुश्री मधुमिता नकवी, भोपाल का गायन और सुश्री पलक पटवर्धन, उज्‍जैन का कथक समूह नृत्‍य की प्रस्‍तुति होगी। शासकीय संगीत महाविद्यालय, उज्‍जैन में श्री रोहित – राहुल मिश्रा, बनारस का गायन और सुश्री दुर्गा शर्मा, बैंगलुरु का वायोलिन वादन होगा। इसी क्रम में शासकीय संगीत महाविद्यालय, ग्‍वालियर में श्री संजय सिंह, दिल्‍ली का गायन और सुश्री भार्गवी शर्मा, इंदौर का एकल कथक नृत्‍य होगा। वहीं, शासकीय संगीत महाविद्यालय, खण्‍डवा में डॉ. ऋषि मिश्रा, दिल्‍ली का गायन और श्री सुरेन्‍द्र स्‍वर्णकार, उज्‍जैन द्वारा बांसुरी वादन की प्रस्‍तुति दी जाएगी।  इसी तरह शासकीय संगीत महाविद्यालय, मंदसौर में सुश्री योगिनी – श्री सुदीप, ग्‍वालियर का गायन और श्री विठ्ठल कुमार राजपुरा, इंदौर का पखावज वादन होगा। शासकीय संगीत महाविद्यालय, मैहर में डॉ. लवली शर्मा, खैरागढ़ का सितार वादन और श्री मनोज पाटीदार, भोपाल का तबला एकल वादन होगा। शासकीय संगीत महाविद्यालय, इंदौर में श्री यश देवले, ग्‍वालियर का शास्‍त्रीय गायन और सुश्री नीलांगी कलंतरे, जबलपुर का कथक समूह नृत्‍य प्रस्‍तुति होगी। शासकीय संगीत महाविद्यालय, धार में श्री विजय सप्रे, भोपाल का शास्‍त्रीय गायन और डॉ. वी. अनुराधा सिंह, भोपाल की कथक समूह नृत्‍य की प्रस्‍तुति होगी। सभी कार्यक्रमों में प्रवेश नि:शुल्‍क रहेगा।

इंदौर में लव जिहाद का भंडाफोड़, ‘राहुल’ बनकर फहीम ने फंसाईं दर्जनों लड़कियां

इंदौर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बीते दिन बुधवार को चिकित्सक नगर के होटल गोल्डन स्काई में मुस्लिम युवक को पकड़ा। वह एक हिंदू लड़की के साथ रुका हुआ था। कार्यकर्ताओं के अनुसार जब वे होटल में पहुंचे तो लड़का लड़की दोनों दारू पी रहे थे। लड़के से जब उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम राहुल जायसवाल बताया और जब सख्ती से पूछताछ की तो अपना वास्तविक नाम फहीम अली बताया।   ड्रग्स और पिस्टल बेचने से जुड़े तस्वीर साथ ही उसने बताया कि वह भोपाल का रहने वाला है. वह अपने साथ जिस हिंदू लड़की को लेकर आया था वो भी भोपाल की ही रहने वाली है. जब लड़के के मोबाइल की छानबीन की गई तो उसमें ड्रग्स के वीडियो और ड्रग्स तोलने के तराजू सहित कई वीडियो मिले। इसके अलावा कुछ व्हाट्सएप चैटिंग ऐसी भी मिली जिसमें वह पिस्टल बेचने की भी बातचीत कर रहा था. 30 से 40 लड़कियों से अश्लील चैट जानकारी हो कि जिस कमरे में दोनों ठहरे थे वहां से दारू और बीयर की बोतल, सिगरेट आदि नशे का सामान बरामद किए गए। व्हाट्सएप चैटिंग में जानकारी सामने आई कि लड़का 30 से 40 लड़कियों से बात करता था और उन्हें लव जिहाद में फंसाने की कोशिश कर रहा था। हिंदू लड़कियों से चैटिंग में अश्लील बातें भी चैट में दिखी. तस्वीरों में एमडी ड्रग्स के केस के बारे में जमानत के पेपर भी मिले हैं। उसे थाना लसूडिया के सुपर्द किया गया है। थाना लसूडिया में गिरफ्तारकर जांच प्रारंभ कर दी।

भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का सर्वेक्षण करवा कर उन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री

नगरीय क्षेत्रों में उद्यानों और नगर वनों के विकास को प्रोत्साहित किया जाए सभी आवासीय परियोजनाओं में पौध-रोपण को दें विशेष महत्व भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का करवाएं सर्वेक्षण दीनदयाल रसोई योजना के प्रबंधन में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को जोड़ा जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरों में झुग्गी बस्तियों के विस्तार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से, लोगों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए किफायती और सुविधाजनक आवास सुविधा विकसित करने कार्य-योजना बनाई जाए। नगरीय क्षेत्र में पर्यावरण की बेहतरी के लिए उद्यानों को विकसित करना और विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड सहित सभी आवासीय परियोजनाओं में पौध-रोपण को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का सर्वेक्षण करवा कर उन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगरीय विकास एवं आवास विभाग की मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास में देश के प्रतिष्ठित बिल्डर्स एंड कॉलोनाईजस को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली आकस्मिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अग्निशमन सेवा का आधुनिकीकरण तत्काल किया जाए। अंतर्शहरी क्षेत्र में रेल सेवा के विस्तार के लिए नमो ट्रेन की योजना तैयार की जाए। जल्द ही इस पर केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा कर मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को प्राथमिकता के आधार पर आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में मीट-मछली के दुकानदारों को व्यवस्थित करने और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने के लिए नगरीय निकायों को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार्मिक क्षेत्रों में दीनदयाल रसोई योजना के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सरकारी मदद के साथ स्वंयसेवी संस्थाओं और निजी दानदाताओं की मदद ली जाए। शहरी क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय के स्व-सहायता समूह तैयार कर उन्हें आधुनिक लॉण्ड्री शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं अन्य योजनाओं में तैयार किए गए आवासों के आधिपत्य बनने के साथ ही सौंपे जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके लिए जरूरी है कि शहरी क्षेत्रों में आरक्षित भूमि चयनित कर 'नगर वन' अधिक से अधिक विकसित किए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय बैठक में प्रमोशन प्रक्रिया की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों को तय समय-सीमा में प्रमोशन दिया जाए। इससे रिक्त होने वाले पदों पर अभी से भर्ती की प्रक्रिया की कार्य-योजना तैयार कर ली जाए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन शहरों के विकास में एकीकृत विकास की योजना तैयार की जा रही है। चित्रकूट नगर में 2800 करोड़ रूपए की कार्य-योजना तैयार की गई है, जिसमें नगरीय विकास विभाग द्वारा 800 करोड़ रूपए का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में रीडेंसिफिकेशन परियोजनाओं की संभावना को देखते हुए हाऊसिंग बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की एक करोड़ 30 लाख लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ आवास दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में 8 लाख 55 हजार आवास बनकर तैयार हो गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में अब तक 4 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो गए हैं। बैठक में संकल्प-पत्र के बिन्दुओं पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि संकल्प बिन्दु के अनुसार वर्ष 2027 तक भोपाल और इंदौर मेट्रो लाईन का पूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना में 1070 करोड़ रूपए की 1062 परियोजनाएं मंजूर हैं। बताया गया कि 183 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 218 पिंक शौचालय संचालित हो रहे हैं। बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के मुद्दे पर चर्चा की गई। नगरीय क्षेत्रों में जल आपूर्ति और सीवरेज की 333 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन पर करीब 11 हजार करोड़ रूपए की राशि मंजूर हुई है। ई-गवर्नेंस-ऑनलाइन नागरिक सेवाओं पर चर्चा करते हुए इसके विस्तार के संबंध में निर्देश दिए गए। बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश की गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। जल गंगा संवर्धन अभियान बैठक में शहरी क्षेत्रों में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की जानकारी दी गई। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 36 जल संरचनाओं के पुनर्जीवन का कार्य पूर्ण किया गया है और 38 हरित क्षेत्र विकसित किए गए हैं। विभिन्न नगरीय निकायों में 3963 रैनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं निर्मित की गई है। इसी के साथ शहरी क्षेत्रों में एक्विफायर मैनेजमेंट और गंदे पानी के शोधन के लिए 30 नालों की कार्ययोजना तैयार की गई। 

मंत्री सिरसा के निशाने पर गाड़ी बैन नीति, दिल्ली सरकार कर सकती है बड़ा यू-टर्न

नई दिल्ली   राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई से लागू हुए 'एंड ऑफ लाइफ व्हीकल' (ELV) नियमों के तहत की जा रही वाहनों की जब्ती पर फिलहाल रोक लग सकती है. दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राजधानी में लागू किए जा रहे ELV नियम को लेकर CAQM (Commission for Air Quality Management) को औपचारिक पत्र लिखकर इसकी प्रमुख खामियों को उजागर किया है और फिर से समीक्षा करने की मांग की है. सरकार ने कहा कि वर्तमान में दिल्ली में इस नियम को लागू करना संभव नहीं है, क्योंकि इससे जनता को असुविधा हो रही थी और व्यवहारिक कठिनाइयां सामने आ रही थीं. दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में यह नियम समान रूप से लागू नहीं होता, तब तक दिल्ली में इसे प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जाएगा.   बता दें कि पुराने वाहनों की जब्ती को लेकर दिल्ली सरकार घिरी हुई थी. विपक्षी दलों ने इसपर सवाल उठाते हुए रेखा सरकार को घेरा था. दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए इस नियम को जरूरी बताया था. लेकिन अब इसकी खामियां गिनाकर वह खुद बैकफुट पर नजर आ रही है. नई व्यवस्था पर काम कर रही है दिल्ली सरकार दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि हम ‘एंड ऑफ लाइफ व्हीकल’ को लेकर एक नई प्रणाली (New System) विकसित कर रहे हैं. हमारा उद्देश्य है कि दिल्ली का वायु प्रदूषण भी न बढ़े और साथ ही दिल्ली के नागरिकों की गाड़ियां भी जब्त न हों. गाड़ियों को केवल उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि उनके प्रदूषण स्तर के आधार पर चलने या बंद करने का निर्णय लिया जाएगा. बिना तैयारी नियम लागू करना जनता पर बोझ: प्रवेश वर्मा रेखा गुप्ता सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी आम जनता की परेशानी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने इस नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के लोग पहले से ही ट्रैफिक और प्रदूषण को लेकर दबाव में हैं, ऐसे में बिना पर्याप्त तैयारी के यह नियम लागू करना जनता पर और बोझ डालने जैसा है. प्रवेश वर्मा ने कहा कि गाड़ियों को उनकी उम्र नहीं, बल्कि उनके पॉल्यूशन स्टेटस को देखकर उसके आधार पर रोका जाना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी गुरुग्राम और नोएडा जैसे एनसीआर क्षेत्रों में यह नियम लागू नहीं है, फिर दिल्ली पर ही अचानक इसे लागू क्यों कराया गया है. दिल्ली सरकार इस नियम को लेकर विचार कर रही है. दिल्ली सरकार और CAQM के बीच होने जा रही है बैठक प्रवेश वर्मा ने जानकारी दी कि इस मुद्दे को लेकर दिल्ली सरकार और Commission for Air Quality Management (CAQM) के बीच बैठक होने जा रही है, जहां इस नियम को लेकर पुनः विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा, “हम चाहेंगे कि इस पर व्यापक बातचीत हो. जब पूरे एनसीआर में नियम लागू होंगे, तभी दिल्ली में इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए.” उन्होंने ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इस टेक्नोलॉजी को लागू करना आसान नहीं है. इसमें कई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं हैं. हाईकोर्ट का दखल- दिल्ली सरकार और CAQM से मांगा जवाब  बुधवार को हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और CAQM से जवाब मांगा है. दरअसल, Delhi Petrol Dealers Association ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उन्हें 'एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल' को ईंधन न देने के निर्देशों का पालन करवाने की कानूनी शक्ति नहीं है, फिर भी अगर कोई गाड़ी छूट जाए, तो उन्हें सजा दी जा रही है. याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अदालत में कहा, 'पेट्रोल पंप डीलर कानून प्रवर्तन एजेंसी नहीं हैं, उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपना नियम के खिलाफ है.' कोर्ट ने सरकार और CAQM को सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही कहा कि यदि पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई की जाती है, तो उसे अदालत के संज्ञान में लाया जाए. क्या है नियम? बता दें कि CAQM के निर्देश के अनुसार, दिल्ली में 1 जुलाई 2025 से 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को फ्यूल न देने का आदेश है. दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग और पुलिस इसके लिए संयुक्त रूप से निगरानी कर रही है. हालांकि, CNG गाड़ियों को इस आदेश से छूट दी गई है. साथ ही कहा गया है कि यदि कोई पेट्रोल पंप ऐसे वाहनों को ईंधन देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

नव-प्रवेशित छात्राओं का भारतीय परम्परानुसार हुआ स्वागत

भोपाल सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय भोपाल में 1 से 3 जुलाई तक आयोजित तीन दिवसीय दीक्षारम्भ कार्यक्रम समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ दीप्ति श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। नव-प्रवेषित छात्राओं एवं अभिभावकों का स्वागत, भारतीय परंपरानुसार तिलक लगाकर एवं पुष्पवर्षा से किया गया। इसके बाद प्राचार्य ने छात्राओं को संबोधित कर सभी संकायों के शैक्षणिक स्टॉफ का परिचय कराया और महाविद्यालय की सुविधाओं की जानकारी दी। दीक्षारंभ के द्वितीय दिवस का शुभारम्भ एन.डी.आर.एफ. दल ने छात्राओं को आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया। महाविद्यालय के पुस्तकालय, स्वशासी प्रकोष्ठ, एन. सी. सी., एन.एस.एस तथा महाविद्यालयीन छात्रावास की जानकारी दी गई। दीक्षारंभ के तीसरे दिन छात्राओं एवं अभिभावकों को महाविद्यालय परिसर का भ्रमण कराते हुये महाविद्यालय के भौतिक संसाधनों का परिचय कराया गया। इसके बाद महाविद्यालय के आईक्यूएसी ने महाविद्यालय में संचालित खेल-कूद, साहित्यिक, रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं अकादमिक गतिविधियों की जानकारी दी। दीक्षारम्भ कार्यक्रम का समापन समारोह, अतिरिक्त संचालक डॉ. मथुराप्रसाद एवं महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष डॉ. भारती कुम्भारें सातनकर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. दीप्ति श्रीवास्तव ने तीन दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम की गतिविधियों की जानकारी दी। अतिरिक्त संचालक डॉ. प्रसाद ने नव-प्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सशक्त नारी बनने के लिए प्रोत्साहित किया एवं डॉ. सातनकर ने भी प्रेरक उद्बोधन में छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।  

ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और नॉलेज शेयरिंग के लिये मेनिट एवं सीपीआरआई से भागीदारी की शुरुआत

भोपाल  ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और नॉलेज शेयरिंग के लिये आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी, मेनिट एवं सीपीआरआई से भागीदारी की शुरुआत की जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई की उपस्थिति में गुरुवार को इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ इस संबंध में सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किये। सम्मेलन में ऊर्जा कम्पनियों की तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को अलग-अलग करने, वितरण नेटवर्क की योजना एवं ग्रिड स्थिरता, नवकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के इनवर्टर से रिएक्टिव पॉवर क्षतिपूर्ति, कृषि आधारित पम्प लोड एवं मौसमी मांग पूर्वानुमान, क्षति पहचान एवं मांग विश्लेषण के लिये डेटा एनालिसिस, आउटेज पूर्वानुमान और सम्पत्ति प्रबंधन के लिये एआई के उपयोग के संबंध में गहन विचार-विमर्श हुआ। प्रतिनिधियों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिये संयुक्त अनुसंधान, फील्ड स्टडी और तकनीकी परियोजनाओं में काम करने में रुचि जताई। यह सम्मेलन बिजली वितरण क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव, शैक्षणिक ज्ञान और अनुसंधान क्षमताओं को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सम्मेलन में एमडी एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी श्री अविनाश लवानिया और एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी श्री क्षितिज सिंघल ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये।  

मुख्यमंत्री डॉ यादव सिंगरौली को देंगे 503 करोड़ के निर्माण कार्यों की सौगात

सिंगरौली मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 4 जुलाई को सिंगरौली जिले के सरई  में हायर सेकण्डरी स्कूल परिसर में आयोजित जनजातीय और महिला सम्मेलन में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री सम्मेलन में सिंगरौली जिले को 503 करोड़ 9 लाख 19 हजार रुपए के 54 निर्माण कार्यों की सौगात देंगे। समारोह में मुख्यमंत्री 104 करोड़ 67 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 20 निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री 398 करोड़ 41 लाख 93 हजार रुपए की लागत के 34 निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी करेंगे। इस संबंध में कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री संदीपनि हायर सेकण्डरी स्कूल चकरिया के नवनिर्मित भवन, विद्युत सब स्टेशन हरफरी, संदीपनि हायर सेकण्डरी स्कूल भवन हिरवाह का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री इसके साथ-साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, 8 सड़कों में डामरीकरण का कार्य, कालेज भवन बरगवां, लोक सेवा केन्द्र माड़ा और सरई तथा आयुष विंग के निर्माण कार्य का लोकार्पण करेंगे।   कलेक्टर ने बताया कि समारोह में मुख्यमंत्री 34 निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री 11 सड़कों का शिलान्यास करेंगे। इनका निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मेडिकल कालेज में 400 बिस्तर के अस्पताल भवन, एकल नलजल योजनाओं, नगर निगम सिंगरौली में सड़क निर्माण, नाली निर्माण सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री विधानसभा क्षेत्र चितरंगी के 13, विधानसभा क्षेत्र सिंगरौली के 25, विधानसभा क्षेत्र देवसर के 15 तथा विधानसभा क्षेत्र धौहनी के एक निर्माण कार्य का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे।

पशुपालन विभाग की मंत्री जोराराम कुमावत ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर, पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने पशुपालन विभाग के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने पशु चिकित्सा अधिकारी के 1100 पदों, पशुधन निरीक्षक के 2540 व पशु परिचर के 6433 पदों पर भर्ती को लेकर समीक्षा की। उन्होंने पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. आनंद सेजरा से भर्ती संबंधी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। श्री कुमावत ने बताया कि पशु चिकित्सा अधिकारी के 1100 पदों के लिए आरपीएससी को अर्भ्यथना भेज दी गई है। इसके अलावा पशुधन निरीक्षक की गत 13 जून-2025 को प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया जा चुका है, जिसका परिणाम जल्द से जल्द जारी करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी तरह पशु परिचर के डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है, मगर कुछ आवेदकों के कोर्ट में चले जाने के कारण मामले में विभाग की ओर से मजबूत पैरवी करने के लिए कहा गया है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना पर चर्चा करते हुए 15 अगस्त-2025 तक समस्त 16 लाख पशुओं का पशुपालन विभाग की ओर से हेल्थ सर्टिफिकेट जारी कर संबंधित बीमा कंपनी को पॉलिसी वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश के पशुपालन विभाग के भवनों की मरम्मत व नए भवन निर्माण का कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया। मंत्री श्री कुमावत ने नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के तहत आवेदनों के त्वरित निस्तारण, पशु चिकित्सा महाविद्यालय व डिप्लोमा कोर्स के संचालन को लेकर भी समीक्षा की। मंत्री श्री कुमावत ने लंम्पी, गलघोंटू व लंगड़ा बुखार सहित गौवंश में अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण की प्रगति के बारे में समीक्षा कर कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में  पशुपालन विभाग के डायरेक्टर डॉ. आनंद सेजरा मौजूद रहे।