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हरियाणा सरकार का नया फैसला: परिवार पहचान पत्र से जुड़ेगा अतिरिक्त डाटा, जानिए क्या होगा फायदा

चण्डीगढ़ हरियाणा में सरकार ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके तहत अब परिवार पहचान पत्र धारकों का लैंड और टैक्स से जुड़ा डाटा सरकार की ओर से पीपीपी में जोड़ा जाएगा। सरकार के फैसले के तहत भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का डाटा, जिसमें आयकर रिटर्न, बैंक अकाउंट, स्रोत पर कर कटौती और अन्य वित्तीय लेनदेन का विवरण को शामिल किया जाएगा। अभी प्रत्येक परिवार पहचान पत्र केवल आधार और लाभार्थियों के मामले में एक ही बैंक खाते से जुड़ा है। दूसरे चरण में, इसका दायरा बढ़ाकर इसमें व्यापक दस्तावेज शामिल किए जाएंगे।   सीबीडीटी डेटाबेस को लिंक करने से अधिकारियों को फैमिली आईडी से जुड़े सभी बैंक खातों की जानकारी मिल सकेगी। इसी तरह, आईटीआर से किसी व्यक्ति या परिवार की वित्तीय स्थिति की गहरी जानकारी मिलेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी सहायता केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।  इसकी पुष्टि करते हुए, पीपीपी कार्यक्रम के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि योजना की उच्चतम स्तर पर समीक्षा की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में, राज्य भर में 76 लाख से ज्यादा परिवार पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 40 लाख से ज्यादा बीपीएल श्रेणी में आते हैं। खोला ने बताया, भूमि अभिलेखों और सीबीडीटी डेटा को पारिवारिक पहचान पत्रों के साथ एकीकृत करना कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब तक, आय और पात्रता का निर्धारण आय प्रमाण पत्र, आधार और सीमित सहायक दस्तावेजों के माध्यम से किया जाता रहा है।  सरकारी विभागों में पहले से ही डिजिटल अभिलेखों का विशाल भंडार मौजूद है। चरण-2 में अधिक सटीक और व्यापक आकलन के लिए इन डेटा सेट को एकीकृत करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-संचालित प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा।

पंजाब की महिला DSP मनदीप कौर का बड़ा खुलासा – प्रदर्शन के दौरान की गई बदसलूकी, बताया क्या-क्या हुआ

नाभा  नाभा में किसान और पुलिस आमने-सामने हुई झड़प में सुर्खियों में आई नाभा की DSP मनदीप कौर को लेकर अहम खबर सामने आई है। महिला DSP अब इस पूरे विवाद को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विवाद में किसानों की पगड़ी पुलिस द्वारा नहीं उतारी गई थी, बल्कि विवाद वहां पर मौज गलत लोगों के कारण हुआ। महिला  DSP ने बताया कि मौके की वीडियो क्लिप्स को गलत तरीके से तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। दरअसल, वहां पर किसानों के वेश में गुंडे आए थे जिन्होंने उन्हें पीछे से गलत तरीके से छुआ था।  महिला DSP ने बताया कि पिछले दिन चोरी हुई ट्रालियों को लेकर नगर काउंसिल की अध्यक्ष सुजाता चावला के पति पंकज पप्पू की गिरफ्तारी के बाद 22 सितंबर को डीएसपी दफ्तर के बाहर किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इस विरोध प्रदर्शन में 4 यूनियनों ने भाग लिया, जिनमें भारतीय किसान यूनियन आजाद, भारतीय किसान यूनियन भटेड कलां और क्रांतिकारी यूनियन शामिल थीं। डीएसपी मनदीप अपने दफ्तर से बाहर निकलीं तो उनके और किसानों के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि, उनके साथ कुछ किसानों ने बदतमीजी की थी। DSP मनदीप कौर ने मौके पर कहा कि मैंने किसानों को धरने से बिल्कुल भी नहीं रोका और वे धरना दे रहे थे। मैं उनसे बातचीत करने आई थी, और जब मैं गाड़ी लेकर जरूरी काम के लिए जाने लगी तो उन्होंने मेरी गाड़ी रोककर मेरे साथ खींच-तानी की और वर्दी को भी हाथ लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों ने मेरा जूड़ा भी खींचा गया था। अब DSP मनदीप कौर ने कहा है कि उन्हें एक भी ऐसा वीडियो लाकर दिखा दो कि पुलिस ने किसानों की पगड़ी उतारी है। नहीं उस वीडियो लाइव कर दें। यही नहीं श्री दरबार साहिब जाकर कसम खाकर कह दो कि मेरे साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ है। वहां पर किसानों के भेष में गुंडे थे, इसीलिए मैंने धरने प्रदर्शन के दौरान गुंडे शब्द का इस्तेमाल किया था। वहीं धरने से पहले किसानों ने कहा था कि,  सरकारी गाड़ियों को आने जाने के लिए जगह दी जाएगी। जोकि नहीं हुआ। जहां बात जुड़ा खोलने की है तो भी इन्होंने धक्का मुक्की में खोला है। लेकिन वीडियो क्लिप में दिखाया गया है कि, मैने खुद जुड़े को खोला है। दरअसल मेरा हाथ मेरे सिर पर गया था। उसका कारण ये था कि एक महिला के हाथ में कोई पत्थर जैसी वस्तु थी जो हमारे ऊपर हमला कर रही थी। उसे रोकने केलिए ही मेरा हाथ सिर के ऊपर गया था। इस क्लिप को भी गलत तरीके से पेश किया गया है। DSP मनदीप कौर ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान कहा जा रहा था कि इनके ऊपर चढ़ जाओ, पकड़ों इन्हें। ऐसे-ऐसे गलत शब्द इस्तेमाल किए जा रहे थे। यहां तक कि मुझे गलत तरीके से टच किया गया था। मुझे ही वहीं बल्कि इस दौरान मौजूद अन्य महिला मुलाजिमों को भी गलत तरीके से टच किया गया था। उन्होंने कहा कि कोई भी पुलिस मुलाजिम कभी भी नहीं चाहेगा कि उसके इलाके का माहौल खराब हो। उसके थाने के बाहर धरना लगाया जाए। महिला DSP किसानो से अपील की है कि,  जब कभी आप लोग इकट्ठ करें और धरने लगाएं तो  कृप्या इस बात का ध्यान जरुर रखें कि आपके धरनें में कैसे-कैसे लोग शामिल होने आ रहे हैं। कुछ गलत लोगों की वजह से विवाद बढ़ जाता है और आपकी मांगे सही होने के बावजूद सरकार व अफसरों तक नहीं पहुंच पाती।

छिंदवाड़ा ने स्वच्छता में रचा इतिहास, फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार से हुआ सम्मानित

भोपाल. छिंदवाड़ा जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। जिला पंचायत छिंदवाड़ा को अभिनव ‘’वॉश ऑन व्हील्स’’ नवाचार के लिए प्रतिष्ठित इंडिया सेनीटेशन कोएलिशन फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से नवाजा गया है। इसे सतत रखरखाव एवं सामुदायिक प्रबंधन श्रेणी में प्रदान किया गया, जिसके साथ ढाई लाख रुपये की नकद राशि भी प्राप्त हुई। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में छिंदवाड़ा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। छिंदवाड़ा देश का पहला जिला स्तरीय संगठन बन गया है, जिसे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छिन्दवाडा वॉश ऑन व्हील्स को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रशंसा मिल रही है। भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस नवाचार की सराहना की थी। इसके अलावा, यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिका अकॉलैड्स में भी स्थान पा चुका है जो मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। वॉश ऑन व्हील्स: स्वच्छता का अनूठा मॉडल वॉश ऑन व्हील्स नवाचार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की सफाई और रखरखाव की चुनौती का अभिनव समाधान प्रस्तुत किया है। मोबाइल इकाइयों के माध्यम से गांव-गांव जाकर शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल ने न केवल स्वच्छता को स्थायी बनाया, बल्कि सामुदायिक सहभागिता की मिसाल भी कायम की। इस नवाचार की प्रस्तुति 11 जून 2025 को सीईओ जिला पंचायत कुमार ने फिक्की की कार्यकारी निर्णायक समिति के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी थी, जिसे सर्वसम्मति से सराहा गया। आर्थिक और सामाजिक प्रभाव की इस पहल से संलग्न 45 स्वच्छता साथियों ने अब तक 40 हजार शौचालय इकाइयों की सफाई कर लगभग 40 लाख रुपये की आय अर्जित की है। यह मॉडल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बन रहा है। यह उपलब्धि न केवल छिंदवाड़ा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।  

पंजाब में अफसरों और कर्मचारियों को CM Mann की दो टूक – लापरवाही नहीं चलेगी

चंडीगढ़/जालंधर  पिछले तीन वर्षों के दौरान किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करने का दावा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले वर्षों की तरह, इस वर्ष भी राज्य सरकार पंजाब में सुचारू और समयबद्ध खरीद का इतिहास दोहराएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी किसान को कोई समस्या आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  यहां एक बैठक के दौरान राज्य में चल रहे खरीद कार्यों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार धान की सुचारू और शीघ्र खरीद सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों को समय पर भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना चाहिए। धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू है और 175 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लिए पहले ही व्यापक व्यवस्था की जा चुकी है। धान की सुचारू और निर्बाध खरीद की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी किसानों की कड़ी मेहनत से अर्जित फसल का दाना-दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने राज्य की खरीद एजेंसियों को चालू सीजन में धान की खरीद के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। पंजाब मंडी बोर्ड ने खरीफ खरीद सीजन 2025-26 में धान की खरीद के लिए 1822 रैगुलर खऱीद केंद्र नोटिफाई किए हैं। सभी नोटिफाइड मंडियों को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग, पंजाब को आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने किसानों से फसल को पूरी तरह से सुखाकर मंडियों में लाने की भी अपील की। धान की खरीद के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से पूरी खरीद प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि किसानों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। पंजाब में फसल खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए सरकार ने कई अनुकरणीय पहल की हैं। 

एनएचएआई इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कार्य शीघ्र करे पूर्ण: जल संसाधन मंत्री सिलावट

भोपाल. जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन अर्जुन बरोदा, झलारिया और कनाडिया फ्लाई ओवर का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही रोड चौड़ीकरण, सर्विस रोड दुरुस्ती और बंद लाइट चालू करने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो और ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त हो। मंत्री सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में एनएचएआई और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर एस.के. सिंह, एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर राकेश जैन, प्रमुख अभियंता जल संसाधन विनोद कुमार देवड़ा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि लक्षित कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मंत्री सिलावट ने इन कार्यों के लिए अधिकारियों की सहमति से समय-सीमा भी निर्धारित की। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार 15 जनवरी 2026 तक अर्जुन बरोदा का फ्लाई ओवर और 30 जनवरी 2026 तक झलारिया का फ्लाई ओवर पूर्ण होकर प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार 31 मार्च 2026 तक कनाडिया (एमआर 10) का फ्लाई ओवर, दीपावली के पहले फ्लाई ओवर के दोनों तरफ की सर्विस रोड की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आगामी 10 दिनों में पूरे मार्ग पर लाइट भी लगा दी जाएगी। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि इन मार्गों पर यातायात बाधित न हो इसके लिए एनएचएआई स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करें।  

जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने “के मार्ट” पहुंचे मुख्यमंत्री

  मंथली बजट में आई कमी, कम कीमत में लिया ज्यादा सामान, जीएसटी कटौती नहीं यह "बचत क्रांति" है, मोदी जी ही ले सकते हैं ऐसा साहसिक निर्णय – लोगों ने मुख्यमंत्री को दी ऐसी प्रतिक्रिया जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधार से बाजारों में बढ़ी रौनक जीएसटी दरों में कमी से रोज़मर्रा के सामान हुए सस्ते प्राइस टैग में सूचित की जा रही है जीएसटी दरों में कमी के बाद नई कीमत रायपुर, राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, इसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया पहुँचे हैं। दरअसल, जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की और यूपीआई से भुगतान भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मार्ट में ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामान खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गद्गद हो उठे और बोले कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है। इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—“यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुँचे।” इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—“यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा—“आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं।” जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी श्री टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—“पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।” स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी श्री लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—“पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।” उन्होंने आगे बताया—“पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।” चार ज़रूरी सामान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—“मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।” देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति श्री जितेंद्र और श्रीमती पद्मा देवांगन ने कहा—“हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।” गृहिणी श्रीमती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—“पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।” बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका श्रीमती सविता मौर्य और श्रीमती अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—“श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।” उल्लेखनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास विषय पर हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण

भोपाल. "बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास" विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान सीहोर में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 17 से 19 सितम्बर 2025 को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (NIEPID), हैदराबाद तथा जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बौद्धिक दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास, पुनर्वास की नवीन तकनीकों, शिक्षा एवं पुनर्वास सेवाओं की सुलभता पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न जिलों से आए शासकीय अशासकीय बौद्धिक दियांगजनों से सम्बंधित संस्थाओं के विशेष शिक्षकों, पुनर्वास पेशेवरों, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अभिभावक शामिल हुए। कार्यक्रम के उद्घाटन-सत्र में वक्ताओं ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परिवार, समाज एवं संस्थाओं की सामूहिक भूमिका अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान व्यवहार सुधार, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास तथा पुनर्वास संबंधी व्यावहारिक कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। समापन-सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने ऐसे प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि यह बौद्धिक दिव्यांगजनों की बेहतरी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री निर्मला भूरिया का बाल निकेतन का औचक निरीक्षण : बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दिए सख्त निर्देश

भोपाल. महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को भोपाल के हमीदिया रोड स्थित बाल निकेतन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से बातचीत कर उनकी शिक्षा, भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने संयुक्त संचालक श्रीमती नकीजहां कुरैशी और बाल निकेतन अधीक्षक श्री हरिओम शर्मा को निर्देशित किया कि बच्चों के आवास, पोषण, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की भावनात्मक और मानसिक आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री सुश्री भूरिया ने बाल निकेतन के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए रहने के कक्ष, इंडोर गेम्स हॉल, ऑडिटोरियम और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य और गायन प्रस्तुत कर अपने हुनर का प्रदर्शन किया, जिसे मंत्री सुश्री भूरिया ने सराहा। मंत्री से बच्चों ने अपने पसंदीदा पर्यटन स्थल पर भ्रमण की इच्छा भी जताई, जिसे सुनते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि बाल निकेतन में अनाथ, निराश्रित और परित्यक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से प्रवेश देकर उन्हें आवास, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह संस्था समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के पुनर्वास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।  

दिल्ली मेट्रो में वीडियो शूटिंग पर सख्त कार्रवाई, रील और डांस पर अब रोक

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो जो हमेशा अपनी साफ-सुथरी और समय पर चलने वाली ट्रेनों के लिए जानी जाती थी, अब सोशल मीडिया स्टार्स के लिए फेवरेट लोकेशन बन चुकी थी। ट्रेनों में शूटिंग, डांस या कोई भी कंटेंट बनाने के मामले अक्सर वायरल वीडियो के रूप में सामने आते रहते थे। लेकिन अब मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सख्त कदम उठाते हुए ट्रेनों में सोशल मीडिया शूटिंग पर पाबंदी लगा दी है। DMRC ने ऐलान किया है कि रील्स शूट करना, डांस करना या कोई भी सोशल मीडिया कंटेंट बनाना सख्त मना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। मेट्रो में सुनाई देगा अलर्ट दिल्ली मेट्रो ने 14 सितंबर से नई मुहिम शुरू की है, जिसके तहत ट्रेनों में रील्स बनाना, डांस वीडियो बनाना या कोई भी सोशल मीडिया कंटेंट बनाना सख्ती से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह मुहिम इस हफ्ते के अंत तक दिल्ली मेट्रो के हर कोने तक पहुंच जाएगी। यात्रियों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सीधे-सीधे चेतावनी दी जाएगी कि यह गतिविधियाँ पूरी तरह से मनाही हैं।    DMRC के अधिकारियों का कहना है कि ये नई घोषणाएँ पुरानी चेतावनियों का हिस्सा हैं, जैसे फर्श पर बैठना या कोच में खाना खाने से मना करना। इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि मेट्रो सफर एक आरामदायक और व्यवस्थित अनुभव बने रहे। DMRC अधिकारियों का कहना है कि ये घोषणाएँ केवल चेतावनी नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे कानून का डंडा भी है। भले ही मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 में रील बनाने का कोई सीधा जिक्र नहीं है, लेकिन मेट्रो परिसर में असुविधा पैदा करने वाले प्रावधानों के तहत उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यानी अगर आप पकड़े गए, तो आपकी जेब भी ढीली हो सकती है। क्यों उठाया गया यह कदम? DMRC के प्रधान कार्यकारी निदेशक, कॉर्पोरेट संचार, अनुज दयाल ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी की वीडियो शूटिंग के कारण दूसरे यात्रियों को परेशानी न हो।” साथ ही, DMRC ने सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया है जिसमें यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपने फोन पर तेज आवाज में संगीत बजाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मेट्रो यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाए रखने के लिए जरूरी है। पिछले कुछ सालों में दिल्ली मेट्रो सोशल मीडिया कंटेंट के लिए तेजी से लोकप्रिय स्पॉट बन गई है। कई लोग ट्रेन के अंदर नाच, लिप-सिंक और स्टंट वीडियो बनाते हैं, जो ऑनलाइन वायरल हो जाते हैं। लेकिन यह लोकप्रियता हमेशा सकारात्मक नहीं रही। कई बार ऐसे वीडियो अन्य यात्रियों के लिए परेशानी और असुरक्षा का कारण बने हैं। अप्रैल में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक व्यक्ति कोच के अंदर शराब पीते और उबला अंडा खाते हुए दिखा। वहीं, एक अन्य वीडियो में दो यात्रियों के बीच शर्टलेस झगड़ा देखने को मिला। 2023 में ही DMRC ने अपनी फ्लाइंग स्क्वॉड को निर्देश दिया था कि वे रील बनाने या आपत्तिजनक सामग्री शूट करने वाले यात्रियों पर निगरानी रखें। लेकिन इसके बावजूद ऐसे वीडियो लगातार वायरल होते रहे, जिससे यह साबित होता है कि पूरी तरह मैनेज करना आसान नहीं है। नियमित यात्रियों का कहना है कि यह समस्या केवल सोशल मीडिया ट्रेंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुविधा, आराम और सुरक्षा से भी जुड़ी है। DMRC यात्रियों के लिए कर रहा कोशिशें DMRC के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने कहा कि लगातार यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, चाहे तेज आवाज़ में संगीत बजाने पर रोक हो या वीडियो शूटिंग और डांस वीडियो बनाने पर प्रतिबंध, इन सभी पहलों का मकसद मेट्रो यात्रा को आरामदायक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। DMRC अधिकारियों ने बताया कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना अकेले पर्याप्त नहीं है। यात्रियों को समझाना और जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है। इसीलिए, मेट्रो में घोषणाओं के माध्यम से नियमित चेतावनी दी जा रही है और सोशल मीडिया पर भी यात्रियों को जागरूक करने के अभियान चलाए जा रहे हैं।

पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के लिए 25 सितंबर को विंध्याचल भवन में होंगे साक्षात्कार

भोपाल. पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना-2025 के अंतर्गत विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये आवेदन करने वाले युवाओं का साक्षात्कार 25 सितंबर (गुरुवार) को होगा। साधिकार चयन समिति द्वारा यह साक्षात्कार प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ किया जाएगा। साक्षात्कार विंध्याचल भवन के द्वितीय तल स्थित आयुक्त, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में होगा। सभी पात्र अभ्यर्थियों को समय पर उपस्थित होने के लिए निर्देश दिए गए हैं। हर वर्ष 50 छात्रों का होता है चयन पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के तहत हर वर्ष 50 छात्र छात्राओं का चयन किया जाता है। गत वर्षों में पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों छात्र छात्राएं इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।