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राठौड़ का गहलोत पर वार, कहा- कांग्रेस चला रही है झूठे मुकदमों की राजनीति

जयपुर राजस्थान की राजनीति में 2020 के सियासी घटनाक्रम को लेकर एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस सरकार पर निर्दोष भाजपा कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया, वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने भी गहलोत सरकार को एजेंसियों के दुरुपयोग के लिए कटघरे में खड़ा किया। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया और शेखावत को वॉइस सैंपल देने की चुनौती दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा ब्यावर निवासी भरत मालानी और उदयपुर निवासी अशोक सिंह को बरी करना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार ने 2020 में एसओजी और एसीबी का दुरुपयोग कर झूठे मुकदमे दर्ज कराए। उन्होंने कहा कि निर्दोष व्यक्तियों को जेल में डालकर कांग्रेस ने अपने ही अंदरूनी संघर्ष और सचिन पायलट को कमजोर करने की साजिश छिपाने की कोशिश की। राठौड़ ने इसे कांग्रेस की “नाकाम राजनीति और झूठ की हार” बताते हुए कहा कि जनता कांग्रेस को आने वाले चुनावों में सबक सिखाएगी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने जोधपुर में पत्रकारों से कहा कि अदालत ने एसीबी और सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है, जिससे साबित हो गया है कि कांग्रेस ने बदले की भावना से झूठे मुकदमे दर्ज करवाए। उन्होंने कहा कि सत्य को दबाया जा सकता है, पर समाप्त नहीं किया जा सकता। शेखावत ने गहलोत सरकार पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल कर लोकतंत्र का गला घोंटा। साथ ही उन्होंने जोजरी नदी परियोजना को रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि गहलोत ने अपने बेटे की हार का बदला लेने के लिए किसानों के हित में बनने वाले प्रोजेक्ट को अटका दिया। इधर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी शेखावत और भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि शेखावत इतने ही ईमानदार हैं तो उन्हें ऑडियो टेप मामले में वॉइस सैंपल देने से क्यों डर लगता है। गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा नेताओं ने 2020 में सचिन पायलट के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि 30 विधायकों को तोड़ने की साजिश, मानेसर ले जाए गए विधायकों, भाजपा नेताओं से हुई मुलाकातें और ईडी-आईटी की छापेमारी सबके सामने है। गहलोत ने शेखावत पर आरोप लगाया कि वे इस पाप से कभी मुक्त नहीं हो सकते। इस तरह तीनों नेताओं के बयान एक बार फिर राजस्थान की राजनीति को गरमाने वाले साबित हुए हैं। भाजपा जहां कांग्रेस पर झूठे मुकदमों और साजिशों का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा को 2020 में सरकार गिराने की कोशिशों का जिम्मेदार ठहरा रही है। अदालत के फैसले के बाद दोनों दल अपनी-अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं।

राज्यपाल पटेल ने रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर का लिया जायज़ा

मानवता के महादान प्रसंग का साक्षी बना राजभवन भोपाल मानवता के महादान रक्तदान का राजभवन बुधवार को साक्षी बना। विदित हो कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर रक्तदान और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम से वापस आकर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल सीधे राजभवन के शिविर में पहुंचे। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। शिविर में रक्तदान के लिए उपस्थित रक्त-दाताओं से चर्चा की। स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में चिकित्सकों से जानकारी प्राप्त की। रक्त दान-दाताओं का उत्साहवर्धन कर फलों की टोकरी उपहार स्वरूप भेंट की। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को बताया गया कि शिविर में स्वेच्छा से कुल 82 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। दान-दाताओं में राज्य‌पाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और विधि अधिकारी श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव भी शामिल थे। रक्तदाताओं में 13 महिलाएं और 69 पुरुष शामिल थे। नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के दौरान स्त्रीरोग, नेत्ररोग और मेडिसन रोग विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य किया। शिविर के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ ने तीन महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। नेत्ररोग विशेषज्ञों ने 75 महिला पुरूष के स्वास्थ्य की जाँच की। इसी तरह मेडिसन रोग विशेषज्ञों के द्वारा 30 नागरिकों को परामर्श सेवाएं प्रदान की। शिविर में विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य जाँच सुविधा से कुल 118 नागरिक लाभान्वित हुए। उल्लेखनीय है कि शिविर का शुभारम्भ बुधवार की प्रातः राजभवन के सांदीपनि सभागार में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया था। इस अवसर पर रेडक्रास सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी श्री रामेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

कार्यालय गिराने पर भड़के अखिलेश, बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ  सपा कार्यालय पर बुलडोजर चालने की बात पर बुधवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है. इस दौरान उन्होंने कहा है कि आज हमारा पार्टी कार्यालय गिरा रहे हैं. याद रखिए जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है. वह खुद एक दिन उस ही गड्ढे में गिरता है. यदि हमारी पार्टी का कार्यालय गिराया गया, तो सपा सरकार बनने पर बुलडोजर चलेगा.   एनकाउंटर करने से कुछ नहीं होगा अखिलेश यादव ने कहा कि आज हमारा जिला पार्टी कार्यालय गिरा रहे हैं. सपा सरकार में भी बड़े-बड़े काम हुए, अगर वहां पर कब्जा करके कुछ बनवाया गया होगा, सरकार बनने पर वहां बुलडोजर चलेगा. इसके साथ ही अखिलेश ने कहा एनकाउंटर करने से कुछ नहीं होगा. क्या एनकाउंटर करने से डकैती रुक गई, क्या एनकाउंटर करने से हत्याएं रुक गई. यह सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए एनकाउंटर कर रही है. सरकार को चाहिए लॉ एंड आर्डर बेहतर करें. सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति फेल हो गई है और सरकार पूरी तरह से जीरो हो गई है.   भागजा के लोग कीमती जमीनों पर कर रहे कब्जा सरकार के अंदर ही तस्करी करने वाले लोग बैठे हैं. यह सरकार ऐसे गोरखधंधे को बढ़ावा दे रही है. इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम की पावन धरती सहित मथुरा, वृंदावन, वाराणसी की कीमती जमीनों पर भाजपा के लोग लगातार कब्जा कर रहे हैं. मुख्यमंत्री की नगरी गोरखपुर में भी इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार कैसे वोट चोरी कर रही है, वह इसी बात से पता चलता है कि महोबा के एक ही घर के पते पर 4000 वोट बना दिए गए उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है. कहा कि भारतीय जनता पार्टी के झूठे प्रचार से बचें. इनके पास एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है. जो झूठा प्रचार करने के लिए है।

बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी: पंजाब सरकार देगी 2000 नौकरियां

चंडीगढ़  पंजाब के औद्योगिक विकास को और प्रोत्साहन देने और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में कारोबार करने को सुगम बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि हैपी फोर्जिंग्स लिमिटेड (एचएफएल) पंजाब के जिला लुधियाना में 1000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। हैपी फोर्जिंग्ज़ लिमिटेड ऑटो और इंजीनियरिंग विशेष उत्पादों के निर्माण में एक प्रमुख इकाई है तथा देश में इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एचएफएल कंपनी का काम घरेलू और निर्यात बाजार दोनों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की फोर्जिंग और मशीनिंग पर केंद्रित है, जो कि वाणिज्यिक वाहन, यात्री वाहन, कृषि उपकरण, ऑफ हाईवे सेगमेंट, बिजली उत्पादन, रेलवे, तेल और गैस, विंड टरबाइन उद्योगों और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करता है। दिसंबर 2023 में स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने के बाद, एचएफएल वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10,000 करोड़ रुपए के मार्केट कैपिटलाइजेशन और 1,409 करोड़ रुपए के राजस्व के साथ पंजाब की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में से एक बनकर उभरी है। पंजाब एचएफएल के निर्माण कार्यों का प्रमुख केंद्र है संजीव अरोड़ा ने बताया कि पंजाब एचएफएल के निर्माण कार्यों का प्रमुख केंद्र है, जिसने 30 जून 2025 तक 1,500 करोड़ रुपए के पूंजी निवेश से लगभग 4000 लोगों को सीधा रोजगार दिया है। यह कंपनी भारत के साथ-साथ भारत से बाहर भी सभी प्रसिद्ध ओईएम (निम्नलिखित अनुसार )के लिये एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, जो निम्नलिखित प्रमुख ग्राहकों के साथ वाणिज्यिक वाहन, कृषि उपकरण, ऑफ-हाइवे और औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करती हैः- कंपनी की भविष्य की योजना के बारे में जानकारी देते हुए आशीष गर्ग ने कहा कि एचएफएल अपने विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार करने के लिए चरणबद्ध तरीके से 1000 करोड़ रुपए से अधिक का महत्वपूर्ण निवेश करने जा रही है। हालांकि कंपनी को अन्य राज्यों से भी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, लेकिन एचएफएल राज्य सरकार और उसकी नीतियों में पूरा विश्वास रखते हुए पंजाब में ही अपना निवेश जारी रखना चाहती है। इस महत्वपूर्ण निवेश से राज्य में 300 से अधिक इंजीनियर पदों सहित 2000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसके अलावा कई सहायक इकाइयों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा और स्टील की खपत में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को और मजबूती मिलेगी। प्रस्तावित निवेश एशिया की सबसे आधुनिक फोर्जिंग सुविधाओं में से एक एचएफएल के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष गर्ग ने कहा कि यह उत्साहजनक है कि पंजाब सरकार हाल ही में बनाई गई सेक्टोरल समितियों के तहत नई औद्योगिक नीति ला रही है और हमें पूरा विश्वास है कि ये नीतियां उद्योग की जरूरतों के अनुरूप होंगी। प्रस्तावित निवेश एशिया की सबसे आधुनिक फोर्जिंग सुविधाओं (1000 किलोग्राम से 3000 किलोग्राम भार वाले एक टुकड़े का उत्पादन करने में सक्षम) में से एक होगा, जो एशिया में पहला और विश्व में दूसरा सबसे बड़ा होगा। एयरोस्पेस, रक्षा और परमाणु संबंधित क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम आशीष गर्ग ने आगे कहा कि इन क्षमताओं में निवेश से एचएफएल रणनीतिक रूप से गैर-ऑटोमोटिव औद्योगिक उत्पादों जैसे एयरोस्पेस, रक्षा और परमाणु संबंधित क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नई जीएसटी पंजीकरण के अंतर्गत प्रोत्साहनों से जुड़े तकनीकी मुद्दों के कारण कंपनी मौजूदा जीएसटी पंजीकरण के तहत ही अपने मौजूदा प्लांट के विस्तार हेतु और पूंजी निवेश करेगी। उन्होंने आगे कहा कि हम एक सफल दीर्घकालिक साझेदारी की उम्मीद कर रहे हैं।

बच्चों को नहलाया, कपड़े धोए और नाखून काटे – पीएम मोदी के जन्मदिन पर BJP सांसद का अलग अंदाज

रीवा मध्यप्रदेश के रीवा जिले में सांसद जनार्दन मिश्रा का अनोखा अंदाज देखने को मिला। सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत मंगलवार को वे बड़ागांव पंचायत पहुंचे, जहां उन्होंने मुसहर समाज के बच्चों को खुद नहलाया, उनके नाखून काटे और गंदे कपड़े भी धोए।   सांसद ने इस मौके पर ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छता का महत्व समझाते हुए कहा कि साफ-सुथरे रहकर ही स्वस्थ जीवन संभव है। उन्होंने समझाया कि बच्चों की नियमित साफ-सफाई और स्वच्छ कपड़े पहनाना उतना ही जरूरी है, जितना उनकी पढ़ाई। मिश्रा ने बच्चों को नहलाने और कपड़े धोने के बाद उन्हें स्कूल भेजने के लिए तैयार भी किया। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से अपील की कि वे पढ़ाई के साथ बच्चों की स्वच्छता पर ध्यान दें, क्योंकि जब बच्चे साफ-सुथरे होकर स्कूल जाएंगे तभी उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे शिक्षा के महत्व को समझ पाएंगे। गांव में मौजूद लोग सांसद को बच्चों को नहलाते और कपड़े धोते देख हैरान रह गए। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सांसद मिश्रा अपने अलग अंदाज से चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी वे स्वच्छता अभियान के तहत खुद हाथों से शौचालय साफ कर चुके हैं, जो उस समय भी खूब चर्चा का विषय बना था।

राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय विश्वकर्मा एक्सपो-2025 का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

– मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एमएसएमई क्षेत्र के लिए ₹1.32 लाख करोड़ का मेगा ऋण हुआ वितरित – विश्वकर्मा जयंती पर प्रदेश के 12 हजार कारीगरों को दिया गया टूलकिट – प्रदेश में निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से हुई 111 कनिष्ठ सहायकों की भर्ती के बाद सौंपा गया नियुक्ति पत्र – 23 कंपनियां यूपी के कारीगरों को देंगी प्रशिक्षण, तीन महत्वपूर्ण एमओयू का हुआ आदान-प्रदान लखनऊ, राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘विश्वकर्मा एक्सपो-2025’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि परंपरागत 11 कारीगर ट्रेड्स के साथ अब 12 नए ट्रेड्स को जोड़ा गया है। इनमें मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिकल गुड्स रिपेयरिंग, प्लंबर, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर पैनल रिपेयरिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, ब्यूटी एंड वेलनेस सहित अन्य शामिल हैं। सीएम योगी ने कहा कि इन नए क्षेत्रों को जोड़कर युवाओं को आत्मनिर्भरता, आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े आठ साल में हमारे कारीगरों, शिल्पकारों ने यूपी को बीमारू राज्य से बाहर निकालकर इसे विकास का ग्रोथ इंजन बना दिया है। अब कोई मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही इसे बीमारू राज्य कहता होगा, अन्यथा पूरे देश की धारणा उत्तर प्रदेश को लेकर बदल चुकी है। यूपी अब अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला प्रदेश हो चुका है। एमएसएमई सेक्टर के लिए ₹1.32 लाख करोड़ का ऋण कार्यक्रम में प्रदेशभर के कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए बैंकों द्वारा ₹1,32,000 करोड़ का ऋण वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि कई राज्यों के वार्षिक बजट से भी अधिक है। मंच से सीएम योगी ने सीतापुर की शशि देवी को ₹2 लाख और लखनऊ की अंशु शर्मा को ₹9.5 लाख का ऋण प्रदान किया। 12 हजार कारीगरों को टूलकिट वितरण विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर के 12,000 कारीगरों को टूलकिट वितरण किया गया। इनमें लखनऊ के ऋत्विक कनौजिया और प्रियंका कुमारी को मंच से टूलकिट प्रदान कर मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। युवाओं को जॉब सीकर नहीं, जॉब प्रोवाइडर बनाना लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी अब बीमारू प्रदेश नहीं, बल्कि देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है। 2017 में जहां 100 रुपये जमा पर केवल 44 रुपये का ऋण मिलता था, वहीं आज यह अनुपात 62 प्रतिशत हो गया है। लक्ष्य है कि अगले वित्तीय वर्ष तक इसे 75 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब प्रोवाइडर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ओडीओपी से मिली नई पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि परंपरागत उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना अब पूरे देश के लिए मॉडल बन गई है। इस योजना ने यूपी को 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये का निर्यात करने वाला राज्य बना दिया है। इससे लाखों युवाओं को रोजगार और प्रदेश को नई पहचान मिली है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है ग्रामीण भारत अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विचार को याद किया। उन्होंने कहा कि पहले गांव आत्मनिर्भर हुआ करते थे और वहां के कारीगर और शिल्पकार ही सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को मजबूती देते थे। उन्होंने आह्वान किया कि आज भी कारीगर अपनी विशेषज्ञता और हुनर से प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाएं। उन्होंने कहा कि हमारे कारिगरों के पास सबकुछ है। आज क्रिकेट और फुटबॉल दुनियाभर में खेला जाता है, मगर उसकी सामग्री तैयार होती है मेरठ में। चमड़े का कार्य आगरा में होता है। कार्पेट में वाराणसी, मीरजापुर और भदोही के कारीगरों का हुनर पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है। एमओयू से नई तकनीकी ट्रेनिंग का रास्ता खुला इस अवसर पर विभिन्न कंपनियों और संगठनों के साथ 3 महत्वपूर्ण एमओयू साइन किए गए। इन कंपनियों में रेलटेल इंडिया, जीएमआर, शाही एक्सपोर्ट्स, यदुपति, ऊषा इंटरनेशनल, लक्मे, मिस्टर ब्राउन, राधेलाल, धोबीलाइट, मेसर्स ऐप्टेक, लाउंड्री लेजेंड, समाधान, महेश नमकीन, मिंडा सिल्का, केयर स्किल एकेडमी, अपैरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर, रॉयल इम्पैक्ट, विजय इंडस्ट्रीज, श्याम सन्स, अजिमुत बिजनेस ऑन व्हील्स, जेडी वेलफेयर, ब्लैक पॉटरी फाउंडेशन, एचसीएल फाउंडेशन, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के सीए चरनजीत सिंह नंदा, सीए ज्ञानचंद मिश्रा मौजूद रहे। ये कंपनियां परंपरागत कारीगरों को नई तकनीक से प्रशिक्षित करेंगी। कनिष्ठ सहायकों को सीएम ने सौंपा नियुक्ति पत्र प्रदेश के 111 कनिष्ठ सहायकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने मंच से 11 अभ्यर्थियों को स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपा। इनमें औरैया की शिवा दीक्षित, मथुरा की ज्योति सिंह, हमीरपुर के रोहित कुमार, बांदा के नंदबाबू पटेल, देवरिया के अमित कुमार गोंड, बहराइच के रजनीश कुमार तिवारी, अंबेडकर नगर संध्या वर्मा, लखनऊ की श्वेता श्रीवास्तव, कानुपर की कविता मौर्या, उन्नाव के शशांक यादव, हापुड़ के रविन्द्र निगम को नियुक्ति पत्र वितरित किया। एक्सपो और ट्रेड शो से मिलेगा बड़ा बाजार सीएम योगी ने बताया कि विश्वकर्मा एक्सपो 17 से 19 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन होगा, जिसमें दुनिया भर के खरीदार आएंगे। उन्होंने कारीगरों और उद्यमियों से अपील की कि वे इस मौके का लाभ उठाएं और अपने प्रोडक्ट को वैश्विक मंच तक पहुंचाएं। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर बड़ा तोहफा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की जयंती के साथ ही आज देश के सबसे लोकप्रिय नेता और नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जन्मदिन है। उन्होंने इस अवसर को “दोगुनी खुशी का दिन” बताते हुए कहा कि पीएम मोदी ने विकसित भारत 2047 का जो लक्ष्य रखा है, उसे पूरा करने में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका होगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, पूर्व एमएलसी मोहसिन रजा, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई आलोक कुमार, सचिव प्रांजल यादव, विजयेन्द्र पांडियन, शैलेन्द्र कुमार सिंह, दीपक कुमार डे समेत विभिन्न उपकरणों के सप्लायर्स, 22 प्रशिक्षण दाता संस्थानों के सीएमडी सीईओ, ऋण और टूलकिट प्राप्त करने वाले कारिगर और शिल्पकार, बैंकर्स और बड़ी संख्या में चार्टेड अकाउंटेंट्स मौजूद रहे।

पीएम सूर्यघर योजना में डबल सब्सिडी से डबल हुई आवेदन और स्थापना की गति

अब तक 58,500 आवेदन, 6,500 स्थापना व 17,000 स्थापना प्रक्रियाधीन हॉफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहा आकर्षण सस्ती बिजली हेतु सरकारी योजना के बदले लोग चाहने लगे आत्मनिर्भरता रायपुर,  प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा भी सब्सिडी देने से आवेदनों तथा रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट की औसत मासिक संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल से शून्य बिजली बिल की ओर कदम बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयार हो रहे हैं, जिसका असर आने वाले महीनों में बड़ी उपलब्धि के रूप में दिखाई पड़ेगा। शासन की मंशानुसार उपभोक्ताओं का रुझान अब सस्ती बिजली हेतु सरकारी योजना के बदले आत्मनिर्भरता की तरफ बढने लगा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा एक किलोवाट के लिए 30,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 60,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए 78,000 रूपये सब्सिडी प्रदान की जा रही थी। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 18 जून, 2025 को आयोजित राज्य मंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से भी सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत एक किलोवाट के लिए 15,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 30,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए भी 30,000 रूपये सब्सिडी देने की घोषणा की गई। जिससे एक से लेकर तीन किलोवाट तक कुल सब्सिडी क्रमशः 45,000 रूपये, 90,000 रूपये तथा 1,08,000 रूपये हो गई है। मार्जिन मनी के लिए बैंकों से 10 वर्षों के लिए 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल पर राज्य सब्सिडी का प्रदाय जल्दी से जल्दी करने के निर्देश दिये गये। जिसके कारण 8 सितम्बर को आयोजित एक कार्यक्रम में 618 हितग्राहियों के बैंक खाते में 1.85 करोड़ रूपये की सब्सिडी उनके बैंक खातों में अंतरित कर दी गई। साथ ही यह व्यवस्था की गई है कि अब स्थापना के एक माह के भीतर स्टेट सब्सिडी दे दी जाएगी। इस तरह उपभोक्ताओं का विश्वास तथा उत्साह तेजी से बढ़ा है। राज्य सब्सिडी घोषित होने के पूर्व औसत मासिक आवेदनों की संख्या 1,607 थी तथा स्थापनाओं की सख्या 337 थी। वहीं 18 जून को स्टेट सब्सिडी घोषित होने के बाद आवेदनों की औसत मासिक सख्या 3,906 हो गई है तथा स्थापनाओ की औसत प्रतिमाह सख्या 744 हो गई है। इस तरह अब प्रदेश में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए काफी उत्साह देखा जा रहा है। कुल आवेदनों की संख्या 58,500 हो गई है, जिनमें से 6,500 घरों में रूफटॉप सोलर पेनल लगाये जा चुके हैं तथा 17,000 का कार्य प्रगति पर है।

UP पुलिस में बदला सितारा: ममता रानी चौधरी को मिली लखनऊ की DC की कमान, 7 IPS को नई जिम्मेदारियां

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. बुधवार को जारी आदेश में राज्य सरकार ने सात आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं. इससे पहले मंगलवार को सरकार ने 16 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर का फैसला लिया था, जिससे प्रदेश प्रशासन में व्यापक फेरबदल देखने को मिला. गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, डीआईजी स्थापना पद पर कार्यरत देव रंजन वर्मा को अब पुलिस उप महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ में भेजा गया है. वहीं ममता रानी चौधरी को पुलिस उपायुक्त लखनऊ कमिश्नरेट का दायित्व सौंपा गया है. लखनऊ कमिश्नरेट में उनकी तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राजधानी में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है. अभिजीत कुमार को मेरठ भेजा गया इसके अतिरिक्त, सतीश कुमार को पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है. वहीं, अभिजीत कुमार को अपर पुलिस अधीक्षक, मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है, ऐसे में उनकी तैनाती काफी मायने रखती है. आईपीएस अतुल कुमार श्रीवास्तव को पुलिस उपायुक्त, कानपुर नगर कमिश्नरेट नियुक्त किया गया है. औद्योगिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम शहर कानपुर में कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी. इसी तरह, शैलेंद्र कुमार सिंह को पुलिस उपायुक्त, गौतम बुध नगर पुलिस कमिश्नरेट भेजा गया है. गौतम बुध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) क्षेत्र आईटी हब और कारोबारी गतिविधियों का बड़ा केंद्र है, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन हमेशा सक्रिय रहता है. आईपीएस त्रिगुण बिसेन को गाजियाबाद की जिम्मेदारी इसके अलावा, आईपीएस त्रिगुण बिसेन को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त बनाया गया है. दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन दोनों ही बड़ी चुनौतियां मानी जाती हैं. इन तबादलों को सरकार के उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत लगातार पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को नए सिरे से संगठित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में यह देखा गया है कि सरकार समय-समय पर बड़े स्तर पर तबादले करती रही है, ताकि बेहतर समन्वय और सख्त कानून-व्यवस्था लागू की जा सके.  

हाईकोर्ट में याचिका: महाकाल मंदिर के पुजारी-पुरोहित की नियुक्ति बिना आधार, जांच के आदेश

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पुरोहित और मंदिर समिति के 306 कर्मचारी की नियुक्ति को हाईकोर्ट इंदौर में लगाई गई याचिका में अवैध बताया है। उज्जैन की याचिकाकर्ता सारिका गुरु ने मंदिर में पूजन पाठ कर रहे पुजारी पुरोहित और कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि मंदिर समिति ने न तो किसी अखबार में विज्ञप्ति निकाली। न ही कोई टेस्ट लिया। समिति ने बिना किसी आधार पर नियुक्ति की है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए उज्जैन कलेक्टर से पूरे मामले में 3 माह में जवाब मांगा है। उज्जैन के फ्रीगंज क्षेत्र में रहने वाली सारिका गुरु ने 16 जून 2025 को इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए 1 सितंबर को हुई सुनवाई में उज्जैन कलेक्टर से जवाब मांगा है। उज्जैन की सारिका गुरु ने कहा कि मंदिर परिसर के 40 मंदिरों में नियुक्त पुजारी पुरोहित और मंदिर में 300 से अधिक कर्मचारी की नियुक्ति अवैध है। नियुक्ति का आधार क्या- सारिका गुरु ने मंदिर समिति से आरटीआई में पुजारी पुरोहित और कर्मचारियों की नियुक्ति के संबध में दस्तावेज मांगे थे। जिसमें पूछा था कि मंदिर परिसर के 40 मंदिरों में पुरोहित पुजारी और मंदिर में 300 से अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति किस आधार पर की गई। इसके लिए क्या के मापदंड तय किए गए। किस पेपर में विज्ञप्ति निकाली गई। जब मंदिर समिति ने गोपनीय दस्तावेज का हवाला देकर किसी भी प्रकार के दस्तावेज देने से इंकार कर दिया और मंदिर समिति ने दस्तावेज नहीं उपलब्ध करवाए थे। 7 फरवरी को राज्य सूचना आयोग में अपील की। जिसका 30 अक्टूबर 2023 को जवाब आया। इसके बाद भी याचिकाकर्ता को किसी भी तरह के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। जिसके बाद सारिका गुरु ने नवंबर माह में महाकाल मंदिर के कर्मचारियों और पुरोहित की नियुक्ति संबंधी दस्तावेज मंदिर समिति और राज्य सूचना आयोग द्वारा उपलब्ध नहीं करने को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में 12 नवंबर 2023 को याचिका लगाई थी। आरोप 19 मंदिरों का एक पुजारी कैसे याचिकाकर्ता सारिका गुरु ने बताया कि महाकाल मंदिर परिसर में स्थित 19 मंदिरों में एक ही पुजारी की नियुक्ति की है। यह अवैध है। आखिरकार कैसे एक ही पुजारी 19 मंदिरों का कामकाज देख सकता है। मंदिर में बिना वेरिफिकेशन दस्तावेज की जांच और बिना विज्ञप्ति जारी किए अपनों को समिति ने नियुक्ति दे दी है। मंदिर की सूची में ये हैं पुजारी और पुरोहित     16 पुजारी : गौरव शर्मा, दिलीप शर्मा, विजय शंकर शर्मा, विजय शर्मा, श्रीराम शर्मा, गणेश नारायण शर्मा, संजय शर्मा, अजय शर्मा, कैलाश नारायण शर्मा, अमर शर्मा, स्व. शांति कुमार, राजेश शर्मा, घनश्याम शर्मा, दिनेश त्रिवेदी और कमल शर्मा है।     22 पुरोहित : शरदचंद्र व्यास, विनोद व्यास, राधेश्याम शास्त्री, कौशल व्यास, चंद्र शेखर शर्मा, सुभाष शर्मा, बालकृष्ण जोशी, अजय शर्मा, स्व. सूर्यनारायण जोशी, नीरज शर्मा, विजय उपाध्याय, लोकेंद्र व्यास, अशोक शर्मा, स्व. रवि पंडित, दीपक भट्ट, मुकेश शर्मा, स्व. गणेश नारायण, विपुल चतुर्वेदी, गोपाल व्यास, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा और विश्वास कराड़कर है।

आरपी-संजीव गोएनका ग्रुप 3,000 करोड़ से 3 GW सोलर सेल और इंटीग्रेटेड सोलर हब लगाएगा

दोनों परियोजनाओं से 7,000 से अधिक रोजगार होंगे सृजित और स्वदेशी विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा योगी सरकार के निवेश-फ्रेंडली माहौल से यूपी बन रहा है औद्योगिक हब ग्रेटर नोएडा/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार बड़े निवेश का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा, जब दो बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को हरी झंडी मिली। आरपी-संजीव गोएनका ग्रुप ने यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में 3 GW सोलर सेल और इंटीग्रेटेड सोलर ईकोसिस्टम हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही 60 मेगावाट कैप्टिव सोलर और एनर्जी स्टोरेज (ESS) प्लांट भी लगेगा। करीब 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से बनने वाली यह परियोजना न केवल भारत की नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांजिशन को गति देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को सोलर मैन्युफैक्चरिंग में लीडर बनाएगी। दूसरी तरफ, मिंडा कॉर्पोरेशन लि. ने यीडा के सेक्टर 10 में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ वायरिंग हार्नेस, सेंसर और कनेक्टर्स प्रोजेक्ट स्थापित करने की घोषणा की है। ऑटोमोबाइल सेक्टर की जरूरतों के लिए यह यूनिट क्लस्टर्स और कॉस्ट-इफेक्टिव इंजीनियरिंग समाधान विकसित करेगी। यह प्रोजेक्ट 2,200 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 अप्रत्यक्ष रोजगार देगा। दोनों निवेश उत्तर प्रदेश में स्वदेशी निर्माण, रोजगार सृजन और वैश्विक तकनीक को बढ़ावा देंगे और कुल 7 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करेंगे। विकसित होंगी अत्याधुनिक तकनीकें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-फ्रेंडली नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण आज यूपी ग्लोबल कंपनियों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य बन चुका है। आरपी-संजीव गोएनका ग्रुप द्वारा स्थापित किए जा रहे इंटीग्रेटेड सोलर ईकोसिस्टम हब में TOPCon और Perovskite-Tandem सेल टेक्नोलॉजी जैसी अत्याधुनिक तकनीकें विकसित होंगी, जिनकी क्षमता 28–30% तक दक्षता देने की है। इससे बिजली की लागत 10–15% तक घटने की उम्मीद है। परियोजना से 1,200 से अधिक प्रत्यक्ष और 4,000 अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे। यीडा ने इसके लिए सेक्टर-8D में 100 एकड़ जमीन आवंटित करते हुए लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है। दूसरी ओर, मिंडा का निवेश खासतौर से इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), ऑटोनॉमस ड्राइविंग और ADAS टेक्नोलॉजी के तेजी से बढ़ते बाजार को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।