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नए आपराधिक कानूनों की सफल क्रियान्विति में राजस्थान बने देशभर में रोल मॉडल : मुख्य सचिव

जयपुर, मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि नए आपराधिक कानून देश की न्यायिक प्रक्रिया को और सुदृढ़ बनाने के साथ आमजन को त्वरित एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप राज्य में इन कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए गंभीरता से कार्य किया जाए और प्रदेश को देशभर में एक रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए। पंत गुरुवार को शासन सचिवालय में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि अनुसंधान अधिकारियों को नए कानूनों के सभी प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी हो इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। साथ ही आमजन को भी नए कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाये जाएँ। मुख्य सचिव ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में गवाहों के इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से साक्ष्य लेने, एफआईआर दर्ज करने और सम्मन जारी करने जैसे प्रावधान किए गए हैं, जिनसे न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी तथा अनावश्यक समय और संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम की स्थापना, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, पुलिस स्टेशनों पर हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा, पर्याप्त मानव संसाधनों की नियुक्ति तथा आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि नए कानूनों के तहत अनुसंधान एवं प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए जिलास्तरीय अधिकारियों को नियमित रूप से समीक्षा बैठकें आयोजित करनी चाहिए और क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों का समय पर समाधान करना चाहिए। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कानूनों की बेहतर और प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए सावंत, शासन सचिव वित्त(व्यय) नवीन जैन, शासन सचिव सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी अर्चना सिंह सहित सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ी: 2024 से अब तक 14 नए कैंप स्थापित, तुमालभट्टी में भी हुआ नया कैंप

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित ग्राम तुमालभट्टी में पुलिस प्रशासन ने नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया है। यह कदम छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना से क्षेत्र की ग्रामीणों को लाभान्वित करने उद्देश्य से उठाया गया है। सुरक्षा बलों ने भारी चुनौतियों के बीच हासिल की सफलता कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भारी मानसून के बावजूद सुरक्षा बलों ने डटकर सभी चुनौतियों का सामना किया और सुरक्षा कैंप की स्थापना की। इसके साथ ही कोंटा से किस्टाराम को सीधा जोड़ने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित होगा। आगामी दिनों में दोनों इलाकों के बीच दूरी घटकर लगभग आधी हो जाएगी। कैंप की स्थापना से ग्रामीणों को योजनाओं का मिलेगा लाभ सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण सुदृढ़ होगा और ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त होगा। यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक सफलता है, जो ग्रामीणों के जीवन में शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा प्रदान करेगा। इस कैंप की स्थापना से क्षेत्र में माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, नक्सल विरोधी अभियान में तेजी आएगी तथा आसपास के ग्रामीणों को सड़क, पुल-पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं, पीडीएस दुकानें, शिक्षा और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नए सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र के आमजन में उत्साह का माहौल है। 2024 से अब तक 14 नए सुरक्षा कैंप स्थापित, 518 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में सुरक्षा बलों द्वारा कुल 14 नए कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन सुरक्षा कैंपों की स्थापना से नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी आई है। इसी अवधि में नक्सल विचारधारा को त्यागकर 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 63 माओवादियों को मार गिराने और 447 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई स्थापना यह सुरक्षा कैंप पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक (परि.) राजेश पांडेय और सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में स्थापित किया गया। साथ ही सीआरपीएफ 217, 212, 207 कोबरा बटालियन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। अब तक स्थापित किये गए 14 नए सुरक्षा कैंपों की सूची बता दें कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के अंतर्गत कुल 14 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। इनमें टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुड़े़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम, उसकावाया, नुलकातोंग और तुमालभट्टी शामिल हैं।

जिन्ना की अंतिम घड़ियां: खराब एंबुलेंस में पड़े रहे, चेहरे पर मक्खियां तक बैठीं

लखनऊ  मोहम्मद अली जिन्ना आधुनिक भारत के इतिहास की ऐसी शख्सियत रहे हैं, जिन्हें विभाजन का सबसे बड़े दोषी कहा जाता है। खोजा इस्मायली परिवार में गुजरात के काठियावड़ में जन्मे मोहम्मद अली जिन्ना की शख्सियत कई विरोधाभासों से भरी रही। अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन में वह हद दर्जे के धर्मनिरपेक्ष नेता बनने के प्रयास करते रहे तो वहीं आखिरी एक दशक में इतने सांप्रदायिक बने कि पाकिस्तान ही बनवा दिया। इसी तरह पहनावे, व्यवहार और खान-पान में वह निहायत ही पश्चिमी सभ्यता का पालन करते थे, लेकिन राजनीतिक राह ऐसी पकड़ी कि कट्टरता की हद तक गए। ऐसी ही एक विडंबना उनकी मृत्यु के साथ भी जुड़ी है। उन्होंने जिस पाकिस्तान को बनवाने के लिए लड़ाई लड़ी और एक प्राचीन देश का बंटवारा कराया, वहां उनकी मृत्यु भी बेहद दुखद रही। वह अपने आखिरी दिनों में एकदम अकेले से पड़ गए थे। राजनीतिक संघर्ष में वह किसी खेमे के नहीं रह गए थे और अकेले में मरने को मजबूर हुए। उन्हें क्षय रोग यानी टीबी की समस्या हो गई थी। वह इस बीमारी से विभाजन से पहले से पीड़ित थे, लेकिन छिपाते रहे। ऐसा इसलिए ताकि उनकी भारत विभाजन की लड़ाई कहीं कमजोर न पड़ जाए। लेकिन पाकिस्तान बनने के बाद वह बमुश्किल एक साल ही चल पाए और मौत हो गई। उनकी मृत्यु के आखिरी दिनों के बारे में वीरेंद्र कुमार बरनवाल ने अपनी शोधपरक पुस्तक 'जिन्ना एक पुनर्दृष्टि' में विस्तार से लिखा है। वह लिखते हैं, 'जिन्ना का स्वास्थ्य बड़ी तेजी से गिरता जा रहा था। खांसी के साथ उनके कफ में खून की मात्रा बढ़ती जा रही थी। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के उद्घाटन भाषण से लौटते ही 1 जुलाई, 1948 को जूते पहने हुए ही अपने बिस्तर पर निढाल गिर पड़े थे। उनकी हालत देखकर अमेरिका में पाकिस्तान के नव नियुक्त राजदूत और उनके अनन्य प्रशंसक इस्पहानी रो पड़े थे। टीबी से पीड़ित अपने फेफड़ों के लिए स्वस्थ हवा की तलाश में वह बहन फातिमा के साथ छह जुलाई, 1948 को क्वेटा के पास एक शांतिपूर्ण हिल स्टेशन जियारत आ गए थे।' बरनवाल लिखते हैं, 'वहां उनकी नाजुक हालत को देखकर सेना के सर्जन जनरल डॉक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल इलाही बख्श तुरंत पहुंच गए। उन्होंने पाया कि जिन्ना के दोनों फेफड़े न केवल टीबी से बल्कि इन्फ्लुएन्जा से भी बुरी तरह ग्रस्त थे। अपनी बीमारी को जिन्ना ने अपने बंबईआ के डॉक्टर की मदद से एक अर्से से छिपा रखा था। उसे उन्होंने डॉ. इलाही बख्श से भी छिपाने की कोशिश की, लेकिन सफल ना रहे। इसी बीच लियाकत अली खान उनसे मिलने आए। लियाकत के आने की खबर पर जिन्ना ने कांपती आवाज़ में कहा था, 'फाती, जानती हो यह शख्स क्यों आया है? वह यह जानना चाहता है कि मैं कितना बीमार हूं और कब तक जिंदा रह पाऊंगा।' 'जिन्ना का संदेश तक ना जनता पर पहुंच सका' इससे समझा जा सकता है कि मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान की राजनीति में खुद को कितना अकेला और असहाय मान रहे थे। बरनवाल लिखते हैं, 'जिन्ना की भूख लगभग समाप्त हो गई थी। आमतौर से वह अब चाय और कॉफी की चंद प्यालियों पर ही निर्भर थे। आखिरी दिनों में खास फरमाइश पर उन्हें उनका प्रिय भोजन हलुवा और पूरी खिलाया गया। 14 अगस्त, 1948 को पाकिस्तान के जन्म और स्वतंत्रता की पहली सालगिरह थी। जिन्ना ने पाकिस्तान की अवाम को जो सन्देश दिया गया था, उसकी बजाय लियाकत ने अपने भाषण के पर्चे छपवाए। यह जानकर फातिमा अवाक रह गईं। बीमार जिन्ना को रिसीव करने कोई नहीं पहुंचा, एंबुलेंस हो गई खराब जिन्ना की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी। 11 सितंबर, 1948 को उन्हें जियारत से क्वेटा और वहां से कराची के निकट एयरफोर्स के मौरीपुर हवाई अड्डे तक एयरफोर्स के ही विमान से लाया गया। उनके साथ उनके चिकित्सक डॉ. इलाही बख्श, डॉ. सैयद, डॉ. एमए मिस्री, क्वेटा के मिलिट्री अस्पताल की अनभुवी नर्स सिस्टर डनहम और फातिमा जिन्ना थीं। हवाई अड्डे से जिन्ना को सेना की एक एम्बुलेंस में लिटाकर गवर्नर जनरल निवास के लिए रवाना किया गया। हालत यह थी कि जब उन्हें लेकर एयर फोर्स का विमान मौरीपुर उतरा तो अपने नवोदित राष्ट्र के जनक को मिजाज़पुर्सी के लिए या औपचारिक शिष्टाचारवश के लिए ही सही, न तो प्रधानमंत्री लियाकत और न ही उनके मंत्रिमंडल का कोई सदस्य उपस्थित था। चार-पांच मील की यात्रा के बाद ही एम्बुलेंस खराब हो गई। पहले तो बताया गया कि पेट्रोल खत्म हो गया है। फिर पता चला कि इंजन में खराबी थी, जिसमें वक्त लगने वाला था।  

‘द बंगाल फाइल्स’ देखने के बाद विजय शर्मा का बड़ा बयान: यह कहानी सत्य पर आधारित है

रायपुर ‘द बंगाल फाइल्स’ में विभाजन के दौरान की घटनाओं को दिखाया गया है. फिल्म देखने के बाद क्रोध और दुख हुआ. फिल्म में सत्य घटना को दिखाया गया है, जो हकीकत में घटी है. यह बात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ‘द बंगाल फाइल्स’ देखने के बाद कही. छत्तीसगढ़ सर्व बंग समाज की ओर से पंडरी स्थित मॉल में ‘द बंगाल फाइल्स’ फिल्म का प्रदर्शन देखने बुधवार रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पहुंचे थे. शो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. उप मुख्यमंत्री ने फ़िल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री को बधाई देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में फिल्म को अवश्य दिखाया जाना चाहिए. नेटफ्लिक्स के माध्यम से बंगाल में फिल्म को दिखाने की कोशिश करेंगे.

बिल पास करने की एवज में मांगी रिश्वत, इंजीनियर नरेंद्र गुप्ता रंगेहाथ पकड़े गए

मंडला  मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की टीम ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। हर दिन दो से तीन भ्रष्ट कर्मचारी और अधिकारी पकड़े जा रहे हैं। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंडला जिले में कार्रवाई की है। रिटायरमेंट की उम्र में एक इंजीनियर साहब 20000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं। पकड़े जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। ये है मामला दरअसल, रौशन कुमार तिवारी नाम के शिकायतकर्ता ने जबलपुर लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत में उसने कहा था कि हमारी फर्म बोरिंग बिल्डर्स ने वर्ष 2024 में आदिवासी जनजातीय विभाग मंडला में रिपेयर और मेंटेनेंस का काम किया था। विभाग में बिल का बकाया था। बिल भुगतान के लिए सहायक इंजीनियर नरेंद्र कुमार गुप्ता 56000 रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत नहीं देने पर बिल पास नहीं हो रहा था। लोकायुक्त में की शिकायत सहायक इंजीनियर नरेंद्र कुमार गुप्ता की शिकायत फरियादी ने लोकायुक्त से की। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की। जांच के दौरान मामला सही पाया गया। इसके बाद कार्रवाई के लिए ट्रैप दल का गठन किया गया है। 11 सितंबर को रिश्वत की पहली किस्त 20000 रुपए लेते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। इस कार्रवाई से जनजातीय कार्यालय में हड़कंप मच गया है। रिटायरमेंट की उम्र में पकड़े गए वहीं, मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मियों की रिटायरमेंट की उम्र 62 साल है। सहायक इंजीनियर गुप्ता 61 साल के हैं। कुछ दिनों में वह रिटायर हो जाते। इससे पहले ही रिश्वत के मामले में पकड़े गए हैं। पकड़े जाने के बाद उनके चेहरे पर शिकन दिख रहा था। पूजा कर आए थे ऑफिस गौरतलब है कि पकड़े जाने के बाद सहायक इंजीनियर गुप्ता की तस्वीर सामने आई है। उस तस्वीर में दिख रहा है कि माथे पर चंदन है। साथ ही उंगलियों में अंगूठियां हैं। इससे साफ पता चलता है कि वह दफ्तर पूजा पाठ के बाद आए थे। लेकिन रिश्वत की बोहनी के समय ही लोकायुक्त के ट्रैप में फंस गए। इसके बाद टेबल पर अपनी हथेली सीधी कर दिखा रहे थे।

गुरुग्राम स्वच्छता में अव्वल, मुख्यमंत्री ने जनता की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम को स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन बनाया जाएगा और यह लक्ष्य प्रशासनिक प्रबंधन के साथ-साथ जनभागीदारी से ही संभव होगा। ‘मेरा गुरुग्राम-स्वच्छ गुरुग्राम’ थीम के अंतर्गत नागरिकों को स्वच्छ और शुद्ध वातावरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। बृहस्पतिवार सुबह मुख्यमंत्री ने सोहना चौक और सेक्टर-52 में हरियाणा सिटी स्वच्छता अभियान के तहत आयोजित मेगा स्वच्छता अभियान में स्वयं भाग लेकर जनता को स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर गुरुग्राम से विधायक मुकेश शर्मा, सोहना विधायक तेजपाल तंवर, गुरुग्राम की मेयर राजरानी, जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, मंडलायुक्त आरसी बिधान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू लगाकर क्षेत्र की सफाई की और स्वच्छता मित्रों के साथ मिलकर लोगों को प्रेरित किया कि वे स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।   स्वच्छता जीवन का हिस्सा बनाकर सुखद वातावरण बनाएं:  मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ जीवन की नींव है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार ‘मेरा गुरुग्राम-स्वच्छ गुरुग्राम’ के विजन को साकार करने के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही गुरुग्राम जिले में विकास कार्यों की गति तेज की जाएगी ताकि लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। 11 सप्ताह तक चलने वाले विशेष अभियान के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण और उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय की जाएगी और गुरुग्राम इसमें अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छता बनी जन आंदोलन मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्तूबर, 2014 को शुरू किया था। आज यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व में पूरे देश में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 17 सितम्बर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा, जो 2 अक्तूबर तक चलेगा। इसके दौरान स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर और खेल जागरूकता कार्यक्रम जैसे आयोजन किए जाएंगे ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। मुख्यमंत्री ने विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों, रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और व्यापारी संगठनों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने ‘मेरा गुरुग्राम -स्वच्छ गुरुग्राम’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। गुरुग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाने का अभियान निरंतर चलेगा:  विधायक मुकेश शर्मा विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि गुरुग्राम को स्वच्छ और सुंदर बनाने का यह अभियान केवल एक दिन या सप्ताह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे निरंतर जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किसी भी स्थिति में रुकने नहीं दिया जाएगा और आने वाले दिनों में और अधिक जोश, ऊर्जा और ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से यह लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता, बल्कि हर नागरिक को योगदान देना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल सफाई अभियान नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।

घरेलू प्रार्थना सभा की सुरक्षा नहीं मिलने पर ईसाई समाज ने आंदोलन की दी चेतावनी

रायपुर राजधानी रायपुर में आज बड़ी संख्या में संयुक्त ईसाई समाज के लोग ईसाई धर्मानुसार घरेलू नियमित प्रार्थना सभा संचालन करने के पक्ष में कार्यवाही करने की मांग को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ईसाई समाज पर प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण और जबरन बुलाए जाने के आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि उन्हें प्रार्थना सभा में सुरक्षा दी जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आगे अर्धनग्न प्रदर्शन, रैली और सभा जैसे बड़े प्रदर्शन के लिए उतारू होंगे। संयुक्त ईसाई समाज की ओर से कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि हम सभी रायपुर छत्तीसगढ़ के हैं, जिसमें रायपुर शहर के समस्त पादरी फेलोशिप, लीडर संगठन और विभिन्न ईसाई संस्थाएं सम्मिलित हैं। जिनके द्वारा हम विगत कई वर्षों से घरेलू प्रार्थना सभा संचालित करते आ रहे हैं। ईसाई धर्म में अपनी आस्था के अनुसार एक जगह इकट्ठा होकर शांतिपूर्वक प्रार्थना आराधना करने की परंपरा है, जिसका हम पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र धर्मशास्त्र बाइबिल में भी घरों में प्रार्थना सभा किए जाने का उल्लेख मिलता है, जो कि आज तक अनवरत हर जगह चलती आ रही है। पवित्र धर्मग्रंथ बाइबिल में प्रेरितों के काम 2:46 में लिखा है- वे प्रतिदिन एक मन होकर मंदिर में इकट्ठे होते थे और घर-घर रोटी तोड़ते हुए आनंद और मन की सिधाई से भोजन किया करते थे। पवित्र बाइबिल में रोमियों 16:5, 1 कुरिन्थियों 16:19, कुलुस्सियों 4:15, फिलेमोन 1:2 आदि कई स्थानों पर घरेलू प्रार्थना सभा के संचालन का वर्णन मिलता है। प्रार्थना सभा में नहीं दिया जाता किसी भी प्रकार का प्रलोभन घरेलू चर्च में प्रार्थना हम सभी ईसाई धर्म के मानने वालों की संस्कृति एवं परंपरा है। हमारे द्वारा किसी भी प्रकार के प्रलोभन, डर, दायाव, कपट आदि नहीं दिया जाता है। सभी व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार घरेलू प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आते हैं। हमारे द्वारा किसी को भी जबरन बुलाया नहीं जाता है। इस सभा में ईसाई धर्म में आस्था और विश्वास रखने वाले लोग ही शामिल होते हैं। मांग पूरी न होने पर करेंगे आंदोलन ईसाई धर्मानुसार घरेलू नियमित प्रार्थना सभा संचालन करने के पक्ष में कार्यवाही करने की मांग को लेकर आज हम रायपुर शहर के धार्मिक पुरोहित, पादरी, धर्म सेवक-सेविका कलेक्टर को ज्ञापन सौंप रहे हैं ताकि हमें प्रार्थना सभा में सुरक्षा दी जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आगे अर्धनग्न प्रदर्शन, रैली और सभा जैसे बड़े प्रदर्शन के लिए उतारू होंगे।

किसानों को बड़ी राहत: CM भगवंत मान ने सबसे अधिक मुआवजा देने का किया ऐलान

पंजाब  पंजाब में बाढ़ ने किसानों की मेहनत और ख्वाबों को डुबो दिया, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने किसानों को अकेला नहीं छोड़ा. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि हर प्रभावित किसान को ₹20,000 प्रति एकड़ मुआवज़ा दिया जाएगा. यह सिर्फ़ पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश में अब तक का सबसे बड़ा मुआवज़ा है. मान सरकार ने यह कदम सिर्फ़ काग़ज़ों पर नहीं बल्कि किसानों के दर्द को महसूस करते हुए उठाया है. जब हरियाणा में किसानों को अधिकतम ₹15,000 प्रति एकड़, गुजरात में करीब ₹8,900 प्रति एकड़, मध्य प्रदेश में करीब ₹12,950 प्रति एकड़, और उत्तर प्रदेश व राजस्थान में अधिकतर ₹5,000- ₹7,000 प्रति एकड़ तक राहत मिलती है, वहीं पंजाब के किसानों को सीधा ₹20,000 प्रति एकड़ देने का फैसला किसानों की ताक़त और मेहनत को सलाम करने जैसा है. मृतक के परिवार को 4 लाख-मान इतना ही नहीं, मान सरकार ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को ₹4 लाख की सहायता और खेतों में जमी रेत को बेचने की अनुमति भी दी है, ताकि किसानों को तुरंत नक़दी मिले और अगली बुवाई का रास्ता आसान हो सके. यह कदम साफ़ दिखाता है कि सरकार किसानों की मुश्किलें समझती है और उनके लिए हर मुमकिन राहत पहुंचाना चाहती है. यह मुआवज़ा सिर्फ़ पैसों की मदद नहीं, बल्कि किसानों को यह भरोसा दिलाने का प्रयास है कि सरकार उनकी पीड़ा को अपनी पीड़ा मानती है. संकट की इस घड़ी में यह संदेश पूरे पंजाब में गूंज रहा है कि यह सरकार किसानों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगी. राहत की राशि को देशभर में सबसे ऊपर रखकर पंजाब को मिसाल बनाया गया है. किसान पंजाब की असली ताकत-मान मान सरकार ने राहत की राशि को सबसे ऊपर रखकर साबित कर दिया है कि किसान सिर्फ़ वोटर नहीं, बल्कि पंजाब की असली ताक़त हैं. यह फैसला किसानों को संघर्ष से सहारा और भविष्य के लिए विश्वास देता है. किसान की जीत ही पंजाब की जीत है, और मान सरकार हर हाल में किसानों के साथ खड़ी है.  

‘बिजली बिल बढ़ाकर जनता से 5 हजार वसूले जा रहे’ – महंगी बिजली को लेकर कांग्रेस करेगी बड़ा आंदोलन

रायपुर महंगी बिजली को लेकर कांग्रेस फिर बड़ा प्रदर्शन करेगी. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, सरकार महतारी वंदन के नाम पर सिर्फ 1 हजार रुपए दे रही है और बिजली बिल बढ़ाकर महतारी वंदन के बदले जनता से 5 हजार रुपए वसूल रही. जनता की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही. बैज ने कहा, महतारी वंदन का पैसा बिजली बिल और नकली, महंगी शराब बेचकर वसूला जा रहा. इसके खिलाफ कांग्रेस फिर से बड़ा आंदोलन करेगी. धमतरी के अछोटा गांव के भाजपा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय के दीवार पर सामूहिक इस्तीफा पत्र चिपकाया. इस मामले में पीसीसी चीफ बैज ने कहा, बीजेपी कार्यकर्ताओं का पार्टी से मोहभंग हो गया है. साय सरकार का ढिंढोरा पीटने वाले कार्यकर्ता अब खुद विरोध कर रहे. इससे पहले नारायणपुर में भी विरोध दिखा. बीजेपी कार्यकर्ता असंतुष्ट हैं, आने वाले समय में भगदड़ मचेगी. बैज ने कहा, बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं को नहीं संभाल पा रही. जो कार्यकर्ता कांग्रेस में आना चाहें उनका स्वागत है. ‘बस्तर जाकर सिर्फ ठगने का काम कर रहे सीएम’ बस्तर में इन्वेस्टर मीट को लेकर दीपक बैज ने कहा, मुख्यमंत्री अन्य राज्यों सहित जापान, दक्षिण कोरिया में जाकर कार्यक्रम कर चुके हैं. छत्तीसगढ़ के लिए कौन सा प्रोजेक्ट, कौन सा MOU किया? स्पष्ट नहीं है. रोजगार के लिए कोई ठोस योजना नहीं बताई. अब बस्तर जाकर सिर्फ ठगने का काम कर रहे. बाढ़ पीड़ित आज भी परेशान हैं, 1.20 लाख से उनका क्या होगा? ये तो पीएम आवास का पैसा है, नया कुछ नहीं है. भाजपा सरकार ने 15 साल सत्ता में रहकर बस्तर के लिए क्या किया? सीएम बस्तर में जाकर बड़ा झूठ बोल रहे हैं. ‘भाजपा अपने कार्यकर्ता को घर में भेजकर ओछी राजनीति कर रही’ पीसीसी चीफ बैज ने अपने घर में BJYM कार्यकर्ता के घुसने के मामले में कहा, भाजपा स्पष्ट करे कि वह व्यक्ति अंजान था या साजिश के तहत घर में घुसा? क्या वो घर का वीडियो बनाकर असंवैधानिक गतिविधियों में देना तो नहीं चाहता था? क्या राजनीति में अब रेकी कर ओछी राजनीति करना रह गया है? हम तो ऐसे काम नहीं कराएंगे, सबकी अपनी प्राइवेसी होती है. भाजपा अपने कार्यकर्ता भेजकर ओछी राजनीति कर रही. भाजपा इसे गलत मानती है तो कार्रवाई कराए, हमने थाने में शिकायत की है. राजनांदगांव में 48 घंटे में तीन हत्याएं हुई है, इस मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, घटना की जांच के लिए कांग्रेस जांच दल का गठन कर रही. जांच टीम घटना स्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी.

धीरेंद्र शास्त्री की अगली पदयात्रा की तैयारी शुरू, मीडिया संवाद में साझा किया विज़न

छतरपुर  कथावचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर से पदयात्रा निकालने की तैयारी में हैं. बाबा बागेश्वर की यह दूसरी पदयात्रा होगी. इससे पहले भी वो पिछले साल नवंबर में बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाल चुके हैं. इस पदयात्रा को 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' नाम दिया गया है. इस पदयात्रा पर सुझाव और सहयोग के लिए उन्होंने अपने धाम में 'मीडिया संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया. जहां उन्होंने मीडिया से आग्रह किया की इस पदयात्रा में जरूर शामिल हो और इसे देश के कोने-कोने तक पहुंचाएं. दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा करेंगे धीरेंद्र शास्त्री बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर चर्चा में रहते हैं. वो सनातन धर्म से जुड़े कुछ न कुछ काम हमेशा करते रहते हैं. अब वो दोबारा पदयात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं. धीरेंद्र शास्त्री आगामी 7 नवंबर से 18 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक की पदयात्रा की तैयारी में हैं. उनका कहना है कि "यह यात्रा राजपीठ से धर्मपीठ तक की है. पहले भारत को जोड़ेंगे फिर भारत को अखंड बनाएंगे. इस पदयात्रा का मूल उद्देश्य जाति-पाति की दीवार तोड़कर सबको हिंदू राष्ट्र के लिए एक करना है." सात राज्यों के पत्रकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हुए शामिल धीरेंद्र शास्त्री ने इस पदयात्रा को लेकर  अपने धाम में मीडिया मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम में करीब 7 राज्यों यूपी, एमपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, दिल्ली और गुजरात के पत्रकार, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शामिल हुए. पत्रकारों को यात्रा के संबंध में आवश्यक सुझाव भी लिए गए. बाबा बागेश्वर ने इस दौरान एक क्यूआर कोड लॉन्च किया और यात्रा का लोगों भी जारी किया. उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा, "इस सनातन हिंदू एकता पदयात्रा को जन-जन तक पहुंचाएं, क्योंकि भारत को जोड़ने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है." क्यूआर स्कैन करके यात्रा के लिए कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन क्यूआर कोड के माध्यम से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में जाने के लिए पंजीयन हो सकेगा. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "यह यात्रा पूर्ण रूप से आध्यात्मिक यात्रा है. धर्म को बचाने के लिए गांव-गांव के लोगों को यात्रा में शामिल करने के उद्देश्य से क्यूआर जारी हुआ है, ताकि लोग कहीं से भी इसे स्कैन कर अपना पंजीयन कर सके." उन्होंने कहा, "लाखों लोग ऐसे हैं जिनसे मुलाकात नहीं हो पाती, लेकिन यह यात्रा ऐसे ही लोगों के लिए है. जिससे वे मिलेंगे उससे भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित करेंगे."