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मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक हुई आयोजित, कार्यों की हुई समीक्षा

भोपाल भोपाल स्थित होटल पलाश में मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी ने की। बैठक में जून 2025 से अगस्त 2025 की अवधि में हुए कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें निम्न प्रमुख बिंदु सामने आए 3500+ नए पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण हुए। 5800 आवेदन प्रक्रिया में लंबित रहे। 1650 आवेदन निजी विश्वविद्यालयों की सूची उपलब्ध न होने के कारण शेष रहे। परिषद ने बताया कि संपूर्ण कार्यप्रणाली को अब डिजिटल मोड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें समग्र आईडी, डिजिलॉकर, विवाह प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र तथा FDA का एकीकरण किया गया है। नई प्रणाली के माध्यम से  स्लॉट बुकिंग एवं परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने की आवश्यकता समाप्त होगी। सिस्टम आधारित ऑटो वेरिफिकेशन किया जाएगा।पंजीकरण प्रमाणपत्र सीधे डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे। यह पहल मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद को डिजिटल गवर्नेंस में देश की अग्रणी परिषद बनाएगी। बैठक में अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर परिषद अध्यक्ष श्री संजय कुमार जैन, सदस्य श्री राजू चतुर्वेदी, श्री गौतमचंद धींग, श्री रामरतन गर्ग, श्री सत्येन्द्र सिंह चौहान, श्री देवेंद्र कुमार बजाजत्य, श्री अशोक जैन तथा डॉ. पवन दुबे उपस्थित रहे। सरकारी पक्ष से श्री दिनेश मौर्य (ड्रग कंट्रोलर, म.प्र.), श्री आत्री (मुख्य विश्लेषक, म.प्र. शासन) तथा चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि भी बैठक में सम्मिलित हुए। परिषद की रजिस्ट्रार श्रीमती भव्या त्रिपाठी ने अब तक हुई प्रगति और आगामी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।

आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है। प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके। पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी। शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की। आधारभूत संरचना और पर्यटन मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्रीगण रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन,  श्याम बिहारी जायसवाल,  ओ.पी. चौधरी, टंकराम वर्मा,  गजेंद्र यादव,  गुरु खुशवंत साहेब,  राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा  संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव   अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव   ऋचा शर्मा,  मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव … Read more

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुई ज्योति मल्होत्रा की पेशी, जानें अगली तारीख

हिसार  जासूसी के मामले में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा आज हिसार कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। ज्योति के वकील कुमार मुकेश चालान कॉपी की डिमांड कर रहे हैं। मगर अब तक उनको चार्जशीट की कॉपी नहीं मिली है। 14 अगस्त को हिसार पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट जमा करवाई थी। अब इस मामले में 16 सितंबर को अगली पेशी होगी। बता दें इस केस की सुनवाई करने वाले जज के छुट्टी पर जाने के कारण ज्योति की वीसी के जरिए कोर्ट में पेशी हुई। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने आज ज्योति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। अगली पेशी पर ज्योति कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होगी। इस दौरान चालान कॉपी की डिमांड की जाएगी। बता दें कि ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में 16 मई को हिसार से गिरफ्तार किया गया था। 

स्वच्छ हवा की लिस्ट में चंडीगढ़ ने मारी बाजी, शहर को मिला यह खास दर्जा

चंडीगढ़ चंडीगढ़ ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में 8वां स्थान प्राप्त किया है, जो 2024 में 27वें स्थान से एक उल्लेखनीय छलांग है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष स्वच्छ वायु सर्वेक्षण का आयोजन किया जाता है। शहरों का मूल्यांकन वायु गुणवत्ता सुधार के निरंतर प्रयासों और प्रगति के आधार पर करता है। चंडीगढ़ की 19 स्थानों की यह प्रगति, इसके सतत शहरी विकास प्रयासों, सक्रिय वायु गुणवत्ता प्रबंधन रणनीतियों और नागरिक सहभागिता का प्रमाण है। नगर निगम चंडीगढ़, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति के सामूहिक प्रयासों ने इस उपल्बिध में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनमे निम्नलिखित कदम शामिल है।  इन कदमों से मिली सफलता शहरी जंगल और वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से हरित क्षेत्र का विस्तार। निर्माण स्थलों पर धूल-धक्कड़ कम करने के लिए ज़रूरी नियमों का सख़्ती से पालन। सार्वजनिक परिवहन में ई-वाहनों की शुरुआत और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचे का विस्तार। पुराने कचरे (legacy waste) का वैज्ञानिक निपटान। पुराने गैर-यांत्रिक परिवहन नेटवर्क का विकास। निर्माण और ध्वस्तीकरण से उत्पन्न मलबे का सही प्रबंधन। भीड़भाड़ और वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना। सड़कों पर धूल को कम करने के लिए स्वचालित सफाई और पानी का छिड़काव। सामाजिक जागरूकता अभियान, जो व्यवहार में बदलाव और नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं।

प्रतिज्ञा ने थामा सपना, CM साय की लगन और आत्मीयता ने किया श्रमिक परिवार को भावुक

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से प्रतिज्ञा का फौज में जाने का सपना होगा पूरा रायपुर, एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से। नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी। नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है।  बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी।  मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है। नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री जी के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा। उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।

हर घर तक मदद पहुँची: ऑपरेशन राहत ने बदल दी पंजाब की तस्वीर

पंजाब  पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ ने लोगों के घर, खेत और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया। लेकिन इस संकट की घड़ी में पंजाब सरकार ने “ऑपरेशन राहत” के तहत प्रभावित लोगों को नई उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में न केवल प्रशासन बल्कि कैबिनेट मंत्री भी खुद गांव-गांव जाकर पीड़ितों के साथ खड़े नज़र आ रहे हैं। शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस “ऑपरेशन राहत” के तहत बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में लगातार लगे हुए हैं। उन्होंने न सिर्फ सरकारी स्तर पर राहत कार्यों को तेज़ किया, बल्कि खुद भी आगे आकर लोगों का सहारा बने। अपने परिवार की ओर से 5 लाख रुपये देकर लगभग 50 घरों की मरम्मत करवाई। गांव-गांव जाकर फॉगिंग और दवाइयों की व्यवस्था करवाई, पशुओं के टीके लगवाए और अपने घर को भी 24 घंटे लोगों के लिए खोल दिया। इस वजह से पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली। मंत्री बैंस हर रोज़ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़-प्रभावित गांवों की मदद की निगरानी कर रहे हैं। तय किया गया है कि गिरदावरी रिपोर्ट 3 दिनों में, पानी और बिजली 24 घंटों में, और टूटे रास्ते 48 घंटों में बहाल किए जाएँगे। अगले 3 दिन वे खुद रोज़ शाम अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे ताकि राहत कार्यों में कोई देरी न हो। हाल ही में उनकी इंसानियत का उदाहरण उस समय सामने आया जब कांग्रेस पार्टी ने आनंदपुर साहिब में हाईवे जाम कर दिया। जाम में एक एंबुलेंस फंस गई, जिसमें गंभीर मरीज पीजीआई चंडीगढ़ जा रहा था। यह देखकर बैंस साहिब ने तुरंत अपनी पायलट गाड़ी आगे भेजी और खुद रास्ता साफ करवाया, जिससे एंबुलेंस समय पर निकल गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने उनकी तारीफ की। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पर सवाल खड़े हुए कि बाढ़ जैसे संकट के समय सड़कें जाम करना न केवल प्रशासनिक काम में बाधा है, बल्कि सीधे-सीधे ज़रूरतमंद लोगों की जान से खिलवाड़ भी है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में सक्रिय हैं। उनके परिवार ने भी राहत कार्यों में योगदान दिया अजनाला हलके के गांव निसोके में उनकी धर्म पत्नी सरदारी सुहिंदर कौर जी ने राहत सामग्री और पशुओं का चारा वितरित किया। मंत्री हरभजन सिंह ने खुद दरियाओं पर जाकर बांध बनाने और प्रभावित लोगों की मदद की। ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोढ़ ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत सामग्री, राशन और पीने योग्य पानी लोगों तक पहुंचाया। बाढ़ के पहले दिन से ही कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं। घुल्लेवाला गांव में बांध टूटने का खतरा था, लेकिन मंत्री भुल्लर और स्थानीय लोगों ने मिलकर इसे बचाया और तुरंत राहत सामग्री वितरित की। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल भी सीधे गांवों में जाकर राहत कार्यों का जायजा लेते रहे और सुनिश्चित किया कि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे। पंजाब सरकार हर मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़ी है। “राहत” के तहत पटियाला से 16 ट्रक राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजी गई। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने सुनिश्चित किया कि हर जरूरतमंद तक दवाई, पीने का पानी और जरूरी सामान पहुंचे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा बाढ़ प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने में सक्रिय हैं। उन्होंने डिर्बा कार्यालय में स्वयंसेवकों के साथ मिलकर राहत किट तैयार किए और ध्यान रखा कि कोई भी परिवार मदद से पीछे न रह जाए।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ

  प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को उच्च शिक्षा हेतु मिलेगी वित्तीय सहायता देश के किसी भी संस्थान में पढ़ाई के लिए बालिकाओं को मिलेंगे वार्षिक 30 हजार रुपए बेटियों की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, आर्थिक दिक्कतें नहीं बनेंगी बाधा रायपुर, बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए। उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे scholarship@azimpremjifoundation.org पर प्रेषित किया जा सकता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा श्री विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड श्री सुनील शाह उपस्थित थे।

सीएम के दौरे से पहले कोरबा में गोलीकांड, CAF जवान ने दो लोगों को मारी गोली

कोरबा मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक पहले जिले में सनसनी फैला देने वाली वारदात सामने आई है। हरदीबाजार थाना क्षेत्र के भिलाई बाजार में मंगलवार देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहशत में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाजार के बीचोंबीच अचानक सीएफ (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) का जवान गुस्से में बंदूक लेकर आया और देखते ही देखते दो लोगों पर गोलियां दाग दीं। गोलियों की आवाज़ सुनते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। खून से लथपथ दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही हरदीबाजार थाना पुलिस और कोरबा पुलिस का अमला घटनास्थल पर पहुँचा। मौके को चारों तरफ से घेरकर शवों को कब्जे में लिया गया और आरोपी जवान को वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने आक्रोश में आकर स्वास्थ्य केंद्र के सामने चक्का जाम कर दिया। वहीं घटना स्थल पर भी उन्होंने चक्का जाम किया। आक्रोशित परिजनों ने आरोपी को फांसी की सजा देने और उचित कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पुलिस बल तैनात हैं। कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि एक सीएफ जवान ने पारिवारिक विवाद के चलते दो लोगों को गोली मार दी है। दोनों की मौत हो चुकी है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि आरोपी तेस राम बिंझवार रलिया निवास है जो रायफल से दो लोगों को गोली मारा है। मृतिका मदालसा साली है। वहीं दूसरा चाचा ससुर राजेश कुमार है। इस गोलीकांड से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले घटी इस घटना ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

सावधान! झारखंड में 5 दिन तक भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा

रांची झारखंड के कुछ हिस्सों में अगले पांच दिनों तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पाकुड़, साहिबगंज, गिरिडीह, गोड्डा और जामताड़ा के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है, "14 सितंबर को सुबह साढ़े आठ बजे तक झारखंड में व्यापक स्तर पर आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान राज्य भर के लोगों को भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।" बता दें कि मंगलवार को लोहरदगा जिले में सबसे अधिक 40 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद बरकट्ठा (12.6 मिमी) और लातेहार (9 मिमी) का स्थान रहा। राज्य में इस मॉनसून में 27 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। बुलेटिन में कहा गया है कि एक जून से राज्य में 1,050 मिमी बारिश हुई है जबकि सामान्य बारिश 874 मिमी होती है।  

Bihar CEO को आदेश, SIR के लिए अब आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में स्वीकार करें

पटना निर्वाचन आयोग ने बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से कहा है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद मतदाताओं की पहचान स्थापित करने के लिए आधार कार्ड को एक अतिरिक्त दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मंगलवार को लिखे पत्र में आयोग ने कहा, ‘‘सूचीबद्ध 11 दस्तावेजों के अलावा आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में माना जाएगा…।'' आयोग ने आगाह भी किया कि ‘‘इस निर्देश के अनुसार आधार को स्वीकार न करने या अस्वीकार करने के किसी भी मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा।'' उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि वह बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ‘आधार' को 12वें निर्धारित दस्तावेज के रूप में शामिल करे। उसने आयोग से नौ सितंबर तक निर्देश लागू करने को कहा था। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड को आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का वितरण) अधिनियम की धारा 9 के अनुसार ‘‘पहचान के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाए और इसका उपयोग नागरिकता के प्रमाण के रूप में नहीं किया जाए।'' जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4) के तहत आधार कार्ड पहले से ही किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से सूचीबद्ध दस्तावेजों में से एक है।