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प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को MP में देंगे बड़ी रोजगार सौगात

भोपाल धार जिले के बदनावर क्षेत्र स्थित भैंसोला गांव में स्थापित हो रहे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क में अपनी इकाइयां लगाने के लिए टेक्सटाइल क्षेत्र की कंपनियां उत्साहित हैं। वर्धमान, ट्रांइडेट सहित 91 कंपनियों को 1,294 एकड़ भूमि आवंटित भी कर दी गई है। ये कंपनियां 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश करेंगी, जिससे 72 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। पार्क में निवेश करने के लिए 114 कंपनियों के प्रस्ताव अभी तक प्राप्त हुए हैं। लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला है ठोस बदलाव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की बड़ी टेक्सटाइल कंपनियां पीएम मित्रा पार्क में अपनी इकाइयां लगाना चाहती हैं। सरकार निवेशकों को हर तरह की सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्क के पूर्ण विकसित होने पर रोजगार का आंकड़ा तीन लाख तक पहुंचने का अनुमान है। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला ठोस बदलाव है।   अभी तक 23 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव कंपनियां दे चुकी हैं। इन प्राप्त निवेशों से यार्न, फैब्रिक और गारमेंट उत्पादन की संपूर्ण वैल्यू चेन यहीं विकसित होगी, जिससे प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। यहां कुल 2158 एकड़ भूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17 सितंबर को भूमिपूजन करने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। किसान मेले किए जाएंगे आयोजित मुख्यमंत्री ने कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को बैठक में निर्देश दिए कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित करें। इनमें किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी जाएं। पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। छह लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। कपास की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और कच्चे माल की सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। 

यही है वह पावन स्थल, जहां पांडवों ने किया पितरों का तर्पण और पाया मोक्ष

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित हत्या हरण तीर्थ, पितृपक्ष के दौरान लोक और परलोक के बीच की दूरी को समाप्त कर देता है. यह पवित्र स्थल अनादि काल से पितरों के ऋण से मुक्ति, भटकती आत्माओं की शांति और मोक्ष के लिए जाना जाता है. रामायण और महाभारत काल से चली आ रही परंपराएं इस स्थान को और भी महत्वपूर्ण बनाती हैं. पृथ्वी के मध्य में स्थित पवित्र स्थल यह तीर्थ स्थल हरदोई जिले के बेनीगंज क्षेत्र में स्थित है. कहा जाता है कि यह स्थान पृथ्वी के मध्य भाग में पड़ता है. मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान यह स्थल लोक और परलोक के बीच की दूरी को मिटा देता है. यहां किए गए कर्मकांड और पूजा-अर्चना सीधे पितरों तक पहुंचती है. यही कारण है कि पितृपक्ष में यहां श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है. हरदोई के बेनीगंज क्षेत्र में स्थित हत्याहरण तीर्थ का धार्मिक महत्व रामायण और महाभारत काल से है. वेदों के अनुसार, यह स्थान कभी भगवान शिव की तपोस्थली हुआ करता था.शिव पुराण के मुताबिक, माता पार्वती की प्यास बुझाने के लिए भगवान शिव ने सूर्य देवता से प्राप्त जल को यहां गिराकर एक कुंड का निर्माण किया था. इसी कुंड से देवी पार्वती ने जलपान किया था। महाभारत युद्ध के बाद, पांडवों ने अपने पारिवारिक जनों की हत्या के पश्चात् यहीं पर पितरों का तर्पण किया था.माना जाता है कि इस स्थान पर श्राद्ध और तर्पण करने से अतृप्त आत्माओं को शांति और मोक्ष मिलता है.इसी तरह, भगवान श्री राम ने भी अयोध्या लौटते समय ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए इस कुंड में स्नान किया था, जिसके बाद से यह स्थान मोक्ष प्रदान करने वाले तीर्थ के रूप में प्रसिद्ध हो गया। नैमिषारण्य से जुड़ा महत्व यह तीर्थ क्षेत्र 88 हजार ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य के नजदीक स्थित है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है. नैमिषारण्य को स्वयं वेदों और पुराणों में तप और ज्ञान का केंद्र माना गया है. इसलिए हत्या हरण का अध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व दोनों ही अत्यधिक गहरा है. पितृपक्ष में विशेष महत्व पितृपक्ष के दौरान यहां देश-विदेश से श्रद्धालु अपने पितरों का तर्पण और श्राद्ध करने आते हैं. मान्यता है कि यहां किए गए दान-पुण्य और स्नान से पितरों की कृपा बरसती है. स्थानीय लेखक पुनीत मिश्रा के अनुसार, यहां का वातावरण पितृपक्ष में मेले जैसा हो जाता है. कुंड के आसपास प्राचीन वृक्ष और पत्थर आज भी इस स्थल की प्राचीनता और दिव्यता का प्रमाण देते हैं.

राजिम-रायपुर के बीच नई MEMU ट्रेन सेवा 18 सितंबर से, सीएम साय करेंगे उद्घाटन

रायपुर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन पर राजधानी रायपुर से नवा रायपुर अटल नगर, अभनपुर होते हुए अब मेमू ट्रेनें 18 सितंबर से राजिम तक चलेंगी. रेलवे ने राजिम-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा को मंजूरी दे दी है. वहीं, रेलवे द्वारा मेमू ट्रेन सेवा की समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है. रायपुर-राजिम मेमू ट्रेन सेवा का वाणिज्यिक ठहराव मंदिरहसौद, सीबीडी, केन्द्री, अभनपुर, मानिकचौरी व राजिम में होगा. रायपुर रेल मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग अग्रवाल व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी ने शनिवार को राजिम स्टेशन पर राजिम रायपुर के बीच 18 सितंबर से रेल सेवा शुभारंभ करने की रूपरेखा निर्धारित की. उन्होंने स्टेशन पर पार्किंग, स्टेज, आगंतुकों का आवागमन तथा मुख्य अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया. अधिकारियों के मुताबिक 18 सितंबर को सुबह 11 बजे राजिम रायपुर रेल सेवा आरंभ होगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को राजिम से रवाना करेंगे. इस मौके पर सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय लोग मौजूद रहेंगे. छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक व पर्यटन स्थल राजिम के ब्रॉड गेज नेटवर्क से जुड़ने से इस क्षेत्र की सीधी रेल पहुंच बड़े शहरों से स्थापित होगी. इससे न केवल यात्रियों को तेज, सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा विकल्प उपलब्ध होंगे. बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, कृषि, तीर्थाटन और पर्यटन को भी नए अवसर मिलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी. राजिम-रायपुर ट्रेन का समय नई रायपुर-राजिम मेमू ट्रेन की समय सारिणी नई रायपुर-राजिम मेमू ट्रेन रायपुर स्टेशन से 4.45 बजे रवाना होकर 05:03-05:05 बजे मंदिर हसौद, 05:15-05:16 बजे सीबीडीपीएच, 05:30-05:32 बजे केंद्री, 05:43-05:45 बजे अभनपुर, 05:56-05:57 बजे मानिकचौरी, 06.20 बजे राजिम पहुंचेगी. इसी प्रकार राजिम रायपुर मेमू ट्रेन 06.45 बजे राजिम से रवाना होकर, 06:59-07:00 बजे मानिकचौरी पीएच, 07:13-07:15 बजे अभनपुर, 07:26-07:28 बजे केंद्री, 07:41-07:42 बजे सीबीडी, 07:53-07:55 बजे मंदिर हसौद, 08:20 बजे रायपुर पहुंचेगी.

PM Modi का 75वां जन्मदिन रांची में धूमधाम से, लोगों के लिए ‘सेवा पखवाड़ा’ विशेष आयोजन

रांची झारखंड की राजधानी रांची में रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने बीते शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में होने वाले सेवा पखवाड़ा कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। यह पखवाड़ा 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। सेठ ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी महानगर रांची और भाजपा ग्रामीण इकाई मिलकर इस पखवाड़ा को एक उत्सव की तरह पूरे जिले में मनाएंगे। इसकी शुरुआत विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ होगी और फिर विभिन्न सामाजिक व जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सेठ ने कहा कि सेवा पखवाड़ा की शुरुआत 17 सितंबर को हवन कार्यक्रम से होगी। इसी दिन से रांची और उसके ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर अनेक कार्यक्रम शुरू होंगे। सांसद ने बताया कि इस पखवाड़ा में कला महोत्सव, रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य शिविर जैसे आयोजन प्रमुख रहेंगे। इन कार्यक्रमों का लक्ष्य आम जनता को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाना और समाज के विभिन्न वर्गों को सम्मानित करना है। इस अवसर पर सांसद ने जानकारी दी कि शहर में 3000 सोलर लाइट्स का उद्घाटन किया जाएगा। साथ ही 75 नर्सें और 75 सफाई कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। ये वे लोग हैं जिन्होंने समाज में अपनी सेवाओं से महत्वपूर्ण योगदान प्रस्तुत किया है। संजय सेठ का कहना था कि मोदी के 75वें जन्मदिन पर सेवा और समर्पण का संदेश आम जनता तक पहुंचाना ही इन कार्यक्रमों की मुख्य उद्देश्य है। इसके अलावा इस पखवाड़ा में 75 पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया जाएगा। सेठ ने बताया कि देश की सेवा में योगदान देने वाले इन सैनिकों को सम्मानित करना भारतीय जनता पार्टी के लिए गर्व का विषय होगा। इसी क्रम में 75 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और 75 खिलाड़ी भी सम्मान समारोह का हिस्सा होंगे। सांसद का मानना है कि यह पहल समाज के हर वर्ग से जुड़े लोगों को प्रेरित करने का काम करेगी। इस पखवाड़ में कई और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने सेवा और विकास की राह पकड़ी है। उनके 75वें जन्मदिन पर आयोजित यह सेवा पखवाड़ा उसी सोच का प्रतीक है जिसमें समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इस पखवाड़ा में साइक्लोथोन का मोराबादी में भी आयोजन किया जाएगा जिसमें 30000 लोग शामिल होंगे और साइक्लोथोन का हिस्सा बनेंगे। सेठ ने कहा कि भाजपा की कोशिश है कि इस पखवाड़ा में हर नागरिक की भागीदारी हो और यह आयोजन झारखंड की धरती से सेवा, सम्मान और समर्पण का संदेश पूरे देश तक पहुंचे।  

हंगामा के बाद ग्वालियर की सड़कें बनीं प्राथमिकता, पेच रिपेयरिंग और निगरानी तेज

ग्वालियर ग्वालियर की सड़कों से लेकर जलजमाव को लेकर भोपाल तक बदहाली की रिपोर्ट पहुंचने के बाद अब सड़कों की पेच रिपेयरिंग का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। शनिवार को कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त की ओर से मॉनीटरिंग शुरू की गई और अधिकारियेां को जिम्मे बांट दिए गए। ग्वालियर की बदहाली को लेकर हाल में ऊर्जा मंत्री और प्रभारी मंत्री ने सीएम के सामने स्थिति रखी थी और कहा था कि ग्वालियर में हालात ठीक नहीं है। इसके बाद भी मैदानी स्तर पर काम नहीं दिख रहा था लेकिन शनिवार से सरकारी अमला सक्रिय होकर काम करने लगा। निगम आयुक्त ने अब प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी वहीं कलेक्टर और निगम आयुक्त ने अब प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि नईदुनिया ने शनिवार के अंक में यह प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि ऊर्जा मंत्री और प्रभारी मंत्री द्वारा ग्वालियर की बदहाली भोपाल तक पहुंचाने के बाद हलचल मच गई। इसके बाद भी ग्वालियर शहर में सुधार कार्य नहीं दिख रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद शनिवार से नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियाें सबसे पहले सड़कों के गड्ढों को दुरूस्त करने का काम शुरू किया है। कलेक्टर रुचिका चौहान एवं नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय द्वारा मॉनीटरिंग की जा रही है।   कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करें नगर निगम एवं अन्य विभागों द्वारा सड़क बनाने के लिए डामर के सभी हॉट प्लांट प्रारंभ कर दिए गए हैं तथा शहर की सभी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नगर निगम, पीडब्लूडी एवं स्मार्ट सिटी सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा सड़कों की मरम्मत के लिए किया जा रहे कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करें तथा प्रतिदिन की रिपोर्ट दें। सड़क रिपेयरिंग कार्य का निरीक्षण इसके साथ ही नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने विधानसभा बार अपर आयुक्तओं को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र में सड़क रिपेयरिंग कार्य का निरीक्षण करें तथा फोटो ग्रुप पर साझा करें। इसके साथी सभी क्षेत्र के सहायक यंत्री एवं क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सड़क रिपेयरिंग का कार्य गुणवत्ता पूर्वक तेजी से कराए।  

मध्य प्रदेश: फर्जी दुष्कर्म आरोप साबित, हाई कोर्ट ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए

जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता के विरुद्ध दो वर्ष की मासूम के साथ दुष्कर्म की एफआईआर को झूठा पाया। कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता महिला पहले भी ब्लैकमेल की नीयत से इस तरह की कई झूठी रिपोर्ट दूसरों के विरुद्ध दर्ज करा चुकी है। कोर्ट ने अधिवक्ता के विरुद्ध दर्ज एफआईआर निरस्त कर दी। साथ ही रीवा एसपी को निर्देश दिए कि फर्जी शिकायत करने वाली महिला के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट की धारा 22(1) व बीएनएस की धाराओं 240 व 248 के तहत कार्रवाई की जाए। क्या है पूरा मामला? दरअसल, रीवा निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश उपाध्याय की ओर से यह याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि रीवा निवासी महिला उनके ऑफिस में 15 मई, 2024 को एक आपराधिक मुकदमा दायर करने के लिए आई। मुकदमा तैयार करते समय याचिका कर्ता को रिकॉर्ड के अवलोकन से पता चला कि महिला ने पहले भी कई व्यक्तियों के विरुद्ध शिकायतें की थीं। वह झूठी शिकायत दर्ज करा कर लोगों को ब्लैकमेल करने की आदी थी।   महिला ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई यह देखते हुए उन्होंने उसके केस की पैरवी करने से इनकार कर दिया। इस पर महिला ने 30 नवंबर, 2024 को कि याचिका कर्ता के विरुद्ध लज्जा भंग करने की झूठी एफआईआर दर्ज कर दी। 27 दिसंबर, 2024 को महिला ने दूसरी एफआईआर दर्ज कराई । जिसमें कहा गया कि 20 दिसंबर, 2024 को हाई कोर्ट के कोर्ट रूम नंबर-15 के सामने याचिका कर्ता ने उसकी दो वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। दोनों मामलों की जांच के बाद पुलिस ने झूठा पाया। इसके बाद 11 जून, 2025 को सिविल लाइन थाना रीवा में महिला ने एक और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। झूठी एफआईआर दर्ज करने की आदी है महिला इस बार उसने आरोप लगाया कि उसके पति की अनुपस्थिति में याचिका कर्ता ने रात को उसके घर में घुसकर दो साल की बच्ची से दुष्कर्म किया। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता महिला लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए इस तरह की झूठी एफआईआर दर्ज करने की आदी है। कोर्ट ने रिकॉर्ड के अवलोकन से पाया कि महिला पहले भी अपनी बच्चियों व स्वयं के नाम से इस तरह की कई फर्जी एफआईआर दर्ज करा चुकी है। इस मत के साथ कोर्ट ने याचिका कर्ता के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में शिकायतकर्ता महिला अगर ऐसी कोई शिकायत करती है, तो कोई कठोर कार्रवाई करने से पहले प्रारंभिक जांच कर संतुष्टि कर ली जाए।

अमरपुर चुनाव: चिराग के समर्थन से जयंत राज कुशवाहा को बड़ी जीत की उम्मीद

अमरपुर  अमरपुर विधानसभा सीट बांका जिले में स्थित है…अमरपुर विधानसभा क्षेत्र बांका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह सीट साल 1951 से ही अस्तित्व में है। इस सीट पर पहली बार साल 1951 में विधानसभा के चुनाव हुए और कांग्रेसी कैंडिडेट पशुपति सिंह चुनाव जीते थे। 1957 और 1962 में भी इस सीट पर कांग्रेस का ही कब्जा रहा और शीतल प्रसाद भगत चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। 1967 में एस.एन. सिंह और 1969 में सुख नारायण सिंह संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। साल 1972 में भारतीय जन संघ के कैंडिडेट जनार्दन यादव विधायक बने थे। इसके बाद 1977 में भी जनार्दन यादव ही अमरपुर से विधायक चुने गए थे, लेकिन इस बार वे जनता पार्टी के तरफ से चुनावी मैदान में थे। इसके बाद 1980 और 1985 में कांग्रेस कैंडिडेट नील मोहन सिंह विधायक चुने गए थे। 1990 में इस सीट पर निर्दलीय माधो मंडल चुनाव जीते थे। 1995 से 2005 तक इस सीट पर आरजेडी का कब्जा रहा और सुरेंद्र प्रसाद सिंह लगातार तीन बार अमरपुर से विधायक चुने गए थे। 2010 और 2015 में जेडीयू कैंडिडेट जनार्दन मांझी लगातार दो बार विधायक चुने गए।  2020 में यहां से जेडीयू कैंडिडटे जयंत राज ने जीत हासिल की थी। जयंत राज प्रभावशाली कोइरी लीडर हैं। साथ ही में वे बिहार सरकार में मंत्री भी हैं, इसलिए अमरपुर में उनकी दावेदारी इस बार भी पक्की लग रही है। वहीं 2020 के चुनाव में अमरपुर सीट पर जेडीयू कैंडिडेट जयंत राज ने जीत हासिल की थी। जयंत राज को 54 हजार तीन सौ आठ वोट मिला था तो कांग्रेस कैंडिडेट जितेंद्र सिंह 51 हजार एक सौ 94 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस तरह से जयंत राज ने जितेंद्र सिंह को महज तीन हजार एक सौ 14 वोट के कम अंतर से हरा दिया। वहीं एलजेपी कैंडिडेट मृणाल शेखर 40 हजार तीन सौ आठ वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में अमरपुर सीट पर जेडीयू कैंडिडेट जनार्दन मांझी ने जीत हासिल की थी। जनार्दन मांझी ने बीजेपी कैंडिडेट मृणाल शेखर को 11 हजार सात सौ 69 वोटों से हराया था। जनार्दन मांझी को कुल 73 हजार सात सौ सात वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे मृणाल शेखर को कुल 61 हजार नौ सौ 34 वोट मिले थे तो वहीं 6 हजार आठ सौ 18 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं 2010 में अमरपुर सीट पर जेडीयू उम्मीदवार जनार्दन मांझी ने जीत हासिल की थी। मांझी ने आरजेडी कैंडिडेट सुरेंद्र प्रसाद सिंह को 18 हजार 7 वोटों से हराया था। जनार्दन मांझी को कुल 47 हजार तीन सौ वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे सुरेंद्र प्रसाद सिंह को कुल 29 हजार दो सौ 93 वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस कैंडिडेट राकेश कुमार सिंह को कुल 9 हजार पांच सौ 83 वोट मिले थे। वहीं 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में अमरपुर सीट पर आरजेडी कैंडिडेट सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत हासिल की थी। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने जेडीयू उम्मीदवार वेदानंद सिंह को 2 हजार चार सौ एक वोट के अंतर से हराया था। सुरेंद्र प्रसाद सिंह को कुल 33 हजार छह सौ 79 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे वेदानंद सिंह को कुल 31 हजार दो सौ 78 वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे लोजपा कैंडिडेट बेबी देवी को कुल 10 हजार 82 वोट मिले थे। अमरपुर विधानसभा सीट पर कोइरी,यादव,ब्राह्मण,भूमिहार,राजपूत,रविदास और कुर्मी वोटरों की निर्णायक संख्या है। वहीं मुस्लिम वोटरों का भी चुनावी नतीजे तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। 2020 के चुनाव में अमरपुर सीट पर लोजपा कैंडिडेट ने 40 हजार तीन सौ आठ वोट लाया था। हालांकि इसके बावजूद जेडीयू लीडर जयंत राज ने कम मार्जिन से विधानसभा चुनाव जीत लिया था। इस बार अगर लोजपा का वोट जेडीयू की तरफ ट्रांसफर हुआ तो जयंत राज बड़ी मार्जिन से जीत दर्ज कर सकते हैं।

गरबा के दौरान अनुशासन बनाये रखने के लिए जबलपुर पुलिस ने जारी की नई गाइडलाइन

जबलपुर नवरात्र व दशहरा पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के उद्देश्य से पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक आयोजित की गई। जिलेभर से आए अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धार्मिक पर्वों के दौरान सुरक्षा व शांति व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई न होने पाए। गरबा आयोजकों की बैठक लेकर स्पष्ट कर दें कि खुले स्थान में आयोजन न करें। पर्वों के दौरान कुछ विघ्न संतोषी तत्व सक्रिय हो जाते हैं। जो अशांति व आपराधिक घटनाओं का कारण बन सकते हैं। लिहाजा ऐसे तत्वों को अभी से चिह्नित करते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। विशेष सतर्कता बरतने के दिए निर्देश पुलिस अधीक्षक ने आगे कहा कि आने वाले दिन कानून व्यवस्था की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। संस्कार धानी में दुर्गा उत्सव पर्व बड़े ही धूमधाम एवं वृहत स्तर पर मनाया जाता है, जिसकी ख्याति पूरे प्रदेश में है। सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी को शाम से ही श्रद्धालु शहर में जगह-जगह सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित दुर्गा जी की प्रतिमाओं के दर्शन हेतु निकलते हैं, जिसको लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बैठक में मिले निर्देशों से सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की दुर्गा उत्सव समितियों आदि को समय रहते अवगत करा दें।   बैठक में एसपी के निर्देश पारंपरिक स्थान पर ही स्थापित हों मां दुर्गा की प्रतिमा। पंडाल इस प्रकार बनाए जाएं कि आवागमन अवरुद्ध न हो। पंडालों में आग बुझाने के प्रर्याप्त इंतजाम हों। चारों तरफ कनात भी लगाएं। पंडाल अथवा जुलूस मार्ग पर डीजे प्रतिबंधित रहेगा। पंडाल की दानपेटी की जिम्मेदार समिति के अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष की रहेगी। जहां पूर्व में विवाद हुए, वहां विशेष नजर रखी जाए। विद्युत साजसज्जा में कटे तारों का उपयोग न किया जाए। पंडालों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाना समितियां सुनिश्चित करें। विसर्जन स्थलों पर होमगार्ड व स्थानीय गोताखोर तैनात किए जाएं। मंदिरों की सुरक्षा के लिए नियमित पेट्रोलिंग की जाए। रास्तों पर प्रकाश व्यवस्था बेहतर हो। पुलिस वाहनों में बलवा ड्रिल सामाग्री, टियर गैस, टार्च, वीडियो कैमरा, आवश्यक रूप से रखें। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता (आइपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सूर्यकांत शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजना तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, सहित समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी तथा चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

बिहार को मिलेगी बड़ी सौगात! PM मोदी करेंगे नेशनल मखाना बोर्ड और एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन

पूर्णिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल कोलकाता में सशस्त्र बलों के संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. एक महीने से भी कम समय में प्रधानमंत्री का यह दूसरा बंगाल दौरा होगा. अधिकारियों ने बताया कि 15 से 17 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित अन्य लोग भी शामिल होंगे.  पीएम मोदी असम के जोरहाट से आज शाम कोलकाता पहुंचेंगे और यहां राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे. अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री 15 सितंबर की सुबह भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय विजय दुर्ग (पूर्व में फोर्ट विलियम) में संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने 22 अगस्त को अपने पिछले पश्चिम बंगाल दौरे पर 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया था.    उन्होंने कोलकाता में तीन मेट्रो रेलवे लाइनों का उद्घाटन करने के बाद, नोआपाड़ा से जय हिंद एयरपोर्ट स्टेशन तक की यात्रा भी की थी, जिसके दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों और मेट्रो निर्माण श्रमिकों के साथ बातचीत की थी. प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में शस्त्र बलों के संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद 15 सितंबर की दोपहर कोलकाता से बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना होंगे. वह यहां 36,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री पूर्णिया एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल का भी उद्घाटन करेंगे, जो इस क्षेत्र की हवाई संपर्क की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा. वह राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का उद्घाटन भी करेंगे, जिसकी स्थापना की घोषणा इस साल की शुरुआत में केंद्रीय बजट में की गई थी. पीएम मोदी मखाना को सुपर फूड कहते हैं, जिसकी बिहार में बहुतायत में खेती होती है. देश के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा बिहार में ही होता है. पीएम मोदी के दौरे को लेकर पूर्णिया में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जहां नेशनल और स्टेट हाईवे पर वाहनों का परिचालन भी आज मध्य रात्रि से 24 घंटे के लिए स्थगित रहेगा. 

कपास और रेशम उत्पादक किसानों की तकदीर बदल देगा पीएम मित्रा पार्क

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा आपसी तालमेल से बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित किए जाएं। इन मेलों में किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के लाभयुक्त विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी दी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की देर रात मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मैटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक सभी निवेशकों का सरकार पलक पावड़े बिछाकर स्वागत करेगी। हम निवेशकों को सभी जरूरी मदद और सहयोग भी उपलब्ध कराऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सार्वजनिक/लोक उपक्रमों में निजी भागीदारी से ही देश का विकास संभव है। पीएम मित्रा पार्क में निवेशकों द्वारा किए जाने वाले पूंजी निवेश से जितनी उच्च कोटि के परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, हर संभव प्रयास कर हम यह करके दिखाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का प्रचार-प्रसार इस तरह किया जाए कि प्रदेश में मौजूद सभी प्रकार के कृषि आधारित उद्योग को भी भरपूर प्रोत्साहन मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में कुल 7 पीएम मित्रा पार्क मंजूर किए गए हैं। जहां दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए प्राथमिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमारी सरकार 17 सितंबर को धार जिले के भैंसोला गांव में देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन कराने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम इसे देश का मॉडल पीएम मित्रा पार्क बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क प्रदेश की कॉटन इंडस्ट्री को पुनर्स्थापित करेगा। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स, होजियरी आइटम्स सहित ऑल वेदर वियरिंग्स तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के बारे में प्रदेश के किसानों को हर तरीके से जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल पार्क (पीएम मित्रा पार्क) में भूमिपूजन होने से पहले ही लैंड एलॉटमेंट की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन के लिए 114 कंपनियों के आवेदन मिले थे। इन कंपनियों ने पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने की प्रबल रुचि व्यक्त कर लैंड अलॉटमेंट के लिए के लिए आवेदन किया है। आवेदन करने वाली कंपनियों में से 91 कंपनियों के आवेदन मंजूर कर इन्हें लैंड एलॉटमेंट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क में लैंड अलॉटमेंट कमेटी द्वारा विभिन्न कंपनियों और निर्माण इकाइयों को कुल 1294.19 एकड़ भूमि आवंटित करने की अनुशंसा कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में अधोसंरचना विकास के लिए सभी जरूरी निर्माण कार्य जारी हैं। इन निर्माण कार्यों के साथ लैंड अलॉटमेंट पाने वाली कंपनियों द्वारा अपने कारखाने और निर्माण इकाइयां भी समानांतर रूप से निर्मित की जाएंगी। इससे आने वाले एक से डेढ़ साल के दौरान ही निवेशक कंपनियों की निर्माण इकाइयों में उत्पादन भी प्रारंभ हो जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव वन, पर्यावरण श्री अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई, सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री निशांत बरवड़े, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।