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68 लाख के गेहूं का घोटाला! करनाल फूड इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी से खुला सच

करनाल  करनाल जिले के कुंजपुरा अनाज केंद्र से 68 लाख रुपये के गेहूं गबन के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक अशोक शर्मा को पुलिस ने शाहबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ 6 सितंबर को केस दर्ज हुआ था और तब से वह फरार चल रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच में खुलासा हुआ कि अप्रैल और मई 2025 में खरीदे गए गेहूं के बैगों में जानबूझकर वजन में गड़बड़ी की गई। जहां 50 किलो के बैग होने चाहिए थे, वहां 20-25 किलो गेहूं भरकर स्टॉक दिखाया गया। बाकी गेहूं बाजार में बेच दिया गया। विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 10 जून तक करीब 2,427 क्विंटल गेहूं, जिसकी कीमत 68 लाख 61 हजार रुपये थी, बाजार में बेचा जा चुका था। मामला तब खुला जब बैगों का वजन कम होने की शिकायत विभाग तक पहुंची। करीब 4902 बैग कम निकले डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने मौके पर पहुंचकर गड़बड़ी पकड़ी थी। जांच में पाया गया कि बैगों में 10 से 15 किलो तक वजन कम था और करीब 4,902 बैग कम निकले। मुख्यालय से गठित जांच कमेटी ने 12 अगस्त से जांच शुरू की और पांच सितंबर को रिपोर्ट सौंपी।    बैगों पर किया जाता था पानी का छिड़काव इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि खुले में रखे कई बैग आधे भरे हुए और फटे मिले, जिनसे गेहूं निकालकर बेच दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि बैगों का वजन सही दिखाने के लिए गेहूं पर पानी का छिड़काव किया जाता था ताकि चोरी का पता न चले। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

शिक्षा विभाग में हड़कंप, संकुल प्रिंसिपल रिश्वत लेते पकड़ी गईं, लोकायुक्त ने किया कार्रवाई

  सांवेर सांवेर क्षेत्र के कछालिया गांव के शासकीय सांदीपनी स्कूल में रिश्वत का मामला सामने आया है। एक महिला प्रिंसिपल ने दो शिक्षकों के स्थाईकरण की फाइल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पहुंचाने के एवज में दो हजार रुपए की रिश्वत मांगी। प्रिंसिपल मनीषा पहाड़िया ने शिक्षकों से कहा था कि वह रिश्वत के पैसे लिफाफे में रखकर लाए। फाइल बढ़ाने के लिए दो हजार की रिश्वत मांगने पर दोनों शिक्षक हैरान थे। उन्होंने लोकायुक्त विभाग को इसकी शिकायत की। लोकायुक्त पुलिस ने महिला प्रिंसिपल को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। केमिकल लगे नोट लिफाफे में रखवा कर शिकायतकर्ता शिक्षकों को दिए।  बुधवार को दोनों शिक्षक प्रिंसिपल मनीषा के केबिन में पहुंचे और लिफाफा टेबल पर रख दिया। प्रिंसिपल ने लिफाफा पर्स में रखकर कहा कि अब फाइल आगे बढ़ा दूंगी।  इस बीच लोकायुक्त की टीम इशारा पाते ही केबिन में पहुंची और महिला प्रिंसिपल को रिश्वत लेते रहेंगे हाथों पकड़ लिया। उन्होंने मनीषा के हाथ धुलवाए तो हाथ केमिकल के कारण पीले हो गए।भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किया और रिश्वत लेने के उपयोग में लाया गया पर्स भी टीम ने जप्त कर लिया है।  पकड़े जाने के बाद प्रिंसिपल मनीषा ने कहा कि उससे गलती हो गई ,उसे रिश्वत के पैसे नहीं लेना चाहिए थे। शिकायतकर्ता शिक्षकों की चार साल पहले स्कूल में नियुक्ति हुई थी। उन्होंने तय नियम के तहत स्थाई करने के लिए प्राचार्य को फाइल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजने के लिए कहा था। प्रिंसिपल ने दोनों से फाइल आगे बढ़ाने की एवज में दोनों से एक- एक हजार रुपए मांगे थे। अब महिला प्रिंसिपल को निलंबित किया जा सकता है।  

आजम खान की जमानत पर हाईकोर्ट का फैसला, डूंगरपुर केस में कोर्ट ने जताई सहानुभूति

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान को कथित डूंगरपुर मामले में बुधवार को जमानत दे दी। इस मामले में एक रिहायशी कॉलोनी को कथित तौर पर बलपूर्वक खाली कराया गया था। रामपुर की एमपी-एमएलए (सांसद-विधायक) अदालत ने आजम खान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति समीर जैन ने आजम खान द्वारा दायर जमानत याचिका पर यह आदेश पारित किया। इससे पूर्व, 12 अगस्त को अदालत ने आजम खान और बरकत अली नाम के एक ठेकेदार की जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था। बरकत अली ने भी उच्च न्यायालय में एक आपराधिक अपील दायर की है। कथित डूंगरपुर मामले में अबरार नाम के एक व्यक्ति ने आजम खान, पुलिस से क्षेत्राधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए आले हसन खान और ठेकेदार बरकत अली के खिलाफ अगस्त, 2019 में रामपुर के गंज पुलिस थाने में एक मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आजम खान, आले हसन खान और बरकत अली ने दिसंबर, 2016 में उसकी पिटाई की थी और उनके घर में तोड़फोड़ करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि इसके साथ ही इन तीनों ने उसका घर भी ध्वस्त करा दिया था। इस मामले में रामपुर की एमपी..एमएलए विशेष अदालत ने 30 मई, 2024 को आजम खान को 10 वर्ष और बरकत अली को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। डूंगरपुर बस्ती में रह रहे लोगों ने कॉलोनी खाली कराने का आरोप लगाते हुए 12 मामले दर्ज कराये थे। ये मामले गंज थाने में लूट, चोरी और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज कराये गए थे।

CM साय का ऐलान: प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ दौरे पर, स्थापना दिवस कार्यक्रम में लेंगे भाग

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। इस बारे में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस समय अपने रजत जयंती वर्ष में है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया था, इसलिए इस वर्ष को सरकार ने अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में हिस्सा लेने के लिए कोरबा रवाना हुए है। इस दौरान स्टेट हैंगर में उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि इस साल छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 साल पूरे करने जा रहा है। 1 नवंबर को होने वाला राज्योत्सव इस बार रजत जयंती के रूप में मनाया जाएगा और इसे यादगार बनाने के लिए सरकार ने विशेष तैयारियां की हैं। PM मोदी 31 अक्टूबर को 2 दिन के दौरे पर आएंगे छत्तीसगढ़ CM साय ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ का गठन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था, इसलिए इस साल को अटल निर्माण वर्ष घोषित किया गया है। यह उत्सव अगले 25 हफ्तों तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है और इसके लिए पत्र भी भेजा गया है। नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का उद्घाटन करेंगे PM मोदी नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई इमारत लगभग बनकर तैयार है। संभावना है कि 1 नवंबर को राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मौजूदगी भी हो सकती है। उद्घाटन के बाद विधानसभा का नया सत्र इसी भवन से शुरू होने की तैयारी है। इसके लिए प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग लगातार काम में जुटे हुए हैं।

CM भगवंत मान का ऐतिहासिक फैसला: खेत मालिकों के लिए रेत नीति में हरी झंडी, बाढ़ पीड़ितों को राहत

पंजाब  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने ऐतिहासिक फैसले लिया. सीएम मान ने जिसका खेत, उसकी रेत की जन-हितैषी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत एक विशेष अवसर प्रदान करते हुए किसानों को भयंकर बाढ़ के कारण खेतों में जमा रेत और मिट्टी निकालने के साथ-साथ, यदि वे चाहें, तो इसे बेचने की छूट दी जाएगी. यह फैसला आज सुबह मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उनके सरकारी आवास पर हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया. मुख्यमंत्री ने इस बैठक में मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से वर्चुअल रूप से भाग लिया, जहां वे इलाज के लिए भर्ती हैं. जानकारी के मुताबिक बाढ़ के कारण पानी की मार झेल रहे खेतों में रेत और मिट्टी जमा हो चुकी है. इन खेतों के किसानों को बड़ी राहत देने के लिए यह फैसला लिया गया है. किसानों को अपने खेतों में जमा रेत और मिट्टी निकालने की अनुमति दी जाएगी. यदि वे चाहें तो इसे बेच भी सकेंगे.   प्रभावित किसानों/काश्तकारों/किसान समूहों को लाभ कृषि योग्य जमीन से मिट्टी/रेत/नदियों के माध्यम से जमा सामग्री निकालने का यह एकमुश्त अवसर माना जाएगा, लेकिन इसे खनन सामग्री नहीं माना जाएगा. संबंधित जिले का डिप्टी कमिश्नर जिले में प्रभावित गांवों की सूची घोषित करेगा, जहां बाढ़ के कारण रेत या गाद जमा होने से प्रभावित किसानों/काश्तकारों/किसान समूहों द्वारा मिट्टी/रेत/नदियों के माध्यम से जमा सामग्री को निकालने और ढोने का कार्य किया जा सकेगा. हाल ही में आई बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए सभी जिला खनन अधिकारियों के साथ-साथ जिला और उप-मंडल स्तर की निगरानी कमेटियां प्रभावित खेतों से मिट्टी/रेत/नदियों के माध्यम से जमा सामग्री को बिना जमीन की मूल सतह के साथ छेड़छाड़ किए हटाने और ढोने में सहयोग करेंगी. फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि पंजाब सरकार प्रति एकड़ 20,000 रुपए का मुआवजा देगी, जो न केवल पंजाब में बल्कि पूरे देश में अब तक का सबसे अधिक मुआवजा है. गंभीर संकट में फंसे किसानों को उबारने के लिए राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है ताकि किसानों को अत्यंत आवश्यक राहत दी जा सके. पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट एक्ट, 1922 में संशोधन मंत्रिमंडल ने राज्य की शहरी स्थानीय इकाइयों को म्यूनिसिपल डेवलपमेंट फंड के माध्यम से इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों के फंडों का उपयोग करने में सक्षम बनाने के लिए पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट एक्ट, 1922 में संशोधन को मंजूरी दे दी. राज्य सरकार द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए म्यूनिसिपल डेवलपमेंट फंड की स्थापना की गई थी, जिसके लिए प्रत्येक वर्ष प्रांतीय बजट से धन प्राप्त होता है. शहरी निकाय इकाइयों द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों को अपनी संपत्तियों के निपटान से प्राप्त फंडों का उपयोग करने में सक्षम बनाने के लिए इस एक्ट में धारा 69बी जोड़ी गई है, जिसके तहत जमीन, इमारतों या अन्य चल-अचल संपत्तियों के निपटान से ट्रस्ट को मिलने वाले धन का हिस्सा, जैसा कि निर्धारित हो, म्यूनिसिपल डेवलपमेंट फंड में स्थानांतरित किया जाएगा.

टीकमगढ़ परीक्षण संभाग को एम.पी. ट्रांसको की सर्वोत्तम दक्षता ट्रॉफी

भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के टीकमगढ़ परीक्षण संभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए टीकमगढ़ को राज्य स्तरीय सर्वोत्तम दक्षता ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। जबलपुर मुख्यालय में आयोजित समारोह में एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक श्री सुनील तिवारी ने यह ट्रॉफी टीकमगढ़ टीम को प्रदान की। टीकमगढ़ की ओर से कार्यपालन अभियंता श्री आर.पी. कान्यकुब्ज, सहायक अभियंता श्री जी.पी. राय और श्रीमती चंदा यादव ने यह सम्मान ग्रहण किया। प्रबंध  संचालक श्री सुनील तिवारी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद टीकमगढ़ की टीम की यह उपलब्धि सभी के लिए प्रेरणा है।

राजधानी के भाठागांव इलाके में जेसीबी चला, अवैध प्लॉटिंग को तोड़कर जमीन कराई मुक्त

रायपुर नगर निगम जोन-6 के तहत भाठागांव इलाके में मंगलवार को करीब पांच एकड़ क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की है. कार्रवाई दो जगहों पर की गई है, एक जगह पर करीब चार एकड़ और दूसरी जगह पर लगभग एक एकड़ में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी. अवैध प्लाटिंग की सूचना मिलने पर जोन-6 कमिश्नर हितेंद्र यादव ने नगर निवेश विभाग के अमले के साथ मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान प्लाट में मुरुम की रोड मिली. इसके अलावा कुछ लोगों ने प्लॉटिंग पर मार्किंग कर ली थी. निगम अमले ने तत्काल मौके पर जेसीबी की मदद से रोड को तोड़ दिया. जोन कमिश्नर ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग करने वाले के बारे में जानकारी के लिए तहसीलदार को पत्र लिखा गया है. जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. अवैध प्लॉटिंग के लिए भाठागांव सबसे उपयुक्त मिली जानकारी के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग करने वालों के लिए भाठागांव इलाका सबसे उपयुक्त है. यहां पर नजदीक ही इंटर स्टेट बस टर्मिनल है, और यह इलाका रिंग रोड से लगा हुआ है. इन दो सुविधाओं के लिए भाठागांव का पूरा क्षेत्र लोगों के लिए घर बनाने और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है. यही वजह है कि यहां सबसे ज्यादा अवैध प्लॉटिंग हो रही है. निगम ने पुलिस में भेजे 329 प्रकरण नगर निगम ने अब तक अलग-अलग थाने को अवैध प्लाटिंग पर एफआईआर के लिए 329 प्रकरण बनकर भेजे हैं. इनमें से अब तक महज 20 पर एफआईआर दर्ज हुई है. शेष प्रकरणों में पुलिस ने अब तक अपराध ही. दर्ज नहीं किया है. पुलिस का कहना है कि सभी प्रकरणों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है. उन्होंने नगर निगम से कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की है.

ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोले गोरक्षपीठाधीश्वर

योग्य गुरु मिले तो कोई भी मनुष्य अयोग्य नहीं : सीएम योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में श्रद्धाजंलि समारोह ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोले गोरक्षपीठाधीश्वर समाज और राष्ट्र को दिशा दिखाई गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय ने : मुख्यमंत्री गोरखपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है। अगर कोई मनुष्य अयोग्य है तो मानकर चलिए उसे योग्य योजक नहीं मिला। योग्य गुरु मिलने पर मनुष्य अयोग्य हो ही नहीं सकता। इस परिप्रेक्ष्य में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की सर्वस्वीकार्य प्रतिष्ठा सुयोग्य योजक की रही है।   सीएम योगी को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धाजंलि समारोह के अंतर्गत बुधवार (आश्विन कृष्ण तृतीया) को महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर अपनी भावाभिव्यक्ति कर रहे थे। ‘अमन्त्रमक्षरं नास्ति, नास्ति मूलमनौषधम्, अयोग्यः पुरुषो नास्ति योजकस्तत्र दुर्लभः’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कोई अक्षर नहीं है जिसमें मंत्र बनने का सामर्थ्य न हो और ऐसी कोई वनस्पति नहीं है जिसमें औषधीय गुण न हो। ऐसे ही कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, जरूरत होती है व्यक्ति की योग्यता को पहचान कर उसे सही दिशा देने वाले गुरु की। गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय ने सदैव योजक की भूमिका का निर्वहन कर समाज और राष्ट्र को दिशा दिखाई। पूर्ववर्ती दोनों पीठाधीश्वरों युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और राष्ट्र संत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज का पूरा जीवन देश और धर्म के लिए समर्पित था। साधु अकेला, समाज उसका परिवार, सनातन ही उसकी जाति मुख्यमंत्री ने कहा कि साधु अकेला होता है। समाज उसका परिवार, राष्ट्र उसका कुटुंब होता है और उसकी जाति सिर्फ सनातन होती है। उन्होंने कहा कि संतों के संकल्प में पवित्रता, दृढ़ता होती है, संकल्प में उसकी साधना के अंश होते हैं। और, जब सच्चा संत कोई संकल्प लेता है तो उसके परिणाम अवश्य आते हैं। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ऐसे ही संकल्पों वाले संत थे। अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण के उनके संकल्प और संकल्प के प्रति किए गए संघर्ष का परिणाम आज पूरी दुनिया के सामने है।  हिंदुआ सूर्य महाराणा प्रताप की परंपरा से गोरखपुर आए महंत दिग्विजयनाथ मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की पुण्य स्मृति को नमन करते हुए कहा कि महंतका जन्म इतिहास प्रसिद्ध मेवाड़ की उस कुल परंपरा में हुआ था जिसने विदेशी आक्रांताओं के सामने कभी समर्पण नहीं किया। वह हिंदुआ सूर्य महाराणा प्रताप की परंपरा से गोरखपुर आए। उनका जीवन सिर्फ आध्यात्मिक उन्नयन तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने धर्म के अभ्युदय के साथ समाज और राष्ट्र के हित में सांसारिक उत्कर्ष को भी शिक्षा और सेवा के माध्यम से आमजन के लिए महत्व दिया। यही कार्य महंत अवेद्यनाथ जी ने भी किया। सीएम योगी ने कहा कि सच्चा साधु धर्म के अभ्युदय और निः श्रेयस, दोनों को साथ लेकर चलता है।  गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप के शिल्पी और शैक्षिक क्रांति के पुरोधा थे महंत दिग्विजयनाथ मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप के शिल्पी थे। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के वैभवशाली मंदिर के रूप में स्थापित किया। इसके साथ ही उनकी ख्याति पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक क्रांति के पुरोधा के रूप में भी है। 1932 में उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना के साथ ही गोरखपुर में विश्वविद्यालय स्थापित करने का संकल्प लिया था। देश की आजादी के बाद जब गोरखपुर में विश्वविद्यालय स्थापित करने की बात आगे बढ़ी तो बहुत से लोग पीछे हट गए। तब महंत दिग्विजयनाथ जी ने अपने दो डिग्री कॉलेज दान में देकर विश्वविद्यालय की स्थापना सुनिश्चित कराई। उन्होंने बालिका शिक्षा के केंद्र को भी स्थापित करने का संकल्प बालिका विद्यालय बनवाकर पूरा किया।  गुलामी के प्रतीकों को हटाने का लिया था संकल्प सीएम योगी ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी ने गुलामी के प्रतीकों का हटाने का संकल्प लिया था। अयोध्या में गुलामी की निशानी ढांचे को हटाकर भव्य श्रीराम मंदिर बनाना उनका और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी का संकल्प और सपना था। आज दोनों आचार्यों का यह संकल्प गुलामी के निशान को हटाकर पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज ऐसा कौन भारतीय होगा जिसे अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर देखकर गर्व न होता हो। कोई ऐसा होगा तो उसके भारतीय होने पर ही संदेह होगा। विकसित भारत केवल राजनीतिक संकल्प नहीं, भारत और भारतीयता का मंत्र अपने संबोधन में सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए विकसित भारत के उद्घोष का भी उल्लेख किया। कहा कि विकसित भारत केवल राजनीतिक संकल्प नहीं है बल्कि यह भारत और भारतीयता का मंत्र है। वसुधैव कुटुम्बकम की दृष्टि से कभी भारत ने दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया था। कोई आपस में लड़े न, यह भारत की परंपरा है। ऐसा फिर से हो, इसके लिए विकसित और आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता है। इसलिए, हर भारतीय को विकसित भारत के संकल्प से जुड़ना होगा।  जब संकल्प अंतःकरण से होता है तो वह अवश्य पूरा होता है।  परंपराएं हमारी विरासत, सीख लेने की जरूरत मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरक्षपीठ में पूज्य आचार्यों की स्मृति में साप्ताहिक आयोजन पीठ की परंपरा का हिस्सा है। मंदिर के अलावा आज महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की सभी संस्थाओं में भी पूज्य आचर्यद्वय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आयोजन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि परंपराएं हमारी विरासत होती हैं। वर्तमान और भावी पीढ़ी को इनके जरिये प्रेरणा और सीख लेने की जरूरत होती है। विरासत के संदर्भ में उन्होंने अखंड भारत में दुनिया के पहले विश्वविद्यालय, प्रभु श्रीराम के भाई भरत के पुत्र तक्ष के नाम पर स्थापित तक्षशिला विश्वविद्यालय का उल्लेख भी किया। बताया कि पाणिनि का व्याकरण इसी तक्षशिला विश्वविद्यालय से आगे बढ़ा। महर्षि सुश्रुत और चरक जैसे आयुर्वेद के जनक इसी विश्वविद्यालय से निकले। आयुर्वेद, व्याकरण, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, कृषि सहित अनेक क्षेत्रों के लिए यही प्राचीनतम विश्वविद्यालय रहा।  महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवेद्यनाथ न होते तो राम मंदिर बनता ही नहीं : डॉ. रामविलास … Read more

हजारीबाग में आगजनी की घटना पर पुलिस का शिकंजा, CCL कंपनी के 7 आरोपी हिरासत में

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग के चरही थाना क्षेत्र में 24 अगस्त को सीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनी अरविंद कोलियरिज लिमिटेड के व्यू प्वाइंट पर कुछ अपराधियों ने हमला किया था। लगभग 8 से 10 अपराधियों ने ट्रकों और वाहनों को आग लगाई, जिससे 3 हाइवा और 3 पिकअप वाहन पूरी तरह जल गए। इस हमले में कंपनी का एक कर्मचारी भी घायल हुआ और कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस घटना की सूचना मिलने पर चरही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसे इस मामले की जांच सौंपी गई। पुलिस ने अपनी गुप्त सूचनाओं के आधार पर 9 सितंबर 2025 को छापेमारी की और हजारीबाग के विभिन्न गांवों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 6 जिन्दा गोलियां, 7 टीपीसी के पर्चे, एक बोलेरो वाहन और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में सभी आरोपियों ने इस हमले में शामिल होने की बात कबूल की है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया उनमें इमदाद रजा (21 वर्ष), सचिन कुमार रविदास (24 वर्ष), अफसर आलम (21 वर्ष), अजमत अंसारी (22 वर्ष), साहिल रजा (18 वर्ष), रामप्रवेश यादव (30 वर्ष), और सुनील कुमार दास (29 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बृहद और सतर्क अभियान चलाने का भी आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर काबू पाया जा सके।  

गुमशुदा मोबाइल लौटाने पर मंडला पुलिस को गोवा में किया गया सम्मानित

 मंडला भारत सरकार के दूरसंचाल विभाग द्वारा गोवा में आयोजित वेस्ट जोन वार्षिक सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया था. जिसमें पश्चिम क्षेत्र के जो कई राज्य हैं हैं, जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ शामिल हुए थे. इसमें जिसने सबसे अच्छी रिकवरी की थी, उसे सम्मानित किया गया है. मध्य प्रदेश के मंडला साइबर सेल को सम्मानित किया गया. यह क्षण आदिवासी जिला मंडला के लिए गौरव का क्षण है. मंडला पुलिस को सीईआईआर पोर्टल का इस्तेमाल कर 74 फीसदी मोबाइल रिकवरी के साथ वेस्ट जोन में पहला स्थान मिला है. मंडला पुलिस ने जब्त किए गुमशुदा मोबाइल दरअसल, मंडला पुलिस ने CEIR पोर्टल का उपयोग कर डेढ़ साल में 2031 मोबाइल जब्त किए हैं. जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ बताई जा रही है. उन मोबाइलों को तलाश कर पुलिस ने उनके मालिकों को सौंपे. वहीं साल 2024 में 1046 और 2025 में 985 मोबाइल पुलिस ने रिकवर किए हैं. बता दें इससे पहले मध्य प्रदेश डीजीपी द्वारा मंडला पुलिस को उनकी कार्यशैली को लेकर सम्मानित किया जा चुका है. मंडला पुलिस को 50 हजार रुपए के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था. मंडला पुलिस ने इस सफलता के लिए पंच स्तरीय कार्य प्रणाली लागू की गई थी. थाना स्तर पर मोबाइल फोन की शिकायतों व अन्य साइबर फ्रॉड को ऑनलाइन दर्ज करने साइबर डेस्क का गठन किया गया था. नेशनल साइबर रिपोर्टिंग हेल्पलाइन 1930, CEIR पोर्टल व लोकल साइबर हेल्पलाइन नंबर 7587644088 का प्रचार किया गया. सभी थानों में हेल्पलाइन नंबर, स्कूल व साप्ताहिक बाजार में प्रचार, चौराहों पर फ्लेक्स बैनर लगाकर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार किया गया. शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया हुई आसान थाना पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को थाना स्तर पर ही तत्काल दर्ज की गई. वहीं लोकल स्तर पर जारी हेल्पलाइन नंबर से आमजन को मोबाइल के गुम जाने वाली शिकायत दर्ज करने में आसानी हुई. खरीद बिल या IMEI नंबर अनुपलब्ध होने पर भी शिकायत प्राप्त की गई. डिस्ट्रिक्ट, थाना व बीट स्तर पर मोबाइल फोन का डिस्ट्रीब्यूसन मोबाइल फोन पहले जिला स्तर पर ट्रेस कर लिए जाते थे. अब विकेन्द्रीकृत वितरण से सीधे मोबाइल फोन को पुलिस स्टेशन स्तर पर या माइक्रो बीट पुलिसकर्मियों द्वारा दूर गांवों में लोगों के घर जाकर सौंपा गया.