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सिंहस्थ 2028 में हर दिन लाखों श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे बाबा महाकाल के द्वार

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने 2028 सिंहस्थ महाकुंभ के लिए तैयारियों को गति देते हुए उज्जैन और खंडवा जिलों का सुरक्षा ऑडिट करवाया है। इसमें सामने आया है कि उस दौरान उज्जैन में प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल का दर्शन कराया जा सकेगा। इससे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने पर प्रशासन उनके ठहरने की व्यवस्था करेगा और अगले दिन दर्शन कराया जाएगा। सुरक्षा ऑडिट के माध्यम से दोनों जिलों की स्थानीय पुलिस ने यह पता लगाया कि भीड़ की दृष्टि से कौन-कौन से स्थान संवेदनशील हैं? सुरक्षा के कहां क्या प्रबंध किए जाने हैं? सीसीटीवी कैमरे कहां लगाए जाएंगे? इनका डिस्प्ले किस-किस जगह पर होगा? इसी रिपोर्ट के आधार पर अब विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। 60 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन और खंडवा जिलों की आडिट रिपोर्ट मुख्यालय को मिल गई है। इसमें पिछले सिंहस्थ में किए गए प्रबंध और इस सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए प्रबंध के उपाय सुझाए गए हैं। शाही स्नान के दिनों में सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अलग से ऑडिट कर जरूरतों के बारे में बताया गया है। सभी जगह मिलाकर लगभग 60 हजार पुलिसकर्मियों को पदस्थ किया जाएगा। दूसरे राज्यों के पुलिस बल की भी मदद ली जा सकती है। सेटेलाइट रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों के आसपास पार्किंग की व्यवस्था और जरूरी सुरक्षा प्रबंध का भी आकलन किया गया है। उज्जैन आएंगे, तो ओंकारेश्वर में भी करेंगे दर्शन उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं में 15 से 20 प्रतिशत के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए ओंकारेश्वर का भी ऑडिट कराया गया है। इसमें श्रद्धालुओं की संभावित संख्या, आने-जाने के रास्ते, प्रतिदिन दर्शन की क्षमता, नर्मदा में स्नान के लिए घाटों की उपलब्धता और क्षमता, पार्किंग व्यवस्था, खंडवा में श्रद्धालुओं को ठहराने की सुविधा और सभी जगह के लिए सुरक्षा प्रबंध की रूपरेखा बताई गई है। सिंहस्थ से जुड़े सभी कार्य समय सीमा में पूरा करें : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार रात अपने आवास स्थित समत्व भवन में उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने घाटों के विस्तार,सड़क निर्माण, शिप्रा को निर्मल बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए कहा है। उन्होंने निर्माण कार्यों के अतिरिक्त अन्य तैयारियां जैसे सुरक्षा, शाही स्नान के दिन की जाने वाली व्यवस्थाओं की अद्यतन जानकारी अधिकारियों से ली। बैठक में उज्जैन के जनप्रतिनिधि वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने भी आयोजन के संबंध में कई सुझाव दिए और सिंहस्थ से जुड़े पुराने अनुभव साझा किए।

मेट्रो का नया विस्तार: गुरुग्राम से पचगांव तक सीधा कनेक्शन, साइबर सिटी आएंगे खुश

गुरुग्राम सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो स्टेशन से पचगांव चौक तक मेट्रो विस्तार की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार हो गई है। राज्य सरकार रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक रिपोर्ट को हरी झंडी मिल जाएगी। इसके बाद डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। नए रूट में एचएसआईडीसी की भी सहयोगी भूमिका होगी, यानी वह बजट साझा करेगी। नए रूट से एचएसआईडीसी को काफी फायदा होगा क्योंकि मानेसर और आसपास के इलाकों में उसके कई बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। सभी प्रोजेक्ट्स में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी होगी। साथ ही साइबर सिटी और आसपास के इलाकों के लाखों लोगों को सुविधा मिलेगी। इस रूट के बनने के बाद गुरुग्राम जिले के ज्यादातर इलाके सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे। राज्य सरकार की योजना साइबर सिटी और आसपास के सभी इलाकों को मेट्रो से जोड़ने की है। इस दिशा में पुराने गुरुग्राम में मेट्रो के विस्तार के साथ-साथ सेक्टर-56 से पचगांव चौक और पालम विहार से दिल्ली के द्वारका तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। सेक्टर-56 से पचगांव चौक तक की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो गई है। सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो का आखिरी स्टेशन है। वहाँ एक इंटरचेंज बनाया जाएगा और आगे एक नया कॉरिडोर जोड़ा जाएगा। कॉरिडोर पर कितने स्टेशन होंगे और कहां होंगे, इसकी पूरी जानकारी डीपीआर से सामने आएगी। सभी भीड़-भाड़ वाले इलाकों में स्टेशन बनाने का प्रयास किया जाएगा। मानेसर के आसपास विकसित कई सोसायटियों को सीधे मेट्रो से जोड़ा जाएगा। 30 से ज़्यादा गाँव सीधे मेट्रो से जुड़ेंगे। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और क्षेत्र में विकास की गति भी तेज़ होगी। पचगांव चौक पर आरआरटीएस कॉरिडोर से जुड़ेगा मेट्रो कॉरिडोर पचगांव चौक पर मेट्रो कॉरिडोर को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। यह चौक आरआरटीएस कॉरिडोर का जंक्शन होगा। आरआरटीएस कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से राजस्थान के अलवर तक विकसित किया जाएगा। इस तरह, अलवर तक मेट्रो यात्रियों का सफ़र आसान हो जाएगा। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को हीरो होंडा चौक के पास पुराने गुरुग्राम के लिए विकसित किए जा रहे मेट्रो कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी क्षेत्र से मेट्रो सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने आरआरटीएस कॉरिडोर विकसित करने की योजना को हरी झंडी देने की तैयारी कर ली है। जल्द ही कैबिनेट से इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कुछ दिन पहले गुरुग्राम में आयोजित एक समारोह में इसके संकेत दिए थे। आरआरटीएस कॉरिडोर के विकसित होने के बाद अलवर तक की तस्वीर बदल जाएगी। दिल्ली और गुरुग्राम में काम करने वाले लोग न केवल आस-पास रहना पसंद करेंगे, बल्कि वे अलवर तक भी रह सकेंगे, क्योंकि कॉरिडोर पर हर 10 से 15 मिनट में नमो ट्रेन चलने की सुविधा उपलब्ध होगी। आरआरटीएस कॉरिडोर तीन चरणों में विकसित  आरआरटीएस कॉरिडोर का विकास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) द्वारा तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़) 106 किलोमीटर, दूसरे चरण में बहरोड़ से सोतानाला और तीसरे चरण में सोतानाला से अलवर तक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से दौड़ सकेंगी। औसत गति 100 किलोमीटर होगी। 10 से 15 मिनट के अंतराल पर ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी।

20 महिला सरपंचें पहुंचीं इस गांव, जानने पंचकूला की सरपंच से सफलता की कहानी

बरवाला पंचकूला जिले की ग्राम पंचायत बुंगा। यहां की सरपंच कविता चौधरी अपनी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ गांव को आगे बढ़ाया है, जोकि पूरे प्रदेश की महिला सरपंचों के लिए प्रेरणास्रोत है। पंचायत को महिला फ्रेंडली का दर्जा मिला हुआ है। यही वजह है कि महिला हितैषी पंचायत के तहत आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम में यमुनानगर जिले की 20 महिला सरपंच बूंगा गांव की पंचायत के कामकाज करने के तरीके को देखने पहुंचीं। सरपंच कविता चौधरी ने बुंगा गांव को महिला सशक्तिकरण और विकास कार्यों की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने गांव में अब तक हुए विकास कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। प्रतिभागी महिला सरपंचों ने गांव में बने महिला सांस्कृतिक केंद्र, आंगनवाड़ी, डेम और सामुदायिक केंद्र का निरीक्षण किया और पंचायत की कार्यशैली की सराहना की। गांव बुंगा में हुए विकास कार्यों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें बताया गया कि किस तरह ग्राम पंचायत बूंगा को एक महिला फ्रेंडली पंचायत के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिला सरपंचों ने कहा कि सरपंच कविता चौधरी ने जिस दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ गांव को आगे बढ़ाया है, वह पूरे प्रदेश की महिला सरपंचों के लिए प्रेरणास्रोत है। पहले भी लिया था बड़ा फैसला, बुंगा गांव में वाहनों पर लाउड म्यूजिक पर रोक सरपंच कविता चौधरी ने काफी समय पहले ही बुंगा गांव में एक सराहनीय पहल करते हुए वाहनों पर तेज आवाज में म्यूजिक बजाने पर पाबंदी लगा दी थी। यह कदम उस समय चर्चा का विषय बना था, क्योंकि आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सख्ती देखने को नहीं मिलती। ग्रामीण बताते हैं कि इस फैसले से गांव में शांति और अनुशासन कायम हुआ है। खासकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों और बुजुर्गों को राहत मिली। आज यह फैसला कविता चौधरी की दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व क्षमता की मिसाल बनकर सामने आ रहा है, जिसे अब दूसरी पंचायतों के लिए भी मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।

युवाओं की भागीदारी बढ़ाने उतरी यूथ कांग्रेस, चंडीगढ़ में उठाएगी प्रमुख मुद्दे

चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक में संगठनात्मक मजबूती, युवाओं की राजनीतिक भागीदारी और आगामी रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक लुबाना ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और चंडीगढ़ प्रभारी अयाज चौधरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एचएस लक्की, उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह उपस्थित रहे। अयाज चौधरी ने युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी की प्रेरणा दी और कहा कि देश के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा, पर्यावरण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर जनता के बीच जाकर काम करें।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने कांग्रेस पार्टी हमेशा से युवाओं की शक्ति में विश्वास रखती है और यूथ कांग्रेस को हर स्तर पर पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने युवाओं को पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पार्षद गुरप्रीत सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के कार्यों में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया और युवाओं से आग्रह किया कि वे जमीनी मुद्दों को समझें और उनका समाधान करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। दीपक लुबाना ने बताई योजना अध्यक्ष दीपक लुबाना ने आगामी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कालेजों और यूनिवर्सिटी में बड़े स्तर पर युवाओं से संवाद कार्यक्रम होंगे। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जन-जागरूकता अभियान चलेगा। सदस्यता अभियान से संगठन का विस्तार होगा। नए कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण शिविर और कार्यशालाएं होंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से युवा संवाद और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।

बिहार विधानसभा चुनाव में हिंदुत्व का नया समीकरण, शंकराचार्य ने घोषित किए ‘गो भक्त’ प्रत्याशी

मधुबनी बिहार की राजनीति में सनातन आस्था और गौ रक्षा का मुद्दा एक नया मोड़ आ गया है। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने रविवार को ऐलान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बिहार की सभी 243 सीटों पर गौ भक्त निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे। उन्होंने साफ कहा कि अब समय आ गया है कि सनातन धर्म की रक्षा और गौ माता के सम्मान के लिए राजनीति में भी गौ भक्त अपनी ताक़त दिखाएं। शंकराचार्य महाराज ने गौ मतदाता संकल्प यात्रा निकालकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इसी कड़ी में मधुबनी के रांटी चौक स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित सभा में उन्होंने कहा सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है जब हम गौ माता का संरक्षण करेंगे। गौ रक्षा केवल हमारी आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और समाज की आधारशिला भी है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे स्वयं राष्ट्रीय पार्टियों के दिल्ली स्थित कार्यालयों में गए और सभी नेताओं से मांग की कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए संसद में अपना पक्ष रखें। लेकिन आज तक किसी भी राजनीतिक दल ने इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख नहीं बताया। उन्होंने कहा जब किसी भी दल ने गौ माता को लेकर अपनी स्थिति नहीं स्पष्ट की, तब हमें विवश होकर बिहार में अपने प्रत्याशी खड़े करने का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा की सभी सीटों पर उनके समर्थक गौ भक्त चुनाव लड़ेंगे। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद औपचारिक रूप से प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। शंकराचार्य ने कहा कि देश में जीतने भी बुचरखाने हैं उन्हें बंद करें सरकार नहीं तो नोटिस भेजा जाएगा। गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने की अपील सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य जी ने सनातनी हिन्दुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को वोट दें, जो गौ रक्षा और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की प्रतिबद्धता दिखाते हों। उन्होंने कहा हमारी लड़ाई किसी दल या व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से है, जो हमारी आस्था और संस्कृति की उपेक्षा करती रही है। मौके पर राधवाचार्य, भाजपा प्रदेश नेता अमरनाथ प्रसाद , कुंदन सिंह, साजन सिंह शिवम, रामलखन दास, , चंदन ठाकुर, अरुण झा, अनुपम झा उर्फ राजा सहित कई लोग थे।

नए युग की ओर यूपी: हाई-टेक उद्योग देंगे राज्य को विश्वस्तरीय पहचान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 'विकसित उत्तर प्रदेश-समर्थ उत्तर प्रदेश @2047' विजन को साकार करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर रही है। इस रूपरेखा में तीन मिशन- समग्र विकास, आर्थिक नेतृत्व और सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा तीन थीम- अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट मत है कि अगले 22 साल में उत्तर प्रदेश की ग्लोबल पहचान भविष्योन्मुखी उद्योगों पर ध्यान केंद्रित किए बगैर नहीं प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए सरकार का विशेष ध्यान एआई, बायोटेक, ग्रीन एनर्जी और एग्रीटेक आधारित उद्योगों पर है। इसके साथ ही सरकार प्रदेश के 12 प्रमुख सेक्टर (कृषि, औद्योगिक विकास, आईटी व इमर्जिंग टेक, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, नगर व ग्राम्य विकास, सतत विकास, पशुधन, पर्यटन, अवस्थापना और सुरक्षा-सुशासन) के जरिए भविष्य के उद्योगों की रूपरेखा तैयार करने में जुटी हुई है। इस व्यापक खाके का आर्थिक लक्ष्य 2030 तक प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश की गिनती बीमारू और विकास की दौड़ में पिछड़े राज्य की बन चुकी थी। सुरक्षा तंत्र की कमजोरी, निवेश के लिए असुरक्षित माहौल, हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और कौशल विकास की अनुपस्थिति के कारण निवेशकों का विश्वास घटा हुआ था। पुलिस सशक्तिकरण और स्मार्ट मॉनिटरिंग का ढांचा न होने से अपराध पर नियंत्रण ढीला था। यही कारण था कि रोजगार और उद्योग दोनों ही सीमित स्तर पर ठहर गए थे। यहां तक कि अधिकांश उद्यमी अन्य राज्यों की ओर पलायन कर चुके थे। योगी सरकार ने 2017 के बाद से कानून-व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार किए। पुलिस भर्ती और आधुनिकीकरण, स्मार्ट निगरानी नेटवर्क, कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई से प्रदेश का सुरक्षा वातावरण पूरी तरह बदल गया। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ जैसी पहलों ने सजा दर बढ़ाई और निवेशकों के लिए विश्वासपूर्ण माहौल तैयार किया। इसका सीधा असर उद्योग और व्यापार पर पड़ा और प्रदेश निवेश का सुरक्षित गढ़ बन सका। यही वजह रही कि 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश की नामचीन कंपनियों ने यूपी में 45 लाख करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रख दिया। इसमें से 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतर भी चुके हैं। यूपी ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति लागू करके नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का नया केंद्र बनाने की पहल की है। इस नीति का उद्देश्य फॉर्च्यून 500 कंपनियों को आकर्षित करना है ताकि प्रदेश में उच्च वेतन वाली नौकरियां, आरएंडडी, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसी उच्च मूल्य सेवाएं विकसित हो सकें। राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही जमीन, टैक्स छूट और बुनियादी ढांचे की सुविधा ने घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। प्रदेश अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बायोटेक, अक्षय ऊर्जा, एग्रीटेक, क्वांटम, साइबर सिक्योरिटी और मेटावर्स जैसे भविष्य के उद्योगों को अपनी अर्थव्यवस्था का आधार बना रहा है। एआई से उत्पादकता बढ़ेगी, जबकि अक्षय ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी में नए विनिर्माण क्लस्टर और रोजगार सृजित होंगे। बायोटेक और हेल्थ-टेक पार्क राज्य को फार्मा और मेडिकल रिसर्च का हब बनाएंगे। एग्रीटेक और वर्टिकल फार्मिंग किसानों की आय बढ़ाकर ग्रामीण समृद्धि को मजबूत करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च मूल्य सेवाएं, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीटेक सुधार प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएंगे। जीसीसी और आईटी-एआई हब से सेवाओं का निर्यात बढ़ेगा, रिन्यूएबल और ई-मोबिलिटी क्लस्टर से विनिर्माण व एक्सपोर्ट में तेजी आएगी और कृषि आधारित प्रोसेसिंग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बायोटेक और मेडिकल आरएंडडी से विशेषीकृत रोजगार और निर्यात अवसर खुलेंगे। योगी सरकार का यह विजन रोजगार सृजन पर केंद्रित है। प्रत्यक्ष तौर पर लाखों उच्च-वेतन नौकरियां ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और आईटी हब से मिलेंगी। वहीं, रिन्यूएबल, स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन में लाखों मध्यम और निम्न-कुशल नौकरियां बनेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में एग्रीटेक और कोल्ड चेन से स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और शहरी पलायन कम होगा। स्किल-विकास योजनाएं और प्राइवेट पार्टनरशिप इस रोजगार रोडमैप को व्यवहार्य बनाएंगी। 2047 तक उत्तर प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य को लगातार 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखनी होगी। इस विज़न के अंतर्गत प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में प्रदेश का योगदान लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंचेगा। यह केवल तभी संभव होगा जब निजी और सार्वजनिक निवेश, क्लस्टर-बिल्डिंग, मानव संसाधन विकास और सुरक्षित निवेश माहौल निरंतर बनाए रखा जाए।

एमपी ट्रांसको के 412 सब स्टेस्शन में कैपेसिटर बैंक क्रियाशील : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) अपने अधिकांश एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों में कैपेसिटर बैंकों की स्थापना कर चुकी है। कंपनी के 417 सबस्टेशन में से 412 सबस्टेशन में विभिन्न क्षमताओं के कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त पुराने सबस्टेशनों में भी आवश्यकता अनुसार नए कैपेसिटर बैंकों की स्थापना के साथ मौजूदा क्षमता में वृद्धि की जा रही है। उन्होंने एमपी ट्रांसको के इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज की गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। 9278.5 एम.व्ही.ए.आर.की स्थापित क्षमता वर्तमान में राज्य में स्थित एम.पी. ट्रांसको के 220 के.व्ही. सबस्टेशनों पर 145 के.व्ही. स्तर के 32 कैपेसिटर बैंक एवं 132 के.व्ही. सबस्टेशनों पर 36 के.व्ही. स्तर के 719 कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको 751 कैपेसिटर बैंकों तथा 9278.5 एम.व्ही.ए.आर. की संयुक्त स्थापित क्षमता के साथ उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करा रही है। 52 पुराने कैपेसिटर बैंकों की क्षमता वृद्धि ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश में 52 ऐसे पुराने कैपेसिटर बैंकों की पहचान की है, जिनकी समयावधि आयु पूर्ण हो चुकी है और वे अब अपेक्षित कैपेसिटिव लोड प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं। इन सबस्टेशनों में अधिक एमवीएआर क्षमता के कैपेसिटर बैंकों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस आवश्यकता की पूर्ति के लिये कंपनी ने अभियान चलाकर इन स्थानों पर कैपेसिटर बैंकों का प्रतिस्थापन एवं क्षमता वृद्धि की जा रही है, ताकि एमपी ट्रांसकों के सभी सबस्टेशनों से गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। कैपेसिटर बैंक से मिलता है लाभ एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से विद्युत आपूर्ति के दौरान पॉवर ट्रांसफार्मर्स पर प्रायः इंडक्टिव लोड (सिंचाई मोटरें एवं घरेलू उपकरण) होता है, जिससे वोल्टेज में कमी आती है और विद्युत गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिये कैपेसिटर बैंक लगाए जाते हैं, जो अपने कैपेसिटिव लोड के माध्यम से उस इंडक्टिव प्रभाव को संतुलित कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप पॉवर फैक्टर में सुधार होता है और उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति होती है।  

प्रदेश में कचरे के निष्पादन के लिये नगरीय निकायों को किया जा रहा है प्रोत्साहित

भोपाल में बेकार कपड़े को रिसायकल करके उच्च गुणवत्ता का तैयार किया जा रहा है फाइबर पीपीपी मॉडल पर तैयार किया गया है अत्याधुनिक प्लांट भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगरीय निकायों को कचरे के उचित निष्पादन के लिये लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। प्रदेश के अनेक नगरीय निकायों ने इस दिशा में अभिनव पहल भी की है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। भोपाल नगर निगम ने कपड़े के रूप में अपशिष्ट प्रबंधन के लिये पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल) टेक्सटाइल रिकवरी फेसिलिटी (टीआरएफ) सेंटर स्थापित किया है। यह पहल वस्त्र अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण (रिसायकल) को बढ़ावा देने दी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगर निगम भोपाल की इस परियोजना का संपूर्ण खर्च कंपनी द्वारा वहन किया गया है और लगभग 2 करोड़ रूपये की लागत से यह अत्याधुनिक प्लांट तैयार किया गया है। निगम को इसके एवज में प्रति माह 22 हजार रूपये की रायल्टी प्राप्त होगी। यह टीआरएफ यूनिट प्रति घंटा एक टन बेकार कपड़ा अपशिष्ट प्रोसेस करने की क्षमता रखता है। इस यूनिट में एकत्रित पुराने कपड़ों को छटाई और 7-स्टेज डीथ्रेडिंग यूनिट की आधुनिक प्रक्रिया से गुजार कर उच्च गुणवत्ता का कॉटन और फाइबर तैयार किया जा रहा है। इस प्लांट के सॉफ्ट टायज, किक बैग्स, क्रिकेट पैड्स, रंगीन कॉटन, सफेद कॉटन और पॉलीएस्टर फाइबर जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं। इससे न केवल राजधानी भोपाल में केवल कपड़ा अपशिष्ट का पुन: उपयोग संभव हुआ है, बल्कि अनेक लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। पर्यावरण संरक्षण फाइबर सायकल टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना भोपाल को स्वच्छ और हरित शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह यूनिट प्रदेश के अन्य नगरों के लिये भी एक प्रेरक मॉडल बन गयी है। इस इकाई की कुल क्षमता 10 टन प्रति दिन है। भोपाल नगर निगम महापौर श्रीमती मालती राय ने भी इकाई का दौरा कर इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की है। इस इकाई को नगर निगम ने सिर्फ जमीन उपलब्ध कराई है। सारा निवेश कंपनी की तरफ से किया गया है।  

शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर दी शुभकामनाएं भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटक है। ऐसे में जीनगर समाज द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिये किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय और सराहनीय हैं। समाजहित में किये जा रहे इस कार्य में राज्य सरकार आपके साथ है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने रविवार को भोपाल में अखिल भारतीय जीनगर समाज द्वारा आयोजित प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह में सहभागिता की। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया एवं उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा समाज बंधुओं को संबोधित किया। सामाजिक बंधुओं ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा का भी सम्मान किया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि समाज के बच्चों से मैं यह विशेष तौर पर कहना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के लिए पूर्ण समर्पित और संकल्पित है। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  

खाद्य निगम घोटाले पर गिरी गाज: बिहार सरकार ने 12 अफसरों को किया सस्पेंड

पटना खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य खाद्य निगम के छह सहायक प्रबंधक एवं छह गुणवत्ता नियंत्रक को खराब गुणवत्ता के खाद्यान्न की आपूर्ति किए जाने के संबंध में विभागीय जांचोपरांत निलंबन की कार्रवाई की है। इससे पूर्व विभाग द्वारा कल छह आपूर्ति निरीक्षकों/प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को निलंबित किया गया था।  खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग पूरे राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकानों में खाद्यान्नों की गुणवत्ता, मात्रा एवं समय पर खाद्यान्न की उपलब्धता के संबंध में राज्यव्यापी 'जीरो ऑफिस डे 'अभियान के तहत निरीक्षण अभियान चला रहा है। अब तक राज्य में राज्य के कुल 53,869 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों में से 49,209 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का निरीक्षण कार्य संपन्न कर लिया गया है।  इस निरीक्षण अभियान के तहत खाद्यान्न की मात्रा, गुणवत्ता एवं सही समय पर खाद्यान्न की उपलब्धता के संबंध में शिकायत निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अब तक कुल 10,735 सर्वजानिक जन वितरण प्रणाली दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, 108 प्राथमिक की दर्ज की गई है तथा 178 सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकानों का लाइसेंस रद्द किया गया है।