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बवाल हुआ तूल: धर्मांतरण को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और सभा में शामिल लोगों में भिड़ंत

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है. शहर के पद्मनाभपुर इलाके में रविवार को धर्मांतरण के आरोप को लेकर बड़ा बवाल हो गया. घर में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराए जाने की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सभा को रोक दिया. इस दौरीन सभा में मौजूद लोगों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी बढ़ी और मामला मारपीट तक पहुंच गया. आरोप है कि इस दौरान हिंदू महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया. जानकारी के मुताबिक, बाफना मंगलम के पास मकान में प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी. पड़ोसियों ने इसकी सूचना बजरंग दल को दी. आरोप था कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा है. बजरंग दल से ज्योति शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और जय श्रीराम के नारे लगाने लगे. साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ भी शुरू कर दिया. बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना है कि ईसाई समुदाय लगातार धर्मांतरण कराया जा रहा है. आरोप लगाया कि जॉन नामक व्यक्ति ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से हाथापाई की. बजरंग दल की छत्तीसगढ़ इकाई के कार्यकर्ता ज्योति शर्मा ने कहा कि जॉन इस तरह के मामलों में हमेशा सक्रिय रहता है और उसे बाहर से फंडिंग मिल रही है. प्रशासन से मांग की कि जॉन को जिला बदर किया जाए, अन्यथा आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा. साथ ही उसकी बैंक डिटेल की जांच करने की भी मांग उठाई. स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस मौके पर पहुंची. लेकिन जब पुलिस पादरी को अपने साथ थाने ले जाने लगी, तो भीड़ ने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया. पुलिस को अतिरिक्त बल बुलानी पड़ी, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया गया. दुर्ग शहर एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस टीम को प्रार्थना सभा की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंचने पर बजरंग दल और ईसाई समाज के लोग आपस में भिड़ गए और कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई. दोनों पक्षों को समझाइश दी गई है और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है. पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. इधर बजरंग दल का कहना है कि अगर इस प्रकार की गतिविधियां जारी रहीं, तो वे बड़े आंदोलन की राह पकड़ेंगे.

सफल ऑपरेशन के जश्न में DGP और फोर्स ने खाया खाना

गरियाबंद  ई-30, एसटीएफ, सीएएफ और कोबरा 207 बटालियन ने लगातार तीन दिनों तक चले ऑपरेशन के दौरान 10 बड़े नक्सली लीडर को ढे़र करने में सफलता हासिल की थी. इस उपलब्धि पर गरियाबंद पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम सहित तमाम आला अधिकारियों ने पुलिस लाइन में उनके साथ (बड़ा खाना) भोजन किया. गरियाबंद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी अरुण देव गौतम के अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल विरोधी अभियान विवेकानंद सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के साथ बीएसएफ, सीआरपीएफ, कोबरा 207 एसटीएफ के अधिकारीगण पहुंचे थे. कार्यक्रम दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने नक्सल विरोधी ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता के लिए ई-30, एसटीएफ, सीएएफ एवं कोबरा 207 बटालियन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के साथ नक्सल ऑपरेशन में सहभागिता देने वाले सभी जवानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दिए.

अफीम की खेती पर कड़ा कदम: सरायकेला-खरसावां में पुलिस अभियान और ग्रामीणों की शपथ

रांची झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस ने इस वर्ष अफीम की अवैध खेती को रोकने और उसकी संभावना को नगण्य करने की दिशा में प्री कल्टीवेशन ड्राइव चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में अफीम जैसी मादक फसल की खेती को रोकना और लोगों को वैकल्पिक कृषि की ओर प्रोत्साहित करना है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक सरायकेला-खरसावां के नेतृत्व में आज दलभंगा ओपी परिसर में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में स्थानीय मानकी मुण्डा, ग्रामीण प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आमजन ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान सभी ने एक स्वर में यह शपथ ली कि वे अफीम की खेती नहीं करेंगे और इस दिशा में पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग देंगे। बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला ने उपस्थित ग्रामीणों को स्थानीय भाषा में अफीम की खेती और इसके सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि अफीम की खेती करना गंभीर कानूनी अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे अफीम की जगह वैकल्पिक खेती अपनाकर न केवल कानूनन सुरक्षित रह सकते हैं, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बना सकते हैं। ग्रामीणों को धान, मक्का, दलहन और अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया। साथ ही पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया कि कृषि विभाग और प्रशासनिक सहयोग से किसानों को आवश्यक जानकारी व मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस अभियान को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पुलिस की पहल का स्वागत किया और इसे ग्रामीणों के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।  

उदयपुर में नाइट ट्यूरिज्म और वाटर शो की संभावनाओं पर किया जाए काम: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

  विकास कार्यों को समय पर गुणवत्ता के साथ कराएं पूर्ण, विशेषज्ञों की भी लें सेवाएं जयपुर, प्रदेश की उपमुख्यमंत्री तथा वित्त, पर्यटन, सार्वजनिक निर्माण, कला, संस्कृति, साहित्य, और पुरातत्व, महिला एवं बाल विकास, बाल अधिकारिता मंत्री दिया कुमारी ने रविवार को उदयपुर प्रवास के दौरान कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न बजट घोषणाओं, विभागीय योजनाओं आदि की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सार्वजनिक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग तथा महिला एवं बाल विकास की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समय पर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं तथा जहां आवश्यक हो वहां विशेषज्ञों की भी सेवाएं ली जाएं। उन्होंने जिले में गारंटी अवधि की सड़कों को संवेदकों के माध्यम से समय पर दुरूस्त कराने तथा नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उदयपुर में सिंगापुर और दुबई की तर्ज पर वाटर बॉडीज पर लाइट एण्ड साउण्ड शो अथवा वाटर शो की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजाति एवं दुरस्त क्षेत्रों से अन्य राज्यों में माइग्रेट होने वाले आंगनवाड़ी के बच्चों को संबंधित राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़कर लाभान्वित करने की संभावना पर भी कार्य करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गति लाने के साथ-साथ जनहित की योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में सुधार की संभावनाओं पर भी चर्चा की और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े मुद्दों की प्रगति पर विशेष ध्यान देने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने उदपपुर जिला कलक्टर एवं जिला प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सराहना की और कहा कि जिले में विकास के कार्य दु्रतगति एवं समयबद्ध रूप से संपादित किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि निरंतर समीक्षा एवं समयबद्ध क्रियान्वयन से आमजन का विश्वास और मजबूत बनाने के लिए कार्य किया जाए। पीडब्ल्यूडी के सेवा ऐप से जिला प्रशासन को भी जोड़ने के निर्देश— बैठक में उपमुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों की मोनिटरिंग के लिए अपनाए गए सेवा ऐप से जिला प्रशासन को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सिर्फ विभाग के अधिकारी जुड़े हुए हैं। जिला प्रशासन के जुड़ने से धरातल स्तर पर कामों की बेहतर मोनिटरिंग हो सकेगी। उन्होंने बजट घोषणा के कामों की प्रगति जानी। साथ ही गारंटी अवधि की सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर उन्हें संवेदक के माध्यम से यथाशीघ्र दुरस्त कराने के भी निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सभी सड़कों की आगामी दीपावली से मरम्मत सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिला कलक्टर नमित मेहता को विभिन्न विकास कार्यों में वन विभाग की एनओसी से जुड़े इशू को विशेष संज्ञान में रखते हुए निस्तारित कराने के भी निर्देश दिए। उदयपुर में लाइट एण्ड वाटर शॉ की तलाशें संभावनाएं— पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने उदयपुर में नाइट ट्यूरिज्म और वाटर शो की संभावनाओं पर काम किये जाने के निर्देश दिए।  उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से उदयपुर देश-विदेश में प्रसिद्ध है। यहां की झीलें और प्राकृतिक वातावरण अनुपम है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां लाइट एण्ड वाटर शो की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। साथ ही उन्होंने झीलों और पर्यावरण के संरक्षण को सर्वांपरि रखते हुए कार्य करने के भी निर्देश दिए। बजट घोषणा कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने ट्राइबल ट्यूरिज्म सर्किट में जनजाति समुदाय से जुड़े स्थलों को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उन स्थलों तक पहुंच सुलभ हो सके और वहां आने वाले लोगों को सामान्य सुविधाएं उपलब्ध हों यह ध्यान रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने महाराणा प्रताप ट्यूरिस्ट सर्किट की प्रगति की भी जानकारी ली। साथ ही जल्द ही इस प्रोजेक्ट के शिलान्यास के भी संकेत दिए। उन्होंने बजट घोषणाओं में शामिल विभिन्न मंदिरों तथा जियोलॉजिकल साइट जावर व झामरकोटड़ा आदि के कामों में देवस्थान विभाग, पुरातत्व विभाग सहित अन्य विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के लिए भी निर्देशित किया। आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित हो— उपमुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढीकरण, मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र आदि की प्रगति जानी। उपनिदेशक आईसीडीएस श्री नंदलाल ने अवगत कराया कि जिला कलक्टर श्री मेहता की पहल पर डीएमएफटी से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए राशि स्वीकृत की गई है। वहीं आपदा राहत से भी बजट स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिले में शत प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने जिले में नेटवर्क विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों का सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पोषण माह की गतिविधियां की जानकारी ली। समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर सहित एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़, निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं, वासुदेव मालावत, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यवाहक अतिरिक्त मुख्य अभियंता उदयसिंह जारवाल, अधीक्षण अभियंता एम सी मीणा, पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी, उपनिदेशक शिखा सक्सेना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में परिवहन को मिली नई रफ्तार

आमजन को मिल रही सुरक्षित व आधुनिक यात्रा सुविधा  जयपुर,  राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में परिवहन सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को सुरक्षित, सुलभ और आधुनिक यातायात सुविधा उपलब्ध हो। इसी दिशा में नई बसों के संचालन से यात्रा का अनुभव न केवल सुविधाजनक बना है बल्कि यातायात के दबाव का प्रबंधन भी आसान हुआ है। परिवहन सेवाओं का व्यापक विस्तार- प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को सस्ता, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बजट घोषणा के तहत 160 ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसों को 12 डिपो में शामिल किया गया है। इनमें जयपुर, अजमेर, अजयमेरू, कोटपूतली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा, वैशाली नगर, विद्याधर नगर, शाहपुरा, हिण्डौन और दौसा शामिल हैं। इसके साथ ही 12 सुपर लग्जरी बसों की खरीद से राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के बेड़े को और मजबूती मिली है। आस्था की राह हुई आसान- राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुविधा देने के लिए विशेष रूटों पर बस सेवाएं चला रही है। अयोध्या, गोवर्धन, सालासर बालाजी, रामदेवरा, श्रीनाथजी, श्रीकरणी माता, कैंची धाम और कैलादेवी जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों तक अब सीधी व सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध है। युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष पहल- राज्य सरकार ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए परीक्षा से दो दिन पूर्व से लेकर परीक्षा के दो दिन बाद तक कुल 5 दिन निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की है। वहीं, प्रदेश में पहली बार रक्षाबंधन पर्व पर दो दिनों तक महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा की ऐतिहासिक सुविधा शुरू की गई, जिससे लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला। वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान व राहत- मुख्यमंत्री शर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए 60 से 80 वर्ष आयु वर्ग के यात्रियों के किराये में छूट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी है। इससे बुजुर्ग यात्रियों को यात्रा में आर्थिक राहत और आत्मसम्मान दोनों प्राप्त हो रहे हैं। पैनिक बटन से सुरक्षित हुआ सफर- राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए यात्रियों विशेषकर महिला यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए निगम की बसों में पैनिक बटन लगवाए हैं। महिला यात्रियों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, छोटे बच्चों तथा अचानक बीमार हुए व्यक्ति को पैनिक बटन के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकती है। जब किसी यात्री द्वारा पैनिक बटन दबाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल अभय कमांड सेंटर पर पहुंचती है। अभय कमांड सेंटर द्वारा बस की लोकेशन ट्रेस कर परिचालक से बात कर तुरंत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। इससे महिला यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों को सुगमता पूर्ण यात्रा की सौगात मिली है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई और पुनर्निर्माण का महाअभियान, CM मान कर रहे निगरानी

पंजाब पंजाब में बाढ़ के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. बाढ़ का संकट आया, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों को जमीन पर उतरकर पूरी निष्ठा से निभाया. अब जैसे-जैसे पानी उतर रहा है, वैसे-वैसे मान सरकार ने राहत, सफाई और पुनर्निर्माण का महाअभियान शुरू कर दिया है. सरकार की ओर से 14 सितंबर से 23 सितंबर तक पूरे राज्य में सफाई और बहाली का विशेष ड्राइव चलाया जा रहा है, जो 2300 से ज्यादा गांवों और शहरी वार्डों में एक साथ शुरू हुआ है. इस महाअभियान में हर गली, हर मोहल्ले, हर वार्ड को साफ-सुथरा और पहले से बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. जलभराव से जमा हुई गाद, सिल्ट और गंदगी को हटाने के लिए नगर निगमों, नगर परिषदों और पंचायतों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं. 1000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी जिले में तैनात प्रदेश के कई जिलों में 1000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी, 200 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां, 150 JCB मशीनें और सैकड़ों की संख्या में हेल्थ वर्कर्स इस काम में लगातार लगे हुए हैं. सरकार ने सभी ज़िलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, जिनकी सीधी निगरानी में काम हो रहा है. हर जोन का जिम्मा एक अफसर को सौंपा गया है और उन्हें साफ निर्देश हैं कि वे रोजाना ग्राउंड पर रहें और काम पूरा कराएं. नगर निगमों में कमिश्नर और जिलों में एडीसी को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे. पूरे अभियान पर सीएम की नजर मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद इस पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. वे लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं और खुद स्थिति का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने साफ कहा है, ये कोई औपचारिक मुहिम नहीं, ये पंजाब के हर नागरिक के घर-आंगन को फिर से खुशहाल बनाने का संघर्ष है. सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बराबर फोकस है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवा छिड़काव, साफ पानी की आपूर्ति और प्राथमिक चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं. 5 सितंबर को जारी एडवाइजरी के तहत सभी ULBs को साफ-सफाई और रोग रोकथाम के उपाय तुरंत लागू करने के निर्देश हैं. बाढ़ के बाद सर्वे जारी बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी तेज़ी से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है. घरों, दुकानों, सड़कों, बिजली के खंभों, जल योजनाओं जैसी सभी सार्वजनिक व निजी संपत्तियों का आकलन इंजीनियरिंग टीमों द्वारा किया जा रहा है, ताकि सरकार हर प्रभावित व्यक्ति को जल्द से जल्द मुआवजा दे सके. विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान शुरू पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए हर जगह काम से पहले और बाद की तस्वीरें खींची जा रही हैं. यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी काम अधूरा न रहे और हर जरूरतमंद तक सरकारी मदद पहुंचे. पंजाब के सभी जिलों में आज, 14 सितंबर से मान सरकार का विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान ज़ोर-शोर से शुरू हो गया है. सुबह से ही नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन की टीमें फील्ड में उतर चुकी हैं. JCB मशीनों की आवाज़ और ट्रैक्टर-ट्रालियों की हलचल इस बात का संकेत दे रही है कि अब पंजाब में सिर्फ राहत नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण की शुरुआत हो चुकी है. लोग खुद कह रहे हैं कि पहली बार सरकार इतनी तेज़ी और गंभीरता से हर गली-नुक्कड़ तक पहुंची है. ये देखकर जनता को भरोसा हुआ है कि सरकार सिर्फ एलान नहीं करती, जमीन पर काम करती है, वो भी बिना रुके, बिना थके. एकजुटता ने बाढ़ को हराया मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच ने इस बार साबित कर दिया है कि बाढ़ जैसी आपदा को भी अगर ज़िम्मेदारी से संभाला जाए, तो वो लोगों के हौसले को गिराने की जगह उसे और मज़बूत बना सकती है. इस बार सरकार ने बाढ़ को सिर्फ प्राकृतिक संकट नहीं, बल्कि पंजाबियों की हिम्मत, सेवा-भाव और एकजुटता की परीक्षा माना है. राहत कार्यों को इवेंट या प्रचार की तरह नहीं, बल्कि जनसेवा और जवाबदेही के अवसर की तरह लिया गया है, यही वो फर्क है जो एक लोक सेवक सरकार और दिखावटी राजनीति में होता है. पंजाब के साथ खड़ी मान सरकार बाढ़ आई, नुकसान हुआ, लेकिन सरकार कहीं नहीं डगमगाई. मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी टीम ने खुद को मैदान में उतार दिया. यह वही फर्क है जो जनता अब साफ देख रही है, जहां कुछ दल मुसीबत में सियासत खोजते हैं, वहीं मान सरकार समाधान खोजती है. आज जब विपक्ष सवालों की स्क्रिप्ट लिख रहा है, मान सरकार अपने काम से जवाब दे रही है, और वो भी जनता के बीच रहकर, उनके पिंडा विच में खड़े होकर और इसलिए आज पूरा पंजाब कह रहा है. मान सरकार खड़ी है, सिर उठाके, सीने ठोक के अपने लोकां दे नाल, हर वक्त, हर हाल.  

पलामू में जबरदस्त मुठभेड़: सुरक्षाबलों ने 5 लाख का इनामी नक्सली किया ढेर

पलामू,  झारखंड के पलामू जिले के मनातू जंगल में रविवार को सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के बीच हुई मुठभेड़ में 5 लाख का इनामी नक्सली मुखदेव यादव मारा गया। जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों ने 10 लाख के इनामी कमांडर शशिकांत को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। कोबरा, झारखंड जगुआर और अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम जब कॉम्बिंग कर रही थी, तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुखदेव यादव मारा गया। मुखदेव पर कई गंभीर मामले दर्ज थे और वह तीन सितंबर को पलामू में हुई उस मुठभेड़ में भी शामिल था, जिसमें पुलिस के दो जवान शहीद हुए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार का अभियान अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है, जिसमें 200 से अधिक सुरक्षाकर्मी शामिल रहे। शशिकांत के दस्ते में 8 से 10 सदस्य होने की जानकारी मिली है, जिनमें मुखदेव और एक अन्य इनामी नक्सली नगीना भी शामिल था। इसके पहले 7 सितंबर को पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बुर्जुवा पहाड़ी पर मुठभेड़ में पुलिस और सुरक्षा बलों ने दस लाख के इनामी नक्सली अमित हांसदा उर्फ अपटन को ढेर कर दिया था। बोकारो जिले के ढोडी गांव का रहने वाला अमित 96 नक्सली वारदातों में वांटेड था। झारखंड पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हर महीने औसतन तीन नक्सली मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं। पुलिस का अनुमान है कि फिलहाल राज्य में 100 से 150 माओवादी सक्रिय हैं। फिलहाल 58 नक्सली इनामी सूची में हैं, जिन पर कुल 5 करोड़ 46 लाख रुपए का इनाम घोषित है। झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में भाकपा माओवादी के 13 बड़े नक्सली हैं, जिनमें मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी और असीम मंडल पर एक-एक करोड़ का इनाम है। इनके अलावा, अनमोल, मोछु, अजय महतो, अगेन अंगरिया, अश्विन, पिंटू लोहरा, चंदन लोहरा, जयकांत और रापा मुंडा भी सूची में शामिल हैं। इस साल नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ी मुठभेड़ 21 अप्रैल को हुई थी, जब बोकारो जिले के लुगु पहाड़ पर एक करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी उर्फ विवेक सहित आठ माओवादी मारे गए थे। झारखंड पुलिस और केंद्रीय बल मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत अभियान चला रहे हैं। इस वर्ष जनवरी से अब तक कुल 24 नक्सली मारे जा चुके हैं।  

प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का ऐलान, आरती राव बोलीं

चंडीगढ़  हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। जारी बयान में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 135 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इन संस्थानों के निर्माण पर लगभग 74.43 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।  स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि इनमें 126 सब हेल्थ सेंटर शामिल हैं, जिन पर लगभग 6993 लाख रुपये की लागत आएगी। इसी के साथ 9 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिन पर कुल 450 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने विस्तार से बताया कि जिन जिलों में सब हेल्थ सेंटर स्थापित किए जाएंगे, उनमें महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पलवल, पानीपत और सोनीपत शामिल हैं। वहीं ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स का निर्माण सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर और पानीपत जिलों में किया जाएगा।

नेशन बिल्डर अवॉर्ड समारोह में उप मुख्यमंत्री हुए शामिल, युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने का आहवान किया

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भारत आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। आज हर क्षेत्र में संभावनाएं हैं, अवसर हैं। इन अवसरों का लाभ लेने के लिए आवश्यक है कि युवा सजग हों और मनोयोग से मेहनत करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास का सुनहरा फल युवाओं को मिले, इसके लिए आवश्यक है कि वे नशे से दूरी बनाकर अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मीडिया से आग्रह किया कि नशे के दुष्परिणामों पर जनजागरूकता अभियान चलाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल आनंद मोहन माथुर सभागृह, इंदौर में निजी मीडिया समूह के 12वें नेशन बिल्डर अवॉर्ड 2025 समारोह में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य को कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त होना इसका प्रमाण है। सिंचाई के क्षेत्र में भी लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है और प्रदेश विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, सुप्रसिद्ध सिने तारिका एवं पूर्व सांसद श्रीमती जया प्रदा, आयोजक श्री वीरेंद्र मिश्रा सहित नागरिक उपस्थित रहे। श्रीमती जया प्रदा ने इंदौर की स्वच्छता की सराहना की।  

डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में रिम्स शासी परिषद बैठक, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए निर्देश जारी

रांची झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान रांची (रिम्स), में आज रिम्स शासी परिषद की एकक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने की। बैठक में जस्टिस अमरेश्वर सहाय, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, स्थानीय विधायक सुरेश कुमार बैठा, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स निदेशक, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, रिमपास निदेशक, वित्त विभाग के प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में झारखंड उच्च न्यायालय के गाइडलाइन्स के आलोक में 16 प्रमुख एजेंडों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इसमें परचेजिंग में देरी और उससे उत्पन्न समस्याएं, ट्रॉमा सेंटर की सुविधाएं व खामियां, रखरखाव व्यवस्था और खराब वेंटीलेटरों की स्थिति, आवश्यक मशीनों की खरीद और उपयोग, इलाज की वर्तमान स्थिति और सुधार की रूपरेखा शामिल था। शेष एजेंडों पर विचार के लिए 9 अक्टूबर को दोबारा बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि रिम्स की व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि एम आर आई मशीन की खरीद प्रक्रिया को त्वरित गति देने का आदेश निदेशक को दिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी ड्यूटी के दौरान बाहर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी ने कहा कि कोर्ट के निर्देश पर परिषद की बैठक बुलाई गई थी और कोर्ट को संतुष्ट करने के लिए विस्तृत जवाब भी दिया गया है। वहीं, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी विभाग पर सवाल उठाए और कहा कि रिम्स की स्थिति सही नहीं है। झारखंड ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीज भी यहां इलाज के लिए आते हैं।