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प्यार में पड़ा धोखा! जेल काटने के बाद प्रेमिका पर कैंची से जानलेवा वार

भोपाल प्रेमिका से दूर होने की तड़प से छटपटा रहे एक आशिक ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। जिस प्यार के लिए उसने जेल काटी वो उसे मिली भी नहीं तो उसने प्रेमिका को ही खत्म करने का फैसला किया और उस पर जानलेवा हमला कर दिया। दिल दहला देने वाली घटना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की है। जहां कोलार थाना क्षेत्र के कजली खेड़ा इलाके में मंगलवार को जेल से बाहर आए युवक सोनू सेन अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा और उस पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने युवती पर कैंची से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। फिलहाल युवती की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे कोलार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 2019 से चल रही थी लव स्टोरी जानकारी के अनुसार, आरोपी सोनू सेन और मुस्लिम युवती के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। वर्ष 2019 में सोनू ने युवती को बेरसिया क्षेत्र से भगा ले गया था। दोनों ने कुछ समय तक साथ में जिंदगी गुजारी, लेकिन परिवार की नाराजगी हमेशा बनी रही। परिवार वालों ने कराया केस दर्ज साल 2024 में युवती के परिजन किसी तरह उसे वापस घर ले आए। इसके बाद उन्होंने बेरसिया थाने में सोनू के खिलाफ अपहरण समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।   जेल से छूटकर लिया बदला हाल ही में जेल से रिहा हुआ सोनू पुरानी रंजिश और प्रेमिका को खोने की तड़प में सीधे उसके घर पहुंचा। मौका मिलते ही उसने युवती पर कैंची से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और पड़ोसियों ने घायल युवती को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही कोलार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

महिलाओं के लिए खुशखबरी: बिहार सरकार देगी 10 हजार रुपए का स्वरोजगार सहायता

पटना  राज्य मंत्रिमंडल ने “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” के तहत प्रदेश के सभी परिवारों की एक एक महिला को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए दस-दस हजार रूपये की राशि उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराने के मद्देनजर ग्रामीण विकास विभाग की मांग पर 20 हजार करोड़ रूपये उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है।  साथ ही, राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इतना ही नहीं, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 3233 नए पदों के सृजन को भी मंत्रिमंडल की हरी झंडी मिल गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 48 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई है। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विगत स्वतंत्रता दिवस के मौके की गई घोषणा के अनुसार राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की बात कही थी। ये सात नए मेडिकल कॉलेज बिहार के किशनगंज, कटिहार, रोहतास, शिवहर, लखीसराय, अरवल और शेखपुरा जिलों में स्थापित किये जाएंगे। इतना ही नहीं, राज्य मंत्रिमंडल ने विभिन्न खेलों से जुड़े श्रेष्ठ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्यस्तर पर उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों के आधार पर वेतनमान और पदों पर नियुक्ति के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। इसके अलावा सरकार ने युवाओं, महिलाओं, वृद्धों के साथ-साथ राज्य के सरकारी कर्मचारियों के हित में कई अन्य फैसले लिए हैं।   वहीं, राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के सम्बंध में जानकारी देते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य में बड़े पैमाने पर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास विभाग को कुल 20 हजार करोड़ रूपये की राशि आकस्मिक निधि से उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसकी स्वीकृति से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता के रूप में राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए शुरुआत में दस हजार रूपये की राशि दी जा रही है। इसके बाद इन महिलाओं के रोजगार का आकलन करने के बाद उन्हें दो लाख रूपये तक की राशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। कुल 3233 नए पदों का सृजन चौधरी ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में कुल 3233 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत नवस्वीकृत 40 आवासीय विद्यालयों में जमा-दो तक के नए शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कुल 1800 पदों के सृजन को अपनी मंजूरी दी गई है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर जमा-दो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक पदों यथा प्रधानाध्यापक के 40, विद्यालय अध्यापक (कक्षा 11-12) के 760, कक्षा 6 से 10 तक के अध्यापक के 360, कक्षा 1-5 के लिए कुल 280 और गैर शैक्षणिक कुल 360 पदों अर्थात कुल 1800 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में कुल 237 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। चौधरी ने कहा कि इसी तरह कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अंतर्गत दो नए प्रशाखा यथा सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा लेखा एवं बजट प्रशाखा का गठन कर कुल 25 नए पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। उधर, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर राज्य से उद्भूत सर्वोच्च न्यायालय के सभी रिपोर्टेबुल फैसलों को राजभाषा में अनुवाद करने के लिए “सुवास सेल” में कुल 15 पदों का सृजन किया गया है। राज्य के 12 जिलों में स्थापित किये जा रहे कार्यालयों के लिए सहायक जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी के कुल 12 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। बिहार में गठित होगा मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो बिहार में मादक पदार्थों, स्वापक औषधियों, मन:प्रभावी पदार्थों और शराब से संबंधित अवैध गतिविधियों और कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की तर्ज पर “मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो” के गठन के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी है। इस ब्यूरो के संचालन के लिए विभिन्न कोटि के कुल 88 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है। अब गृह रक्षकों को मिलेगा 1,121 रूपये का दैनिक भत्ता बिहार गृह रक्षा वाहिनी के गृह रक्षकों के दैनिक भत्ता में वृद्धि के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने अपनी हरी झंडी दिखा दी है। अब तक गृह रक्षकों को कर्तव्य भत्ता व प्रशिक्षण भत्ता के रूप में प्रतिदिन 774 रुपए दिए जाते थे। जिसे बढ़ाकर अब 1,121 रूपये कर दिया गया है। जो राज्य के पुलिसकर्मियों के एक दिन के वेतन के सामान है। इसी तरह, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अनुश्रवण और लाभुकों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए संविदा नियुक्त ग्रामीण आवास सहायक, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, प्रखंड लेखापाल और लेखा सहायकों के मूल मानदेय में भी भारी वृद्धि की गई है।  

गौरेला पेंड्रा मरवाही : कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत की बैठक 3 सितम्बर को

गौरेला पेंड्रा मरवाही कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत की बैठक 3 सितम्बर बुधवार को सुबह 11 बजे कार्यालय उप संचालक कृषि के सभा कक्ष में आयोजित किया गया है। बैठक में कृषि एवं उद्यान विभाग अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025 के संबंध में बीज निगम एवं विपणन संघ द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में बीज एवं उर्वरक भंडारण वितरण की स्थिति, पशुपालन विभाग के विभागीय योजनाओं, वर्षा जनित पशु रोगों के रोकथाम, सिंचाई, विद्युत एवं क्रेडा में क्रियान्वित किए जा रहे विभागीय योजनाओं के संबंध में चर्चा की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: इंदौर कार्टूनिस्ट को मिली अग्रिम जमानत, जांच में सहयोग जरूरी

इंदौर प्रधानमंत्री और संघ कार्यकर्ताओं के आपत्तिजनक कार्टून बनाने वाले कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ी राहत देते हुए अग्रिम जमानत दे दी। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने यह देखते हुए कि कार्टूनिस्ट ने सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों से माफी मांगी ली है, अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि  सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को यह छूट दी कि अगर कार्टूनिस्ट जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो वे उनकी जमानत रद्द करने की मांग कर सकते हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने दिया ये तर्क सुनवाई के दौरान, मालवीय की वकील वृंदा ग्रोवर ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने माफी मांग ली है और याचिकाकर्ता को अभी तक जांच के दौरान पूछताछ के लिए तलब नहीं किया गया है। इस पर केंद्र सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने जवाब दिया कि सभी सबूत इकट्ठा होने के बाद ही तलब किया जाएगा। मई में इंदौर में हुई थी शिकायत कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय के खिलाफ वकील और आरएसएस कार्यकर्ता विनय जोशी ने मई में इंदौर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और मालवीय पर अपने कार्टूनों के जरिए आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाया था। 15 जुलाई को, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने मालवीय के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी और मंगलवार को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया। इससे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।  मालवीय ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 3 जुलाई को दिए गए आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल कार्य), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67-ए (इलेक्ट्रॉनिक रूप में किसी भी यौन रूप से स्पष्ट सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करना) के तहत मामला दर्ज किया है। 

गौरेला पेंड्रा मरवाही : कलेक्टर जनदर्शन में मांगों, समस्याओं, शिकायतों से संबंधित 45 लोगों ने दिए आवेदन

गौरेला पेंड्रा मरवाही कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याओं को बारी-बारी से समक्ष में सुना और उनके आवेदनों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को अंकित किया। उन्होंने राजस्व से संबंधित प्रकरणों की वस्तुस्थिति से अवगत होने तथा स्थल निरीक्षण कर तत्परतापूर्वक कार्रवाई सुनिश्चित करने तहसीलदारों को निर्देश दिए। जनदर्शन में वेतन भुगतान, पेंशन, फौती, नामांतरण, अभिलेख में नाम सुधारने, अतिक्रमण हटाने, पीएम आवास की राशि किसी अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो जाने, पासबुक किसी दूसरे व्यक्ति को देने, सीमांकन, अवैध निर्माण, पट्टा प्रदान करने, बटवारा, नक्शा सुधार, करेंट लगने से बैल मरने पर राहत राशि दिलाने, एलपीजी गैस की अनुदान राशि अप्राप्त होने आदि से संबंधित 45 लोगों से आवेदन प्राप्त हुए।

मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में खास पल, वैदिक घड़ी को लेकर सीएम का अभिनव प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित करने पर कैबिनेट के सदस्यों ने माना आभार मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में खास पल, वैदिक घड़ी को लेकर सीएम का अभिनव प्रयास उज्जैन की धरोहर को मिला नया स्वरूप, कैबिनेट ने सीएम यादव के कदम की सराहना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित किए जाने पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। मंत्रियों ने कहा कि यह पहल भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है। यह घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और चंद्रमा की स्थिति जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराती है। इसमें वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मानक समय का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव है। इस अनूठी घड़ी के साथ मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जो 189 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और विश्वभर के 7000 से अधिक स्थानों के लिए समय व पंचांग की जानकारी देता है। मंत्रियों ने कहा कि उज्जैन की वैदिक और सांस्कृतिक परंपरा से प्रेरित यह घड़ी मुख्यमंत्री निवास में स्थापित होना गर्व की बात है। यह पहल प्रदेश की गौरवशाली धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के साथ युवाओं को वैदिक विज्ञान और गणना प्रणाली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार सहित अन्य मंत्री शामिल थे।  

महासमुंद में 5 सितम्बर से लगेगा मोबाइल कैंप, श्रमिकों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

महासमुंद  छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन नवीनीकरण और योजनाओं के आवेदन एवं निराकरण के लिए मोबाइल कैंप का आयोजन किया जा रहा है। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि इन कैंपों का आयोजन विकासखंडवार अलग अलग तिथियों पर किया जाएगा। पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर एवं असंगठित कर्मकार के पंजीयन हेतु आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर एवं आय प्रमाण पत्र साथ लाएं। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सरपंच एवं सचिव को निर्देशित किया गया है कि वे ग्राम पंचायतों में मुनादी कराएं, ताकि सभी श्रमिकों को इस कैंप की जानकारी दी जा सके। मोबाइल कैंप का आयोजन जिले में 5 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। जिसमें सरायपाली विकासखण्ड में 05 सितंबर को ग्राम कनकेवा में, 12 सितंबर को राफेल, 19 सितंबर को कुसमीसरार, 26 सितंबर को बरिहापाली, 06 अक्टूबर को बैदपाली, 10 अक्टूबर को अर्जुन्दा एवं 15 अक्टूबर को रूढ़ा में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत 8 सितंबर को धनोरा में, 15 सितंबर को बरेकेलखुर्द, 22 सितंबर को कसीबहरा, 29 सितंबर को पिलवापाली, 7 अक्टूबर को अरंड एवं 13 अक्टूबर को छिंदौली में, बसना विकासखण्ड अंतर्गत 9 सितंबर को आमापाली में, 16 सितंबर को खरोरा, 23 सितंबर को परसकोल, 30 सितंबर को भूकेल, 8 अक्टूबर को चिमरकेल, 13 अक्टूबर को कायतपाली एवं 15 अक्टूबर को बिटांगीपाली में कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत 10 सितंबर को मोंगरापाली, 17 सितंबर को डोंगरगांव, 24 सितंबर को ख़ैरटखुर्द, 01 अक्टूबर को कलमीदादर, 9 अक्टूबर को तुपकबोरा, 14 अक्टूबर को गांजर में, महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत 11 सितंबर को उमरदा में, 18 सितंबर को सोरिद, 25 सितंबर को कौन्दकेरा, 3 अक्टूबर को जामली, 10 अक्टूबर को साराडीह एवं 14 अक्टूबर को बकमा में मोबाईल कैंप का आयोजन किया जाएगा।

नशे के कारोबार में सरकारी अफसर की संलिप्तता! ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप

ड्रग इंस्पेक्टर की मिलीभगत से नशीली दवाओं का अवैध व्यापार फल-फूल रहा  नशे के कारोबार में सरकारी अफसर की संलिप्तता! ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप दवाओं की आड़ में नशे का काला कारोबार, इंस्पेक्टर की भूमिका पर उठे सवाल भोपाल राजधानी में दवा दुकानों पर अवैध तरीके से नशीली दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है। आरोप है कि यह सब ड्रग इंस्पेक्टरों और केमिस्ट संगठन के पदाधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, भोपाल जिले की करीब 80% मेडिकल दुकानें बिना फार्मासिस्ट के संचालित की जा रही हैं। नियमों के मुताबिक, प्रत्येक मेडिकल स्टोर पर लाइसेंसधारी फार्मासिस्ट का मौजूद होना अनिवार्य है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट है। बरखेड़ी जहाँगीराबाद में छापा 24 अगस्त को बरखेड़ी जांगीराबाद स्थित रवि साहू मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह दुकान कई सालों से बिना लाइसेंस के संचालित हो रही थी। जानकारी में सामने आया कि मात्र तीन महीने पहले इसका लाइसेंस जारी किया गया है, जबकि लंबे समय से यह दुकान विभाग की मिलीभगत से अवैध रूप से चल रही थी। फार्मासिस्ट ने भी स्वीकार किया कि उसका मेडिकल रजिस्ट्रेशन किराए पर दिया गया है। देर रात तक बिकती नशीली दवाइयाँ राजधानी की कई मेडिकल दुकानें देर रात 3 से 4 बजे तक खुली रहती हैं और वहां नशीली दवाइयों की खुलेआम बिक्री होती है। ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप भोपाल में लंबे समय से पदस्थ ड्रग इंस्पेक्टर तबस्सुम पर गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उनके क्षेत्र में न तो फार्मासिस्ट बैठते हैं और न ही नियमित निरीक्षण होता है। आरोप यह भी है कि वे मेडिकल संचालकों से सांठगांठ करके अवैध वसूली करती हैं। कार्रवाई की मांग मेडिकल कारोबारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की सख्ती, महोबा के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने जिला आबकारी अधिकारी, महोबा को किया निलंबित  आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की सख्ती, महोबा के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई, महोबा के आबकारी अधिकारी पर गिरी गाज मंत्री नितिन अग्रवाल का बड़ा कदम, जिला आबकारी अधिकारी तुरंत प्रभाव से सस्पेंड रिश्वत लिए जाने का था आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ था वायरल  राजेंद्र प्रसाद वर्मा को जांच पर प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया, नियमानुसार कार्यवाही कर किया गया निलंबित  लखनऊ  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कदम उठाते हुए आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने महोबा जनपद के जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जनपद महोबा में तैनात राजेंद्र प्रसाद वर्मा, जिला आबकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत लिए जाने से संबंधित वीडियो दिनांक 26/08/2025 को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसका संज्ञान लेते हुए आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल द्वारा जिलाधिकारी महोबा द्वारा जांच कराई गई। जांच में जिला आबकारी अधिकारी, महोबा प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। उक्त क्रम में आबकारी मंत्री ने राजेंद्र प्रसाद वर्मा के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रही है। योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। भ्रष्टाचारियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। जो भी भ्रष्टाचार करते हुए पाया जाएगा उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

धमतरी में 25 साल की बड़ी उपलब्धि: 623 ग्राम और 3,265 बसाहटों में 100% पेयजल पहुंचा

 विशेष लेख : रजत जयंती वर्ष 2025 पर विशेष धमतरी छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। विगत 25 वर्षों में जिले के जल संसाधन एवं पेयजल आपूर्ति विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2001 की तुलना में 2025 तक ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर जहाँ पहले केवल तीन इकाइयाँ कार्यरत थीं, वहीं आज चार इकाइयाँ संचालित हो रही हैं। इनमें एक संभागीय कार्यालय, एक उप-संभागीय कार्यालय, एक जिला स्तरीय एवं दो ब्लॉक स्तरीय पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएँ सम्मिलित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की उपलब्धियाँ धमतरी जिले के सभी 623 ग्राम एवं 3,265 बसाहटों में अब शत-प्रतिशत पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वर्ष 2001 में केवल 2,769 ग्राम एवं बसाहटों तक ही पेयजल सुविधा पहुँच पाई थी, जबकि आज सभी 3,265 बसाहटें कवर हो चुकी हैं। विशेष उपलब्धि यह है कि जिले ने प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने का मानक भी पूरा कर लिया है। वर्ष 2001 में यह सुविधा मात्र 2,622 बसाहटों तक सीमित थी, लेकिन आज सभी 3,265 बसाहटें इस मानक के अंतर्गत आ चुकी हैं। जिले में हैंडपंप स्थापना में भी बड़ी प्रगति हुई है। वर्ष 2001 में जहाँ केवल 3,451 हैंडपंप उपलब्ध थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 10,168 हो गई है। हर घर नल कनेक्शन (FHTC) योजना के अंतर्गत अब तक 1,53,514 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वर्ष 2001 में मात्र 27 ग्रामों में ही नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ स्वीकृत थीं। अब यह संख्या बढ़कर 623 ग्रामों तक पहुँच गई है, जिनमें से 418 ग्रामों में पाइप लाइन आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूरी तरह लागू हो चुकी हैं। इन सभी ग्रामों में ओवरहेड टैंक आधारित पेयजल आपूर्ति प्रणाली भी स्थापित की गई है। जल संकटग्रस्त एवं खारे पानी प्रभावित ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत बहु-ग्राम योजनाएँ लागू की जा रही हैं। इस क्रम में धमतरी जिले में स्वीकृत दो बहु-ग्राम योजनाओं से नगरी के वनांचल क्षेत्र के 76 ग्रामों के निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। समूह जल प्रदाय योजना संकरा के अंतर्गत उपचारित पानी गाँवों में पहुँचाया जाएगा। इसके लिए 3.5 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र 80% तक पूर्ण हो चुका है। 180 केएल क्षमता का संपवेल निर्मित हो गया है तथा 330 केएल क्षमता का 28 स्टेज एमबीआर निर्माणाधीन है। पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी प्रगति पर है। यह परियोजना नगरी वनांचल क्षेत्र को पेयजल संकट से मुक्त करने में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। नई तकनीकों को अपनाते हुए जिले में अब तक 182 सोलर डुअल पंप, 370 सौर आधारित मिनी जल प्रदाय योजनाएँ तथा 1,364 सिंगल फेज पावर पंप स्थापित किए गए हैं। पारदर्शिता एवं जल स्रोतों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 1,477 जल स्रोतों का जियो-टैगिंग किया गया है। नगरीय क्षेत्रों की उपलब्धियाँ नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। धमतरी नगर निगम क्षेत्र में संपूर्ण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जिले की सभी पाँच नगर परिषदों में नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूर्ण रूप से लागू हो चुकी हैं। पिछले 25 वर्षों में धमतरी जिले की पेयजल व्यवस्था में हुई प्रगति सुदृढ़ प्रशासन, समर्पित विभागीय अधिकारियों तथा सक्रिय जनभागीदारी का परिणाम है। वर्ष 2001 की सीमित सुविधाओं से लेकर आज की शत-प्रतिशत कवरेज तक, जिला न केवल हर घर तक पेयजल पहुँचा रहा है बल्कि आधुनिक तकनीकों और सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से सतत एवं सुरक्षित जल आपूर्ति की दिशा में भी अग्रसर है।   विशेष लेख : शशिरत्न पराशर, उप संचालक