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राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग 4 जुलाई को करेगा जनसुनवाई

भोपाल  प्रदेश की पिछड़े वर्ग की जातियों को केन्द्र की सूची में शामिल करने के संबंध में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग 4 जुलाई 2025 को भोपाल में जन सुनवाई करेगा। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर और आयोग के सदस्य भूवन भूषण कमल जनसुनवाई करेंगे। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जनसुनवाई राज्य अतिथि गृह (व्हीआईपी गेस्ट हाउस) लालघाटी में 4 जुलाई को पूर्वान्ह 11 बजे से प्रारंभ होगी। इसमें मध्यप्रदेश की पिछड़े वर्ग की 32 जातियों (जो राज्य पिछड़ावर्ग की सूची में है, किन्तु केन्द्र की सूची में नहीं हैं।) को केन्द्र की सूची में शामिल करने पर सुनवाई करेंगे। उक्त जानकारी आयुक्त पिछड़ा वर्ग ने दी है।  

मध्य प्रदेश के 7 सरकारी और 11 निजी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को सत्र 2025-26 के लिए मान्यता, 482 आयुर्वेद कॉलेजों का निर्णय भी लंबित

भोपाल  केंद्रीय आयुष मंत्रालय और नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन, नई दिल्ली ने मध्य प्रदेश के 7 सरकारी और 11 निजी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को सत्र 2025-26 के लिए मान्यता दे दी है। इनमें भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, इंदौर और बुरहानपुर के सरकारी आयुर्वेद कॉलेज शामिल हैं। हालांकि, प्रदेश के 16 अन्य आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता पर फैसला अभी बाकी है। देशभर में 482 आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता का निर्णय भी लंबित है। भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा सरकारी आयुर्वेद कॉलेज को 75 यूजी (अंडरग्रेजुएट) और 74 पीजी (पोस्टग्रेजुएट) सीटों की मंजूरी मिली है। इसके अलावा, स्कूल ऑफ आयुर्वेद साइंस, सरदार अजीत सिंह स्मृति आयुर्वेद कॉलेज, रामकृष्ण कॉलेज ऑफ आयुर्वेद और मानसरोवर आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को 100-100 यूजी बीएएमएस सीटों समेत कुल 18 कॉलेजों को मान्यता दी गई है। मान्यता प्राप्त कॉलेजों और सीटों का विवरण भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज को 75 यूजी (BAMS) और 74 पीजी सीटें मिली हैं। वहीं, भोपाल के स्कूल ऑफ आयुर्वेद साइंस, सरदार अजीत सिंह स्मृति आयुर्वेद कॉलेज, रामकृष्ण कॉलेज ऑफ आयुर्वेद और मानसरोवर आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को 100-100 यूजी (BAMS) सीटों पर मान्यता दी गई है। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने बताया कि मध्य प्रदेश और देशभर के आयुर्वेद कॉलेजों में नीट 2025-26 के परिणामों के आधार पर ही दाखिले होंगे। प्रदेश में यूजी की करीब 3000 सीटें हैं, जबकि पूरे देश में 598 आयुर्वेद कॉलेजों में 42,000 से ज्यादा सीटें उपलब्ध हैं। प्रवेश प्रक्रिया और सीटों की संख्या आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश सहित देशभर के सभी आयुर्वेद कॉलेजों में प्रवेश नीट 2025-26 के परिणामों के आधार पर ही होंगे। मध्यप्रदेश में यूजी की लगभग 3000 सीटों सहित देशभर के 598 आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों में 42 हजार से अधिक सीटें हैं। देशभर में मान्यता प्राप्त कॉलेजों की स्थिति मध्यप्रदेश के अलावा, देशभर में जिन राज्यों के कॉलेजों को मान्यता मिली है, उनमें असम का 1, छत्तीसगढ़ 3, गुजरात 3, हरियाणा 2, हिमाचल 1, कर्नाटक 13, केरल 1, महाराष्ट्र 33, ओडिशा 4, पांडिचेरी 1, पंजाब 4, तेलंगाना 1, उत्तर प्रदेश 23, उत्तराखंड 7 और पश्चिम बंगाल का 1 कॉलेज शामिल है। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने केंद्रीय आयुष मंत्रालय और NCISM से शेष कॉलेजों की मान्यता पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। जिससे नीट आयुष काउंसलिंग समय पर शुरू हो सकें और छात्रों को असुविधा न हो। मान्यता प्राप्त कॉलेजों में असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पॉन्डिचेरी, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के कॉलेज शामिल हैं। इनमें महाराष्ट्र के 33, उत्तर प्रदेश के 23 और कर्नाटक के 13 कॉलेज प्रमुख हैं। यह कदम आयुर्वेद शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों के लिए नए अवसर खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एनसीआईएसएम व आयुष मंत्रालय से आग्रह है कि शेष कॉलेजों की मान्यता पर शीघ्र निर्णय हो ताकि नीट आयुष काउंसलिंग समय से प्रारंभ हो सके। – डॉ राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता — आयुष मेडिकल एसोसिएशन

CM यादव की पहल पर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में 2 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित

विशेष समाचार CM  यादव की पहल पर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में 2 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में 2 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित किये गये। राजस्व महाअभियान में राजस्व प्रकरणों के निराकरण का क्रम राजस्व महाअभियान-2 के बाद भी जारी है। राजस्व महाअभियान-2 के बाद फरवरी-2025 से अब तक राजस्व विभाग द्वारा नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के 8 लाख 49 हजार 681 प्रकरणों का रिकॉर्ड निराकरण किया गया है। यह निराकरण राजस्व महा-अभियान के बाद जनवरी-2025 के अंत से अब तक किया गया है। राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति, राजस्व न्यायालयों की दक्षता, पारदर्शिता और तीव्रता को दर्शाती है। राजस्व महा-अभियान से प्रकरणों के निराकरण में आयी तेजी लगातार बनी हुई है। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के 27 जनवरी, 2025 के बाद से अब तक के प्रकरणों के निराकरण की जिलेवार स्थिति में आगर-मालवा में 10 हजार 417, अलीराजपुर में 2550, अनूपपुर में 10 हजार 690, अशोकनगर में 10 हजार 130, बालाघाट में 21 हजार 897, बड़वानी में 5 हजार 610, बैतूल में 21 हजार 407, भिण्ड में 21 हजार 964, भोपाल में 31 हजार 996, बुरहानपुर में 6 हजार 340, छतरपुर में 28 हजार 325, छिंदवाड़ा में 23 हजार 84, दमोह में 15 हजार 616, दतिया में 14 हजार 501, देवास में 16 हजार 395, धार में 13 हजार 362, डिण्डौरी में 9 हजार 203, गुना में 14 हजार 784, ग्वालियर में 26 हजार 221, हरदा में 5 हजार 704, इंदौर में 31 हजार 540, जबलपुर में 28 हजार 167, झाबुआ में 6 हजार 730, कटनी में 22 हजार 299, खण्डवा में 13 हजार 413, खरगौन में 14 हजार 37, मैहर में 8 हजार 612, मण्डला में 11 हजार 110, मंदसौर में 14 हजार 776, मऊगंज में 6 हजार 788, मुरैना में 21 हजार 538, नर्मदापुरम में 12 हजार 89, नरसिंहपुर में 9 हजार 650, नीमच में 8 हजार 710, निवाड़ी में 4 हजार 491, पांढुर्णा में 5 हजार 16, पन्ना में 11 हजार 544, रायसेन में 15 हजार 343, राजगढ़ में 15 हजार 911, रतलाम में 13 हजार 720, रीवा में 31 हजार 789, सागर में 25 हजार 841, सतना में 18 हजार 959, सीहोर में 17 हजार 112, सिवनी में 20 हजार 725, शहडोल में 12 हजार 646, शाजापुर में 14 हजार 816, श्योपुर में 5 हजार 134, शिवपुरी में 21 हजार 98, सीधी में 13 हजार 653, सिंगरौली में 17 हजार 373, टीकमगढ़ में 11 हजार 387, उज्जैन में 26 हजार 614, उमरिया में 7 हजार और विदिशा जिले में 19 हजार 854 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया।  

इलेक्ट्रॉनिक दुकान में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान, 1 घंटे की मशक्कत के बाद दमकल पाया आग पर काबू

दुर्ग शहर के इंदिरा मार्केट स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान और गोडाउन में बुधवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई. कुछ ही देर में आग दूसरे मंजिल तक जा पहुंची. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना पर पुलिस और दमकल वाहन मौके पर पहुंची. करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग को बुझा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया. हालांकि दुकान में सारा सामान जलकर खाक हो गया, करीब 7-8 लाख रुपए के नुकसान होने की आशंका है. मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक,  बुधवार दोपहर को भीड़भाड़ वाले इंदिरा मार्केट स्थित खत्री इलेक्ट्रॉनिक में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. सूचना के बाद मौके पर दमकल की तीन वाहन पहुंची. सूचना के बाद लगभग 1 घंटे में आग बुझा ली गई, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया. हालांकि आग लगने के कारण दुकान का सारा सामान जलकर खाक हो गया है. करीब 7-8 लाख रुपए के नुकसान का आशंका है, फिलहाल आंकलन जारी है. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

अभनपुर-राजिम रेलखंड पर यात्री ट्रेन सेवा जल्द होगी शुरू, रेल महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण

 रायपुर  अभनपुर-राजिम रेलखंड पर यात्री ट्रेन सेवा जुलाई महीने में शुरू होने की संभावना है. अभनपुर से धमतरी के बीच ब्रॉडगेज लाइन पर दिसंबर तक ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है. महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने आरएसडी यार्ड, अभनपुर स्टेशन और निर्माणाधीन राजिम स्टेशन पर सुरक्षा इंतजामों और अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. गौरतलब है कि रायपुर-अभनपुर के बीच पहले से ही मेमू ट्रेन सेवा संचालित है, जो फिलहाल घाटे में चल रही है. रेलवे को उम्मीद है कि राजिम तक ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, जिससे सेवा अधिक लाभकारी बन सकेगी. नई ब्रॉडगेज का ट्रायल पूरा अभनपुर-राजिम के बीच ब्रॉडगेज लाइन का ट्रायल पूरा कर लिया गया है, जबकि अभनपुर-धमतरी के बीच गेज कन्वर्जन का कार्य तेजी से चल रहा है. इसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है. इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा. राजिम तक सीधी रेल कनेक्टिविटी होने से यात्रियों के लिए सुविधाजनक यात्रा विकल्प के साथ क्षेत्रीय व्यापार, कृषि, तीर्थाटन और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी.

दिल्ली में पुरानी गाड़ियों की एंट्री पर प्रतिबंध, पहले ही दिन पुलिस ने जब्त की 80 गाड़ियां

नई दिल्ली दिल्ली में पुरानी गाड़ियों की एंट्री पर प्रतिबंध का नियम 1 जुलाई से प्रभावी हो गया है. इस नए नियम के पहले दिन ही कई वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई. दिल्ली सरकार की नीति के अनुसार, 15 साल से पुराने पेट्रोल और CNG वाहनों, तथा 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को अब किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा. पहले ही दिन नए नियम लागू होने के बाद लगभग 80 वाहनों को जब्त किया गया है. इसके साथ ही, ट्रैफिक पुलिस ने कई वाहन मालिकों को नोटिस भी जारी किए हैं. दिल्ली पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहनों में 67 दोपहिया, 12 कारें और 1 ऑटो रिक्शा शामिल हैं. क्या है नई फ्यूल पॉलिसी? दिल्ली सरकार के नए नियमों के अनुसार, 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल और CNG वाहनों तथा 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों को “एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) व्हीकल” के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा. ऐसे सभी वाहनों को अब दिल्ली के किसी भी फ्यूल स्टेशन से पेट्रोल, डीजल या CNG भरवाने की अनुमति नहीं होगी. राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों पर पुराने वाहनों की पहचान के लिए ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) सिस्टम स्थापित किया गया है. यह प्रणाली नंबर प्लेट को स्कैन करके वाहन की उम्र का पता लगाएगी. यदि कोई वाहन निर्धारित समय सीमा से अधिक पुराना पाया गया, तो फ्यूल स्टेशन का अटेंडेंट उसे ईंधन देने से मना कर देगा. क्या हैं तैयारियां? सरकार ने इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी पेट्रोल पंप संचालकों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है. इसके अंतर्गत सभी फ्यूल स्टेशनों पर बड़े-बड़े साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि वाहन मालिकों को इस नियम की स्पष्ट जानकारी मिल सके. इसके साथ ही, कर्मचारियों को पुराने वाहनों की पहचान करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन वाहनों की एक लॉगबुक भी तैयार की जाएगी, जिन्हें ईंधन देने से मना किया गया है. ANPR टेक्नोलॉजी से होगी निगरानी दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों पर ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) तकनीक लागू कर दी है. यह प्रणाली नंबर प्लेट को स्कैन करके वाहन की उम्र की जानकारी प्रदान करेगी और पुराने वाहनों की पहचान कर उन्हें ईंधन देने से रोक देगी. SOP जारी, स्टाफ को मिला प्रशिक्षण सरकार ने इस नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी फ्यूल स्टेशनों पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है. इसके तहत, पेट्रोल पंपों पर सूचना बोर्ड स्थापित किए जाएंगे. अटेंडेंट्स को प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे पुराने वाहनों की पहचान कर सकें. इसके अलावा, उन पुराने वाहनों की एक लॉगबुक भी तैयार की जाएगी, जिन्हें फ्यूल भरने से मना किया जाएगा. इस आदेश को बताया AAP नेता आतिशी ने तुगलकी फरमान आतिशी ने कहा कि इस आदेश के पीछे एक स्पष्ट कारण है – भाजपा की कार और बाइक निर्माताओं के साथ साठगांठ हो गई है. यदि 62 लाख गाड़ियों को सड़क से हटाया जाता है, तो उतने ही लोगों को नई गाड़ियां खरीदनी पड़ेंगी, जिससे लाभ केवल वाहन निर्माताओं को होगा. उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि पिछले पांच वर्षों में उन्हें गाड़ी निर्माताओं से कितना चंदा मिला है, यह दिल्ली की जनता को बताएं. भाजपा को दिल्लीवासियों और प्रदूषण की चिंता नहीं है, बल्कि उनकी चिंता केवल उन लोगों की है, जिनसे उन्होंने करोड़ों का चंदा लिया है. गाड़ी की उम्र और प्रदूषण का कोई संबंध नहीं आतिशी ने इस आदेश पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे तुगलकी और निराधार करार दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आदेश का गाड़ियों की उम्र और प्रदूषण से कोई संबंध नहीं है. यदि गाड़ियों का सही तरीके से रखरखाव किया जाए, तो वे पुरानी होने पर भी प्रदूषण नहीं फैलातीं. इसके अलावा, यह भी जरूरी नहीं है कि कोई गाड़ी पुरानी होने के कारण अधिक उपयोग की गई हो; कई गाड़ियां ऐसी हो सकती हैं जो सात साल में तीन लाख किलोमीटर चल चुकी हैं, जबकि कुछ ऐसी भी हो सकती हैं जो पंद्रह साल में केवल पचास हजार किलोमीटर चली हों. इस संदर्भ में सरकार की नीतियों की गंभीरता पर सवाल उठता है, क्योंकि यह प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित नहीं है. 62 लाख गाड़ियां हो जाएंगी सड़कों से आउट इस तुगलकी आदेश के परिणामस्वरूप लगभग 62 लाख गाड़ियों को सड़क से हटाना पड़ेगा, जिसमें 40 लाख दोपहिया और 20 लाख कारें शामिल हैं. दिल्ली के नागरिक आमतौर पर दोपहिया वाहनों का उपयोग ऑफिस और अन्य कार्यों के लिए करते हैं, ऐसे में उनकी दैनिक गतिविधियों का संचालन कैसे होगा, यह एक बड़ा सवाल है. इसके अलावा, दिल्ली में कई वरिष्ठ नागरिक हैं, जो बाजार जाने के लिए गाड़ियों का सहारा लेते हैं और अक्सर लोकल उपयोग के लिए सेकेंड हैंड गाड़ियाँ खरीदते हैं. अब उनके लिए आवागमन की व्यवस्था कैसे होगी, यह चिंता का विषय है.

मुख्यमंत्री साय बोले – प्रदेश में किसानों को सतत रूप से हो खाद की आपूर्ति

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।  मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को सतत रूप से खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।          मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद के उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही और किसानों को इसके लाभ से अवगत कराने को कहा। श्री साय ने कलेक्टरों के माध्यम से जिलेवार सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता और वितरण की निगरानी और सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए।           मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेती-किसानी का यह समय किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इस समय खाद-बीज की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा आती है, तो इसका सीधा असर फसलों की बुआई और उत्पादन पर पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर और उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि समितियों में एनपीके खाद की व्यवस्था भी की जा रही है, किसानों को इसे उपलब्ध कराने की दिशा में तत्काल कदम उठाएं। उन्होंने अमानक और नकली खाद की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे मामलों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।       बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, संचालक कृषिराहुल देव सहित मार्कफेड के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

UP में बरकत नगर चौराहे पर हुआ हंगामा, दरोगा ने मांगा बाइक का कागज, बाइक सवार ने कर दी पिटाई

लखनऊ राजधानी लखनऊ में नगराम के बरकत नगर में दबंगों ने बाइक का कागज मांगने पर दरोगा पर हमला कर उसकी वर्दी फाड़ दी। विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। साथी सिपाही के बीच बचाव करने पर आरोपित उससे भी भिड़ गए। इस बीच नगराम थाने पर सूचना दी गई। अतिरिक्त फोर्स को आते देख दो हमलावर भाग गए। एक को मौके पर दबोचा गया। दरोगा की तहरीर पर आरोपितों के खिलाफ नगराम थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं, गोसाईंगंज में होमगार्ड और सिपाही के साथ मारपीट की गई। दरोगा अनुज भाटी सिपाही नितेश कुमार वर्मा के साथ एक मुकदमे की जांच के लिए ग्राम छंगा खेड़ा गए थे। रात करीब नौ बजे दरोगा और सिपाही थाने लौट रहे थे। बरकत नगर चौराहे के पास पहुंचने पर बिना नम्बर की बाइक सड़क पर खड़ी नजर आई। जिसे हटाने के लिए सिपाही ने कहा। इस बीच एक दुकान से तीन युवक निकले। जिन्होंने बाइक हटाने से मना कर दिया। बहस के दौरान दरोगा अनुज भाटी ने बाइक के कागज मांगे। यह बात आरोपितों को बर्दाश्त नहीं हुई। वह लोग दरोगा पर टूट पड़े। एक गिरफ्तार, दो फरार दरोगा अनुज के मुताबिक आरोपितों की पहचान गोसाईंगंज साहनखेड़ा निवासी धर्मेंद्र उर्फ बीरू, राहुल और नरेंद्र के तौर पर हुई। दरोगा के मुताबिक आरोपितों ने मारपीट कर वर्दी फाड़ दी। इसके बाद दरोगा को गोली मारने की धमकी देने लगे। एसओ नगराम विवेक चौधरी के मुताबिक धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, राहुल और नरेंद्र फरार है। जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। पीआरवी टीम पर दबंग ने किया हमला पीआरवी 4849 पर तैनात होमगार्ड नागेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक रविवार की दोपहर गोसाईंगंज बक्कास निवासी हंसराज ने सरकारी नाली के लिए लाए गए सीमेंट के पाइप चोरी होने की सूचना दी थी। जिस पर होमगार्ड नागेंद्र साथी सिपाही सन्नी बाबू के साथ बक्कास गांव पहुंचा। इस दौरान टैक्टर पर पाइन लदे मिले। ट्रैक्टर पर मौजूद ज्वाला प्रसाद को पाइप चोरी करने से रोकने पर वह गाली गलौज करने लगा। इस बीच ज्वाला प्रसाद के पक्ष से वीर सिंह ने आकर मारपीट की। इंस्पेक्टर गोसाईंगंज बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।  

भानवी सिंह पहुंचीं ससुराल, दरवाजा न खुलने पर हुआ बवाल – लखनऊ में दिखा पारिवारिक तनाव

लखनऊ  राजधानी लखनऊ मे हजरतगंज स्थित सिल्वर ओक अपार्टमेंट में मंगलवार रात विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह और साली के बीच झड़प हुई। भानवी सिंह ने अपने माता-पिता के घर में एंट्री न मिलने पर घर के बाहर हंगामा किया। विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने भानवी सिंह को समझा कर वहां से भेजा। इस मामले में किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। यह घटना अपार्टमेंट के सीसीटीवी में कैद हो गई। इसका फुटेज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। लखनऊ में मंगलवार रात भानवी सिंह अपनी मां से मिलने के लिए हजरतगंज स्थित अपार्टमेंट में पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि कई बार घंटी बजाने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला। इस पर भानवी सिंह नाराज हो गईं। इस बीच भानकी की अपनी छोटी बहन साध्वी सिंह के साथ बहस हो गई। भानवी सिंह ने हंगामा किया। काफी देर तक तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। इस दौरान भानवी की बहन साध्वी सिंह ने हजरतगंज पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। विवाद होने पर स्थानीय लोग भी जमा हो गए। सूचना मिलने पर हजरतगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पता चला कि पारिवारिक विवाद है। पुलिस ने राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह को समझा कर वापस भेज दिया। यह पूरी घटना सीसीटीबी में कैद हो गई। इसका फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राजा भैया और पत्नी के बीच चल रहा विवाद उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से विधायक राजा भैया को बाहुबली नेता के रूप में भी जाना जाता है। आपको बता दें कि राजा भैया और पत्नी भानवी सिंह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा। राजा भैया का अपनी पत्नी भानवी सिंह के साथ तलाक का मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। विवाद प्रकरण कोई बार सुर्खियों का रहा है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की बातें की कई बार सामने आ चुकी हैं।  

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषा के समावेश के लिए हो रहे कार्यों की जानकारी से भी अवगत कराया

भोपाल  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल में भेंट कर उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा को लेकर सारगर्भित चर्चा की। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को "राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020" के परिप्रेक्ष्य में राज्य शासन के नीतिगत निर्णयों, शिक्षा में किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों से अवगत कराया। परमार ने "राष्ट्रीय शिक्षा नीति" के अनुसरण में प्रदेश के समस्त जिलों में स्थापित किए गए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और उनमें भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की स्थापना एवं प्रगति के सम्बंध में अवगत कराया। परमार ने पाठ्यक्रमों में "भारतीय ज्ञान परम्परा" के द्रुतगति से समावेश के लिए विभिन्न कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों से प्राप्त अनुशंसाओं की जानकारी भी दी। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषा के समावेश के लिए हो रहे कार्यों की जानकारी से भी अवगत कराया। परमार ने विद्यार्थियों के गुणात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करने, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की समावेशिता को बढ़ावा देने और देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए किए जा रहे कार्यों एवं प्रगति से भी अवगत कराया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ संजय गोयल, आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।